वायरल वीडियो

Russian Foreign Minister Sergey Lavrov speaking during BRICS press conference in New Delhi
‘फोन सरेंडर करो, नहीं तो गन निकाल लेंगे...’ दिल्ली में सर्गेई लावरोव का बयान वायरल

रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नई दिल्ली में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान प्रेस वार्ता में उन्होंने एक व्यक्ति को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर सख्त लेकिन मजाकिया अंदाज में चेतावनी दी। हालांकि लावरोव की टिप्पणी गंभीर लहजे में शुरू हुई, लेकिन बाद में उन्होंने ऐसा मजाक किया कि वहां मौजूद लोग हंस पड़े। प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या हुआ? बताया जा रहा है कि घटना प्रेस वार्ता शुरू होने से ठीक पहले की है। वायरल वीडियो में लावरोव अपनी बात रख रहे थे, तभी उनकी नजर एक ऐसे व्यक्ति पर पड़ी जो मोबाइल फोन पर बात कर रहा था। इस पर उन्होंने पहले अंग्रेजी में कहा, “क्या आप यहां से थोड़ा हट सकते हैं?” इसके बाद उन्होंने दोबारा कहा, “या तो आप हट जाइए या आपका फोन।” ‘मैं मजाक नहीं कर रहा हूं’ जब संबंधित व्यक्ति ने तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दी, तो लावरोव थोड़े सख्त नजर आए। उन्होंने कहा, “क्या आप यहां से जा सकते हैं? मैं मजाक नहीं कर रहा हूं।” वीडियो में इसके बाद लावरोव इधर-उधर देखते दिखाई देते हैं, मानो सुरक्षा कर्मियों या स्टाफ से बात कर रहे हों। फिर आया ‘गन’ वाला मजाक कुछ ही सेकंड बाद लावरोव ने माहौल हल्का करते हुए कहा, “अगर आपने अपना फोन सरेंडर नहीं किया, तो वे बंदूक निकाल लेंगे।” उनकी यह टिप्पणी सुनते ही वहां मौजूद लोग हंस पड़े। सोशल मीडिया पर अब यही क्लिप तेजी से शेयर की जा रही है। सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ यूजर्स ने इसे लावरोव का ‘ड्राई ह्यूमर’ बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे प्रेस कार्यक्रम में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश माना। हालांकि, जिस व्यक्ति को यह टिप्पणी कही गई, उसकी पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है। BRICS बैठक में शामिल होने भारत आए थे लावरोव सर्गेई लावरोव 14-15 मई को आयोजित BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने भारत आए थे। इस बैठक में Seyed Abbas Araghchi समेत कई देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक ऐसे समय हुई जब पश्चिम एशिया में तनाव, ईरान संकट और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ी हुई है। सख्त बयानों के लिए जाने जाते हैं लावरोव रूस-यूक्रेन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को लेकर सर्गेई लावरोव अक्सर अपने सख्त और तीखे बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। दिल्ली में उनकी यह हल्की-फुल्की लेकिन सख्त टिप्पणी अब सोशल मीडिया पर चर्चा का नया विषय बन गई है।  

surbhi मई 16, 2026 0
Deepika Padukone and Shah Rukh Khan dancing on King set as Ranveer Singh holds daughter Dua
‘किंग’ के सेट से वायरल वीडियो: दीपिका-शाहरुख के डांस पर नन्हीं दुआ की नजर, रणवीर निभाते दिखे परफेक्ट पिता का रोल

फिल्म King की शूटिंग इन दिनों साउथ अफ्रीका के Cape Town में चल रही है, जहां से एक दिल छू लेने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में Deepika Padukone और Shah Rukh Khan एक रोमांटिक गाने की शूटिंग करते नजर आ रहे हैं, जबकि सेट पर मौजूद एक खास मेहमान ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दुआ ने चुरा लिया शो वीडियो में देखा जा सकता है कि दीपिका और शाहरुख अपनी शानदार केमिस्ट्री के साथ डांस कर रहे हैं। वहीं बैकग्राउंड में एक शख्स बच्चे को गोद में लिए नजर आता है, जिसे सोशल मीडिया यूजर्स Ranveer Singh और उनकी बेटी दुआ बता रहे हैं। क्लिप में रणवीर अपनी बेटी को गोद में लेकर शूटिंग का आनंद लेते दिखते हैं और खुद भी म्यूजिक पर हल्का-फुल्का झूमते नजर आते हैं। काम के साथ परिवार भी साथ खास बात यह है कि दीपिका, जो अपने दूसरे बच्चे की उम्मीद कर रही हैं, अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट्स को पूरा करने के लिए केप टाउन पहुंची हैं। इस दौरान उनके साथ पति रणवीर सिंह और बेटी दुआ भी मौजूद हैं। रणवीर हाल ही में अपनी फिल्म Dhurandhar The Revenge की सफलता को एंजॉय कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने शूटिंग शेड्यूल के दौरान दीपिका का साथ देने का फैसला किया। ‘किंग’ को लेकर बढ़ी उम्मीदें King का निर्देशन Siddharth Anand कर रहे हैं और यह फिल्म साल 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल मानी जा रही है। यह फिल्म शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की छठी ऑन-स्क्रीन साझेदारी होगी। इससे पहले दोनों Om Shanti Om, Chennai Express और Jawan जैसी हिट फिल्मों में साथ नजर आ चुके हैं। स्टारकास्ट और रिलीज डेट फिल्म में Suhana Khan के थिएटर डेब्यू को लेकर भी काफी चर्चा है। इसके अलावा Abhishek Bachchan, Rani Mukerji और Arshad Warsi भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म के 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने की संभावना है। फैंस क्यों हो रहे इमोशनल? इस वायरल वीडियो में जहां एक तरफ शाहरुख और दीपिका की केमिस्ट्री ने फैंस को एक्साइट किया, वहीं दूसरी तरफ रणवीर और दुआ का क्यूट मोमेंट लोगों को काफी पसंद आ रहा है। यह वीडियो न सिर्फ स्टार पावर दिखाता है, बल्कि परिवार और प्रोफेशन के संतुलन की खूबसूरत झलक भी पेश करता है।  

surbhi मई 6, 2026 0
Veteran actor Dinesh Hingoo with wife Jamunaben clarifying financial condition rumors in viral video
दिनेश हिंगू की आर्थिक तंगी की खबरों पर विराम, पत्नी जमुनाबेन ने बताया सच

हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता दिनेश हिंगू की आर्थिक स्थिति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। दावा किया गया कि 86 वर्षीय अभिनेता आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और इलाज के खर्च के लिए उन्हें इस उम्र में भी काम करना पड़ रहा है। हालांकि अब उनकी पत्नी जमुनाबेन हिंगू ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है। पत्नी ने साफ किया भ्रम जमुनाबेन हिंगू ने स्पष्ट कहा है कि उनके पति पूरी तरह ठीक हैं और परिवार आर्थिक रूप से स्थिर है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो पुराना है और उसकी वजह से गलतफहमी फैल गई। परिवार को किसी भी तरह की आर्थिक मदद की जरूरत नहीं है। इंडस्ट्री में उठी थी चिंता वीडियो सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम जैसे अमिताभ बच्चन, राकेश रोशन और बोनी कपूर ने मदद के लिए आगे आने की इच्छा जताई थी। हालांकि परिवार से पुष्टि के बाद यह साफ हो गया कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितनी बताई जा रही थी। राजेश वसानी ने दी जानकारी फिल्म इंडस्ट्री के सीनियर मेंबर राजेश वसानी ने परिवार से बात करने के बाद सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दिनेश हिंगू का परिवार खुशहाल है, उनके बच्चे और पोते-पोतियां हैं, और अभिनेता पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह पूरा मामला एक गलतफहमी का नतीजा है। वीडियो में क्या कहा था? वायरल वीडियो में दिनेश हिंगू ने बताया था कि उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्हें कभी-कभी काम करना पड़ता है और इलाज के लिए पैसे की जरूरत होती है। इसी बयान को लेकर यह धारणा बन गई कि वह आर्थिक संकट में हैं। शानदार रहा करियर करीब 300 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके दिनेश हिंगू ने बाजीगर, हेरा फेरी, साजन और नो एंट्री जैसी फिल्मों में अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का दिल जीता। जॉनी लीवर और परेश रावल जैसे कलाकारों के साथ उनकी जोड़ी को खूब सराहा गया।  

surbhi अप्रैल 25, 2026 0
Veteran actor Dinesh Hingoo with wife Jamunaben clarifying financial condition rumors in viral video
दिनेश हिंगू की आर्थिक तंगी की खबरों पर विराम, पत्नी जमुनाबेन ने बताया सच

हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता दिनेश हिंगू की आर्थिक स्थिति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। दावा किया गया कि 86 वर्षीय अभिनेता आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और इलाज के खर्च के लिए उन्हें इस उम्र में भी काम करना पड़ रहा है। हालांकि अब उनकी पत्नी जमुनाबेन हिंगू ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है। पत्नी ने साफ किया भ्रम जमुनाबेन हिंगू ने स्पष्ट कहा है कि उनके पति पूरी तरह ठीक हैं और परिवार आर्थिक रूप से स्थिर है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो पुराना है और उसकी वजह से गलतफहमी फैल गई। परिवार को किसी भी तरह की आर्थिक मदद की जरूरत नहीं है। इंडस्ट्री में उठी थी चिंता वीडियो सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम जैसे अमिताभ बच्चन, राकेश रोशन और बोनी कपूर ने मदद के लिए आगे आने की इच्छा जताई थी। हालांकि परिवार से पुष्टि के बाद यह साफ हो गया कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितनी बताई जा रही थी। राजेश वसानी ने दी जानकारी फिल्म इंडस्ट्री के सीनियर मेंबर राजेश वसानी ने परिवार से बात करने के बाद सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दिनेश हिंगू का परिवार खुशहाल है, उनके बच्चे और पोते-पोतियां हैं, और अभिनेता पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह पूरा मामला एक गलतफहमी का नतीजा है। वीडियो में क्या कहा था? वायरल वीडियो में दिनेश हिंगू ने बताया था कि उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्हें कभी-कभी काम करना पड़ता है और इलाज के लिए पैसे की जरूरत होती है। इसी बयान को लेकर यह धारणा बन गई कि वह आर्थिक संकट में हैं। शानदार रहा करियर करीब 300 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके दिनेश हिंगू ने बाजीगर, हेरा फेरी, साजन और नो एंट्री जैसी फिल्मों में अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का दिल जीता। जॉनी लीवर और परेश रावल जैसे कलाकारों के साथ उनकी जोड़ी को खूब सराहा गया।  

surbhi अप्रैल 25, 2026 0
Samay Raina performing standup comedy during Still Alive special with large audience and stage lighting
समय रैना का ‘स्टिल अलाइव’ बना ग्लोबल रिकॉर्ड होल्डर, YouTube पर सबसे ज्यादा देखा गया कॉमेडी स्पेशल

  भारतीय स्टैंडअप कॉमेडी को एक नई ऊंचाई देते हुए समय रैना के कॉमेडी स्पेशल Still Alive ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। दावा किया जा रहा है कि यह अब YouTube पर दुनिया का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला कॉमेडी स्पेशल बन चुका है। 24 घंटे में रिकॉर्ड तोड़ व्यूज 7 अप्रैल को रिलीज हुए इस स्पेशल ने लॉन्च के साथ ही इंटरनेट पर धूम मचा दी। महज 24 घंटे में इसे 2.2 करोड़ व्यूज मिले, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। 22 अप्रैल तक ‘स्टिल अलाइव’ को 5.3 करोड़ (53.78 मिलियन) से ज्यादा बार देखा जा चुका है। इसके अलावा वीडियो पर 3.8 मिलियन से अधिक लाइक्स और 2 लाख से ज्यादा कमेंट्स आ चुके हैं, जो इसकी जबरदस्त लोकप्रियता को दर्शाते हैं। AI चैटबॉट के जवाब से किया दावा समय रैना ने इस उपलब्धि को लेकर एक दिलचस्प तरीका अपनाया। उन्होंने AI चैटबॉट से पूछा कि दुनिया का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला यूट्यूब कॉमेडी स्पेशल कौन सा है। AI चैटबॉट ने ‘स्टिल अलाइव’ को नंबर-1 बताया, जिसके बाद समय रैना ने इसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया और इस उपलब्धि का दावा किया। शो में विवादित जोक्स भी चर्चा में हालांकि, ‘स्टिल अलाइव’ सिर्फ रिकॉर्ड की वजह से ही नहीं, बल्कि अपने कंटेंट को लेकर भी चर्चा में है। इस शो में समय रैना ने अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, मुकेश खन्ना और सुनील पाल जैसे कलाकारों पर रोस्टिंग की, जिससे विवाद भी खड़ा हो गया। खासतौर पर मुकेश खन्ना पर किए गए तंज के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिससे मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया। पुराने विवाद के बाद दमदार वापसी यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि समय रैना इससे पहले अपने शो इंडियाज गॉट लेटेंट को लेकर विवादों में रहे थे। 2025 में इस शो के एक एपिसोड में रणवीर अल्लाहबादिया की टिप्पणी के बाद बड़ा विवाद खड़ा हुआ था, जिसके चलते शो को बंद करना पड़ा और समय रैना को सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगनी पड़ी थी। ऐसे में ‘स्टिल अलाइव’ के जरिए उनकी यह वापसी और रिकॉर्ड बनाना इंडस्ट्री में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Transgender activist Hina Baloch speaking in interview about sexuality and society in Pakistan
पाकिस्तान का ‘ओपन सीक्रेट’ वाला दावा वायरल, जानिए कौन हैं हिना बलोच

पाकिस्तान की ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट हिना बलोच इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के समाज को लेकर विवादित दावा किया है। क्या है पूरा मामला? एक इंटरव्यू में हिना बलोच ने कहा कि पाकिस्तान में बड़ी संख्या में लोग अपनी असली सेक्शुअलिटी छिपाकर जीते हैं। उनका दावा है कि “करीब 80% लोग गे हैं और बाकी 20% बाइसेक्सुअल” उन्होंने इसे पाकिस्तान का एक “ओपन सीक्रेट” बताया हालांकि, यह बयान उनका निजी दावा है और इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि या डेटा उपलब्ध नहीं है। क्यों छिपाते हैं लोग? हिना बलोच के मुताबिक, पाकिस्तान में लोग अपनी सेक्शुअलिटी खुलकर सामने नहीं ला पाते, इसके पीछे कई कारण हैं: सामाजिक दबाव धार्मिक मान्यताएं परिवार और समाज की इज्जत का डर उन्होंने कहा कि लोग अक्सर इन कारणों का हवाला देकर अपनी पहचान छिपाते हैं। पर्सनल एक्सपीरियंस भी किया साझा हिना बलोच ने अपने निजी अनुभव बताते हुए कहा कि उन्हें अपनी सेक्शुअलिटी से ज्यादा जेंडर एक्सप्रेशन को लेकर डर था। जैसे: मेकअप करना, महिलाओं जैसे कपड़े पहनना परिवार और समाज की प्रतिक्रिया को लेकर उन्हें काफी चिंता रहती थी कौन हैं हिना बलोच? हिना बलोच पाकिस्तान की एक ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट हैं, जो LGBTQ+ समुदाय के अधिकारों और पहचान को लेकर आवाज उठाती रही हैं। सोशल मीडिया और इंटरव्यू के जरिए वे समाज के कई संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर बोलती हैं।  

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Rohit Shetty cryptic post
क्या एक्शन और कॉमेडी फिल्में बनाकर पछता रहे हैं रोहित शेट्टी? क्रिप्टिक पोस्ट से बढ़ीं अटकलें

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक रोहित शेट्टी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर किया गया एक रहस्यमयी पोस्ट है। एक्शन और कॉमेडी फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले रोहित शेट्टी ने शनिवार को इंस्टाग्राम पर अपनी एक तस्वीर साझा की, जिसके साथ लिखा गया कैप्शन तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट के बाद फैंस के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या निर्देशक अपने फिल्मी सफर या निजी हालात को लेकर किसी तनाव से गुजर रहे हैं।   पोस्ट ने खींचा सबका ध्यान रोहित शेट्टी ने पोस्ट में लिखा, “इतने साल एक्शन और कॉमेडी फिल्में बनाने में बिताए। अब साला जिंदगी में ही एक्शन और कॉमेडी चल रही है।” इस एक लाइन ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। फैंस इस पोस्ट को उनके निजी जीवन, हालिया विवादों और मौजूदा परिस्थितियों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, निर्देशक ने पोस्ट में किसी खास घटना या व्यक्ति का जिक्र नहीं किया है।   फैंस ने दिए मजेदार और भावुक रिएक्शन पोस्ट पर यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने इसे मजाकिया अंदाज में लिया, तो कुछ ने रोहित को हिम्मत बनाए रखने की सलाह दी। कई फैंस ने उनसे खतरों के खिलाड़ी के अगले सीजन को लेकर सवाल भी पूछे। वहीं कुछ यूजर्स ने उम्मीद जताई कि गोलमाल 5 उनके लिए बड़ा कमबैक साबित होगी।   जांच और काम, दोनों पर बनी नजर गौरतलब है कि जनवरी के आखिर में रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की घटना सामने आई थी, जिसकी जांच अब भी जारी है। इस मामले में कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। ऐसे में उनके पोस्ट को इसी घटना से जोड़कर भी देखा जा रहा है। वर्क फ्रंट की बात करें तो रोहित शेट्टी की अगली बड़ी फिल्म गोलमाल 5 मानी जा रही है, जिसके 2027 में रिलीज होने की संभावना है।

Anjali Kumari अप्रैल 4, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0