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Pakistan Women’s Team Hit by Internal Rift

खेल खत्म, कलेश शुरू! लगातार हार के बीच पाकिस्तान महिला टीम में बढ़ा तनाव, ड्रेसिंग रूम विवाद ने खड़े किए बड़े सवाल

surbhi जून 25, 2026 0
Pakistan women’s cricket team players during a tense match amid reports of dressing room disagreements
Pakistan Women Team Dressing Room Controversy

लंदन: मैदान पर खराब प्रदर्शन और लगातार हार किसी भी टीम का मनोबल तोड़ सकती है, लेकिन जब हार के साथ-साथ ड्रेसिंग रूम की अंदरूनी कलह भी सुर्खियां बनने लगे, तो हालात और गंभीर हो जाते हैं। इन दिनों इंग्लैंड में खेले जा रहे महिला टी20 विश्व कप में Pakistan women's national cricket team का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। टीम लगातार हार झेल रही है और अब खिलाड़ियों, कप्तान तथा टीम प्रबंधन के बीच मतभेदों की खबरें भी सामने आने लगी हैं।

हालांकि Pakistan Cricket Board ने इन रिपोर्ट्स पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन पाकिस्तानी मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाएं टीम के भीतर बढ़ते असंतोष और अनुशासन संबंधी समस्याओं की ओर इशारा कर रही हैं।

जीत का इंतजार कर रही है पाकिस्तान टीम

पाकिस्तान महिला टीम का अभियान इस टूर्नामेंट में बेहद खराब रहा है। लीड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार टीम की लगातार चौथी शिकस्त थी। लगातार हार के कारण टीम अंक तालिका में संघर्ष करती नजर आ रही है।

स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि विश्व कप से पहले आयरलैंड और वेस्टइंडीज के साथ खेली गई त्रिकोणीय सीरीज में भी टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी थी। पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान महिला क्रिकेट का प्रदर्शन लगातार गिरा है और बड़े टूर्नामेंटों में टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई है।

विश्लेषकों का मानना है कि मैदान पर खराब प्रदर्शन के पीछे केवल तकनीकी कमियां नहीं, बल्कि टीम के भीतर बढ़ता असंतोष भी एक बड़ा कारण बनता जा रहा है।

कप्तान फातिमा सना और वहाब रियाज़ के बीच बढ़ा विवाद

रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले से पहले टीम होटल में हुई एक घटना ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया।

बताया जा रहा है कि कप्तान Fatima Sana ने सीनियर खिलाड़ी Aliya Riaz के पति के टीम होटल में ठहरने पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें होटल छोड़ने के लिए कहा गया।

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब आलिया रियाज़ ने एक महत्वपूर्ण अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया। कप्तान फातिमा सना इस व्यवहार को अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना चाहती थीं।

लेकिन टीम में मेंटर की भूमिका निभा रहे Wahab Riaz के हस्तक्षेप के बाद आलिया को अंतिम एकादश में जगह दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश से हार और खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन के बाद कप्तान और टीम प्रबंधन के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया।

रणनीति बन रही, लेकिन मैदान पर नहीं दिख रहा असर

सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि टीम के भीतर कई समूह बन चुके हैं। कोचिंग स्टाफ और कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों के बीच तालमेल की कमी साफ दिखाई दे रही है।

कोचिंग स्टाफ का मानना है कि मैचों के लिए तैयार की गई रणनीतियां खिलाड़ियों द्वारा मैदान पर सही तरीके से लागू नहीं की जा रहीं। इससे टीम का प्रदर्शन लगातार प्रभावित हो रहा है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम की सफलता के लिए ड्रेसिंग रूम का माहौल सकारात्मक होना बेहद जरूरी है। यदि खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ एक ही दिशा में काम नहीं करते, तो उसका असर सीधे प्रदर्शन पर दिखाई देता है।

पुरानी बीमारी फिर बनी परेशानी

पाकिस्तानी क्रिकेट में ड्रेसिंग रूम विवाद कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी कई बड़े टूर्नामेंटों के दौरान टीम के भीतर मतभेद और गुटबाजी की खबरें सामने आती रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब टीम लगातार हारती है, तो आंतरिक मतभेद और अधिक उभरकर सामने आते हैं। यही वजह है कि मौजूदा विश्व कप में खराब प्रदर्शन के साथ-साथ ड्रेसिंग रूम विवाद भी चर्चा का विषय बन गया है।

PCB की नीतियों पर भी उठ रहे सवाल

टीम की मौजूदा स्थिति के लिए कई क्रिकेट जानकार Pakistan Cricket Board की नीतियों को भी जिम्मेदार मान रहे हैं।

पिछले कुछ वर्षों में महिला टीम के कोचिंग सेटअप में लगातार बदलाव किए गए हैं। कभी विदेशी कोचों को जिम्मेदारी दी गई, तो कभी स्थानीय दिग्गजों को मौका मिला। लेकिन लगातार बदलती रणनीतियों और नेतृत्व के कारण टीम में स्थिरता नहीं बन पाई।

विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी टीम को सफलता दिलाने के लिए लंबी अवधि की योजना और स्थिर नेतृत्व जरूरी होता है। बार-बार बदलाव करने से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और टीम संस्कृति दोनों प्रभावित होते हैं।

क्या वापसी कर पाएगी पाकिस्तान?

विश्व कप में पाकिस्तान महिला टीम के सामने अब केवल मैच जीतने की चुनौती नहीं है, बल्कि टीम के भीतर भरोसा और एकजुटता बनाए रखने की भी बड़ी जिम्मेदारी है।

यदि ड्रेसिंग रूम विवादों को समय रहते नहीं सुलझाया गया, तो इसका असर भविष्य के टूर्नामेंटों पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में PCB और टीम प्रबंधन इस स्थिति से कैसे निपटते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Ram Charan APL Trophy
राम चरण ने किया ACA इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन

हैदराबाद, एजेंसियां। तेलुगु सिनेमा के सुपरस्टार राम चरण बुधवार को आंध्र प्रीमियर लीग (APL) के पांचवें सीजन की ओपनिंग सेरेमनी में शामिल हुए। आंध्र प्रदेश के मंगलगीरी में उन्होंने ACA इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन किया। राम चरण के आते ही पूरा स्टेडियम उनकी हालिया ब्लॉकबस्टर फिल्म 'पेद्दी' के नारों से गूंज उठा।   ट्रॉफी और जर्सी का हुआ अनावरण मैच शुरू होने से पहले राम चरण ने APL ट्रॉफी और टीम की जर्सी का अनावरण किया। इस नए स्टेडियम में भीमवरम बुल्स और कैपिटल अमरावती रॉयल्स के बीच पहला मैच खेला गया। पूरे राज्य से बड़ी संख्या में दर्शक और क्रिकेट प्रेमी इस ऐतिहासिक मौके के साक्षी बने।   राम चरण ने की उभरते क्रिकेटरों की तारीफ मीडिया को संबोधित करते हुए राम चरण ने कहा कि APL उभरते क्रिकेटरों को अपना हुनर दिखाने और खेल के ऊंचे स्तर तक पहुंचने का बेहतरीन मंच देता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा, ACA अध्यक्ष केसिनेनी शिवनाथ समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।   पवन कल्याण से मिले, 'पेद्दी' की सफलता का जश्न जारी इससे पहले राम चरण ने अपने चाचा और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण से मुलाकात की। उनकी फिल्म 'पेद्दी' 4 जून को रिलीज हुई थी और दुनियाभर में 400 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी है। APL सीजन 5 का फाइनल 30 जून को मंगलगीरी स्टेडियम में खेला जाएगा।

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15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर दुनिया की नजर, इंग्लैंड दौरे को लेकर बढ़ी चर्चा

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा बेबी बॉस Vaibhav Suryavanshi इन दिनों क्रिकेट जगत में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। महज 15 साल की उम्र में अपने दमदार प्रदर्शन से उन्होंने चयनकर्ताओं, पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के साथ जुड़े वैभव को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी चर्चा तेज हो गई है।   कम उम्र में हासिल की बड़ी पहचान   वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू क्रिकेट और आयु वर्ग के टूर्नामेंटों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और दबाव में रन बनाने की क्षमता ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में वह इंडियन क्रिकेट टीम के एक अहम खिलाड़ी बन सकते हैं।   इंग्लैंड दौरे पर मिलेगी बड़ी चुनौती   इंग्लैंड की परिस्थितियां हमेशा से बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण रही हैं। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी के लिए यह दौरा सीखने और खुद को साबित करने का बड़ा अवसर माना जा रहा है। टीम प्रबंधन भी युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए है।   दिग्गजों ने की तारीफ   भारत के कई पूर्व क्रिकेटरों ने वैभव की प्रतिभा की सराहना की है। उनका मानना है कि इतनी कम उम्र में जिस तरह का आत्मविश्वास और तकनीक वैभव ने दिखाई है, वह उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि युवा खिलाड़ी पर अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए।   सोशल मीडिया पर छाए वैभव   वैभव सूर्यवंशी को लेकर सोशल media पर भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। क्रिकेट प्रेमी उनके अगले मैच और संभावित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का इंतजार कर रहे हैं। कई प्रशंसकों का मानना है कि वह भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सुपरस्टार बन सकते हैं।   भविष्य के सितारे के रूप में देखी जा रही प्रतिभा   भारतीय क्रिकेट में समय-समय पर कई युवा खिलाड़ियों ने अपनी छाप छोड़ी है। अब वैभव सूर्यवंशी को भी उसी कड़ी का अगला नाम माना जा रहा है। यदि वह अपनी मौजूदा फॉर्म को बरकरार रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल सकता है।

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Australian women's team celebrates a big win as India's semifinal hopes face pressure in the T20 World Cup 2026.
Women T20 World Cup 2026: ऑस्ट्रेलिया की बड़ी जीत से बढ़ी भारत की मुश्किलें, सेमीफाइनल के लिए अब हर मैच बना करो या मरो

नई दिल्ली: महिला टी20 विश्व कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 113 रन से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम ने सेमीफाइनल की ओर लगभग अपना स्थान पक्का कर लिया है, लेकिन इस नतीजे ने भारतीय महिला टीम की चिंता बढ़ा दी है। अब टीम इंडिया के लिए आगे के दोनों मुकाबले बेहद अहम हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया ने बढ़ाई भारत की टेंशन ग्रुप-ए में ऑस्ट्रेलिया लगातार चार मैच जीतकर 8 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच चुकी है। दूसरी ओर भारत ने तीन मैचों में दो जीत और एक हार के साथ 4 अंक हासिल किए हैं और फिलहाल दूसरे स्थान पर है। हालांकि अंक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत दिखाई देती है, लेकिन असल चुनौती अब सामने है। भारत के बचे हुए दो मुकाबलों में एक मैच बांग्लादेश और दूसरा मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ है। यदि भारतीय टीम इन दोनों में से किसी एक मैच में भी हार जाती है, तो सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो सकती है। दक्षिण अफ्रीका भी बना हुआ है बड़ा खतरा दक्षिण अफ्रीका के भी तीन मैचों में 4 अंक हैं। प्रोटियाज टीम के सामने अभी नीदरलैंड्स और बांग्लादेश जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीमें हैं। ऐसे में उनके दोनों मैच जीतने की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है। अगर दक्षिण अफ्रीका अपने दोनों मुकाबले जीत लेता है और भारत को एक भी हार मिलती है, तो नेट रन रेट की लड़ाई शुरू हो सकती है। यही वजह है कि भारत के लिए अब दोनों मैच जीतना लगभग अनिवार्य हो गया है। ग्रुप-ए की अंक तालिका टीम मैच जीत हार अंक नेट रन रेट ऑस्ट्रेलिया 4 4 0 8 +4.724 भारत 3 2 1 4 +2.511 दक्षिण अफ्रीका 3 2 1 4 -0.546 बांग्लादेश 3 2 1 4 -0.641 पाकिस्तान 4 0 4 0 -2.831 नीदरलैंड्स 3 0 3 0 -3.384 कब हैं भारत के अगले मुकाबले? भारतीय महिला टीम 25 जून को मैनचेस्टर में बांग्लादेश के खिलाफ मैदान में उतरेगी। इसके बाद 30 जून को लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया से उसका मुकाबला होगा। दोनों मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे से शुरू होंगे। पाकिस्तान पर ऑस्ट्रेलिया की एकतरफा जीत ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान के सामने 200 रन का विशाल लक्ष्य रखा। जवाब में पाकिस्तान की पूरी टीम केवल 86 रन पर सिमट गई। पाकिस्तानी बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आए और टीम 13.4 ओवर में ऑलआउट हो गई। इस हार के साथ पाकिस्तान चारों मैच गंवाकर टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर पहुंच गया है।  

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