स्पोर्ट्स

IPL 2026 Trade News: ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में वापसी, कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जायंट्स पहुंचे

abhishek singh जून 25, 2026 0
Rishabh Pant Kuldeep Yadav
Rishabh Pant Kuldeep Yadav Trade Deall

नई दिल्ली, एजेंसियांइंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास के सबसे चर्चित खिलाड़ी ट्रेड में भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में वापसी हो गई है। वहीं, इस डील के तहत भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव अब लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए खेलते नजर आएंगे। इस बड़े ट्रेड ने आईपीएल फैंस के बीच नई चर्चा को जन्म दे दी है।

 

दिल्ली कैपिटल्स के साथ फिर जुड़ेंगे ऋषभ पंत

 

ऋषभ पंत ने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत दिल्ली फ्रेंचाइजी से की थी। उन्होंने 2016 से 2024 तक दिल्ली के लिए खेलते हुए टीम को कई यादगार जीत दिलाईं और कप्तानी भी संभाली। 2025 में वह रिकॉर्ड कीमत पर लखनऊ सुपर जायंट्स से जुड़े थे, लेकिन टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। अब पंत एक बार फिर आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की जर्सी में नजर आएंगे।

 

अक्षर पटेल ने किया खास अंदाज में स्वागत

 

दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने ऋषभ पंत की वापसी पर सोशल मीडिया पर मजेदार अंदाज में स्वागत किया। उन्होंने प्रसिद्ध कहावत लिखी—

"सुबह का भूला अगर शाम को घर लौट आए तो उसे भूला नहीं कहते।"

अक्षर का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और क्रिकेट प्रशंसकों ने इसे काफी पसंद किया।

 

कुलदीप यादव अब LSG के साथ

 

इस खिलाड़ी अदला-बदली में भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव दिल्ली कैपिटल्स छोड़कर लखनऊ सुपर जायंट्स में शामिल हो गए हैं। कुलदीप पिछले कई सीजन से दिल्ली के प्रमुख गेंदबाज रहे थे और उन्होंने टीम की कई जीत में अहम भूमिका निभाई थी। अब लखनऊ को उम्मीद होगी कि उनकी मौजूदगी से गेंदबाजी आक्रमण और मजबूत होगा।

 

वेतन में भी बड़ा बदलाव

 

रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली कैपिटल्स में वापसी के साथ ऋषभ पंत ने अपने पिछले अनुबंध की तुलना में कम राशि स्वीकार की है। यह हाल के वर्षों के सबसे चर्चित वेतन परिवर्तनों में से एक माना जा रहा है।

 

सोशल मीडिया पर छाए पंत

 

दिल्ली कैपिटल्स में वापसी के बाद ऋषभ पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स को धन्यवाद देते हुए सोशल मीडिया पर छोटा लेकिन भावुक संदेश साझा किया—"Thank you team." इसके बाद दिल्ली के प्रशंसकों ने उनकी वापसी का जोरदार स्वागत किया और सोशल मीडिया पर #WelcomeBackPant ट्रेंड करने लगा।

 

दिल्ली कैपिटल्स को क्या होगा फायदा?

 

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ऋषभ पंत की वापसी से दिल्ली कैपिटल्स की बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों मजबूत होंगी। पंत टीम के माहौल और फ्रेंचाइजी की संस्कृति से पहले से परिचित हैं, जिससे उनके जल्दी तालमेल बिठाने की उम्मीद है। दूसरी ओर, कुलदीप यादव के आने से लखनऊ सुपर जायंट्स की स्पिन गेंदबाजी को नई धार मिलेगी।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Abhishek Singh Abhishek123

स्पोर्ट्स

View more
Women T20 World Cup
सेमीफाइनल की राह में भारत-बांग्लादेश आमने-सामने, जीत दोनों टीमों के लिए बेहद अहम

मैनचेस्टर, एजेंसियां। विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में गुरुवार को ग्रुप-ए के समीकरण बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गए हैं। भारतीय महिला टीम का सामना बांग्लादेश से होगा, जबकि दूसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की टीम नीदरलैंड से भिड़ेगी। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत, बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका तीनों टीमों के लिए जीत जरूरी है। तीन मैचों के बाद इन तीनों टीमों के चार-चार अंक हैं, जबकि नीदरलैंड पहले ही शीर्ष-4 की दौड़ से बाहर हो चुकी है।   बांग्लादेश के खिलाफ भारत का शानदार रिकॉर्ड विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में बांग्लादेश की टीम भारत को अब तक एक भी बार नहीं हरा सकी है। दोनों टीमें टूर्नामेंट में तीन बार आमने-सामने आई हैं और हर बार भारतीय टीम ने जीत दर्ज की है। वहीं कुल टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की बात करें तो दोनों देशों के बीच 23 मैच खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 20 और बांग्लादेश ने केवल तीन मुकाबले जीते हैं।   स्मृति मंधाना और श्री चरणी पर रहेंगी निगाहें भारतीय टीम की ओपनर स्मृति मंधाना शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने टूर्नामेंट के तीन मैचों में 159 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 154 से अधिक रहा है। गेंदबाजी में एन. श्री चरणी टूर्नामेंट की सबसे सफल गेंदबाज बनी हुई हैं। उन्होंने तीन मुकाबलों में 10 विकेट झटके हैं। इसके अलावा जेमिमा रोड्रिग्स से भी बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी। दूसरी ओर बांग्लादेश के लिए जुआरिया फिरदौस और संजीदा अख्तर मेघला प्रमुख खिलाड़ी होंगी। जुआरिया टीम की सबसे सफल बल्लेबाज रही हैं, जबकि संजीदा ने गेंद से प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।   दक्षिण अफ्रीका को बड़ी जीत की तलाश दिन के दूसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका का सामना नीदरलैंड से होगा। दक्षिण अफ्रीका न केवल जीत बल्कि बेहतर नेट रन रेट के लिए बड़ी जीत दर्ज करना चाहेगा। मारिजान काप और कप्तान लौरा वोल्वार्ट टीम की प्रमुख उम्मीदें होंगी, जबकि नीदरलैंड की कप्तान बेबेट डी लीडे एक बार फिर टीम की सबसे बड़ी ताकत रहेंगी।

anjali kumari जून 25, 2026 0
Young batter Vaibhav Suryavanshi during practice ahead of India’s T20 series against Ireland

जगह सिर्फ 2, दावेदार 4! वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका या करना होगा इंतजार? आयरलैंड सीरीज से पहले बढ़ी चयनकर्ताओं की चुनौती

Pakistan women’s cricket team players during a tense match amid reports of dressing room disagreements

खेल खत्म, कलेश शुरू! लगातार हार के बीच पाकिस्तान महिला टीम में बढ़ा तनाव, ड्रेसिंग रूम विवाद ने खड़े किए बड़े सवाल

Vaibhav Suryavanshi

15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर दुनिया की नजर, इंग्लैंड दौरे को लेकर बढ़ी चर्चा

Deepti Sharma
महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत की नजर सेमीफाइनल पर, बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में दीप्ति शर्मा रच सकती हैं इतिहास

नई दिल्ली, एजेंसियां। इंग्लैंड में खेले जा रहे महिला टी20 विश्व कप 2026 का रोमांच अब चरम पर पहुंच गया है। भारतीय महिला टीम अपने अगले मुकाबले में आज बांग्लादेश से भिड़ेगी और इस मैच पर करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें टिकी हुई हैं। टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला सेमीफाइनल की रेस में बने  रहने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।   दीप्ति शर्मा के पास इतिहास रचने का मौका   भारतीय टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा इस मुकाबले में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती हैं। वह महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बनने से सिर्फ एक विकेट दूर हैं। ऐसे में बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले मुकाबले में सभी की नजरें उनके प्रदर्शन पर रहेंगी।   भारत के लिए अहम मुकाबला   टूर्नामेंट के निर्णायक चरण में पहुंच चुकी भारतीय टीम के लिए हर मैच अब महत्वपूर्ण हो गया है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया सेमीफाइनल में जगह बनाने की मजबूत दावेदार मानी जा रही है।   मध्यक्रम की बल्लेबाजी चिंता का विषय   हालांकि भारतीय टीम का मध्यक्रम इस विश्व कप में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया है। टीम प्रबंधन उम्मीद कर रहा है कि आगामी मुकाबलों में बल्लेबाज बेहतर प्रदर्शन करेंगे और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाएंगे।   विश्व कप में बढ़ा रोमांच   दूसरी ओर इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है, जिससे टूर्नामेंट का रोमांच और बढ़ गया है। अब सभी टीमों के बीच अंतिम चार में पहुंचने की जंग तेज हो गई है।

abhishek singh जून 25, 2026 0
Rohit Sharma Padma Shri Award

रोहित शर्मा को मिला पद्मश्री सम्मान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित; भारतीय क्रिकेट के लिए गौरव का पल

Lionel Messi celebrates his 39th birthday while continuing his remarkable form at the FIFA World Cup 2026.

Lionel Messi Birthday: 39 साल के हुए फुटबॉल के 'अल्टीमेट किंग' मेसी, उम्र बढ़ी लेकिन जादू अब भी कायम

Australian women's team celebrates a big win as India's semifinal hopes face pressure in the T20 World Cup 2026.

Women T20 World Cup 2026: ऑस्ट्रेलिया की बड़ी जीत से बढ़ी भारत की मुश्किलें, सेमीफाइनल के लिए अब हर मैच बना करो या मरो

Vaibhav Suryavanshi
वैभव सूर्यवंशी को मिली पहली टीम इंडिया जर्सी, भावुक हुए 15 वर्षीय स्टार बोले- 'इस एहसास को शब्दों में बयां नहीं कर सकता'

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे बेबी बॉस के नाम से मशहूर वैभव सूर्यवंशी के लिए 23 जून का दिन बेहद खास रहा। महज 15 साल की उम्र में उन्हें पहली बार टीम इंडिया की आधिकारिक जर्सी मिली। जर्सी मिलने के बाद वैभव सूर्यवंशी भावुक हो गए और कहा कि यह उनके क्रिकेट करियर का सबसे बड़ा पल है। अब माना जा रहा है कि आयरलैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल सकता है।   IPL 2026 के शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम   वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में शानदार बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने कई विस्फोटक पारियां खेलीं और पूरे सीजन में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया। उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के बाद ही चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह दी।   जर्सी पहनकर हुए भावुक   BCCI द्वारा साझा किए गए वीडियो में वैभव पहली बार टीम इंडिया की जर्सी हाथ में लेते और पहनते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने कहा, "यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सपना था। इस एहसास को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।" उनकी भावुक प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और क्रिकेट प्रशंसक उन्हें बधाई दे रहे हैं।   आयरलैंड दौरे पर हो सकता है डेब्यू   रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने का मौका मिल सकता है। अगर ऐसा होता है तो वह भारतीय क्रिकेट के सबसे युवा टी20 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे।   रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन से बनाई पहचान   हाल ही में भारत-ए की ओर से खेलते हुए वैभव ने श्रीलंका-ए के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। उनकी इस पारी ने क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया और चयनकर्ताओं का भरोसा और मजबूत किया।   भारतीय क्रिकेट का नया सितारा   क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं। उनकी निडर बल्लेबाजी, तेज रन बनाने की क्षमता और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग बनाता है। टीम इंडिया के प्रशंसकों की नजर अब उनके संभावित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर टिकी हुई है।

abhishek singh जून 25, 2026 0
Rishabh Pant Kuldeep Yadav

IPL 2026 Trade News: ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में वापसी, कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जायंट्स पहुंचे

Nitish Tiwari Suryansh Shedge

नीतीश कुमार रेड्डी चोटिल, इंग्लैंड और आयरलैंड टी20 सीरीज से बाहर; सूर्यांश शेडगे को मिला टीम इंडिया में मौका

Nitish Kumar Reddy during an India match before being ruled out of the Ireland T20 series due to injury.

आयरलैंड टी20 सीरीज से बाहर हुए नीतीश कुमार रेड्डी, पंजाब किंग्स के इस ऑलराउंडर को मिल सकता है मौका

0 Comments

Top week

झारखंड

वरिष्ठ संपादक एवं प्रतिष्ठित पत्रकार दीपेश कुमार का हृदयाघात से निधन

anjali kumari जून 24, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?