बिहार

Bihar Students Can Get Online Teacher Support Till 11 PM

बिहार के छात्रों के लिए बड़ी पहल! अब रात 11 बजे तक ऑनलाइन शिक्षक से पूछ सकेंगे सवाल, 15 अगस्त से शुरू होगी सुविधा

surbhi अगस्त 14, 2026 0
Bihar students attending online classes as government expands digital education support with teachers available until 11 PM.
Bihar Students Get Online Teacher Support Till 11 PM

पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़े सवालों और विषयों की कठिनाइयों के समाधान के लिए केवल स्कूल के समय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। 15 अगस्त से छात्र रात 11 बजे तक ऑनलाइन शिक्षकों से जुड़कर अपनी पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे।

इस सुविधा का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान आने वाली समस्याओं का समय पर समाधान उपलब्ध कराना और डिजिटल माध्यम से शिक्षा को ज्यादा सुलभ बनाना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में आयोजित AAGAAZ 2026 कार्यक्रम के दौरान इस पहल की जानकारी दी।

रात 11 बजे तक ऑनलाइन शिक्षक रहेंगे उपलब्ध

मुख्यमंत्री के मुताबिक बिहार में पहले से चल रहे बिहार स्कूल लाइव क्लासेस कार्यक्रम को अब और विस्तारित किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत छात्र रात में भी ऑनलाइन शिक्षक से जुड़कर किसी विषय या टॉपिक से संबंधित अपनी शंका दूर कर सकेंगे।

अगर किसी विद्यार्थी को पढ़ाई करते समय किसी सवाल को समझने में परेशानी होती है, तो उसे अगले दिन स्कूल खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वह निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन शिक्षक से सहायता ले सकेगा।

सरकार का लक्ष्य खास तौर पर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराना है।

551 मॉडल स्कूलों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

राज्य में सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 19 जुलाई को 551 मॉडल स्कूलों का शुभारंभ किया गया था।

इन स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, ई-लाइब्रेरी और तकनीक आधारित शिक्षण जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

इनका फायदा खास तौर पर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी आधुनिक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना है।

ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए डिजिटल सुविधाओं का विस्तार विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है, क्योंकि उन्हें अतिरिक्त पढ़ाई के लिए हर बार बड़े शहरों या निजी संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

211 ब्लॉकों में खुलेंगे डिग्री कॉलेज

उच्च शिक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समीक्षा के दौरान राज्य के 211 ब्लॉकों में डिग्री कॉलेज नहीं होने की बात सामने आई थी।

इसके बाद इन सभी ब्लॉकों में डिग्री कॉलेज स्थापित करने का निर्णय लिया गया। सरकार के अनुसार, इस दिशा में 15 जुलाई से काम शुरू कर दिया गया है।

इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए अपने क्षेत्र से दूर जाने की मजबूरी कम करना और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को कॉलेज शिक्षा से जोड़ना है।

कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को लेकर भी सरकार की योजना बताई। उनके अनुसार, नियमित कॉलेजों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है।

10 अगस्त से नवनियुक्त शिक्षकों ने अलग-अलग कॉलेजों में योगदान देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक चिन्हित 211 कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति पूरी हो चुकी है और वहां पढ़ाई भी शुरू हो गई है।

सरकार का लक्ष्य अगले तीन महीनों के भीतर राज्य के सभी कॉलेजों में स्थायी शिक्षकों की बहाली पूरी करना है।

डिजिटल शिक्षा से सरकारी स्कूलों के छात्रों को फायदा

बिहार सरकार की इन पहलों में स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक डिजिटल और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। रात 11 बजे तक ऑनलाइन शिक्षकों की उपलब्धता से विद्यार्थियों को घर पर पढ़ाई के दौरान आने वाली समस्याओं का समाधान मिलने की उम्मीद है।

वहीं, मॉडल स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं और नए डिग्री कॉलेजों के साथ शिक्षकों की नियुक्ति से स्कूली और उच्च शिक्षा दोनों स्तरों पर सुविधाओं को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

बिहार

View more
बिहार की पंचायतों में पंचायत भवन पर आधार सेवा केंद्र शुरू करने की तैयारी
बिहार की 8,053 पंचायतों में पंचायत भवन पर ही बनेगा आधार कार्ड, 64 तरह की सुविधाएं भी मिलेंगी

पटना, एजेंसियां। बिहार के ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य की सभी 8,053 पंचायतों में पंचायत सरकार भवन के जरिए आधार सेवा केंद्र शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीणों को आधार बनवाने या उसमें बदलाव कराने के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।   पंचायत भवन में ही आधार का काम     प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पंचायत सरकार भवन में आधार सेवा केंद्र खोले जाएंगे। यहां नया आधार बनवाने के साथ आधार में जरूरी अपडेट भी कराया जा सकेगा। पंचायती राज विभाग और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के बीच इसके संचालन को लेकर करार की प्रक्रिया चल रही है।   केंद्र के लिए जरूरी कंप्यूटर और अन्य उपकरण पंचायती राज विभाग उपलब्ध कराएगा, जबकि संचालन CSC के कर्मचारी करेंगे। आधार सेवा केंद्र चलाने के लिए आवश्यक अनुमति भी मिल चुकी है।   आधार के अलावा 64 नागरिक सेवाओं का लाभ     इन केंद्रों पर सिर्फ आधार से जुड़े काम नहीं होंगे। ग्रामीणों को करीब 64 तरह की सरकारी और नागरिक सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें जाति, आय और आवास प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, दाखिल-खारिज, जमाबंदी, एलपीसी और ऑनलाइन लगान भुगतान जैसी सेवाएं शामिल हैं।   इसके अलावा छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन और कृषि से जुड़ी सेवाओं का लाभ भी पंचायत स्तर पर मिलने की व्यवस्था की जाएगी।   पैन कार्ड से लेकर टिकट बुकिंग तक सुविधा     पंचायत भवन में प्रस्तावित केंद्रों पर पैन कार्ड, पासबुक अपडेट और बिजली-पानी जैसे यूटिलिटी बिलों के भुगतान की सुविधा भी मिलेगी। बैंकिंग और बीमा से जुड़ी सेवाओं में लोन तथा माइक्रो क्रेडिट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।   यात्रियों के लिए रेल, बस और हवाई टिकट बुकिंग की सुविधा भी प्रस्तावित है। इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे सरकारी और डिजिटल कामों के लिए प्रखंड मुख्यालय जाने की जरूरत कम होगी।   आधार बनाने के लिए 75 रुपये शुल्क     नई व्यवस्था में नया आधार बनवाने के लिए 75 रुपये शुल्क निर्धारित होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, जाति, आय, आवास और कुछ अन्य प्रमाण पत्रों से जुड़ी करीब 21 सेवाओं के लिए शुल्क नहीं लिया जाएगा। निर्धारित शुल्क से अधिक राशि मांगने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही गई है।   फिलहाल यह योजना शुरू करने की तैयारी चल रही है। पंचायती राज विभाग और CSC के बीच समझौते के बाद पंचायत सरकार भवनों में इन केंद्रों के संचालन का रास्ता साफ होगा।

ranjan kumar tiwari अगस्त 14, 2026 0
बिहार में 16 और 17 अगस्त को भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

बिहार में 16 और 17 अगस्त को भी बारिश के आसार, कई इलाकों में मौसम रहेगा सक्रिय

Barachatti police POCSO Act

गया में POCSO एक्ट के आरोपी समेत तीन गिरफ्तार, बाराचट्टी पुलिस की कार्रवाई

Bihar Panchayat Elections 2027

Bihar Panchayat Elections 2027: परिसीमन के बाद ही तय होगी तारीख, जुलाई-अगस्त से पहले मतदान मुश्किल

Muzaffarpur ASI Vipin Singh suspended after a viral video showed him dancing with an alleged liquor trader.
मुजफ्फरपुर में वायरल वीडियो से खुली ASI की पोल, शराब कारोबारी संग डांस करना पड़ा भारी; निलंबित

मुजफ्फरपुर में एक वायरल वीडियो ने पुलिस विभाग में हलचल मचा दी। औराई थाना क्षेत्र में डायल-112 में तैनात ASI विपिन सिंह को शराब कारोबारी के साथ डांस करते हुए वीडियो सामने आने के बाद निलंबित कर दिया गया। जांच में कारोबारी के साथ उनके अनावश्यक मेलजोल की पुष्टि हुई। वायरल वीडियो के बाद शुरू हुई जांच मामला मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र का है। डायल-112 में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (ASI) विपिन सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में वह क्षेत्र के एक कथित शराब कारोबारी के साथ डांस करते नजर आ रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूर्वी-1 के स्तर से पूरे मामले की जांच कराई गई। जांच में शराब कारोबारी से संपर्क की पुष्टि जांच के दौरान वायरल वीडियो में ASI विपिन सिंह के साथ औराई क्षेत्र के शराब कारोबारी दिलचंद राय के मौजूद होने की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट में दोनों के बीच अनावश्यक मेलजोल की बात भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, दिलचंद राय के खिलाफ शराब बरामदगी से जुड़े तीन मामलों में आरोप पत्र दाखिल किए जाने का उल्लेख जांच रिपोर्ट में किया गया है। ऐसे व्यक्ति के साथ पुलिस अधिकारी का इस तरह संपर्क में रहना विभाग ने गंभीर अनुशासनहीनता माना। पुलिस सेवा की गरिमा प्रभावित होने की बात जांच रिपोर्ट में ASI के आचरण को संदिग्ध और अनुशासनहीन बताया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, शराब कारोबारी के साथ इस तरह का मेलजोल पुलिस सेवा की गरिमा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा पर सवाल खड़े करता है। जांच अधिकारी की अनुशंसा के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने ASI विपिन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद भी विभागीय कार्रवाई जारी पुलिस विभाग की ओर से अब इस मामले में आगे की विभागीय प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वायरल वीडियो और जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मी के आचरण की समीक्षा की जा रही है। इस कार्रवाई के जरिए पुलिस विभाग ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि संदिग्ध लोगों से अनुचित संपर्क या अनुशासनहीन व्यवहार सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।  

surbhi अगस्त 14, 2026 0
Road widening and bridge renovation project planned from Bhartiya Nagar to Hussain Chowk in Saharsa, Bihar.

सहरसा में सड़क विकास को मिली रफ्तार, भारतीय नगर से हुसैन चौक तक चौड़ी होगी सड़क; जर्जर पुल का भी होगा कायाकल्प

Two Kanwariyas die after a Hydra vehicle collides with a bus returning from Baba Baidyanath Dham in Patna.

बाबाधाम से लौटते समय दर्दनाक हादसा, बस की छत पर बैठे दो कांवरियों की मौत; पटना में हाइड्रा ने मारी टक्कर

Patna Metro expansion with six-coach trains and new elevated corridor planned between Khemnichak and Mithapur.

पटना मेट्रो का बढ़ेगा दायरा, 6 कोच वाली ट्रेनें बढ़ाएंगी रफ्तार; दिसंबर में आएंगे 3 नए ट्रेन सेट

Prashant Kishor meets Bankipur youth and asks them to submit CVs while promising employment opportunities.
बांकीपुर के युवाओं से प्रशांत किशोर ने मांगे CV, 10 हजार रोजगार का वादा; बोले- “जनता ने अपना काम कर दिया, अब मेरी बारी”

पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार क्षेत्र में पहुंचे। अपने आभार कार्यक्रम और जनसंपर्क अभियान के दौरान उन्होंने युवाओं, शिक्षा, राशन और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर कई बड़े वादे किए। सबसे ज्यादा जोर उन्होंने रोजगार पर दिया। प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर की जनता ने चुनाव में अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है और अब उनकी बारी है कि वे क्षेत्र के लोगों के लिए काम करें। उन्होंने अगले एक से दो वर्षों में क्षेत्र के 10 हजार शिक्षित युवाओं को रोजगार दिलाने का प्रयास करने का दावा किया। युवाओं से कार्यालय में CV जमा करने की अपील प्रशांत किशोर ने बांकीपुर के युवाओं और उनके अभिभावकों से अपने बायोडाटा और CV जनसुराज कार्यालय में जमा करने को कहा। उन्होंने बताया कि पार्टी के संपर्क में मौजूद निजी एजेंसियों और संस्थानों के माध्यम से युवाओं को रोजगार दिलाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि रोजगार का उद्देश्य केवल नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि युवाओं को अपने रोजमर्रा के खर्च के साथ परिवार की जिम्मेदारियां उठाने में सक्षम बनाना है। प्रशांत किशोर ने लोगों से लंबे समय के लिए भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में उनके और उनके बच्चों के जीवन में बदलाव दिखाई देने की कोशिश की जाएगी। शिक्षा व्यवस्था सुधारने का भी दावा बांकीपुर दौरे के दौरान शिक्षा को लेकर भी प्रशांत किशोर ने अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहतर करने और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने की बात कही। उनका कहना था कि क्षेत्र के विकास के लिए रोजगार के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना भी जरूरी है। राशन कार्ड और पेंशन की समस्याओं पर भी फोकस प्रशांत किशोर ने राशन कार्ड और पेंशन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इस दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए करीब तीन महीने का समय मांगा और दावा किया कि राशन कार्ड बनवाने जैसी सेवाओं में रिश्वत की शिकायतों को खत्म करने की कोशिश होगी। बोले- “जनता ने अपना काम कर दिया, अब मेरी बारी” कार्यक्रम में प्रशांत किशोर ने अपनी जीत को जनता के भरोसे से जोड़ते हुए कहा कि मतदाताओं ने अपना काम कर दिया है। अब उनकी जिम्मेदारी है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों को जमीन पर उतारने का प्रयास करें। उन्होंने बांकीपुर के अलग-अलग वार्डों में लगातार जनसंपर्क अभियान चलाने की बात भी कही। जनसुराज की ओर से बांकीपुर को रोजगार, शिक्षा और विकास के क्षेत्र में एक मॉडल विधानसभा क्षेत्र बनाने का दावा किया जा रहा है। बीजेपी के पुराने गढ़ में जनसुराज की बड़ी जीत अगस्त 2026 में हुए बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को करीब 19,324 वोटों के अंतर से हराया था। इस जीत के साथ जनसुराज पार्टी को पहली बार विधानसभा में प्रतिनिधित्व मिला। बांकीपुर को लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में यहां जनसुराज की जीत को बिहार की राजनीति में अहम बदलाव के संकेत के तौर पर देखा गया। अब चुनावी जीत के बाद प्रशांत किशोर के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने रोजगार और विकास से जुड़े वादों को धरातल पर उतारने की होगी।  

surbhi अगस्त 14, 2026 0
Bihar students attending online classes as government expands digital education support with teachers available until 11 PM.

बिहार के छात्रों के लिए बड़ी पहल! अब रात 11 बजे तक ऑनलाइन शिक्षक से पूछ सकेंगे सवाल, 15 अगस्त से शुरू होगी सुविधा

PM-JANMAN scheme

PM-JANMAN योजना के तहत PVTG छात्रों को मुफ्त हॉस्टल, 6 जिलों में बनेंगे 15 छात्रावास

Dark storm clouds over Bihar as heavy rain, thunderstorms and lightning trigger weather alerts across several districts.

Bihar Weather: बिहार में फिर बदला मौसम, 5 जिलों में रेड अलर्ट; पटना समेत कई इलाकों में आंधी-बारिश का खतरा

0 Comments

Top week

Government and opposition clash in Parliament over Amit Shah's response to police action during Delhi student protests.
राष्ट्रीय

संसद में फिर आमने-सामने सरकार और विपक्ष, अमित शाह के जवाब को लेकर सियासी घमासान; NDA की 'मंगल मिलन' रणनीति से राहुल गांधी पर निशाना

surbhi अगस्त 11, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?