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Important Events: 28 जुलाई की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

anjali kumari जुलाई 28, 2026 0
Important Events
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1586 – इंगलैंड से वापस लौटने पर सर थामस हेरिओट ने यूरोप को आलू से अवगत कराया।
1717 -  पोर्शिया के राजा फ्रेडरिक विल्हेम प्रथम ने 5-12 साल के बच्चो के लिए शिक्षा अनिवार्य किया।
1741 – कैप्टन बेरिंग ने माउंट सैंट एलियास, अलास्का की खोज की।
1742 – प्रशिया और अस्ट्रिया ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये।
1751 -  कार्तली की साम्राज्य ने किरबीबुल्ला की लड़ाई में एरकेले द्वितीय के नीचे ताब्रीज खानाने की एक बड़ी सेना को हराया।
1794 – फ़्रांस में मैक्सीमिलियन रोबेस्पियर और उसके साथियों को मृत्युदंड दिए जाने के बाद भय और आतंक का काल समाप्त हुआ।
1821 – पेरू ने स्पेन से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की।
1858 – भारतीय प्रशासनिक सेवा के सर विलियम जेम्स हर्शल द्वारा इजाद किये गये पहचान के तौर पर अंगूठे के निशान का पहली बार प्रयोग।
1866 – अमेरिका में पैमाइश के लिए मीट्रिक प्रणाली के इस्तेमाल को कानूनी मान्यता दी गई।
1878 – बर्लिन सम्मेलन के समापन पर रुस जर्मनी, फ़्रांस, ब्रिटेन और ऑस्ट्रिया के बीच बर्लिन समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
1914 – आस्ट्रिया-हंगरी ने सर्बिया के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। यहां से प्रथम विश्वयुद्ध की शुरूआत हुई।
1917 – न्यूयॉर्क में 10,000 से ज्यादा अफ्रीकी मूल के अमेरिकी नागरिकों ने श्वेत समाज का जुल्म और बर्बरता के खिलाफ मौन जुलूस निकाला।
1943 – इटली के फासीवादी तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी ने त्यागपत्र दिया।
1951 – वॉल्ट डिज्नी की फिल्म एलिस इन वंडरलैंड जारी हुई।
1957 – जापान के इशहाया में भारी बारिश की वजह से 992 लोगों की मौत हुई।
1959 – ग्रेट ब्रिटेन में डाक कोड का प्रयोग शुरु हुआ।
1964 – चंद्रमा की तरफ रेंजर 7 का प्रक्षेपण हुआ, जिसने 4308 तस्वीरें भेजी।
1977 -  ट्रांस-अलास्का पाइपलाइन सिस्टम के माध्यम से पहला तेल वाल्डेज़, अलास्का पहुंचता।
1978 – सोवियत संघ ने पूर्वोत्तर कजाखस्तान में परमाणु परीक्षण किया।
1979 – चौधरी चरण सिंह भारत के पांचवें प्रधानमंत्री बने।
1983 – नासा ने वाणिज्यिक संचार उपग्रह टेल्सटार-3ए का प्रक्षेपण किया।
1990 -  अल्बर्टो फुजिमोरी पेरू के राष्ट्रपति बने।
1995 – वियतनाम आसियान का सदस्य बना।
1997 – ग्वाटेमाला बर्न कन्वेंशन कॉपीराइट संधि का सदस्य बना।
2001 - पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री मोहम्मद सिद्दकी ख़ान कंजू की हत्या की गई।
2004 - इराक के बाकूबा शहर में एक पुलिस भर्ती केन्द्र में विस्फोट से 68 लोगों की मृत्यु।
2005 - सौरमंडल के दसवें ग्रह की खोज करने का दावा।
2007 - पाकिस्तान सरकार ने विवादास्पद लाल मस्जिद को अनिश्चितकाल तक बन्द करने की घोषणा की।
2008 - निर्गुट देशों की मंत्री स्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए भारत के विदेशमंत्री प्रणव मुखर्जी तेहरान रवाना हुए।
2019 - रेत पर कलाकृतियां बनाने वाले मशहूर भारतीय कलाकार सुदर्शन पटनायक को अमेरिका में पीपुल्स च्वाइस अवार्ड से नवाजा गया।
2019 - ईरान ने अरक में लगे अपने हैवी वाटर न्यूक्लियर रिएक्टर को फिर से चालू किया ।
2020 - चीन ने कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के साथ हांगकांग की प्रत्यर्पण संधियों को स्थगित करने की घोषणा की। न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने कहा - न्यूजीलैंड ने हांगकांग के साथ प्रत्यर्पण संधि को निलंबित किया।
2020 - मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक भ्रष्टाचार समेत 7 मामलों में दोषी पाए गए। इसके लिए उन्हें 12 साल जेल की सजा सुनाई गई।
2021 - भारतीय वायु सेना ने औपचारिक रूप से पूर्वी वायु कमान (ईएसी) के हासीमारा वायु सेना स्टेशन में रफाल लड़ाकू विमान को 101 स्क्वाड्रन में शामिल किया।
2022 - भारतीय नौसेना ने अपने निर्माता कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल), कोच्चि से प्रतिष्ठित स्वदेशी विमान वाहक (आईएसी) 'विक्रांत' की डिलीवरी लेकर समुद्री इतिहास रचा।
2022 - भारतीय नौसेना को कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संयुक्त राज्य अमेरिका से दो MH-60 R मल्टीरोल हेलीकॉप्टर प्राप्त हुए।
2022 - भारत, फ्रांस व संयुक्त अरब अमीरात की त्रिपक्षीय बैठक नई दिल्ली में हुई।
2022 - भारत व रूस ने मॉस्‍को में संयुक्त राष्ट्र से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
2022 - राजस्थान के बाड़मेर में हुए मिग-21 क्रैश में विंग कमांडर मोहित राणा व फ्लाइट लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल शहीद हुए।
2022 - महाराष्ट्र की 7 वर्षीय लड़की देशना ने 20 कारों के नीचे सबसे तेज (13.74 सेकेण्ड) लिम्बो स्केटिंग के लिए गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया।
2022 - भारत में पहली बार हो रहे 44वें शतरंज ओलंपियाड का प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन किया व इंग्लैंड के बर्मिंघम में आधिकारिक तौर पर 22वें राष्ट्रमंडल खेलों की शुरुआत हुई।
2023 - पाकिस्तान में पुलिस ने एक बड़ा आतंकी हमला टालते हुए 10 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया।
2023 - अमेरिका ने ताइवान के लिए 345 मिलियन डॉलर के सैन्य सहायता पैकेज की घोषणा की।
2023 - सिंगापुर में 20 साल में पहली बार महिला को फांसी दी गई।
2023 - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चेन्नई में जी20 पर्यावरण और जलवायु मंत्रियों की बैठक को संबोधित किया।
2023 - भारत ने इंडिया स्टैक साझा करने के लिए पापुआ न्यू गिनी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
2023 - राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली ट्रस्ट की संशोधित वेबसाइट https://npstrust.org.in का शुभारंभ हुआ।
2023 - स्पेसएक्स के फाल्कन हेवी ने दुनिया का सबसे विशाल संचार उपग्रह ह्यूजेस ज्यूपिटर 3 का प्रक्षेपित किया।
2023 - कनाडा के कैलगरी में छोटे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 6 लोगों की मौत हुई।
2024 - पेरिस ओलंपिक में  भारत को मिला पहला मेडल, शूटिंग में मनु भाकर ने ब्रॉन्ज जीता।
2024 - भारत और सऊदी अरब द्वारा निवेश पर उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की पहली बैठक का आयोजन हुआ।
2025 - श्रीनगर में सेना के ऑपरेशन ‘महादेव’ में 3 आतंकी मारे गए।
2025 - मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा थाईलैंड और कंबोडिया के बीच युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा की गई।
2025 - दिव्या देशमुख महिला विश्व कप शतरंज विजेता बनी व भारत की 88वीं ग्रांड मास्टर बनी।

 

28 जुलाई को जन्मे व्यक्ति

 

1165 - इबने अरबी - अरबी के प्रसिद्ध सूफ़ी कवि।
1909 - कासू ब्रह्मानंद रेड्डी- आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री।
1925 – हेपेटाइटिस का टीका खोजने वाले बारुक ब्लमर्ग।
1927 - रामेश्वर ठाकुर - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तथा मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल।
1933 - तरलोचन सिंह
भारत के पूर्व राष्ट्रपति के प्रेस सचिव रहे।
1936 – वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड गैरी सोबर्स। इन्होंने 93 टेस्ट मैचों में 8032 रन बनाए व 235 विकेट लिए।
1957 - अनिल जनविजय - हिन्दी के कवि, लेखक व रूसी तथा अंग्रेज़ी भाषाओं के साहित्य अनुवादक।
1972 - आयशा जुल्का -भारतीय फिल्म अभिनेत्री।
1983 - सुविज्ञ शर्मा -भारतीय कलाकार, चित्रकार व उद्यमी।
1983 - वेंकटेश प्रभू कस्तुरी राजा जिन्हें धनुष के नाम से जाना जाता है भारतीय फ़िल्म अभिनेता, पार्श्वगायक, गीतकार व निर्माता।
1986 - हुमा क़ुरैशी- हिन्दी सिनेमा में काम करने वाली भारतीय अभिनेत्री।

 

28 जुलाई को हुए निधन

 

1972 - चारू मजूमदार - 'भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी' के नेता, जिन्होंने 1967 में सत्ता के विरुद्ध एक नक्सलवादी आन्दोलन की शुरुआत की थी।
2007 - काजी लेण्डुप दोर्जी - सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री।
2013 - जगदीश राज खुराना पूर्व बॉलीवुडट अभिनेता थे।
2014 - मधुकर दिघे मेघालय के पूर्व राज्यपाल। 
2016 - महाश्वेता देवी - भारत की सामाजिक कार्यकर्ता व लेखिका।
2017 - इंद्र कुमार - भारतीय हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध सहायक अभिनेताओं में से एक थे।
2019 - कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री एस जयपाल रेड्डी का 77 साल की उम्र में निधन।
2019 - मेघालय के विधानसभा अध्यक्ष डोनकुपर रॉय का निधन। वह विधानसभा अध्यक्ष से पहले मेघालय के सीएम भी रहे थे।
2020 - बीते जमाने की दिग्गज अभिनेत्री कुमकुम का 86 साल की उम्र में निधन।
2021 - नंदू नाटेकर - पहले भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी थे, जिन्होंने इंटरनेशनल खिताब जीता था (पहले अर्जुन पुरस्कार विजेता)।
2023 -  अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी हारलैंड इरविन कार्ल (91) का निधन हुआ।
2023 - इतालवी इतिहासकार , लेखिका व उपन्यासकार डेनिला कोमास्ट्री मोंटानारी (74) का निधन हुआ।
2023 - ब्रिटिश टेलीविजनकार व संगीतकार जेम्स माविन पार्कर (88) का निधन हुआ।
2023 - कनाडाई हॉकी खिलाड़ी एडविन जॉन लॉन्ग (90) का निधन हुआ।
2023 - अमेरिकी व्यवसायी व रिपब्लिकन पार्टी के राजनेता लुइस डेलुका (89) का निधन हुआ।
2024 - चिनो एक्सएल अमेरिकी रैपर और अभिनेता का 50 वर्ष की आयु में निधन हुआ।


 
28 जुलाई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

 

मेला श्री ज्वालामुखी प्रा. (काश्मीर)।
सांईबाबा उत्सव प्रारंभ शिर्डी।
संत मामा दांडेकर पुण्यतिथि (आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी)।
ऐलक श्री सिद्धान्त सागर जी ऐलक दीक्षा (जैन)।
श्री कासू ब्रह्मानंद रेड्डी जयन्ती।
श्री काजी लेण्डुप दोर्जी स्मृति दिवस।
श्री डोनकुपर रॉय स्मृति दिवस।
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस।
विश्व हेपेटाइटिस दिवस।

 

कृपया ध्यान दें

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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यूक्रेन में भारतीय जहाज MV OMORFI पर हमले के बाद विदेश मंत्रालय द्वारा यूक्रेनी राजदूत को तलब किए जाने की खबर
यूक्रेन में भारतीय नागरिकों वाले जहाज पर हमले के बाद भारत का कड़ा कदम, यूक्रेन के राजदूत को किया तलब

नई दिल्ली, एजेंसियां। यूक्रेन-रूस संघर्ष के बीच भारतीय नागरिकों वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने यूक्रेन के भारत स्थित राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक को तलब कर इस घटना पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर हमले निर्दोष नागरिक नाविकों की जान जोखिम में डालते हैं और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए गंभीर खतरा हैं।   भारतीय नागरिक की मौत पर जताई गहरी चिंता   विदेश मंत्रालय के अनुसार, एमवी ओमोरफी (MV OMORFI) नामक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। भारत ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया जाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। सरकार ने यूक्रेनी राजदूत से कहा कि वह भारत की गंभीर चिंता अपनी सरकार तक तत्काल पहुंचाएं।   समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार पर चिंता   भारत ने जोर देकर कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर हमले केवल संबंधित देशों का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि इससे समुद्री नौवहन की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होती है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि संघर्ष के दौरान नागरिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है।   भारतीय नाविकों के लिए जारी की गई नई सलाह   घटना के बाद भारत सरकार ने भारतीय नाविकों को सलाह दी है कि वे ब्लैक सी (Black Sea) क्षेत्र में जाने वाले या वहां से गुजरने वाले जहाजों पर नौकरी स्वीकार करने से पहले सुरक्षा जोखिमों का पूरा आकलन करें। विदेश मंत्रालय ने कहा कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में आवश्यक कूटनीतिक प्रयास जारी रहेंगे।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 28, 2026 0
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Today Horoscope: आज का राशिफल  28 जुलाई 2026, मंगलवार

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Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l  28 जुलाई 2026, मंगलवार

उत्तराखंड में जलवायु परिवर्तन से सूखते जलस्रोत और प्रभावित पहाड़ी गांव
उत्तराखंड: जलवायु परिवर्तन की मार से हिमालय बेहाल, सूख रहे जलस्रोत और बढ़ रहा पलायन

देहरादून, एजेंसियां। के मध्य हिमालयी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। बदलते मौसम ने न सिर्फ पर्यावरण को प्रभावित किया है, बल्कि पहाड़ों में रहने वाले लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर भी गहरा असर डाला है।   सूख रहे पारंपरिक जलस्रोत, गहराता जल संकट   शोध के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण कई पारंपरिक जलस्रोत तेजी से सूख रहे हैं। भूमि के बंजर होने और वर्षा जल के जमीन में कम समाने से भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे कई इलाकों में पानी की समस्या बढ़ रही है।   खेती और बागवानी पर पड़ा सीधा असर   बदलते तापमान और अनियमित मौसम के कारण कृषि और बागवानी उत्पादन में गिरावट आई है। कई पारंपरिक फसलें धीरे-धीरे खत्म हो रही हैं, जबकि कुछ विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गई हैं।   सेब और मोटे अनाज की खेती पर संकट   रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन क्षेत्रों में पहले सेब और खट्टे फलों की खेती होती थी, वहां अब परिस्थितियां अनुकूल नहीं रह गई हैं। वहीं, मोटे अनाज की खेती में भी कमी आई है, जिससे खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।   रोजगार की कमी से बढ़ा पलायन   कृषि संकट और रोजगार के सीमित अवसरों के कारण पहाड़ी इलाकों से पलायन तेज हुआ है। अध्ययन के मुताबिक, उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पलायन कर चुके हैं और कई गांव वीरान हो गए हैं।   बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं बनी बड़ी चुनौती   जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। बदलते मौसम, अनियमित बारिश और आपदाओं की बढ़ती घटनाएं पहाड़ों के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।   विशेषज्ञों ने सतत विकास पर दिया जोर   विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्रों को बचाने के लिए जल संरक्षण, पर्यावरण अनुकूल खेती, स्थानीय रोजगार और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने वाली नीतियों पर तेजी से काम करने की जरूरत है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 27, 2026 0
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के बाद लगा जाम और डोडा पुल

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Infosys co-founder Nandan Nilekani appointed to lead India's exam reform task force
कौन हैं नंदन नीलेकणी, जिन्हें PM मोदी ने सौंपी एग्जाम रिफॉर्म्स की जिम्मेदारी?

Exam Reform Task Force: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है। इस समिति की कमान इंफोसिस के सह-संस्थापक और देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी को सौंपी गई है। NEET-UG और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों के बाद सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में यह बड़ा कदम उठाया है। पीएम मोदी ने क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (26 जुलाई 2026) को सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि सरकार भारतीय परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह 'लीक-प्रूफ' बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि दुनिया के जाने-माने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाई गई है, जो परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए तकनीक आधारित समाधान सुझाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में युवाओं का विश्वास बहाल करना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। कौन हैं नंदन नीलेकणी? नंदन मोहनराव नीलेकणी का जन्म 2 जून 1955 को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में हुआ था। उन्होंने IIT बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1978 में उन्होंने पटनी कंप्यूटर सिस्टम्स से अपने करियर की शुरुआत की। साल 1981 में उन्होंने एन.आर. नारायण मूर्ति और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इंफोसिस की स्थापना की। कंपनी के शुरुआती विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही और वर्ष 2002 में वह इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बने। उनके नेतृत्व में इंफोसिस ने वैश्विक आईटी उद्योग में अपनी मजबूत पहचान बनाई। आधार परियोजना के प्रमुख वास्तुकार नंदन नीलेकणी का सबसे बड़ा योगदान भारत की आधार (Aadhaar) परियोजना को माना जाता है। वर्ष 2009 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने उन्हें भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) का अध्यक्ष नियुक्त किया था। उनके नेतृत्व में आधार दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक पहचान कार्यक्रम बना, जिसने सरकारी सेवाओं, सब्सिडी वितरण, बैंकिंग और डिजिटल गवर्नेंस को नई दिशा दी। आज आधार भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। UPI और डिजिटल इंडिया में भी अहम भूमिका नंदन नीलेकणी ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। देश में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के विकास और डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। आज UPI दुनिया की सबसे सफल डिजिटल पेमेंट प्रणालियों में गिना जाता है और भारत की तकनीकी उपलब्धियों का प्रमुख उदाहरण है। परीक्षा सुधार में क्या होगी भूमिका? सरकार की ओर से गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक और तकनीकी सुधार करना है। समिति निम्नलिखित विषयों पर सुझाव देगी— प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को मजबूत बनाना। पेपर लीक रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल। उम्मीदवारों की पहचान और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाना। परीक्षा संचालन और मूल्यांकन प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाना। क्यों अहम है यह टास्क फोर्स? पिछले कुछ वर्षों में NEET-UG, UGC-NET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के मामलों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में सरकार को उम्मीद है कि नंदन नीलेकणी के तकनीकी अनुभव और डिजिटल गवर्नेंस की समझ से ऐसी प्रणाली विकसित की जा सकेगी, जिससे भविष्य में परीक्षाएं अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बन सकें।  

kalpana जुलाई 27, 2026 0
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kalpana जुलाई 23, 2026 0

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