हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता Bharat Kapoor का सोमवार को 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ज्यादा खराब बताई जा रही थी। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई है। करीबी दोस्त ने दी निधन की पुष्टि अभिनेता Avtar Gill ने इस दुखद खबर की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि भरत कपूर का अंतिम संस्कार सोमवार शाम 6 बजे संपन्न हुआ, जिसमें परिवार के सदस्य, करीबी मित्र और Indian People's Theatre Association से जुड़े कुछ लोग शामिल हुए। उनकी प्रार्थना सभा 30 अप्रैल को शाम 5 से 7 बजे के बीच उनके निवास पर आयोजित की जाएगी। चार दशकों का शानदार करियर भरत कपूर ने 1970 के दशक में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और करीब चार दशकों तक फिल्मों, टेलीविजन और थिएटर में सक्रिय रहे। उन्होंने Noorie, Ram Balram, Love Story, Bazaar, Ghulami, Aakhree Raasta, Satyamev Jayate, Swarg, Khuda Gawah और Saajan Chale Sasural जैसी कई चर्चित फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। खासतौर पर उनके खलनायक किरदार दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहे। आशोक पंडित ने दी भावुक श्रद्धांजलि फिल्ममेकर Ashoke Pandit ने भरत कपूर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे एक शानदार अभिनेता होने के साथ-साथ बेहद अच्छे इंसान भी थे। पंडित के अनुसार, एक कलाकार के रूप में उनकी याददाश्त असाधारण थी और वे अपने संवादों को पूरी सटीकता के साथ याद रखते थे। उन्होंने यह भी कहा कि भरत कपूर कैमरे के सामने हमेशा चौंकाने वाला प्रदर्शन देते थे। असल जिंदगी में शांत स्वभाव के होने के बावजूद, स्क्रीन पर वे अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को प्रभावित कर देते थे। परिवार और निजी जीवन भरत कपूर अपने पीछे पत्नी लोपा, बेटे राहुल और सागर को छोड़ गए हैं। उनकी बेटी कविता का कुछ वर्ष पहले ही निधन हो चुका था। उनका जाना न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता दिनेश हिंगू की आर्थिक स्थिति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। दावा किया गया कि 86 वर्षीय अभिनेता आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और इलाज के खर्च के लिए उन्हें इस उम्र में भी काम करना पड़ रहा है। हालांकि अब उनकी पत्नी जमुनाबेन हिंगू ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है। पत्नी ने साफ किया भ्रम जमुनाबेन हिंगू ने स्पष्ट कहा है कि उनके पति पूरी तरह ठीक हैं और परिवार आर्थिक रूप से स्थिर है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो पुराना है और उसकी वजह से गलतफहमी फैल गई। परिवार को किसी भी तरह की आर्थिक मदद की जरूरत नहीं है। इंडस्ट्री में उठी थी चिंता वीडियो सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम जैसे अमिताभ बच्चन, राकेश रोशन और बोनी कपूर ने मदद के लिए आगे आने की इच्छा जताई थी। हालांकि परिवार से पुष्टि के बाद यह साफ हो गया कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितनी बताई जा रही थी। राजेश वसानी ने दी जानकारी फिल्म इंडस्ट्री के सीनियर मेंबर राजेश वसानी ने परिवार से बात करने के बाद सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दिनेश हिंगू का परिवार खुशहाल है, उनके बच्चे और पोते-पोतियां हैं, और अभिनेता पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह पूरा मामला एक गलतफहमी का नतीजा है। वीडियो में क्या कहा था? वायरल वीडियो में दिनेश हिंगू ने बताया था कि उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्हें कभी-कभी काम करना पड़ता है और इलाज के लिए पैसे की जरूरत होती है। इसी बयान को लेकर यह धारणा बन गई कि वह आर्थिक संकट में हैं। शानदार रहा करियर करीब 300 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके दिनेश हिंगू ने बाजीगर, हेरा फेरी, साजन और नो एंट्री जैसी फिल्मों में अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का दिल जीता। जॉनी लीवर और परेश रावल जैसे कलाकारों के साथ उनकी जोड़ी को खूब सराहा गया।
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता दिनेश हिंगू की आर्थिक स्थिति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। दावा किया गया कि 86 वर्षीय अभिनेता आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और इलाज के खर्च के लिए उन्हें इस उम्र में भी काम करना पड़ रहा है। हालांकि अब उनकी पत्नी जमुनाबेन हिंगू ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है। पत्नी ने साफ किया भ्रम जमुनाबेन हिंगू ने स्पष्ट कहा है कि उनके पति पूरी तरह ठीक हैं और परिवार आर्थिक रूप से स्थिर है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो पुराना है और उसकी वजह से गलतफहमी फैल गई। परिवार को किसी भी तरह की आर्थिक मदद की जरूरत नहीं है। इंडस्ट्री में उठी थी चिंता वीडियो सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम जैसे अमिताभ बच्चन, राकेश रोशन और बोनी कपूर ने मदद के लिए आगे आने की इच्छा जताई थी। हालांकि परिवार से पुष्टि के बाद यह साफ हो गया कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितनी बताई जा रही थी। राजेश वसानी ने दी जानकारी फिल्म इंडस्ट्री के सीनियर मेंबर राजेश वसानी ने परिवार से बात करने के बाद सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दिनेश हिंगू का परिवार खुशहाल है, उनके बच्चे और पोते-पोतियां हैं, और अभिनेता पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह पूरा मामला एक गलतफहमी का नतीजा है। वीडियो में क्या कहा था? वायरल वीडियो में दिनेश हिंगू ने बताया था कि उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्हें कभी-कभी काम करना पड़ता है और इलाज के लिए पैसे की जरूरत होती है। इसी बयान को लेकर यह धारणा बन गई कि वह आर्थिक संकट में हैं। शानदार रहा करियर करीब 300 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके दिनेश हिंगू ने बाजीगर, हेरा फेरी, साजन और नो एंट्री जैसी फिल्मों में अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का दिल जीता। जॉनी लीवर और परेश रावल जैसे कलाकारों के साथ उनकी जोड़ी को खूब सराहा गया।
बॉलीवुड की चर्चित फिल्म Chori Chori Chupke Chupke एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह बनी है फिल्ममेकर Ram Gopal Varma का हालिया खुलासा, जिसमें उन्होंने बताया कि इस फिल्म के निर्माण के दौरान किस तरह अंडरवर्ल्ड कनेक्शन सामने आए थे। कैसे शुरू हुआ प्रोजेक्ट राम गोपाल वर्मा ने पत्रकार Hussain Zaidi से बातचीत में बताया कि फिल्म के फाइनेंसर Bharat Shah को एक ऐसे शख्स ने संपर्क किया, जिसने दावा किया कि उसके पास Salman Khan की डेट्स हैं। जब इस बात की पुष्टि सलमान खान से हुई, तो भरत शाह को भरोसा हो गया और उन्होंने फिल्म में निवेश कर दिया। इसके बाद फिल्म की शूटिंग शुरू हो गई। अंडरवर्ल्ड कनेक्शन से मचा हड़कंप हालात तब बिगड़े जब बाद में पता चला कि फिल्म के निर्माता Nazim Rizvi के कथित संबंध अंडरवर्ल्ड डॉन Chhota Shakeel से थे। राम गोपाल वर्मा के मुताबिक, उस समय भरत शाह को लगा कि वह एक वैध बिजनेस कर रहे हैं और निर्माता के निजी संबंधों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। फिरौती कॉल ने बढ़ाई मुश्किलें मामला और गंभीर तब हुआ जब फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े एक कारोबारी को 5 करोड़ रुपये की फिरौती की कॉल आई। मदद के लिए उसने भरत शाह से संपर्क किया, यह सोचकर कि रिजवी के अंडरवर्ल्ड कनेक्शन से समाधान निकल सकता है। बातचीत के बाद यह रकम घटाकर 2 करोड़ रुपये कर दी गई, लेकिन इससे इंडस्ट्री में डर और तनाव का माहौल बन गया। पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी आखिरकार 2001 में मुंबई पुलिस ने Bharat Shah और Nazim Rizvi को गिरफ्तार कर लिया। भरत शाह को अंडरवर्ल्ड कनेक्शन की जानकारी छुपाने का दोषी माना गया और एक साल की सजा सुनाई गई। हालांकि, पहले से 14 महीने हिरासत में रहने के कारण उन्हें तुरंत रिहा कर दिया गया। वहीं नाजिम रिजवी और उनके सहयोगियों को जबरन वसूली और अंडरवर्ल्ड से संबंध रखने के मामले में दोषी ठहराया गया और छह साल की सजा सुनाई गई। बॉलीवुड फाइनेंसिंग का काला सच यह मामला उस दौर की एक बड़ी सच्चाई को उजागर करता है, जब फिल्म इंडस्ट्री में फाइनेंसिंग के जरिए अंडरवर्ल्ड का दखल चर्चा में था। फिल्म में Preity Zinta और Rani Mukerji भी अहम भूमिकाओं में थीं, और यह फिल्म अपने विषय के साथ-साथ विवादों के कारण भी याद की जाती है।
जून 2026 सिनेप्रेमियों के लिए किसी फिल्मी त्योहार से कम नहीं होने वाला है। इस महीने बड़े सितारों और बहुप्रतीक्षित फिल्मों का ऐसा लाइनअप तैयार है, जो हर हफ्ते दर्शकों को थिएटर तक खींचने की पूरी क्षमता रखता है। एक्शन, रोमांस, इमोशनल ड्रामा और कॉमेडी—हर जॉनर की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अपनी किस्मत आजमाने के लिए तैयार हैं। ‘टॉक्सिक’ से होगी महीने की धमाकेदार शुरुआत जून की शुरुआत 4 जून को रिलीज होने वाली Toxic: A Fairy Tale for Grownups से होगी। इस फिल्म में Yash लीड रोल में नजर आएंगे। पहले यह फिल्म मार्च में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इसे जून में शिफ्ट किया गया है। फिल्म में Kiara Advani, Nayanthara, Huma Qureshi और Tara Sutaria जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। यह एक स्टाइलिश पीरियड गैंगस्टर ड्रामा बताया जा रहा है, जो दर्शकों को नया सिनेमाई अनुभव देगा। रोमांस और ड्रामा का मेल ‘कॉकटेल 2’ में 19 जून को रिलीज होगी Cocktail 2, जिसमें Shahid Kapoor, Kriti Sanon और Rashmika Mandanna की फ्रेश केमिस्ट्री देखने को मिलेगी। Homi Adajania के निर्देशन में बनी यह फिल्म आधुनिक रिश्तों और इमोशंस की कहानी को नए अंदाज में पेश करेगी। ‘मैं वापस आऊंगा’ में इमोशनल गहराई 12 जून को रिलीज होने वाली Main Wapas Aaunga को Imtiaz Ali ने डायरेक्ट किया है। फिल्म में Diljit Dosanjh, Naseeruddin Shah, Vedang Raina और Sharvari Wagh मुख्य भूमिकाओं में हैं। कहानी प्रेम, जुदाई और भावनात्मक संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का वादा करती है। ‘वेलकम टू द जंगल’ से कॉमेडी का तड़का महीने के अंत में 26 जून को रिलीज होगी Welcome to the Jungle। इस मल्टीस्टारर फिल्म में Akshay Kumar, Sanjay Dutt, Suniel Shetty, Arshad Warsi और Paresh Rawal जैसे दिग्गज नजर आएंगे। Ahmed Khan के निर्देशन में बनी यह फिल्म दर्शकों को भरपूर हंसी का डोज देने वाली है। बॉक्स ऑफिस के लिए क्यों खास है जून? जून 2026 की खासियत यह है कि हर हफ्ते अलग जॉनर की फिल्म रिलीज हो रही है। इससे न केवल दर्शकों के पास विकल्प बढ़ेंगे, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। बड़े सितारों की मौजूदगी और विविध कंटेंट इस महीने को साल के सबसे अहम सिनेमाई फेज में बदल सकते हैं।
बॉलीवुड अभिनेता Varun Dhawan और अभिनेत्री Mrunal Thakur की बहुप्रतीक्षित फिल्म Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। लंबे समय से चर्चा में बनी इस रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म का फर्स्ट लुक 13 अप्रैल को आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही मेकर्स ने फिल्म की रिलीज डेट में भी अहम बदलाव किया है, जिससे दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है। फिल्म के फर्स्ट लुक में Varun Dhawan का एनर्जेटिक अंदाज और Mrunal Thakur की फ्रेश स्क्रीन प्रेजेंस देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर इस झलक को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। फिल्म का टोन हल्का-फुल्का, मनोरंजक और पूरी तरह फैमिली एंटरटेनमेंट वाला नजर आ रहा है। इस फिल्म की एक और बड़ी खासियत है कि इसका निर्देशन दिग्गज फिल्ममेकर David Dhawan ने किया है। इससे पहले Varun Dhawan और David Dhawan की जोड़ी ‘मैं तेरा हीरो’ और ‘जुड़वा 2’ जैसी सफल फिल्मों में साथ काम कर चुकी है। यह उनकी तीसरी फिल्म है, जिससे दर्शकों को एक बार फिर हिट कॉमेडी की उम्मीद है। फिल्म में Pooja Hegde और Mouni Roy भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगी, जिससे फिल्म का स्टार पावर और बढ़ गया है। रिलीज डेट में बदलाव पहले यह फिल्म 12 जून 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब मेकर्स ने इसे प्रीपोन कर दिया है। नई घोषणा के अनुसार, Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai अब 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यानी दर्शकों को अब इस फिल्म के लिए कम इंतजार करना पड़ेगा। फर्स्ट लुक और रिलीज डेट में बदलाव के साथ ही फिल्म ने रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच मजबूत चर्चा बना ली है। अब देखना होगा कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर क्या कमाल दिखाती है।
बॉलीवुड के लिए एक ऐतिहासिक क्षण तब सामने आया जब धुरंधर 2: द रिवेंज ने रिलीज के 18वें दिन भारत में 1000 करोड़ रुपये के नेट कलेक्शन का आंकड़ा पार कर लिया। रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी रफ्तार पकड़ी है, जिसने हिंदी सिनेमा के कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 18 दिनों में ऐतिहासिक कमाई फिल्म ने पहले ही हफ्ते में 674.17 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया, जबकि दूसरे हफ्ते में 263.65 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की। 18वें दिन 34.44 करोड़ रुपये की कमाई के साथ फिल्म का कुल भारत नेट कलेक्शन 1,013.77 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि ग्रॉस कलेक्शन 1,213.74 करोड़ रुपये हो चुका है। हिंदी सिनेमा में नया रिकॉर्ड यह फिल्म हिंदी सिनेमा की पहली फिल्म बन गई है जिसने अकेले हिंदी भाषा में 900 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है। बिना बड़े त्योहार या खास प्रमोशन के भी फिल्म का लगातार अच्छा प्रदर्शन यह साबित करता है कि कंटेंट और स्टार पावर का सही मेल दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सक्षम है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन और रैंकिंग वैश्विक स्तर पर भी फिल्म का दबदबा कायम है। कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹1,598.74 करोड़ भारतीय फिल्मों में तीसरा स्थान फिलहाल इससे आगे पुष्पा 2 और बाहुबली 2 जैसी मेगा ब्लॉकबस्टर फिल्में हैं, लेकिन जिस रफ्तार से ‘धुरंधर 2’ आगे बढ़ रही है, उससे यह मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। कहानी और स्टारकास्ट ने जीता दिल फिल्म की कहानी हमजा अली मजारी नाम के एक भारतीय जासूस के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पाकिस्तान के लियारी इलाके में घुसकर खुफिया मिशन को अंजाम देता है। फिल्म में अर्जुन रामपाल, आर माधवन और संजय दत्त जैसे दिग्गज कलाकारों ने भी दमदार अभिनय किया है। क्या टूटेंगे और रिकॉर्ड? फिल्म की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में ‘धुरंधर 2’ कई और बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकती है। यह फिल्म हिंदी सिनेमा की ग्लोबल पहचान को भी नई ऊंचाई पर ले जाती दिख रही है।
फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ (Dhurandhar 2) को लेकर चल रहे विवाद के बीच दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने आलोचकों पर तीखा पलटवार किया है। फिल्म को ‘प्रोपेगेंडा’ बताने वालों को लेकर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसे लोगों को इग्नोर करना ही बेहतर है। क्या है पूरा मामला? रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ एक तरफ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसके कुछ सीन को लेकर इसे ‘पॉलिटिकल प्रोपेगेंडा’ बता रहे हैं। हाल ही में ‘सैयारा’ एक्ट्रेस अनीत पड्डा की बहन ने भी फिल्म पर निशाना साधते हुए इसे प्रोपेगेंडा बताया था। इसके साथ ही उन्होंने ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर भी टिप्पणी की थी। ‘लोग मूर्ख नहीं हैं’ - अनुपम खेर दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 में अनुपम खेर ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा- “हमें उन लोगों को इग्नोर करना चाहिए, जो सिनेमा को प्रोपेगेंडा बताते हैं। हम उनकी बकवास बातों में अपनी एनर्जी वेस्ट करते हैं।” आगे उन्होंने दर्शकों का जिक्र करते हुए कहा- “लोग मूर्ख नहीं हैं। अगर रात 12 बजे भी शो हाउसफुल जा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि लोगों को फिल्म पसंद आ रही है।” यहीं नहीं, उन्होंने तंज कसते हुए कहा- “जो लोग इसे प्रोपेगेंडा कह रहे हैं, उन्हें ‘रेस्ट इन पीस’ (RIP) कहना चाहिए।” ‘सिनेमा एक बिजनेस भी है’ अनुपम खेर ने सिनेमा के प्रभाव पर बात करते हुए कहा कि: सिनेमा लोगों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह हर दर्शक पर निर्भर करता है फिल्म इंडस्ट्री भी एक बिजनेस है अच्छी फिल्म हमेशा दर्शकों को कुछ न कुछ सीख या अनुभव देकर जाती है अपनी फिल्म ‘Tanvi The Great’ पर भी बोले अनुपम खेर ने अपनी फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ का जिक्र करते हुए बताया कि: फिल्म को रिलीज हुए 25 हफ्ते पूरे हो चुके हैं यह फिल्म अब सिल्वर जुबली मना रही है लिमिटेड रिलीज के बावजूद फिल्म का इतना लंबा चलना एक बड़ी उपलब्धि है
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपने कानूनी मामले को लेकर चर्चा में हैं। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस केस में फंसे अभिनेता को हाल ही में जमानत मिली है। इस मुश्किल दौर में उन्हें फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से जो आर्थिक और भावनात्मक सहयोग मिला, उसे लेकर अब उन्होंने खुलकर आभार जताया है। ‘आशीर्वाद की बारिश’ जैसा लगा साथ एक इंटरव्यू के दौरान राजपाल यादव ने कहा कि देश-विदेश से मिला प्यार और समर्थन उनके लिए बेहद भावुक कर देने वाला था। उन्होंने इस सहयोग को “आशीर्वाद की बारिश” करार दिया। उनके मुताबिक, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग के लोगों ने इस कठिन समय में उनका साथ दिया। ‘जिंदगी भर चुकाऊंगा यह कर्ज’ राजपाल यादव ने भावुक होते हुए कहा कि यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि लोगों के भरोसे और प्यार का प्रतीक है। उन्होंने कहा- “मैं जिंदगी भर इस एहसान को चुकाने की कोशिश करूंगा। अपने काम और मनोरंजन के जरिए लोगों का प्यार लौटाऊंगा।” हर मदद का रखा जा रहा हिसाब अभिनेता ने बताया कि उन्होंने अपनी टीम को निर्देश दिया है कि हर छोटी-बड़ी मदद का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। चाहे किसी ने 1 रुपये की मदद की हो या बड़ी रकम सभी का हिसाब सुरक्षित किया जा रहा है ताकि भविष्य में हर किसी को सम्मानपूर्वक लौटाया जा सके। सोनू सूद समेत कई सितारों ने बढ़ाया हाथ इस कठिन समय में फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने उनका साथ दिया। सोनू सूद सहित कई सेलेब्स ने आर्थिक मदद की, हालांकि राजपाल यादव ने सभी नाम सार्वजनिक नहीं किए, ताकि मदद करने वालों की निजता बनी रहे। मुश्किल दौर बना सीख राजपाल यादव के लिए यह समय एक बड़ी सीख बनकर सामने आया है। उन्हें इस दौरान लोगों के सच्चे प्यार, भरोसे और साथ का एहसास हुआ, जिसे वह जीवनभर याद रखना चाहते हैं।
Ranveer Singh की फिल्म Dhurandhar: The Revenge इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है। सिनेमाघरों में फिल्म के शो हाउसफुल जा रहे हैं और दर्शकों की भारी भीड़ इसे देखने पहुंच रही है। इसी बीच Akshay Kumar की बहुप्रतीक्षित फिल्म Bhooth Bangla 10 अप्रैल 2026 को रिलीज के लिए तैयार है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या धुरंधर की सफलता ‘भूत बंगला’ के कारोबार पर असर डालेगी? इस मुद्दे पर खुद अक्षय कुमार ने अपनी राय रखी है। एक मीडिया बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि किसी भी फिल्म के लिए तीन हफ्ते यानी करीब 21 दिन का समय काफी होता है। उन्होंने कहा कि “यह इंडस्ट्री के लिए अच्छा संकेत है कि फिल्में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। इससे कलाकारों और फिल्मों को प्रमोशन के बेहतर मौके भी मिलते हैं।” अक्षय कुमार ने Dhurandhar: The Revenge की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा को एक नए स्तर पर पहुंचाया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों फिल्मों का जॉनर पूरी तरह अलग है। जहां ‘धुरंधर’ एक एक्शन-प्रधान एडल्ट फिल्म है, वहीं ‘भूत बंगला’ एक फैमिली और बच्चों के लिए बनाई गई हॉरर-कॉमेडी है। उन्होंने यह भी बताया कि ‘भूत बंगला’ को किसी ट्रेंड को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया, बल्कि कहानी को प्राथमिकता दी गई। “हमने सिर्फ यह देखा कि कहानी अच्छी है या नहीं, उसी आधार पर फिल्म बनाई,” अक्षय ने कहा। ‘भूत बंगला’ खास इसलिए भी है क्योंकि इसमें अक्षय कुमार एक बार फिर निर्देशक Priyadarshan के साथ लंबे समय बाद काम कर रहे हैं। फिल्म में Paresh Rawal, Rajpal Yadav, Tabu और Wamiqa Gabbi भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि ‘धुरंधर’ की मजबूत पकड़ के बीच ‘भूत बंगला’ बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन करती है।
बॉलीवुड में लंबे समय बाद किसी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा तूफान खड़ा किया है, जिसने सभी पुराने रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है। धुरंधर 2: द रिवेंज ने रिलीज के पहले ही दिन ऐतिहासिक कमाई करते हुए हिंदी सिनेमा के इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। रणवीर सिंह की इस स्पाई थ्रिलर ने पहले दिन ही 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया, जो अब तक किसी भी हिंदी फिल्म के लिए संभव नहीं हो पाया था। फिल्म का कुल ओपनिंग कलेक्शन (पेड प्रिव्यू समेत) 146 करोड़ तक पहुंच गया है, जिसने इसे बॉलीवुड की सबसे बड़ी ओपनर फिल्म बना दिया है। पेड प्रिव्यू से ही मचा दिया तहलका फिल्म ने रिलीज से पहले ही बुधवार शाम को पेड प्रिव्यू के जरिए जबरदस्त शुरुआत की। सिर्फ इन प्रिव्यू शो से ही फिल्म ने करीब 43 करोड़ रुपये की कमाई कर ली। इससे पहले यह रिकॉर्ड ‘स्त्री 2’ के नाम था, जिसने लगभग 10 करोड़ का प्रिव्यू कलेक्शन किया था। ‘धुरंधर 2’ ने इस रिकॉर्ड को चार गुना से भी ज्यादा अंतर से तोड़ दिया। पहले दिन 100 करोड़ के पार पेड प्रिव्यू के दमदार कलेक्शन के चलते फिल्म ने पहले दिन ही उड़ान भर ली। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने गुरुवार को घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 103 करोड़ रुपये की कमाई की। इस तरह कुल मिलाकर पहले दिन का कलेक्शन 146 करोड़ तक पहुंच गया। बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स हुए ध्वस्त ‘धुरंधर 2’ ने कई सुपरहिट फिल्मों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया: ‘स्त्री 2’ – 54 करोड़ ‘पठान’ – 57 करोड़ ‘एनिमल’ – 64 करोड़ ‘जवान’ – 75 करोड़ सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के स्तर पर भी इस फिल्म ने बड़ा मुकाम हासिल किया है। इसकी ओपनिंग ‘बाहुबली 2’ (121 करोड़) और ‘RRR’ (133 करोड़) से भी आगे निकल गई है। अब यह ‘पुष्पा 2’ (164 करोड़) के बाद भारत की दूसरी सबसे बड़ी ओपनर बन गई है। निर्देशन और स्टारकास्ट बनी ताकत फिल्म का निर्देशन आदित्य धर ने किया है, जो पहले ही अपने दमदार कंटेंट के लिए जाने जाते हैं। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ आर माधवन अर्जुन रामपाल संजय दत्त सारा अर्जुन जैसे सितारों की मजबूत टीम नजर आ रही है। क्या टूटेगा ‘धुरंधर’ का भी रिकॉर्ड? गौरतलब है कि ‘धुरंधर’ का पहला पार्ट दुनियाभर में 1300 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर चुका है। जिस तरह से इसके सीक्वल ने शुरुआत की है, उससे साफ है कि यह फिल्म जल्द ही अपने ही पहले पार्ट का रिकॉर्ड भी तोड़ सकती है।
साल 2026 की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल Dhurandhar 2: The Revenge अब रिलीज से पहले ही सुर्खियों में छाई हुई है। निर्देशक Aditya Dhar ने फिल्म का अंतिम रनटाइम 3 घंटे 52 मिनट (232 मिनट) तय कर दिया है, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में शामिल कर देता है। Ranveer Singh स्टारर यह स्पाई-एक्शन ड्रामा अब तक की सातवीं सबसे लंबी भारतीय फीचर फिल्म बन गई है। A सर्टिफिकेट के साथ सेंसर पास, लंबाई बनी चर्चा का विषय फिल्म को Central Board of Film Certification (CBFC) ने A सर्टिफिकेट के साथ पास किया है। इसका मतलब है कि फिल्म में कुछ ऐसे सीन या कंटेंट हैं, जो केवल वयस्क दर्शकों के लिए उपयुक्त हैं। करीब 4 घंटे की लंबाई के चलते यह फिल्म सिनेमाघरों के लिए भी एक चुनौती बन सकती है, क्योंकि एक दिन में सीमित शोज ही चल पाएंगे। भारतीय सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में शामिल ‘धुरंधर 2’ ने लंबाई के मामले में कई बड़ी फिल्मों की सूची में अपनी जगह बना ली है। इससे लंबी फिल्मों में शामिल हैं: Tamas (298 मिनट) Thavamai Thavamirundhu (275 मिनट) LOC: Kargil (255 मिनट) Mera Naam Joker (248 मिनट) Sangam (238 मिनट) Lagaan (233 मिनट) रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर धमाका फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि एक दिन पहले प्रीव्यू शो भी शुरू हो जाएंगे। रिलीज से पहले ही फिल्म ने एडवांस बुकिंग में दुनियाभर में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतिम प्री-सेल्स 150 से 200 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती हैं, जो इसे साल की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्मों में शामिल कर सकती है। मल्टी-लैंग्वेज रिलीज, लेकिन स्क्रीनिंग में चुनौती Jio Studios और B62 Studios के बैनर तले बनी यह फिल्म हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में भी रिलीज होगी। हालांकि, लंबे रनटाइम के कारण कई सिनेमाघरों में स्क्रीनिंग स्लॉट सीमित रहने की संभावना है, जिससे शुरुआती दिनों में टिकट की डिमांड और बढ़ सकती है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।