टेक्नोलॉजी

YouTube Adds Option to Disable Shorts

YouTube का बड़ा अपडेट: अब ‘Shorts’ को पूरी तरह कर सकेंगे बंद

surbhi अप्रैल 16, 2026 0
Person using YouTube app settings to disable Shorts feed with zero-minute time management option.
YouTube Shorts Disable Feature

 

वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube ने यूजर्स के लिए एक अहम फीचर रोलआउट किया है, जिसके जरिए अब Shorts फीड को पूरी तरह हटाया जा सकता है। कंपनी ने अपने “टाइम मैनेजमेंट” टूल में नया 0 मिनट (Zero Minute) ऑप्शन जोड़ा है, जिससे शॉर्ट वीडियो देखने की लिमिट तुरंत खत्म हो जाती है।

कैसे काम करता है नया फीचर?

YouTube के इस अपडेट के बाद यूजर्स:

  • Shorts देखने की समय सीमा 0 मिनट सेट कर सकते हैं
  • ऐसा करते ही Shorts फीड पूरी तरह बंद हो जाती है
  • Shorts टैब पर वीडियो की जगह सिर्फ लिमिट पूरी होने का नोटिफिकेशन दिखता है

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फीचर पहले 15 मिनट की न्यूनतम सीमा के साथ आया था, जिसे अब बढ़ाकर जीरो कर दिया गया है। 

होम स्क्रीन से भी गायब होंगे Shorts

नई सेटिंग लागू करने के बाद:

  • होम स्क्रीन से Shorts के सुझाव हट जाएंगे
  • ऐप कम डिस्ट्रैक्टिंग हो जाएगा
  • यूजर सिर्फ जरूरी या लंबा कंटेंट देख पाएंगे

यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो बिना सोचे-समझे लगातार स्क्रॉल (डूमस्क्रॉलिंग) करते रहते हैं। 

सभी यूजर्स के लिए रोलआउट

  • पहले यह फीचर पैरेंटल कंट्रोल तक सीमित था
  • अब इसे धीरे-धीरे सभी यूजर्स (एडल्ट अकाउंट्स) के लिए जारी किया जा रहा है
  • बच्चों के अकाउंट में यह सेटिंग लॉक भी की जा सकती है

क्यों जरूरी है यह फीचर?

आज के समय में YouTube Shorts जैसे शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर लत (addiction) को लेकर चिंता बढ़ रही है।

इस अपडेट के फायदे:

  • स्क्रीन टाइम कंट्रोल
  • फोकस और प्रोडक्टिविटी में सुधार
  • बच्चों के लिए सुरक्षित कंटेंट
  • मानसिक तनाव और नींद की समस्या में कमी

ऐसे करें Shorts बंद (Step-by-Step)

  1. YouTube ऐप खोलें
  2. Settings में जाएं
  3. Time Management सेक्शन चुनें
  4. “Shorts Feed Limit” ऑन करें
  5. समय सीमा में 0 मिनट सेट करें

YouTube का यह नया फीचर डिजिटल वेलबीइंग की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब यूजर्स के पास यह विकल्प है कि वे चाहें तो शॉर्ट वीडियो की लत से पूरी तरह दूरी बना सकें और अपने समय का बेहतर इस्तेमाल कर सकें।

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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सुरक्षा चिंताओं के बीच Claude Fable 5 पर रोक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic ने अपने नए और अत्याधुनिक AI मॉडल Claude Fable 5 को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। कंपनी का कहना है कि अमेरिकी अधिकारियों द्वारा उठाई गई राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बाद यह कदम उठाना पड़ा। यह फैसला मॉडल के सार्वजनिक लॉन्च के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है। Anthropic ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा कि उसे निर्देश दिया गया है कि विदेशी नागरिकों की Claude Fable 5 और Mythos 5 तक पहुंच तत्काल प्रभाव से रोक दी जाए। कंपनी के अनुसार नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए दोनों सेवाओं को सभी ग्राहकों के लिए अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। क्या है सरकार की चिंता? Anthropic के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने किसी विशेष खतरे की सार्वजनिक रूप से पहचान नहीं की है। हालांकि कंपनी का कहना है कि सरकार को ऐसी तकनीक की जानकारी मिली है जिसके जरिए Claude Fable 5 की सुरक्षा सीमाओं को बायपास या “जेलब्रेक” किया जा सकता है। जेलब्रेकिंग वह प्रक्रिया है जिसमें किसी सॉफ्टवेयर या सिस्टम पर लगाए गए सुरक्षा प्रतिबंधों को पार कर अतिरिक्त क्षमताओं तक पहुंच हासिल की जाती है। इससे साइबर हमलों या संवेदनशील जानकारी तक अनधिकृत पहुंच का जोखिम बढ़ सकता है। कंपनी का दावा है कि जिन कमजोरियों की ओर ध्यान दिलाया गया है, वे पहले से ज्ञात और अपेक्षाकृत मामूली थीं तथा अन्य सार्वजनिक AI मॉडल भी उन्हें पहचानने में सक्षम हैं। लॉन्च से पहले ही चर्चा में था मॉडल Claude Fable 5 को Anthropic ने अपने अब तक के सबसे शक्तिशाली AI मॉडलों में से एक बताया था। सार्वजनिक रिलीज से पहले अप्रैल में इसे सीमित संस्थाओं के लिए परीक्षण और सुरक्षा मूल्यांकन हेतु उपलब्ध कराया गया था। कंपनी ने उस समय कहा था कि मॉडल की क्षमताएं इतनी उन्नत हैं कि यदि पर्याप्त सुरक्षा उपाय न हों तो इसका दुरुपयोग कंप्यूटर सिस्टम में घुसपैठ या साइबर हमलों के लिए किया जा सकता है। इसी वजह से इसके लॉन्च को लेकर तकनीकी, वित्तीय और सरकारी क्षेत्रों में बहस भी छिड़ गई थी। कुछ आलोचकों ने कंपनी के “बहुत शक्तिशाली” होने वाले दावों को मार्केटिंग रणनीति करार दिया था, जबकि समर्थकों का मानना था कि उन्नत AI मॉडलों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा जांच आवश्यक है। ट्रम्प प्रशासन और Anthropic के बीच बढ़ा विवाद Anthropic हाल के महीनों में अमेरिकी प्रशासन के साथ टकराव को लेकर भी चर्चा में रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कंपनी की सार्वजनिक आलोचना की थी। इसके अलावा अमेरिकी रक्षा विभाग के तत्कालीन प्रमुख Pete Hegseth ने Anthropic को “सप्लाई चेन रिस्क” घोषित किया था। यह एक गंभीर श्रेणी मानी जाती है, जिसके तहत किसी तकनीक या सेवा को सरकारी उपयोग के लिए पर्याप्त रूप से सुरक्षित नहीं माना जाता। अदालत में जारी है कानूनी लड़ाई इस फैसले के खिलाफ Anthropic ने अमेरिकी रक्षा विभाग पर मुकदमा दायर किया है। मामले की सुनवाई के दौरान एक अमेरिकी न्यायाधीश ने आदेश दिया कि विवाद के अंतिम निपटारे तक रक्षा विभाग का प्रतिबंध लागू नहीं किया जा सकता। इसका मतलब है कि अमेरिकी सरकारी एजेंसियां और सेना से जुड़े संगठन फिलहाल Anthropic की सेवाओं का उपयोग जारी रख सकते हैं, जबकि कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। AI उद्योग के लिए बड़ा संकेत Claude Fable 5 पर लगी यह अस्थायी रोक AI उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है। जैसे-जैसे AI मॉडल अधिक शक्तिशाली होते जा रहे हैं, वैसे-वैसे राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और नियामकीय नियंत्रण को लेकर सरकारों की निगरानी भी बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में उन्नत AI प्रणालियों के लिए सख्त सुरक्षा मानकों और सरकारी समीक्षा प्रक्रियाओं की मांग और तेज हो सकती है।  

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क्लीन एनर्जी के लिए भी साझेदारी नई दिल्ली, एजेंसियां। मेटा भारत में अपना पहला एआई-इनेबल्ड डेटा सेंटर बनाने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी कर रही है। इस पार्टनरशिप के तहत गुजरात के जामनगर में 168 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर तैयार किया जाएगा, जिसे दो साल के भीतर डिलीवर करने का लक्ष्य है। इस साझेदारी के तहत रिलायंस जामनगर में डेटा सेंटर को पूरी तरह से विकसित करेगी। रिलायंस प्रोजेक्ट के लिए डिजाइन, कंस्ट्रक्शन, यूटिलिटी मैनेजमेंट, रिन्यूएबल पावर, नेटवर्क कनेक्टिविटी और मैनेज्ड सर्विसेज सहित एंड-टू-एंड सर्विसेज देगी। भारत वैश्विक एआई क्रांति में सबसे आगे रहने को तैयार रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, "मेटा के साथ यह साझेदारी भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बदलावकारी पल है। मेटा का भारत का पहला बिल्ट-टू-सूट डेटा सेंटर बनाना यह दर्शाता है कि भारत वैश्विक एआई क्रांति में सबसे आगे रहने के लिए तैयार है। जामनगर हाइपरस्केल एआई कंप्यूटिंग के लिए एक लैंडमार्क डेस्टिनेशन बनेगा।" मेटा के फाउंडर और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा, "हमें भारत में अपना पहला एआई-इनेबल्ड डेटा सेंटर बनाने के लिए रिलायंस के साथ काम करने पर गर्व है। जामनगर की यह वर्ल्ड-क्लास फैसिलिटी हमें ग्लोबल लेवल पर अपने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और भारत की इकोनॉमी में हमारे लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट को गहरा करने में मदद करेगी।"

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Windmill AC: बोरिंग विंडो एसी को कहें अलविदा, स्टाइल और कूलिंग का शानदार कॉम्बिनेशन

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