राष्ट्रीय

J&K Rain Alert Till Aug 2

जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर, 2 अगस्त तक फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का अलर्ट

kalpana जुलाई 30, 2026 0
Heavy rainfall in Jammu and Kashmir as authorities issue flash flood and landslide warnings across several districts
IMD Issues Flash Flood Alert for Jammu and Kashmir

Jammu Kashmir Weather Alert: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग (IMD) ने 2 अगस्त तक फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और मडस्लाइड का अलर्ट जारी किया है। खासकर जम्मू संभाग के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। एहतियात के तौर पर डोडा और किश्तवाड़ के कई इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से सतर्क रहने की अपील की है।

पहाड़ों पर मंडरा रहा भारी बारिश का खतरा

लगातार बारिश से जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। संवेदनशील इलाकों में लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का अलर्ट

मौसम विभाग ने 2 अगस्त तक फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और मडस्लाइड की आशंका जताई है। पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित जगहों से दूर रहने तथा प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने को कहा गया है।

जम्मू संभाग में सबसे ज्यादा असर

जम्मू संभाग के कई जिलों में सुबह और शाम के समय तेज से बहुत तेज बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में कम समय में मूसलाधार बारिश हो सकती है, जिससे जनजीवन और सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

कश्मीर घाटी में भी तेज बौछारें

कश्मीर घाटी के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। बादल छाए रहने और लगातार बारिश से मौसम सुहावना हो गया है, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।

डोडा और किश्तवाड़ में स्कूल बंद

लगातार बारिश और फिसलन भरी सड़कों को देखते हुए डोडा और किश्तवाड़ के कई हिस्सों में सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर नजर

बारिश के बावजूद फिलहाल जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात जारी है। हालांकि प्रशासन लगातार सड़क की निगरानी कर रहा है ताकि भूस्खलन या पत्थर गिरने जैसी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

सांबा में सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटों में सांबा जिले में 87 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कटरा, उधमपुर और जम्मू में भी अच्छी बारिश हुई है। कई इलाकों में जलभराव और फिसलन की स्थिति बनने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

तापमान में आई गिरावट

लगातार बारिश के कारण श्रीनगर, जम्मू, पहलगाम, गुलमर्ग समेत कई शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम ठंडा होने से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन खराब मौसम ने सामान्य जनजीवन प्रभावित किया है।

पर्यटकों और यात्रियों के लिए एडवाइजरी

प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। साथ ही नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

अगले कुछ दिन रहेंगे चुनौतीपूर्ण

मौसम विभाग के अनुसार 5 अगस्त तक जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखे हुए है और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।


 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

kalpana

राष्ट्रीय

View more
Ram Mandir Temple Museum
राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला, अयोध्या में बनेगा भव्य टेंपल म्यूजियम; अक्टूबर से शुरू होगा काम

52 एकड़ में फैलेगा प्रोजेक्ट, भारतीय संस्कृति और रामायण से जुड़ी जानकारी का होगा केंद्र   अयोध्या, एजेंसियां। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और अयोध्या विकास से जुड़ी योजनाओं के तहत राम मंदिर परिसर क्षेत्र में एक भव्य टेंपल म्यूजियम बनाने की योजना को आगे बढ़ाया गया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 750 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। म्यूजियम में भगवान श्रीराम के जीवन, रामायण, भारतीय संस्कृति और धार्मिक विरासत से जुड़ी जानकारियां आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित की जाएंगी।   52 एकड़ जमीन पर बनेगा आधुनिक म्यूजियम   रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित टेंपल म्यूजियम लगभग 52 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसके लिए जमीन को लंबी अवधि की लीज पर लेने की प्रक्रिया पूरी की गई है। म्यूजियम को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भारतीय संस्कृति और रामायण के विभिन्न पहलुओं को समझ सकें।   दान और प्रशासन व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर   राम मंदिर ट्रस्ट की बैठकों में मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा, चढ़ावे की निगरानी और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी चर्चा हुई है। ट्रस्ट मंदिर प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी व व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम कर रहा है।   अयोध्या को धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी   राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। टेंपल म्यूजियम जैसी योजनाओं का उद्देश्य अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।

abhishek singh जुलाई 30, 2026 0
Supreme Court

EWS कोटे पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, ₹8 लाख सालाना आय सीमा को बताया पहली नजर में उचित

कोयला घोटाला मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से राहत और कानूनी कार्यवाही बंद

कोयला घोटाला केस में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, अदालत ने बंद की कार्यवाही

E20 पेट्रोल विवाद और अरविंद केजरीवाल का ऑटो कंपनियों पर बयान

E20 पेट्रोल विवाद पर राजनीति तेज, अरविंद केजरीवाल ने ऑटो कंपनियों की चुप्पी पर उठाए सवाल

NEET Paper Leak
NEET पेपर लीक केस में CBI की बड़ी चार्जशीट, 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल किए आरोप

20 हजार पन्नों से ज्यादा की चार्जशीट, परीक्षा में गड़बड़ी के नेटवर्क का किया खुलासा   नई दिल्ली, एजेंसियां। NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। मामले की जांच के बाद सीबीआई ने आरोपियों पर पेपर लीक, साजिश और परीक्षा में अनियमितता से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। अदालत ने सीबीआई की चार्जशीट को रिकॉर्ड पर ले लिया है और अब मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।   कई स्तरों पर जुड़े लोगों पर आरोप   सीबीआई की जांच में पेपर लीक मामले में कथित तौर पर पेपर उपलब्ध कराने वाले लोगों, बिचौलियों और अन्य सहयोगियों की भूमिका सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, आरोपियों में कुछ विषय विशेषज्ञ भी शामिल हैं, जिन पर प्रश्नपत्र तक पहुंच और उसे साझा करने में भूमिका का आरोप लगाया गया है।   चार्जशीट में हजारों दस्तावेज शामिल   सीबीआई ने अदालत में बड़ी मात्रा में दस्तावेज, गवाहों के बयान और जांच से जुड़े रिकॉर्ड पेश किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चार्जशीट लगभग 20,000 पन्नों से अधिक की है, जिसके सभी दस्तावेज अदालत में जमा करने के लिए जांच एजेंसी को अतिरिक्त समय भी दिया गया।   परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल   NEET पेपर लीक मामले ने देशभर में परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर बड़े सवाल खड़े किए थे। सरकार और जांच एजेंसियां लगातार यह दावा कर रही हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।   अब अदालत में चलेगी आगे की कार्रवाई   CBI की चार्जशीट दाखिल होने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अदालत में सबूतों की जांच और आरोप तय करने की प्रक्रिया के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी।

abhishek singh जुलाई 30, 2026 0
ग्रीन क्लीयरेंस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और सुनवाई

ग्रीन क्लीयरेंस मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, परियोजनाओं को बाद में पर्यावरण मंजूरी देने की नीति पर रोक

Kanwar Yatra 2026

कांवड़ यात्रा का आगाज़, हरिद्वार से गूंजे ‘बम-बम भोले’ के जयकारे; लाखों शिवभक्तों की उमड़ी भीड़

भारत में ऑर्गन ट्रांसप्लांट और अंगदान की स्थिति पर रिपोर्ट

भारत में ऑर्गन ट्रांसप्लांट की संख्या बढ़ी, लेकिन जरूरत और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर बरकरार

इन्फ्लूएंजा A वायरस की संरचना और मानव कोशिकाओं में प्रवेश पर वैज्ञानिक शोध
इन्फ्लूएंजा A वायरस पर नई वैज्ञानिक खोज, वायरस के फैलाव को रोकने के लिए मिल सकते हैं नए इलाज के रास्ते

वैज्ञानिकों ने पता लगाया- फ्लू वायरस मानव कोशिकाओं में प्रवेश के लिए अलग-अलग रणनीतियों का इस्तेमाल करता है   नई दिल्ली, एजेंसियां। इन्फ्लूएंजा A वायरस को लेकर वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण खोज की है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि फ्लू वायरस मानव शरीर की कोशिकाओं में प्रवेश करने और संक्रमण फैलाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाता है। इस खोज से भविष्य में नए एंटीवायरल इलाज और बेहतर वैक्सीन रणनीति विकसित करने में मदद मिल सकती है।   वायरस के प्रवेश की प्रक्रिया पर मिली नई जानकारी   शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि इन्फ्लूएंजा वायरस के अलग-अलग प्रकार कोशिकाओं में घुसने के लिए अलग-अलग आणविक रास्तों का उपयोग करते हैं। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि वायरस शरीर में किस तरह अपनी संख्या बढ़ाता है और किन बिंदुओं पर उसे रोका जा सकता है।   नई दवाओं के विकास में मिलेगी मदद   वैज्ञानिकों का मानना है कि वायरस के इन प्रवेश मार्गों को निशाना बनाकर ऐसी दवाएं विकसित की जा सकती हैं, जो संक्रमण के शुरुआती चरण में ही वायरस की बढ़ोतरी को रोक सकें। यह खोज खासतौर पर मौसमी फ्लू और भविष्य में उभरने वाले नए इन्फ्लूएंजा स्ट्रेन से निपटने में उपयोगी हो सकती है।   हवा के जरिए वायरस फैलने पर भी नया अध्ययन   एक अन्य अध्ययन में वैज्ञानिकों ने यह भी पता लगाया है कि संक्रमित व्यक्ति हवा में कितनी मात्रा में सक्रिय इन्फ्लूएंजा वायरस छोड़ता है, इसमें लोगों के बीच काफी अंतर हो सकता है। इस शोध से संक्रमण फैलने के तरीके को बेहतर समझने में मदद मिलेगी।   फ्लू पर निगरानी और रिसर्च जारी   इन्फ्लूएंजा A वायरस लगातार बदलता रहता है, इसलिए वैज्ञानिक दुनिया भर में इसके नए रूपों की निगरानी कर रहे हैं। नई खोजें वायरस की कार्यप्रणाली समझने और भविष्य की महामारी की तैयारी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 30, 2026 0
तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में दोपहर के भोजन में चिकन बिरयानी देने की तैयारी

तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में भोजन का नया प्रस्ताव, मिड-डे मील में हफ्ते में एक दिन चिकन बिरयानी देने पर विचार

Protests continue in Pakistan-occupied Kashmir amid rising political tensions and government crackdown

PoK Protest: पाक रक्षामंत्री ने प्रदर्शनकारियों को बताया 'भारत जैसा दुश्मन', बातचीत से किया इनकार

Rescue teams search through collapsed buildings after a powerful 7.1-magnitude earthquake in Japan's Kumamoto Prefecture

Japan Earthquake: जापान में 7.1 तीव्रता के भूकंप से 18 की मौत, मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी

0 Comments

Top week

Mojtaba Khamenei delivering a statement on Iran, Hezbollah, and the Middle East conflict
दुनिया

US-Iran War: मोजतबा खामेनेई का बड़ा बयान, बोले- 'अब जिहाद और प्रतिरोध ही एकमात्र रास्ता'

kalpana जुलाई 27, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?