1444 – अल्बानिया के सिकंदर बेग ने ऑटोमेन साम्राज्य की सेना को हराया।
1613 – विलियम शेक्सपियर का ग्लोब थियेटर आग लगने से क्षतिग्रस्त हुआ।
1659 – इवान विहोव्सकी के नेतृत्व वाली यूक्रेन की सेना ने प्रिंस त्रुबेत्सकॉय के नेतृत्व में रूसी सेना को कोनोटोप युद्ध में पराजित किया।
1764 - ए लेवल 5 बवंडर वोलडेगक जर्मनी पंहुचा।
1767 - ब्रिटिशों ने टाउनशेंड राजस्व अधिनियम पास करके अमेरिका पर कर लगाया।
1797 - महान पर्वत (4,622 ') की पहली चढ़ाई अडिरोन्डेक, न्यूयॉर्क में की गई।
1850 – ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री सर रॉबर्ट पील घुड़सवारी के दौरान गिर गये जिसके तीन दिन बाद उनका निधन हो गया।
1855 - डेली टेलीग्राफ अखबार का लंदन में प्रकाशन शुरू किया गया।
1863 - पहला नेशनल बैंक डेवनपोर्ट आयोवा में खोला गया।
1864 – कनाडा में रेलवे दुर्घटना में 90 लोग मारे गए।
1880 – फ्रांस ने प्रशांत महासागर स्थित ताहिती द्यीप समूह पर कब्जा किया।
1913 – यूनान, सर्बिया, मोन्टे नेग्रो, रोमानिया और उस्मानी शासन के साथ बुल्गारिया का युद्ध आरंभ हुआ जो दूसरे बाल्कान युद्ध के नाम से जाना जाता है।
1932 – सोवियत संघ और चीन ने अनाक्रमण संधि पर हस्ताक्षर किये।
1956 – अभिनेत्री मार्लिन मुनरो ने पटकथा लेखक आर्थर मिलर से विवाह रचाया।
1960 – बीबीसी के अध्यक्ष ने घोषणा की कि संस्था का नया टेलीविज़न केंद्र टेलीविज़न जगत की दुनिया का 'हॉलीवुड' होगा।
1966 – अमेरिका ने उत्तरी वियतनाम के निकट ईंधन भंडारण की सुविधा पर बम गिराये।
1974 – ईसाबेल पेरोन अर्जेटीना की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं।
1976 – सिशेल्स द्वीप समूह को स्वतंत्रता मिली इसके बाद से यह दिन इस देश में स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
1991 – सोवियत संघ के विघटन के बाद पूर्वी ब्लाक के देशों का आर्थिक सहयोग संघ कामकोन को हंग्री की राजधानी बोडापेस्ट में एक सम्मेलन में भंग कर दिया गया।
2000 - सिएरा लियोन में रिवॉल्यूशनरी युनाइटेड फ़्रंट के विद्रोहियों ने बंधक बनाने गये शेष 21 भारतीय शांति सैनिकों को रिहा किया।
2000 - विश्व की प्रमुख कंपनी आई.बी.एम. द्वारा विश्व का सबसे तेज कम्प्यूटर निर्मित।
2002 - चीन में ज़बर्दस्त भूकम्प आया।
2002 – अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जार्ज बुश के कोलोनोस्कोपी उपचार शुरु होने की वजह से उप-राष्ट्रपति डिक चेने ने ढाई वर्ष तक कार्यकारी राष्ट्रपति का कार्य संभाला।
2004 - पूर्वी एशिया सम्मेलन (जकार्ता) में आसियान को प्रमुख ताकत बनाने पर सहमति।
2005 - भारत और अमेरिका में समग्र 10 वर्षीय समझौता।
2007 – आईफोन के नाम से जाना जाने वाला एप्पल का पहला स्मार्टफोन बाजार में आया।
2007 – सचिन तेंदुलकर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फ्यूचर कप के दूसरे मैच में आंद्रे नेल की गेंद पर वनडे करियर के 15 हजार रन पूरे किए। भारत ने यह मैच छह विकेट से जीता।
2008 – दुनिया के पहले प्रेगनेंट पुरुष (ट्रांसजेंडर आदमी) थॉमस ने बेटी को जन्म दिया।
2008 - पर्यावरण से जुड़ी ग़ैर सरकारी संस्था जनहित फाउण्डेशन को पर्यावरण क्षेत्र का प्रसिद्ध पुरस्कार आइकॉम पुरस्कार प्रदान किया गया।
2008 - अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश ने कैलिफ़ोर्निया के जंगलों में आग से प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल लागू करने की घोषणा की।
2014 - साइना नेहवाल ने ऑस्ट्रेलियन सुपर सीरीज जीती।
2011- दुनिया के प्रमुख विकसित एवं विकासशील देशों में आज की भागदौड़ और आपाधापी से होने वाले तनाव के बारे में किए गए भारतीय महिलाएं के सर्वेक्षण के अनुसार भारत की सर्वाधिक महिलाएँ तनाव में रहती हैं।
2011 - छह साल के अंतराल के बाद अमेरिका ने भारत को मानव तस्करी की निगरानी सूची (वॉच लिस्ट) से बाहर कर दिया ।
2012 – करीब 15 हजार परमाणु विरोधी आंदोलनकारियों ने तोक्यो में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के कार्यालय का घेराव किया।
2012 – करीब 15 हजार परमाणु विरोधी आंदोलनकारियों ने तोक्यो में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के कार्यालय का घेराव किया।
2012 – हॉलीवुड अभिनेता टॉम क्रूड और उनकी पत्नी केटी होम्स का तलाक हुआ था।
2013 – कैलिफोर्निया ने समलैंगिक विवाह पर लगी रोक हटाई।
2019 - भारत की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज, कोइनएक्स (मुंबई) ने अपनी डिजिटल एसेट ट्रेडिंग सेवाओं और अन्य क्रिप्टो-संबंधित संचालन को बंद कर दिया।
2019 - CICMT की स्थापना के लिए नौवहन मंत्रालय और IIT खड़गपुर के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
2020 - भारत चीन तनाव के बीच सरकार ने टिकटॉक समेत 59 मोबाइल एप पर प्रतिबंध लगाया ।
2021 - भारतीय नौसेना और मेसर्स बीईएल के बीच टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन फोरम (टीआईएफ) हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
2021 - दक्षिण अफ्रीका के उच्चतम न्यायालय ने देश के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को अदालत की अवमानना के लिए 15 माह कैद की सजा सुनाई।
2021 - मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने भारत में ऑटोमोबाइल के लिए एशिया के सबसे लंबे और दुनिया के पांचवें सबसे लंबे हाई स्पीड ट्रैक का उद्घाटन किया।
2022 - हाई स्पीड एक्सपैंडेबल एरियल टार्गेट - अभ्यास - का ओडिशा के तट पर सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया गया।
2022 - नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स और वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट इंडिया ने प्रकृति-आधारित समाधानों के लिए इंडिया फोरम का शुभारंभ किया।
2022 - महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अपने पद से इस्तीफे की घोषणा की।
2023 - भारत-तंजानिया संयुक्त रक्षा सहयोग समिति की दूसरी बैठक अरुषा में सम्पन्न हुई।
2023 - ब्रिटिश अदालत ने कहा कि सरकार की शरणार्थियों को रवांडा वापस भेजने की योजना अवैध है, क्योंकि इसे तीसरा सुरक्षित देश नहीं माना जा सकता।
2023 - अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 से फैसला सुनाया कि विविधता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कॉलेज जाति-आधारित प्रवेश कार्यक्रम 14वें संशोधन के समान संरक्षण खंड के तहत अवैध हैं।
2024 - T20 World Cup 2024 टीम इंडिया ने खत्म किया सूखा, साउथ अफ्रीका को हराकर 17 साल बाद टी-20 वर्ल्ड कप जीता।
2024 - पूर्वी लद्दाख में अचानक आई बाढ़ से टी-72 टैंक दुर्घटनाग्रस्त, पांच सैनिकों की मौत हुई।
2025 - रूस का सबसे बड़ा हवाई हमला (28-29 की रात) यूक्रेन पर एक रात में दागे 500 मिसाइल-ड्रोन, F16 ध्वस्त व पायलट ढेर।
1864 – शिक्षाविद, अधिवक्ता और न्यायाधीश डॉक्टर आशुतोष मुखर्जी का जन्म हुआ।
1893 - पी. सी. महालनोबिस - प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक एवं सांख्यिकीविद।
1901 – भारत के अमर शहीद प्रसिद्ध क्रांतिकारियों में से एक राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी का जन्म हुआ (23 जून का भी वर्णन है इसलिए कन्फर्म नहीं)।
1908 – बड़ौदा रियासत के अंतिम महाराजा प्रतापसिंह राव गायकवाड़ का जन्म हुआ।
1922 - वासिल "वास्को" पोपा रोमानियाई मूल के सर्बियाई कवि।
1931 - पद्मनाभन कृष्णगोपाल अयंगार- भारत के गणमान्य परमाणु वैज्ञानिक थे।
1975 - उपासना सिंह एक भारतीय फिल्म अभिनेत्री है जिनका जन्म पंजाब के होशियारपुर क्षेत्र में हुआ था।
1873 - माइकल मधुसूदन दत्त - बंगला भाषा के प्रसिद्ध कवि।
1931 - मेहता लज्जाराम - भारतीय साहित्यकार, पत्रकार।
1961 - सरदार बलदेव सिंह - भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ एवं प्रथम रक्षामंत्री थे।
1966 - दामोदर धर्मानंद कोसांबी - भारत के प्रसिद्ध विद्वान, भाषा-वैज्ञानिक और गणितज्ञ।
1988 - गवरी देवी - राजस्थान की प्रसिद्ध मांड गायिका।
2011 - अनवर फ़र्रुखाबादी भारतीय कवि।
2016 - के.जी. सुब्रह्मण्यम - भारतीय मूर्तिकार और भित्ति चित्रकार थे।
2019 - मलयालम निर्देशक बाबू नारायणन का निधन।
2020 - महान हास्य कलाकार कार्ल रीनर का निधन , वह एक लेखक, हास्य अभिनेता, निर्देशक और अभिनेता थे।
2021 - डोनाल्ड हेनरी रम्सफेल्ड - अमेरिकी अधिकारी जिन्होंने रक्षा सचिव के रूप में कार्य किया।
2021 - इजरायल फुटबॉल खिलाड़ी विक्की पेरेट्ज़ (68) का निधन हुआ।
2023 - अमेरिकी टोनी और अकादमी पुरस्कार विजेता अभिनेता एलन आर्किन (89) का निधन हुआ।
2024 - अमेरिकी अभिनेता डग शीहान (75) का निधन हो गया।
2025 - भगवानपुर गांव में नागरिक अस्पताल मुद्दे पर महापंचायत की अध्यक्षता कर रहे राममेहर जी (85) का निधन हुआ।
श्री अमरनाथ यात्रा प्रारम्भ।
संत कबीर दास जयन्ती (628वीं , ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा)।
सांई टेऊंराम पुण्य दिवस (ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा)।
मेला श्री शुद्ध महादेव (ऊधमपुर , जम्मू - कश्मीर)।
सरदार बलदेव सिंह स्मृति दिवस।
अंतर्राष्ट्रीय उष्णकटिबंधीय दिवस।
राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस (प्रशान्त चन्द्र महालनोबिस जयन्ती)।
कृपया ध्यान दें
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर लगाए गए 'गुमशुदा' पोस्टरों ने राजनीतिक विवाद को हवा दे दी है। शहर के कई इलाकों में लगाए गए इन पोस्टरों में राहुल गांधी की तस्वीर के साथ उन्हें "गुमशुदा" बताया गया है और उनकी विदेश यात्राओं को लेकर तंज कसा गया है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। पोस्टरों में क्या लिखा है? दिल्ली में लगाए गए पोस्टरों में बड़े अक्षरों में "गुमशुदा" लिखा गया है। पोस्टर में राहुल गांधी की तस्वीर के साथ लिखा गया है: नाम: राहुल गांधी पहचान: हमेशा विदेश में पाए जाते हैं। किसी पब में हो सकते हैं, किसी बीच पर हो सकते हैं। तलाश जारी है। इन पोस्टरों के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए उन्हें "पर्यटन का नेता" और "लापता राहुल बाबा" बताया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में बिना छुट्टी लिए लगातार काम किया है, जबकि राहुल गांधी महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसरों पर अक्सर विदेश यात्राओं पर चले जाते हैं। पूनावाला ने आरोप लगाया कि जब संसद, देश या उनकी पार्टी को उनकी जरूरत होती है, तब राहुल गांधी विदेश में होते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का खर्च किस स्रोत से उठाया जाता है। अर्जुन राम मेघवाल ने भी किया हमला केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी पोस्टरों के मुद्दे पर राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का तरीका "झूठ बोलो और फिर भाग जाओ" जैसा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कई बार ऐसे मुद्दों पर राजनीति करते हैं, जिनसे देश में भ्रम और अशांति फैलती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी नीति या परीक्षा व्यवस्था पर सुझाव हैं तो उन्हें रचनात्मक तरीके से रखा जाना चाहिए। कांग्रेस की ओर से नहीं आई प्रतिक्रिया पोस्टर विवाद पर कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद सत्र और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच यह मुद्दा सियासी बहस का हिस्सा बना रह सकता है। दिल्ली में लगे इन पोस्टरों ने एक बार फिर राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
Poonch Infiltration Attempt: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर एक घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए एक पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया है। सेना ने उसे भारतीय सीमा में प्रवेश करते ही हिरासत में ले लिया। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं और उसके भारत में प्रवेश के उद्देश्य का पता लगाने में जुटी हैं। बालाकोट सेक्टर में हुई गिरफ्तारी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पुंछ जिले के मेंढर सब-डिवीजन के बालाकोट सेक्टर में की गई। सेना के जवान सीमा पर नियमित निगरानी के दौरान सतर्क थे। इसी दौरान एक व्यक्ति को नियंत्रण रेखा पार कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करते देखा गया, जिसके बाद जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। पाकिस्तानी नागरिक की हुई पहचान अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान रईस खान (31) के रूप में हुई है। वह पाकिस्तान के राजल पख्तून क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है और बाजिया जादा खान का बेटा है। प्रारंभिक पूछताछ में उसकी पहचान की पुष्टि की गई है, जबकि उसके भारत में आने के मकसद की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं गहन पूछताछ गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया गया है। खुफिया और सुरक्षा अधिकारी उससे विस्तृत पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह गलती से सीमा पार कर आया था या किसी सुनियोजित घुसपैठ या अन्य गतिविधि के तहत भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया था। सुरक्षा एजेंसियां उसके संपर्कों, यात्रा मार्ग और संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं। LoC पर हाई अलर्ट हाल के महीनों में नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा बलों ने निगरानी और गश्त को और मजबूत किया है। सेना आधुनिक निगरानी उपकरणों और नियमित गश्त के जरिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर लगातार नजर रख रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। नोएडा के सेक्टर-119 स्थित अरण्या सोसाइटी में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक फ्लैट में लगे एयर कंडीशनर (AC) में अचानक विस्फोट होने के बाद भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया और इमारत से घना काला धुआं उठने लगा। धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और सोसाइटी में हड़कंप मच गया। दमकल विभाग और पुलिस को सूचित किया घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए अभियान शुरू किया। दमकल कर्मियों ने तेजी से राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए आग को आसपास के फ्लैटों तक फैलने से रोकने का प्रयास किया। यह घटना सेक्टर-113 थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली अरण्या सोसाइटी में हुई। शुरुआती जांच के अनुसार, फ्लैट में लगी आग की वजह एसी में हुआ विस्फोट बताया जा रहा है। हालांकि, आग लगने के सही कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। आग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फ्लैट से उठती ऊंची लपटें और घना काला धुआं काफी दूर से दिखाई दे रहा था। एहतियात के तौर पर सोसाइटी के अन्य निवासियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई, जबकि कई लोग अपने फ्लैटों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह हैं राहत की बात यह है कि शुरुआती जानकारी के अनुसार इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, आग से फ्लैट को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। दमकल विभाग के अधिकारी आग पर पूरी तरह काबू पाने और उसके कारणों की जांच में जुटे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गर्मियों के मौसम में एयर कंडीशनर और अन्य विद्युत उपकरणों की नियमित जांच कराएं तथा किसी भी तरह की तकनीकी खराबी को नजरअंदाज न करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।