हरारे, एजेंसियां। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज के तीसरे और अंतिम मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। पहले दोनों मैच जीतकर सीरीज पर कब्जा जमा चुकी टीम इंडिया अब क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरी है। टीम इंडिया में दो बदलाव भारतीय टीम ने तीसरे टी20 के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए हैं। दूसरे टी20 में चोटिल हुए प्रिंस यादव की जगह अशोक शर्मा को मौका दिया गया है। वहीं शिवम दुबे को आराम देते हुए उनकी जगह सूर्यांश शेडगे को अंतिम एकादश में शामिल किया गया है। दोनों खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबला अपनी छाप छोड़ने का अच्छा अवसर माना जा रहा है। क्लीन स्वीप पर भारत की नजर श्रेयस अय्यर की अगुआई में भारतीय टीम शानदार लय में है। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और तिलक वर्मा से एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद होगी, जबकि गेंदबाजी में अशोक शर्मा पर सभी की नजर रहेगी। भारत की कोशिश लगातार तीसरी जीत दर्ज कर सीरीज 3-0 से अपने नाम करने की होगी। जिम्बाब्वे सम्मान बचाने उतरा मैदान में सीरीज गंवा चुकी जिम्बाब्वे की टीम अंतिम मुकाबले में जीत दर्ज कर सम्मान बचाने की कोशिश करेगी। कप्तान सिकंदर रज़ा की अगुआई में मेजबान टीम भारत के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन कर सीरीज का समापन जीत के साथ करना चाहेगी।
हरारे, एजेंसियां। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला आज (26 जुलाई) हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। भारतीय टीम पहले दो मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है। अब कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में टीम इंडिया की नजर जिम्बाब्वे का 3-0 से क्लीन स्वीप करने पर होगी, जबकि मेजबान टीम सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। सीरीज जीत के बाद बेंच स्ट्रेंथ को मिल सकता है मौका दूसरे टी20 के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने संकेत दिए थे कि अंतिम मुकाबले में टीम संयोजन में बदलाव हो सकता है। तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की हैमस्ट्रिंग चोट के कारण उनकी उपलब्धता पर संशय बना हुआ है। ऐसे में भारतीय टीम कुछ युवा खिलाड़ियों को मौका देकर अपनी बेंच स्ट्रेंथ भी आजमा सकती है। हालांकि टीम का लक्ष्य जीत का सिलसिला जारी रखते हुए सीरीज में क्लीन स्वीप करने का होगा। युवा खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें भारत के लिए इस सीरीज में ईशान किशन, तिलक वर्मा, वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया है। गेंदबाजी में भी युवा खिलाड़ियों ने प्रभावित किया है। तीसरे मुकाबले में भी इन खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी, जबकि जिम्बाब्वे अपने घरेलू मैदान पर आखिरी मैच जीतकर सीरीज का अंत सकारात्मक तरीके से करना चाहेगा।
हरारे, एजेंसियां। तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारत के लिए अपना टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। 27 वर्षीय विदर्भ के इस तेज गेंदबाज को भारत की प्लेइंग इलेवन में मौका मिला और उन्होंने अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 30 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। उनकी गेंदबाजी ने भारत की 90 रन की बड़ी जीत और सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त में अहम भूमिका निभाई। घरेलू क्रिकेट और IPL में शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम यश ठाकुर लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में विदर्भ और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींच रहे थे। विकेट लेने की उनकी क्षमता और डेथ ओवरों में सटीक गेंदबाजी के कारण उन्हें जिम्बाब्वे दौरे के लिए पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया था। दूसरे टी20 में डेब्यू कैप मिलने के साथ ही उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का सपना पूरा हो गया। डेब्यू मैच में दो अहम विकेट यश ठाकुर ने अपने पहले ही मैच में दबाव के बीच संयमित गेंदबाजी की। उन्होंने 4 ओवर में 30 रन देकर 2 विकेट लिए और जिम्बाब्वे की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। कप्तान श्रेयस अय्यर और टीम प्रबंधन ने भी उनके प्रदर्शन की सराहना की। भारत ने इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 219/5 का स्कोर बनाया और फिर जिम्बाब्वे को 129 रन पर समेटकर 90 रन से जीत दर्ज की। तीसरे टी20 में भी मिलेगी जिम्मेदारी दूसरे मैच में प्रभावशाली शुरुआत के बाद यश ठाकुर के तीसरे और अंतिम टी20 में भी भारतीय टीम का हिस्सा बने रहने की संभावना है। तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की फिटनेस पर संशय के बीच टीम प्रबंधन यश ठाकुर पर भरोसा बनाए रख सकता है। यदि उन्हें लगातार मौके मिलते हैं तो वह भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण में अपनी जगह मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा सकते हैं।
हरारे, एजेंसियां। भारत के टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच के बाद तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की चोट को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। अय्यर ने बताया कि प्रिंस यादव को मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग में खिंचाव महसूस हुआ और मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने संकेत दिए कि तीसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में बदलाव देखने को मिल सकता है। "चोट ज्यादा गंभीर नहीं, लेकिन जोखिम नहीं लेंगे" मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रेयस अय्यर ने कहा कि प्रिंस यादव की चोट का मेडिकल मूल्यांकन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "अभी स्कैन और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। हमें उम्मीद है कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं होगी, लेकिन अगर पूरी तरह फिट नहीं रहे तो हम कोई जोखिम नहीं लेंगे।" अय्यर ने साफ किया कि टीम प्रबंधन खिलाड़ियों के वर्कलोड और फिटनेस को प्राथमिकता देगा। तीसरे टी20 में नए खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका भारत पहले ही तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका है। ऐसे में कप्तान अय्यर ने संकेत दिए कि अंतिम मुकाबले में कुछ खिलाड़ियों को आराम दिया जा सकता है और बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को मौका मिल सकता है। यदि प्रिंस यादव फिट नहीं हो पाते हैं, तो उनकी जगह किसी अन्य तेज गेंदबाज को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। हालांकि अंतिम फैसला मैच से पहले फिटनेस रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा। सीरीज जीत के बाद अब क्लीन स्वीप पर नजर श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ियों ने दबाव में शानदार क्रिकेट खेली है। उन्होंने कहा कि सीरीज जीतने के बावजूद टीम का लक्ष्य तीसरा मैच जीतकर जिम्बाब्वे का 3-0 से क्लीन स्वीप करना है। कप्तान ने भरोसा जताया कि चाहे टीम में बदलाव हो या नहीं, भारतीय खिलाड़ी उसी आक्रामक सोच के साथ मैदान पर उतरेंगे।
हरारे, एजेंसियां। भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 90 रन से जीत दर्ज की और तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। इस जीत के साथ श्रेयस अय्यर ने भारतीय टी20 टीम के कप्तान के रूप में अपनी पहली द्विपक्षीय सीरीज जीत हासिल की। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 219/5 का मजबूत स्कोर बनाया, जिसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 17.5 ओवर में 129 रन पर सिमट गई। ईशान किशन और तिलक वर्मा ने खेली तूफानी पारियां भारत की ओर से ईशान किशन ने 44 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली, जबकि तिलक वर्मा ने नाबाद 60 रन बनाकर टीम को 200 के पार पहुंचाया। श्रेयस अय्यर ने भी 25 रन की उपयोगी पारी खेली। बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत खराब रही और टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही। भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने 3 विकेट, जबकि यश ठाकुर और प्रिंस यादव ने 2-2 विकेट लेकर मेजबान टीम की बल्लेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अय्यर के लिए राहत की जीत, अब क्लीन स्वीप पर नजर श्रेयस अय्यर के लिए यह जीत खास मानी जा रही है। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे की निराशा के बाद उन्होंने कप्तान के रूप में पहली टी20 सीरीज अपने नाम की है। भारत ने दो मैच जीतकर सीरीज पर कब्जा कर लिया है और अब उसकी नजर तीसरे एवं अंतिम मुकाबले में जीत हासिल कर जिम्बाब्वे का 3-0 से क्लीन स्वीप करने पर होगी। दूसरी ओर, जिम्बाब्वे की टीम आखिरी मैच जीतकर सम्मान बचाने की कोशिश करेगी।
हरारे, एजेंसियां। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जा रहा है। मैच में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जिसके बाद भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरेगी। सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से उतरी टीम इंडिया पहला टी20 मुकाबला जीतकर 1-0 की बढ़त बना चुकी भारतीय टीम के पास आज सीरीज अपने नाम करने का सुनहरा मौका है। कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में टीम इंडिया जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी, जबकि मेजबान जिम्बाब्वे की नजर वापसी कर सीरीज 1-1 से बराबर करने पर है। IND Vटॉस के बाद सिकंदर रजा ने कहा कि शुरुआती ओवरों में पिच से गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है, इसलिए पहले गेंदबाजी का फैसला लिया गया। वहीं श्रेयस अय्यर ने कहा कि टीम किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार है और बड़ा स्कोर खड़ा करने का प्रयास करेगी। दोनों टीमों के लिए अहम मुकाबला भारतीय बल्लेबाजों पर अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने की जिम्मेदारी होगी, जबकि जिम्बाब्वे के गेंदबाज शुरुआती विकेट लेकर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे। यदि भारत यह मुकाबला जीतता है तो तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर लेगा, वहीं जिम्बाब्वे के लिए सीरीज में बने रहने के लिए जीत दर्ज करना बेहद जरूरी होगा। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इस रोमांचक मुकाबले पर टिकी है, जहां दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान में उतरी हैं।
हरारे, एजेंसियां। भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में इतिहास रच दिया। महज 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर उन्होंने भारत की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज करियर का पहला अर्धशतक लगाने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 126 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल करते हुए सात विकेट से शानदार जीत दर्ज की। बेखौफ बल्लेबाजी से बदला मैच का रुख लक्ष्य का पीछा करने उतरे वैभव ने शुरुआत से ही जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर हमला बोला। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और लगातार बड़े शॉट लगाकर विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया। उनकी तूफानी पारी में कई चौके और छक्के शामिल रहे। कप्तान और क्रिकेट जगत ने की जमकर तारीफ मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने वैभव की बल्लेबाजी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी दबाव के निडर क्रिकेट खेला। क्रिकेट विशेषज्ञों ने भी उनकी पारी को भारतीय क्रिकेट के लिए भविष्य की बड़ी उम्मीद बताया। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का प्रदर्शन करने वाले वैभव सूर्यवंशी अब भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। उनकी इस पारी ने न केवल नया रिकॉर्ड बनाया, बल्कि टीम इंडिया को सीरीज में 1-0 की बढ़त दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई।
हरारे, एजेंसियां। भारत ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला के पहले मुकाबले में जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर विजयी शुरुआत की। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 125/7 का स्कोर बनाया, जिसे भारत ने 40 गेंद शेष रहते तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने विस्फोटक अर्धशतक जड़कर भारत की जीत में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी बनी जीत की सबसे बड़ी वजह लक्ष्य का पीछा करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने केवल 18 गेंदों में अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने चार चौकों और चार छक्कों की मदद से तेज़तर्रार पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया। उनके अलावा ईशान किशन ने 35 रन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने नाबाद 28 रन बनाकर टीम को आसान जीत दिलाई। श्रेयस अय्यर ने युवाओं की जमकर तारीफ की मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि टीम के युवा खिलाड़ियों ने बेखौफ क्रिकेट खेलकर जीत की मजबूत नींव रखी। उन्होंने विशेष रूप से वैभव सूर्यवंशी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी निडर बल्लेबाजी ने मैच को एकतरफा बना दिया। अय्यर ने कहा कि युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भारतीय टीम के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली है।
हरारे, एजेंसियां। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का पहला मुकाबला हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जा रहा है। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जिसके बाद जिम्बाब्वे की टीम पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी। सीरीज के पहले ही मुकाबले में दोनों टीमें जीत के साथ शुरुआत करने के इरादे से मैदान में उतरी हैं। मैच की शुरुआत में ही भारत को शानदार सफलता मिली और मयंक यादव ने पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को आउट कर टीम को बेहतरीन शुरुआत दिलाई। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में नई शुरुआत, युवा खिलाड़ियों पर रहेगी नजर इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय टीम नए संयोजन के साथ मैदान में उतरी है। इस सीरीज में कई युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है। कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने टीम को संतुलित प्रदर्शन दिलाने और युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। चयनकर्ताओं की नजर भी इस सीरीज में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी रहेगी। हरारे की पिच पर गेंदबाजों की परीक्षा, रोमांचक मुकाबले की उम्मीद हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद देने के लिए जानी जाती है, जबकि मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों की भूमिका अहम हो सकती है। भारतीय गेंदबाज शुरुआती विकेट लेकर जिम्बाब्वे पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे, वहीं मेजबान टीम बड़े स्कोर के लक्ष्य के साथ बल्लेबाजी कर रही है। भारत की प्लेइंग इलेवन भारत की प्लेइंग इलेवन में वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह और डेब्यू कर रहे अशोक शर्मा शामिल हैं। भारत इस मुकाबले को जीतकर सीरीज में शुरुआती बढ़त हासिल करना चाहेगा, जबकि जिम्बाब्वे घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर उलटफेर करने की कोशिश करेगा। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला सीरीज की दिशा तय करने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
हरारे, एजेंसियां। भारत और जिम्बाब्वे के बीच आज से शुरू हो रही तीन मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में कई नए चेहरों को मौका मिल सकता है। कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में टीम युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताने के मूड में है और माना जा रहा है कि तीन खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में पदार्पण कर सकते हैं। अशोक शर्मा का डेब्यू लगभग तय माना जा रहा तेज गेंदबाज अशोक शर्मा को इस सीरीज के लिए पहली बार भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है। टीम प्रबंधन उन्हें नई गेंद के साथ मौका देने पर विचार कर रहा है। हाल के घरेलू और आईपीएल प्रदर्शन के बाद उन्हें भारत के लिए खेलने का अवसर मिल सकता है। हर्ष दुबे को भी मिल सकता है पहला मौका ऑलराउंडर हर्ष दुबे भी डेब्यू के प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। बाएं हाथ के स्पिन और उपयोगी बल्लेबाजी की बदौलत उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रभावित किया है। टीम प्रबंधन उन्हें मध्यक्रम और स्पिन विभाग दोनों में विकल्प के रूप में देख रहा है। प्रभसिमरन सिंह भी कर सकते हैं टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को भी पहली बार भारतीय टी20 टीम में मौका मिला है। यदि टीम अतिरिक्त आक्रामक बल्लेबाज के साथ उतरती है तो उन्हें डेब्यू कैप मिल सकती है। आईपीएल और घरेलू टी20 क्रिकेट में उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था। युवा खिलाड़ियों को परखने का बेहतरीन अवसर इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम इस सीरीज को नई शुरुआत के रूप में देख रही है। टीम प्रबंधन का फोकस युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव देने और भविष्य की टी20 टीम तैयार करने पर है। इसी कारण डेब्यू खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का बड़ा मौका मिलेगा। प्लेइंग इलेवन पर अंतिम फैसला टॉस के बाद हालांकि भारतीय टीम प्रबंधन ने अंतिम एकादश का खुलासा नहीं किया है, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इन तीन खिलाड़ियों में से एक या अधिक खिलाड़ियों को आज हरारे में भारतीय टीम की ओर से पहली बार खेलने का मौका मिल सकता है। अंतिम निर्णय टॉस से पहले टीम संयोजन के आधार पर लिया जाएगा।
हरारे, एजेंसियां। भारत और जिम्बाब्वे के बीच आज से शुरू हो रही तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का खुलकर समर्थन किया है। अय्यर ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में वैभव ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन उन्हें भरोसा है कि युवा बल्लेबाज ने अपनी गलतियों से सीख ली है और अब वह पहले से अधिक मजबूत होकर वापसी करेगा। श्रेयस अय्यर बोले— 'डर के बिना खेलो' मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रेयस अय्यर ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बिना किसी दबाव के अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ी असफलता के डर से खेलेगा तो वह अपनी पूरी क्षमता नहीं दिखा पाएगा। कप्तान ने उम्मीद जताई कि वैभव इस दौरे पर अपनी प्रतिभा का पूरा प्रदर्शन करेंगे। वैभव ने कहा— 'चार महीनों में बहुत कुछ सीखा' 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने भी सीरीज से पहले कहा कि पिछले चार महीनों में उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने हर अनुभव से सीखने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान जिम्बाब्वे दौरे में अच्छा प्रदर्शन कर भारतीय टीम में अपनी जगह मजबूत करने पर है। बड़ी पारी का इंतजार वैभव सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है। क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर रहेगी कि उन्हें पहले मुकाबले में अंतिम एकादश में मौका मिलता है या नहीं। यदि मौका मिलता है तो यह उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का बड़ा अवसर होगा। हरभजन सिंह ने भी की जमकर तारीफ पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने भी हाल ही में वैभव सूर्यवंशी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में जिस तरह का निडर क्रिकेट वैभव खेल रहे हैं, वह बेहद खास है और उनमें भविष्य का बड़ा स्टार बनने की क्षमता है।
हरारे, एजेंसियां। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का पहला मुकाबला आज हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम इस सीरीज में नई शुरुआत के इरादे से उतरेगी। टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है, जबकि कई युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रेमियों और चयनकर्ताओं की खास नजर रहेगी। युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका भारतीय टीम में वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, हर्ष दुबे, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह और सूर्यांश शेडगे जैसे युवा खिलाड़ियों को मौका मिला है। इनमें से कुछ खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कर सकते हैं। चयनकर्ता इस सीरीज को भविष्य की टीम तैयार करने के अहम अवसर के रूप में देख रहे हैं। श्रेयस अय्यर के नेतृत्व पर भी नजर टी20 टीम की कप्तानी संभाल रहे श्रेयस अय्यर के सामने टीम को जीत की राह पर वापस लाने की चुनौती है। मैच से पहले उन्होंने खिलाड़ियों से निडर होकर खेलने और असफलता के डर से मुक्त रहने की अपील की। अय्यर का मानना है कि आक्रामक सोच के साथ खेलने से ही टीम बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। सिकंदर रजा की कप्तानी में चुनौती देगा जिम्बाब्वे मेजबान जिम्बाब्वे की टीम की कमान अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा के हाथों में होगी। टीम में तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी, रिचर्ड नगरावा और नए विकेटकीपर-बल्लेबाज तफाद्ज़वा त्सिगा को शामिल किया गया है। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर जिम्बाब्वे भारत को कड़ी टक्कर देने की कोशिश करेगा। हरारे की पिच पर तेज गेंदबाजों को मिल सकती है मदद हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पर शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग और उछाल मिलने की संभावना है। ऐसे में दोनों टीमों के बल्लेबाजों के लिए नई गेंद का सामना करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। मैच आगे बढ़ने के साथ बल्लेबाजी अपेक्षाकृत आसान होने की उम्मीद है। सीरीज में लय हासिल करने का मौका यह तीन मैचों की टी20 सीरीज भारत के लिए केवल जीत हासिल करने का अवसर नहीं, बल्कि आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी का भी अहम मंच है। यदि युवा खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करते हैं, तो आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम चयन में उन्हें मजबूत दावेदार माना जा सकता है।
कार्डिफ़, एजेंसियां। भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में 65 रन की शानदार पारी खेलते हुए अपने नाम एक और बड़ा रिकॉर्ड दर्ज कर लिया है। इस अर्धशतक के साथ विराट SENA देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में वनडे क्रिकेट में 30 अर्धशतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने राहुल द्रविड़ (29 अर्धशतक) को पीछे छोड़ दिया। इंग्लैंड के खिलाफ भी बनाई खास उपलब्धि कार्डिफ़ में खेली गई 65 रन की पारी विराट का इंग्लैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में 14वां अर्धशतक रहा। इसके साथ ही उन्होंने वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज सर विवियन रिचर्ड्स के इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में 14 बार 50 या उससे अधिक रन बनाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। रिकॉर्ड के साथ खेली जिम्मेदारी भरी पारी भारत की शुरुआत के बाद विकेट गिरने लगे तो विराट ने पारी को संभालते हुए 66 गेंदों में 65 रन बनाए। उनके साथ श्रेयस अय्यर ने भी अर्धशतक लगाया, लेकिन मध्यक्रम के लगातार विकेट गिरने से भारत 233 रन पर सिमट गया। बाद में इंग्लैंड ने जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी की बदौलत लक्ष्य हासिल कर सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। लगातार रिकॉर्ड बना रहे हैं विराट इस मुकाबले में विराट ने एक और उपलब्धि हासिल की। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 561वां मैच था, जिसके साथ उन्होंने रिकी पोंटिंग को पीछे छोड़ते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में पांचवां स्थान हासिल कर लिया। अब निर्णायक मुकाबले पर नजर भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबरी पर है। अब दोनों टीमों के बीच तीसरा और निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को खेला जाएगा, जहां विराट कोहली से एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी।
साउथैम्पटन, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का पांचवां और अंतिम मुकाबला आज साउथैम्पटन के द रोज़ बाउल मैदान पर खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार मैच शाम 7:00 बजे शुरू होगा। सीरीज में पिछड़ चुकी टीम इंडिया के सामने आखिरी मुकाबला जीतकर सम्मान बचाने की चुनौती है, जबकि इंग्लैंड जीत के साथ सीरीज का शानदार समापन करना चाहेगा। भारत के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन इस सीरीज में उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में निरंतरता की कमी देखने को मिली। ऐसे में अंतिम मुकाबला जीतकर टीम सकारात्मक संदेश देना चाहेगी। इंग्लैंड का आत्मविश्वास बुलंद हैरी ब्रूक की अगुआई वाली इंग्लैंड टीम पूरे दौरे में शानदार लय में नजर आई है। चौथे T20 में फिल सॉल्ट और हैरी ब्रूक की विस्फोटक पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से हराया था। अब मेजबान टीम उसी लय को बरकरार रखते हुए सीरीज का समापन जीत के साथ करना चाहेगी। प्लेइंग इलेवन में हो सकते हैं बदलाव भारतीय टीम प्रबंधन अंतिम मुकाबले में कुछ नए खिलाड़ियों को मौका दे सकता है। गेंदबाजी संयोजन में बदलाव के साथ बल्लेबाजी क्रम में भी फेरबदल की संभावना जताई जा रही है, ताकि आगामी वनडे सीरीज से पहले सही संयोजन तलाशा जा सके। वनडे सीरीज से पहले आखिरी मौका यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए T20 सीरीज का अंतिम मैच है। इसके बाद दोनों टीमें वनडे सीरीज की तैयारियों में जुट जाएंगी। भारत के लिए यह मैच आत्मविश्वास हासिल करने का अच्छा अवसर माना जा रहा है।
रांची। रांची में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ी राहत मिली है। सिरम टोली फ्लाईओवर के नीचे का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब कांटा टोली फ्लाईओवर से सिरम टोली तक वाहनों की आवाजाही सीधे शुरू हो गई है। पिछले लगभग एक वर्ष से सिरम टोली फ्लाईओवर के निर्माण के कारण वाहन चालकों को कांटा टोली फ्लाईओवर से उतरकर चुटिया थाना के पास यू-टर्न लेना पड़ता था, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती थी बल्कि क्षेत्र में रोजाना लंबा जाम भी लगता था। यू-टर्न खत्म, सफर हुआ आसान नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब वाहन चालकों को चुटिया थाना होकर घूमकर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। कांटा टोली फ्लाईओवर से उतरने के बाद वाहन सीधे सिरम टोली और आगे अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। इससे ट्रैफिक का दबाव कम हुआ है और लोगों का सफर पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक हो गया है। स्थानीय लोगों ने जताई खुशी स्थानीय निवासियों ने इस बदलाव का स्वागत किया है। मनोज कुमार टोप्पो ने कहा कि पिछले एक वर्ष से जाम और लंबा रास्ता लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ था, लेकिन अब राहत मिली है। वहीं अमन मिंज ने कहा कि पहले यू-टर्न की वजह से कई लोग फ्लाईओवर का उपयोग ही नहीं करते थे। मुकेश कुमार पंडित का कहना है कि अब चुटिया होकर घूमने की जरूरत खत्म हो गई है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। पिंटू सिंह ने उम्मीद जताई कि सिरम टोली फ्लाईओवर का पूरा निर्माण होने के बाद यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी। पूरा होने पर और मिलेगी राहत वर्तमान में कांटा टोली फ्लाईओवर पूरी तरह चालू है, जबकि सिरम टोली फ्लाईओवर का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके पूरा होने के बाद राजेंद्र चौक, मेकॉन, रेलवे स्टेशन, पटेल चौक, स्टेशन रोड और सुजाता चौक जैसे व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे रांची में यातायात का नया और अधिक सुगम नेटवर्क विकसित होगा।
ब्रिस्टल, एजेंसियां। इंग्लैंड के खिलाफ T20 सीरीज में लगातार हार के बाद भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर के बयान पर चर्चा तेज हो गई है। इंग्लैंड ने चौथे T20 मुकाबले में भारत को 9 विकेट से हराकर सीरीज अपने नाम कर ली, जिसके बाद अय्यर ने टीम के प्रदर्शन पर सफाई देते हुए कहा कि भारतीय टीम अभी बदलाव के दौर से गुजर रही है। श्रेयस अय्यर ने किसे ठहराया जिम्मेदार? श्रेयस अय्यर ने किसी एक खिलाड़ी को हार का जिम्मेदार नहीं ठहराया, बल्कि टीम के सामूहिक प्रदर्शन को हार की वजह बताया। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों के साथ टीम एक नए संयोजन को तैयार कर रही है और इस प्रक्रिया में गलतियां होना स्वाभाविक है। 158 रन का लक्ष्य नहीं था पर्याप्त चौथे T20 में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 158 रन बनाए, लेकिन इंग्लैंड ने इसे आसानी से हासिल कर लिया। अय्यर ने माना कि यह स्कोर जीत के लिए पर्याप्त नहीं था और टीम को बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में सुधार की जरूरत है। हैरी ब्रूक और फिल सॉल्ट ने भारत से छीनी जीत इंग्लैंड की ओर से हैरी ब्रूक और फिल सॉल्ट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह दबाव में डाल दिया। दोनों की तेज पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने लक्ष्य को महज 13.5 ओवर में हासिल कर लिया। अय्यर के बयान पर उठे सवाल लगातार सीरीज हार के बाद अय्यर का "टीम ट्रांजिशन में है" वाला बयान क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि सिर्फ बदलाव का हवाला देने के बजाय टीम को अपनी रणनीति और प्रदर्शन में सुधार करना होगा। अब सम्मान बचाने की चुनौती इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम के सामने अब शनिवार को होने वाले आखिरी मुकाबले में जीत दर्ज कर सम्मान बचाने की चुनौती होगी। टीम मैनेजमेंट की नजरें अगले मैच में प्लेइंग इलेवन और रणनीति में बदलाव पर रहेंगी।
ब्रिस्टल, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 9 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर पहली बार भारत के खिलाफ दो या उससे अधिक मैचों की द्विपक्षीय टी20 सीरीज अपने नाम कर ली। श्रेयस अय्यर ने अकेले संभाली भारतीय पारी टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 158 रन बनाए। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार संघर्ष करते हुए 49 गेंदों में नाबाद 80 रन बनाए, जिसमें कई आकर्षक चौके और छक्के शामिल रहे। उनके अलावा शिवम दुबे ने 22 रन का योगदान दिया, जबकि बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। आर्चर और टंग ने भारत को नहीं संभलने दिया इंग्लैंड की ओर से तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 20 रन देकर 2 विकेट लिए। जॉश टंग ने भी 2 विकेट झटके और भारतीय बल्लेबाजी पर लगातार दबाव बनाए रखा। दोनों गेंदबाजों ने शुरुआती झटके देकर भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया। ब्रूक और सॉल्ट ने भारत से छीन ली जीत 159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत में एक विकेट गंवाया, लेकिन इसके बाद कप्तान हैरी ब्रूक और सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। ब्रूक ने सिर्फ 35 गेंदों में नाबाद 79 रन, जबकि सॉल्ट ने 42 गेंदों में नाबाद 59 रन बनाए। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 146 रन की अटूट साझेदारी कर टीम को 13.5 ओवर में ही जीत दिला दी। भारतीय गेंदबाज रहे बेअसर भारत की ओर से अर्शदीप सिंह को एकमात्र विकेट मिला। बाकी गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे। ब्रूक और सॉल्ट ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। इंग्लैंड ने रचा इतिहास इस जीत के साथ इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ अपनी पहली द्विपक्षीय टी20 सीरीज जीत दर्ज की। वहीं भारत को लगातार हार का सामना करना पड़ा और टीम की बल्लेबाजी व गेंदबाजी दोनों पर सवाल उठने लगे हैं। अब दोनों टीमें शनिवार को सीरीज के अंतिम मुकाबले में आमने-सामने होंगी, जहां भारत सम्मान बचाने और इंग्लैंड क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरेगा।
रांची। रांची के धुर्वा स्थित झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) स्टेडियम में 24 जून को झारखंड प्रीमियर लीग (JPL) 2026 के फाइनल मैच के दौरान हुई भगदड़ और तोड़फोड़ के मामले में आखिरकार प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। घटना के 15 दिन बाद धुर्वा थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर हीरालाल साह के लिखित आवेदन पर 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच (सनहा संख्या-31/26) पूरी होने के बाद यह कार्रवाई की है। कैसे हुई अफरा तफरा जैसी हाल? एफआईआर में आरोप है कि कुछ लोगों ने जबरन मुख्य प्रवेश द्वार और बैरिकेडिंग तोड़कर स्टेडियम में प्रवेश करने की कोशिश की, जिससे अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस के अनुसार फाइनल मुकाबले के लिए बड़ी संख्या में फ्री पास जारी किए गए थे। इसके अलावा आम दर्शकों के लिए भी प्रवेश निशुल्क रखा गया था, जिसके कारण स्टेडियम की क्षमता से अधिक लोग पहुंच गए। सुरक्षा जांच के बाद दर्शकों को अंदर भेजा जा रहा था, लेकिन क्षमता पूरी होने पर मुख्य गेट बंद कर दिया गया। इसके बाद बाहर मौजूद भीड़ के एक हिस्से ने जबरन अंदर घुसने का प्रयास किया। रांची पुलिस अब स्टेडियम के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। एसपी ने बताया कि फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नॉटिंघम, एजेंसियां। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 में 125 रन की रिकॉर्ड हार के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन पर गहरी निराशा जताई। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अय्यर ने कहा कि बल्लेबाज परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में पूरी तरह नाकाम रहे और टीम का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप नहीं था। उन्होंने माना कि इतनी बड़ी हार से सबक लेकर टीम को अगले मुकाबलों में बेहतर क्रिकेट खेलना होगा। 'बल्लेबाज़ी में नहीं दिखा धैर्य' श्रेयस अय्यर ने कहा कि शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद किसी भी बल्लेबाज़ ने बड़ी साझेदारी बनाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने स्वीकार किया कि टीम ने गलत शॉट खेले और दबाव की स्थिति में धैर्य नहीं दिखाया। कप्तान ने कहा कि बल्लेबाज़ी इकाई को अपनी रणनीति पर गंभीरता से काम करना होगा। गेंदबाज़ों का भी नहीं मिला साथ अय्यर ने माना कि गेंदबाज़ भी इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों पर शुरुआती दबाव बनाने में सफल नहीं रहे। उन्होंने कहा कि मेजबान टीम ने पावरप्ले और डेथ ओवरों का पूरा फायदा उठाया, जिससे भारत के सामने बड़ा लक्ष्य खड़ा हो गया। वापसी का भरोसा जताया भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम इस हार से निराश जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों में वापसी की क्षमता है। उन्होंने विश्वास जताया कि टीम अपनी गलतियों का विश्लेषण करेगी और अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए सीरीज में वापसी की कोशिश करेगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। 23 जुलाई से शुरू होने वाली इस सीरीज के लिए चार नए खिलाड़ियों हर्ष दुबे, प्रभसिमरन सिंह, यश ठाकुर और अशोक शर्मा को पहली बार टीम में जगह दी गई है। वहीं, रिंकू सिंह और मयंक यादव की टीम में वापसी हुई है। इस दौरे पर श्रेयस अय्यर टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है। इन खिलाड़ियों को मिला आराम बीसीसीआई ने इंग्लैंड दौरे को देखते हुए कई प्रमुख खिलाड़ियों को इस सीरीज से आराम दिया है। इनमें अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, रवि बिश्नोई और संजू सैमसन शामिल हैं। ये खिलाड़ी फिलहाल इंग्लैंड में भारतीय टीम के साथ व्यस्त हैं। घरेलू और आईपीएल प्रदर्शन का मिला इनाम नई टीम में शामिल खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया है। बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे ने हाल के मैचों में प्रभावशाली गेंदबाजी की है, जबकि तेज गेंदबाज यश ठाकुर और अशोक शर्मा ने इंडिया-ए तथा घरेलू टूर्नामेंटों में अपनी छाप छोड़ी। विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए शानदार बल्लेबाजी का पुरस्कार मिला है। 23 जुलाई से होगी सीरीज भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीनों टी20 मुकाबले 23, 25 और 27 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे। पिछली बार भारत ने 2024 में जिम्बाब्वे दौरे पर पांच मैचों की टी20 सीरीज 4-1 से अपने नाम की थी। भारतीय टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव और प्रभसिमरन सिंह।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच डरहम के चेस्टर-ली-स्ट्रीट में खेला गया पहला टी-20 मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए, लेकिन लगातार बारिश के कारण इंग्लैंड अपनी पारी शुरू नहीं कर सका और मैच रद्द घोषित कर दिया गया। मैच भले ही बेनतीजा रहा, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने कई यादगार रिकॉर्ड अपने नाम किए। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने महज 24 गेंदों में 59 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। इसी दौरान उन्होंने सिर्फ 785 गेंदों में टी-20 इंटरनेशनल में 100 छक्के पूरे कर दुनिया के सबसे तेज बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने वेस्टइंडीज के ईविन लुईस (789 गेंद) का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। साथ ही, अभिषेक इंग्लैंड की धरती पर सबसे तेज टी-20 अर्धशतक लगाने वाले भारतीय भी बन गए। उन्होंने केवल 20 गेंदों में फिफ्टी पूरी कर केएल राहुल का 27 गेंदों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। श्रेयस ने कप्तानी में रचा इतिहास भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने 47 गेंदों में 68 रन की शानदार पारी खेली और इंग्लैंड में टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अर्धशतक लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए। उन्होंने विराट कोहली के 47 रन के पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय में बतौर कप्तान उनकी पहली फिफ्टी रही। मैच के अन्य अहम पलों में ईशान किशन का लगातार दूसरे मैच में रन आउट होना और अभिषेक शर्मा का डीआरएस के बाद एलबीडब्ल्यू आउट होना शामिल रहा। वहीं, चेस्टर-ली-स्ट्रीट में भारत का लगातार तीसरा अंतरराष्ट्रीय मुकाबला भी बारिश के कारण बिना नतीजे के समाप्त हुआ। हालांकि मैच पूरा नहीं हो सका, लेकिन अभिषेक और श्रेयस की पारियों ने भारतीय टीम के लिए सकारात्मक संकेत जरूर दिए।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।