Google Gemini

Google Gemini ऐप के 1 अरब मंथली यूजर्स पूरे होने की खबर
Google Gemini ऐप ने पार किया 1 अरब मंथली यूजर्स का आंकड़ा, Google ने बताया आगे का प्लान

हैदराबाद, एजेंसियां। Google के AI चैटबॉट Gemini ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के CEO सुंदर पिचाई ने बताया कि Gemini ऐप के मंथली यूजर्स की संख्या 1 अरब के पार पहुंच गई है। पिचाई ने इसे Google का अब तक का सबसे तेजी से बढ़ने वाला प्रोडक्ट बताया है। Gemini Google का 14वां ऐसा प्रोडक्ट बन गया है, जिसने 1 अरब यूजर्स का आंकड़ा पार किया है।   सिर्फ 15 महीने में 40 करोड़ से 1 अरब यूजर्स     Gemini की यूजर ग्रोथ पिछले करीब डेढ़ साल में काफी तेज रही है। मई 2025 में ऐप के करीब 40 करोड़ मंथली यूजर्स थे। अक्टूबर 2025 तक यह संख्या बढ़कर 65 करोड़ और फरवरी 2026 में 75 करोड़ हो गई।   मई 2026 में Google I/O के दौरान Gemini के करीब 90 करोड़ यूजर्स बताए गए थे। जुलाई 2026 की तिमाही रिपोर्ट में यह संख्या 95 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई। अब अगस्त 2026 में Gemini ने 1 अरब मंथली यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।   63% यूजर्स करते हैं Voice फीचर का इस्तेमाल     Google के मुताबिक Gemini के कुल यूजर्स में 10 करोड़ से ज्यादा iOS यूजर्स हैं। वहीं, Mac पर पावर यूजर्स दूसरे प्लेटफॉर्म्स की तुलना में करीब दोगुनी बार Gemini से सवाल पूछते हैं।   कंपनी ने बताया कि अब 63 प्रतिशत यूजर्स Gemini से वॉइस के जरिए बातचीत करते हैं। Gemini Live में हर पांच में से एक बातचीत के दौरान यूजर्स लाइव कैमरा या स्क्रीन शेयरिंग का भी इस्तेमाल करते हैं।   हर दिन 15 करोड़ से ज्यादा इमेज जनरेट     Gemini की इमेज जनरेशन क्षमता का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है। Google के अनुसार Gemini के जरिए हर दिन 15 करोड़ से ज्यादा इमेज जनरेट की जा रही हैं।   इसके अलावा Android डिवाइस पर Gemini अब 40 से ज्यादा ऐप्स में टास्क ऑटोमेशन कर सकता है। यानी यूजर्स की ओर से कई काम खुद पूरा करने की क्षमता इसमें शामिल हो रही है।   आने वाले समय में मिलेंगे नए AI फीचर्स     Google Gemini को और उपयोगी बनाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी के मुताबिक आने वाले हफ्तों में ऐप में स्टडी से जुड़े नए फीचर्स जोड़े जाएंगे।   इसके अलावा 12 अगस्त 2026 को होने वाले Made by Google 2026 इवेंट में Gemini से जुड़े नए अपडेट्स भी सामने आने की उम्मीद है। Gemini के 1 अरब मंथली यूजर्स का आंकड़ा AI असिस्टेंट मार्केट में Google की बढ़ती पकड़ को दर्शाता है और कंपनी को OpenAI के ChatGPT के मुकाबले मजबूत स्थिति में लाता है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 12, 2026 0
Google Pay introduces Gemini AI powered Ask Google Pay for expense tracking budgeting and savings insights
Google Pay में Gemini AI की एंट्री, अब खर्चों से लेकर बजट तक का हिसाब बताएगा ‘Ask Google Pay’

डिजिटल पेमेंट के बाद अब Google Pay यूजर्स के लिए पैसे मैनेज करना भी आसान बनाने की तैयारी में है। गूगल ने भारत में Gemini AI पर आधारित नया फीचर ‘Ask Google Pay’ चुनिंदा यूजर्स के लिए रोल आउट करना शुरू कर दिया है। इस फीचर के जरिए यूजर्स टेक्स्ट या आवाज के माध्यम से अपने खर्चों का विश्लेषण, बजट और बचत से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे। खास बात यह है कि ‘Ask Google Pay’ डिफॉल्ट रूप से एक्टिव नहीं रहेगा। यूजर्स को इसे खुद इनेबल करना होगा। यानी जिन लोगों को अपने वित्तीय डेटा के आधार पर AI से मदद चाहिए, वे अपनी पसंद के अनुसार इस फीचर को चालू कर सकेंगे। क्या है ‘Ask Google Pay’? ‘Ask Google Pay’ Gemini AI से powered एक नया असिस्टेंट है, जिसे खास तौर पर यूजर्स के वित्तीय सवालों को आसान भाषा में समझाने के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए यूजर्स अपने खर्च करने के पैटर्न को समझ सकते हैं और पैसे को बेहतर तरीके से मैनेज करने के सुझाव हासिल कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर यूजर पूछ सकता है कि पिछले महीने सबसे ज्यादा पैसा कहां खर्च हुआ, पिछले हफ्ते के खर्चों का विश्लेषण किया जाए या खर्च कम करने के लिए कौन से कदम उठाए जा सकते हैं। इसके अलावा फीचर बचत से जुड़े सुझाव, क्रेडिट कार्ड ऑफर्स, SIP और CIBIL स्कोर से संबंधित जानकारी हासिल करने में भी मदद कर सकता है। टेक्स्ट और वॉइस दोनों से पूछ सकेंगे सवाल Google Pay का नया AI फीचर सिर्फ टाइप करके सवाल पूछने तक सीमित नहीं है। यूजर्स टेक्स्ट के साथ वॉइस के जरिए भी सवाल कर सकेंगे। लॉन्च के समय यह फीचर 10 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। इससे अलग-अलग भाषाओं में डिजिटल पेमेंट और व्यक्तिगत वित्त से जुड़ी जानकारी हासिल करना आसान हो सकता है। यूजर एक सवाल पूछने के बाद उससे जुड़ा अगला सवाल भी कर सकता है। यानी बातचीत को आगे बढ़ाते हुए अपने खर्च और वित्तीय जरूरतों को ज्यादा बेहतर तरीके से समझने की कोशिश की जा सकती है। आपके Google Pay डेटा का होगा इस्तेमाल ‘Ask Google Pay’ को ज्यादा व्यक्तिगत और उपयोगी जवाब देने के लिए यूजर के Google Pay ट्रांजैक्शन, सेव किए गए पेमेंट मेथड, Google Account की जानकारी और CIBIL रिपोर्ट से जुड़े डेटा का इस्तेमाल किया जा सकता है। यही वजह है कि Google ने इसे डिफॉल्ट रूप से ऑन नहीं रखा है। यूजर को पहले Google Pay में ‘Personalisation within Google Pay’ सेटिंग को सक्रिय करना होगा। इसका मतलब है कि फीचर एक्टिव करने से पहले यूजर्स को यह समझना जरूरी है कि AI असिस्टेंट को किस तरह के डेटा तक पहुंच मिल सकती है। चैट हिस्ट्री भी देख सकेंगे Google के मुताबिक, यूजर्स ‘Ask Google Pay’ के साथ हुई चैट हिस्ट्री को 42 दिनों तक देख सकेंगे। साथ ही अगर बाद में यूजर पर्सनलाइजेशन बंद करना चाहता है, तो उसके लिए भी विकल्प उपलब्ध रहेगा। इससे यूजर्स को फीचर के इस्तेमाल पर कुछ हद तक नियंत्रण मिलता है। हालांकि, वित्तीय जानकारी से जुड़े किसी भी AI टूल का इस्तेमाल करते समय डेटा और प्राइवेसी सेटिंग्स को ध्यान से समझना महत्वपूर्ण है। ऐसे एक्टिव करें ‘Ask Google Pay’ फीचर उपलब्ध होने पर इसे इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे: सबसे पहले Google Pay ऐप खोलें। सेटिंग्स में जाएं। ‘Privacy & Security’ सेटिंग खोलें। इसके बाद ‘Data & Personalisation’ सेक्शन में जाएं। ‘Personalisation within Google Pay’ विकल्प को ऑन करें। अब Google Pay की होम स्क्रीन पर ‘Money’ टैब खोलें। ‘Ask a question’ या वित्त से जुड़े सवाल पूछने वाले सेक्शन पर टैप करें। इसके बाद AI असिस्टेंट से टेक्स्ट या वॉइस के जरिए अपना सवाल पूछ सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा फिलहाल सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है और चुनिंदा यूजर्स के लिए चरणबद्ध तरीके से रोल आउट की जा रही है। क्या यह फीचर वास्तव में उपयोगी होगा? Google Pay में Gemini का जुड़ना डिजिटल पेमेंट से आगे बढ़कर व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा सकता है। अगर कोई यूजर नियमित रूप से UPI और Google Pay का इस्तेमाल करता है, तो अपने ही ट्रांजैक्शन डेटा के आधार पर खर्चों को समझने की सुविधा उसके लिए उपयोगी हो सकती है। लेकिन वित्तीय मामलों में AI की सलाह को अंतिम निर्णय मानने के बजाय उसे एक सामान्य जानकारी या शुरुआती मार्गदर्शन के तौर पर देखना बेहतर होगा। खासकर निवेश, SIP, क्रेडिट कार्ड या CIBIL से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले संबंधित आधिकारिक जानकारी और शर्तों की जांच करना जरूरी है। अब देखना होगा कि Google Pay का ‘Ask Google Pay’ फीचर भारत में यूजर्स के रोजमर्रा के खर्च और बजट मैनेजमेंट को कितना आसान बना पाता है।  

surbhi जुलाई 31, 2026 0
Samsung Galaxy A27 5G
Samsung ने भारत में लॉन्च किया AI स्मार्टफोन Galaxy A27 5G, Google Gemini समेत कई स्मार्ट फीचर्स से लैस

नई दिल्ली, एजेंसियां। Samsung ने भारतीय बाजार में अपना नया AI स्मार्टफोन Galaxy A27 5G लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस मिड-रेंज स्मार्टफोन में Google Gemini AI, Perplexity AI, Circle to Search, Object Eraser और Voice Transcription जैसे कई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर्स दिए हैं। फोन की शुरुआती कीमत ₹28,999 रखी गई है और इसकी बिक्री 3 जुलाई से शुरू होगी।   6 साल तक मिलेगा सॉफ्टवेयर अपडेट   Galaxy A27 5G में Samsung ने 6 साल तक Android OS और Security Updates देने का वादा किया है। यह फोन Android 16 आधारित One UI 8.5 पर चलता है और इसमें Snapdragon 6 Gen 3 प्रोसेसर दिया गया है।   50MP कैमरा और 120Hz AMOLED डिस्प्ले   फोन में 6.7 इंच का Full HD+ Super AMOLED 120Hz डिस्प्ले, 50MP OIS ट्रिपल रियर कैमरा, 12MP फ्रंट कैमरा और 5000mAh बैटरी दी गई है, जो 25W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।   AI फीचर्स पर Samsung का बड़ा दांव   Samsung का कहना है कि Galaxy A27 5G के जरिए वह प्रीमियम AI फीचर्स को मिड-रेंज स्मार्टफोन तक पहुंचाना चाहता है। Google Gemini के अलावा इसमें Bixby और Perplexity AI का भी सपोर्ट दिया गया है, जिससे यूजर्स को अधिक स्मार्ट और व्यक्तिगत अनुभव मिलेगा।

anjali kumari जुलाई 1, 2026 0
AI-generated image interface showing advanced text rendering and creative visuals using ChatGPT Images 2.0
‘सिर्फ तस्वीर नहीं, सोच भी’: ChatGPT Images 2.0 से AI इमेजिंग में बड़ा बदलाव, पूरे कॉमिक बनाने की क्षमता

  AI इमेज बनाने का नया दौर शुरू तकनीकी दुनिया में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। OpenAI ने अपने इमेज जनरेशन टूल का नया वर्जन ChatGPT Images 2.0 लॉन्च किया है, जो पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा स्मार्ट और सटीक माना जा रहा है। कंपनी का दावा है कि अब AI सिर्फ तस्वीरें नहीं बनाएगा, बल्कि उन्हें “समझकर” तैयार करेगा। जटिल निर्देशों को समझने में ज्यादा सक्षम इस नए मॉडल की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहतर समझ (reasoning) क्षमता है। पहले जहां AI इमेज बनाते समय कई बार टेक्स्ट या डिजाइन गड़बड़ा जाते थे, वहीं अब यह सिस्टम जटिल निर्देशों को भी बेहतर तरीके से समझकर सटीक और साफ विजुअल तैयार करता है। पोस्टर, मेन्यू या स्लाइड जैसी चीजों में अब टेक्स्ट भी साफ और पढ़ने योग्य दिखाई देता है। इमेज बनाने से पहले ‘सोचने’ की प्रक्रिया ChatGPT Images 2.0 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह इमेज बनाने से पहले एक “सोचने की प्रक्रिया” अपनाता है। यानी यह पहले दिए गए निर्देशों को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर समझता है, फिर तय करता है कि तस्वीर कैसी होनी चाहिए। इस वजह से इमेज बनने में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन रिजल्ट ज्यादा सटीक और बेहतर मिलता है। एक जैसी स्टाइल और बेहतर स्ट्रक्चर नया मॉडल एक ही तरह की कई इमेज में एक जैसा स्टाइल बनाए रखने में भी सक्षम है। अगर किसी कैरेक्टर या डिजाइन को बार-बार बनाना हो, तो उसकी पहचान और लुक में निरंतरता बनी रहती है। साथ ही, अगर यूज़र किसी खास लेआउट या डिजाइन की मांग करता है, तो AI उसे ज्यादा सही तरीके से फॉलो करता है। Google Gemini को टक्कर AI की दुनिया में अब मुकाबला और तेज हो गया है। Google Gemini पहले से ही मल्टीमॉडल AI में मजबूत माना जाता था, लेकिन ChatGPT Images 2.0 के आने से यह अंतर काफी कम हो गया है। अब OpenAI का यह नया मॉडल टेक्स्ट और इमेज दोनों को समझने में ज्यादा सक्षम बनता जा रहा है। भविष्य की दिशा: एकीकृत AI अनुभव विशेषज्ञों का मानना है कि यह अपडेट AI को एक नए स्तर पर ले जाता है, जहां टेक्स्ट और इमेज दोनों एक ही समझ के आधार पर काम करेंगे। इससे यूज़र्स को बार-बार कोशिश करने की जरूरत कम होगी और बेहतर रिजल्ट जल्दी मिलेंगे।

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Google Gemini AI interface displaying personalized responses using Gmail, Photos, and YouTube data integration.
Google Gemini में ‘Personal Intelligence’ फीचर भारत में लॉन्च, अब AI देगा और ज्यादा स्मार्ट व पर्सनल जवाब

भारत में AI तकनीक को नया आयाम देते हुए Google ने अपने AI असिस्टेंट Gemini के लिए Personal Intelligence फीचर रोलआउट कर दिया है। यह फीचर यूजर्स को पहले से ज्यादा पर्सनल और कॉन्टेक्स्ट-बेस्ड जवाब देने में सक्षम बनाता है। पहले यह सुविधा केवल अमेरिका में पेड यूजर्स के लिए उपलब्ध थी, लेकिन अब भारत में भी इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिया गया है। क्या है Personal Intelligence फीचर? Personal Intelligence एक ऐसा AI सिस्टम है, जो अलग-अलग ऐप्स से जानकारी लेकर उसे जोड़कर जवाब देता है। यह फीचर यूजर्स को इन ऐप्स से कनेक्ट करने की सुविधा देता है: Gmail Google Photos YouTube Search इससे Gemini यूजर के सवालों का जवाब देते समय कई सोर्स से डेटा लेकर ज्यादा सटीक और पर्सनल जानकारी देता है। कैसे काम करता है यह फीचर? मान लीजिए आप जयपुर ट्रिप प्लान कर रहे हैं– Gemini Gmail से आपकी बुकिंग डिटेल्स निकाल सकता है Photos से सेव किए गए स्क्रीनशॉट या नोट्स दिखा सकता है YouTube हिस्ट्री के आधार पर जगहों की सिफारिश कर सकता है यानि अब एक ही जवाब में पूरी जानकारी मिल सकती है, बिना अलग-अलग ऐप्स में जाने की जरूरत के। यूजर कंट्रोल और प्राइवेसी पर जोर Google के अनुसार: यह फीचर डिफॉल्ट रूप से बंद रहेगा यूजर खुद तय करेगा कि कौन-से ऐप्स कनेक्ट करने हैं डेटा का उपयोग सिर्फ जवाब देने के लिए होगा, AI ट्रेनिंग के लिए नहीं यूजर कभी भी इस फीचर को बंद कर सकता है अभी भी डेवलपमेंट स्टेज में कंपनी ने यह भी माना है कि यह फीचर अभी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है। कभी-कभी गलत या जरूरत से ज्यादा पर्सनल जवाब मिल सकते हैं AI कॉन्टेक्स्ट को गलत समझ सकता है हालांकि यूजर्स फीडबैक देकर इसे सुधारने में मदद कर सकते हैं। क्यों है यह बड़ा अपडेट? यह फीचर AI को एक नए स्तर पर ले जाता है, जहां: AI सिर्फ सवालों का जवाब नहीं देता, बल्कि संदर्भ समझता है यूजर के डेटा को जोड़कर बेहतर सुझाव देता है डिजिटल असिस्टेंट ज्यादा “पर्सनल” बनता है Gemini का Personal Intelligence फीचर भारत में AI उपयोग के तरीके को बदल सकता है। हालांकि, इसकी सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि यूजर्स प्राइवेसी और सुविधा के बीच कैसे संतुलन बनाते हैं।  

surbhi अप्रैल 15, 2026 0
Google Gemini AI Notebooks interface showing organized chats, documents, and AI workflow integration.
Google Gemini में ‘Notebooks’ फीचर लॉन्च, अब चैट, फाइल और AI वर्कफ्लो एक जगह होंगे मैनेज

टेक दिग्गज Google ने अपने AI प्लेटफॉर्म Gemini में एक नया और अहम फीचर ‘Notebooks’ लॉन्च किया है। यह फीचर यूजर्स को लंबे समय तक चलने वाले चैट्स, डॉक्यूमेंट्स और AI वर्कफ्लो को एक ही जगह व्यवस्थित करने की सुविधा देगा। कंपनी के मुताबिक, यह फीचर खासतौर पर उन यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है जो रिसर्च, कंटेंट क्रिएशन, प्रोजेक्ट प्लानिंग या स्टडी जैसे जटिल कामों में AI का इस्तेमाल करते हैं। क्या है Notebooks फीचर? Gemini का Notebooks फीचर एक पर्सनल नॉलेज हब की तरह काम करता है, जहां यूजर्स- नई और पुरानी चैट्स को एक जगह सेव कर सकते हैं PDF और अन्य डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकते हैं AI के लिए कस्टम निर्देश सेट कर सकते हैं इससे Gemini यूजर के कंटेंट और संदर्भ को बेहतर तरीके से समझकर ज्यादा सटीक और प्रासंगिक जवाब देता है। NotebookLM के साथ स्मार्ट इंटीग्रेशन यह फीचर NotebookLM के साथ पूरी तरह इंटीग्रेटेड है। यानी Gemini में बनाए गए नोटबुक्स अपने आप NotebookLM में सिंक हो जाएंगे। उदाहरण के तौर पर, यूजर Gemini में स्टडी मटेरियल अपलोड कर सकता है, NotebookLM में उसका एनालिसिस या विजुअल ओवरव्यू बना सकता है, और फिर उसी डेटा से Gemini में नोट्स या आर्टिकल तैयार कर सकता है। किसे मिलेगा यह फीचर? फिलहाल यह फीचर Gemini AI Ultra, Pro और Plus सब्सक्राइबर्स के लिए वेब पर रोलआउट किया जा रहा है। आने वाले समय में इसे मोबाइल यूजर्स और फ्री यूजर्स के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा। AI वर्कफ्लो होगा और आसान Google का कहना है कि Notebooks फीचर मल्टी-स्टेप टास्क जैसे एग्जाम प्रिपरेशन, रिसर्च प्रोजेक्ट्स और कंटेंट डेवलपमेंट को काफी आसान बना देगा। यूजर्स को बार-बार कॉन्टेक्स्ट डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी। प्रतिस्पर्धा में नई चाल विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फीचर OpenAI के “Projects” फीचर को टक्कर देने के लिए लाया गया है, जो यूजर्स को चैट्स और फाइल्स को व्यवस्थित करने की सुविधा देता है। Gemini का Notebooks फीचर AI के इस्तेमाल को और ज्यादा संगठित, स्मार्ट और प्रोडक्टिव बना सकता है। खासतौर पर स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए यह एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है।

surbhi अप्रैल 9, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi अगस्त 7, 2026 0