झारखंड

JPSC-JSSC Candidates to Hold Tiranga Yatra on August 15

15 अगस्त को तिरंगा यात्रा निकालेंगे JPSC-JSSC अभ्यर्थी, जानें कहां से शुरू होगी और क्या है पूरा रूट

kalpana अगस्त 14, 2026 0
JPSC-JSSC aspirants holding the Indian tricolour during a protest march in Ranchi
JPSC-JSSC Aspirants to Take Out Tiranga Yatra in Ranchi on August 15

रांची: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी अब स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को रांची में तिरंगा यात्रा निकालेंगे। JPSC-JSSC Reform Manch के नेतृत्व में प्रस्तावित यह यात्रा सुबह 7 बजे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होगी। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना जतायी जा रही है। हालांकि, यात्रा के प्रस्तावित रूट को अभी प्रशासन की अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।

आयोजकों के अनुसार तिरंगा यात्रा के माध्यम से अभ्यर्थी एक ओर स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाएंगे, वहीं दूसरी ओर भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अपनी मांगों को भी शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखेंगे। प्रशासन की ओर से ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए 14 अगस्त को अंतिम रूट चार्ट जारी किया जाना है। ऐसे में 15 अगस्त को यात्रा के मार्ग में बदलाव भी संभव है।

सुबह 7 बजे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से होगी शुरुआत

आयोजकों द्वारा तैयार कार्यक्रम के अनुसार तिरंगा यात्रा की शुरुआत सुबह 7 बजे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से होगी। यहां अभ्यर्थी एकत्र होंगे और इसके बाद हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा के लिए रवाना होंगे।

प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक यात्रा कचहरी चौक होते हुए न्यूक्लियस मॉल पहुंचेगी। इसके बाद अभ्यर्थी प्लाजा चौक और फिरायालाल चौक की ओर जाएंगे। वहां से यात्रा वापस जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचेगी, जहां इसके समापन की योजना है।

आयोजकों का प्रस्तावित रूट

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम → कचहरी चौक → न्यूक्लियस मॉल → प्लाजा चौक → फिरायालाल चौक → जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम

हालांकि यह रूट अभी आयोजकों की ओर से प्रस्तावित है। शहर में यातायात व्यवस्था और स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासन अंतिम मार्ग में बदलाव कर सकता है।

14 अगस्त को स्पष्ट होगा अंतिम रूट

तिरंगा यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से अभी अंतिम रूट चार्ट जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों के अनुसार 14 अगस्त को ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अंतिम रूट तय किया जाएगा। इसके बाद अभ्यर्थियों को यह स्पष्ट हो जाएगा कि 15 अगस्त को यात्रा किस मार्ग से निकलेगी।

ऐसे में अभ्यर्थियों को आयोजकों की ओर से जारी प्रस्तावित रूट के साथ-साथ प्रशासन की अंतिम सूचना पर भी ध्यान देना होगा।

बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने की संभावना

JPSC-JSSC Reform Manch से जुड़े छात्र नेताओं के अनुसार तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, अभी तक आयोजकों ने प्रतिभागियों की कोई निश्चित संख्या जारी नहीं की है। इसलिए यात्रा में कितने अभ्यर्थी शामिल होंगे, इसका सटीक आंकड़ा फिलहाल सामने नहीं आया है।

आंदोलनकारी छात्र पिछले कई दिनों से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अब स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा के जरिए अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने की तैयारी है।

JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर जारी है आंदोलन

JPSC और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित परीक्षा गड़बड़ियों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई शामिल है।

आंदोलनकारी अभ्यर्थी JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने और मामले की CBI जांच की मांग भी उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित होना जरूरी है, क्योंकि इन परीक्षाओं से हजारों युवाओं का भविष्य जुड़ा हुआ है।

तिरंगे के साथ मांगों को उठाएंगे छात्र

15 अगस्त को निकलने वाली तिरंगा यात्रा को अभ्यर्थी अपने आंदोलन के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के रूप में देख रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छात्र हाथों में तिरंगा लेकर शहर के प्रमुख इलाकों से गुजरेंगे और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े अपने मुद्दों को लोगों के सामने रखेंगे।

फिलहाल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर कचहरी चौक, न्यूक्लियस मॉल, प्लाजा चौक और फिरायालाल चौक होते हुए वापस स्टेडियम पहुंचने का प्रस्ताव है। अब 14 अगस्त को प्रशासन की ओर से जारी होने वाला अंतिम रूट चार्ट ही तय करेगा कि 15 अगस्त की तिरंगा यात्रा वास्तव में किस मार्ग से निकलेगी।


 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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JSSC Constable Physical Test: 451 अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता जांच 20 अगस्त से, JSSC ने जारी किया शेड्यूल

रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने झारखंड आरक्षी प्रतियोगिता परीक्षा-2015 के 451 अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक दक्षता जांच का कार्यक्रम जारी कर दिया है. शारीरिक दक्षता जांच 20 और 21 अगस्त को होगी. परीक्षा का आयोजन जैप-1, डोरंडा, रांची में सुबह 7 बजे से किया जायेगा. जैप-1 डोरंडा में होगी शारीरिक दक्षता जांच जेएसएससी की ओर से जारी सूचना के अनुसार, विज्ञापन संख्या 04/2015 के तहत सूचीबद्ध 451 अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता जांच राज्य अंतर्गत चयन पर्षद के माध्यम से होगी. अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले परीक्षा स्थल पर पहुंचना होगा. उन्हें अपने साथ मुख्य परीक्षा का एडमिट कार्ड, आधार कार्ड और हाल में खिंचवायी गयी दो पासपोर्ट साइज फोटो ले जाना अनिवार्य होगा. एडमिट कार्ड नहीं है तो क्या करें? जिन अभ्यर्थियों के पास मुख्य परीक्षा का प्रवेश पत्र उपलब्ध नहीं है, वे अपनी पहचान और अभ्यर्थितता के समर्थन में शपथ पत्र की मूल प्रति शारीरिक दक्षता जांच के दौरान प्रस्तुत कर सकेंगे. निर्धारित तिथि पर शारीरिक दक्षता जांच में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों के दावे पर बाद में विचार नहीं किया जायेगा. सफल अभ्यर्थियों का बाद में होगा मेडिकल शारीरिक दक्षता जांच में सफल घोषित होने वाले अभ्यर्थियों का चिकित्सीय परीक्षण बाद में कराया जायेगा. मेडिकल जांच की तारीख और स्थान की जानकारी आयोग की ओर से अलग से जारी की जायेगी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जारी हुई थी 451 अभ्यर्थियों की सूची जेएसएससी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में 3 जुलाई को 451 अभ्यर्थियों की सूची जारी की थी. दस्तावेजों की समीक्षा के बाद इन अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता जांच के लिए योग्य पाया गया था. वहीं, जांच के दौरान 346 अभ्यर्थी ऐसे मिले थे, जो लिखित परीक्षा में सफल नहीं हुए थे. आयोग ने स्पष्ट किया था कि परीक्षा के विज्ञापन में निर्धारित नियमों के अनुसार लिखित परीक्षा में असफल अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता जांच के लिए पात्र नहीं हैं. अभ्यर्थियों के लिए जरूरी जानकारी कुल अभ्यर्थी: 451 शारीरिक दक्षता जांच: 20 और 21 अगस्त समय: सुबह 7 बजे से स्थान: जैप-1, डोरंडा, रांची साथ लाना होगा: एडमिट कार्ड, आधार कार्ड और 2 पासपोर्ट साइज फोटो एडमिट कार्ड नहीं होने पर: मूल शपथ पत्र प्रस्तुत करने का विकल्प इसके बाद: सफल अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण होगा.

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सिमडेगा: जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में विकसित की जा रही पोषण वाटिकाएं बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण की दिशा में अहम पहल बन रही हैं. इन वाटिकाओं में उगायी जा रही ताजी हरी सब्जियां और साग अब बच्चों के गर्म-पके भोजन का हिस्सा बन रहे हैं. इससे बच्चों को स्थानीय स्तर पर ही पौष्टिक और ताजा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. खेत से सीधे बच्चों की थाली तक पहुंच रही सब्जियां समाज कल्याण विभाग की पहल के तहत चयनित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिकाएं तैयार की गयी हैं. यहां स्थानीय स्तर पर विभिन्न हरी सब्जियां और साग उगाये जा रहे हैं. जरूरत के अनुसार इन्हें तोड़कर स्वच्छ तरीके से तैयार किया जाता है और फिर बच्चों के भोजन में शामिल किया जाता है. इससे ‘Farm-to-Fork’ की अवधारणा को बढ़ावा मिल रहा है. यानी सब्जियों की खेती से लेकर बच्चों की थाली तक की पूरी प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर ही पूरी हो रही है. बच्चों को मिल रहा पौष्टिक भोजन ताजी सब्जियों के इस्तेमाल से आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलने वाले गर्म-पके भोजन की पौष्टिकता बढ़ रही है. सब्जियों में मौजूद जरूरी विटामिन और खनिज बच्चों के विकास में मददगार हैं. इस पहल का उद्देश्य बच्चों को संतुलित आहार उपलब्ध कराने के साथ कुपोषण की समस्या को कम करना है. प्रशासन कर रहा नियमित निगरानी पोषण वाटिकाओं को लगातार सक्रिय बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से निगरानी और तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है. आंगनबाड़ी सेविकाओं को बीज उपलब्ध कराने, वाटिका के रखरखाव और बेहतर संचालन के लिए जरूरी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है. स्वस्थ बचपन की ओर बढ़ता कदम पोषण वाटिकाएं अब सिर्फ सब्जियां उगाने की जगह नहीं रह गयी हैं. ये आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण और स्वस्थ बचपन के केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद कर रही हैं. ताजी सब्जियों के इस्तेमाल से बच्चों के भोजन में विविधता और पौष्टिकता बढ़ रही है, वहीं कुपोषण के खिलाफ चल रहे अभियान को भी मजबूती मिल रही है. सिमडेगा की यह पहल दिखाती है कि छोटी-सी पोषण वाटिका भी बच्चों की सेहत और बेहतर भविष्य की बड़ी नींव बन सकती है।  

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Rising water levels of Kharkai and Subarnarekha rivers raise flood concerns in Jamshedpur
जमशेदपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ा, उफान पर खरकई और सुवर्णरेखा; निचले इलाकों में अलर्ट

जमशेदपुर: लगातार हो रही बारिश के बीच जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है. खरकई और सुवर्णरेखा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिसके बाद प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. नदियों का जलस्तर बढ़ने और डैम-बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में जलभराव की आशंका बढ़ गयी है. सुबह 8 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, आदित्यपुर पुल के पास खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान 129 मीटर से 4.85 मीटर ऊपर पहुंच गया है. वहीं, मानगो पुल के पास सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर 121.50 मीटर के खतरे के निशान से 0.80 मीटर ऊपर दर्ज किया गया है. दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. खरकई और सुवर्णरेखा के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता लगातार बारिश के कारण नदी और जलाशयों में पानी का दबाव बढ़ रहा है. चांडिल डैम, गांजिया बैराज और गालूडीह बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है. बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है. खासकर नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है. प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. चांडिल डैम से 347 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा सुबह 8 बजे के आंकड़ों के अनुसार, चांडिल डैम का जलस्तर 179.84 मीटर दर्ज किया गया. डैम में कुल 462.30 एमसीएम पानी जमा है. डैम के 6 रेडियल गेट, 2 इमरजेंसी स्लुइस गेट और 2 रिवर स्लुइस गेट खोले गये हैं. इन गेटों के माध्यम से करीब 347.09 क्यूमेक्स पानी नदी में छोड़ा जा रहा है. इसके अलावा 29.26 क्यूमेक्स पानी कैनाल में प्रवाहित किया जा रहा है. डैम से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण नदी के जलस्तर पर इसका असर पड़ने की संभावना है. गांजिया बैराज के सभी 13 गेट खुले गांजिया बैराज से भी बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक बैराज का जलस्तर 139.50 मीटर दर्ज किया गया है. बैराज के सभी 13 गेट पूरी तरह खोल दिये गये हैं. यहां से करीब 5049.73 क्यूमेक्स पानी का डिस्चार्ज हो रहा है. इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण आसपास के निचले इलाकों में जलभराव का खतरा और बढ़ गया है. गालूडीह बैराज से भी भारी मात्रा में पानी का डिस्चार्ज गालूडीह बैराज का जलस्तर 92.60 मीटर दर्ज किया गया है. बैराज के 8 स्लुइस गेट और 3 कैनाल गेट खोले गये हैं. इनसे कुल 3622.92 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है. लगातार पानी छोड़े जाने के बीच प्रशासन नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रख रहा है. बाढ़ सेल ने प्रशासन को भेजी सूचना बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए बाढ़ सेल, जमशेदपुर ने पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन के साथ-साथ राज्य आपदा प्रबंधन सेल, रांची को भी तत्काल जानकारी दी है. प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और नदी के बढ़ते पानी के पास नहीं जाने की अपील की है. लोगों को किसी भी तरह की आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है. निचले इलाकों पर प्रशासन की नजर खरकई और सुवर्णरेखा के बढ़ते जलस्तर के साथ ही डैम और बैराज से हो रहे भारी डिस्चार्ज ने बाढ़ की आशंका बढ़ा दी है. ऐसे में आने वाले घंटों में जलस्तर में होने वाला बदलाव बेहद महत्वपूर्ण रहेगा. प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं और जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव की कार्रवाई की जा सकती है.  

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