मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ। धार्मिक और आध्यात्मिक रुचि के काम करने के लिए अच्छा दिन है। आज धन आपके हाथ में नहीं टिकेगा, आपको धन संचय करने में आज बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। अपनी जीवन में एक संगीत पैदा करें, समर्पण का मूल्य समझें और हृदय में प्रेम व कृतज्ञता के फूल खिलने दें। आप अनुभव करेंगे कि आपका जीवन अधिक अर्थपूर्ण हो रहा है। अगर अपने लव पार्टनर को अपना जीवनसाथी बनाना चाहते हैं तो उनसे आज बात कर सकते हैं। हालांकि बात करने से पहले आपको उनके मनोभावों को जान लेना चाहिए। बहादुरी भरे क़दम और फ़ैसले आपको अनुकूल पुरुस्कार देंगे। खाली समय का पुरा आनंद उठाने के लिए आपको लोगों से दूर होकर अपने पसंदीदा काम करने चाहिए। ऐसा करके आपमें सकारात्मक बदलाव भी आएंगे। अपने जीवनसाथी की ख़ूबियों के चलते आप एक बार फिर उनके प्यार में गिरफ़्तार हो सकते हैं।
उपाय :- मीठे चावल बनाकर गरीबों में बाँटने से आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।
वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।आपकी उम्मीद एक महक से भरे हुए ख़ूबसूरत फूल की तरह खिलेगी। अपने जीवनसाथी केे साथ धन से जुड़े किसी मामले को लेकर आज आपका झगड़ा हो सकता है। हालांकि अपने शांत स्वभाव से आप सबकुछ ठीक कर देंगे। पुराने परिचितों से मिलने-जुलने और पुराने रिश्तों को फिर से तरोताज़ा करने के लिए अच्छा दिन है। अपनी दीवानगी को क़ाबू में रखें, नहीं तो यह आपके प्रेम-संबंध को मुश्किल में डाल सकती है। जब तक आपको तसल्ली न हो जाए कि सारा काम पूरा हो चुका है, दस्तावेज़ अपने वरिष्ठ को न दें। आज खाली वक्त का सही उपयोग करने के लिए आप अपने पुराने मित्रों से मिलने का प्लान बना सकते हैं। किसी के प्रभाव में आकर आपका जीवनसाथी आपसे झगड़ सकता है, लेकिन प्यार और सद्भाव से मामला सुलझ जाएगा।
उपाय :- अच्छे प्रेम सम्बन्धों के लिए सफेद रुमाल जेब में रखकर जाएं परन्तु ध्यान रहे कि रुमाल गन्दा न हो।
मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।क़िस्मत के भरोसे न बैठें और अपनी सेहत सुधारने के लिए ख़ुद मेहनत करें, क्योंकि हाथ पर हाथ रखे रहने से कुछ नहीं होने वाला। अब वक़्त आ गया है कि आप अपना वज़न क़ाबू में करें और स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम का सहारा लें। घर की जरुरतों को देखते हुए आज आप अपने जीवनसाथी के साथ कोई कीमती सामान खरीद सकते हैं जिससे आर्थिक हालात थोड़े तंग हो सकते हैं। अपने मेहमानों से ख़राब बर्ताव न करें। आपका ऐसा व्यवहार न केवल आपके परिवार को दुःखी कर सकता है, बल्कि संबंधों में दूरी भी पैदा कर सकता है। प्यार के मामले में आज आप ग़लत समझे जा सकते हैं। कामकाज के मोर्चे पर आपकी कड़ी मेहनत ज़रूर रंग लाएगी। यात्रा और भ्रमण वग़ैरह न सिर्फ़ आनन्ददायक सिद्ध होंगे, बल्कि काफ़ी शिक्षाप्रद भी रहेंगे। असजता की वजह से आप वैवाहिक जीवन में ख़ुद को फँसा हुआ अनुभव कर सकते हैं। आपको ज़रूरत है तो जीवनसाथी के साथ आत्मीय बातचीत की।
उपाय :- धन की स्थिति अच्छी करने के लिए दूध में हल्दी डालकर पिएं।
कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।आज के दिन आप बिना झंझट विश्राम कर सकेंगे। अपनी मांसपेशियों को आराम देने के लिए तैल से मालिश करें। आज आप आसानी से पैसे इकट्ठा कर सकते हैं- लोगों को दिए पुराने कर्ज़ वापिस मिल सकते हैं- या फिर किसी नयी परियोजना पर लगाने के लिए धन अर्जित कर सकते हैं। बेटी की बीमारी आपका मूड ख़राब कर सकती है। उत्साह बढ़ाने के लिए उसे स्नेह से दुलारें। प्यार में बीमार को भी भला-चंगा करने की ताक़त होती है। कोई अच्छी ख़बर या जीवनसाथी/प्रिय से मिला कोई संदेश आपके उत्साह को दोगुना कर देगा। हाल में विकसित किए गए व्यावसायिक संबंध आगे चलकर बहुत फ़ायदा देंगे। जीवन की पेचीदिगियों को समझने के लिए आज घर के किसी वरिष्ठ शख्स के साथ आप वक्त गुजार सकते हैं। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ कुछ बेहतरीन पल गुज़ार सकेंगे।
उपाय :- स्वस्थ पारिवारिक जीवन पानें पिछड़ी जाति से आने वाली लड़कियों की सहायता करें।
सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।आपको आज महत्वपूर्ण निर्णय लेने होंगे, जिसके चलते आपको तनाव और बेचैनी का सामना करना पड़ सकता है। आज आपको अपनी संतान की वजह से आर्थिक लाभ होने की संभावना नजर आ रही है। इससे आपको काफी खुशी होगी। विवाद, मतभेद और दूसरों की आपमें कमियाँ निकालने की आदत को नज़रअन्दाज़ करें। कोई पौधा लगाएँ। अन्य दिनों की अपेक्षा आज आपके सहकर्मी आपको अधिक समझने की कोशिश करेंगे। आज आपके पास लोगों से मिलने-जुलने का और अपने शौक़ पूरे करने का पर्याप्त खाली वक़्त है। आपके जीवनसाथी की कामकाज को लेकर व्यस्तता आपकी उदासी का कारण बन सकती है।
उपाय :- बंदरों को गुड-चने खिलाने से हेल्थ अच्छी रहेगी।
कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।ख़ुश हो जाएँ क्योंकि अच्छा समय आने वाला है और आप स्वयं में अतिरिक्त ऊर्जा का अनुभव करेंगे। दिन के दूसरे हिस्से में आर्थिक तौर पर फ़ायदा होगा। आम परिचितों से व्यक्तिगत बातों को बांटने से बचें। अपने दोस्त से बहुत लम्बे समय बाद मिलने का ख़याल आपके दिल की धड़कन को बढ़ा सकता है। आज आपके बॉस का बढ़िया मिज़ाज पूरे कार्यालय के माहौल को अच्छा बना देगा। इस राशि के लोगों को आज अपने आप को समझने की जरुरत है। यदि आपको लगता है कि आप दुनिया की भीड़ में कहीं खो गये हैं तो अपने लिए वक्त निकालें और अपने व्यक्तित्व का आकलन करें। जो यह समझते हैं कि शादी सिर्फ़ सेक्स के लिए होती है, वे ग़लत हैं। क्योंकि आज आपको सच्चे प्यार का एहसास होगा।
उपाय :- घर में फटे-पुरानी पुस्तकें या धार्मिक ग्रंथों को न रखने से फैमिली लाइफ अच्छी चलेगी।
तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।जो समस्याएँ आपको परेशान कर रही हैं, उन्हें हल करने के लिए होशियारी, चतुरता और कूटनीति के दाव-पेंचों की ज़रूरत है। यूं तो आज आर्थिक पक्ष अच्छा रहेगा लेकिन इसके साथ ही आपको यह ध्यान भी रखना होगा कि आप अपने पैसे को व्यर्थ में खर्च न करें। अगर बातचीत और चर्चा आपके मुताबिक़ न हो, तो आप नाराज़गी में कड़वी बातें कह सकते हैं जिन्हें लेकर बाद में आपको पछताना पड़ सकता है – इसलिए भली-भांति सोचकर ही बोलें। प्यार का जज़्बा अनुभव के परे है, लेकिन आज आप प्यार की इस मदहोशी की कुछ झलक पा सकेंगे। संतोषजनक परिणाम पाने के लिए काम को योजनाबद्ध तरीक़े से करें, दफ़्तर की परेशानियों को हल करने में आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। आज अपनेे विवेक का इस्तेमाल करते हुए ही घर के लोगों से बातें करें अगर आप ऐसा नहीं करते तो बेवजह के झगड़ों की वजह से आपका समय खराब हो सकता है। सुबह जीवनसाथी से आपको कुछ ऐसा मिल सकता है, जिससे आपका सारा दिन ख़ुशगवार गुज़रेगा।
उपाय :- गणेश या विष्णु जी के मंदिर में कांसे की ज्योत दान में देने से पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा।
वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।बहुत ज़्यादा खाने से बचें और अपने वज़न पर नज़र रखें। आर्थिक तौर पर सुधार तय है। आपका मज़ाकिया स्वभाव आपके चारों ओर के वातावरण को ख़ुशनुमा बना देगा। अपने साथी को भावनात्मक तौर पर ब्लैकमेल करने से बचें। खुदरा और थोक व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। ऐसे लोगों से जुड़ने से बचें जो आपकी प्रतिष्ठा को आघात पहुँचा सकते हैं। जीवनसाथी की ओर से जानबूझ कर भावनात्मक चोट मिल सकती है, जिसके चलते आप उदास हो सकते हैं।
उपाय :- समय-समय पर अपने प्रेमी/प्रेमिका को लाल वस्त्र गिफ्ट में दें, इससे प्रेम में वृद्धि होगी।
धनु राशि : ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।आज आप खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं, जो आपको तन्दुरुस्त बनाए रखेगा। जो लोग लघु उद्योग करते हैं उन्हें आज के दिन अपने किसी करीबी की कोई सलाह मिल सकती है जिससे उन्हें आर्थिक लाभ होने की संभावना है। आपकी पारिवारिक सदस्यों को क़ाबू में रखने और उनकी न सुनने प्रवृत्ति की वजह से बेवजह वादविवाद हो सकता है और आपको आलोचना का सामना भी करना पड़ सकता है। ज़ाहिर तौर पर रोमांस के लिए पर्याप्त मौक़े हैं- लेकिन ऐसा बहुत कम समय के लिए है। संयम और साहस का दामन थामे रखें। ख़ास तौर पर तब जब दूसरे आपका विरोध करें, जिसकी कामकाज के दौरान संभावना है। सामाजिक और धार्मिक समारोह के लिए बेहतरीन दिन है। आज आप अपने जीवनसाथी से काफ़ी आत्मीय बातचीत कर सकते हैं।
उपाय :- पारिवारिक जीवन को खुशहाल रखने के लिए भैरव जी के सामने दीपदान करें।
मकर राशि : भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।हँसमुख रिश्तेदारों का साथ आपके तनाव को कम करेगा और आपको ज़रूरी आराम देगा। आप ख़ुशनसीब हैं कि आपके ऐसे सगे-संबंधी हैं। रियल एस्टेट और वित्तीय लेन-देन के लिए अच्छा दिन है। रिश्तेदारों और दोस्तों से अचानक उपहार मिलेगा। आप रोमांटिक ख़यालों और सपनों की दुनिया में खोए रहेंगे। आज के दिन आपका कठिन परिश्रम फलदायी सिद्ध होगा। वक्त के साथ चलना आपके लिए अच्छा है लेकिन साथ ही आपको यह समझना भी जरुरी है कि जब कभी आपके पास खाली समय हो अपने करीबियों के साथ वक्त बिताएं। आपका जीवनसाथी आपको ख़ुश करने के लिए आज काफ़ी कोशिशें करता नज़र आएगा।
उपाय :- चाँदी की अंगूठी कनिष्ठिका अँगुली में धारण करना नौकरी/बिज़नेस के लिए शुभ है।
कुम्भ राशि : गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।क़ुदरत ने आपको आत्मविश्वास और तेज़ दिमाग़ से नवाज़ा है- इसलिए इनका भरपूर इस्तेमाल कीजिए। आज धन लाभ होने की संभावना तो बन रही है लेकिन ऐसा हो सकता है कि अपने गुस्सैल स्वभाव के कारण आप पैसा कमाने में सक्षम न हो पाएं। अपने परिवार की भलाई के लिए मेहनत करें। आपके कामों के पीछे प्यार और दूरदृष्टि की भावना होनी चाहिए, न कि लालच का ज़हर। समय, कामकाज, पैसा, यार-दोस्त, नाते-रिश्ते सब एक ओर और आपका प्यार एक तरफ़, दोनों आपस में खोए हुए - कुछ ऐसा मिज़ाज रहेगा आपका आज। सहकर्मियों और वरिष्ठों के पूरे सहयोग के चलते दफ़्तर में काम तेज़ रफ़्तार पकड़ लेगा। आपके घर वाले आज आपसे कई परेशानियां शेयर करेंगे लेकिन आप अपनी ही धुन में मस्त रहेंगे और खाली समय में कुछ ऐसा करेंगे जो करना आपको पसंद है। आपके जीवनसाथी का आन्तरिक सौन्दर्य बाहर भी पूरी तरह महसूस होगा।
उपाय :- पलाशपुष्पसंकाशं तारकाग्रहमस्तकम्। रौद्रंरौद्रत्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम।। इस मंत्र का 11 बार उच्चारण करें।
मीन राशि: दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।आपका तनाव काफ़ी हद तक ख़त्म हो सकता है। जिन लोगों ने किसी अनजान शख्स की सलाह पर कहीं निवेश किया था आज उन्हें उस निवेश से फायदा होने की पूरी संभावना है। रिश्तेदारों के यहाँ जाना उससे काफ़ी बेहतर रहेगा, जितना आप सोच सकते हैं। अपने प्रिय को आज निराश न करें- क्योंकि ऐसा करने की वजह से बाद में आपको पछताना पड़ सकता है। आज अनुभवी लोगों से जुड़कर जानने की कोशिश करें कि उनका क्या कहना है। समय का अच्छा इस्तेमाल करने के लिए आज आप पार्क में घूमने का प्लान बना सकते हैं लेकिन वहां किसी अनजान शख्स से आपकी बहस होने की अशंका है जिससे आपका मूड खराब हो जाएगा। जीवनसाथी की ख़राब सेहत का असर आपके काम-काज पर भी पड़ सकता है, लेकिन आप किसी तरह चीज़ें संभालने में क़ामयाब रहेंगे।
उपाय :- प्रेमी/प्रेमिका को वाइट डक्स(प्लास्टिक आदि का बना) का जोड़ा गिफ्ट में देने से लव लाइफ अच्छी रहेगी।
कृपया ध्यान दें
यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इंद्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय (MEA) के एक हालिया बयान के बाद भारतीय नागरिकता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। आमतौर पर पासपोर्ट को किसी व्यक्ति की पहचान और राष्ट्रीयता का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है, लेकिन विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट अपने आप में भारतीय नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं है। इस बयान के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि यदि पासपोर्ट भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है, तो आखिर भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए कौन-से दस्तावेज मान्य हैं? पासपोर्ट क्यों माना जाता है महत्वपूर्ण दस्तावेज? पासपोर्ट वह आधिकारिक दस्तावेज है, जिसके आधार पर कोई भारतीय नागरिक विदेश यात्रा कर सकता है, अन्य देशों में अपनी पहचान स्थापित कर सकता है और विदेश में किसी आपात स्थिति में भारतीय दूतावास से सहायता प्राप्त कर सकता है। पासपोर्ट जारी करने से पहले सरकार आवेदक के दस्तावेजों की जांच करती है और कई मामलों में पुलिस सत्यापन भी कराया जाता है। इसी वजह से अधिकांश लोग इसे नागरिकता का सबसे मजबूत प्रमाण मानते हैं। फिर पासपोर्ट को अंतिम प्रमाण क्यों नहीं माना जाता? विदेश मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट नागरिकता का एक महत्वपूर्ण प्रमाण जरूर है, लेकिन यह अंतिम और निर्विवाद प्रमाण नहीं है। इसका मुख्य कारण यह है कि यदि बाद में यह साबित हो जाए कि किसी व्यक्ति ने गलत जानकारी, फर्जी दस्तावेज या झूठे दावे के आधार पर पासपोर्ट प्राप्त किया है, तो सरकार उसके पासपोर्ट को रद्द या जब्त कर सकती है। यानी पासपोर्ट नागरिकता की पुष्टि करने वाला दस्तावेज है, लेकिन उसकी वैधता मूल दस्तावेजों और कानूनी स्थिति पर निर्भर करती है। पासपोर्ट अधिनियम क्या कहता है? पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत केवल भारतीय नागरिकों को ही पासपोर्ट जारी किया जा सकता है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि आवेदक भारतीय नागरिक है। यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है, तो उसे पासपोर्ट जारी नहीं किया जा सकता। कानून सरकार को यह अधिकार भी देता है कि यदि बाद में नागरिकता संबंधी जानकारी गलत पाई जाती है, तो पासपोर्ट निरस्त किया जा सकता है। भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज मान्य हैं? भारतीय नागरिकता का निर्धारण मुख्य रूप से नागरिकता अधिनियम, 1955 और उससे जुड़े नियमों के आधार पर किया जाता है। परिस्थितियों के अनुसार निम्नलिखित दस्तावेज नागरिकता साबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं— जन्म प्रमाण पत्र माता-पिता की नागरिकता से जुड़े दस्तावेज नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण के माध्यम से प्राप्त हुई हो) भारतीय पासपोर्ट सरकारी अभिलेखों में दर्ज नागरिकता संबंधी रिकॉर्ड अन्य सहायक दस्तावेज, जिन्हें सक्षम प्राधिकारी स्वीकार करे क्यों बढ़ी है इस मुद्दे पर चर्चा? हाल के वर्षों में मतदाता सूची संशोधन, नागरिकता सत्यापन और पहचान से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हुई है। ऐसे में विदेश मंत्रालय के इस बयान ने नागरिकता और पहचान से जुड़े कानूनी पहलुओं को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पासपोर्ट एक मजबूत और विश्वसनीय दस्तावेज है, लेकिन नागरिकता का अंतिम निर्धारण कानून और मूल अभिलेखों के आधार पर ही किया जाता है। नागरिकों के लिए क्या है संदेश? यदि आपके पास वैध भारतीय पासपोर्ट है तो सामान्य परिस्थितियों में आपकी पहचान और नागरिकता पर कोई सवाल नहीं उठता। नागरिकता से जुड़े किसी कानूनी विवाद या जांच की स्थिति में सरकार मूल दस्तावेजों और कानूनी रिकॉर्ड के आधार पर अंतिम निर्णय ले सकती है। यही कारण है कि नागरिकता से जुड़े सभी मूल दस्तावेजों को सुरक्षित रखना और उनकी जानकारी अद्यतन रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
1529 – मुगल शासक बाबर बंगाल पर विजय प्राप्त कर अपनी राजधानी आगरा लौटा। 1741 - ऑस्ट्रिया के मारिया थेरेसा को ब्रातिस्लावा में हंगरी के रानी रेजनेंट का ताज पहनाया गया। 1788 – वर्जीनिया अमेरिका के संविधान को अपनाने वाला 10वां राज्य बना। 1798 - अमेरिका ने एलियन अधिनियम पारित कर दिया, ताकि राष्ट्रपति को खतरनाक एलियंस को छोड़ दिया जा सके। 1868 – अमेरिका के राष्ट्रपति एंड्रयू जॉनसन ने सरकारी कर्मचारियों के लिये दिन में आठ घंटे काम करने का कानून पारित किया। 1932 – भारतीय क्रिकेट टीम ने ब्रिटेन के लॉर्ड्स मैदान पर अपना पहला टेस्ट मैच खेला। 1940 – जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर ने पेरिस, फ्रांस में नेपोलियन की कब्र और एफिल टाॅवर देखा। 1941 – फिनलैंड ने सोवियत संघ पर हमले की घोषणा की। 1947 – एन फ्रैंक की डायरी ऑफ ए यंग गर्ल आज ही के दिन प्रकाशित हुई थी। इसकी 3 करोड़ प्रतियां बिकी और 67 भाषाओं में अनुवादित हुई। 1950 – आजादी की लड़ाई लड़ रहे उत्तरी और दक्षिण कोरिया के बीच गृह युद्ध शुरू हो गया । 1951 – अमेरिकी टेलीविजन एवं रेडियो नेटवर्क सीबीएस ने न्यूयार्क से चार शहरों में पहले रंगीन टीवी प्रोग्राम का प्रसारण किया। 1961 – इराक ने घोषणा की कि कुवैत इराक का हिस्सा है, कुवैत ने विरोध जताया। 1975 – इंदिरा गांधी सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति फखरूद्दीन अली ने देश में आपातकाल की घोषणा की। 1975 – मोज़ाम्बिक देश ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की, आज ही के दिन इस देश में राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है। 1977 - आपातकाल की बरसी 25 जून को 'काला दिवस' के रुप में मनाया जाता है। 1983 – भारत ने वेस्टइंडीज को 43 रनों से हरा कर पहली बार क्रिकेट विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। 1993 – किम कैंपबेल कनाडा की 19वीं प्रधानमंत्री बनीं। 1994 – जापान के प्रधानमंत्री सुतोमु हाता ने अपने पद से इस्तीफा दिया। 1998 – माइक्रोसॉफ्ट ने ऑरेटिग सिस्टम विडोज 98 को आम लोगों के लिए पेश किया। 1998 - सं.रा. अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन 9 दिन की यात्रा पर चीन पहुँचे। 1999 - संयुक्त राज्य अमेरीका द्वारा युगोस्लावियाई राष्ट्रपति स्लोबोदान मिलोसेविच की गिरफ़्तारी की सूचना देने पर 50 लाख डालर के इनाम की घोषणा। 2002 - अफ़ग़ानिस्तान में नये मंत्रिमंडल ने शपथ ग्रहण किया। 2004 - रूस द्वारा भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने का निर्णय। 2005 - अहमदी नेजाद ईरान के राष्ट्रपति बने। 2008 - उत्तर प्रदेश सरकार ने मकान व प्लाट की रजिस्ट्री सस्ती कर उस पर लगने वाला स्टाम्प शुल्क 8% से घटाकर 5% कर दिया। 2014 – लुईस सुआरेज पर फीफा 2014 विश्वकप के दौरान विपक्षी टीम के खिलाड़ी को दांत से काटने का आरोप लगा। 2015 - प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी (पीएमएवाई-यू) को लॉन्च किया गया। 2017- श्रीकान्त ने ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपर सीरीज़ का ख़िताब जीता। 2019 - अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने औपचारिक रूप से ओलंपिक खेलों को पुनर्जीवित करने के ठीक 125 वर्ष बाद स्विट्जरलैंड में नया मुख्यालय खोला। 2019 - वेयिल मरंगल(ट्रीज़ अंडर द सन) शंघाई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में 'उत्कृष्ट कलात्मक उपलब्धि ’पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी। 2020 - कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए अटारी बाघा बोर्डर बंद करने से पाकिस्तान में फसे 748 भारतीयों में से 250 भारतीय वापिस लौटे। 2020 - वज्रपात से ( आकाशीय बिजली गिरने से ) बिहार में 92 और उत्तर प्रदेश में 28 लोगों की मोत हुई । वज्रपात से अब तक एक दिन में इतनी मौत कभी नहीं हुई। 2021 - डीआरडीओ ने स्वदेश में विकसित पिनाक रॉकेट के नये संस्करण व 122 मिमी कैलिबर रॉकेट के उन्नत संस्करण का ओडिसा के चांदीपुर से सफल परीक्षण किया। 2021 - हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक अखबार द् ऐप्पल डेली का प्रकाशन बंद हो गया(24 को अन्तिम प्रकाशन हुआ)। 2021 - मेक्सिको में ड्रग माफियाओं के बीच हुई गोलीबारी में 18 लोग मारे गए। 2022 - अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने बंदूक हिंसा रोधी विधेयक पर हस्ताक्षर किए। 2022 - राष्ट्रीय महिला आयोग ने मानव तस्करी विरोधी जागरूकता पर संगोष्ठी का आयोजन किया। 2023 - 24 वें राष्ट्रीय निरंतारा कलेमने महोत्सव की शुरुआत कुमार परफॉर्मिंग आर्ट्स सेंटर (केपीएसी), मैसूरु से हुई। 2023 - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने मिस्र का सर्वोच्च राजकीय सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द नाइल' से सम्मानित किया। 2023 - ग्रीक मतदाताओं ने काइरियाकोस मित्सोताकिस की न्यू डेमोक्रेसी पार्टी को भारी मतों से पुनः चुना। 2024 - MP में सरकार मंत्रियों का टैक्स नहीं भरेगी, मोहन सरकार ने 52 साल बाद नियम बदला। 2024 - केन्या में प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन में आग लगा दी , गोलीबारी में 10 लोगों की मौत हुई। 2024 - पेपर लीक में दोषी पाए गए तो उम्रकैद और एक करोड़ का जुर्माना , योगी सरकार ने अध्यादेश को मंजूरी दी। 25 जून को जन्मे व्यक्ति 1900 - लॉर्डमाउंटबेटन - ब्रिटिश राजनेता, नौसेना प्रमुख और भारत के अन्तिम वाइसराय। 1903 - चन्द्रशेखर पाण्डे - प्रसिद्ध साहित्यकारों में से एक। 1908 - सुचेता कृपलानी - उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व भारत की प्रथम महिला मुख्यमंत्री थीं। 1924 - मदन मोहन - बॉलीवुड फ़िल्म संगीत निर्देशक। 1931 – भारत के पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह का उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में जन्म। 1945 - गायिका प्लेबैक सिंगर शारदा का जन्म तमिलनाडु को हुआ। 1957 - गोपाल प्रसाद दुबे - सरायकेला छऊ नृत्य के पद्म श्री सम्मानित अग्रणी नर्तक। 1961 - सतीश शाह - भारत के प्रसिद्ध हास्य अभिनेता हैं। 1966 - एम० वी० वी० सत्यनारायण- लोकसभा के सदस्य बने (2019)। 1974 – बॉलीवुड की बेहतरीन अभिनेत्री करिश्मा कपूर का जन्म। 1975 - मनोज कुमार पांडेय - परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक। 1985 - काजल अग्रवाल -भारतीय अभिनेत्री। 1986 - सुधा सिंह भारत की अर्जुन पुरस्कार व पद्मश्री से सम्मानित एक खिलाड़ी। 25 जून को हुए निधन 1950 - स्वामी सहजानंद सरस्वती - भारत के राष्ट्रवादी नेता एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी। 2009 - शिवचरण माथुर - राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री । 2009 – म्यूजिक और डांस की नई परिभाषा लिखने वाले माइकल जैक्सन का निधन हुआ। 2019 - भारत माता मंदिर के संस्थापक पद्मभूषण महामंडलेश्वर स्वामी सत्यमित्रनंद गिरि महाराज (87) अपने निवास राघव कुटीर में ब्रह्मलीन हो गए। 2019 - गोवा की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता सेनानी मोहन रानाडे का निधन। 2020 - वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन करने वाले , वीर चक्र से सम्मानित स्क्वाड्रन लीडर (सेवानिवृत्त) परवेज रुस्तम जामसजी का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी वैज्ञानिक जॉन बी. गुडएनफ (100) का निधन हुआ। 2023 - जर्मन घुड़सवार विल्हेम बुसिंग (102) का निधन हुआ। 2024 - अमेरिकी अभिनेता बिल कॉब्स (90) का निधन हुआ। 25 जून के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव श्री विश्वनाथ प्रताप सिंह जयन्ती। श्रीमती सुचेता कृपलानी जयन्ती। कैप्टन मनोज कुमार पांडेय जयन्ती (परमवीर चक्र सम्मानित)। श्री शिवचरण माथुर स्मृति दिवस। श्री परवेज रुस्तम जामसजी स्मृति दिवस (वीर चक्र सम्मानित)। अंतरराष्ट्रीय नाविक दिवस। विश्व विटिलिगो दिवस (World Vitiligo Day)। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
देश में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने 25 जून को ‘छात्रों की गूंज’ नाम से राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस अभियान के तहत पार्टी के 28 वरिष्ठ नेता देश के अलग-अलग शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिक्षा क्षेत्र की चुनौतियों और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। कांग्रेस ने इस अभियान के माध्यम से केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों पर सवाल खड़े करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की है। शिक्षा सुधार पर राष्ट्रीय बहस शुरू करने की कोशिश अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अभियान का उद्देश्य देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख मुद्दा बनाना है। पार्टी का कहना है कि शिक्षा क्षेत्र में मौजूद चुनौतियों पर गंभीर चर्चा और नीतिगत बदलाव की जरूरत है। कांग्रेस के अनुसार, यह अभियान छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े सभी हितधारकों की आवाज को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने का प्रयास है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा स्थिति के लिए केंद्र सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। पार्टी का आरोप है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा क्षेत्र को प्रभावी दिशा देने में असफल रहे हैं। पार्टी ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में सुधार की शुरुआत जवाबदेही तय करने से होनी चाहिए और इसी कारण शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है। केंद्र सरकार पर निजीकरण और केंद्रीकरण को बढ़ावा देने का आरोप कांग्रेस ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर शिक्षा क्षेत्र में निजीकरण, केंद्रीकरण और वैचारिक हस्तक्षेप को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि पिछले वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और रोजगारोन्मुख बनाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए। कांग्रेस के अनुसार, देश के सामने केवल बेरोजगारी का संकट नहीं है, बल्कि युवाओं की रोजगार क्षमता (Employability) भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। 28 शहरों में आयोजित होंगी प्रेस कॉन्फ्रेंस ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत देशभर के 28 शहरों में कांग्रेस नेताओं को प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी शिक्षा नीति, रोजगार, उच्च शिक्षा, कौशल विकास और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों पर अपनी बात रखेगी। इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी कांग्रेस ने विभिन्न शहरों के लिए अपने नेताओं की जिम्मेदारी तय की है। इसके तहत अहमदाबाद में सतेज पाटिल, बेंगलुरु में वर्षा गायकवाड़, भोपाल में इमरान मसूद, भुवनेश्वर में पवन खेड़ा, दिल्ली में गौरव गोगोई, चेन्नई में प्रियंक खड़गे, कोलकाता में सुप्रिया श्रीनेत और पुणे में कन्हैया कुमार प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। इसके अलावा अन्य शहरों में भी पार्टी के वरिष्ठ नेता अभियान का नेतृत्व करेंगे। छात्रों और नागरिकों से जुड़ने की कोशिश कांग्रेस का कहना है कि यह अभियान केवल राजनीतिक आलोचना तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के भविष्य को लेकर एक व्यापक राष्ट्रीय संवाद शुरू करने का प्रयास है। पार्टी ने छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों से इस चर्चा का हिस्सा बनने की अपील की है। कांग्रेस के अनुसार, एक आधुनिक, समावेशी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए सभी पक्षों की भागीदारी आवश्यक है। ऐसे में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को शिक्षा सुधार के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर की पहल के रूप में देखा जा रहा है।