1184 – ईसा पूर्व में स्पार्टा के साथ ट्रोजन युद्ध के बाद ट्रॉय नगर जला दिया गया।
1770 – कैप्टन जेम्स कूक ने ऑस्ट्रेलिया के ग्रेट बैरियर रीफ की खोज की।
1776 – अमेरिका की स्वतंत्रता का घोषणा पत्र तैयार करने के लिए समिति बनाई गई।
1788 - रूसी एक्सप्लोरर ग्रेसिम इज़मेलोव अलास्का पंहुचा।
1825 - न्यूयॉर्क शहर में फोर्ट हैमिल्टन के लिए पहली आधारशिला रखी गई।
1866 – इलाहाबाद उच्च न्यायालय की स्थापना हुई। इसे पहले आगरा उच्च न्यायालय के नाम से जाना जाता था।
1921 – ब्राजील में महिलाओं को चुनाव में मत देने का अधिकार प्रदान किया गया।
1935 – पहली बार एडविन आर्मस्ट्रांग ने एफएम का प्रसारण किया।
1940 – यूरोपीय देश इटली ने मित्र देशों के खिलाफ लड़ाई की घोषणा की।
1940 – द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इटली की वायु सेना ने पहली बार माल्टा द्वीप पर हमला किया।
1942 – अमेरिका और तत्कालीन सोवियत संघ ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लैंड-लीज समझौते पर हस्ताक्षर किये।
1943 – ब्रिटिश सेना ने भूमध्यसागर में स्थित सिसली द्वीप के दक्षिण में स्थित एक छोटे से द्वीप पैंटेलेरिया पर हमला किया।
1944 – अमेरिका के 15 लड़ाकू विमानों ने मारियाना द्वीप समूह में स्थित जापान के आधार शिविर पर हमला किया।
1947 – अमेरिका में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पूर्ण रूप से चीनी की रसद खत्म हुई।
1955 – पहले मैग्निशियम जेट हवाई जहाज ने उड़ान भरी।
1955 – फ्रांस के लेमा कार रेसिंग ट्रैक के किनारे हुए एक दर्दनाक हादसे में 77 लोगों की मौत हो गई थी।
1964 – जवाहरलाल नेहरु की इच्छा के मुताबिक उनकी अस्थियों की राख को देश भर में बिखेरा गया।
1987 – 160 वर्षों में पहली बार लगातार मार्गरेट थैचर तीन बार ब्रिटिश प्रधानमंत्री बनी।
1987 – पहली बार अश्वेत समुदाय के एबट, पॉल बोटेग और बर्नी को ब्रिटेन में संसद सदस्य चुना गया।
1999 – क्रिकेट वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के पूर्व ऑफ स्पिनर सकलैन मुश्ताक ने जिम्बाब्वे के खिलाफ हैट्रिक लगाई।
2003 - कोर्निकोवा महिला टेनिस की सबसे सुन्दर खिलाड़ी घोषित।
2006 - नेपाली संसद ने आम राय से नरेश के वीटो अधिकार को समाप्त किया।
2007 - फिजी के अपदस्थ प्रधानमंत्री लाडसेनिया करासे को राजधानी सुवा में प्रवेश की इजाजत मिली।
2008 - ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल को भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया।
2008 - उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने जमुना निषाद के स्थान पर धर्मराज निषाद को मंत्रीमण्डल में शामिल किया।
2008 - भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बन्द बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना वाजेद रिहा हुईं।
2012 – अफगानिस्तान में भूकंप के झटके के बाद हुए भूस्खलन में 80 लोगों की मौत।
2019 - भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने चौखंडी स्तूप को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया।
2019 - मध्य प्रदेश का बांचा गाँव भारत का प्रथम “सौर रसोई” वाला गाँव बना।
2019 - भारतीय वायुसेना के लापता विमान AN-32 का मलबा अरुणाचल प्रदेश में मिला।
2019 - संयुक्त अरब अमीरात के मंत्रिमंडल द्वारा ‘नेशनल स्ट्रेटेजी फॉर वेलबिंग 2031’ अपनाई गई।
2020 - कोरोना : ऑपरेशन समुद्र सेतु - भारतीय नौसैना का युद्धपोत आईएनएस शार्दुल ईरान के बंदरगाह अब्बास से 233 भारतीयों को लेकर गुजरात पोरबंदर बंदरगाह पर लौटा।
2021 - रूस के साथ संयुक्त अनुसंधान एवं विकास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित तीन भारतीय उद्यमों का चयन किया।
2022 - वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गोवा में राष्ट्रीय सीमा शुल्क और जीएसटी संग्रहालय – ‘धरोहर’ को राष्ट्र को समर्पित किया।
2022 - केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने दीव में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक की अध्यक्षता की।
2023 - प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दिल्ली के प्रगति मैदान में पहले राष्ट्रीय प्रशिक्षण सम्मेलन का उद्घाटन किया।
2023 - जी-20 विकास मंत्रियों की तीन दिन की बैठक वाराणसी में शुरू हुई।
2023 - कर्नाटक में महिलाओं के लिए सरकारी बसों में यात्रा करना मुफ्त हुआ , CM सिद्दरमैया ने शक्ति योजन लॉन्च की।
2023 - भारत-मालदीव संयुक्त सैन्य अभ्यास "एकुवेरिन" उत्तराखंड के चौबटिया में शुरू हुआ।
2024 - अफ़गानिस्तान में रिक्टर स्केल पर 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज़ किया गया (राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र)।
2024 - जम्मू कश्मीर के कठुआ में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई व एक आतंकी भी मारा गया।
1897 -राम प्रसाद बिस्मिल - महान स्वतन्त्रता सेनानी और कवि।
1909 - के. एस. हेगड़े - भारतीय विधिवेत्ता, राजनीतिज्ञ और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष।
1927 - लालडेंगा एक मिज़ो राष्ट्रवादी नेता थे और मिज़ोरम राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री थे।
1942 - पॉल रत्नासामी - एक भारतीय उत्प्रेरक वैज्ञानिक।
1947 - शाहबुद्दीन याकूब कुरैशी - भारत के मुख्य 17 वें चुनाव आयुक्त थे।
1948 - लालू प्रसाद यादव - भारतीय राजनितिज्ञ एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री।
1989 - मानसी जोशी - एक भारतीय पैरा - बैडमिन्टन खिलाड़ी।
1924 - वासुदेव वामन शास्त्री खरे - मराठी भाषा के सुप्रसिद्ध इतिहासकार कवि, नाटककार और जीवनी लेखक।
1950 - पांडुरंग सदाशिव साने (साने गुरूजी) मराठी के प्रसिद्ध लेखक, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता व स्वतंत्रता सेनानी थे।
1970 - लीला नाग - प्रसिद्ध बंगाली पत्रकार और महिला क्रांतिकारी थीं।
1983 - घनश्यामदास बिड़ला - भारत के उद्योगपति, स्वतंत्रता-संग्राम सेनानी तथा बिड़ला परिवार के एक प्रभावशाली सदस्य।
1997 - मिहिर सेन - भारत के प्रसिद्ध लम्बी दूरी के तैराक थे।
2012 - ऐन रदरफ़ोर्ड- अभिनेत्री।
2013 - विद्या चरण शुक्ल - एक प्रख्यात भारतीय नेता ।
2021 - रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के उपाध्यक्ष पूज्य स्वामी शिवमयानंदजी (रानेन महाराज) का गंभीर कोविड निमोनिया के कारण निधन हुआ।
2021 - ओलंपियन व स्वतंत्र भारत के पहले एथलीट सूरत सिंह माथुर का 91 साल की उम्र में निधन हुआ।
2021 - पद्मश्री से सम्मानित पर्यावरणविद और ओडिशा के पूर्व सूचना आयुक्त प्रोफेसर राधा मोहन (78) का निधन हो गया।
2021 - मशहूर कन्नड़ कवि सिद्धलिंगैया (67) का कोरोना महामारी की वजह से निधन हुआ।
2021 - देश के बड़े न्यूरोलॉजिस्ट और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. अशोक पनगढ़िया का कोरोना के चलते निधन हुआ।
2023 - स्विस बाब्स्ले जीन विक्की (89) का निधन हुआ।
2024 - स्विस गायक एरिक टेपी (93) का निधन हुआ।
2024 - अमेरिकी पत्रकार हावर्ड फाइनमैन (75) का निधन हुआ।
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। भारत के साथ-साथ दुनिया के कई देशों में भी भगवान शिव के भव्य और ऐतिहासिक मंदिर मौजूद हैं, जहां सावन के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। नेपाल, मॉरीशस, मलेशिया और श्रीलंका जैसे देशों में स्थित शिव मंदिर भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की वैश्विक पहचान बन चुके हैं। पशुपतिनाथ मंदिर में उमड़ते हैं लाखों श्रद्धालु नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर विश्व के सबसे पवित्र शिवालयों में गिना जाता है। बागमती नदी के तट पर स्थित यह मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर क्षेत्र का हिस्सा है। सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। मलेशिया के मंदिरों में भी होती है विशेष शिव आराधना मलेशिया के प्रसिद्ध बाटू केव्स परिसर में भगवान मुरुगन के मुख्य मंदिर के साथ शिवजी का सन्निधि भी है, जहां भारतीय मूल के श्रद्धालु सावन में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं जोहोर स्थित अरुलमिगु श्री राजाकालीअम्मन ग्लास टेम्पल अपने अनोखे कांच के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर परिसर में भगवान शिव सहित अन्य हिंदू देवी-देवताओं की भी पूजा होती है। गंगा तलाव शिव मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र मॉरीशस का गंगा तलाव शिव मंदिर हिंदू श्रद्धालुओं के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है। यहां स्थित विशाल शिव प्रतिमा और मंदिर में सावन व महाशिवरात्रि के दौरान हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। रामायण से जुड़ा है श्रीलंका का मुननेश्वरम मंदिर श्रीलंका का मुननेश्वरम मंदिर भगवान शिव के प्रमुख प्राचीन मंदिरों में शामिल है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम ने रावण वध के बाद यहां भगवान शिव की आराधना की थी। सावन के दौरान यहां विशेष धार्मिक अनुष्ठान और पूजा का आयोजन किया जाता है। भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान बने शिवालय विदेशों में स्थित ये शिव मंदिर न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के वैश्विक विस्तार का भी प्रतीक माने जाते हैं। सावन के महीने में यहां स्थानीय लोगों के साथ दुनिया भर से श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
Aaj Ka Rashifal, 29 July 2026: 29 जुलाई को चंद्रमा मकर राशि में उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह नक्षत्र स्थायी उपलब्धि, अनुशासन और लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ने का संकेत देता है। आज भावनात्मक गहराई के साथ व्यावहारिक सोच भी मजबूत रह सकती है। वहीं शनि के वक्री और गुरु के अस्त होने के कारण बड़े और दीर्घकालिक फैसलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर होगा। आज वृष और मिथुन राशि वालों के अटके काम पूरे होने के संकेत हैं। मेष और मकर राशि के जातक करियर में स्थिरता और मजबूती की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा। मेष राशि: करियर में स्थायी उपलब्धि की ओर बढ़ेंगे आज करियर के मोर्चे पर आपको कोई ठोस दिशा मिल सकती है। वरिष्ठ अधिकारी या बॉस से महत्वपूर्ण बातचीत लाभदायक रहेगी। सरकारी कामकाज में भी कोई जरूरी कदम उठाया जा सकता है। पिता से सलाह या सहयोग मिलने के संकेत हैं। भावनात्मक ऊर्जा को सकारात्मक काम में लगाएं और जीवनसाथी के साथ शांतिपूर्वक बातचीत करें। शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 1 उपाय: जरूरतमंदों को मसूर की दाल का दान करें। वृष राशि: भाग्य का मिलेगा साथ आज कई अटके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। पिता या किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग मिलेगा। उच्च शिक्षा से जुड़े प्रयासों में सफलता के संकेत हैं। धार्मिक यात्रा या किसी आध्यात्मिक स्थान पर जाने का अवसर मिल सकता है। गुरुजनों से मार्गदर्शन लेना आपके लिए विशेष लाभदायक रहेगा। शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 8 उपाय: इत्र या सुगंधित द्रव्यों का नियमित प्रयोग करें। मिथुन राशि: फाइनेंस से जुड़े कामों में लाभ मिथुन राशि वालों के लिए आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक संकेत हैं। फाइनेंस, निवेश या शेयर मार्केट से जुड़े काम में लाभ की संभावना बन सकती है, लेकिन किसी भी निवेश निर्णय में सावधानी जरूरी है। बीमा, आयकर और पुराने दस्तावेजों से जुड़े काम निपटाने का अच्छा समय है। बातचीत में स्पष्टता बनी रहेगी। शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 8 उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें। कर्क राशि: जीवनसाथी के साथ मजबूत होगा रिश्ता आज जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। दिल की बात खुलकर साझा करने से रिश्ते में मजबूती आएगी। साझेदारी से जुड़े मामलों में थोड़ी अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। दोस्तों के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा और किसी उपयोगी अवसर का लाभ भी मिल सकता है। शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 4 उपाय: सफेद रंग के वस्त्रों का अधिक प्रयोग करें। सिंह राशि: सेहत को नजरअंदाज न करें आज स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी होगा। किसी अच्छी आदत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का प्रयास करें। नौकरी में मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है, लेकिन समझदारी से काम करने पर अच्छे परिणाम मिलेंगे। करियर में स्थिर प्रगति के संकेत हैं। शुभ रंग: काला | शुभ अंक: 6 उपाय: मंदिर में गेहूं या तांबे के बर्तनों का दान करें। कन्या राशि: रचनात्मक कार्यों में सफलता आज पढ़ाई और नई चीजें सीखने के लिए अच्छा समय है। प्रेम, रचनात्मकता और संतान से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं। बच्चों की शिक्षा और भविष्य को लेकर कोई ठोस योजना बन सकती है। रचनात्मक कार्यों में नए विचार आपको सफलता दिला सकते हैं। शुभ रंग: ग्रे | शुभ अंक: 10 उपाय: अनाथालय या जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई की सामग्री दान करें। तुला राशि: आराम के साथ काम पर भी दें ध्यान आज आप काम की तुलना में आराम को अधिक महत्व देना चाह सकते हैं। हालांकि, कार्यक्षेत्र में मेहनत की जरूरत बनी रहेगी। घर-परिवार से जुड़े किसी विषय पर महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। मां के साथ समय बिताना और उनकी बात सुनना रिश्ते को मजबूत करेगा। शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4 उपाय: माथे पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं। वृश्चिक राशि: नेतृत्व क्षमता दिखाने का मौका आज बातचीत और नेतृत्व के मामले में आपकी स्थिति मजबूत रह सकती है। भाई-बहन के साथ किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा होगी। पड़ोसियों या करीबी लोगों से भी उपयोगी बातचीत संभव है। जीवनसाथी के साथ रिश्ते में स्थिरता और समझ बढ़ेगी। शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 8 उपाय: हनुमानजी को लाल फूल चढ़ाएं और 'ॐ हनुमते नमः' का जाप करें। धनु राशि: आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत आज आर्थिक मामलों में लाभ की संभावना बन सकती है। परिवार से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण विषय स्थायी रूप से सुलझ सकता है। आपकी बातों में प्रभाव और नेतृत्व की क्षमता दिखाई देगी। आंखों को पर्याप्त आराम दें और जीवनसाथी के साथ रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए खुलकर बातचीत करें। शुभ रंग: काला | शुभ अंक: 2 उपाय: माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। मकर राशि: करियर और व्यक्तित्व में मजबूती मकर राशि वालों के लिए आज का दिन विशेष रह सकता है। करियर और दीर्घकालिक लक्ष्यों को लेकर अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का समय है। आपकी दृढ़ता और आत्मविश्वास आपको लक्ष्य के करीब ले जा सकते हैं। भावनात्मक ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं। सिर में भारीपन महसूस हो तो आराम को प्राथमिकता दें। शुभ रंग: गहरा नीला | शुभ अंक: 1 उपाय: मजदूरों और जरूरतमंद लोगों की मदद करें। कुंभ राशि: जीवन में नए बदलाव के संकेत आज आत्मचिंतन और भविष्य की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण दिन हो सकता है। विदेश से जुड़ी कोई योजना बनाने या पुराने कानूनी मामले में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें समझने और सही दिशा देने का प्रयास करें। आर्थिक लाभ के भी संकेत हैं। शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 5 उपाय: महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। मीन राशि: पूरी हो सकती है पुरानी इच्छा आज लाभ और इच्छापूर्ति के लिहाज से दिन सकारात्मक रह सकता है। किसी पुराने मित्र या बड़े भाई-बहन से महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। काम में स्थायी सफलता पाने के अवसर मिल सकते हैं। प्रेम और रचनात्मकता के मामलों में भी सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी। जीवनसाथी के साथ दिल की बात साझा करें। शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3 उपाय: जरूरतमंदों की मदद करें और गुरुजनों का सम्मान करें। आज का राशिफल सार 29 जुलाई का दिन धैर्य, अनुशासन और दीर्घकालिक सोच के साथ आगे बढ़ने का संकेत देता है। मेष और मकर राशि के करियर में मजबूती के योग हैं, जबकि वृष और मिथुन राशि वालों के अटके काम आगे बढ़ सकते हैं। वहीं सभी राशियों को बड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचने और परिस्थितियों को समझकर कदम उठाने की सलाह है।
28 जुलाई 2026, मंगलवार का दिन कई राशियों के लिए नई शुरुआत, साहस और अवसर लेकर आया है। आज चंद्रमा धनु राशि में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं, जिससे गंडमूल दोष समाप्त हो गया है। वहीं सूर्य और गुरु की युति से हंस पंचमहापुरुष योग तथा गुरु आदित्य योग का प्रभाव बना हुआ है, जो नेतृत्व क्षमता, शिक्षा, प्रशासन, आध्यात्म और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करेगा। हालांकि शनि मीन राशि में वक्री हैं, इसलिए लंबे समय के बड़े फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा। मिथुन, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए आज करियर और कारोबार में विशेष लाभ के संकेत हैं। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल। मेष राशि आज नई शुरुआत के लिए दिन अनुकूल रहेगा। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और धार्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं। शिक्षा या किसी नए कार्य की शुरुआत के लिए समय शुभ है। परिवार में सम्मान बढ़ेगा। हालांकि बड़े निवेश या दीर्घकालिक फैसलों में जल्दबाजी न करें। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 9 उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और बूंदी का प्रसाद बांटें। वृष राशि रुके हुए दस्तावेज या कानूनी मामलों में प्रगति मिल सकती है। ससुराल पक्ष से सहयोग मिलेगा। व्यक्तित्व प्रभावशाली रहेगा। किसी बड़े निर्णय से पहले पूरी योजना बनाकर आगे बढ़ें। शुभ रंग: क्रीम शुभ अंक: 2 उपाय: अपने पास साफ सफेद रेशमी रुमाल रखें। मिथुन राशि जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ नई शुरुआत करने के लिए दिन शानदार है। साझेदारी के कार्यों में सफलता मिलेगी। कारोबार में लाभ के अवसर बनेंगे। आर्थिक मामलों में धीरे-धीरे सकारात्मक सुधार होगा। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 7 उपाय: गाय को हरा चारा या पालक खिलाएं। कर्क राशि नौकरी और स्वास्थ्य दोनों पर ध्यान देने का समय है। नई दिनचर्या अपनाने से लाभ होगा। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। करियर से जुड़े बड़े फैसले सोच-समझकर लें। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 1 उपाय: पानी की बर्बादी से बचें। सिंह राशि प्रेम संबंध, शिक्षा और संतान से जुड़े मामलों में खुशखबरी मिल सकती है। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। दोस्तों का सहयोग मिलेगा और नए अवसर सामने आएंगे। शुभ रंग: मस्टर्ड शुभ अंक: 9 उपाय: लाल या सुनहरे रंग के वस्त्र धारण करें। कन्या राशि घर-परिवार में शुभ कार्य की शुरुआत हो सकती है। माता का सहयोग मिलेगा। करियर में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। साझेदारी के मामलों में धैर्य बनाए रखें। शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 10 उपाय: हरे रंग का रुमाल अपने पास रखें। तुला राशि छोटी यात्रा लाभदायक रहेगी। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और संवाद बेहतर होगा। नए संपर्क भविष्य में लाभ दिला सकते हैं। शुभ रंग: आसमानी शुभ अंक: 7 उपाय: शुक्रवार को सुहाग सामग्री का दान करें। वृश्चिक राशि आर्थिक स्थिति मजबूत करने के नए अवसर मिलेंगे। परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा। निवेश से पहले पूरी जानकारी अवश्य लें। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 9 उपाय: अपने पास लाल रंग का रुमाल रखें। धनु राशि नई शुरुआत के लिए दिन बेहद शुभ है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिल सकती है। जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 1 उपाय: गुरुजनों और बड़ों का सम्मान करें। मकर राशि विदेश से जुड़े कार्यों, नई योजनाओं और कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलने के योग हैं। करियर और कारोबार में लाभ के संकेत हैं। कर्मचारियों के साथ व्यवहार अच्छा रखें। शुभ रंग: काला शुभ अंक: 12 उपाय: शनिवार को शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। कुंभ राशि पुरानी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। मित्रों के सहयोग से नए काम शुरू होंगे। करियर में अच्छे अवसर मिलेंगे और आय बढ़ने के संकेत हैं। शुभ रंग: स्लेटी शुभ अंक: 11 उपाय: अपने जूते-चप्पलों को हमेशा साफ रखें। मीन राशि करियर में आगे बढ़ने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करने का सही समय है। सरकारी कार्यों में सफलता मिल सकती है। बड़े फैसलों में धैर्य बनाए रखें। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 5 उपाय: किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह लें।