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Google Pay Gets Gemini AI-Powered Ask Google Pay

Google Pay में Gemini AI की एंट्री, अब खर्चों से लेकर बजट तक का हिसाब बताएगा ‘Ask Google Pay’

surbhi जुलाई 31, 2026 0
Google Pay introduces Gemini AI powered Ask Google Pay for expense tracking budgeting and savings insights
Google Pay Ask Google Pay Gemini AI Feature

डिजिटल पेमेंट के बाद अब Google Pay यूजर्स के लिए पैसे मैनेज करना भी आसान बनाने की तैयारी में है। गूगल ने भारत में Gemini AI पर आधारित नया फीचर ‘Ask Google Pay’ चुनिंदा यूजर्स के लिए रोल आउट करना शुरू कर दिया है। इस फीचर के जरिए यूजर्स टेक्स्ट या आवाज के माध्यम से अपने खर्चों का विश्लेषण, बजट और बचत से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे।

खास बात यह है कि ‘Ask Google Pay’ डिफॉल्ट रूप से एक्टिव नहीं रहेगा। यूजर्स को इसे खुद इनेबल करना होगा। यानी जिन लोगों को अपने वित्तीय डेटा के आधार पर AI से मदद चाहिए, वे अपनी पसंद के अनुसार इस फीचर को चालू कर सकेंगे।

क्या है ‘Ask Google Pay’?

‘Ask Google Pay’ Gemini AI से powered एक नया असिस्टेंट है, जिसे खास तौर पर यूजर्स के वित्तीय सवालों को आसान भाषा में समझाने के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए यूजर्स अपने खर्च करने के पैटर्न को समझ सकते हैं और पैसे को बेहतर तरीके से मैनेज करने के सुझाव हासिल कर सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर यूजर पूछ सकता है कि पिछले महीने सबसे ज्यादा पैसा कहां खर्च हुआ, पिछले हफ्ते के खर्चों का विश्लेषण किया जाए या खर्च कम करने के लिए कौन से कदम उठाए जा सकते हैं।

इसके अलावा फीचर बचत से जुड़े सुझाव, क्रेडिट कार्ड ऑफर्स, SIP और CIBIL स्कोर से संबंधित जानकारी हासिल करने में भी मदद कर सकता है।

टेक्स्ट और वॉइस दोनों से पूछ सकेंगे सवाल

Google Pay का नया AI फीचर सिर्फ टाइप करके सवाल पूछने तक सीमित नहीं है। यूजर्स टेक्स्ट के साथ वॉइस के जरिए भी सवाल कर सकेंगे।

लॉन्च के समय यह फीचर 10 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। इससे अलग-अलग भाषाओं में डिजिटल पेमेंट और व्यक्तिगत वित्त से जुड़ी जानकारी हासिल करना आसान हो सकता है।

यूजर एक सवाल पूछने के बाद उससे जुड़ा अगला सवाल भी कर सकता है। यानी बातचीत को आगे बढ़ाते हुए अपने खर्च और वित्तीय जरूरतों को ज्यादा बेहतर तरीके से समझने की कोशिश की जा सकती है।

आपके Google Pay डेटा का होगा इस्तेमाल

‘Ask Google Pay’ को ज्यादा व्यक्तिगत और उपयोगी जवाब देने के लिए यूजर के Google Pay ट्रांजैक्शन, सेव किए गए पेमेंट मेथड, Google Account की जानकारी और CIBIL रिपोर्ट से जुड़े डेटा का इस्तेमाल किया जा सकता है।

यही वजह है कि Google ने इसे डिफॉल्ट रूप से ऑन नहीं रखा है। यूजर को पहले Google Pay में ‘Personalisation within Google Pay’ सेटिंग को सक्रिय करना होगा।

इसका मतलब है कि फीचर एक्टिव करने से पहले यूजर्स को यह समझना जरूरी है कि AI असिस्टेंट को किस तरह के डेटा तक पहुंच मिल सकती है।

चैट हिस्ट्री भी देख सकेंगे

Google के मुताबिक, यूजर्स ‘Ask Google Pay’ के साथ हुई चैट हिस्ट्री को 42 दिनों तक देख सकेंगे। साथ ही अगर बाद में यूजर पर्सनलाइजेशन बंद करना चाहता है, तो उसके लिए भी विकल्प उपलब्ध रहेगा।

इससे यूजर्स को फीचर के इस्तेमाल पर कुछ हद तक नियंत्रण मिलता है। हालांकि, वित्तीय जानकारी से जुड़े किसी भी AI टूल का इस्तेमाल करते समय डेटा और प्राइवेसी सेटिंग्स को ध्यान से समझना महत्वपूर्ण है।

ऐसे एक्टिव करें ‘Ask Google Pay’

फीचर उपलब्ध होने पर इसे इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे:

  1. सबसे पहले Google Pay ऐप खोलें।
  2. सेटिंग्स में जाएं।
  3. ‘Privacy & Security’ सेटिंग खोलें।
  4. इसके बाद ‘Data & Personalisation’ सेक्शन में जाएं।
  5. ‘Personalisation within Google Pay’ विकल्प को ऑन करें।
  6. अब Google Pay की होम स्क्रीन पर ‘Money’ टैब खोलें।
  7. ‘Ask a question’ या वित्त से जुड़े सवाल पूछने वाले सेक्शन पर टैप करें।
  8. इसके बाद AI असिस्टेंट से टेक्स्ट या वॉइस के जरिए अपना सवाल पूछ सकते हैं।

हालांकि, यह सुविधा फिलहाल सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है और चुनिंदा यूजर्स के लिए चरणबद्ध तरीके से रोल आउट की जा रही है।

क्या यह फीचर वास्तव में उपयोगी होगा?

Google Pay में Gemini का जुड़ना डिजिटल पेमेंट से आगे बढ़कर व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा सकता है। अगर कोई यूजर नियमित रूप से UPI और Google Pay का इस्तेमाल करता है, तो अपने ही ट्रांजैक्शन डेटा के आधार पर खर्चों को समझने की सुविधा उसके लिए उपयोगी हो सकती है।

लेकिन वित्तीय मामलों में AI की सलाह को अंतिम निर्णय मानने के बजाय उसे एक सामान्य जानकारी या शुरुआती मार्गदर्शन के तौर पर देखना बेहतर होगा। खासकर निवेश, SIP, क्रेडिट कार्ड या CIBIL से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले संबंधित आधिकारिक जानकारी और शर्तों की जांच करना जरूरी है।

अब देखना होगा कि Google Pay का ‘Ask Google Pay’ फीचर भारत में यूजर्स के रोजमर्रा के खर्च और बजट मैनेजमेंट को कितना आसान बना पाता है।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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Anthropic Claude Record a Skill feature teaching AI computer workflows through screen recording
Claude को अब Prompt नहीं, काम करके सिखाइए; Anthropic का ‘Record a Skill’ फीचर बदलेगा AI इस्तेमाल करने का तरीका

AI से काम कराने के लिए अब हर बार लंबा Prompt लिखकर निर्देश देने की जरूरत कम हो सकती है। AI कंपनी Anthropic ने Claude के लिए ‘Record a Skill’ नाम का नया फीचर पेश किया है। इसकी मदद से यूजर Claude को किसी काम की प्रक्रिया सिर्फ करके दिखा सकता है। AI स्क्रीन पर होने वाली गतिविधियों और यूजर के बोलकर दिए गए निर्देशों को समझकर उस पूरी प्रक्रिया को एक ‘Skill’ में बदल देगा। एक बार किसी काम को समझने के बाद Claude भविष्य में उसी तरह के काम को दोहराने में मदद कर सकेगा। यह फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो कंप्यूटर पर रोजाना या हर सप्ताह एक जैसी प्रक्रिया बार-बार करते हैं। कैसे काम करता है ‘Record a Skill’? आमतौर पर AI को किसी काम के लिए पहले उसके हर स्टेप के बारे में बताना पड़ता है। उदाहरण के लिए, किसी वेबसाइट से डेटा निकालना, उसे स्प्रेडशीट में डालना, कॉलम व्यवस्थित करना और फिर तय फॉर्मेट में रिपोर्ट तैयार करना हो तो यूजर को पूरी प्रक्रिया Prompt के जरिए समझानी पड़ सकती है। ‘Record a Skill’ इस तरीके को बदलने की कोशिश करता है। यूजर अपने कंप्यूटर पर काम करते हुए स्क्रीन रिकॉर्ड कर सकता है। काम करते समय वह अपनी आवाज में यह भी बता सकता है कि वह कौन-सा कदम क्यों उठा रहा है। Claude स्क्रीन पर दिखाई देने वाली गतिविधियों और वॉयस इंस्ट्रक्शन को मिलाकर उस प्रक्रिया को समझता है और उसे एक Skill के रूप में तैयार करता है। यानी AI को केवल यह बताने के बजाय कि काम कैसे करना है, यूजर उसे काम करके दिखा सकता है। वेबसाइट से स्प्रेडशीट तक, कई कामों में मदद इस फीचर की उपयोगिता को एक उदाहरण से समझें। मान लीजिए किसी व्यक्ति को हर सप्ताह एक वेबसाइट से आंकड़े लेने होते हैं। इसके बाद उन आंकड़ों को स्प्रेडशीट में डालना, जरूरी कॉलम व्यवस्थित करना और एक निश्चित फॉर्मेट में रिपोर्ट तैयार करनी होती है। यूजर एक बार पूरी प्रक्रिया स्क्रीन रिकॉर्ड करके Claude को सिखा सकता है। इसके बाद उसी तरह की प्रक्रिया दोहराने में Claude उस Skill का इस्तेमाल कर सकता है। इससे नियमित और दोहराए जाने वाले डिजिटल कामों को व्यवस्थित करने में समय बच सकता है। प्रोजेक्ट ट्रैकिंग से लेकर फाइल मैनेजमेंट तक ‘Record a Skill’ का इस्तेमाल केवल रिपोर्ट बनाने तक सीमित नहीं है। यह फीचर ऐसे कई दोहराए जाने वाले कंप्यूटर कार्यों में उपयोगी हो सकता है, जिनमें एक तय प्रक्रिया बार-बार फॉलो करनी पड़ती है। उदाहरण के तौर पर: फाइलों के नाम बदलना दस्तावेजों को तय फोल्डर में रखना नियमित रिपोर्ट तैयार करना प्रोजेक्ट ट्रैकर अपडेट करना डेटा को व्यवस्थित करना वेबसाइट से जानकारी लेकर उसे दूसरे टूल में दर्ज करना बार-बार होने वाले ऑफिस वर्कफ्लो को दोहराना ऐसे कामों में सबसे बड़ा फायदा उन यूजर्स को मिल सकता है, जिनका काम एक तय डिजिटल प्रक्रिया पर निर्भर करता है। Claude को इस्तेमाल करने का तरीका Anthropic के अनुसार, ‘Record a Skill’ को Claude के Cowork मोड में इस्तेमाल किया जा सकता है। यूजर्स को इसके लिए: Claude का डेस्कटॉप ऐप खोलना होगा। Cowork मोड में जाना होगा। ‘Plus’ मेन्यू पर क्लिक करना होगा। वहां ‘Record a Skill’ विकल्प चुनना होगा। इसके बाद स्क्रीन रिकॉर्डिंग शुरू करके अपनी प्रक्रिया को करके दिखाना होगा। जरूरत के अनुसार काम करते समय बोलकर अतिरिक्त निर्देश भी दिए जा सकते हैं। फिलहाल यह सुविधा Claude के Pro, Max और Team प्लान वाले यूजर्स के लिए उपलब्ध कराई गई है। AI को सिखाते समय सबसे जरूरी है डेटा की सुरक्षा यह फीचर जितना सुविधाजनक है, उतनी ही सावधानी भी मांगता है। स्क्रीन रिकॉर्डिंग के दौरान यूजर के कंप्यूटर पर मौजूद संवेदनशील जानकारी भी रिकॉर्ड हो सकती है। इसमें बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड, निजी बातचीत, व्यक्तिगत दस्तावेज या कंपनी से जुड़ी गोपनीय जानकारी शामिल हो सकती है। इसलिए कोई Skill रिकॉर्ड करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि स्क्रीन पर संवेदनशील डेटा दिखाई न दे। जरूरत हो तो ऐसे टैब, विंडो या जानकारी को पहले बंद या छिपा देना चाहिए। AI के साथ काम करने का तरीका बदल सकता है नया फीचर ‘Record a Skill’ की खासियत यह है कि यह AI को निर्देश देने के पारंपरिक तरीके से आगे बढ़कर “करके सिखाने” की अवधारणा पेश करता है। अगर यह फीचर व्यवहार में उम्मीद के मुताबिक काम करता है, तो बार-बार होने वाले डिजिटल कार्यों को ऑटोमेट करने की प्रक्रिया आम यूजर्स के लिए भी आसान हो सकती है। हालांकि, किसी भी AI ऑटोमेशन की तरह यहां भी अंतिम परिणाम की निगरानी जरूरी होगी। खासकर डेटा, फाइलों और महत्वपूर्ण बिजनेस प्रक्रियाओं से जुड़े कामों में AI की ओर से किए गए बदलावों को जांचना महत्वपूर्ण रहेगा। कुल मिलाकर, Anthropic का यह फीचर AI को केवल सवालों का जवाब देने वाले चैटबॉट से आगे ले जाकर ऐसे डिजिटल असिस्टेंट की दिशा में बढ़ाता है, जिसे यूजर अपनी जरूरत के हिसाब से काम करने का तरीका सिखा सकता है।  

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AI चैटबॉट से आगे बढ़कर काम करने वाला एजेंट, Gmail, Docs और अन्य Google सेवाओं के साथ करेगा काम   नई दिल्ली, एजेंसियां। Google ने भारत में अपने नए Gemini Spark AI एजेंट को पेश किया है। यह एक ऐसा 24/7 पर्सनल AI असिस्टेंट है, जो सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यूजर के निर्देश पर कई डिजिटल काम खुद पूरा करने में मदद करेगा।   फोन और लैपटॉप बंद होने पर भी करता रहेगा काम   Gemini Spark की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बैकग्राउंड में काम कर सकता है। Google के अनुसार, यूजर कोई टास्क देने के बाद इसे छोड़ सकता है और यह क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम जारी रखता है, भले ही फोन लॉक हो या लैपटॉप बंद हो।   Gmail, Docs, Sheets और Calendar से होगा कनेक्शन   Gemini Spark को Google Workspace सेवाओं के साथ जोड़ा गया है। यह Gmail से जरूरी जानकारी ढूंढने, Docs तैयार करने, Sheets में काम करने और डिजिटल कार्यों को व्यवस्थित करने में सहायता कर सकता है। हालांकि, बड़े बदलाव करने से पहले यूजर की अनुमति लेना इसकी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है।   AI असिस्टेंट से AI एजेंट की ओर बढ़ रहा Google   Google का कहना है कि Gemini Spark का उद्देश्य AI को सिर्फ बातचीत करने वाले टूल से आगे ले जाकर ऐसा डिजिटल साथी बनाना है, जो लंबे समय वाले कामों को पूरा करने में मदद करे। इसमें टास्क, स्किल्स और शेड्यूल जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जिससे यूजर नियमित कामों को ऑटोमेट कर सकता है।   भारत में धीरे-धीरे होगा रोलआउट   Gemini Spark की उपलब्धता चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जा रही है। शुरुआती दौर में यह चुनिंदा Google AI सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। Google आने वाले समय में इसके फीचर्स और ज्यादा यूजर्स तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रहा है।  

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Redmi K100 Pro फ्लैगशिप का पहला टीजर जारी, दमदार परफॉर्मेंस के साथ जल्द एंट्री की तैयारी
Redmi K100 Pro फ्लैगशिप का पहला टीजर जारी, दमदार परफॉर्मेंस के साथ जल्द एंट्री की तैयारी

Redmi ने K100 सीरीज को किया टीज, Snapdragon फ्लैगशिप चिप और हाई-एंड फीचर्स मिलने की उम्मीद   नई दिल्ली, एजेंसियां। स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Redmi ने अपनी अगली फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज Redmi K100 का पहला टीजर जारी कर दिया है। कंपनी ने अभी डिवाइस का पूरा नाम और स्पेसिफिकेशन आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किए हैं, लेकिन टीजर से संकेत मिल रहे हैं कि Redmi K100 Pro को हाई-परफॉर्मेंस फ्लैगशिप फोन के रूप में पेश किया जाएगा।   'Demon King' टैगलाइन के साथ टीजर जारी   Redmi ने अपने आगामी फ्लैगशिप प्रोडक्ट को "Demon King arrives" टैगलाइन के साथ टीज किया है। कंपनी इसे ChinaJoy 2026 में Qualcomm Snapdragon के बूथ पर पेश करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Redmi K100 सीरीज की पहली झलक इसी इवेंट में दिखाई जा सकती है।   Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिप मिलने की उम्मीद   लीक्स के अनुसार, Redmi K100 Pro में Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया जा सकता है। यह फोन गेमिंग और हाई-परफॉर्मेंस यूजर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा सकता है। हालांकि, कंपनी ने अभी प्रोसेसर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।   200MP कैमरा और बड़ी बैटरी की चर्चा   रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Redmi K100 Pro में 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, हाई रिफ्रेश रेट OLED डिस्प्ले और बड़ी क्षमता वाली बैटरी मिल सकती है। कुछ लीक्स में 8,000mAh से ज्यादा बैटरी और 100W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट का भी दावा किया गया है।   गेमिंग और प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार पर नजर   Redmi K सीरीज को कंपनी लंबे समय से "फ्लैगशिप किलर" कैटेगरी में पेश करती रही है। नए K100 Pro के जरिए कंपनी प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में Samsung और अन्य फ्लैगशिप डिवाइसों को चुनौती देने की कोशिश कर सकती है।  

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