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UPSC EPFO APFC Recruitment 2026: 80 Posts Open

UPSC EPFO APFC Recruitment 2026: 80 पदों पर भर्ती का मौका, 22 अगस्त से शुरू होगा आवेदन; जानें योग्यता और उम्र सीमा

surbhi अगस्त 20, 2026 0
UPSC EPFO APFC Recruitment 2026 offers 80 vacancies with applications starting August 22
UPSC EPFO APFC Recruitment 2026

नई दिल्ली: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने अहम अपडेट जारी किया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में Assistant Provident Fund Commissioner (APFC) के पदों पर भर्ती के लिए शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इस भर्ती के तहत कुल 80 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 22 अगस्त 2026 से शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने की अंतिम तारीख 11 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।

80 पदों पर होगी भर्ती

UPSC EPFO APFC Recruitment 2026 के तहत कुल 80 पद भरे जाएंगे। कैटेगरी के अनुसार पदों का विवरण इस प्रकार है:

  • General: 29 पद
  • EWS: 8 पद
  • OBC: 18 पद
  • SC: 15 पद
  • ST: 10 पद

इस भर्ती के जरिए चयनित उम्मीदवार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर के पद पर नियुक्त किए जाएंगे।

किस उम्र के उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन?

APFC भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा कैटेगरी के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है। सामान्य और EWS वर्ग के उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र 35 वर्ष रखी गई है। OBC उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 38 वर्ष, जबकि SC और ST वर्ग के लिए 40 वर्ष है।

वहीं, दिव्यांग उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 10 वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। आयु की गणना और अन्य छूट से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में देखना जरूरी होगा।

22 अगस्त से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

उम्मीदवार 22 अगस्त 2026 से UPSC की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 11 सितंबर 2026 है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह है कि अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन पूरा कर लें।

ऐसे कर सकेंगे UPSC EPFO APFC के लिए आवेदन

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को ये चरण पूरे करने होंगे:

  1. सबसे पहले UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से संबंधित लिंक खोलें।
  3. मांगी गई व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी दर्ज करें।
  4. जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
  5. आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद फॉर्म सबमिट करें।
  6. भविष्य की जरूरत के लिए आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

उम्मीदवार आवेदन से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन में पात्रता, परीक्षा प्रक्रिया और अन्य शर्तों को ध्यान से जरूर पढ़ लें।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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रक्षा मंत्रालय में 10वीं-ITI पास के लिए सरकारी नौकरी का मौका, SBC में 10 पदों पर भर्ती; 22 अगस्त से आवेदन

SBC Group C Recruitment 2026: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे 10वीं और ITI पास युवाओं के लिए रक्षा मंत्रालय के तहत नौकरी पाने का मौका है। शिप बिल्डिंग सेंटर (SBC), विशाखापत्तनम ने ग्रुप-C के 10 पदों पर भर्ती निकाली है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 22 अगस्त 2026 से शुरू होगी और योग्य उम्मीदवार 14 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसंधान एवं विकास विभाग के अंतर्गत आने वाले शिप बिल्डिंग सेंटर में निर्माण सहायक 'ए' (फिटर), निर्माण हैंडलर (इलेक्ट्रीशियन), फायर इंजन ड्राइवर और सिविलियन मोटर ट्रांसपोर्ट ड्राइवर के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए खास है, जिनके पास 10वीं के साथ संबंधित ट्रेड में ITI या ड्राइविंग से जुड़ी योग्यता है। 10 पदों पर होगी भर्ती SBC की इस भर्ती में कुल 10 ग्रुप-C पद शामिल हैं। अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की शर्तें अलग रखी गई हैं। निर्माण सहायक 'ए' (फिटर): उम्मीदवार का 10वीं पास होना जरूरी है। इसके साथ संबंधित ट्रेड में ITI/NAC या समकक्ष योग्यता और उसी ट्रेड में कम से कम दो साल का अनुभव मांगा गया है। निर्माण हैंडलर (इलेक्ट्रीशियन): इस पद के लिए 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। संबंधित ट्रेड में मान्यता प्राप्त ITI प्रमाणपत्र होना आवश्यक है। फायर इंजन ड्राइवर: उम्मीदवार 10वीं पास होने के साथ वैध हेवी मोटर व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस धारक होना चाहिए। इसके अलावा मोटर मैकेनिज्म की जानकारी और भारी वाहन चलाने का कम से कम तीन साल का अनुभव जरूरी है। सिविलियन मोटर ट्रांसपोर्ट ड्राइवर: इस पद के लिए 10वीं पास होना जरूरी है। उम्मीदवार के पास वैध LMV/मोटर कार ड्राइविंग लाइसेंस और मोटर मैकेनिज्म की जानकारी होनी चाहिए। मोटर कार चलाने का कम से कम तीन साल का अनुभव भी जरूरी है। हेवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस होने पर उसे प्राथमिकता दी जा सकती है। 22 अगस्त से शुरू होगा आवेदन इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 22 अगस्त 2026 से शुरू होंगे। उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए 14 सितंबर 2026 रात 11 बजे तक का समय मिलेगा। इसी समय तक ऑनलाइन शुल्क भुगतान भी करना होगा। संभावित रूप से कंप्यूटर आधारित परीक्षा अक्टूबर 2026 में आयोजित की जा सकती है। कितनी होनी चाहिए उम्र? SBC Group-C भर्ती के लिए सामान्य आयु सीमा 18 से 27 वर्ष रखी गई है। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलेगी। ST उम्मीदवार: 5 वर्ष की छूट PwBD उम्मीदवार: 10 वर्ष की छूट विभागीय उम्मीदवार: निर्धारित शर्तों के तहत अधिकतम 40 वर्ष विभागीय ST उम्मीदवार: अधिकतम 45 वर्ष आयु में छूट और अन्य पात्रता संबंधी शर्तें आधिकारिक भर्ती अधिसूचना के अनुसार लागू होंगी। आवेदन शुल्क कितना है? सामान्य और अन्य पात्र वर्गों के उम्मीदवारों को 350 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं SC, ST, दिव्यांग, पूर्व सैनिक और महिला उम्मीदवारों को शुल्क से छूट दी गई है। ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तारीख से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरने के साथ जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। शुल्क लागू होने पर उसका ऑनलाइन भुगतान करना होगा। फॉर्म जमा करने के बाद भविष्य की जरूरत के लिए आवेदन की कॉपी सुरक्षित रखना बेहतर रहेगा। महत्वपूर्ण तारीखें विवरण तारीख आवेदन शुरू 22 अगस्त 2026 आवेदन की अंतिम तिथि 14 सितंबर 2026 शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि 14 सितंबर 2026, रात 11 बजे संभावित CBT अक्टूबर 2026 कुल पद 10 नोट: आवेदन करने से पहले उम्मीदवार पदवार योग्यता, अनुभव, आयु सीमा और अन्य शर्तों को आधिकारिक अधिसूचना में जरूर जांच लें।  

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JSSC CGL
JSSC CGL समेत 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द, 17 परीक्षाओं की CID जांच के आदेश

रांची। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। JSSC CGL समेत 22 प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही 2014 से अब तक आयोजित 17 परीक्षाओं, उनके परिणाम और नियुक्तियों की CID जांच के आदेश दिए गए हैं।    JSSC CGL समेत कई परीक्षाओं पर गिरी गाज   सरकार के फैसले का सबसे बड़ा असर JSSC CGL पर पड़ा है। इस परीक्षा के जरिए चयनित करीब 2,000 अभ्यर्थी पहले ही सरकारी सेवा में काम कर रहे हैं, इसलिए परीक्षा रद्द होने के बाद उनकी नियुक्तियों के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। चयनित अभ्यर्थियों ने फैसले के विरोध में प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है।   रद्द की गई परीक्षाओं में JPSC की 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा, फूड सेफ्टी ऑफिसर, CDPO समेत कई अन्य भर्ती परीक्षाएं भी शामिल हैं।   17 परीक्षाओं की होगी CID जांच   सरकार ने 2014 से अब तक हुई 17 भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच CID को सौंपने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि जांच के जरिए परीक्षा प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं और जिम्मेदार लोगों की भूमिका का पता लगाया जाएगा।   इससे पहले CID ने JSSC कार्यालय में छापेमारी की थी और आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से भी पूछताछ की गई। जांच एजेंसी ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल शुरू कर दी है।   चयनित अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता   JSSC CGL सहित जिन परीक्षाओं के परिणाम के आधार पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है, उनके सामने अब नौकरी बचने की चिंता खड़ी हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, रद्द परीक्षाओं से जुड़े 2,600 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्तियां प्रभावित हो सकती हैं।   चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई भी है तो उसका खामियाजा उन उम्मीदवारों को नहीं भुगतना चाहिए, जिन्होंने परीक्षा पास कर नौकरी हासिल की है।   फास्ट ट्रैक कोर्ट और परीक्षा सुधार की तैयारी   सरकार ने भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक सुधार समिति गठित करने का निर्णय लिया है। साथ ही JPSC और JSSC से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध किया जाएगा।   सरकार का दावा है कि इन कदमों का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और भविष्य में परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों को रोकना है। वहीं, आंदोलन कर रहे छात्र अभी भी CBI जांच समेत अपनी अन्य मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

abhishek singh अगस्त 19, 2026 0
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