जॉब्स

NHM असम में 2204 स्टाफ नर्स भर्ती

NHM असम में 2,204 स्टाफ नर्स पदों पर भर्ती, B.Sc Nursing और GNM उम्मीदवारों के लिए मौका

ranjan kumar tiwari अगस्त 4, 2026 0
NHM असम स्टाफ नर्स भर्ती 2026
NHM Assam Staff Nurse Recruitment 2026

गुवाहाटी, एजेंसियां। नर्सिंग क्षेत्र में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), असम ने स्टाफ नर्स के 2,204 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। ये नियुक्तियां संविदा के आधार पर की जाएंगी। योग्य उम्मीदवार 1 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

 

2,204 स्टाफ नर्स पदों पर भर्ती

 

 

NHM असम की इस भर्ती में कुल 2,204 स्टाफ नर्स पद शामिल हैं। भर्ती संविदा के आधार पर होगी। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है और उम्मीदवारों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन जमा करना होगा। आवेदन की अंतिम तारीख 15 अगस्त 2026 रात 11:59 बजे तक है। यह भर्ती नर्सिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने का अच्छा अवसर मानी जा रही है।

 

 

B.Sc Nursing और GNM उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन

 

 

इस भर्ती के लिए B.Sc Nursing या GNM योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना में दी गई शैक्षणिक योग्यता, पंजीकरण और अन्य पात्रता शर्तों को ध्यान से जांचना जरूरी है। भर्ती से जुड़ी पात्रता और अन्य शर्तों को पूरा करने वाले उम्मीदवार ही आवेदन प्रक्रिया में आगे बढ़ सकेंगे।

 

 

₹20 हजार प्रतिमाह वेतन

 

 

चयनित उम्मीदवारों को ₹20,000 प्रतिमाह वेतन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। यह पद संविदा आधारित होने के कारण नियुक्ति की शर्तें NHM असम के नियमों के अनुसार लागू होंगी। नर्सिंग क्षेत्र में अनुभव हासिल करने और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है।

 

 

15 अगस्त तक करें आवेदन

 

 

NHM असम स्टाफ नर्स भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 15 अगस्त की अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपना आवेदन पूरा कर लें। आवेदन के दौरान दर्ज की गई जानकारी को जमा करने से पहले अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है। उम्मीदवारों को सलाह है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक NHM असम वेबसाइट पर उपलब्ध भर्ती अधिसूचना और पात्रता शर्तों को जरूर पढ़ें।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Ranjan Kumar Tiwari Ranjan123

जॉब्स

View more
NHM असम स्टाफ नर्स भर्ती 2026
NHM असम में 2,204 स्टाफ नर्स पदों पर भर्ती, B.Sc Nursing और GNM उम्मीदवारों के लिए मौका

गुवाहाटी, एजेंसियां। नर्सिंग क्षेत्र में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), असम ने स्टाफ नर्स के 2,204 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। ये नियुक्तियां संविदा के आधार पर की जाएंगी। योग्य उम्मीदवार 1 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।   2,204 स्टाफ नर्स पदों पर भर्ती     NHM असम की इस भर्ती में कुल 2,204 स्टाफ नर्स पद शामिल हैं। भर्ती संविदा के आधार पर होगी। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है और उम्मीदवारों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन जमा करना होगा। आवेदन की अंतिम तारीख 15 अगस्त 2026 रात 11:59 बजे तक है। यह भर्ती नर्सिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने का अच्छा अवसर मानी जा रही है।     B.Sc Nursing और GNM उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन     इस भर्ती के लिए B.Sc Nursing या GNM योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना में दी गई शैक्षणिक योग्यता, पंजीकरण और अन्य पात्रता शर्तों को ध्यान से जांचना जरूरी है। भर्ती से जुड़ी पात्रता और अन्य शर्तों को पूरा करने वाले उम्मीदवार ही आवेदन प्रक्रिया में आगे बढ़ सकेंगे।     ₹20 हजार प्रतिमाह वेतन     चयनित उम्मीदवारों को ₹20,000 प्रतिमाह वेतन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। यह पद संविदा आधारित होने के कारण नियुक्ति की शर्तें NHM असम के नियमों के अनुसार लागू होंगी। नर्सिंग क्षेत्र में अनुभव हासिल करने और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है।     15 अगस्त तक करें आवेदन     NHM असम स्टाफ नर्स भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 15 अगस्त की अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपना आवेदन पूरा कर लें। आवेदन के दौरान दर्ज की गई जानकारी को जमा करने से पहले अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है। उम्मीदवारों को सलाह है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक NHM असम वेबसाइट पर उपलब्ध भर्ती अधिसूचना और पात्रता शर्तों को जरूर पढ़ें।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 4, 2026 0
UP PET 2026

UP PET 2026: आवेदन शुरू, जानें सिलेबस, एग्जाम पैटर्न, मार्किंग स्कीम और किन भर्तियों में मिलेगा फायदा

UPSC SSC भर्ती सुधार

UPSC और SSC भर्ती प्रक्रियाओं में बड़े सुधार, अब तेज और पारदर्शी होगी सरकारी नौकरी की चयन प्रक्रिया

पंजाब PTI भर्ती 2026

पंजाब में PTI प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी, 2,000 पदों पर होगी भर्ती

RVUNL भर्ती 2026
राजस्थान विद्युत निगम में 2,005 पदों पर भर्ती, 5 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन

जयपुर, एजेंसियां। राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) ने राज्य की पांचों सरकारी बिजली कंपनियों में 2,005 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती में जूनियर इंजीनियर, जूनियर अकाउंटेंट और जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट-II के पद शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 5 अगस्त 2026 से शुरू होगी और उम्मीदवार 25 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।   जूनियर इंजीनियर समेत इन पदों पर भर्ती   भर्ती अभियान के तहत कुल 2,005 पद भरे जाएंगे। इनमें JEN-I (इलेक्ट्रिकल) के 727, JEN-I (मैकेनिकल) के 110, JEN-I (सिविल) के 44, जूनियर अकाउंटेंट के 192 और जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट-II के 765 पद शामिल हैं।   राजस्थान की पांच बिजली कंपनियों में होगी नियुक्ति   यह संयुक्त भर्ती RVUN, RVPN, JVVN, AVVN और JdVVN के लिए आयोजित की जा रही है। कुल पदों में से 308 पद RVUN, 593 पद RVPN, 393 पद JVVN, 448 पद AVVN और 263 पद JdVVN में हैं।   5 अगस्त से 25 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन   योग्य उम्मीदवार 5 अगस्त 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की अंतिम तारीख 25 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले विस्तृत भर्ती विज्ञापन में दी गई शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, शुल्क और चयन प्रक्रिया की जानकारी ध्यान से जांचने की सलाह दी गई है।   आरक्षित वर्गों को नियमानुसार मिलेगा लाभ   भर्ती में SC, ST, BC, MBC, EWS, PwBD, TSP, सहरिया, पूर्व सैनिक और महिला उम्मीदवारों समेत पात्र श्रेणियों को राजस्थान सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षण और अन्य छूट का लाभ मिलेगा। विस्तृत नियम भर्ती विज्ञापन में दिए जाएंगे।

ranjan kumar tiwari अगस्त 1, 2026 0
SBI PO Exam 2026

SBI PO Exam 2026: आज से शुरू होगी प्रोबेशनरी ऑफिसर परीक्षा, जानें रिपोर्टिंग टाइम, जरूरी दस्तावेज और एग्जाम डे गाइडलाइंस

IBPS Recruitment

IBPS Clerk Recruitment 2026: 11 बैंकों में 11,403 क्लर्क पदों पर भर्ती, आज से आवेदन शुरू

Ranchi special train

रेलवे भर्ती परीक्षा के लिए रांची से चलेगी स्पेशल ट्रेन, अभ्यर्थियों को मिलेगी बड़ी राहत

BPSSC ASI recruitment exam 2026 postponed:
BPSSC ASI भर्ती परीक्षा 2026 स्थगित, बिहार पुलिस ने नई परीक्षा तिथि का इंतजार करने को कहा

पटना। बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने बिहार पुलिस रेडियो (वायरलेस) में सहायक अवर निरीक्षक (तकनीकी) भर्ती 2026 की प्रारंभिक लिखित परीक्षा स्थगित कर दी है। यह परीक्षा 5 अगस्त 2026 को आयोजित होनी थी, लेकिन आयोग ने अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए इसे फिलहाल टाल दिया है।   जल्द जारी होगी नई परीक्षा तिथि   आयोग ने अपने आधिकारिक नोटिस में कहा है कि परीक्षा की नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से BPSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें, ताकि परीक्षा से जुड़ी किसी भी नई सूचना से अपडेट रह सकें।   22 पदों पर होनी है भर्ती   इस भर्ती अभियान के तहत बिहार पुलिस रेडियो संगठन में सहायक अवर निरीक्षक (तकनीकी) के कुल 22 पद भरे जाएंगे। इनमें सामान्य वर्ग के लिए 8, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 2, अनुसूचित जाति (SC) के लिए 3, अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 1, अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के लिए 4, पिछड़ा वर्ग (BC) के लिए 3 और पिछड़ा वर्ग महिला (BC Female) के लिए 1 पद आरक्षित है।   तीन चरणों में होगी चयन प्रक्रिया   भर्ती प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में प्रारंभिक लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें सामान्य ज्ञान और तकनीकी विषयों से 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके बाद मुख्य परीक्षा होगी, जिसमें सामान्य भाषा ज्ञान और तकनीकी विषय का पेपर शामिल रहेगा। अंतिम चरण में शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) आयोजित की जाएगी, जिसमें दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद और गोला फेंक जैसी गतिविधियां शामिल होंगी।   शारीरिक मानकों का रखना होगा ध्यान   भर्ती के लिए पुरुष अभ्यर्थियों की न्यूनतम ऊंचाई सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के लिए 165 सेंटीमीटर तथा SC/ST और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 160 सेंटीमीटर निर्धारित है। महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 155 सेंटीमीटर और न्यूनतम वजन 48 किलोग्राम रखा गया है। पुरुष उम्मीदवारों के लिए निर्धारित सीने का माप भी अनिवार्य होगा। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे नई परीक्षा तिथि घोषित होने तक आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी अफवाह से बचें।

anjali kumari जुलाई 31, 2026 0
बिहार शिक्षक भर्ती TRE-4 के तहत 32,388 पदों पर शिक्षकों की बहाली

बिहार शिक्षक भर्ती (TRE-4) का बड़ा ऐलान, 32,388 पदों पर होगी शिक्षकों की नियुक्ति

एम्स देवघर में बिना ऑपरेशन दिल की सर्जरी, किशोर के दिल की गंभीर बीमारी का सफल इलाज  पहली बार नॉन-सर्जिकल PDA क्लोजर प्रक्रिया सफल, कैथेटर तकनीक से हुआ इलाज  देवघर, एजेंसियां। झारखंड के एम्स देवघर के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल

JSSC कक्षपाल भर्ती में 59,457 आवेदन रद्द, आयोग ने बताई वजह

BMC Recruitment 2026

BMC Recruitment 2026: ग्रुप-डी के 115 पदों पर निकली भर्ती, 10वीं पास उम्मीदवार आज ही करें आवेदन

0 Comments

Top week

Smoke rises after reported airstrikes in Iraq as regional tensions escalate in West Asia
दुनिया

US-Saudi Strike: इराक में अमेरिका-सऊदी की संयुक्त कार्रवाई, 4 IRGC जवानों की मौत का दावा; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

kalpana जुलाई 30, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?