मुंबई, एजेंसियां। संजय लीला भंसाली की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘लव एंड वॉर’ को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। फिल्म में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल पहली बार एक साथ नजर आएंगे। अब फिल्म के फर्स्ट लुक को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं और रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि इसे 15 अगस्त के आसपास जारी किया जा सकता है। हालांकि, इस तारीख की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। भंसाली की फिल्म में पहली बार साथ दिखेगी तिकड़ी ‘लव एंड वॉर’ में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन संजय लीला भंसाली कर रहे हैं। रणबीर और आलिया इससे पहले ‘ब्रह्मास्त्र’ में साथ काम कर चुके हैं, लेकिन विक्की कौशल के साथ यह उनकी पहली फिल्म होगी। फिल्म को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसकी स्टारकास्ट और भंसाली की भव्य कहानी कहने की शैली को लेकर है। फर्स्ट लुक को लेकर बढ़ी उत्सुकता फिल्म के फर्स्ट लुक को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार अटकलें चल रही हैं। कुछ रिपोर्टों में 15 अगस्त 2026 को फर्स्ट लुक सामने आने की संभावना जताई गई है। हालांकि, निर्माताओं की ओर से फिलहाल इस तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए 15 अगस्त को फर्स्ट लुक जारी होने की खबर को अभी संभावित तारीख के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। 2026 में रिलीज होने की तैयारी ‘लव एंड वॉर’ को लेकर मेकर्स बड़े स्तर पर तैयारी कर रहे हैं। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बन रही यह फिल्म रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की जोड़ी को दोबारा पर्दे पर लेकर आएगी, जबकि विक्की कौशल कहानी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आएंगे। फिल्म की कहानी और किरदारों से जुड़ी ज्यादातर जानकारियां अभी गोपनीय रखी गई हैं। ऐसे में फर्स्ट लुक सामने आने के बाद फिल्म के किरदारों और उनके लुक को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक राजकुमार हिरानी के बेटे वीर हिरानी ने अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वेब सीरीज़ 'प्रीतम एंड पेड्रो' से की है। डेब्यू के बाद वीर ने अपने सह-कलाकार अरशद वारसी का विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि शूटिंग के दौरान उन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया और आत्मविश्वास बढ़ाया। "अरशद सर ने हर सीन में मेरा साथ दिया" वीर हिरानी ने कहा कि अभिनय की शुरुआत उनके लिए चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन अरशद वारसी ने उन्हें सहज महसूस कराया। उन्होंने बताया, "अरशद सर लगातार मुझे गाइड करते रहे। हर सीन के बाद समझाते थे कि क्या बेहतर किया जा सकता है। उनके साथ काम करना मेरे लिए किसी अभिनय स्कूल से कम नहीं था।" राजकुमार हिरानी ने नहीं दिया कोई विशेष फायदा वीर के डेब्यू को लेकर पहले ही राजकुमार हिरानी स्पष्ट कर चुके थे कि बेटे होने का उन्हें कोई विशेष लाभ नहीं मिला। उन्होंने वीर से दूसरे कलाकारों की तरह ऑडिशन दिलवाया और भूमिका योग्यता के आधार पर ही मिली। वीर ने भी कई ऑडिशन टेप रिकॉर्ड किए और चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही उन्हें यह मौका मिला। विक्की कौशल ने भी की तारीफ अभिनेता विक्की कौशल ने भी वीर हिरानी के अभिनय की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने वीर को 'संजू' के सेट पर एक असिस्टेंट के रूप में काम करते देखा था और अब उन्हें मुख्य भूमिका निभाते देखना बेहद खुशी की बात है। विक्की ने कहा कि वीर ने अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि उन्होंने मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। 'प्रीतम एंड पेड्रो' को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया राजकुमार हिरानी की पहली OTT सीरीज़ 'प्रीतम एंड पेड्रो' को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। साइबर क्राइम और कॉमेडी पर आधारित इस सीरीज़ में अरशद वारसी, वीर हिरानी और विक्रांत मैसी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। दर्शकों और समीक्षकों ने वीर के आत्मविश्वासपूर्ण अभिनय की भी सराहना की है।
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,000 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया। क्यों टूटा शेयर बाजार? मंगलवार को बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने से महंगाई और आयात बिल बढ़ने की आशंका रहती है, जिसका असर सीधे शेयर बाजार पर देखने को मिलता है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा दबाव बाजार पर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली का भी असर पड़ा। वैश्विक स्तर पर जोखिम बढ़ने के कारण विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे भारतीय बाजार में दबाव बढ़ा है। वैश्विक बाजारों से भी मिले कमजोर संकेत एशियाई और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कमजोरी का माहौल देखने को मिला। निवेशक फिलहाल वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। इसका असर भारतीय बाजार की कारोबारी शुरुआत से ही दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतें बनी चिंता विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है। इससे भारत की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक कारकों से प्रभावित है। ऐसे समय में निवेशकों को घबराहट में निर्णय लेने के बजाय बाजार की दिशा और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखते हुए लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
टीवी के लोकप्रिय शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' से घर-घर में पहचान बनाने वाले शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा लोढ़ा शादी के बंधन में बंध गई हैं। यह शादी जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस में परिवार और करीबी मेहमानों की मौजूदगी में संपन्न हुई। इस समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बॉलीवुड अभिनेता विक्की कौशल भी नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो में दिखा विक्की कौशल का सादगीभरा अंदाज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में विक्की कौशल सफेद शेरवानी जैकेट और काली पैंट में नजर आ रहे हैं। समारोह में पहुंचने पर शैलेश लोढ़ा ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया और गले लगाकर उनका अभिनंदन किया। इसके बाद उन्होंने विक्की की अन्य मेहमानों से भी मुलाकात कराई। विक्की का विनम्र व्यवहार और सादगी फैंस को काफी पसंद आ रही है, जिसके चलते वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। पहले भी कर चुके हैं विक्की की तारीफ हाल ही में शैलेश लोढ़ा ने सोशल मीडिया पर विक्की कौशल की तारीफ करते हुए लिखा था कि इतनी सफलता और लोकप्रियता मिलने के बावजूद अभिनेता बेहद विनम्र और जमीन से जुड़े इंसान हैं। अब शादी में उनकी मौजूदगी ने दोनों के अच्छे रिश्ते की झलक भी दिखाई। फैंस ने किए मजेदार कमेंट्स वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों ने विक्की कौशल की सादगी और व्यवहार की सराहना की। वहीं, 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के प्रशंसकों ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि 'जेठालाल कहां हैं?' कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल किया कि शो के अन्य कलाकार शादी में क्यों नजर नहीं आए। हालांकि, इस निजी समारोह में सीमित मेहमानों को ही आमंत्रित किया गया था।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड के पसंदीदा कपल विक्की कौशल और कैटरीना कैफ एक बार फिर अपनी रोमांटिक केमिस्ट्री को लेकर चर्चा में हैं। विक्की ने सोशल मीडिया पर पत्नी कैटरीना के साथ एक बेहद खूबसूरत ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर साझा की है, जिसने फैंस का दिल जीत लिया है। बारिश के मौसम में शेयर की गई इस तस्वीर के साथ अभिनेता ने सिर्फ तीन शब्दों का कैप्शन लिखा — "बारिश और तुम", जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। तस्वीर में विक्की और कैटरीना अपने घर की बालकनी में बारिश का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। फोटो में कैटरीना पीछे से विक्की को गले लगाए हुए बाहर का नजारा देख रही हैं। बिना किसी दिखावे के दोनों का यह सादगी भरा रोमांटिक पल प्रशंसकों को काफी पसंद आ रहा है। एक यूजर ने लिखा पोस्ट सामने आते ही फैंस ने कमेंट सेक्शन में प्यार भरे संदेशों की बौछार कर दी। एक यूजर ने लिखा, "सच्चा प्यार बिल्कुल ऐसा ही होता है।" वहीं दूसरे ने कहा, "इस तस्वीर ने भावुक कर दिया।" कई लोगों ने इस जोड़ी को बॉलीवुड का सबसे खूबसूरत और प्रेरणादायक कपल बताया। कुछ प्रशंसकों ने उनकी सादगी और एक-दूसरे के प्रति प्यार की भी जमकर तारीफ की। विक्की और कैटरीना अक्सर अपने निजी जीवन की छोटी-छोटी झलकियां सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं, जिन्हें उनके फैंस खूब पसंद करते हैं। यही वजह है कि उनकी हर पोस्ट कुछ ही समय में वायरल हो जाती है। वर्कफ्रंट की बात करें तो विक्की कौशल वर्कफ्रंट की बात करें तो विक्की कौशल आने वाले समय में दो बड़ी फिल्मों में नजर आएंगे। वह 'महावतार' में भगवान परशुराम की भूमिका निभाते दिखाई देंगे। इसके अलावा वह संजय लीला भंसाली की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'लव एंड वॉर' में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट के साथ अहम भूमिका में नजर आएंगे। यह फिल्म वर्ष 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज होने की उम्मीद है। फिलहाल, उनकी रोमांटिक पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली की आगामी फिल्म ‘Love And War’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। इस फिल्म में पहली बार रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल की तिकड़ी एक साथ नजर आएगी। हालांकि फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई है, लेकिन इसकी स्टारकास्ट को लेकर चर्चा लगातार तेज हो रही है। अब सवाल यह है कि इस हाई-प्रोफाइल स्टारकास्ट में सबसे ज्यादा दौलत किसके पास है? आइए विस्तार से जानते हैं। आलिया भट्ट: कमाई में सबसे आगे बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में शामिल आलिया भट्ट ने अपनी दमदार एक्टिंग और लगातार हिट फिल्मों के जरिए इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई है। फिल्मों के अलावा ब्रांड एंडोर्समेंट और प्रोडक्शन वेंचर्स से भी उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आलिया भट्ट की कुल नेटवर्थ लगभग 550 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है, जो उन्हें इस तिकड़ी में सबसे अमीर बनाती है। रणबीर कपूर: लग्जरी लाइफ और हाई फीस हाल ही में फिल्म ‘Animal’ की सफलता के बाद रणबीर कपूर का स्टारडम और भी बढ़ गया है। वे बॉलीवुड के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले एक्टर्स में शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रणबीर कपूर की कुल नेटवर्थ करीब 345 करोड़ रुपये है। खास बात यह है कि कई फिल्मों में उनकी फीस आलिया भट्ट से भी ज्यादा बताई जाती है। विक्की कौशल: दमदार एक्टिंग, बढ़ती कमाई ‘Sam Bahadur’ और ‘Chhaava’ जैसी फिल्मों से विक्की कौशल ने अपनी अभिनय क्षमता साबित की है। उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और वे इंडस्ट्री में मजबूत पकड़ बना रहे हैं। हालांकि नेटवर्थ के मामले में वे इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति लगभग 41 करोड़ रुपये है। कौन है सबसे ज्यादा अमीर? तीनों सितारों की संपत्ति की तुलना करें तो: नंबर 1: आलिया भट्ट नंबर 2: रणबीर कपूर नंबर 3: विक्की कौशल स्पष्ट तौर पर आलिया भट्ट इस तिकड़ी में सबसे ज्यादा अमीर हैं। वहीं रणबीर कपूर दूसरे और विक्की कौशल तीसरे स्थान पर आते हैं। फिल्म को लेकर बढ़ी उत्सुकता ‘Love And War’ में इन तीनों बड़े सितारों को एक साथ देखना दर्शकों के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं होगा। फिल्म की रिलीज भले ही टल गई हो, लेकिन इसकी चर्चा और क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है।
बॉलीवुड में इन दिनों Dhurandhar The Revenge को लेकर जबरदस्त चर्चा बनी हुई है। Ranveer Singh स्टारर इस स्पाई-थ्रिलर को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है और फिल्म लगातार बॉक्स ऑफिस पर मजबूत प्रदर्शन कर रही है। इसी बीच Vicky Kaushal ने भी फिल्म को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि व्यस्त शेड्यूल के कारण वह अभी तक फिल्म नहीं देख पाए हैं, लेकिन उन्होंने जल्द ही इसे बड़े पर्दे पर देखने की इच्छा जताई है। “बेहतरीन कास्ट और शानदार निर्देशन” दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान विक्की कौशल ने कहा कि उन्हें फिल्म के पहले पार्ट से काफी लगाव रहा है और दूसरे पार्ट को लेकर भी उनकी उत्सुकता काफी ज्यादा है। उन्होंने निर्देशक Aditya Dhar की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने एक शानदार कास्ट को साथ लाकर बेहतरीन फिल्म बनाई है। साथ ही उन्होंने फिल्म को मिल रहे दर्शकों के प्यार पर खुशी जताई। बॉक्स ऑफिस पर कायम है दबदबा फिल्म की रिलीज के बाद से ही इसका प्रदर्शन लगातार मजबूत बना हुआ है। ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि फिल्म की कमाई आने वाले हफ्तों में भी जारी रह सकती है, जिससे अन्य फिल्मों पर इसका असर पड़ सकता है। ‘भूत बंगला’ से संभावित टक्कर वहीं, Bhooth Bangla 10 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में Akshay Kumar मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। अक्षय कुमार ने फिल्म की टक्कर को लेकर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि दो फिल्मों के बीच तीन हफ्तों का अंतर इंडस्ट्री के लिए अच्छा होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जहां ‘धुरंधर द रिवेंज’ एक एक्शन आधारित फिल्म है, वहीं ‘भूत बंगला’ एक फैमिली और फैंटेसी हॉरर फिल्म है, जो अलग दर्शक वर्ग को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।