हजारीबाग

Hazaribagh Treasury Scam
Hazaribagh Treasury Scam: 12 साल में 29 करोड़ की फर्जी निकासी, छह पर चार्जशीट

हजारीबाग। हजारीबाग ट्रेजरी घोटाले में सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित मास्टरमाइंड आरक्षी शंभु कुमार समेत छह आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि वर्ष 2014 से 2026 के बीच करीब 12 वर्षों तक पुलिसकर्मियों के वेतन मद में फर्जी टेंपररी आईडी बनाकर लगभग 29 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की गई। इस राशि को 24 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया।   छह आरोपी चार्जशीट में शामिल सीआईडी की चार्जशीट में आरक्षी शंभु कुमार, उसकी पत्नी काजल कुमारी, आरक्षी रजनीश कुमार सिंह उर्फ पंकज सिंह, उसकी पत्नी खुशबू कुमारी, रिश्तेदार सौरभ कुमार और आरक्षी धीरेंद्र सिंह को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, तीनों आरक्षी हजारीबाग एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में तैनात थे और पूरे फर्जीवाड़े में उनकी अहम भूमिका रही।   24 खातों में पहुंची करोड़ों की रकम जांच में सामने आया है कि अवैध रूप से निकाली गई राशि 24 बैंक खातों में भेजी गई। फिलहाल सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित खाताधारकों को इन ट्रांजेक्शनों की जानकारी थी या नहीं। अब तक एजेंसी करीब 1.60 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज करा चुकी है।   जमीन, मकान और जेवरात में किया निवेश सीआईडी के अनुसार, आरोपियों ने अवैध कमाई का इस्तेमाल जमीन और मकान खरीदने, जेवरात लेने और ऐशो-आराम की जिंदगी जीने में किया। जांच में यह भी सामने आया है कि जिन लोगों के खातों में रकम ट्रांसफर की गई, उन्हें आरोपियों की ओर से कमीशन भी दिया जाता था।   15.41 करोड़ की शिकायत से खुला मामला इस घोटाले का खुलासा तब हुआ, जब शुरुआती जांच में आठ वर्षों के दौरान हजारीबाग जिला कोषागार से दो बैंक खातों में 15.41 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का मामला सामने आया। इसके बाद लोहसिंघना थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच सीआईडी को सौंपी गई। विस्तृत जांच के दौरान घोटाले का दायरा बढ़कर 29 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई कोर्ट में आगे बढ़ेगी।

anjali kumari जुलाई 7, 2026 0
Hazaribagh skaters
न मैदान था, न सुविधा: हजारीबाग के दो खिलाड़ियों ने नेशनल स्केटिंग में जीते तीन पदक

हजारीबाग। रांची के खेलगांव स्थित रोलर स्केटिंग स्टेडियम में आयोजित 12वीं नेशनल रैंकिंग ओपन स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप 2026 में हजारीबाग के दो युवा खिलाड़ियों ने तीन पदक जीतकर पूरे देश में अपना परचम लहराया। इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि प्रतिभा सुविधाओं की मोहताज नहीं होती।   कौन हैं ये होनहार खिलाड़ी? 14 वर्षीय नूर आलम ने स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किए, जबकि मात्र 6 वर्षीय राजवीर ने कांस्य पदक जीतकर सबको चौंका दिया। ये दोनों खिलाड़ी हजारीबाग झील परिसर में सुबह-शाम कड़ी मेहनत करते हैं, जहां बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है।   देशभर से 2000 से अधिक खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा 17 से 21 जून तक आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर से 2,000 से अधिक खिलाड़ी रांची पहुंचे थे। झारखंड रोलर स्केटिंग एसोसिएशन (RSAJ) ने पहली बार इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी की। रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (RSFI) के तत्वावधान में आयोजित इस चैंपियनशिप में झारखंड के खिलाड़ियों ने कुल 18 पदक जीते, जिनमें से तीन अकेले हजारीबाग के खाते में आए।   प्रतिभा को मिली पहचान, कोच ने कही दिल की बात हजारीबाग के स्केटिंग प्रशिक्षक का कहना है कि सुविधाहीन माहौल में भी खिलाड़ियों को कड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन बच्चों की सफलता ने झारखंड को स्केटिंग के नक्शे पर राष्ट्रीय पहचान दिलाई है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

anjali kumari जून 25, 2026 0
Hazaribagh Bus Stand
हजारीबाग से बस यात्रा हुई महंगी, 15 से 20 फीसदी तक बढ़ा किराया

हजारीबाग। हजारीबाग से विभिन्न शहरों के लिए बस से सफर करने वाले यात्रियों को अब पहले से अधिक किराया चुकाना होगा। हजारीबाग जिला बस ऑनर एसोसिएशन ने बस किराए में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें शुक्रवार से तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। किराया बढ़ने से रोजाना बस से यात्रा करने वाले यात्रियों के मासिक खर्च में भी इजाफा होगा।   बस संचालकों का कहना है कि डीजल, स्पेयर पार्ट्स, मेंटेनेंस और अन्य परिचालन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। इसी वजह से किराए में संशोधन करना आवश्यक हो गया था। नई दरें हजारीबाग से संचालित लगभग सभी प्रमुख रूटों पर लागू कर दी गई हैं।   नई दरें कुछ इस प्रकार हैं   मार्ग (हजारीबाग से)    किराया (₹)   रामगढ़                        120 रांची                                230 टाटा (जमशेदपुर)        480 बोकारो (भाया रामगढ़)        280 बरही                                  85 चौपारण                        120 इटखोरी (भाया बरही)        150 इटखोरी (भाया करमा)        120 कान्हाचट्टी                        180 दारू                                 40 टाटीझरिया                         60 विष्णुगढ़                         85 नवादा/बनासो               100 गोमिया                       155 तेनुघाट                       180 फुसरो                       215 पेटरवार                       215 चंद्रपुरा                       240 दुघदा                       250 बोकारो                       285 शीला                                 60 सिमरिया                      120 बगरा                           140 चतरा                              170 बारियातु                      180 बालूमाथ                      215 चंदवा                      240 लातेहार                      300 डाल्टेनगंज                      420 कटकमसांडी                60 गिद्धौर                      120 टंडवा                      120 बड़कागांव                       60 विश्रामपुर                       85 बादम                       95 नापो                              100 टंडवा (भाया बड़कागांव) 120 बचरा/खेलारी              180 बगोदर                      120 डुमरी/इसरी              180 गिरिडीह                      280 तोपचांची                      240 राजगंज                      240 धनबाद                      280 कतरास                       280 झरिया                     280 आसनसोल                     360 दुर्गापुर                     400 वर्द्धमान                      480 कलकत्ता सीट (नॉन एसी) 600 कलकत्ता स्लीपर (नॉन एसी) 700 कलकत्ता सीट (एसी)        960 कलकत्ता स्लीपर (एसी)       1200 कलकत्ता (वोल्वो)          1400 देवघर                        420 सरिया                        150 बरमसिया                         180 राजधनवार                        240 खोरिमहुआ                        240 मंडरो                        300 तीसरी                       300 जमुआ                       300 बरकट्ठा                       240 चतरो                         310 गांवा                               360 चकाई                      360 भागलपुर                      600 जमुई/खैरा                      480 सोना, डुमरी, गिद्धौर     420 द्रुतगामी वातानुकूलित डिलक्स बस सेवा (एसी बस) मार्ग                        किराया (₹)   हजारीबाग – रांची    250 हजारीबाग – धनबाद    300 हजारीबाग – गिरिडीह    300 हजारीबाग – देवघर    450 हजारीबाग – कोडरमा    200 देवघर – रांची             600 गिरिडीह – रांची            480 कोडरमा – रांची             350

abhishek singh जून 20, 2026 0
Hazaribagh Lightning Strike
हजारीबाग में वज्रपात का कहर, आंगनबाड़ी सेविका समेत तीन लोगों की मौत

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में गुरुवार को हुई वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। बड़कागांव और इचाक प्रखंड में आकाशीय बिजली गिरने से एक आंगनबाड़ी सेविका और दो किसानों की मौत हो गई। हादसों के बाद प्रभावित गांवों में शोक का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को आपदा राहत के तहत मुआवजा देने की मांग की है।   महुआ के पेड़ के पास गिरी बिजली, सेविका की मौत बड़कागांव प्रखंड की आंगो पंचायत के फटरियापानी गांव निवासी शांति देवी, जो झिकझोर आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका थीं, गुरुवार शाम घर के पास महुआ के पेड़ पर डोरही तोड़ने गई थीं। इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।   खेत में काम कर रहे किसान की गई जान बड़कागांव के पलांडू गांव निवासी किशुन महतो गुरुवार दोपहर खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज बारिश और गर्जना के बीच बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस की मदद से शव को पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। मृतक अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और तीन पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।   इचाक में भी वज्रपात का शिकार बना किसान इचाक प्रखंड के बरवा गांव निवासी सुरेश प्रसाद मेहता उर्फ चौधरी मेहता (55) की भी खेत में काम करने के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।   प्रशासन से राहत की मांग लगातार हुई इन दुखद घटनाओं के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मृतकों के परिजनों को आपदा राहत योजना के तहत शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही लोगों से बारिश और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों तथा खेतों में काम करने से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।

abhishek singh जून 19, 2026 0
Danua Valley Accident
दनुआ घाटी में पांच गाड़ियों में टक्कर, बाल-बाल बचे लोग

हजारीबाग।  हजारीबाग जिले की दनुआ घाटी में बुधवार को पांच गाड़ियां आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पाइप से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे के बाद कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घाटी में वाहन सामान्य से अधिक रफ्तार से चल रहे थे। इसी दौरान अचानक एक वाहन के ब्रेक लगाने से पीछे आ रही गाड़ियों का संतुलन बिगड़ गया और एक के बाद एक कई वाहन आपस में भिड़ गए। टक्कर के दौरान पाइप से भरा ट्रक भी नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे पलट गया।   सड़क पर बिखर गए भारी पाइप ट्रक के पलटते ही उसमें लदे भारी-भरकम पाइप सड़क पर बिखर गए। इससे सड़क यातायात बाधित हो गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई।  मची अफरातफरी हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई वाहन चालक अपने वाहन छोड़कर घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े और हालात का जायजा लेने लगे। घाटी से गुजर रहे यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क जाम होने के कारण कई वाहन लंबे समय तक फंसे रहे। कुछ लोगों ने वैकल्पिक रास्ते तलाशने की कोशिश की, लेकिन घाटी क्षेत्र होने के कारण उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ी।   सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही चौपारण थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। सबसे पहले दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने और सड़क पर बिखरे पाइपों को किनारे कराने का काम शुरू किया गया। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिसकर्मियों ने यातायात को नियंत्रित किया और जाम हटाने की कोशिश की। अधिकारियों ने वाहनों को धीरे-धीरे एक लेन से गुजरने की व्यवस्था की ताकि यातायात पूरी तरह ठप न हो।   कुछ लोगों को आई मामूली चोटे हादसे में कुछ लोगों को हल्की चोटें लगने की सूचना मिली है। हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि यदि टक्कर की रफ्तार और अधिक होती तो हादसा और भी भयावह हो सकता था। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई।   प्रशासन की तत्परता से खुला रास्ता दुर्घटना के बाद प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए सड़क से क्षतिग्रस्त वाहनों और बिखरे पाइपों को हटाने का काम शुरू कराया। कई घंटों की मशक्कत के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य होने लगा। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

abhishek singh जून 17, 2026 0
Mango Festival 2026
हजारीबाग आम महोत्सव में महिला किसानों की रही खास भागीदारी, तोतापुरी आम बना आकर्षण का केंद्र

हजारीबाग। हजारीबाग जिला प्रशासन की ओर से आयोजित आम महोत्सव में इस बार महिला किसानों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। झील परिसर स्थित एमपी थिएटर में आयोजित इस उत्सव का उद्देश्य आम उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और उनकी आय बढ़ाने के लिए सीधा मंच देना है। किसानों और स्थानीय लोगों के उत्साह को देखते हुए एक दिवसीय कार्यक्रम को बढ़ाकर तीन दिवसीय कर दिया गया है।   तोतापुरी आम की खूब रही चर्चा महोत्सव में जिले के दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से किसान अपनी उपज लेकर पहुंचे हैं। यहां एक दर्जन से अधिक उन्नत किस्म के आम बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, जिनमें तोतापुरी आम सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। करीब डेढ़ किलो वजन वाले इस बड़े आकार के आम को महोत्सव में मात्र 100 रुपये प्रति पीस की दर से बेचा जा रहा है। किसानों का कहना है कि यहां बिकने वाले आम पेड़ों पर प्राकृतिक रूप से पके हुए हैं और इनमें किसी प्रकार के कृत्रिम रसायनों का उपयोग नहीं किया गया है।   महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) से जुड़ी महिला किसान भी बड़ी संख्या में अपने उत्पाद लेकर महोत्सव में पहुंची हैं। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को खास बना दिया है। उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों से उन्हें सीधे ग्राहकों तक पहुंचने और अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलता है।   किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार हजारीबाग के उपायुक्त ने महोत्सव का निरीक्षण करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य आम उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और आम बागवानी को प्रोत्साहित करना है। वहीं, उप विकास आयुक्त रिया सिंह ने बताया कि महोत्सव में एक दर्जन से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां किसान सीधे अपने उत्पाद बेच रहे हैं। तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने के साथ-साथ स्थानीय कृषि उत्पादों को नई पहचान देने का माध्यम बनेगा।

anjali kumari जून 12, 2026 0
Hazaribagh Firing Kedarnath Trip
केदारनाथ यात्रा पर निकले युवक की गोली मारकर हत्या, हजारीबाग में सनसनी

हजारीबाग। जिले के बरही थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। केदारनाथ यात्रा पर जाने के लिए घर से निकले एक युवक की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना करसो पुल के पास हुई, जहां युवक अपनी कार का पंचर टायर बदल रहा था। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। मृतक की पहचान हजारीबाग शहर के ओकनी निवासी विक्की सोनी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, विक्की अपने मित्र अभिषेक कुमार उपाध्याय के साथ केदारनाथ तीर्थ यात्रा के लिए कोडरमा रेलवे स्टेशन जा रहे थे। दोनों को वहां से ट्रेन पकड़कर आगे की यात्रा पर निकलना था। टायर पंचर होने के बाद हुई वारदात रास्ते में बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के पास उनकी कार का एक टायर अचानक पंचर हो गया। दोनों मित्र सड़क किनारे वाहन रोककर टायर बदलने लगे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात अपराधी वहां पहुंचे और बिना किसी बातचीत या विवाद के सीधे विक्की सोनी को निशाना बनाते हुए उनकी गर्दन में गोली मार दी। गोली लगते ही विक्की गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत स्थानीय लोगों की मदद से घायल विक्की को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस हत्या के कारणों की जांच करते हुए अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चला रही है।

Unknown जून 9, 2026 0
Hazaribagh Coal Project Firing
बड़कागांव कोयला परियोजना में फायरिंग, राहुल दुबे गैंग ने ली जिम्मेदारी

बड़कागांव। हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र स्थित चंद्रगुप्त कोल परियोजना में काम कर रही सुश्री इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी एक बार फिर अपराधियों के निशाने पर आ गई है। सोमवार देर रात परियोजना क्षेत्र में कंपनी के वाहनों पर फायरिंग की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित प्रेस बयान में कुख्यात राहुल दुबे गैंग ने हमले की जिम्मेदारी ली है और कंपनी प्रबंधन को खुली चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब 10 बजे अज्ञात अपराधियों ने परियोजना क्षेत्र में खड़े कंपनी के वाहनों पर गोलीबारी की। फायरिंग के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। हालांकि फायरिंग में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सोशल मीडिया पर जारी बयान से बढ़ी चिंता घटना के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक प्रेस बयान वायरल हुआ, जिसमें राहुल दुबे गैंग ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई कंपनी प्रबंधन को चेतावनी देने के उद्देश्य से की गई है। गैंग की ओर से दावा किया गया कि फायरिंग सिर्फ कंपनी अधिकारियों तक संदेश पहुंचाने के लिए की गई। कर्मचारियों को बनाया निशाना बनाने की धमकी वायरल बयान में गैंग ने आगे और गंभीर चेतावनी दी है। कहा गया है कि यदि कंपनी प्रबंधन उनकी शर्तों को नहीं मानता है तो अगली बार कंपनी के वाहनों के बजाय साइट पर कार्यरत कर्मचारियों और हाईवा चालकों को निशाना बनाया जाएगा। बयान में यह भी कहा गया कि गैंग गरीब मजदूरों और ड्राइवरों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता, लेकिन कंपनी प्रबंधन के रवैये में बदलाव नहीं होने पर कठोर कदम उठाए जा सकते हैं। पुलिस कर रही जांच फिलहाल पुलिस फायरिंग की घटना और वायरल बयान दोनों की सत्यता की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद परियोजना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, जबकि स्थानीय लोगों और कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है।

Unknown जून 9, 2026 0
Salary Delay
तीन महीने से वेतन का इंतजार, हजारीबाग के 500 आउटसोर्सिंग कर्मी बढ़ी परेशानी

हजारीबाग। हजारीबाग जिले में झारखंड सूचना प्रौद्योगिकी संवर्धन एजेंसी (JAP-IT) के माध्यम से कार्यरत 500 से अधिक आउटसोर्सिंग कर्मियों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। मार्च 2026 से लंबित मानदेय के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। राज्यभर में ऐसे कर्मियों की संख्या 7,000 से अधिक बताई जा रही है, जिससे यह समस्या व्यापक रूप लेती जा रही है।   रोजमर्रा के खर्च और बच्चों की पढ़ाई पर असर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों को परिवार चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मियों ने बताया कि बच्चों की स्कूल फीस जमा करना मुश्किल हो गया है, जबकि घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें उधार लेना पड़ रहा है। कुछ कर्मचारियों के परिवार में बुजुर्ग और बीमार सदस्य हैं, जिनके इलाज और दवाओं का खर्च भी प्रभावित हो रहा है। लगातार बढ़ती आर्थिक तंगी के कारण कर्मचारियों में मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।   सेवा विस्तार लंबित होने से भुगतान पर रोक आउटसोर्सिंग कर्मियों के अनुसार हर वर्ष मार्च महीने में सेवा विस्तार की प्रक्रिया पूरी की जाती है, जिसके बाद अगले एक वर्ष तक उनकी नियुक्ति जारी रहती है। लेकिन इस वर्ष सेवा विस्तार की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। कर्मचारियों का कहना है कि इसी कारण उनका मानदेय भुगतान भी रुका हुआ है। जब तक सेवा विस्तार की औपचारिकता पूरी नहीं होती, तब तक वेतन जारी होने की संभावना कम है।   सरकारी कामकाज में अहम भूमिका निभा रहे कर्मचारी कंप्यूटर ऑपरेटर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, ड्राइवर, मेडिकल स्टाफ समेत विभिन्न पदों पर कार्यरत ये कर्मचारी सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। नियमित नियुक्तियों की कमी के कारण कई विभागों का कामकाज इन्हीं आउटसोर्सिंग कर्मियों के सहारे चल रहा है। इसके बावजूद समय पर भुगतान नहीं होना कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ा रहा है।   समाधान की मांग तेज कर्मचारियों ने सरकार और संबंधित विभागों से जल्द सेवा विस्तार की प्रक्रिया पूरी कर लंबित वेतन जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल हजारों कर्मी अपने बकाया मानदेय और सेवा विस्तार संबंधी निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।

Unknown जून 8, 2026 0
Sheikh Bhikhari Medical College news
बिना दरवाजे के शौचालय से मरीज परेशान, शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज की बदहाल व्यवस्था

हजारीबाग। झारखंड के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल एक बार फिर अपनी अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। इस बार अस्पताल के शौचालयों की बदहाल स्थिति ने मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ा दी है। अस्पताल के कई शौचालयों में दरवाजे नहीं हैं, जबकि कुछ जगहों पर लगे दरवाजे इतने जर्जर हो चुके हैं कि उनका उपयोग करना संभव नहीं है।   गोपनीयता और सम्मान पर संकट अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि शौचालय का इस्तेमाल करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। दरवाजे नहीं होने के कारण लोगों को अपनी गोपनीयता बनाए रखने के लिए परिजनों को बाहर खड़ा करना पड़ता है या फिर चादर लगाकर किसी तरह शौचालय का उपयोग करना पड़ता है।   मरीजों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद उन्हें बीमारी के साथ-साथ इस तरह की असुविधाओं का भी सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्ग मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।   सरकारी योजनाओं पर उठे सवाल परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पूरे देश में स्वच्छता और शौचालय निर्माण को बढ़ावा देने के लिए अभियान चला रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर शौचालय बनाए गए हैं, लेकिन राज्य के बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ही बुनियादी सुविधाओं का अभाव चिंताजनक है। उन्होंने मांग की कि अस्पताल प्रशासन जल्द से जल्द शौचालयों की मरम्मत कराए और सभी टूटे हुए दरवाजों को बदले, ताकि मरीजों को सम्मानजनक वातावरण मिल सके।   प्रबंधन ने मानी समस्या शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट (डीएस) डॉ. राजकिशोर ने भी शौचालयों की खराब स्थिति को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि महिला और पुरुष दोनों वार्डों के कुछ शौचालयों में ऐसी समस्या मौजूद है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अब तक मरम्मत का कार्य क्यों नहीं कराया गया। डॉ. राजकिशोर ने आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और शौचालयों की स्थिति सुधारने का प्रयास किया जाएगा।   तत्काल सुधार की जरूरत अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर शौचालयों की ऐसी स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि मरीजों की गरिमा और सुविधा पर भी सवाल खड़े करती है। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ स्वच्छ और सुरक्षित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। ऐसे में मरीजों और परिजनों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कार्रवाई कर इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा।

Unknown जून 3, 2026 0
Hazaribagh SBMCH
हजारीबाग SBMCH में बदहाल व्यवस्था, गर्मी में बेहाल मरीज

हजारीबाग। हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SBMCH) में इन दिनों मरीज और उनके परिजन बिजली संकट से भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच अस्पताल के कई वार्डों में घंटों बिजली गायब रहने से मरीजों की हालत खराब हो रही है। हालात इतने खराब हैं कि मरीजों को राहत देने के लिए उनके परिजन घर से टेबल फैन और हाथ वाले पंखे लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।   मरीजों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन व्यवस्था सुधारने को लेकर गंभीर नहीं है। उनका कहना है कि एक वार्ड में 14 से 15 बेड होने के बावजूद केवल 2 या 3 सीलिंग फैन लगे हैं, जिनमें से कई खराब पड़े हैं। बिजली कटते ही पूरा वार्ड उमस और गर्मी से भर जाता है, जिससे मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है।   करोड़ों की व्यवस्था के बावजूद मरीज बेहाल अस्पताल परिसर में 263 KVA, 163 KVA और 63 KVA क्षमता के तीन बड़े जेनरेटर मौजूद हैं। इसके अलावा सोलर सिस्टम भी लगाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद बिजली संकट बना हुआ है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि इतनी सुविधाएं होने के बाद भी अस्पताल में बुनियादी व्यवस्था नहीं मिल पा रही है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही को दर्शाता है।   अस्पताल प्रबंधन ने मानी समस्या इस मामले पर अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. राजकिशोर ने माना कि अस्पताल में बिजली कटौती और डीजल की कमी की समस्या है। उन्होंने बताया कि कई वार्डों के पंखे खराब हैं और उनकी मरम्मत की प्रक्रिया जारी है। साथ ही अस्पताल में लगे सोलर सिस्टम के खराब होने की बात भी स्वीकार की गई है।   गर्मी में मरीजों की बदहाल स्थिति ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों को उम्मीद है कि सरकार और जिला प्रशासन जल्द इस समस्या का समाधान करेगा।

Unknown मई 28, 2026 0
Hazaribagh timber mafia
हजारीबाग में वन विभाग ने लकड़ी माफियाओं पर कसा शिकंजा, मशीन सेट और 25 पीस चिरान पटरा किया जब्त

हजारीबाग। हजारीबाग  में वन विभाग ने अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बरकट्ठा वन परिसर क्षेत्र के सलैया मौजा में संचालित एक अवैध आरा मशीन पर छापेमारी की। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में विभागीय टीम ने आरा मशीन का पूरा सेट और 25 पीस चिरान पटरा जब्त किया। कार्रवाई के बाद इलाके में लकड़ी माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है।   गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी जानकारी के अनुसार, बरही प्रक्षेत्र के वन क्षेत्र पदाधिकारी को सूचना मिली थी कि सलैया मौजा में बिना अनुमति अवैध रूप से आरा मशीन चलाई जा रही है।यहां जंगलों से काटकर लाई गई लकड़ियों को चिरान कर तैयार किया जा रहा था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर छापेमारी की।   प्रभारी वनपाल के नेतृत्व में चला अभियान इस कार्रवाई का नेतृत्व प्रभारी वनपाल पंकज कुमार ने किया। छापेमारी के दौरान विभागीय टीम ने मशीन सेट और तैयार लकड़ी के पटरे जब्त किए। अभियान में वनरक्षी राजेंद्र कुमार, अमन कुमार, सिकंदर कुमार, कृष्णा प्रसाद, सिकंदर नायक, भोला कुमार, विद्याभूषण, गोपी पासवान, वीरेंद्र कुमार, संजीत कुमार, आशीष कुमार और चेतन कुमार सहित कई कर्मी शामिल रहे।   अवैध कारोबारियों में बढ़ी दहशत स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से चोरी-छिपे लकड़ी कटाई और चिरान का कारोबार चल रहा था। हालांकि हाल के दिनों में वन विभाग की लगातार सक्रियता के कारण अवैध कारोबारियों पर दबाव बढ़ा है।   दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई वन विभाग ने साफ कहा है कि जंगलों की अवैध कटाई और वन संपदा की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने बताया कि मामले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ वन अधिनियम के तहत केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वन अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में भी क्षेत्र में लगातार छापेमारी अभियान चलाकर अवैध आरा मशीनों और लकड़ी कारोबार पर कार्रवाई जारी रहेगी।

Unknown मई 22, 2026 0
Durga Bedia arrested
टीपीसी उग्रवादी दुर्गा बेदिया गिरफ्तार, हजारीबाग में देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़

हजारीबाग। हजारीबाग पुलिस ने दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वांछित टीपीसी उग्रवादी और देह व्यापार गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उग्रवादी दुर्गा बेदिया नौ मामलों में वांछित था, जबकि देह व्यापार के आरोप में एक होटल मालिक सहित चार लोगों को जेल भेजा गया है। गिद्दी थाना क्षेत्र से लंबे समय से फरार चल रहे टीपीसी उग्रवादी संगठन के सदस्य दुर्गा बेदिया उर्फ रामकुमार बेदिया को गिरफ्तार किया गया। एसपी को मिली थी गुप्त सूचना एसपी अमन कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि दुर्गा बेदिया गिद्दी थाना क्षेत्र के मिश्रण मिश्रा इन मोड़ के पास पहुंच रहा है। इस सूचना के आधार पर एक टीम गठित कर उसे पकड़ा गया। लंबे समय से था फरार पुलिस के अनुसार, दुर्गा बेदिया कई समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे थे। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कुल नौ मामले दर्ज हैं। हजारीबाग पुलिस इसे एक बड़ी सफलता मान रही है, क्योंकि वह अपने दस्ते को फिर से सक्रिय करने की योजना बना रहा था। होटल यमुना में चल रहा था देह व्यापार दूसरी ओर, कोर्रा थाना क्षेत्र से देह व्यापार के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें हजारीबाग कोर्रा निवासी होटल संचालक रामेश्वर प्रसाद, कोडरमा निवासी धर्मेंद्र चौधरी और सोनू कुमार, तथा हजारीबाग लोहसिंघना निवासी आसिफ अजहर शामिल हैं।   एसपी अमन कुमार को सिंदूर चौक के निकट स्थित यमुना पैलेस होटल में अवैध देह व्यापार की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, होटल मालिक और संचालक दलालों से सांठगांठ कर विभिन्न क्षेत्रों से युवतियों को बुलाकर यह धंधा चला रहे थे। होटल में छापेमारी के दारान मिले आपत्तिजनक सामान इस सूचना पर एक टीम गठित कर होटल यमुना में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान होटल से तीन युवकों को पकड़ा गया और कमरों से आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए गए। होटल मालिक और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

Unknown मई 21, 2026 0
Teachers Salary Issue
हजारीबाग में 59 स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षकों के वेतन पर रोक, शोकॉज जारी

रांची। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की मैट्रिक परीक्षा में 95 प्रतिशत से कम रिजल्ट देने वाले हजारीबाग जिले के 59 हाई स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। इनसे एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा गया है। मैट्रिक के रिजल्ट में हजारीबाग 14वें नंबर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन ने बताया कि इस बार रिजल्ट में हजारीबाग 14वें स्थान पर रहा। जबकि पिछले साल यह सातवें स्थान पर था। जिन स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, उनमें पीएमश्री केबी हाई स्कूल, हिंदू प्लस टू स्कूल, केएन प्लस टू स्कूल इचाक, राम नारायण प्लस टू स्कूल पदमा और पीएमश्री स्कूल देवकुली, सलगावां, पबरा, सरौनी व ढौठवा आदि शामिल हैं। इन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या भी पर्याप्त है। इस बार गणित, अंग्रेजी और विज्ञान में बड़ी संख्या में बच्चे फेल हो गए हैं, जिसके कारण इन स्कूलों का रिजल्ट गिरा है।

Unknown मई 18, 2026 0
Hazaribagh news
हजारीबाग के अस्पताल में मौत का कहर

हजारीबाग। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 12 घंटे के भीतर तीन मरीजों की मौत के बाद भारी हंगामा हो गया। मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग कार्रवाई की मांग को लेकर जुट गए।   ऑक्सीजन नहीं मिलने से दो मरीजों की मौत का आरोप परिजनों का आरोप है कि दो मरीजों की मौत समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण हुई। उन्होंने बताया कि कई बार डॉक्टरों और कर्मचारियों से गुहार लगाने के बावजूद इलाज शुरू नहीं किया गया। मरीजों की हालत बिगड़ती रही, लेकिन आवश्यक सुविधा समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया।   प्रसव के दौरान महिला की गई जान कटकमसांडी प्रखंड की रहने वाली शोभा कुमारी की मौत प्रसव के दौरान हो गई। परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने खून की कमी बताते हुए रक्त चढ़ाने की सलाह दी थी। रक्त चढ़ाने के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। आरोप है कि डॉक्टर और नर्स को सूचना देने के बाद भी कोई देखने नहीं आया, जिससे महिला की मौत हो गई। हालांकि नवजात बच्चा सुरक्षित बताया जा रहा है।   अस्पताल पहुंचे विधायक प्रदीप प्रसाद मामले की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग सदर विधायक Pradeep Prasad अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के नाम पर भारी लापरवाही हो रही है और आए दिन मरीजों की मौत हो रही है। विधायक ने उपायुक्त को पूरे मामले की जानकारी देते हुए चेतावनी दी कि यदि अस्पताल की व्यवस्था नहीं सुधरी तो वे खुद हस्तक्षेप करेंगे, चाहे इसके लिए उनकी विधायकी ही क्यों न चली जाए।   पहले भी उठ चुके हैं सवाल गुरुवार को थैलेसीमिया पीड़ित महिला सरिता देवी और शुक्रवार सुबह पवन कुमार अग्रवाल की मौत को लेकर भी अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगे थे। दोनों मामलों में समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई थी। अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

Unknown मई 16, 2026 0
MLA Pradeep Prasad
हजारीबाग में निजी स्कूलों की मनमानी पर विधायक प्रदीप प्रसाद सख्त

हजारीबाग। हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने जिले के निजी स्कूलों की कथित मनमानी और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इस मामले में हजारीबाग उपायुक्त को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप और जांच की मांग की है।   स्कूलों पर कमीशनखोरी का आरोप विधायक ने आरोप लगाया है कि कई निजी स्कूल अभिभावकों को बच्चों की किताबें, ड्रेस और जूते केवल तय दुकानों से खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। उनके अनुसार, स्कूल प्रबंधन और कुछ दुकानदारों के बीच साठगांठ के जरिए कमीशनखोरी की जा रही है। इससे सामानों की कीमतें मनमाने ढंग से वसूली जा रही हैं और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।   री-एडमिशन शुल्क पर भी सवाल प्रदीप प्रसाद ने ‘री-एडमिशन फीस’ के नाम पर ली जा रही राशि पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हर साल छात्रों से दोबारा प्रवेश शुल्क लेना गलत है और इस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।   विधायक की प्रमुख मांगें विधायक ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही निजी स्कूलों को निर्देश दिया जाए कि वे किसी विशेष दुकान से सामान खरीदने की अनिवार्यता खत्म करें। अभिभावकों को अपनी सुविधा और बजट के अनुसार कहीं से भी सामग्री खरीदने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।   अभिभावकों में बढ़ी उम्मीद विधायक के इस कदम से जिले के हजारों अभिभावकों में राहत की उम्मीद जगी है। लंबे समय से निजी स्कूलों की फीस, ड्रेस और किताबों की व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। अब सभी की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Unknown मई 7, 2026 0
Hazaribagh police raid
हजारीबाग में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, रातभर छापेमारी कर 39 अपराधियों को दबोचा

हजारीबाग। हजारीबाग पुलिस ने जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंगलवार रात विशेष अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे जिले में वांछित अपराधियों, वारंटियों और फरार आरोपियों के खिलाफ एक साथ छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में पुलिस ने 39 अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।   30 विशेष टीमों का गठन अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस निरीक्षकों की निगरानी में कुल 30 विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में थाना प्रभारियों के साथ रिजर्व गार्ड के अनुभवी पुलिसकर्मी और अधिकारी शामिल थे। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से जिलेभर में कार्रवाई की।   104 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी पुलिस टीमों ने रातभर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चिन्हित 104 ठिकानों पर छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान कई लंबित वारंटों का भी निष्पादन किया गया और फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।   पुलिस का सख्त संदेश हजारीबाग पुलिस अधीक्षक ने अभियान को सफल बताते हुए कहा कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा और जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है।   लोगों से सहयोग की अपील पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि जनता के सहयोग से अपराध पर और प्रभावी तरीके से नियंत्रण पाया जा सकता है।   अपराधियों में बढ़ी बेचैनी लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से जिले के अपराधियों में डर का माहौल है। पुलिस का मानना है कि ऐसे विशेष अभियानों से अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।

Unknown मई 7, 2026 0
Barkagaon megalith
बड़कागांव का मेगालिथ बनेगा अंतरराष्ट्रीय पहचान का केंद्र

हजारीबाग। हजारीबाग जिले के बड़कागांव स्थित प्राचीन मेगालिथ स्थल को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। कला एवं पर्यटन विभाग ने इस ऐतिहासिक स्थल को विकसित करने के लिए पहल तेज कर दी है। राज्य सरकार इसे विश्व स्तर के पर्यटन और विरासत स्थल के रूप में विकसित करना चाहती है।   पर्यटन विभाग ने किया निरीक्षण   कला एवं पर्यटन विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने अधिकारियों की टीम के साथ मेगालिथ क्षेत्र का दौरा किया और विकास कार्यों को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने स्थल की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं की जानकारी ली। सरकार का लक्ष्य इस क्षेत्र को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करना है।   खगोलीय महत्व वाला अनोखा स्थल   बड़कागांव प्रखंड के पकरी बरवाडीह में स्थित यह मेगालिथ लगभग 3000 से 4000 वर्ष पुराना माना जाता है। यह स्थल आदिवासी समुदाय की प्राचीन खगोलीय समझ का अद्भुत उदाहरण है। हर साल 21 मार्च और 23 सितंबर को सूर्य की किरणें पत्थरों के बीच से सीधी गुजरती हैं, जिसे इक्विनॉक्स कहा जाता है। यह घटना दुनिया के बेहद कम स्थानों पर देखने को मिलती है।   इंग्लैंड के ऐतिहासिक स्थलों की तर्ज पर होगा विकास   सरकार इस स्थल को इंग्लैंड के प्रसिद्ध न्यूग्रेंज और स्टोनहेंज जैसी विश्व प्रसिद्ध प्रागैतिहासिक धरोहरों की तर्ज पर विकसित करना चाहती है। अधिकारियों का मानना है कि सही संरक्षण और विकास के बाद यह स्थल यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल हो सकता है।   पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा   इस ऐतिहासिक स्थल की खोज वर्ष 2000 में शोधकर्ता शुभाशीष दास ने की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया, तो हजारीबाग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इससे झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिल सकती है।

Unknown मई 7, 2026 0
Hazaribagh theft
हजारीबाग में बड़ी चोरी: ज्वेलर की बाइक डिक्की से 20 लाख के जेवर लेकर फरार हुए बदमाश

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण स्थित महाराजगंज बाजार में बुधवार देर शाम बड़ी चोरी की घटना सामने आई। सोने के व्यापारी अलखदेव पोद्दार अपनी दुकान बंद कर रहे थे, तभी बाइक सवार बदमाशों ने उनकी बाइक की डिक्की से करीब 20 लाख रुपये मूल्य के जेवरात चोरी कर लिए और फरार हो गए।   शटर बंद करते समय दिया वारदात को अंजाम जानकारी के अनुसार, व्यापारी ने कुछ कीमती जेवर दुकान बंद करने के दौरान अपनी बाइक की डिक्की में रख दिए थे। जैसे ही वह दुकान का शटर बंद कर ताला लगाने लगे, तभी काले रंग की अपाचे बाइक पर सवार दो-तीन युवक मौके पर पहुंचे। उन्होंने तेजी से डिक्की खोली और जेवर लेकर इटखोरी की ओर फरार हो गए।   बाजार में मची अफरा-तफरी घटना के बाद व्यापारी ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। देखते ही देखते पूरे बाजार में हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय व्यापारियों में दहशत फैल गई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।   पुलिस जांच और छापेमारी शुरू सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और बदमाशों के भागने के रास्ते की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश में छापेमारी भी की जा रही है।   सुनियोजित चोरी की आशंका प्रारंभिक जांच में पुलिस को शक है कि यह घटना पहले से रची गई साजिश का हिस्सा हो सकती है, क्योंकि बदमाशों ने बेहद सटीक तरीके से वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द आरोपियों तक पहुंचने का दावा कर रही है।

Unknown मई 7, 2026 0
journalist attacked in Hazaribagh
हजारीबाग में इरफान समर्थकों ने पत्रकार को पीटा, हालत गंभीर, पत्रकारों ने खोला मोर्चा

हजारीबाग। हजारीबाग में मंगलवार 28 अप्रैल को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमले की एक शर्मनाक घटना घटी है। यहां मंत्री इरफान अंसारी के सामने ही उनके समर्थकों ने एक पत्रकार द्वारा सवाल पूछे जाने पर उसकी पिटाई कर दी। हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाहर कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ बदसलूकी और मारपीट की गई है। आरोप है कि यह हंगामा स्वास्थ्य मंत्री के समर्थकों द्वारा किया गया, जब पत्रकारों ने मंत्री से जनहित से जुड़ा एक सवाल पूछा।  यह है पूरा मामला मंगलवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। वे सोमवार को पौता जंगल से बरामद हुए एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शवों के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने आए थे। मंत्री ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया, लेकिन जैसे ही वह अस्पताल से बाहर निकलने लगे, पत्रकारों ने उनसे चतरा विमान हादसे के पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे को लेकर सवाल किया। सवाल पूछना पड़ा भारी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चतरा हादसे पर सवाल सुनते ही मंत्री के समर्थक उग्र हो गए। जवाब देने के बजाय समर्थकों ने पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर मौजूद पत्रकारों के साथ मारपीट की गई। यह पूरी घटना कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें समर्थकों का आक्रामक रवैया साफ नजर आ रहा है। इस मारपीट में न्यूज 18 के पत्रकार आशीष कुमार गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनके सिर में चोट लगी है। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।  घटना के बाद बड़ी संख्या में हजारीबाग प्रेस क्लब और श्रमजीवी जर्नलिस्ट यूनियन से जुड़े पत्रकार वहां पहुंचे और घटना का विरोध किया। इधर, पत्रकार की बेरहमी से की गई पिटाई की घटना ने पूरे प्रदेश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। इसे केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा और कायराना प्रहार बताया जा रहा है। भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र गिरी एवं रांची जिला अध्यक्ष जावेद अख्तर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अगर सत्ता के संरक्षण में पत्रकारों की आवाज दबाने का प्रयास किया जाएगा, तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह घटना प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है और इससे पूरे पत्रकार समाज में भारी रोष है। संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी गुर्गों को अविलंब गिरफ्तार कर कठोर से कठोर सजा दी जाए। साथ ही पत्रकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकार संघ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया जाएगा। पत्रकारों की आवाज दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से जोरदार विरोध किया जाएगा।

Unknown अप्रैल 28, 2026 0
Hazaribagh accident news
Hazaribagh: शादी से लौट रहा परिवार बना हादसे का शिकार, दो की मौके पर मौत

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के डेमोटांड़ के पास निर्मल सिंह ढाबा के आगे हुई। हादसे का शिकार हुआ परिवार शादी समारोह से लौट रहा था, तभी रास्ते में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। मृतकों की पहचान चंदन कुमार और उनकी मां विद्या देवी के रूप में हुई है। वहीं चंदन कुमार की पत्नी अंकिता देवी और उनके पिता महावीर प्रसाद गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को पहले शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया गया।   पटना से लौटते वक्त हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, पूरा परिवार पटना में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। रविवार रात समारोह खत्म होने के बाद वे अपने घर रांची के बीआईटी क्षेत्र लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।   तेज रफ्तार और झपकी बनी हादसे की वजह स्थानीय लोगों के मुताबिक, कार की रफ्तार काफी तेज थी और संभव है कि चालक को झपकी आ गई हो। इसी कारण वाहन सड़क किनारे खड़े एक हाईवा से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई है। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानी की अहमियत को उजागर करता है।

Unknown अप्रैल 27, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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