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Delhi Launches AC Buses for Bihar Routes

दिल्ली से बिहार के 6 शहरों के लिए शुरू होंगी AC लग्जरी बसें, छठ से पहले यात्रियों को बड़ी राहत; किराया भी होगा किफायती

surbhi अगस्त 7, 2026 0
AC luxury interstate buses prepared for Delhi to Bihar routes ahead of Chhath to provide affordable and comfortable travel.
Delhi to Bihar AC Luxury Bus Service

नई दिल्ली/पटना: छठ पूजा के दौरान ट्रेन टिकट की भारी मांग और लंबी वेटिंग लिस्ट से जूझने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली सरकार छठ से पहले बिहार के लिए 50 से अधिक AC लग्जरी इंटर-स्टेट बसें शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस योजना का उद्देश्य ट्रेनों पर बढ़ते दबाव को कम करना और यात्रियों को आरामदायक व किफायती यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराना है।

छठ से पहले शुरू होगी नई बस सेवा

हर साल छठ पूजा के दौरान दिल्ली से बिहार जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिलती है। कई यात्रियों को कन्फर्म टिकट तक नहीं मिल पाता।

इसी समस्या को देखते हुए दिल्ली सरकार ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्तावित योजना के तहत छठ से पहले 50 से ज्यादा AC लग्जरी बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी है।

बिहार के इन 6 शहरों तक मिलेगी सीधी सुविधा

योजना के पहले चरण में दिल्ली से बिहार के छह प्रमुख शहरों के लिए बस सेवा शुरू करने की तैयारी है।

  • पटना
  • गया
  • मुजफ्फरपुर
  • दरभंगा
  • पूर्णिया
  • भागलपुर

इन शहरों के लिए सीधी बस सेवा मिलने से लाखों यात्रियों को त्योहारों के दौरान यात्रा में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली और बिहार सरकार के बीच होगा समझौता

दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह के अनुसार, यह योजना दिल्ली और बिहार सरकार के बीच होने वाले समझौता ज्ञापन (MoU) का हिस्सा है।

सरकार की कोशिश है कि छठ पर्व से पहले बसों का संचालन शुरू कर दिया जाए। जानकारी के मुताबिक, दोनों सरकारों के बीच सितंबर में MoU पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

प्राइवेट बसों से कम होगा किराया

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि सरकारी AC बसों का किराया निजी बसों की तुलना में कम रखने की तैयारी है।

इससे यात्रियों को कम खर्च में आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। साथ ही यह सेवा केवल छठ तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे साल संचालित किए जाने की योजना है।

आधुनिक BS-VI बसों का होगा संचालन

अधिकारियों के अनुसार, लंबी दूरी के लिए 12 मीटर लंबी आधुनिक AC BS-VI बसें चलाई जाएंगी।

इन बसों में यात्रियों के सामान रखने के लिए पर्याप्त लगेज स्पेस होगा। फिलहाल लंबी दूरी के रूट पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को देखते हुए इलेक्ट्रिक बसों की जगह BS-VI डीजल बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।

बसों का संचालन वेट-लीज मॉडल पर होगा, जिसमें एक कॉन्ट्रैक्टर परिचालन की जिम्मेदारी संभालेगा।

यात्रियों और DTC दोनों को होगा फायदा

सरकार का मानना है कि इस पहल से त्योहारों के दौरान ट्रेनों पर दबाव कम होगा और यात्रियों को यात्रा का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

यदि यात्रियों से अच्छा प्रतिसाद मिलता है, तो भविष्य में बसों की संख्या और रूट दोनों बढ़ाए जा सकते हैं। इससे दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (DTC) की आय में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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बिहार में मौसम का अलर्ट, आज आंधी-वज्रपात की चेतावनी; 9-10 अगस्त को भारी बारिश के आसार

पटना, एजेंसियां। बिहार में मानसून के सक्रिय रहने के बीच मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए बारिश और आंधी-वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 7 अगस्त के पूर्वानुमान के अनुसार आज और 8 अगस्त को राज्य में गरज-चमक और आंधी की स्थिति बन सकती है। वहीं 9 और 10 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।   कई दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर   मौसम विभाग के अनुसार बिहार में अगले कई दिनों तक मौसम सक्रिय रहने वाला है। 7 और 8 अगस्त को आंधी-वज्रपात की चेतावनी है, जबकि 9 और 10 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसके बाद भी 11 से 13 अगस्त तक गरज-चमक और आंधी की स्थिति बनी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।   आंधी और बिजली गिरने के दौरान सावधानी जरूरी   बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की स्थिति में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है। खेतों में काम करने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। तेज हवा के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं के आसपास खड़े होने से बचना भी जरूरी है।   किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण मौसम अपडेट   मानसून की सक्रियता से राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इससे खरीफ फसलों को फायदा मिल सकता है, लेकिन लगातार तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में जलजमाव और खेतों में पानी भरने की समस्या भी पैदा हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

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बिहार के 19 जिलों में आज बारिश और वज्रपात का अलर्ट, 6 जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी

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Bihar Education Department directs officials to clear pending salary and DA payments for TRE-1, TRE-2, TRE-3, and special category teachers.
बिहार के TRE-1, TRE-2 और TRE-3 शिक्षकों के लिए बड़ी राहत, लंबित वेतन और DA भुगतान पर शिक्षा विभाग सख्त

पटना: बिहार के लाखों नियोजित, बीपीएससी चयनित (TRE-1, TRE-2, TRE-3) और विशिष्ट शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से लंबित वेतन और महंगाई भत्ता (DA) की अंतर राशि के भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि लंबित मामलों का जल्द निपटारा कर योग्य शिक्षकों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। शिक्षा विभाग ने जारी किया अंतिम अल्टीमेटम जानकारी के अनुसार, कई जिलों में आवश्यक दस्तावेज और वेतन संबंधी विपत्र समय पर जमा नहीं होने के कारण भुगतान प्रक्रिया अटकी हुई है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को अंतिम चेतावनी जारी की है। निर्देश में कहा गया है कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित दस्तावेज जिला कार्यालय में उपलब्ध कराए जाएं। यदि तय समय सीमा के भीतर दस्तावेज जमा नहीं किए गए, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। पहले भी दिए गए थे निर्देश शिक्षा विभाग ने बताया कि मई और जून 2026 में भी सभी प्रखंडों को आवश्यक दस्तावेज भेजने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कई स्थानों से अब तक पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण हजारों शिक्षकों का वेतन और DA की अंतर राशि लंबित है। अब विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आखिर भुगतान क्यों रुका? विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, कई प्रखंडों से वेतन स्वीकृति से जुड़े आवश्यक विपत्र और अन्य दस्तावेज समय पर जिला कार्यालय नहीं भेजे गए। जब तक ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं होंगे, तब तक वेतन और DA भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकती। इसलिए सभी BEO को समयबद्ध तरीके से आवश्यक कागजात भेजने का निर्देश दिया गया है। शिक्षकों को भी दी गई अहम सलाह शिक्षा विभाग ने शिक्षकों से भी अपील की है कि वे बिना आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए सीधे जिला कार्यालय में आवेदन न दें। पहले संबंधित प्रखंड स्तर पर सभी औपचारिकताएं पूरी करें, उसके बाद ही मामला जिला कार्यालय भेजें। इससे भुगतान प्रक्रिया में तेजी आएगी और अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा। पूरे बिहार के शिक्षकों को क्या होगा फायदा? हालांकि फिलहाल कार्रवाई जिला स्तर पर तेज की गई है, लेकिन इसका असर पूरे बिहार में देखने को मिल सकता है। राज्य के कई जिलों में TRE-1, TRE-2, TRE-3 और विशिष्ट शिक्षकों के वेतन एवं DA भुगतान से जुड़े मामले लंबित हैं। शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद उम्मीद है कि लंबित फाइलों का तेजी से निपटारा होगा और हजारों शिक्षकों के खातों में जल्द वेतन तथा DA की अंतर राशि भेजी जाएगी। शिक्षा विभाग का साफ संदेश विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वेतन भुगतान में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर लंबित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हालांकि विभाग ने भुगतान की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन दस्तावेज पूरे होने के बाद भुगतान प्रक्रिया तेज होने की संभावना जताई गई है।  

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शादी के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की प्रतिक्रिया
शादी के सवाल पर मुस्कुराए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, जवाब दिए बिना बढ़े आगे

पटना। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक महिला पत्रकार ने उनसे शादी को लेकर सवाल पूछा। सवाल सुनते ही निशांत कुमार मुस्कुरा दिए, लेकिन बिना कोई जवाब दिए आगे बढ़ गए। उनका यही रिएक्शन अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।   कार्यक्रम के दौरान पूछा गया निजी सवाल   गुरुवार को निशांत कुमार आईजीआईएमएस में कई आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान एक महिला पत्रकार ने कहा कि वह ऐसा सवाल पूछना चाहती हैं जो सोशल मीडिया पर ट्रेंड करेगा। इसके बाद उन्होंने पूछा कि क्या मार्च महीने में उनकी शादी होने वाली है।   मुस्कुराए, लेकिन नहीं दिया कोई जवाब   शादी से जुड़ा सवाल सुनते ही स्वास्थ्य मंत्री मुस्कुराए और बिना कोई प्रतिक्रिया दिए वहां से आगे बढ़ गए। उनके इस अंदाज पर मौके पर मौजूद अधिकारी और पत्रकार भी मुस्कुरा उठे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है।   मार्च 2026 में रखी थी सक्रिय राजनीति में कदम   निशांत कुमार, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश Kumar के बेटे हैं। लंबे समय तक राजनीति से दूर रहने के बाद उन्होंने मार्च 2026 में जनता दल (यूनाइटेड) की सदस्यता लेकर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेना शुरू किया।   मई 2026 में बने स्वास्थ्य मंत्री   7 मई 2026 को बिहार सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया। उस समय उनके उपमुख्यमंत्री बनने की भी चर्चा हुई थी, लेकिन बाद में उन्होंने यह पद नहीं लिया। वर्तमान में वह राज्य के स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।   शादी को लेकर लगती रही हैं अटकलें   45 वर्षीय निशांत कुमार अब तक अविवाहित हैं। इसी वजह से समय-समय पर उनकी शादी को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि आईजीआईएमएस में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी। केवल उनकी मुस्कान ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

ranjan kumar tiwari अगस्त 7, 2026 0
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