टेक्नोलॉजी

Falcon 9 का चरण चंद्रमा से टकराया

SpaceX के Falcon 9 रॉकेट का ऊपरी चरण चंद्रमा से टकराया, आइंस्टीन क्रेटर के पास हुआ प्रभाव

ranjan kumar tiwari अगस्त 6, 2026 0
चंद्रमा के आइंस्टीन क्रेटर के पास Falcon 9 रॉकेट चरण की टक्कर
Falcon 9 रॉकेट का चंद्रमा से टकराव

वॉशिंगटन, एजेंसियां। SpaceX के Falcon 9 रॉकेट का करीब चार टन वजनी इस्तेमाल किया जा चुका ऊपरी चरण 5 अगस्त 2026 को चंद्रमा की सतह से टकरा गया। यह टक्कर चंद्रमा के आइंस्टीन क्रेटर के पास हुई। वैज्ञानिकों के अनुसार, रॉकेट लगभग 8,700 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चंद्रमा की सतह से टकराया। यह टक्कर जानबूझकर नहीं की गई थी।

 

जनवरी 2025 में लॉन्च हुआ था रॉकेट

 

 

यह Falcon 9 का ऊपरी चरण जनवरी 2025 में लॉन्च किए गए उस मिशन का हिस्सा था, जिसने चंद्रमा की ओर Firefly Aerospace के Blue Ghost और जापानी कंपनी ispace के Resilience लैंडर को भेजा था। मिशन के बाद रॉकेट का ऊपरी चरण अंतरिक्ष में ऐसी कक्षा में रह गया, जहां से उसे नियंत्रित तरीके से पृथ्वी पर वापस लाना संभव नहीं था। करीब डेढ़ साल तक अंतरिक्ष में घूमने के बाद गुरुत्वाकर्षण प्रभावों के कारण इसका रास्ता चंद्रमा की ओर मुड़ गया।

 

 

आइंस्टीन क्रेटर के पास बना नया गड्ढा

 

 

वैज्ञानिकों के अनुमानों के अनुसार, टक्कर से चंद्रमा की सतह पर लगभग 40 मीटर व्यास का नया गड्ढा बन सकता है। टक्कर से बड़ी मात्रा में चंद्र धूल और चट्टानी मलबा भी उछला होगा। टक्कर का स्थान चंद्रमा के उस हिस्से के पास है जिसे पृथ्वी से देखना मुश्किल है। इसलिए घटना को सीधे कैमरे में कैद करना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।

 

 

वैज्ञानिकों ने कैसे की पुष्टि

 

 

टक्कर को सीधे देखने की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन चिली स्थित यूरोपीय दक्षिणी वेधशाला के उपकरणों ने संभावित टक्कर के समय सोडियम और लिथियम से जुड़े उत्सर्जन दर्ज किए। वैज्ञानिकों ने इन संकेतों को रॉकेट के चंद्रमा से टकराने का महत्वपूर्ण प्रमाण माना है।

 

NASA के Lunar Reconnaissance Orbiter और दक्षिण कोरियाई अंतरिक्ष यान से टक्कर वाली जगह की तस्वीरें लेने की कोशिश की जा रही है, जिससे नए बने गड्ढे की पुष्टि और उसका अध्ययन किया जा सके।

 

अंतरिक्ष मलबे को लेकर बढ़ी चिंता

 

 

इस घटना ने चंद्रमा की ओर बढ़ रहे मानव मिशनों के बीच अंतरिक्ष मलबे के प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जैसे-जैसे चंद्रमा पर मिशनों की संख्या बढ़ रही है, वैज्ञानिकों का कहना है कि इस्तेमाल किए गए रॉकेट चरणों और अन्य अंतरिक्ष वस्तुओं की कक्षाओं पर बेहतर नजर रखना जरूरी होगा। हालांकि इस टक्कर से पृथ्वी पर कोई खतरा नहीं था, लेकिन वैज्ञानिक इसे भविष्य के चंद्र मिशनों के लिए महत्वपूर्ण सबक मान रहे हैं।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Ranjan Kumar Tiwari Ranjan123

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WhatsApp भारत में कर रहा उम्र सत्यापन फीचर का परीक्षण, नए डेटा नियमों से जुड़ा मामला नई दिल्ली, एजेंसियां। WhatsApp भारत में कुछ चुनिंदा यूजर्स के साथ उम्र सत्यापन (Age Verification) के नए तरीकों का परीक्षण कर रहा है। Meta के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का कहना है कि यह परीक्षण भारत में लागू होने वाले नए Digital Personal Data Protection (DPDP) Act से जुड़ी आवश्यकताओं की तैयारी के तहत किया जा रहा है। फिलहाल यह सुविधा वैकल्पिक है और सभी भारतीय यूजर्स के लिए अनिवार्य नहीं की गई है।   कुछ यूजर्स को मिल रहा उम्र बताने का विकल्प     रिपोर्टों के अनुसार, WhatsApp भारत में सीमित संख्या में यूजर्स के साथ उम्र की पुष्टि करने की प्रक्रिया का परीक्षण कर रहा है। कुछ यूजर्स को अपनी जन्मतिथि (Date of Birth) से संबंधित जानकारी देने का विकल्प दिखाई दे रहा है।   WhatsApp का कहना है कि इस परीक्षण का उद्देश्य यूजर्स की उम्र की पुष्टि करने के ऐसे तरीके तलाशना है, जिनमें गोपनीयता (Privacy) को प्राथमिकता दी जाए। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षण में भाग लेना फिलहाल अनिवार्य नहीं है।   DPDP Act से क्या है संबंध?     भारत का Digital Personal Data Protection कानून बच्चों के व्यक्तिगत डेटा को लेकर अतिरिक्त सुरक्षा और अभिभावकीय सहमति जैसी आवश्यकताओं पर जोर देता है। इसी व्यापक डेटा संरक्षण व्यवस्था के अनुरूप डिजिटल प्लेटफॉर्म अपनी प्रक्रियाओं में बदलाव की तैयारी कर रहे हैं।   WhatsApp का उम्र सत्यापन परीक्षण इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि भारत में WhatsApp इस्तेमाल करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अभी अनिवार्य रूप से अपनी उम्र प्रमाणित करनी होगी।   WhatsApp ने प्राइवेसी को लेकर क्या कहा?     कंपनी के अनुसार, उम्र सत्यापन के लिए परीक्षण किए जा रहे तरीकों को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि यूजर्स की निजी जानकारी की सुरक्षा बनी रहे। WhatsApp ने यह भी कहा है कि वर्तमान परीक्षण में भाग लेना स्वैच्छिक है और उम्र की पुष्टि किए बिना भी यूजर्स WhatsApp का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं।   इस कदम के बाद भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा, उम्र की पुष्टि और व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है। आने वाले समय में DPDP व्यवस्था लागू होने के साथ WhatsApp और दूसरे प्लेटफॉर्म अपनी प्रक्रियाओं में और बदलाव कर सकते हैं।

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Vivo S2 आज भारत में होगा लॉन्च, 7050mAh बैटरी और 50MP कैमरे समेत मिलेंगे ये फीचर्स नई दिल्ली, एजेंसियां। Vivo आज यानी 6 अगस्त 2026 को भारत में अपनी S-सीरीज का नया स्मार्टफोन Vivo S2 लॉन्च करने जा रही है। कंपनी के अनुसार लॉन्च कार्यक्रम दोपहर 12 बजे होगा। करीब छह साल बाद भारत में Vivo की S-सीरीज की वापसी हो रही है। लॉन्च से पहले कंपनी ने फोन के डिजाइन और कई प्रमुख फीचर्स की जानकारी साझा कर दी है।   कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले और प्रीमियम डिजाइन   Vivo S2 में 6.83 इंच का 1.5K कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले मिलने की जानकारी सामने आई है। डिस्प्ले में 120Hz रिफ्रेश रेट दिया गया है। फोन का डिजाइन स्लिम और प्रीमियम रखा गया है। कंपनी ने फोन को अलग-अलग रंग विकल्पों में टीज किया है। इसके रियर पैनल पर कैमरा मॉड्यूल के साथ Aura Light भी देखने को मिलेगा, जो खासतौर पर पोर्ट्रेट और लो-लाइट फोटोग्राफी में उपयोगी हो सकता है।   7050mAh बैटरी और Dimensity 7360 Turbo प्रोसेसर   Vivo S2 में 7050mAh की बड़ी बैटरी दी जाएगी। फोन में MediaTek Dimensity 7360 Turbo चिपसेट मिलने की पुष्टि की गई है। बड़ी बैटरी और नए प्रोसेसर के साथ कंपनी फोन को ऐसे यूजर्स के लिए पेश कर रही है, जो लंबे समय तक स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं। चार्जिंग से जुड़ी जानकारी भी लॉन्च के दौरान स्पष्ट होने की उम्मीद है।   50MP Sony कैमरा और Aura Light   फोटोग्राफी के लिए Vivo S2 में 50MP Sony मुख्य कैमरा दिया जाएगा। इसमें OIS सपोर्ट भी मिलने की जानकारी सामने आई है। रियर कैमरा सेटअप के साथ Aura Light फोन की प्रमुख खासियतों में शामिल है। Vivo ने S2 को कैमरा-केंद्रित स्मार्टफोन के तौर पर भी प्रचारित किया है। कंपनी लॉन्च इवेंट में कैमरा क्षमताओं और AI आधारित फीचर्स की विस्तृत जानकारी दे सकती है।   आज दोपहर 12 बजे लॉन्च, कीमत का इंतजार   Vivo S2 का भारत में आधिकारिक लॉन्च 6 अगस्त को दोपहर 12 बजे होना है। अभी फोन की आधिकारिक कीमत सामने नहीं आई है। कीमत और बिक्री की तारीख की जानकारी लॉन्च इवेंट में मिलने की उम्मीद है। Vivo की S-सीरीज की भारत में लंबे अंतराल के बाद वापसी होने के कारण S2 पर खास नजर है। अब देखना होगा कि कंपनी इसे भारतीय बाजार में किस कीमत पर उतारती है और यह सेगमेंट के दूसरे स्मार्टफोन को कितनी टक्कर देता है।

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नई दिल्ली, एजेंसियां। Google ने अपने आगामी फोल्डेबल स्मार्टफोन Pixel 11 Pro Fold का डिजाइन आधिकारिक टीज़र वीडियो के जरिए लॉन्च से पहले ही रिवील कर दिया है। कंपनी ने यह वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया, जिसमें फोन का नया लुक साफ दिखाई दे रहा है। Google इस डिवाइस को 12 अगस्त को न्यूयॉर्क में आयोजित Pixel लॉन्च इवेंट में पेश करेगा। भारतीय समयानुसार यह इवेंट 13 अगस्त सुबह 3:30 बजे शुरू होगा। टीज़र में फोन पहले के मुकाबले ज्यादा पतला और प्रीमियम डिजाइन के साथ नजर आ रहा है। साथ ही ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप और नए Pixel Glow फीचर की भी झलक देखने को मिली है।   Tensor G6 चिपसेट और 4,800mAh बैटरी मिलने की उम्मीद, कीमत बढ़ने के संकेत   लीक्स के मुताबिक, Pixel 11 Pro Fold में Google का नया Tensor G6 प्रोसेसर और करीब 4,800mAh की बैटरी मिल सकती है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इस बार Pixel 11 सीरीज की कीमत पिछले मॉडल के मुकाबले अधिक हो सकती है। इससे पहले OnLeaks और MySmartPrice की लीक रिपोर्ट्स में भी इसी तरह का डिजाइन सामने आया था। वहीं, टेक रिपोर्ट्स के अनुसार Google लॉन्च इवेंट में Pixel Watch 5 और एक नए ट्रैकिंग डिवाइस को भी पेश कर सकता है। हालांकि, इन सभी फीचर्स और डिवाइसों की आधिकारिक पुष्टि कंपनी लॉन्च इवेंट के दौरान ही करेगी।

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