स्पोर्ट्स

DC vs KKR: करो या मरो की जंग में भिड़ेंगी दिल्ली-कोलकाता, प्लेऑफ की उम्मीद बचाने की चुनौती

surbhi मई 8, 2026 0
Delhi Capitals and Kolkata Knight Riders players ahead of crucial IPL 2026 playoff battle
DC vs KKR IPL 2026 Match Preview

अरुण जेटली स्टेडियम में आज होगा हाईवोल्टेज मुकाबला

Delhi Capitals और Kolkata Knight Riders के बीच आईपीएल 2026 का 51वां मुकाबला आज दिल्ली के Arun Jaitley Stadium में खेला जाएगा। दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि हार से प्लेऑफ की राह लगभग मुश्किल हो सकती है।

दिल्ली और कोलकाता दोनों इस मुकाबले को जीतकर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेंगी।

दिल्ली की शुरुआत अच्छी, फिर बिगड़ा खेल

दिल्ली कैपिटल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की थी, लेकिन इसके बाद टीम की लय टूट गई। पिछले 8 मुकाबलों में दिल्ली सिर्फ 2 मैच जीत सकी है। टीम फिलहाल 10 मैचों में 4 जीत के साथ अंक तालिका में सातवें स्थान पर मौजूद है।

वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रदर्शन भी इस सीजन निराशाजनक रहा है। टीम ने अब तक 9 मैचों में केवल 3 जीत दर्ज की है और वह प्वाइंट्स टेबल में आठवें स्थान पर है।

हेड टू हेड में किसका पलड़ा भारी?

आईपीएल इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 35 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें कोलकाता ने 19 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि दिल्ली को 15 मुकाबलों में सफलता मिली है। एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकला था।

ऐसे में आंकड़ों के लिहाज से कोलकाता का पलड़ा भारी नजर आता है, लेकिन घरेलू मैदान पर दिल्ली वापसी की कोशिश करेगी।

कैसी रहेगी अरुण जेटली स्टेडियम की पिच?

दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां हाई स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिलते हैं। हालांकि पिछले कुछ मैचों में गेंदबाजों को भी मदद मिली है, जिससे मुकाबला संतुलित रहने की उम्मीद है।

इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 170 से ज्यादा रहा है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करने का फैसला ले सकती है।

मौसम देगा साथ

दिल्ली में मैच के दौरान मौसम साफ रहने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री रह सकता है। शाम 7:30 बजे शुरू होने वाले मैच में बारिश की कोई संभावना नहीं है।

दिल्ली कैपिटल्स की संभावित टीम

अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल, कुलदीप यादव, करुण नायर, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, टी नटराजन, मुकेश कुमार, पृथ्वी शॉ, मिचेल स्टार्क, अभिषेक पोरेल समेत कई स्टार खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं।

कोलकाता नाइट राइडर्स की संभावित टीम

अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती, फिन एलन, राहुल त्रिपाठी, उमरान मलिक, मथीशा पथिराना और रचिन रवींद्र जैसे खिलाड़ी टीम में मौजूद हैं।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

स्पोर्ट्स

View more
Yashasvi Jaiswal
डोप टेस्ट मिस करने पर मुश्किल में यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के दो युवा सितारे यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा डोप टेस्ट से जुड़े मामले में मुश्किलों में घिर गए हैं। नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने दोनों खिलाड़ियों को डोप टेस्ट के लिए तय स्थान पर मौजूद नहीं रहने के कारण नोटिस जारी किया है। एजेंसी ने इसे “वेयर अबाउट फेल्योर” के तहत मिस टेस्ट माना है।   तय स्थान पर नहीं मिले खिलाड़ी जानकारी के मुताबिक, NADA के डोप कंट्रोल अधिकारी 17 दिसंबर 2025 को यशस्वी जायसवाल का सैंपल लेने पहुंचे थे, लेकिन वह निर्धारित स्थान पर नहीं मिले। वहीं, शेफाली वर्मा का डोप टेस्ट 7 नवंबर 2025 को होना था, लेकिन वह भी तय समय पर मौजूद नहीं थीं। दोनों खिलाड़ी रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल (RTP) का हिस्सा हैं, इसलिए उन्हें अपने ठिकाने और समय की जानकारी पहले से देनी होती है।   क्या होता है वेयर अबाउट फेल्योर? डोप टेस्ट यह जांचने के लिए किया जाता है कि किसी खिलाड़ी ने प्रतिबंधित दवा या सप्लीमेंट का सेवन तो नहीं किया। RTP में शामिल खिलाड़ियों को अपने लोकेशन की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करनी होती है, ताकि अधिकारी किसी भी समय सैंपल ले सकें। अगर खिलाड़ी तय स्थान पर नहीं मिलता, तो उसे “मिस टेस्ट” माना जाता है।   दो साल के बैन का खतरा NADA ने दोनों खिलाड़ियों को सफाई देने का एक और मौका दिया है। हालांकि, अगर किसी खिलाड़ी के खिलाफ 12 महीनों में तीन बार मिस टेस्ट रिकॉर्ड हो जाएं, तो इसे एंटी डोपिंग नियमों का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में खिलाड़ी पर दो साल तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।   फिलहाल खेल में सक्रिय हैं दोनों खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल इस समय आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रहे हैं, जबकि शेफाली वर्मा दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारतीय महिला टीम का हिस्सा हैं।

Anjali Kumari मई 9, 2026 0
Bayern Munich defender Alphonso Davies reacts after suffering hamstring injury during PSG Champions League match

बायर्न म्यूनिख को बड़ा झटका, स्टार डिफेंडर Alphonso Davies कई हफ्तों के लिए मैदान से बाहर

IPL 2026

चिन्नास्वामी स्टेडियम से छीनी गई IPL 2026 फाइनल की मेजबानी

Suryakumar Yadav and Shreyas Iyer during Team India discussions amid T20 captaincy change speculation

टीम इंडिया में बड़ा बदलाव! सूर्यकुमार यादव की जा सकती है कप्तानी, श्रेयस अय्यर बन सकते हैं नए T20 कप्तान

RCB players look disappointed after defeat to LSG during crucial IPL 2026 playoff race clash
IPL 2026: LSG से हार के बाद मुश्किल में RCB, जानें अब कैसे पहुंचेगी टॉप-2 में

लगातार दूसरी हार से बिगड़ा समीकरण Royal Challengers Bengaluru को Lucknow Super Giants के खिलाफ मिली हार ने आईपीएल 2026 प्लेऑफ की रेस को और रोमांचक बना दिया है। रजत पाटीदार की कप्तानी वाली RCB अब अंक तालिका में तीसरे स्थान पर खिसक गई है। सीजन की शुरुआत में टीम ने पहले पांच मैचों में चार जीत दर्ज कर टॉप-2 की मजबूत दावेदार मानी जा रही थी, लेकिन लगातार दो हार के बाद अब स्थिति पहले जैसी आसान नहीं रही। SRH और PBKS बने बड़ी चुनौती इस समय Sunrisers Hyderabad और Punjab Kings अंक तालिका में RCB से ऊपर मौजूद हैं। खास बात यह है कि बेंगलुरु को अभी अपने बचे हुए मुकाबलों में पंजाब और हैदराबाद दोनों से भिड़ना है। ऐसे में टीम की टॉप-2 की उम्मीद अब इन मैचों पर काफी हद तक निर्भर करेगी। RCB को अभी मुंबई इंडियंस, कोलकाता नाइट राइडर्स, पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं। क्या कहते हैं RCB के प्लेऑफ समीकरण? सभी 4 मैच जीते तो पक्का टॉप-2 अगर RCB अपने बाकी चारों मुकाबले जीत लेती है, तो टीम के 20 अंक हो जाएंगे। आईपीएल के 10 टीमों वाले फॉर्मेट में 20 अंक आमतौर पर टॉप-2 में जगह पक्की करने के लिए काफी माने जाते हैं। 3 मैच जीतने पर भी मजबूत दावेदारी अगर बेंगलुरु 4 में से 3 मुकाबले जीतती है, तो टीम 18 अंकों तक पहुंच जाएगी। RCB का नेट रन रेट (+1.234) फिलहाल काफी मजबूत है, जो उसे बड़ा फायदा दे सकता है। ऐसे में अगर दूसरी टीमें भी 18 अंकों पर खत्म करती हैं, तो बेहतर NRR के कारण RCB आगे निकल सकती है। हालांकि इसके लिए पंजाब और हैदराबाद जैसी टीमों को सीधे मुकाबलों में हराना बेहद जरूरी होगा। सिर्फ 2 जीत मिली तो बढ़ जाएगी टेंशन अगर RCB अपने आखिरी चार मैचों में सिर्फ दो जीत दर्ज करती है, तो टीम 16 अंकों तक ही पहुंच पाएगी। ऐसी स्थिति में टॉप-2 में पहुंचने के लिए उसे दूसरी टीमों के परिणामों पर निर्भर रहना पड़ेगा। साथ ही Rajasthan Royals और Gujarat Titans जैसी टीमों की हार भी जरूरी हो जाएगी। अब हर मैच बन गया ‘करो या मरो’ RCB के लिए आने वाले मुकाबले बेहद अहम माने जा रहे हैं। अगर टीम एक और मैच हारती है, तो वह टॉप-2 की रेस से बाहर होकर तीसरे या चौथे स्थान के लिए संघर्ष करती नजर आ सकती है। वहीं लगातार जीत टीम को सीधे क्वालिफायर-1 तक पहुंचा सकती है।  

surbhi मई 8, 2026 0
Delhi Capitals and Kolkata Knight Riders players ahead of crucial IPL 2026 playoff battle

DC vs KKR: करो या मरो की जंग में भिड़ेंगी दिल्ली-कोलकाता, प्लेऑफ की उम्मीद बचाने की चुनौती

IPL 2026

IPL में लगातार 6 हार के बाद जीता लखनऊ, बेंगलुरु को 9 रन से हराया मिचेल मार्श का शतक, प्रिंस को 3 विकेट

IPL 2026 Punjab vs Hyderabad

IPL 2026- कोनोली का शतक बेकार, पंजाब की लगातार तीसरी हार, हैदराबाद 33 रन से जीता

Punjab Kings players looking disappointed after dropping crucial catches against Sunrisers Hyderabad in IPL 2026
PBKS की हार की बड़ी वजह बनी खराब फील्डिंग, लगातार छूटे कैच पर कोच बोले- ‘ये अब संक्रमण बन चुका है’

Punjab Kings की Indian Premier League 2026 में शानदार शुरुआत अब लड़खड़ाती नजर आ रही है। सीजन के पहले हिस्से में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली पंजाब किंग्स अब लगातार तीन मैच हार चुकी है। ताजा मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने PBKS को 33 रनों से हराकर पॉइंट्स टेबल में टॉप स्थान हासिल कर लिया। इस हार के बाद पंजाब की सबसे बड़ी कमजोरी उनकी खराब फील्डिंग और लगातार छूटते कैच बनकर सामने आई है। मैच में PBKS ने तीन आसान कैच छोड़े और एक स्टंपिंग का मौका भी गंवाया, जिसका हैदराबाद के बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। ‘कैच छोड़ना सबसे बड़ा झटका रहा’ – श्रेयस अय्यर पंजाब किंग्स के कप्तान Shreyas Iyer ने मैच के बाद माना कि ड्रॉप कैच टीम के लिए सबसे बड़ा नुकसान साबित हुए। उनका कहना था कि अगर टीम ने मौके नहीं गंवाए होते, तो हैदराबाद का स्कोर 30-40 रन कम हो सकता था। वहीं टीम के स्पिन बॉलिंग कोच Sairaj Bahutule ने भी माना कि खराब फील्डिंग ने मैच का मोमेंटम पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने कहा, “अगर आप ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन जैसे बल्लेबाजों के कैच छोड़ेंगे, तो वे आपको इसकी बड़ी कीमत चुकवाएंगे।” कैसे बदला मैच का रुख? पहला कैच 8वें ओवर में छूटा, जब Ishan Kishan ने Lockie Ferguson की गेंद पर शॉट खेला और Cooper Connolly ने डीप स्क्वायर लेग पर आसान मौका गंवा दिया। उस समय ईशान किशन सिर्फ 9 रन पर थे। बाद में उन्होंने 32 गेंदों में 55 रन ठोक दिए। इसके बाद Shashank Singh ने Heinrich Klaasen का आसान कैच छोड़ दिया। उस वक्त क्लासेन केवल 9 रन पर थे और बाद में उन्होंने 69 रन की मैच बदलने वाली पारी खेली। 11वें ओवर में एक और मौका हाथ से निकल गया, जब फर्ग्यूसन फाइन लेग पर कैच का सही अंदाजा नहीं लगा सके। इसी ओवर में Prabhsimran Singh ने स्टंपिंग का भी मौका गंवा दिया। ‘फील्डिंग में डर बैठ जाता है’ सैराज बहुतुले ने शशांक सिंह के खराब फॉर्म पर बात करते हुए कहा कि लगातार कैच छूटने से खिलाड़ियों के मन में डर और संदेह पैदा होने लगता है। उन्होंने कहा, “जैसे बल्लेबाज रन नहीं बनने पर सोच में पड़ जाता है, वैसे ही फील्डर भी सोचने लगता है कि आखिर उससे कैच क्यों छूट रहे हैं। धीरे-धीरे दबाव और घबराहट बढ़ने लगती है।” एक्सपर्ट्स ने उठाए तकनीक और लाइट्स पर सवाल पूर्व क्रिकेटर Katey Martin और Deep Dasgupta ने भी पंजाब की फील्डिंग पर सवाल उठाए। मार्टिन ने कहा कि खिलाड़ियों की कैचिंग तकनीक कमजोर दिखी और संभव है कि फ्लडलाइट्स की वजह से गेंद को ट्रैक करने में दिक्कत हुई हो। वहीं दीप दासगुप्ता ने कहा कि लगातार कैच छूटने के बाद खिलाड़ी गेंद से बचने की कोशिश करने लगता है। उन्होंने कहा, “फील्डिंग पूरी तरह आत्मविश्वास और मानसिकता का खेल है। सबसे खराब स्थिति तब होती है जब खिलाड़ी गेंद अपने पास नहीं चाहता।” अब बढ़ा PBKS पर दबाव लगातार तीन हार के बाद पंजाब किंग्स पर प्लेऑफ की रेस में दबाव बढ़ गया है। टीम की बल्लेबाजी अब भी मजबूत दिख रही है, लेकिन फील्डिंग की कमजोरियां उन्हें भारी पड़ रही हैं। अगर PBKS को टूर्नामेंट में वापसी करनी है, तो उन्हें जल्द से जल्द अपनी फील्डिंग में सुधार करना होगा, क्योंकि IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में छोटे-छोटे मौके ही मैच का नतीजा बदल देते हैं।  

surbhi मई 7, 2026 0
Heinrich Klaasen and Abhishek Sharma celebrating during IPL 2026 amid intense Orange Cap race

IPL 2026 Orange Cap Race: क्लासेन और अभिषेक शर्मा के बीच कांटे की टक्कर, Purple Cap में भी मुकाबला दिलचस्प

Vaibhav Suryavanshi

युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल अवसर की तैयारी, BCCI ने जारी किया शेड्यूल

Sunrisers Hyderabad players celebrating victory over Punjab Kings after IPL 2026 match high scoring thriller

SRH vs PBKS: कूपर कोनोली का दमदार शतक भी नहीं दिला सका जीत, हैदराबाद बनी नई टेबल टॉपर

0 Comments