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MP High Court Vacancy 2026: 1,174 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू

MP High Court Vacancy 2026: सहायक ग्रेड-3 के 1,174 पदों पर भर्ती, ग्रेजुएट उम्मीदवार आज से करें आवेदन

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
MP High Court Vacancy 2026 सहायक ग्रेड-3 भर्ती
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट सहायक ग्रेड-3 भर्ती 2026

भोपाल, एजेंसियां। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सहायक ग्रेड-3 के 1,174 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। ग्रेजुएशन की डिग्री रखने वाले योग्य उम्मीदवार 17 अगस्त 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2026 तय की गई है।

 

17 अगस्त से शुरू आवेदन, 15 सितंबर आखिरी तारीख

 

 

एमपी हाईकोर्ट सहायक ग्रेड-3 भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन *17 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे* से शुरू हुए हैं। उम्मीदवार *15 सितंबर 2026 शाम 5 बजे* तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन में सुधार की सुविधा 19 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी।

 

ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

 

ग्रेजुएशन के साथ ये योग्यता जरूरी

 

 

सहायक ग्रेड-3 पद के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएट होना जरूरी है। इसके साथ ही उम्मीदवार के पास मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त MAP-IT की CPCT परीक्षा का स्कोर कार्ड होना चाहिए।

 

इसके अलावा, मान्यता प्राप्त संस्थान से कंप्यूटर एप्लीकेशन में एक साल का डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवार भी पात्र होंगे।

 

उम्र सीमा क्या है?

 

 

उम्मीदवार की न्यूनतम आयु *18 वर्ष* होनी चाहिए। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी।

 

मध्य प्रदेश के अनारक्षित और EWS पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 40 वर्ष है। वहीं OBC, SC और ST वर्ग के पुरुष एवं महिला उम्मीदवारों तथा राज्य सरकार, निगम और बोर्ड के कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष है।

 

कितना देना होगा आवेदन शुल्क?

 

 

अनारक्षित और अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क 200 रुपये और पोर्टल शुल्क 743.40 रुपये है। यानी कुल *943.40 रुपये* शुल्क देना होगा।

 

मध्य प्रदेश के OBC, SC, ST और EWS उम्मीदवारों तथा सभी दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क शून्य है। इन उम्मीदवारों को केवल 743.40 रुपये पोर्टल शुल्क देना होगा।

 

कैसे होगा चयन?

 

 

उम्मीदवारों का चयन कई चरणों में किया जाएगा। सबसे पहले *100 अंकों की ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा* होगी। इसके बाद सफल उम्मीदवारों को *50 अंकों की हिंदी टाइपिंग परीक्षा* देनी होगी। सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन और फिर मेडिकल परीक्षण किया जाएगा।

 

प्रारंभिक परीक्षा में 100 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे और परीक्षा के लिए 120 मिनट का समय मिलेगा। परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी।

 

हिंदी टाइपिंग परीक्षा में रेमिंगटन गेल मोड

 

 

हिंदी टाइपिंग परीक्षा कुल 50 अंकों की होगी। इसमें रेमिंगटन गेल कीबोर्ड का इस्तेमाल किया जाएगा। उम्मीदवारों का मूल्यांकन टाइपिंग की गति और सटीकता के आधार पर होगा। गलत या छूटे हुए प्रत्येक शब्द पर 0.50 अंक और बैकस्पेस के प्रत्येक इस्तेमाल पर 0.10 अंक की कटौती होगी।

 

 

19,500 से 62,000 रुपये तक मिलेगा वेतन

 

 

सहायक ग्रेड-3 पद पर चयनित उम्मीदवारों को *19,500 से 62,000 रुपये* के वेतनमान में वेतन मिलेगा। इसके अलावा सरकारी नियमों के अनुसार DA, HRA, CCA, PF, NPS, चिकित्सा सुविधा और अन्य भत्तों का लाभ भी मिलेगा।

 

 

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

 

 

उम्मीदवार मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Recruitment सेक्शन में सहायक ग्रेड-3 भर्ती 2026 का लिंक खोलें। इसके बाद व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें, जरूरी दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें। अपनी श्रेणी के अनुसार शुल्क जमा करके आवेदन सबमिट करें। भविष्य के लिए आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट या PDF सुरक्षित रखना न भूलें।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Ranjan Kumar Tiwari Ranjan123

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ECoR GDCE Recruitment 2026
East Coast Railway में 1,421 पदों पर भर्ती, ALP और JE समेत कई पद शामिल

भुवनेश्वर, एजेंसिया। रेलवे में नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। East Coast Railway (ECoR) ने General Departmental Competitive Examination (GDCE) 2026 के तहत कुल 1,421 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें Assistant Loco Pilot (ALP), Station Master, Goods Trains Manager, Junior Engineer (JE), Technician, Junior Clerk-cum-Typist और Commercial Clerk-cum-Ticket Collector जैसे पद शामिल हैं।   1,421 पदों में सबसे ज्यादा भर्ती ALP की   आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार पदों का विवरण इस प्रकार है: Assistant Loco Pilot (ALP): 1,046 पद Station Master: 12 पद Goods Trains Manager: 284 पद इसके अलावा Junior Engineer, Technician, Junior Clerk-cum-Typist और Commercial Clerk-cum-Ticket Collector के पद भी शामिल हैं।   15 अगस्त से शुरू होगा आवेदन   ECoR GDCE 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 अगस्त 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवार 14 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन East Coast Railway की आधिकारिक भर्ती वेबसाइट के माध्यम से किया जाएगा।   कौन कर सकता है आवेदन?   यह भर्ती सामान्य ओपन मार्केट भर्ती नहीं है। आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार इसमें East Coast Railway में नियमित और पात्र कर्मचारी, जिनका ECoR में lien है, आवेदन कर सकते हैं। RPF/RPSF कर्मचारी पात्र नहीं हैं। इसलिए बाहरी उम्मीदवार इस GDCE भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर सकते।   शैक्षणिक योग्यता पद के अनुसार अलग-अलग है। इसमें मैट्रिक/ITI, इंजीनियरिंग डिप्लोमा या डिग्री और स्नातक जैसी योग्यताएं शामिल हैं। अधिकतम आयु सीमा सामान्य रूप से 42 वर्ष बताई गई है, जबकि श्रेणी के अनुसार छूट लागू होगी।   चयन प्रक्रिया कैसी होगी?   पद के अनुसार कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित होगी। ALP और Station Master जैसे पदों के लिए Computer-Based Aptitude Test (CBAT) भी होगा, जबकि Junior Clerk-cum-Typist के लिए टाइपिंग स्किल टेस्ट लागू होगा। JE के लिए CBT के बाद निर्धारित चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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