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CSL Vacancy 2026: कोचीन शिपयार्ड में 60 पदों पर भर्ती, 10वीं-डिप्लोमा पास युवाओं के लिए मौका

abhishek singh अगस्त 19, 2026 0
CSL Vacancy
CSL Recruitment 2026

नई दिल्ली, एजेंसियां। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) ने शिप ड्राफ्ट्समैन ट्रेनी भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के जरिए मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल विभाग में कुल 60 पद भरे जाएंगे। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 19 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

 

मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल में इतनी वैकेंसी

 

CSL भर्ती के तहत शिप ड्राफ्ट्समैन ट्रेनी के मैकेनिकल विभाग में 47 पद और इलेक्ट्रिकल विभाग में 13 पद हैं। कुल 60 रिक्तियों में 36 पद अनारक्षित, 13 ओबीसी, 5 एससी, 1 एसटी और 5 ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए निर्धारित हैं।

 

शैक्षणिक योग्यता क्या है?

 

मैकेनिकल पद: उम्मीदवार का एसएसएलसी यानी 10वीं पास होना जरूरी है। इसके साथ राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा कम से कम 60 प्रतिशत अंकों के साथ होना चाहिए। CAD सॉफ्टवेयर का ज्ञान और ड्राफ्टिंग में रुचि भी आवश्यक है।

 

इलेक्ट्रिकल पद: 10वीं पास होने के साथ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ होना चाहिए। उम्मीदवार को ड्राफ्टिंग और CAD सॉफ्टवेयर की जानकारी होनी चाहिए।

 

25 साल है अधिकतम आयु सीमा

 

उम्मीदवार की अधिकतम आयु 4 सितंबर 2026 को 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। यानी अभ्यर्थी का जन्म 5 सितंबर 2001 या उसके बाद हुआ होना चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) उम्मीदवारों को 3 वर्ष और एससी/एसटी उम्मीदवारों को 5 वर्ष की छूट दी जाएगी।

 

कितना देना होगा आवेदन शुल्क?

 

आवेदन के दौरान सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 300 रुपये प्लस बैंक शुल्क देना होगा। वहीं एससी और एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क से पूरी छूट दी गई है।

 

लिखित परीक्षा नहीं, प्रैक्टिकल टेस्ट से होगा चयन

 

इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन 100 अंकों के प्रैक्टिकल टेस्ट के आधार पर किया जाएगा। कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। प्रैक्टिकल टेस्ट कोच्चि स्थित CSL में आयोजित किया जाएगा, जिसमें उम्मीदवारों को CAD सॉफ्टवेयर की मदद से ड्राइंग तैयार करनी होगी।

 

यूआर वर्ग के उम्मीदवारों को न्यूनतम 50 प्रतिशत, ओबीसी को 45 प्रतिशत और एससी/एसटी वर्ग को 40 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। आवेदनों की संख्या ज्यादा होने पर CSL प्रमाणपत्रों के आधार पर उम्मीदवारों को प्रैक्टिकल टेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट कर सकता है।

 

इस तारीख तक करें आवेदन

 

योग्य उम्मीदवार 19 अगस्त 2026 से 4 सितंबर 2026 तक CSL की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक भर्ती अधिसूचना में अपनी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तों को ध्यान से जांच लेना चाहिए।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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पटना, एजेंसियां। बिहार की राजधानी पटना के ज्ञान भवन में 19 अगस्त से पांच दिवसीय मेगा जॉब फेयर शुरू हो गया है। इस रोजगार मेले में 20 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, बीमा, रिटेल समेत कई क्षेत्रों की कंपनियां युवाओं की भर्ती करेंगी।   50 से ज्यादा कंपनियां ले रहीं हिस्सा   रोजगार मेले में 50 से अधिक बड़ी कंपनियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें बैंकिंग, रिटेल, ई-कॉमर्स, वित्तीय सेवाओं और अन्य निजी क्षेत्रों की कंपनियां शामिल हैं। अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और कौशल रखने वाले युवाओं के लिए विभिन्न पदों पर अवसर उपलब्ध हैं।   23 अगस्त तक चलेगा रोजगार मेला   यह मेगा जॉब फेयर 19 से 23 अगस्त 2026 तक पटना के ज्ञान भवन में आयोजित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, मेले के जरिए कंपनियों और नौकरी तलाश रहे युवाओं को एक ही मंच पर लाने की कोशिश की जा रही है।   पंजीकरण के बाद ही मिलेगा प्रवेश   रोजगार मेले में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों का ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी बताया गया है। अभ्यर्थियों को अपना रिज्यूमे, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज साथ लेकर जाने की सलाह दी गई है। पंजीकरण और रोजगार मेले से जुड़ी जानकारी बिहार के रोजगार पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।   युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर   बिहार सरकार और बिहार कौशल विकास मिशन की इस पहल का उद्देश्य युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। मेले में कंपनियां उम्मीदवारों की योग्यता और अपनी जरूरत के अनुसार चयन करेंगी। 20 हजार से अधिक संभावित रोजगार अवसर इसे बिहार के युवाओं के लिए इस साल के बड़े रोजगार आयोजनों में से एक बनाते हैं।

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पटना, एजेंसियां। केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), बिहार यानी CSBC ने मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। इस भर्ती के अगले चरण के लिए 19,681 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। सफल अभ्यर्थियों को अब शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और शारीरिक जांच एवं माप परीक्षा (PST) में शामिल होना होगा।    4,236 पदों पर हो रही है भर्ती   यह भर्ती विज्ञापन संख्या 03/2025 के तहत की जा रही है। इसके माध्यम से कुल 4,236 पदों को भरा जाएगा। लिखित परीक्षा 14 और 17 जून 2026 को बिहार के 38 जिलों में बनाए गए 544 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। परीक्षा में 5,34,735 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि अनुशासनहीनता के कारण 80 अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित किया गया।   19,681 अभ्यर्थी अगले चरण के लिए चयनित   लिखित परीक्षा में सफल 19,681 अभ्यर्थियों को अब PET और PST के लिए बुलाया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा में सफल होना अनिवार्य होगा। PET और PST की तारीख, समय और स्थान की जानकारी अलग से CSBC की वेबसाइट पर जारी की जाएगी।   अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आगे की प्रक्रिया के लिए CSBC की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली सूचना पर नजर बनाए रखें। PET/PST के लिए प्रवेश-पत्र भी वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।   PET के दिन ही होगा दस्तावेज सत्यापन   भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेज सत्यापन भी PET के दिन किया जाएगा। अभ्यर्थियों को अपने मूल प्रमाण-पत्र और आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर जाना होगा। इसके लिए अलग से दस्तावेज सत्यापन का अवसर नहीं दिया जाएगा।   अभ्यर्थी अपना परिणाम और चयन सूची CSBC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। परिणाम की पीडीएफ में अपना रोल नंबर खोजकर चयन की स्थिति जांची जा सकती है।

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MP High Court Assistant Grade-3 Recruitment 2026 में 1174 पद
MP High Court Vacancy 2026: ग्रेजुएट्स के लिए हाईकोर्ट में 1,174 पदों पर भर्ती, आज से आवेदन शुरू

भोपाल ,एजेंसियां। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सहायक ग्रेड-3 के 1,174 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 17 अगस्त 2026 से 15 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।   1,174 पदों पर होगी भर्ती     MP High Court Assistant Grade-3 Recruitment 2026 के तहत कुल 1,174 रिक्त पद भरे जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया 17 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू हुई है। उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की आधिकारिक भर्ती वेबसाइट पर जाना होगा।     ग्रेजुएट उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन     सहायक ग्रेड-3 पद के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ ही MAP-IT द्वारा मान्य CPCT स्कोर कार्ड जरूरी है। कंप्यूटर एप्लीकेशन में मान्यता प्राप्त संस्थान से एक साल का डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवार भी पात्र हो सकते हैं।   उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु सीमा अलग-अलग वर्गों के लिए अलग निर्धारित की गई है।   15 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन     उम्मीदवार 15 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन में सुधार की सुविधा 19 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा की तारीख बाद में घोषित की जाएगी।     कितना देना होगा आवेदन शुल्क?     अनारक्षित और अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क और पोर्टल शुल्क मिलाकर कुल 943.40 रुपये निर्धारित है। वहीं मध्य प्रदेश के OBC, SC, ST और EWS उम्मीदवारों तथा सभी दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए कुल शुल्क 743.40 रुपये है।     परीक्षा के जरिए होगा चयन     उम्मीदवारों का चयन कई चरणों में किया जाएगा। सबसे पहले 100 अंकों की ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा होगी। इसमें 100 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे और परीक्षा की अवधि 2 घंटे रहेगी।   प्रारंभिक परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को 50 अंकों की हिंदी टाइपिंग परीक्षा देनी होगी। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षण होगा।   हिंदी टाइपिंग भी होगी जरूरी     हिंदी टाइपिंग परीक्षा रेमिंगटन गेल मोड में होगी। इसमें उम्मीदवार की टाइपिंग स्पीड और सटीकता का मूल्यांकन किया जाएगा। गलत या छूटे हुए शब्दों पर अंक काटे जाएंगे।     19,500 से 62,000 रुपये तक वेतन     सहायक ग्रेड-3 पद पर चयनित उम्मीदवारों को 19,500 रुपये से 62,000 रुपये के वेतनमान में वेतन मिलेगा। इसके अलावा सरकारी नियमों के अनुसार DA, HRA, CCA, PF/NPS और अन्य सुविधाओं का लाभ भी दिया जाएगा।     ऐसे करें आवेदन     मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।   Recruitment सेक्शन में Assistant Grade-3 Recruitment 2026 लिंक खोलें। अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें। जरूरी दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें। निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान करें। फॉर्म सबमिट करके उसका प्रिंटआउट या PDF सुरक्षित रख लें।

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