उत्तराखंड

चमोली में गोशाला के पास मिला नवजात
चमोली में गोशाला के पास मिला नवजात, मुंह में रबर ठूंसी; समय पर इलाज मिलने से बची जान

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कोतवाली क्षेत्र के रांगतोली गांव में एक गोशाला के पास नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला। उसके मुंह में रबर ठूंसी हुई थी। समय रहते ग्रामीणों और पुलिस की मदद से नवजात को अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उसकी जान बच गई। फिलहाल बच्चे का इलाज चल रहा है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।   महिला की नजर पड़ी, ग्रामीणों ने दी पुलिस को सूचना     जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह एक महिला गोशाला की ओर जा रही थी, तभी उसकी नजर नवजात पर पड़ी। महिला ने तुरंत ग्राम प्रधान संतोष गुसाईं और ग्राम प्रहरी को सूचना दी। इसके बाद ग्राम प्रधान ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी।     मुंह में ठूंसी थी रबर, सांसें चलती मिलीं     ग्राम प्रधान के अनुसार, जब वे मौके पर पहुंचे तो नवजात के मुंह में बाल बांधने वाली रबर ठूंसी हुई थी। रबर निकालने पर पता चला कि बच्चे की सांसें चल रही हैं। इसके बाद पुलिस ने तत्काल नवजात को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बाल कल्याण समिति (CWC) की निगरानी में बेस अस्पताल श्रीकोट रेफर कर दिया गया।     ग्रामीणों में आक्रोश, कड़ी कार्रवाई की मांग     घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों और स्थानीय महिलाओं ने इस घटना को बेहद अमानवीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि किसी नवजात को इस तरह असहाय अवस्था में छोड़ना गंभीर अपराध है।     पुलिस ने शुरू की जांच     पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नवजात को वहां छोड़ने वाले व्यक्ति या लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। आसपास के क्षेत्र के लोगों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 7, 2026 0
उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन
उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी, 132 सड़कें बंद; कई नदियां चेतावनी स्तर पर

देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। राज्यभर में भूस्खलन के कारण 132 सड़कें बंद हैं, जबकि गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर चेतावनी रेखा के करीब या उससे ऊपर पहुंच गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।   इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट   मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।   132 सड़कें बंद, हाईवे बार-बार हो रहे बाधित   राज्य में भूस्खलन और मलबा गिरने से चार राष्ट्रीय राजमार्ग, चार स्टेट हाईवे और कुल 132 सड़कें बंद हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिले चमोली, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ हैं। लोक निर्माण विभाग बंद मार्गों को खोलने में जुटा है, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।   गंगा समेत कई नदियां चेतावनी स्तर पर   हरिद्वार में गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा पार कर 293.30 मीटर दर्ज किया गया। ऋषिकेश में गंगा चेतावनी स्तर से 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जिससे त्रिवेणी घाट और परमार्थ निकेतन का आरती स्थल जलमग्न हो गया है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी, जबकि चमोली में अलकनंदा, नंदाकिनी और पिंडर नदियां भी चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई हैं।   गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे पर परेशानी   उत्तरकाशी जिले में लगातार मलबा और पत्थर गिरने से गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बार-बार बंद हो रहे हैं। कई स्थानों पर यात्रियों और कांवड़ियों को जोखिम उठाकर रास्ता पार करना पड़ा। जिले की 13 सड़कें अभी भी बाधित हैं।   प्रशासन अलर्ट मोड पर   मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने, नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखने और डैम या बैराज से पानी छोड़े जाने की स्थिति में समय रहते अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी सुरक्षा, चिकित्सा और यातायात व्यवस्था मजबूत रखने को कहा गया है।   भिलंगना में स्कूल बंद, ऑनलाइन पढ़ाई   लगातार बारिश और क्षतिग्रस्त मार्गों को देखते हुए टिहरी जिले के भिलंगना विकासखंड में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

ranjan kumar tiwari अगस्त 7, 2026 0
Uttarakhand Heavy Rain
उत्तराखंड में भारी बारिश से नदियां उफान पर, 8 जिलों में हाई अलर्ट

देहरादून, रुद्रप्रयाग समेत कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा; प्रशासन ने चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की   देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राज्य की कई नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी समेत 8 जिलों के लिए भारी बारिश और फ्लैश फ्लड का हाई अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने एसडीआरएफ, पुलिस और अन्य राहत एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।   भूस्खलन से सड़कें प्रभावित   लगातार बारिश के चलते कई पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। कई संपर्क मार्ग बाधित हुए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।   चारधाम यात्रा पर भी असर   खराब मौसम को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। राहत एवं बचाव दलों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।   प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी   राज्य सरकार ने निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। स्कूलों, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

abhishek singh जुलाई 31, 2026 0
हल्द्वानी हिंसा मामले में मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की जमानत बरकरार रखते हुए सुप्रीम कोर्ट का फैसला
हल्द्वानी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अब्दुल मलिक की जमानत बरकरार

उत्तराखंड सरकार की याचिका खारिज, हिंसा मामले में मुख्य आरोपी को मिली राहत   नई दिल्ली, एजेंसियां। सुप्रीम कोर्ट ने हल्द्वानी हिंसा के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक को मिली जमानत के खिलाफ उत्तराखंड सरकार की याचिका खारिज कर दी है। शीर्ष अदालत ने नैनीताल हाईकोर्ट के जमानत आदेश में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि इस स्तर पर जमानत रद्द करने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है।   सरकार ने जमानत रद्द करने की मांग की थी   उत्तराखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी थी कि अब्दुल मलिक हल्द्वानी हिंसा का प्रमुख आरोपी है और उसकी रिहाई से जांच व कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को बरकरार रखा।   क्या है मामला?   फरवरी 2024 में हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस घटना में पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए थे, जबकि सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा था। मामले में अब्दुल मलिक सहित कई लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।   जांच और मुकदमे की प्रक्रिया जारी   सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद मामले की जांच और ट्रायल जारी रहेगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है और मुकदमे के दौरान सभी साक्ष्यों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 31, 2026 0
Char Dham Yatra
चारधाम यात्रा पर दो दिन का ब्रेक, भारी बारिश और भूस्खलन के चलते रोकी गई यात्रा

सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन का फैसला   देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और कई जगहों पर भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया है। मौसम की स्थिति सामान्य होने और मार्गों की जांच के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा।   कई मार्गों पर बढ़ा खतरा   भारी बारिश के कारण उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त, मलबा आने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम जाने वाले कई रास्तों पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।   यात्रियों से की गई अपील   प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा की योजना बनाएं और बिना अनुमति जोखिम वाले मार्गों पर आगे न बढ़ें। पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं।   राहत और बचाव टीम अलर्ट पर   बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमें तैनात हैं। जहां भी सड़क बंद होने या मलबा आने की सूचना मिल रही है, वहां मार्ग खोलने का काम किया जा रहा है।   मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट   मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों व भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

abhishek singh जुलाई 29, 2026 0
IMD Heavy Rain
IMD का कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात, राजस्थान और कोंकण के लिए विशेष चेतावनी जारी

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से गुजरात, राजस्थान, कोंकण एवं गोवा में तेज बारिश, जलभराव और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।   कई राज्यों में ऑरेंज और रेड अलर्ट   IMD के अनुसार, गुजरात के कई जिलों, दक्षिणी राजस्थान और कोंकण क्षेत्र में अत्यधिक बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों के लिए रेड अलर्ट जबकि अन्य क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और यातायात प्रभावित होने की संभावना है।   पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा   उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका जताई है। स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रखने के निर्देश दिए गए हैं।   लोगों को सतर्क रहने की सलाह   IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है। प्रशासन को भी संभावित आपदा से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है। अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है।

abhishek singh जुलाई 22, 2026 0
Rahul Gandhi
राहुल गांधी आज देहरादून में 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत युवाओं से करेंगे संवाद, पेपर लीक समेत शिक्षा के मुद्दों पर होगी चर्चा

देहरादून, एजेंसियां। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, बेरोज़गारी, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य देशभर के छात्रों की समस्याओं को सुनकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।   पेपर लीक को लेकर सरकार पर हमला   कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि "यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की चोरी है।" उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाली परीक्षा अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार इस समस्या पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।   छात्रों से सीधे संवाद करेंगे राहुल   कांग्रेस नेताओं के अनुसार, राहुल गांधी कार्यक्रम के दौरान छात्रों के सवालों का जवाब देंगे और भर्ती परीक्षाओं, रोजगार के अवसरों तथा शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनके सुझाव भी सुनेंगे। अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में ऐसे संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि युवाओं की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया जा सके।   राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा कार्यक्रम   विश्लेषकों के अनुसार, उत्तराखंड में आयोजित यह कार्यक्रम केवल छात्र संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे कांग्रेस के युवा संपर्क अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। आगामी राजनीतिक गतिविधियों और संसद के मानसून सत्र से पहले यह कार्यक्रम युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Kedarnath Highway
केदारनाथ हाईवे पर भूस्खलन से यातायात ठप, सोनप्रयाग के पास सड़क बंद; यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया

देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग एक बार फिर प्रभावित हो गया है। सोनप्रयाग के पास हुए भूस्खलन के चलते हाईवे पर मलबा आ गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी है तथा सड़क साफ होने तक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जा रहा है।   बारिश बनी बड़ी वजह   लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ों से भारी मात्रा में पत्थर और मलबा सड़क पर आ गया। इससे केदारनाथ यात्रा का प्रमुख मार्ग बाधित हो गया। सीमा सड़क संगठन (BRO), लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने के काम में जुटी हैं।   श्रद्धालुओं से यात्रा टालने की अपील   प्रशासन ने यात्रियों से मौसम सामान्य होने तक यात्रा शुरू न करने और केवल आधिकारिक सूचना मिलने के बाद ही आगे बढ़ने की अपील की है। सोनप्रयाग, गुप्तकाशी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, जबकि प्रभावित मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।   IMD का अलर्ट, सावधानी बरतने की सलाह   भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई पर्वतीय जिलों में अगले 24–48 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से मौसम अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
HANUMAN ANSH
'हनुमान अंश' के टीजर में दिखी नीम करोली बाबा की आध्यात्मिक यात्रा, 31 जुलाई को रिलीज होगी फिल्म

मुंबई, एजेंसियां। नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक शिक्षाओं पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' का टीजर रिलीज कर दिया गया है। टीजर में बाबा के जीवन, उनकी भक्ति, सेवा और मानवता के संदेश को भावनात्मक अंदाज में दिखाया गया है। मेकर्स का दावा है कि यह फिल्म सिर्फ एक बायोपिक नहीं, बल्कि आस्था और आध्यात्मिक अनुभव की कहानी है। फिल्म 31 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।   टीजर में कैंची धाम से लेकर दुनियाभर के भक्तों की झलक   टीजर में उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम और नीम करोली बाबा की आध्यात्मिक यात्रा को दिखाया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि बाबा की शिक्षाओं से दुनियाभर के लोग प्रेरित हुए। टीजर में एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स और मेटा के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग का भी जिक्र है, जिन्होंने कैंची धाम से जुड़े अपने अनुभव साझा किए थे।   आस्था, सेवा और मानवता पर आधारित है कहानी   फिल्म का निर्देशन और लेखन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। इसमें शोभिना डब्ल्यू. सत्या, विहान एस. हेगड़े, चंदन आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल के. रस्तोगी और गुलशन पांडे प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। मेकर्स के अनुसार फिल्म का उद्देश्य नीम करोली बाबा के जीवन से जुड़े आध्यात्मिक संदेश—प्रेम, सेवा, विनम्रता और मानव कल्याण—को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।   टीजर को मिला सकारात्मक रिस्पॉन्स   टीजर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे अच्छा प्रतिक्रिया मिल रहा है। बाबा के भक्तों और दर्शकों ने फिल्म के विषय और प्रस्तुति की सराहना की है। अब दर्शकों को 31 जुलाई को फिल्म की रिलीज का इंतजार है, जब नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित यह कहानी बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगी।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
Badrinath Dham
राम मंदिर के बाद अब बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी? कई कर्मचारियों को भेजा गया नोटिस

देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो और पत्र वायरल होने के बाद मंदिर समिति ने इसे गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।   सीसीटीवी फुटेज की हो रही जांच बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि 2 जुलाई से वायरल हो रहे दावों के आधार पर मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई गई। हालांकि उपलब्ध फुटेज पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जानकारी तत्काल समिति के अध्यक्ष को दी गई। अब जांच समिति उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और संबंधित कर्मचारियों के बयानों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।   दोषी पाए जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर किए जा रहे उस दावे का भी खंडन किया, जिसमें एक कर्मचारी को उनका निजी सचिव बताया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है, न कि उनका निजी सचिव। अध्यक्ष ने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या चढ़ावे में गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कानून और सेवा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।   अफवाहों से बचने की अपील मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें। समिति का कहना है कि बदरीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए तथ्यों की पुष्टि होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami operates a tiller and spreads organic manure in his farm with his mother.
सीएम धामी ने खेत में खुद चलाया टिलर, जैविक और पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने का दिया संदेश

  देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने आवास नगला तराई स्थित खेत में स्वयं टिलर चलाकर खेती की जुताई की। इस दौरान उन्होंने खेत में गोबर की खाद भी डाली और किसानों को जैविक एवं पारंपरिक खेती अपनाने का संदेश दिया। उनके साथ उनकी मां बिशना देवी भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री धामी की खेत में काम करते हुए तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। 'खेती भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा' खेत में जुताई करने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा है। उन्होंने कहा, "आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक और प्राकृतिक खेती को अपनाकर कृषि को अधिक समृद्ध, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है।" गोबर खाद और प्राकृतिक खेती पर दिया जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि गोबर की खाद जैसी प्राकृतिक पद्धतियां न केवल भूमि की उर्वरता बढ़ाती हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और जैविक तथा प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाने की अपील की। धामी ने कहा, "प्राकृतिक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है, उत्पादन अधिक सुरक्षित बनता है और किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलता है।" किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने और जैविक उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। कृषि और प्रकृति से जुड़ी है उत्तराखंड की पहचान सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान कृषि, ग्रामीण संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ी हुई है। राज्य सरकार पारंपरिक खेती, बागवानी, प्राकृतिक कृषि और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। युवाओं को खेती से जोड़ने की जरूरत मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज के समय में युवा पीढ़ी को खेती और ग्रामीण विकास से जोड़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और नवाचार के जरिए कृषि क्षेत्र को रोजगार और उद्यमिता का मजबूत माध्यम बनाया जा सकता है। उन्होंने किसानों और युवाओं से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाकर उत्तराखंड को कृषि के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का आह्वान किया।  

Deepshikha जून 16, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Security personnel conduct a search operation after a terror attack in Jammu and Kashmir's Kulgam district.
राष्ट्रीय

जम्मू-कश्मीर में 10 दिन में दूसरा आतंकी हमला, तीन की मौत; सुरक्षा व्यवस्था और सख्त

kalpana अगस्त 1, 2026 0