रोहित शर्मा

IND VS AFG 2nd ODI
भारत-अफगानिस्तान दूसरा वनडेः जीत के साथ सीरीज जीतने उतरेगी टीम इंडिया

श्रेयस पूरे कर सकते हैं 3 हजार रन लखनऊ, एजेंसियां। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आज 17 जून को लखनऊ में खेला जाएगा। यह मैच दोपहर 1:30 बजे से इकाना इंटरनेशनल स्टेडियम में होगा। भारत 1-0 से आगे टीम इंडिया पहला मैच जीतकर 3 मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है और इस मैच को जीतकर सीरीज अपने नाम करना चाहेगी। श्रेयस 3 हजार रन पूरे करने से 11 रन दूर इस मैच में श्रेयस अय्यर अपने 3000 वनडे रन पूरे करने से 11 रन दूर हैं। वहीं रहमानुल्लाह गुरबाज को 2000 रन पूरे करने के लिए 10 रन और ईशान किशन को 1000 वनडे रन पूरे करने के लिए 33 रनों की जरूरत है।   भारत-अफगानिस्तान में 5 वनडे, भारत 4 जीता भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक 5 वनडे मैच खेले गए हैं। भारत ने 4 मुकाबले जीते हैं, जबकि 1 मैच टाई रहा है। अफगानिस्तान अभी तक भारत के खिलाफ वनडे में जीत दर्ज नहीं कर सका है। दोनों टीमों के बीच पहला वनडे धर्मशाला में खेला गया था। इसमें भारत को 7 विकेट से जीत मिली थी। गिल ने पहले वनडे में नाबाद 84 रन बनाए   जनवरी 2025 के बाद भारत के लिए बल्लेबाजी में रोहित शर्मा और गेंदबाजी में कुलदीप यादव का प्रदर्शन शानदार रहा है। रोहित ने 18 मैचों में 727 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 4 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, कुलदीप ने 14 मैचों में 22 विकेट झटके हैं। भारत के लिए डेब्यू मैच में गुरनूर बरार और हर्ष दुबे ने 3-3 विकेट लेकर प्रभावित किया। कप्तान शुभमन गिल (84*) और केएल राहुल (39*) अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखना चाहेंगे। पिछले मैच में गुरबाज ने शतक लगाया था पिछले साल जनवरी के बाद अफगानिस्तान के लिए इब्राहिम जादरान टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने 7 मैचों में 430 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 2 अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि जादरान पहले वनडे में 1 रन ही बना सके थे। गेंदबाजी में अजमतुल्लाह उमरजई ने 7 मैचों में 14 विकेट चटकाए हैं। उमरजई को पहले मैच में एक भी विकेट नहीं मिला था। वहीं, टीम के ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज (102) ने शतक लगाया था। लखनऊ के मौसम और पिच का हाल धर्मशाला में हुए पहले वनडे मैच में बारिश ने खलल डाला था, जिसके कारण मैच को घटाकर 25-25 ओवर का करना पड़ा था। हालांकि, लखनऊ में बुधवार को बारिश की कोई संभावना नहीं है। आज यहां दोपहर के समय तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है, जो रात में गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है। इकाना स्टेडियम की यह पिच मिक्स्ड-सॉइल (मिश्रित मिट्टी) की होगी, जहां टॉस का कोई खास फायदा नहीं मिलने वाला है। टीम इंडिया में बदलाव की संभावना भारतीय टीम के स्पिन-बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में संकेत दिए कि वे बैटिंग ऑर्डर में बदलाव करने के मूड में नहीं हैं। हालांकि, गेंदबाजी विभाग में जरूरत पड़ने पर रिस्ट स्पिनर कुलदीप यादव को किसी एक तेज गेंदबाज की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है।   दोनों टीमों की प्लेइंग-11   भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव/हर्ष दुबे, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार। अफगानिस्तान: इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मोहम्मद सलीम, अल्लाह गजनफर, जिया-उर-रहमान।

abhishek singh जून 17, 2026 0
Hardik Pandya Fitness
हार्दिक पंड्या अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर, फिटनेस टेस्ट के दौरान चोट लगी

एक दिन पहले फिट घोषित किया गया था नई दिल्ली, एजेंसियां। ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में मंगलवार को फिटनेस टेस्ट पास करने के कुछ ही घंटों बाद हार्दिक को जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव (हैमस्ट्रिंग) आ गया। सीरीज 13 जून से शुरू हो रही है। 32 साल के हार्दिक IPL के दौरान मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलते हुए पीठ की जकड़न का शिकार हो गए थे। वे इसी चोट से उबरकर फिटनेस क्लियरेंस सर्टिफिकेट लेने बेंगलुरु पहुंचे थे। तीन हफ्ते लगेंगे स्वस्थ होने में BCCI सूत्रों के मुताबिक अब नई चोट की वजह से उन्हें रिकवरी और रिहैबिलिटेशन के लिए कम से कम तीन हफ्ते का समय लगेगा, जिसके चलते वे आगामी सीरीज का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। फिटनेस असेसमेंट में 10 ओवर बॉलिंग करना भारी पड़ा जानकारी के अनुसार, हार्दिक पंड्या बेंगलुरु में फिटनेस टेस्ट के आखिरी दौर में थे। असेसमेंट के दौरान उन्होंने अपनी पूरी क्षमता देखने के लिए मैदान पर पूरे 10 ओवर गेंदबाजी की। माना जा रहा है कि लंबे ब्रेक के बाद अचानक बॉलिंग का पूरा कोटा डालने के कारण ही उनकी जांघ की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा और वे नई चोट का शिकार हो गए।   मंगलवार को रोहित-हार्दिक ने फिटनेस टेस्ट पास किया था मंगलवार को न्यूज एजेंसी ANI ने खबर दी की भारत और अफगानिस्तान के बीच शनिवार से शुरू होने वाली 3 वनडे मैचों की सीरीज में रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या भी खेलेंगे। दोनों ने फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है। वे जल्द ही टीम के साथ जुड़ेंगे। रोहित IPL के दौरान हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझ रहे थे। वहीं, हार्दिक पंड्या पीठ की जकड़न की वजह से परेशान थे। दोनों मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए चोटिल हुए थे। दोनों को वनडे सीरीज के लिए सब्जेक्ट टू फिटनेस के आधार पर टीम में शामिल किया गया था।   शनिवार से शुरू हो रही है सीरीज भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला शनिवार, 13 जून को धर्मशाला में खेला जाएगा। सीरीज के बाकी दो मैच 17 जून को लखनऊ और 20 जून को चेन्नई में होंगे। हार्दिक ने IPL 2026 के दौरान मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए कुछ मैच मिस किए थे, लेकिन वे 24 मई को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ टीम के आखिरी मुकाबले में मैदान पर लौटे थे।

abhishek singh जून 10, 2026 0
Rohit Sharma Hardik Pandya
रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेंगे

मुंबई, एजेंसियां। 13 जून से अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू हो रही वनडे सीरीज के लिए रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या ने अपनी फिटनेस पास कर ली है। रोहित शर्मा आईपीएल में हैमस्ट्रिंग इंजरी का शिकार हो गए थे, तो वहीं, हार्दिक पांड्या को पीठ में चोट लगी थी। बीसीसीआई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या ने फिटनेस क्लियरेंस पास कर लिया है और बहुत जल्द टीम के साथ जुड़ जाएंगे।  टीम इंडिया अफगानिस्तान के खिलाफ पहला मुकाबला 13 जून को धर्मशाला में खेलेगी।  विराट कोहली पूरी सीरीज से बाहर है इससे पहले बताया गया था कि सीनियर खिलाड़ी रोहित शर्मा और  हार्दिक पांड्या की अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज में उपलब्धता बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से मिले फिटनेस क्लियरेंस पर निर्भर करेगा। रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या आईपीएल में  मुंबई इंडियंस की टीम में शामिल थे। रोहित शर्मा को जहां लिंगरिंग हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई थी तो वहीं ऑल-राउंडर हार्दिक पांड्या को पीठ में दर्द की शिकायत हुई थी। बता दें कि विराट कोहली, हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। उन्हें खिताबी मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए खिंचाव हुआ था। वह रन भागते समय लड़खड़ाते नजर आए थे।  इंग्लैंड दौरे से वापसी करेंगे विराट कोहली! बीसीसीआई से जुड़े सूत्र ने बताया कि विराट कोहली आईपीएल के खिताबी मुकाबले  में चोटिल हो गए थे और वह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में उपलब्ध नहीं हैं। उनकी चोट को अभी हफ्ता ही बीता है, तो कहा नहीं जा सकता है कि कब तक वापसी कर पाएंगे। हालांकि, हम उम्मीद जताते हैं कि विराट कोहली इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से वापसी कर लेंगे, लेकिन अभी पक्का नहीं कहा जा सकता। फिजियो ने भी कोई टाइमलाइन तय नहीं किया है। विराट कोहली की जगह युवा यशस्वी जायसवाल को अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में शामिल किया गया है। अफगानिस्तान के खिलाफ पहला वनडे  मुकाबला 13 जून को धर्मशाला में खेला जाएगा। दूसरा मैच, 17 जून को लखनऊ में तो वहीं तीसरा वनडे चेन्नई में  20 जून को होगा है।  अफगानिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम इस प्रकार है। शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान),  केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर),  हार्दिक पांड्या, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़ और हर्ष दुबे।

Unknown जून 9, 2026 0
Hardik Pandya and Rohit Sharma during Mumbai Indians match amid captaincy change speculation
मुंबई इंडियंस में बड़ा बदलाव तय? हार्दिक पंड्या छोड़ सकते हैं टीम, रोहित शर्मा निभाएंगे अहम भूमिका

आईपीएल 2026 में खराब प्रदर्शन के बाद Mumbai Indians के भीतर बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। टीम के मौजूदा कप्तान Hardik Pandya को कप्तानी से हटाए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक हार्दिक पंड्या फ्रेंचाइजी प्रबंधन से रिश्तों में आई खटास के कारण टीम छोड़ने का भी मन बना चुके हैं। मुंबई इंडियंस का इस सीजन प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। टीम 14 मैचों में केवल 4 जीत दर्ज कर सकी, जिसके बाद कप्तानी और टीम मैनेजमेंट को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रोहित शर्मा की राय से चुना जाएगा नया कप्तान सूत्रों के अनुसार, अब फ्रेंचाइजी अगला कप्तान चुनने से पहले Rohit Sharma की सहमति और समर्थन को सबसे ज्यादा महत्व देगी। बताया जा रहा है कि टीम प्रबंधन ने हार्दिक को कप्तान बनाने के फैसले से सबक लिया है और अब दोबारा ऐसी स्थिति नहीं बनाना चाहता। हालांकि यह भी साफ कर दिया गया है कि रोहित शर्मा खुद दोबारा मुंबई इंडियंस की कप्तानी नहीं संभालेंगे। लेकिन नए कप्तान के चयन में उनकी भूमिका काफी अहम रहने वाली है। सूत्रों ने दावा किया कि मुंबई इंडियंस अब ऐसा कप्तान चाहती है जिसे टीम के वरिष्ठ खिलाड़ी और खासकर रोहित शर्मा का पूरा समर्थन मिले। हार्दिक पंड्या कर सकते हैं ट्रांसफर की मांग रिपोर्ट के मुताबिक हार्दिक पंड्या केवल कप्तानी हटाए जाने से नाराज नहीं हैं, बल्कि उनका फ्रेंचाइजी प्रबंधन के साथ संबंध भी बेहतर नहीं चल रहा। इसी वजह से वह आगामी सीजन से पहले टीम बदलने का विकल्प तलाश सकते हैं। बताया जा रहा है कि हार्दिक पंड्या ट्रेड विंडो के जरिए दूसरी टीम में जाने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि अभी तक मुंबई इंडियंस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। गुजरात टाइटंस से जुड़े नामों पर भी चर्चा रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई इंडियंस को हार्दिक पंड्या के साथ Ashish Nehra जैसे अनुभवी कोच को भी जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए थी। हालांकि सूत्रों का कहना है कि आईपीएल में किसी दूसरे फ्रेंचाइजी के कोच या कप्तान को सीधे अपने साथ जोड़ना आसान नहीं होता। जल्द आ सकता है बड़ा फैसला सूत्रों के मुताबिक अगले कुछ हफ्तों में हार्दिक पंड्या के भविष्य को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ सकता है। ऐसे में आईपीएल 2027 से पहले मुंबई इंडियंस में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।  

surbhi मई 29, 2026 0
Rohit Sharma sits out as Mumbai Indians face Sunrisers Hyderabad in IPL 2026
MI vs SRH: रोहित शर्मा लगातार चौथे मैच से बाहर, हार्दिक पांड्या के बयान ने बढ़ाई चिंता–क्या खत्म होने की कगार पर है ‘हिटमैन’ का IPL करियर?

मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेले गए अहम मुकाबले से पहले एक बार फिर Rohit Sharma की गैरमौजूदगी ने क्रिकेट फैंस को चिंता में डाल दिया है। आईपीएल 2026 में यह लगातार चौथा मैच है, जब ‘हिटमैन’ मैदान पर नजर नहीं आए। टीम के कप्तान Hardik Pandya ने टॉस के दौरान रोहित की फिटनेस को लेकर बड़ा बयान दिया, जिसने उनके जल्द वापसी की उम्मीदों के साथ-साथ सवालों को भी जन्म दे दिया है। हार्दिक पांड्या का बयान क्या संकेत देता है? हार्दिक पांड्या ने स्पष्ट कहा कि रोहित शर्मा अभी पूरी तरह मैच फिट नहीं हैं। उन्होंने बताया, “रोहित कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी उनकी फिटनेस उस स्तर पर नहीं है जहां उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सके।” इस बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या रोहित की वापसी में अभी और समय लगेगा, या यह चोट उनके आईपीएल भविष्य पर भी असर डाल सकती है। लगातार चौथे मैच से बाहर ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा को यह चोट RCB के खिलाफ मुकाबले में लगी थी, जिसके बाद से वह टीम से बाहर हैं। इस दौरान मुंबई इंडियंस को ओपनिंग में उनकी कमी साफ तौर पर महसूस हो रही है। टीम की बल्लेबाजी शुरुआत कमजोर नजर आ रही है और मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। इस सीजन में रोहित का प्रदर्शन चोट लगने से पहले रोहित शर्मा का फॉर्म शानदार रहा था। 4 पारियों में 137 रन औसत: 45.67 स्ट्राइक रेट: 165.06 सर्वश्रेष्ठ स्कोर: 78 रन (KKR के खिलाफ) सबसे तेज अर्धशतक: 23 गेंद उनकी यह फॉर्म दर्शाती है कि वह अभी भी बड़े मैच विनर की भूमिका निभा सकते हैं, बशर्ते वह पूरी तरह फिट हों। क्या खत्म हो रहा है रोहित शर्मा का IPL करियर? रोहित शर्मा की उम्र और हालिया चोट को देखते हुए सोशल मीडिया पर उनके आईपीएल भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि यह केवल फिटनेस का मामला है, करियर के अंत का नहीं। अब तक रोहित ने आईपीएल में कई यादगार पारियां खेली हैं और मुंबई इंडियंस के सबसे सफल कप्तानों में से एक रहे हैं।  

surbhi अप्रैल 30, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Deepshikha जून 15, 2026 0