टैरो राशिफल 5 अगस्त 2026: हर अवसर तुरंत दस्तक देकर सामने नहीं आता और हर चुनौती नुकसान का संकेत नहीं होती। कई बार दिन का सबसे महत्वपूर्ण संदेश किसी छोटी घटना, बातचीत या अनुभव के भीतर छिपा होता है। 5 अगस्त के टैरो कार्ड संकेत दे रहे हैं कि कुछ राशियों के रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं, कुछ लोगों को रिश्तों में नई स्पष्टता मिल सकती है, जबकि कुछ के लिए धैर्य और सही समय का इंतजार सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। करियर, धन, प्रेम, परिवार और व्यक्तिगत फैसलों के लिहाज से आज का दिन कई तरह के संकेत लेकर आया है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज कौन-से टैरो कार्ड क्या संदेश दे रहे हैं। मेष टैरो राशिफल: पुराने अनुभव से मिलेगा नया सबक टैरो कार्ड: Six of Cups, King of Swords (Reversed), Nine of Pentacles मेष राशि वालों के सामने आज कोई पुरानी याद, अधूरी बातचीत या पहले का अनुभव दोबारा आ सकता है। हालांकि इस बार परिस्थितियों को देखने का आपका नजरिया पहले जैसा नहीं रहेगा। पुराने अनुभव आपको बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में किसी की बात को बिना जांचे सच मानने के बजाय अपनी समझ और अनुभव पर भरोसा करें। आर्थिक या निजी उपलब्धि से जुड़ी कोई अच्छी खबर दिन के दूसरे हिस्से में मिल सकती है। आज की सलाह: पुराने अनुभवों को बोझ नहीं, बल्कि सीख बनाकर आगे बढ़ें। वृषभ टैरो राशिफल: धैर्य से बदलेगी तस्वीर टैरो कार्ड: Ace of Cups, Seven of Wands, Wheel of Fortune (Reversed) वृषभ राशि वालों के लिए आज नई शुरुआत की इच्छा मजबूत रह सकती है, लेकिन परिस्थितियां आपकी गति को थोड़ा धीमा कर सकती हैं। इसे रुकावट समझने की जरूरत नहीं है। कार्यक्षेत्र में आपको अपनी बात और मेहनत का मजबूती से बचाव करना पड़ सकता है। यदि आपके काम पर सवाल उठते हैं तो बहस करने के बजाय आपका प्रदर्शन जवाब देगा। परिवार या किसी करीबी के साथ बातचीत से शाम तक मन को सुकून मिल सकता है। कुछ काम तय समय से देर से पूरे होंगे, लेकिन उनका परिणाम आपकी उम्मीद से बेहतर हो सकता है। आज की सलाह: देरी को रुकावट न समझें, कई बार सही समय आने में थोड़ा वक्त लगता है। मिथुन टैरो राशिफल: अब पीछे नहीं, आगे देखिए टैरो कार्ड: Three of Swords (Reversed), Queen of Pentacles, The Magician पिछले दिनों की निराशा या किसी मनमुटाव से बाहर निकलने का आज अच्छा अवसर मिल सकता है। आप खुद को पहले से ज्यादा मजबूत और स्पष्ट महसूस करेंगे। करियर और आर्थिक मामलों में अपनी क्षमता दिखाने का समय है। अगर किसी नए काम की योजना बना रहे हैं तो पहल करने से पीछे न हटें। आपकी व्यावहारिक सोच और तैयारी अच्छे परिणाम दे सकती है। दिन के दूसरे हिस्से में कोई ऐसा अवसर सामने आ सकता है जो लंबे समय तक लाभ देगा। आज की सलाह: जो बीत गया, उसे पीछे छोड़कर नए भरोसे के साथ आगे बढ़ें। कर्क टैरो राशिफल: बदलाव को खुले मन से अपनाएं टैरो कार्ड: Knight of Wands, Four of Pentacles (Reversed), The Star कर्क राशि वालों के भीतर आज कुछ नया करने की इच्छा तेज हो सकती है। लंबे समय से जिस योजना को केवल सोच रहे थे, उस पर काम शुरू करने का समय आ सकता है। पुराने डर, संकोच या हर चीज को नियंत्रित रखने की आदत छोड़ेंगे तो नए अवसर दिखाई देने लगेंगे। दिन के दूसरे हिस्से में कोई अच्छी खबर या सकारात्मक संकेत आपका उत्साह बढ़ा सकता है। आज की सलाह: जहां उम्मीद दिखाई दे, वहां पहला कदम उठाने में देर न करें। सिंह टैरो राशिफल: जल्दबाजी से बचें, जवाब मिल जाएगा टैरो कार्ड: Ten of Wands, Page of Cups, Justice (Reversed) सिंह राशि वालों को आज जिम्मेदारियां कुछ अधिक महसूस हो सकती हैं। कई काम एक साथ ध्यान मांग सकते हैं, इसलिए हर काम खुद संभालने के बजाय प्राथमिकताएं तय करना जरूरी होगा। कार्यक्षेत्र में कोई नई जानकारी या प्रस्ताव सामने आ सकता है। हालांकि, किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी स्थिति को समझना बेहतर रहेगा। दिन के दूसरे हिस्से में किसी पुराने मामले को लेकर चल रही उलझन कम हो सकती है। धैर्य बनाए रखेंगे तो दिन का अंत संतोषजनक रह सकता है। आज की सलाह: हर सवाल का जवाब उसी समय देना जरूरी नहीं होता। कन्या टैरो राशिफल: मेहनत से बनेगी अलग पहचान टैरो कार्ड: Eight of Pentacles, The Hanged Man, Queen of Wands आज कन्या राशि वालों का ध्यान अपने काम को बेहतर बनाने पर रहेगा। जिस लक्ष्य के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं, उसमें जल्दबाजी के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा। अगर कोई काम उम्मीद से धीमा चल रहा है तो उसे असफलता न मानें। कभी-कभी रुककर परिस्थितियों को समझना सही दिशा चुनने में मदद करता है। दिन के दूसरे हिस्से में आपकी मेहनत और आत्मविश्वास लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। किसी नए विचार पर काम शुरू करने का मौका भी मिल सकता है। आज की सलाह: धैर्य और निरंतर मेहनत का साथ न छोड़ें। तुला टैरो राशिफल: निराशा से निकलकर आगे बढ़ें टैरो कार्ड: Five of Cups, Knight of Pentacles, The Sun किसी पुरानी निराशा या अधूरे काम को लेकर आज मन थोड़ा भारी रह सकता है। लेकिन जो नहीं हुआ, उसी पर अटके रहने के बजाय अपने हाथ में मौजूद अवसरों पर ध्यान देना बेहतर होगा। कार्यक्षेत्र में आपकी लगन और अनुशासन धीरे-धीरे सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं। दिन के दूसरे हिस्से में अच्छी खबर, सराहना या परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न होगा। आज की सलाह: जो नहीं मिला, उससे ज्यादा उस पर ध्यान दें जो आज आपके पास है। वृश्चिक टैरो राशिफल: नए रास्ते पर भरोसा रखें टैरो कार्ड: Two of Pentacles (Reversed), King of Cups, The Fool वृश्चिक राशि वालों के सामने आज कई जिम्मेदारियां एक साथ आ सकती हैं। इससे मानसिक दबाव महसूस हो सकता है। हर काम एक साथ पूरा करने की कोशिश करने के बजाय प्राथमिकता तय करके आगे बढ़ें। कार्यक्षेत्र में आपका शांत स्वभाव और समझदारी किसी कठिन परिस्थिति को संभालने में मदद कर सकती है। दिन के दूसरे हिस्से में कोई नया अवसर या विचार सामने आ सकता है। अगर लंबे समय से किसी बदलाव के बारे में सोच रहे थे तो आज पहला कदम उठाने का साहस मिल सकता है। आज की सलाह: नई शुरुआत से पहले हर सवाल का जवाब मिलना जरूरी नहीं होता। धनु टैरो राशिफल: छोटी शुरुआत बड़ा रास्ता खोल सकती है टैरो कार्ड: Four of Swords, Ace of Pentacles, Nine of Wands (Reversed) पिछले कुछ दिनों की भागदौड़ के बाद आज मन को थोड़ा आराम चाहिए। खुद पर लगातार दबाव डालने के बजाय अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाएं। करियर या आर्थिक मामलों में कोई नया अवसर सामने आ सकता है। शुरुआत छोटी लग सकती है, लेकिन यही कदम भविष्य में बड़े लाभ का आधार बन सकता है। दिन के दूसरे हिस्से में कोई रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है या किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से सकारात्मक बातचीत हो सकती है। आज की सलाह: खुद को आराम देने में संकोच न करें, क्योंकि थका हुआ मन सही निर्णय लेने में मुश्किल महसूस करता है। मकर टैरो राशिफल: अधूरी तस्वीर देखकर फैसला न लें टैरो कार्ड: Seven of Cups, Death (Reversed), Three of Pentacles मकर राशि वालों के सामने आज कई विकल्प आ सकते हैं। लेकिन हर अवसर आपके लिए सही हो, यह जरूरी नहीं है। किसी प्रस्ताव या नई योजना को लेकर असमंजस हो सकता है। कार्यक्षेत्र में टीम के साथ मिलकर काम करना बेहतर परिणाम दे सकता है। दूसरों की राय सुनें, लेकिन अंतिम निर्णय अपनी समझ और तथ्यों के आधार पर लें। शाम तक लंबे समय से चली आ रही किसी उलझन की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। आज की सलाह: बदलाव से डरने के बजाय उसमें छिपे अवसर को पहचानने की कोशिश करें। कुंभ टैरो राशिफल: अपनी दिशा खुद तय करनी होगी टैरो कार्ड: Six of Wands (Reversed), The Moon, Page of Swords कुंभ राशि वालों को आज दूसरों की राय या उनकी उपलब्धियां अपने फैसलों को प्रभावित करने से रोकना होगा। बार-बार खुद की तुलना करने से आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में कोई नई जानकारी या अप्रत्याशित बदलाव सामने आ सकता है। सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा करने के बजाय तथ्यों की जांच करें। दिन के दूसरे हिस्से में किसी बातचीत, संदेश या मुलाकात से नई सोच मिल सकती है। छोटी-सी जानकारी भी भविष्य के किसी महत्वपूर्ण निर्णय में उपयोगी साबित हो सकती है। आज की सलाह: दूसरों की राह देखकर नहीं, अपनी मंजिल देखकर कदम बढ़ाएं। मीन टैरो राशिफल: धैर्य और समझदारी दिलाएंगे सफलता टैरो कार्ड: Ten of Pentacles, Strength, Five of Swords (Reversed) मीन राशि वालों के लिए आज परिवार, करियर और आर्थिक मामलों में स्थिरता का एहसास हो सकता है। पिछले दिनों की मेहनत अब धीरे-धीरे परिणाम देने लगेगी। अगर किसी रिश्ते या काम में मतभेद चल रहे थे तो उन्हें सुलझाने का अच्छा अवसर मिल सकता है। अपनी बात शांत तरीके से रखेंगे तो सामने वाला भी आपको बेहतर समझ सकेगा। दिन के दूसरे हिस्से में किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह या परिवार का सहयोग आत्मविश्वास बढ़ा सकता है। आज असली जीत किसी बहस में नहीं, बल्कि रिश्तों और काम के बीच संतुलन बनाए रखने में है। आज की सलाह: जहां बातचीत से समाधान निकल सकता हो, वहां अहंकार को बीच में न आने दें। आज का टैरो संदेश 5 अगस्त का टैरो राशिफल संकेत देता है कि आज धैर्य, आत्मविश्वास, संवाद और बदलाव को स्वीकार करने की क्षमता कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। वृषभ के लिए धैर्य, वृश्चिक के लिए नई शुरुआत और कन्या के लिए मेहनत खास संदेश लेकर आई है। वहीं कुंभ राशि वालों को दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी दिशा पर भरोसा रखना होगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।