भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और इसी बढ़ते बाजार पर अब वैश्विक कंपनियों की भी नजर है। वियतनाम की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी VinFast ने भारत में अपने नए इलेक्ट्रिक स्कूटर का डिजाइन पेटेंट कराया है। इस कदम को कंपनी की भारतीय ईवी टू-व्हीलर बाजार में एंट्री की मजबूत तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
अगर VinFast भारतीय बाजार में इस स्कूटर को लॉन्च करती है, तो इसका सीधा मुकाबला OLA Electric, TVS Motor, Bajaj Auto, Ather Energy और अन्य स्थापित कंपनियों के इलेक्ट्रिक स्कूटरों से होगा। कंपनी ने फिलहाल लॉन्च डेट और कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन पेटेंट दाखिल होने के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही इससे जुड़े और बड़े अपडेट सामने आ सकते हैं।
VinFast की पैरेंट कंपनी Vingroup भारत को अपने सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में शामिल कर रही है। कंपनी पहले ही भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों को लेकर अपनी योजनाओं का ऐलान कर चुकी है और हाल ही में अपनी Green SM इलेक्ट्रिक कैब सेवा के जरिए भी भारतीय बाजार में मौजूदगी दर्ज करा चुकी है।
अब इलेक्ट्रिक स्कूटर का डिजाइन पेटेंट यह संकेत देता है कि कंपनी सिर्फ चार पहिया वाहनों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में भी अपनी मजबूत हिस्सेदारी बनाना चाहती है।
पेटेंट इमेज के अनुसार नया इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी के मौजूदा VinFast Viper मॉडल से काफी मिलता-जुलता दिखाई देता है, लेकिन इसमें कई नए डिजाइन अपडेट किए गए हैं।
संभावित डिजाइन फीचर्स में शामिल हैं—
इन बदलावों के चलते स्कूटर का लुक पहले से अधिक मॉडर्न और प्रीमियम नजर आता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार नए इलेक्ट्रिक स्कूटर में कई आधुनिक फीचर्स देखने को मिल सकते हैं। इनमें शामिल हैं—
इन फीचर्स के साथ VinFast का यह स्कूटर प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में मजबूत दावेदारी पेश कर सकता है।
कंपनी के मौजूदा VinFast Viper मॉडल में 1.5kWh की फिक्स्ड बैटरी मिलती है, जिससे लगभग 82 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज प्राप्त होती है।
इसके अलावा इसमें 1.15kWh की अतिरिक्त बैटरी लगाने का विकल्प भी दिया जाता है। दोनों बैटरियों के साथ कुल संभावित रेंज लगभग 150 किलोमीटर तक पहुंच जाती है, जो रोजाना शहर में आने-जाने वाले ग्राहकों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
हालांकि भारत में आने वाले मॉडल में यही बैटरी सेटअप मिलेगा या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मौजूदा VinFast Viper में 3000W पीक पावर वाला रियर हब मोटर मिलता है, जो लगभग 4bhp की पावर जनरेट करता है। इसकी टॉप स्पीड करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है।
यदि भारतीय मॉडल इसी पावरट्रेन के साथ लॉन्च होता है, तो यह शहरों में रोजमर्रा की यात्रा के लिए एक संतुलित और किफायती विकल्प बन सकता है।
फिलहाल VinFast ने भारत में इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की लॉन्च डेट, कीमत और आधिकारिक स्पेसिफिकेशन का खुलासा नहीं किया है। हालांकि डिजाइन पेटेंट दाखिल होने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि कंपनी जल्द ही भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में अपनी नई पेशकश के साथ दस्तक दे सकती है।
यदि ऐसा होता है तो आने वाले समय में भारतीय ईवी बाजार में प्रतिस्पर्धा और भी तेज होने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
हैदराबाद, एजेंसियां। Ferrari की पहली प्रोडक्शन इलेक्ट्रिक कार Ferrari Luce की पहली यूनिट ने नीलामी में रिकॉर्ड कीमत हासिल की है। RM Sotheby’s Monterey Auction 2026 में Ferrari Luce की पहली प्रोडक्शन यूनिट को 40 मिलियन डॉलर यानी करीब 381.8 करोड़ रुपये की बोली में बेचा गया। खास बात यह है कि नीलामी से मिलने वाली राशि Ferrari Foundation के जरिए शिक्षा से जुड़े कार्यों में इस्तेमाल की जाएगी। पहली यूनिट को मिला खास कस्टम लुक नीलामी में बेची गई Ferrari Luce ‘Chassis 0’ को Ferrari के Tailor Made प्रोग्राम के तहत खास तौर पर तैयार किया गया है। कार में विशेष माद्रेपरला सेमी-ग्लॉस एक्सटीरियर फिनिश, सफेद फिनिश वाले पांच-स्पोक अलॉय व्हील और खास ब्रेक कैलिपर्स दिए गए हैं। कंपनी के मुताबिक, इस खास पेंट में ऐसा पिगमेंट इस्तेमाल किया गया है जो रोशनी के कोण और तीव्रता के आधार पर अलग-अलग रंगों में रिफ्लेक्शन देता है। पर्ला लेदर से सजा है इंटीरियर Ferrari Luce के केबिन में लाइट-टोन कलर स्कीम दी गई है। सीटों और अन्य हिस्सों में पर्ला रंग का खास ले मैंस मेटैलिक लेदर इस्तेमाल किया गया है। इंटीरियर के दूसरे हिस्सों में ब्लैक के बजाय ग्रिगियो कोरवारा फिनिश दी गई है। Ferrari की पहली इलेक्ट्रिक और पांच सीटर कार Ferrari Luce कंपनी की पहली प्रोडक्शन इलेक्ट्रिक कार होने के साथ-साथ पहली पांच-सीटर कार भी है। इसे खास EV प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। कार में क्वाड-मोटर ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम मिलता है। लॉन्च कंट्रोल एक्टिवेट होने पर यह 1035 bhp की पावर और 990 Nm का टॉर्क जनरेट करती है। कार का व्हील टॉर्क 11,500 Nm बताया गया है। 2.5 सेकंड में 0 से 100 kmph की रफ्तार करीब 2.2 टन वजन वाली Ferrari Luce महज 2.5 सेकंड में 0 से 100 kmph की रफ्तार पकड़ सकती है। कंपनी के अनुसार इसकी टॉप स्पीड 300 kmph से ज्यादा है। 530 km से ज्यादा की रेंज इलेक्ट्रिक Ferrari Luce में 122 kWh का बैटरी पैक दिया गया है। कंपनी के मुताबिक यह एक चार्ज में 530 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज दे सकती है। कार 350 kW DC फास्ट चार्जिंग को भी सपोर्ट करती है। 2027 में मिलेगी कार नीलामी में Ferrari Luce की पहली यूनिट खरीदने वाले ग्राहक को कार की डिलीवरी 2027 में की जाएगी। यह यूनिट अपनी खास कस्टमाइजेशन और नीलामी कीमत के चलते Ferrari के इतिहास की बेहद खास कारों में शामिल हो गई है।
Ampere Magnus G Max: Ampere ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर Magnus G Max को नए NxG.io सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के साथ अपडेट किया है। अपडेट के बाद स्कूटर में 30 से ज्यादा नए फीचर्स जोड़े गए हैं। इसमें 5-इंच डिस्प्ले, क्रूज कंट्रोल, हिल होल्ड असिस्ट, कनेक्टेड फीचर्स और OTA अपडेट जैसी सुविधाएं मिलती हैं। स्कूटर की कीमत ₹1,09,999 रखी गई है। कंपनी के मुताबिक, नए सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के साथ Magnus G Max को पहले के मुकाबले ज्यादा स्मार्ट और कनेक्टेड बनाया गया है। हालांकि, इसके मैकेनिकल हिस्सों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। Ampere Magnus G Max में कौन-कौन से नए फीचर्स मिले? क्रूज कंट्रोल और हिल होल्ड असिस्ट अपडेट के बाद स्कूटर में क्रूज कंट्रोल और हिल होल्ड असिस्ट जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं। हिल होल्ड असिस्ट ढलान पर रुकने के दौरान स्कूटर को पीछे की ओर खिसकने से रोकने में मदद करता है। 5-इंच डिस्प्ले और नेविगेशन Magnus G Max में अब 5-इंच का डिस्प्ले दिया गया है। इसमें टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन की सुविधा मिलती है। इसके अलावा, Ampere Connect ऐप की मदद से पार्क किए गए स्कूटर को खोजने या पिंग करने का विकल्प भी मिलता है। लाइव लोकेशन और जियोफेंसिंग कंपनी ने स्कूटर के कनेक्टेड फीचर्स का दायरा भी बढ़ाया है। ऐप के जरिए यूजर्स रियल-टाइम चार्जिंग स्थिति, लाइव लोकेशन और जियोफेंसिंग जैसी जानकारी देख सकते हैं। इसके अलावा चोरी या स्कूटर को टो किए जाने पर अलर्ट, रिमोट डायग्नोस्टिक्स, सर्विस बुकिंग और चार्जिंग हिस्ट्री जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। ऐप के जरिए बैटरी हेल्थ की जानकारी देखने और स्कूटर के सॉफ्टवेयर को अपडेट करने का विकल्प भी दिया गया है। घर बैठे मिलेंगे OTA अपडेट Magnus G Max में OTA यानी Over-the-Air अपडेट की सुविधा भी दी गई है। इसके जरिए कंपनी बिना सर्विस सेंटर जाए स्कूटर के सॉफ्टवेयर में सुधार या नए फीचर जोड़ सकती है। हालांकि, OTA अपडेट का वास्तविक फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी भविष्य में कितनी नियमितता से अपडेट जारी करती है और उनमें किस तरह के बदलाव किए जाते हैं। 3kWh बैटरी और 142km तक की रेंज मैकेनिकल तौर पर Magnus G Max में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। इसमें 3kWh की LFP बैटरी दी गई है, जिसे 2.4kW की पीक पावर वाली हब-माउंटेड मोटर से जोड़ा गया है। कंपनी का दावा है कि स्कूटर एक बार फुल चार्ज होने पर IDC के अनुसार 142km तक की दूरी तय कर सकता है। इसकी टॉप स्पीड 65kmph है। वास्तविक रेंज ड्राइविंग कंडीशन, राइडिंग स्टाइल, ट्रैफिक और मौसम जैसे कई कारकों के आधार पर अलग हो सकती है। 5 साल की बैटरी वारंटी Ampere Magnus G Max की बैटरी पर 5 साल या 75,000 किलोमीटर, जो भी पहले हो, की वारंटी दी जा रही है। कंपनी के अनुसार, बैटरी करीब 2 लाख किलोमीटर तक चलने की क्षमता रखती है। इन रंगों में मिलेगा स्कूटर Magnus G Max डुअल-टोन कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। कंपनी ने इसमें नया Cinnamon Copper कलर जोड़ा है। इसके अलावा Monsoon Blue और Matcha Green जैसे रंग भी उपलब्ध हैं। ₹1,09,999 की कीमत में Magnus G Max का नया अपडेट मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर और कनेक्टेड फीचर्स पर केंद्रित है। 3kWh बैटरी, 142km तक की दावा की गई IDC रेंज, क्रूज कंट्रोल और OTA अपडेट इसे इस सेगमेंट में एक फीचर-फोकस्ड इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाते हैं।
नई दिल्ली: Hero MotoCorp ने अपने लोकप्रिय स्कूटर Hero Pleasure Plus को नए Aqua Grey कलर ऑप्शन के साथ भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। नया रंग VX और ZX दोनों वेरिएंट में उपलब्ध होगा। हालांकि कंपनी ने स्कूटर के इंजन, फीचर्स और मैकेनिकल सेटअप में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी ग्राहकों को अब पहले से ज्यादा आकर्षक और प्रीमियम लुक वाला विकल्प मिलेगा, जबकि परफॉर्मेंस पहले जैसी ही रहेगी। VX और ZX दोनों वेरिएंट में मिला नया Aqua Grey नए Aqua Grey कलर के आने के बाद Hero Pleasure Plus के VX वेरिएंट में अब कुल 5 कलर ऑप्शन, जबकि ZX वेरिएंट में 6 कलर ऑप्शन उपलब्ध हो गए हैं। इससे ग्राहकों को अपनी पसंद के अनुसार ज्यादा विकल्प मिलेंगे। एक्स-शोरूम कीमत (दिल्ली): Hero Pleasure Plus VX – ₹72,779 Hero Pleasure Plus ZX – ₹77,162 नया रंग देता है प्रीमियम लुक Aqua Grey कलर स्कीम में स्कूटर की बॉडी पर लाइट ब्लू पेंट, डार्क ब्राउन सीट, नए ग्राफिक्स और हेडलाइट के चारों ओर क्रोम फिनिश दी गई है, जिससे इसका लुक पहले से ज्यादा मॉडर्न और प्रीमियम दिखाई देता है। वेरिएंट के अनुसार फीचर्स में भी अंतर है। VX वेरिएंट में ब्लैक ग्रैब रेल और ब्लैक मिरर्स दिए गए हैं, जबकि ZX वेरिएंट में पिलियन बैकरेस्ट और क्रोम-फिनिश मिरर्स मिलते हैं। इंजन और परफॉर्मेंस पहले जैसी Hero Pleasure Plus में पहले वाला 110.9cc सिंगल-सिलेंडर इंजन ही दिया गया है, जो 8.15 PS की पावर और 8.7 Nm का टॉर्क पैदा करता है। इसके साथ CVT गियरबॉक्स मिलता है। सस्पेंशन, ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य फीचर्स में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी यह अपडेट केवल डिजाइन और कलर ऑप्शन तक सीमित है।