Jharkhand Weather News: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के असर से झारखंड में बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग ने शुक्रवार को रांची समेत राज्य के आठ जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं, छह जिलों में बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन 8 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को रांची, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश हो सकती है. वहीं पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में बारिश के साथ वज्रपात की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. 15 अगस्त को भी कई जिलों में भारी बारिश स्वतंत्रता दिवस के दिन भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा. गढ़वा, पलामू, चतरा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. रांची समेत राज्य के अन्य जिलों में आसमान में बादल छाये रहने और कुछ जगहों पर मध्यम बारिश होने की संभावना जतायी गयी है. 16 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 16 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश हो सकती है. रांची समेत अन्य जिलों में बादल छाये रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. खूंटी में सबसे ज्यादा बारिश गुरुवार को राज्य में सबसे अधिक 52 मिमी बारिश खूंटी में दर्ज की गयी. वहीं रांची में 12 मिमी बारिश हुई. राजधानी में देर रात तक बारिश होती रही. बारिश के बीच लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र के चीरो गांव में वज्रपात की घटना में खेत में धनरोपनी के लिए गयी 25 वर्षीय कलतिया देवी की मौत हो गयी. राज्य में अब भी 21 फीसदी कम बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में अब तक सामान्य से 21 प्रतिशत कम बारिश हुई है. रांची में भी बारिश सामान्य से 10 प्रतिशत कम है. हालांकि पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 26 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गयी है. मौसम विभाग ने भारी बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है.
पटना: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। राजधानी पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में गुरुवार को बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। मौसम में बदलाव के साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवा और अचानक तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बारिश की गतिविधि पूरे बिहार में एक जैसी नहीं रहेगी। कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर थोड़े समय के लिए तेज बारिश होने की संभावना है। ऐसे में घर से निकलने वाले लोगों को अपने इलाके का स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखना चाहिए। पटना में बारिश के साथ बदलेगा मौसम राजधानी पटना में 13 अगस्त को बादल और बारिश का असर देखने को मिल सकता है। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहने की स्थिति बन सकती है और दिन के अलग-अलग समय पर बारिश हो सकती है। बारिश के कारण तापमान में कुछ गिरावट से गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ने से उमस भी परेशान कर सकती है। ऐसे में बाहर निकलने वाले लोगों के लिए छाता या रेनकोट साथ रखना बेहतर रहेगा। इन जिलों में भी बारिश के आसार उत्तर बिहार के कई जिलों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रह सकती हैं। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, अररिया, किशनगंज और पूर्णिया में बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा मध्य और दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में भी बादल छाने और बारिश होने की संभावना है। हालांकि, बारिश की तीव्रता जिले-दर-जिले अलग हो सकती है। तेज बारिश से इन इलाकों में बढ़ सकती है परेशानी जहां कम समय में तेज बारिश होगी, वहां निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या सामने आ सकती है। शहरों में सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होने और फिसलन बढ़ने की संभावना रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों और कच्ची सड़कों पर बारिश का असर पड़ सकता है। इसलिए जरूरी काम से निकलने वालों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए। आकाशीय बिजली और तेज हवा को लेकर रहें सावधान बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा को देखते हुए सावधानी बेहद जरूरी है। अगर अचानक बिजली चमकने लगे या तेज हवा चलने लगे तो खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी आकाशीय बिजली के दौरान विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहना सबसे बेहतर विकल्प है। किसानों के लिए भी अहम है मौसम बिहार में खरीफ फसलों के लिए मानसून की बारिश बेहद महत्वपूर्ण है। धान समेत कई फसलों के लिए पर्याप्त नमी जरूरी होती है। हालांकि, कम समय में बहुत अधिक बारिश होने पर खेतों में पानी जमा होने की समस्या भी पैदा हो सकती है। ऐसे में किसानों को अपने क्षेत्र के मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखते हुए खेती से जुड़े जरूरी काम करने चाहिए। अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर बिहार में मौसम का यह बदलाव सिर्फ एक दिन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, मौसम का असर हर जिले में अलग-अलग हो सकता है। इसलिए पूरे बिहार के लिए एक जैसा मौसम मानने के बजाय अपने जिले का ताजा स्थानीय पूर्वानुमान देखना ज्यादा उपयोगी रहेगा। कुल मिलाकर, पटना समेत बिहार के कई जिलों में आज बारिश से गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन तेज बौछार, आंधी और आकाशीय बिजली के दौरान सावधानी जरूरी है। घर से निकलने से पहले मौसम का अपडेट जरूर जांचें।
रांची: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मॉनसून के कारण झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है. मौसम विभाग ने 13 से 15 अगस्त के बीच राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है. कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. 13 अगस्त को इन जिलों में बारिश का अलर्ट 13 अगस्त को रांची, गुमला, खूंटी, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, बोकारो, लोहरदगा, गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में बारिश की संभावना है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. 14 अगस्त को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट 14 अगस्त को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में तेज हवा, वज्रपात के साथ भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं रांची, रामगढ़, हजारीबाग, खूंटी और बोकारो में भी तेज हवा, वज्रपात और भारी बारिश की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट है. 15 और 16 अगस्त को भी बारिश के आसार 15 अगस्त को रांची में बारिश अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. 16 अगस्त को खूंटी, रांची के कुछ हिस्सों, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश की संभावना जतायी गयी है. झारखंड में सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 1 जून से 12 अगस्त तक झारखंड में सामान्य से 21 प्रतिशत कम बारिश हुई है. वहीं राजधानी रांची में बारिश सामान्य से 9 प्रतिशत कम रही है. पश्चिमी सिंहभूम में स्थिति अलग है, जहां सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गयी है.
बिहार में मॉनसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर जरूर हुई हैं, लेकिन मौसम पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। बुधवार, 12 अगस्त को राज्य के 18 जिलों में आंधी, गरज-चमक और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इन जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि अगले 24 घंटे के दौरान बिहार के किसी भी हिस्से में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। 18 जिलों में आंधी और वज्रपात का येलो अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरजते बादलों के साथ बिजली चमकने और करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। सीमावर्ती और उत्तर-पूर्वी इलाकों में कुछ जगहों पर बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक रह सकती हैं। हालांकि फिलहाल राज्य में व्यापक स्तर पर भारी बारिश की स्थिति के संकेत नहीं हैं। पटना में कैसा रहेगा मौसम? राजधानी पटना में बुधवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन तेज या लगातार बारिश की संभावना कम बताई गई है। पटना में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। ऐसे में बादल छाए रहने के बावजूद लोगों को उमस और गर्मी से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मॉनसून कमजोर पड़ा तो बढ़ा तापमान मंगलवार को बिहार में मॉनसून की गतिविधियां कमजोर रहने का असर तापमान पर भी दिखाई दिया। कई जिलों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुपौल मंगलवार को राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा पटना, समस्तीपुर, नालंदा, वाल्मीकि नगर, छपरा, मोतिहारी, सीवान, वैशाली, अरवल, कैमूर, औरंगाबाद, गया, शेखपुरा, मुंगेर, मधेपुरा, पूर्णिया और अररिया समेत कई जिलों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। भारी बारिश नहीं, लेकिन बिजली का खतरा बरकरार मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में मॉनसूनी गतिविधियां कमजोर रह सकती हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। स्थानीय स्तर पर बादल बनने के कारण अचानक आंधी, बारिश और वज्रपात की स्थिति पैदा हो सकती है। खासकर किसानों, खेतों में काम करने वाले लोगों और खुले क्षेत्रों में रहने वालों को सावधानी बरतने की जरूरत है। गरज-चमक शुरू होने पर खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए और तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। बिहार में आज कैसा रहेगा मौसम? कुल मिलाकर बुधवार को बिहार का मौसम मिला-जुला रहने की संभावना है। राज्य में भारी बारिश से फिलहाल राहत रहेगी, लेकिन 18 जिलों में आंधी, तेज हवाओं और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। पटना समेत कई इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने के आसार हैं। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट और चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
Bihar Weather Today: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिख रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवा, मेघ गर्जन और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। मंगलवार को 13 जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना जताई गई है। वहीं, 13 से 16 अगस्त के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर आंधी और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना जरूरी होगा। 13 जिलों में तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट IMD पटना के पूर्वानुमान के मुताबिक मंगलवार को बिहार के 13 जिलों में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। उत्तर-पूर्वी बिहार में सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। वहीं दक्षिण-पश्चिम बिहार के बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल में भी मेघ गर्जन और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की गई है। हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अलर्ट वाले प्रत्येक जिले में बारिश या वज्रपात होना जरूरी नहीं है। स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर मौसम की गतिविधियों में बदलाव संभव है। आज कई इलाकों में बारिश की संभावना मंगलवार को बिहार के कई हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में मध्यम बारिश की भी संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक 10 से 12 अगस्त के बीच राज्य में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। इसके साथ ही 10 से 16 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर समेत मध्य एवं उत्तर बिहार के कई जिलों में मंगलवार को मौसम आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने की संभावना है। 13 से 16 अगस्त तक बढ़ेगी बारिश की गतिविधि आने वाले दिनों में बिहार में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 13, 14, 15 और 16 अगस्त को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। 13 अगस्त 13 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात हो सकता है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। 14 अगस्त 14 अगस्त को भी कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। मौसम की गतिविधि को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन भी बिहार में मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना कम है। 15 अगस्त को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा, मेघ गर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। 16 अगस्त 16 अगस्त को भी राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। हालांकि बारिश की तीव्रता और स्थान में बदलाव स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। 10 अगस्त को कई जिलों में हुई बारिश मौसम विभाग की 10 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार बिहार के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। बारिश और बादलों के कारण राज्य में तापमान में बहुत अधिक बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। अधिकतर जिलों में अधिकतम तापमान करीब 30 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। राजधानी पटना में भी मंगलवार को बादल और उमस के बीच अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश से AQI में सुधार की उम्मीद बारिश और तेज हवाओं का असर वायु गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है। बारिश वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषण के कुछ कणों को कम करने में मदद करती है। ऐसे में राज्य के कई शहरों में AQI यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक में अस्थायी सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और अन्य शहरों में AQI की स्थिति स्थानीय मौसम और प्रदूषण के स्तर के अनुसार अलग-अलग रह सकती है। वज्रपात के दौरान इन बातों का रखें ध्यान मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आंधी और वज्रपात के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें। खेतों में काम कर रहे लोग सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें। तालाब, नदी और अन्य जलाशयों से दूरी बनाए रखें। तेज हवा के दौरान बिजली के खंभों और तारों के पास न जाएं। संभव हो तो मौसम खराब होने के दौरान घर के अंदर ही रहें। बिहार में अगले कुछ दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बारिश के साथ तेज हवा और वज्रपात को लेकर जारी चेतावनी को हल्के में न लेना ही बेहतर होगा।
पटना: बिहार में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलता दिखाई दे रहा है। सोमवार सुबह राजधानी पटना समेत आसपास के कई इलाकों में आसमान में घने काले बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने राज्य के 12 जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए 15 अगस्त तक मौसम को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस दौरान बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और आंधी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। 12 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, अरवल, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और किशनगंज में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। 11 से 15 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 11 अगस्त को दक्षिण और मध्य बिहार के ज्यादातर हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। 12 अगस्त को भी राज्य के लगभग आधे हिस्से में मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है। उत्तर बिहार, सीमांचल और दक्षिण बिहार के कुछ जिलों में बारिश और आंधी का प्रभाव ज्यादा रहने की संभावना है। 13 अगस्त को मौसम की गतिविधियां और व्यापक हो सकती हैं। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, गोपालगंज, सीवान और सारण को छोड़कर राज्य के बाकी जिलों में येलो अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी है। 14 अगस्त को भी उत्तर बिहार, सीमांचल और दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में खराब मौसम का असर देखने को मिल सकता है। वहीं 15 अगस्त को पूरे बिहार के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी की गई है। कुछ जिलों में भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों को लेकर स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी। पिछले 24 घंटे में कई जिलों में हुई बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। मुंगेर, गोपालगंज समेत कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कई इलाकों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। दूसरी ओर पटना और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि सीमित रहने के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। राज्य में अधिकतम तापमान लगभग 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बिहार में अभी भी सामान्य की तुलना में करीब 35 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसके बावजूद राज्य के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है। इसकी एक बड़ी वजह नेपाल में हो रही भारी बारिश को बताया जा रहा है। नेपाल में लगातार बारिश के कारण बिहार की कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते नदी किनारे बसे इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बारिश कम, लेकिन बाढ़ का खतरा क्यों? बिहार में बारिश का वितरण समान नहीं रहा है। राज्य के कुछ हिस्सों में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है, जबकि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश का सीधा असर उत्तर बिहार की नदियों पर पड़ रहा है। नेपाल से निकलने वाली और उत्तर बिहार से गुजरने वाली कई नदियों में जलस्तर बढ़ने के कारण स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम के साथ-साथ नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखना जरूरी होगा। लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत आंधी और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी जाती है। किसानों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए खेतों में काम करने के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। फिलहाल बिहार में 15 अगस्त तक मौसम के उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना है। अलग-अलग जिलों में अलर्ट की स्थिति बदल सकती है, इसलिए स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की सलाह पर नजर रखना जरूरी है।
झारखंड में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 10 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दक्षिणी और मध्य झारखंड के कई जिलों के लिए भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर नहीं जाने की सलाह दी है। वज्रपात से दंपती की मौत गुरुवार को हुई बारिश के दौरान हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड के कंचनपुर गांव में वज्रपात की चपेट में आने से खेत में काम कर रहे बासुदेव महतो (51) और उनकी पत्नी दुलिया देवी (48) की मौत हो गई। यह घटना एक बार फिर मॉनसून के दौरान वज्रपात के बढ़ते खतरे को दर्शाती है। वहीं, राजधानी रांची में करीब 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। शहर का अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आज इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने 7 अगस्त के लिए राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें— गुमला खूंटी सिमडेगा पश्चिमी सिंहभूम पूर्वी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां शामिल हैं। इन जिलों में तेज बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं रांची सहित अन्य जिलों में दिनभर बादल छाए रहने और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। 8 अगस्त को भी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 8 अगस्त को भी दक्षिणी झारखंड के साथ गुमला और खूंटी जिलों में भारी बारिश हो सकती है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और मेघगर्जन की संभावना बनी रहेगी। 8 से 10 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार— 8 अगस्त: राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और मेघगर्जन। 9 अगस्त: कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक। 10 अगस्त: कई इलाकों में फिर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना। इन तीनों दिनों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में शरण न लें। खेतों में काम कर रहे किसान और खुले क्षेत्रों में मौजूद लोग वज्रपात की चेतावनी मिलने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। साथ ही स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट का पालन करने की सलाह दी गई है।
पटना: बिहार में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग (IMD) ने 34 जिलों के लिए आंधी, तेज बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने किशनगंज, बक्सर, भोजपुर, पटना, बेगूसराय, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया और नवादा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इन जिलों में येलो अलर्ट पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, अररिया, खगड़िया, भागलपुर, कटिहार, मुंगेर, बांका और जमुई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन जिलों में भारी बारिश का खतरा मौसम विभाग के अनुसार अररिया, किशनगंज, कटिहार और बक्सर में भारी बारिश की संभावना है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और वज्रपात का भी खतरा बना हुआ है। 10 अगस्त तक ऐसा ही रहेगा मौसम IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक पूरे बिहार में मौसम का यही रुख बना रहेगा। 7 अगस्त: उत्तर बिहार, कोसी-सीमांचल और दक्षिण बिहार के कई जिलों में तेज बारिश की संभावना। 8 अगस्त: खगड़िया, भागलपुर और मुंगेर को छोड़कर लगभग पूरे बिहार में बारिश का अनुमान। 9 अगस्त: उत्तर और मध्य बिहार के जिलों में खराब मौसम बना रहेगा। 10 अगस्त: उत्तर-पश्चिम और दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में बारिश और आंधी की संभावना बनी रहेगी। क्यों सक्रिय हुआ मॉनसून? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार के आसपास मॉनसूनी ट्रफ सक्रिय है और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी वाली पूर्वी हवाएं राज्य में पहुंच रही हैं। इसी कारण बादल तेजी से बन रहे हैं और कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। आने वाले दिनों में भी मॉनसून की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।
रांची: झारखंड में मानसून की सक्रियता के बीच भारी बारिश और वज्रपात ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित किया है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक 18 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या में हादसे खेतों में काम करने के दौरान हुए। मौसम विज्ञान केंद्र ने भी राज्य के कई हिस्सों में 8 अगस्त तक बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। ऐसे में खासकर खेतों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को मौसम साफ होने तक अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। दो से तीन घंटे की मूसलाधार बारिश मंगलवार दोपहर के बाद झारखंड के कई जिलों में अचानक तेज बारिश हुई। कई इलाकों में दो से तीन घंटे तक झमाझम बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कांके में करीब 76 मिमी, लोहरदगा में 46 मिमी और रांची में 35 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सिमडेगा में 23 मिमी, बोकारो में 12 मिमी, मेदिनीनगर में 10 मिमी और खूंटी में करीब 5 मिमी बारिश हुई। भारी बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं भी हुईं। खेतों में काम कर रहे लोगों पर टूटा कहर राज्य में हुई मौतों में बड़ी संख्या उन लोगों की है जो बारिश के दौरान खेतों में काम कर रहे थे। ग्रामीण इलाकों में धान रोपाई और खेती से जुड़े काम के दौरान अचानक बिजली गिरने से कई परिवारों ने अपने सदस्यों को खो दिया। पलामू के मोहम्मदगंज में 38 वर्षीय पुष्पा देवी की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं गढ़वा के रंका थाना क्षेत्र के सोनपुरवा गांव में 45 वर्षीय कदरून खातून की जान चली गई। लातेहार में भी वज्रपात से दो लोगों की मौत हुई है। सदर थाना क्षेत्र के जालिम निवासी शिवनाथ उरांव की मौत हो गई, जबकि होटवाग गांव में निर्मला देवी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। चंदवा प्रखंड के सुरली गांव में 18 वर्षीय उपेंद्र उरांव भी वज्रपात की चपेट में आ गए। दुमका और चतरा में भी हादसे दुमका के रामगढ़ क्षेत्र में धान रोपाई के दौरान गिदबन्ना गांव की 20 वर्षीय आलतामुनी मरांडी की मौत हो गई। इसके अलावा बाबूलाल हेंब्रम और रोहित कुंअर की भी खेत में काम करने के दौरान बिजली गिरने से मौत की जानकारी सामने आई है। इस घटना में कई अन्य लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की भी खबर है। चतरा के लावालौंग क्षेत्र के चानी गांव में 30 वर्षीय संजय भुईयां की भी वज्रपात से मौत हो गई। वहीं गिरिडीह में स्थिति और गंभीर रही। यहां ठनका गिरने की घटनाओं में चार किशोरों समेत 10 लोगों की मौत की खबर है, जबकि नौ लोग घायल हुए हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर मानसून के दौरान खुले खेतों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 8 अगस्त तक कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र ने 8 अगस्त तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है। 5 अगस्त: गढ़वा, पलामू, लातेहार, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश की चेतावनी है। रांची में भी एक-दो बार हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 6 अगस्त: रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और चतरा में भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। 7 अगस्त: रांची, खूंटी, सिमडेगा, लातेहार, लोहरदगा, चतरा, पलामू, गढ़वा, गुमला और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश और वज्रपात का खतरा बताया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए 8 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। वज्रपात के दौरान क्या सावधानी बरतें? बारिश के दौरान बिजली चमकने या गरज सुनाई देने पर खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे और ऊंचे स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। खेतों में काम कर रहे लोगों को मौसम बिगड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए और बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। 18 मौतों ने बढ़ाई चिंता झारखंड में वज्रपात से हुई 18 मौतें मानसून के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा की गंभीर चुनौती को सामने लाती हैं। आने वाले दिनों में भी कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी है। ऐसे में प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना और मौसम खराब होने पर खुले स्थानों से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
Jharkhand Weather Update: झारखंड में मानसून के सक्रिय रहने के बीच मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ वज्रपात का खतरा बढ़ गया है। रविवार को अलग-अलग घटनाओं में बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। इनमें रामगढ़, गिरिडीह, हजारीबाग और पतरातू क्षेत्र के लोग शामिल हैं। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची मौसम केंद्र ने अगले पांच दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। 4 से 6 अगस्त के बीच कुछ जिलों में 65 से 115 मिमी तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कई स्थानों पर मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वज्रपात से 6 लोगों की मौत रविवार को झारखंड के अलग-अलग इलाकों में वज्रपात ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया। रामगढ़ में चार लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं गिरिडीह के बिरनी प्रखंड में एक बच्ची की भी बिजली गिरने से जान चली गई। पतरातू क्षेत्र में खेतों में काम कर रही तीन महिलाओं की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हुई। पतरातू प्रखंड के सांकुल गांव में खेत में काम करने के दौरान रेखा देवी (48) और उनकी बेटी रोशनी कुमारी (22) बिजली की चपेट में आ गईं। चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं लाताड़ पंचायत के पलानी गांव में खेत में काम कर रही सुलेखा देवी उर्फ सुशांति (30) की भी वज्रपात से मौत हो गई। इसके अलावा विष्णुगढ़ क्षेत्र में एक बच्ची की जान चली गई। रामगढ़ की दोहाकात पंचायत के पारलोलो टोला की रहने वाली प्रमिला देवी (32) की भी बिजली गिरने से मौत होने की जानकारी सामने आई है। लगातार हो रही वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए बारिश के दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। अगले पांच दिनों तक सक्रिय रहेगा मानसून मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक झारखंड में अगले पांच दिनों तक मानसून सक्रिय रह सकता है। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग दिनों पर भारी बारिश की संभावना है। 4 से 6 अगस्त के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में 65 से 115 मिमी तक वर्षा हो सकती है। बारिश के साथ कई जगहों पर मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। तेज हवा भी परेशानी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। तापमान में भी आएगी गिरावट अगले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, इसके बाद अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। बारिश और तापमान में गिरावट के कारण कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और सुहावना हो सकता है, लेकिन वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा। 5 अगस्त को इन इलाकों में बढ़ेगी बारिश मौसम विभाग के अनुसार 5 अगस्त को भारी बारिश का क्षेत्र उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी झारखंड की ओर बढ़ सकता है। इस दौरान इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। 6 अगस्त को रांची समेत इन जिलों में येलो वॉच 6 अगस्त को उत्तर-पश्चिमी और मध्य झारखंड में एक बार फिर भारी बारिश का दौर लौटने के संकेत हैं। इस दिन मौसम विभाग ने कई जिलों को येलो वॉच पर रखा है। इनमें शामिल हैं: पलामू गढ़वा चतरा लातेहार हजारीबाग कोडरमा रामगढ़ रांची लोहरदगा गुमला खूंटी इन जिलों में रहने वाले लोगों को तेज बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। वज्रपात के दौरान क्या करें? झारखंड में लगातार वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए सावधानी बेहद जरूरी है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या जलाशयों के पास खड़े होने से बचें। संभव हो तो तुरंत किसी सुरक्षित और पक्के भवन के अंदर चले जाएं। किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष रूप से मौसम विभाग के अलर्ट पर ध्यान देना चाहिए। मोबाइल फोन पर स्थानीय मौसम चेतावनियों की जानकारी लेते रहें और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर काम करने से बचें। झारखंड में अगले पांच दिन मौसम रहेगा सक्रिय झारखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। एक ओर बारिश से गर्मी से राहत मिल सकती है, तो दूसरी ओर वज्रपात, तेज हवा और भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर परेशानी भी बढ़ सकती है। 6 अगस्त को रांची समेत 11 जिलों के लिए जारी येलो वॉच को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहें और प्रशासन तथा मौसम विभाग की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों का पालन करें।
रांची: झारखंड में अगस्त की शुरुआत मौसम में बदलाव के साथ होने वाली है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, फिलहाल राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 2 अगस्त को रांची समेत कई जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है। शुक्रवार को रांची में करीब 3 मिमी बारिश दर्ज की गई। शनिवार को भी आसमान में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं, 1 से 4 अगस्त के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका बनी हुई है। झारखंड में अब तक 26 फीसदी कम बारिश मानसून के इस चरण में झारखंड में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। राज्य में सामान्य बारिश का आंकड़ा 508.2 मिमी है, जबकि अब तक करीब 376.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यानी राज्य में सामान्य से लगभग 26 फीसदी कम बारिश हुई है। जिलों की बात करें तो पश्चिमी सिंहभूम की स्थिति सबसे बेहतर है, जहां सामान्य से 16 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं रांची में सामान्य से 16 फीसदी कम बारिश हुई है। गढ़वा, चतरा, देवघर, पाकुड़ और कोडरमा में बारिश की स्थिति सबसे खराब बताई गई है। 1 से 4 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 1 से 4 अगस्त तक झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज लगभग इसी तरह बना रह सकता है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने और तेज हवाओं के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचना जरूरी है। बारिश से राहत, लेकिन सावधानी जरूरी राज्य में सामान्य से कम बारिश के बीच अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश किसानों और आम लोगों के लिए राहत लेकर आ सकती है। हालांकि, वज्रपात और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की जरूरत है।
बिहार में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश और बादलों की आवाजाही के बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार, 31 जुलाई को 25 जिलों के लिए बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम खराब रहने के दौरान बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है। खासकर आंधी और वज्रपात की स्थिति में पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान से दूरी बनाए रखना जरूरी होगा। इन 25 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को बिहार के 25 जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इनमें कैमूर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, सारण, सिवान, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई शामिल हैं। इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है। 7 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा मानसून की सक्रियता को देखते हुए पूर्वी चंपारण, सुपौल, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बांका और कैमूर में मौसम का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है। इन सात जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट बताया गया है। ऐसे में इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। उत्तर और पूर्वी बिहार में ज्यादा सक्रिय मानसून मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय बिहार में मौसम का प्रभाव सभी क्षेत्रों में एक जैसा नहीं है। उत्तर और पूर्वी बिहार में बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी वाली हवाएं पहुंच रही हैं। इससे वातावरण में नमी बढ़ रही है और बादल बनने के साथ बारिश की गतिविधियां भी तेज हो रही हैं। वहीं मध्य और दक्षिण बिहार में नमी वाली हवाओं का प्रभाव तुलनात्मक रूप से कम है। इसके कारण कुछ इलाकों में बादल तो बन रहे हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं हो पा रही है। कई जगहों पर उमस और गर्मी भी महसूस की जा रही है। अगले 3-4 दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बिहार में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। 1 अगस्त को अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर को छोड़कर राज्य के बाकी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 2, 3 और 4 अगस्त को भी बिहार के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इस दौरान कुछ इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में न लें मानसून के दौरान आंधी और वज्रपात का खतरा अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में मौसम खराब होने पर खुले मैदान, खेत, तालाब, नदी और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहना ज्यादा बेहतर है। बिहार में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदलता रहने वाला है। ऐसे में खासकर अलर्ट वाले जिलों के लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
Jammu Kashmir Weather Alert: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग (IMD) ने 2 अगस्त तक फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और मडस्लाइड का अलर्ट जारी किया है। खासकर जम्मू संभाग के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। एहतियात के तौर पर डोडा और किश्तवाड़ के कई इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से सतर्क रहने की अपील की है। पहाड़ों पर मंडरा रहा भारी बारिश का खतरा लगातार बारिश से जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। संवेदनशील इलाकों में लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का अलर्ट मौसम विभाग ने 2 अगस्त तक फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और मडस्लाइड की आशंका जताई है। पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित जगहों से दूर रहने तथा प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने को कहा गया है। जम्मू संभाग में सबसे ज्यादा असर जम्मू संभाग के कई जिलों में सुबह और शाम के समय तेज से बहुत तेज बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में कम समय में मूसलाधार बारिश हो सकती है, जिससे जनजीवन और सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है। कश्मीर घाटी में भी तेज बौछारें कश्मीर घाटी के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। बादल छाए रहने और लगातार बारिश से मौसम सुहावना हो गया है, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। डोडा और किश्तवाड़ में स्कूल बंद लगातार बारिश और फिसलन भरी सड़कों को देखते हुए डोडा और किश्तवाड़ के कई हिस्सों में सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर नजर बारिश के बावजूद फिलहाल जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात जारी है। हालांकि प्रशासन लगातार सड़क की निगरानी कर रहा है ताकि भूस्खलन या पत्थर गिरने जैसी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। सांबा में सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटों में सांबा जिले में 87 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कटरा, उधमपुर और जम्मू में भी अच्छी बारिश हुई है। कई इलाकों में जलभराव और फिसलन की स्थिति बनने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तापमान में आई गिरावट लगातार बारिश के कारण श्रीनगर, जम्मू, पहलगाम, गुलमर्ग समेत कई शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम ठंडा होने से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन खराब मौसम ने सामान्य जनजीवन प्रभावित किया है। पर्यटकों और यात्रियों के लिए एडवाइजरी प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। साथ ही नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। अगले कुछ दिन रहेंगे चुनौतीपूर्ण मौसम विभाग के अनुसार 5 अगस्त तक जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखे हुए है और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
Bihar Weather Update 30 July 2026: बिहार में गुरुवार को मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है। मौसम विभाग ने राज्य के 12 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। दूसरी ओर, राज्य के बाकी 26 जिलों में बारिश की संभावना कम है और लोगों को दिनभर गर्मी तथा उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम के इस बदलाव के बीच बिहार में मानसून की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। राज्य में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से करीब 41 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को व्यापक बारिश का इंतजार है। इन 12 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग ने गुरुवार को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। चंपारण समेत इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवा पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीवान, सारण और गोपालगंज में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं के आसपास विशेष सतर्कता रखना जरूरी होगा। 26 जिलों में उमस से राहत मिलने के आसार कम बिहार के बाकी 26 जिलों में आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन व्यापक बारिश के आसार कम हैं। बारिश नहीं होने की स्थिति में तेज धूप और हवा में नमी के कारण उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। दिन के समय गर्मी महसूस होने के बाद शाम को कुछ इलाकों में बादल बनने और हल्की बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पिछले 24 घंटे में कहां हुई बारिश? पिछले 24 घंटे के दौरान खगड़िया में बारिश दर्ज की गई। पटना सहित कुछ अन्य जिलों में हल्की हवा चली, लेकिन कई इलाकों में दिनभर तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। इससे साफ है कि बिहार में बारिश का वितरण अभी भी असमान बना हुआ है। कुछ जिलों में बारिश हो रही है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में गर्मी और उमस का दौर जारी है। बिहार में सामान्य से 41 फीसदी कम बारिश बिहार में इस मानसून सीजन अब तक बारिश की स्थिति सामान्य से काफी कमजोर रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस अवधि तक राज्य में करीब 485.4 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक सिर्फ 285.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस तरह राज्य में सामान्य से करीब 41 फीसदी कम बारिश हुई है। मानसून की यह कमी खेती और जल उपलब्धता के लिहाज से चिंता बढ़ाने वाली हो सकती है। क्यों कमजोर पड़ा है मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बिहार में मानसून कमजोर रहने के पीछे प्रमुख कारण मानसून ट्रफ का अपनी सामान्य स्थिति से हटना है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में फिलहाल कोई मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित नहीं हुआ है। इस वजह से बिहार तक पर्याप्त नमी नहीं पहुंच पा रही है। जब तक बंगाल की खाड़ी में कोई प्रभावी वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं होता, तब तक राज्य में व्यापक और लगातार बारिश की संभावना सीमित रह सकती है। दिन में गर्मी और शाम को बारिश क्यों? बिहार के कई इलाकों में इन दिनों एक अजीब मौसम पैटर्न देखने को मिल रहा है। दिन में तेज धूप और उमस रहती है, जबकि शाम या रात के समय अचानक बादल बनकर बारिश हो जाती है। इसके पीछे गर्मी और नमी का संयोजन प्रमुख कारण है। दिन में जमीन के गर्म होने से गर्म हवा ऊपर उठती है। जब यह हवा वातावरण में मौजूद नमी के संपर्क में आती है तो कुछ इलाकों में बादल बन सकते हैं और स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है। इसी वजह से एक जिले में बारिश होने के बावजूद आसपास के जिलों में मौसम सूखा रह सकता है। पटना में कैसा रहेगा मौसम? राजधानी पटना में गुरुवार को मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन तेज बारिश की संभावना कम है। धूप निकलने के कारण उमस परेशान कर सकती है। हालांकि शाम के समय बादल छाने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। बिहार के मौसम पर एक नजर 12 जिलों में: बारिश का येलो अलर्ट 5 जिलों में: बारिश के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक तेज हवा की संभावना 26 जिलों में: उमस और गर्मी का असर मानसून बारिश: सामान्य से करीब 41 फीसदी कम पटना: बादल छाए रहने की संभावना, उमस से परेशानी
रांची। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के असर से झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग ने राज्य के 22 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। 29 से 31 जुलाई तक कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। रांची समेत कई जिलों में तेज बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण झारखंड के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। रांची समेत राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है। वज्रपात को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की अपील की गई है। कई इलाकों में दर्ज हुई भारी बारिश राज्य के कुछ क्षेत्रों में पहले ही अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मंझारी क्षेत्र में 167.2 मिलीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम प्रणाली के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में और बारिश होने की संभावना है। प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी बरतने की अपील भारी बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हिमाचल प्रदेश में बादल फटने, असम में भीषण बाढ़ और गुजरात समेत कई राज्यों में जलभराव की स्थिति के बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले दो से तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। हिमाचल में बादल फटने से सात गांवों का संपर्क टूटा हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की मयाड़ घाटी में शनिवार रात बादल फटने से भारी तबाही हुई। तेज बहाव में एक पुल और सड़क बह गई, जिससे सात गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बहाली का काम शुरू कर दिया है। असम में बाढ़ से 68 लोगों की मौत असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। राज्य में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों लोग प्रभावित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से फोन पर बात कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। सोनोवाल फिलहाल राज्य के दौरे पर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। गुजरात और दादरा नगर हवेली में सेना संभाल रही मोर्चा गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में लगातार बारिश के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए सेना को तैनात किया गया है। अब तक 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। आईएमडी ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका जताते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है। प्रशासन अलर्ट मोड पर लगातार खराब मौसम को देखते हुए कई राज्यों में आपदा प्रबंधन दल, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का अभियान लगातार जारी है।
रांची: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मॉनसून के बाद अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव (डिप्रेशन) के प्रभाव से राज्य में अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। 27 से 30 जुलाई के बीच अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं दक्षिणी और मध्य झारखंड के कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन का दिखेगा असर मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है। अगले 24 घंटों में इसके और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन बनने तथा 27 जुलाई को ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट के बीच प्रवेश करने की संभावना है। इसी मौसम प्रणाली के कारण झारखंड में मॉनसून दोबारा सक्रिय होगा और कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। अगले पांच दिनों तक बारिश और वज्रपात की संभावना मौसम विभाग ने बताया है कि 30 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान कई इलाकों में मेघ गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट 27 जुलाई: गुमला, खूंटी, रांची और लोहरदगा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई: पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, खूंटी और लोहरदगा जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। झारखंड में अब भी 29 प्रतिशत कम बारिश इस मानसून सीजन में झारखंड में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 26 जुलाई तक राज्य में केवल 325 मिमी वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 455.9 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अब तक राज्य में लगभग 29 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। किसानों के लिए राहत की उम्मीद कम बारिश के कारण राज्य में खरीफ फसलों, खासकर धान की रोपाई प्रभावित हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में होने वाली व्यापक बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी, जिससे किसानों को धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्यों में राहत मिलेगी। हालांकि भारी बारिश और वज्रपात के दौरान खेतों या खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह भी दी गई है।
Jharkhand Weather Update: झारखंड में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 23 से 26 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट घोषित किया है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। चार दिनों तक इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी 23 जुलाई: रांची, खूंटी, गुमला, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, लातेहार और लोहरदगा में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है। 24 जुलाई: रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और बोकारो में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 25 जुलाई: रांची, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 26 जुलाई: रांची, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा और चतरा जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। बुधवार को कहां कितनी हुई बारिश? बुधवार को राज्य में सबसे अधिक बहरागोड़ा में 41 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा: रांची – 4 मिमी जमशेदपुर – 12 मिमी मेदिनीनगर – 1 मिमी बोकारो – 3 मिमी खूंटी – 13 मिमी हजारीबाग – 10 मिमी सरायकेला – 20 मिमी जगन्नाथपुर – 4 मिमी अब भी सामान्य से कम हुई है बारिश राज्य में मानसून सक्रिय होने के बावजूद अब तक सामान्य से 28 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से 22 जुलाई के बीच जहां सामान्य वर्षा 414.9 मिमी होनी चाहिए थी, वहीं अब तक केवल 299.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे अधिक वर्षा साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में दर्ज हुई है। वहीं राजधानी रांची में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। लोगों के लिए सलाह खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर रखें।
भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा से पहले मौसम ने चिंता बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए पुरी और जगतसिंहपुर जिलों के लिए रेड वार्निंग जारी की गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद पुरी जिला प्रशासन ने एहतियातन बुधवार को सरकारी और निजी सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट आईएमडी ने बुधवार के लिए मयूरभंज, क्योंझर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जाजपुर, खुरधा, कटक, नयागढ़, अंगुल, ढेंकनाल, बौध, गंजम और कंधमाल जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।वहीं बालेश्वर, देवगढ़, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, बारगढ़, सोनपुर, बलांगीर, नुआपाड़ा, कालाहांडी, रायगढ़ा और गजपति जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। श्रद्धालुओं के लिए विशेष एडवाइजरी रथ यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। आईएमडी ने कहा है कि तेज बारिश या आकाशीय बिजली की स्थिति में लोग किसी पक्के भवन में शरण लें। पेड़ों, बिजली के खंभों या अस्थायी ढांचों के नीचे खड़े होने से बचें। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह समुद्र में मौसम खराब रहने की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को 17 जुलाई तक ओडिशा तट और आसपास के समुद्री क्षेत्र में नहीं जाने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार इस दौरान समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाएं चल सकती हैं। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ निम्न दबाव आईएमडी के मुताबिक, बुधवार सुबह उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट के पास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना है। अगले दो दिनों में इसके उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। पुरी में जलभराव की स्थिति मंगलवार शाम से पुरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश हो रही है। भारी वर्षा के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया है। भगवान जगन्नाथ मंदिर के सामने स्थित ग्रैंड रोड, जहां रथ यात्रा के दौरान रथ खींचे जाते हैं, वहां भी पानी जमा हो गया। प्रशासन ने जलनिकासी के लिए अग्निशमन विभाग की टीमों को लगाया है। आईएमडी के अनुसार, बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में पुरी शहर में 143.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो राज्य में सबसे अधिक रही। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
रांची। भारत निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया में मीडिया की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 17 जुलाई को नई दिल्ली में राष्ट्रीय मीडिया कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का फैसला किया है। यह एक दिवसीय सम्मेलन द्वारका स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) के सभागार में आयोजित होगा। इसमें झारखंड समेत देश के विभिन्न राज्यों से चुनावी रिपोर्टिंग से जुड़े पत्रकार हिस्सा लेंगे। सम्मेलन को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार संबोधित करेंगे और मीडिया से सीधे संवाद भी करेंगे। चुनावी रिपोर्टिंग के विभिन्न पहलुओं पर होगा मंथन सुबह 9 बजे से शुरू होने वाले इस सम्मेलन में निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी देंगे। कार्यक्रम की शुरुआत डीजी (मीडिया) आशीष गोयल के संबोधन से होगी, जिसमें चुनाव में मीडिया की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद IIIDEM के महानिदेशक राकेश कुमार वर्मा प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। सम्मेलन में डीजी (आईटी) डॉ. सीमा खन्ना चुनाव आयोग के ECINET प्लेटफॉर्म और चुनावी प्रक्रिया में तकनीक के बढ़ते उपयोग की जानकारी देंगी। वहीं, डीडीजी (लॉ) विजय कुमार पांडे चुनाव संबंधी संवैधानिक प्रावधानों और हाल के महत्वपूर्ण न्यायिक फैसलों पर प्रकाश डालेंगे। इसके अलावा अपूर्वा कुमार सिंह इलेक्ट्रोरल रोल, मतदान प्रक्रिया और मतगणना प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रस्तुति देंगे। पत्रकारों को मिलेगा सवाल पूछने का अवसर सम्मेलन का सबसे अहम आकर्षण मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विशेष संबोधन होगा, जिसमें वे चुनावी प्रक्रिया में मीडिया की जिम्मेदारी, पारदर्शिता और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के महत्व पर अपने विचार रखेंगे। उनके संबोधन के बाद शाम 4:30 बजे से 5:30 बजे तक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें पत्रकार सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त से सवाल पूछ सकेंगे। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि राज्य से 10 से 12 पत्रकार इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से चुनावी रिपोर्टिंग से जुड़े पत्रकारों को निर्वाचन प्रक्रिया, कानून, तकनीक और आयोग की कार्यप्रणाली की बेहतर समझ मिलेगी, जिससे भविष्य में चुनाव संबंधी खबरों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता मजबूत होगी।
पश्चिम बंगाल में रथ यात्रा के दौरान मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है। मौसम विभाग ने गुरुवार को दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। खासकर कोलकाता सहित आठ जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। वहीं तटीय क्षेत्रों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका व्यक्त की गई है। बंगाल की खाड़ी में बना नया निम्न दबाव मौसम विभाग के अनुसार, एक निम्न दबाव क्षेत्र के समाप्त होने के बाद बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय हो गया है। यह प्रणाली बंगाल-ओडिशा तट के पास केंद्रित है और ओडिशा के रास्ते आगे बढ़ रही है। इसके प्रभाव से पूरे पश्चिम बंगाल में व्यापक बारिश होने की संभावना है। बारिश से खेती को लाभ मिलने की उम्मीद है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। बुधवार सुबह से ही कई क्षेत्रों में लगातार बारिश दर्ज की गई है। तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट रथ यात्रा के दिन दक्षिण बंगाल के आठ जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इनमें तीन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। मछुआरों को समुद्र में जाने पर रोक निम्न दबाव के प्रभाव को देखते हुए मछुआरों को 19 जुलाई तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं और ऊंची लहरों की आशंका के कारण यह एहतियाती कदम उठाया गया है। कब मिलेगी राहत? मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिण बंगाल में अगले शनिवार से बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने लगेगी। हालांकि उत्तर बंगाल में रविवार से फिर बारिश बढ़ने की संभावना है। उत्तर बंगाल के पांच जिलों के लिए रविवार और सोमवार को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।