नई दिल्ली, एजेंसियां। Honda Motorcycle & Scooter India (HMSI) ने भारतीय बाजार के लिए अपने टू-व्हीलर पोर्टफोलियो का बड़ा विस्तार करते हुए 10 नए और अपडेटेड मॉडल पेश किए हैं। कंपनी की नई लाइनअप में स्कूटर, रोडस्टर, क्रूज़र, एडवेंचर बाइक, इलेक्ट्रिक स्कूटर और फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल शामिल हैं। इनमें सात बिल्कुल नए वाहन और तीन अपडेटेड मॉडल नए रंगों के साथ पेश किए गए हैं।
नई Honda ADV 160 को शहर और लंबी दूरी की राइडिंग पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए पेश किया गया है। इसमें 160cc का वॉटर-कूल्ड इंजन, 27 लीटर अंडर-सीट स्टोरेज और 8.1 लीटर का फ्यूल टैंक मिलता है। कंपनी का दावा है कि यह भारत का पहला स्कूटर होगा जो E85 फ्लेक्स-फ्यूल को सपोर्ट करेगा।
Honda ने CB500 को प्रीमियम रोडस्टर के रूप में पेश किया है। बाइक में 501cc का सिंगल-सिलेंडर इंजन, मॉडर्न फीचर्स और क्लासिक डिजाइन दिया गया है। इसे अलॉय व्हील, स्पोक ट्यूबलेस और ग्राफिक्स वाले तीन वेरिएंट में उपलब्ध कराया जाएगा।
कंपनी ने अपनी क्रूज़र लाइनअप में Rebel 300 और Rebel 500 को भी शामिल किया है। Rebel 300 में 286cc का लिक्विड-कूल्ड इंजन और लो-सीट बॉबर डिजाइन मिलता है, जबकि Rebel 500 में 471cc का ट्विन-सिलेंडर इंजन दिया गया है। दोनों मॉडल लाइफस्टाइल और लंबी दूरी की राइडिंग को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
ऑफ-रोड और एडवेंचर राइडिंग के शौकीनों के लिए Honda ने XR 300L और XR 300 Rally पेश की हैं। XR 300L में 293.5cc का इंजन और लॉन्ग-ट्रैवल सस्पेंशन दिया गया है, जबकि XR 300 Rally को ट्रेल टूरिंग और मल्टी-टेरेन राइडिंग के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है।
Honda ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर भी जोर देते हुए QC3 फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश किया है। इसमें 3kWh बैटरी पैक, 151 किलोमीटर की IDC रेंज और 32 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है। यह मॉडल रोजमर्रा की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
कंपनी ने CB350, CB350C और CB350RS को भी नए कलर ऑप्शंस के साथ अपडेट किया है। इन मॉडलों को मॉडर्न-क्लासिक सेगमेंट में नई पहचान देने की कोशिश की गई है।
Honda ने बताया कि सभी नए मॉडल भारतीय बाजार में चरणबद्ध तरीके से लॉन्च किए जाएंगे। प्रत्येक मॉडल की कीमत और लॉन्च डेट की घोषणा उसके बाजार में आने के समय की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय स्मार्टफोन कंपनी Lava ने अपना नया स्मार्टफोन Lava Virat V1 5G भारत में लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसे बजट सेगमेंट के यूजर्स को ध्यान में रखते हुए पेश किया है। फोन में बड़ी बैटरी, 5G कनेक्टिविटी और क्लीन एंड्रॉयड अनुभव जैसे फीचर्स दिए गए हैं। Lava Virat V1 5G की कीमत और बिक्री Lava Virat V1 5G को भारत में ₹11,999 की शुरुआती कीमत के साथ लॉन्च किया गया है। इसके साथ ही कंपनी ने इसका 4G मॉडल Lava Virat V1 भी पेश किया है, जिसकी कीमत करीब ₹8,999 रखी गई है। दोनों स्मार्टफोन की बिक्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और Lava की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से शुरू होगी। 6000mAh बैटरी और 5G कनेक्टिविटी मुख्य आकर्षण Lava Virat V1 5G की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6000mAh की बड़ी बैटरी है। कंपनी का दावा है कि यह फोन लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए बेहतर बैकअप देगा। इसमें 5G नेटवर्क सपोर्ट दिया गया है, जिससे यूजर्स तेज इंटरनेट स्पीड का अनुभव कर सकेंगे। फोन में वर्चुअल रैम एक्सपेंशन, IP64 रेटिंग और स्टॉक एंड्रॉयड अनुभव जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। कंपनी ने इसमें अनावश्यक ऐप्स (Bloatware) को कम रखने पर जोर दिया है। कैमरा और डिस्प्ले पर भी कंपनी का फोकस Lava Virat V1 5G में 13 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। कंपनी ने इसे युवाओं और बजट स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है। बड़े डिस्प्ले और बेहतर बैटरी बैकअप के साथ यह फोन रोजमर्रा के उपयोग, सोशल मीडिया और मनोरंजन के लिए तैयार किया गया है। भारतीय स्मार्टफोन बाजार में Lava की वापसी की कोशिश Lava लगातार बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। कंपनी का लक्ष्य भारतीय ग्राहकों को किफायती कीमत में बेहतर फीचर्स वाले फोन उपलब्ध कराना है। Virat सीरीज इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। बजट 5G फोन बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा भारत में ₹10,000 से ₹15,000 के बीच 5G स्मार्टफोन की मांग तेजी से बढ़ रही है। Lava Virat V1 5G की एंट्री के बाद इस सेगमेंट में पहले से मौजूद अन्य कंपनियों के साथ मुकाबला और बढ़ने की उम्मीद है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी Xiaomi ने भारत में अपना नया पावर बैंक Xiaomi Power Bank 5i लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह पावर बैंक बड़ी बैटरी क्षमता, तेज चार्जिंग और मल्टी-डिवाइस सपोर्ट के साथ यूजर्स के लिए एक बेहतर पोर्टेबल चार्जिंग विकल्प होगा। 20,000mAh बैटरी और 67W फास्ट चार्जिंग Xiaomi Power Bank 5i में 20,000mAh की बैटरी दी गई है। इसमें 67W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है, जिससे स्मार्टफोन, टैबलेट और कुछ अन्य डिवाइस को तेजी से चार्ज किया जा सकता है। इन-बिल्ट USB Type-C केबल की सुविधा इस पावर बैंक की खासियत इसका बिल्ट-इन USB Type-C केबल है। इससे यूजर्स को अलग से चार्जिंग केबल रखने की जरूरत कम हो जाती है। कंपनी ने इसे यात्रा और रोजमर्रा के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है। डिजिटल डिस्प्ले से मिलेगी बैटरी जानकारी Xiaomi Power Bank 5i में डिजिटल डिस्प्ले दिया गया है, जिससे यूजर बैटरी लेवल और चार्जिंग स्थिति की जानकारी आसानी से देख सकते हैं। यह फीचर खासकर लंबे सफर के दौरान उपयोगी साबित हो सकता है। कीमत और उपलब्धता Xiaomi Power Bank 5i की शुरुआती कीमत 3,499 रुपये रखी गई है। यह पावर बैंक Xiaomi की आधिकारिक वेबसाइट, Amazon India और Xiaomi रिटेल स्टोर्स के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा। Xiaomi के अन्य लोकप्रिय पावर बैंक विकल्प अगर कम बजट में विकल्प चाहिए तो Xiaomi के Power Bank 4i 20,000mAh (33W), Pocket Power Bank Pro 10,000mAh (33W) और 10000mAh मॉडल भी बाजार में उपलब्ध हैं।
Google Selfie Video Feature: अगर आप अपने Google अकाउंट का पासवर्ड भूल गए हैं और आपके पास रिकवरी फोन नंबर, ईमेल या टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का एक्सेस भी नहीं है, तो अब घबराने की जरूरत नहीं होगी। Google ने अकाउंट रिकवरी को पहले से ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाने के लिए नया 'Selfie Video' फीचर पेश किया है। इस फीचर की मदद से यूजर्स अपनी पहचान एक छोटे सेल्फी वीडियो के जरिए सत्यापित कर सकेंगे और अकाउंट का एक्सेस वापस पा सकेंगे। क्या है Google का नया Selfie Video फीचर? Google का नया Selfie Video Recovery फीचर एक वैकल्पिक (Optional) अकाउंट रिकवरी सिस्टम है। इसका उद्देश्य उन यूजर्स की मदद करना है जो पासवर्ड भूल जाने या अकाउंट लॉक होने की स्थिति में पारंपरिक रिकवरी विकल्पों का उपयोग नहीं कर पाते। इस फीचर के तहत यूजर को पहले से अपने Google अकाउंट में एक छोटा रेफरेंस सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड करके सुरक्षित रखना होगा। बाद में यदि पासवर्ड भूल जाएं, तो Google नया लाइव सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए कहेगा और दोनों वीडियो का मिलान करके पहचान सत्यापित करेगा। ऐसे काम करेगा नया फीचर इस फीचर का उपयोग करने के लिए पहले इसे Google अकाउंट में सेटअप करना होगा। सेटअप के दौरान Google यूजर से कैमरे के सामने देखकर कुछ आसान निर्देशों का पालन करने के लिए कहेगा, जैसे— कैमरे की ओर सीधे देखना। सिर को दाएं-बाएं घुमाना। चेहरे की हल्की गतिविधियां करना। स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करना। इसी रिकॉर्डिंग को भविष्य के लिए रेफरेंस वीडियो के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। अगर भविष्य में अकाउंट रिकवरी की जरूरत पड़ती है, तो Google दोबारा लाइव सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड कराएगा और उसकी तुलना पहले सेव किए गए वीडियो से करेगा। फोटो या पुराना वीडियो क्यों नहीं चलेगा? Google ने इस फीचर में Liveness Detection तकनीक का इस्तेमाल किया है। इसका मतलब है कि केवल फोटो या पहले से रिकॉर्ड किया गया वीडियो दिखाकर अकाउंट एक्सेस नहीं किया जा सकेगा। यूजर को लाइव वीडियो रिकॉर्ड करते समय स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा। इससे सिस्टम यह सुनिश्चित कर सकेगा कि वीडियो वास्तविक समय में रिकॉर्ड किया गया है और किसी अन्य व्यक्ति द्वारा फर्जी तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। यूजर्स के पास रहेगा पूरा कंट्रोल Google का कहना है कि चेहरा एक संवेदनशील बायोमेट्रिक डेटा है, इसलिए इसकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कंपनी के अनुसार— सेल्फी वीडियो केवल यूजर की अनुमति से रिकॉर्ड होगा। वीडियो एन्क्रिप्टेड फॉर्म में सुरक्षित रखा जाएगा। यूजर किसी भी समय Google अकाउंट सेटिंग्स में जाकर इस वीडियो को डिलीट कर सकता है। यह फीचर पूरी तरह वैकल्पिक है और इसे उपयोग करना या न करना यूजर के हाथ में होगा। कब मिलेगा नया फीचर? Google ने जानकारी दी है कि Selfie Video Recovery फीचर को दुनिया भर के Google अकाउंट यूजर्स के लिए चरणबद्ध तरीके से रोल आउट किया जा रहा है। आने वाले समय में यह फीचर अधिक से अधिक यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा और अकाउंट रिकवरी को पहले से अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा।