राष्ट्रीय

Bhiwandi Building Collapse Kills 6

Bhiwandi Building Collapse: भिवंडी में चार मंजिला इमारत गिरी, 6 की मौत; कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

kalpana जुलाई 31, 2026 0
Rescue teams search through the debris after a four-storey residential building collapsed in Bhiwandi, Maharashtra
Bhiwandi Building Collapse: Rescue Operation Underway After Four-Storey Building Crashes

Bhiwandi Building Collapse: महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार देर रात बड़ा हादसा हो गया, जब एक चार मंजिला रिहायशी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है. एनडीआरएफ, ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (TDRF), फायर ब्रिगेड, पुलिस और नगर निगम की टीमें युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं.

रात 11:30 बजे अचानक ढही इमारत

अधिकारियों के अनुसार, 48 कमरों वाली यह इमारत रात करीब 11:30 बजे ढह गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि रात करीब 9 बजे से ही इमारत में दरारें पड़ने लगी थीं और तेज आवाजें सुनाई दे रही थीं. सूचना मिलने पर नगर निगम और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और कई परिवारों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. हालांकि, इसी दौरान इमारत का बी-विंग अचानक गिर गया. बताया जा रहा है कि कुछ लोग बाहर निकल रहे थे, जबकि मरम्मत कार्य में लगे मजदूर अंदर ही फंस गए.

पहले ही खतरनाक घोषित हो चुकी थी इमारत

भिवंडी-निजामपुर नगर निगम के सहायक आयुक्त अरविंद घोगरे ने बताया कि इस इमारत को पहले ही जर्जर और खतरनाक घोषित किया जा चुका था. इसके बावजूद यहां मरम्मत का कार्य जारी था. शुरुआती जांच में सामने आया है कि मरम्मत का काम आवश्यक अनुमति के बिना कराया जा रहा था. आशंका है कि हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश लोग मरम्मत कार्य से जुड़े मजदूर हैं. मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है.

NDRF और फायर ब्रिगेड का रेस्क्यू अभियान जारी

हादसे के बाद एनडीआरएफ, टीडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचीं. बचाव अभियान में डॉग स्क्वॉड, चार फायर इंजन, दो एम्बुलेंस और भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकालने तक राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा.



 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

kalpana

राष्ट्रीय

View more
Vande Bharat Freight
वंदे भारत फ्रेट (मालगाड़ी) ट्रेन का सफल ट्रायल, 145 किमी/घंटा की रफ्तार से रचा नया रिकॉर्ड

भारत की पहली हाई-स्पीड फ्रेट EMU ने कोटा मंडल में सफल परीक्षण पूरा किया, ई-कॉमर्स और कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स को मिलेगी नई रफ्तार   नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय रेलवे ने माल परिवहन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश की पहली वंदे भारत फ्रेट (Freight EMU) ट्रेन का सफल हाई-स्पीड ट्रायल पूरा किया। राजस्थान के कोटा मंडल में हुए परीक्षण के दौरान ट्रेन ने 145 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार हासिल की। यह ट्रेन तेज गति से पार्सल, ई-कॉमर्स और कोल्ड-चेन कार्गो की ढुलाई के लिए विकसित की गई है।   आधुनिक तकनीक से लैस फ्रेट ट्रेन   नई वंदे भारत फ्रेट ट्रेन 16 कोचों वाली इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (EMU) है, जिसकी कुल वहन क्षमता लगभग 397 टन है। इसे विशेष रूप से समय-संवेदनशील माल जैसे ई-कॉमर्स पार्सल, दवाइयां, फल-सब्जियां और अन्य नाशवान वस्तुओं के तेज परिवहन के लिए तैयार किया गया है।   करीब एक महीने तक चलेंगे परीक्षण   रेलवे के अनुसार, ट्रायल नागदा–कोटा–सवाई माधोपुर रेलखंड पर कई चरणों में लगभग एक महीने तक जारी रहेगा। इस दौरान ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, स्थिरता, सुरक्षा, विद्युत प्रणाली और अन्य तकनीकी मानकों की जांच की जाएगी। सभी परीक्षण सफल रहने के बाद इसे व्यावसायिक सेवा में शामिल किया जाएगा।   माल ढुलाई में आएगी बड़ी तेजी   भारतीय रेलवे का मानना है कि वंदे भारत फ्रेट ट्रेन शुरू होने से देश में एक्सप्रेस कार्गो परिवहन को नई गति मिलेगी और सड़क परिवहन पर निर्भरता भी कम होगी। इससे ई-कॉमर्स कंपनियों, लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों और कोल्ड-चेन उद्योग को तेज, सुरक्षित और समयबद्ध माल ढुलाई की सुविधा मिलेगी।

abhishek singh जुलाई 31, 2026 0
2020 दिल्ली दंगा मामले में उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई

उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस, हाईकोर्ट ने दो हफ्ते में मांगा जवाब

मुस्लिमों में बहुविवाह पर रोक की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी करता सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिमों में बहुविवाह पर रोक की मांग वाली याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब

हल्द्वानी हिंसा मामले में मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की जमानत बरकरार रखते हुए सुप्रीम कोर्ट का फैसला

हल्द्वानी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अब्दुल मलिक की जमानत बरकरार

CCS Meeting
CCS की बैठक में पश्चिम एशिया संकट पर समीक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और भारतीयों की सुरक्षा पर सरकार का फोकस

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक, समुद्री कर्मियों, ऊर्जा आपूर्ति और उर्वरक उपलब्धता पर विशेष चर्चा   नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की उच्चस्तरीय बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संकट के भारत पर पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा की गई। बैठक में ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक सप्लाई चेन, समुद्री कर्मियों (Seafarers) की सुरक्षा और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। यह पश्चिम एशिया संकट पर बुलाई गई लगातार चौथी विशेष CCS बैठक थी।   ऊर्जा और उर्वरक आपूर्ति पर विशेष नजर   बैठक में कच्चे तेल, एलएनजी, एलपीजी, पीएनजी और रबी फसलों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। सरकार ने संबंधित मंत्रालयों को निर्देश दिया कि किसी भी वैश्विक व्यवधान की स्थिति में वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था तैयार रखी जाए, ताकि देश में आवश्यक वस्तुओं की कमी न हो।   समुद्री कर्मियों और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा प्राथमिकता   प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में कार्यरत भारतीय समुद्री कर्मियों और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संकटग्रस्त क्षेत्रों में मौजूद भारतीयों को समय पर सूचना, आपात सहायता और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया जाए।   ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर   CCS बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने दीर्घकालिक समाधान के रूप में ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा, घरेलू उत्पादन और ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण को तेज़ करने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय संकटों का असर भारत पर कम से कम पड़े।

abhishek singh जुलाई 31, 2026 0
Shaheed Udham Singh

शहीद ऊधम सिंह का 87वां शहादत दिवस, देशभर में वीर क्रांतिकारी को श्रद्धांजलि

Vande Mataram

संसद ने 'Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026' पारित किया

Public Examinations Bill

संसद में 'Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026' पास

Pappu Yadav dressed as a priest during Opposition protest over alleged Ram Mandir donation irregularities in Parliament
संसद परिसर में 'चढ़ावा चोरी' मामले पर अनोखा प्रदर्शन, पुजारी बने पप्पू यादव; राहुल गांधी ने दानपात्र में डाला चढ़ावा

Ram Mandir Donation Row: संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को राम मंदिर में कथित चढ़ावा गबन के मुद्दे पर विपक्ष ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु-पुजारी के वेश में संसद परिसर पहुंचे और उनके सामने एक दानपात्र रखा गया। विपक्षी सांसदों ने इसमें सांकेतिक रूप से चढ़ावा डालकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन की सबसे अधिक चर्चा तब हुई जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी वहां पहुंचे और दानपात्र में पैसे डालकर प्रदर्शन का समर्थन किया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने "चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़" के नारे लगाए और राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। दानपात्र से पैसे जेब में रखने की सांकेतिक एक्टिंग प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने व्यंग्यात्मक अंदाज में दानपात्र में रखे पैसों को अपनी जेब में रखने की सांकेतिक एक्टिंग भी की। इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए विपक्ष ने कथित चढ़ावा गबन के आरोपों को मुद्दा बनाते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की। इस दौरान विपक्षी सांसदों के बीच हल्का हंसी-मजाक भी देखने को मिला, लेकिन उनका मुख्य संदेश मामले की निष्पक्ष जांच की मांग रहा। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो संसद परिसर में हुए इस विरोध प्रदर्शन के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित आरोप करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े हैं, इसलिए पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक पुष्टि या जांच के अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं। ऐसे में आरोपों की सत्यता की पुष्टि होना बाकी है।  

kalpana जुलाई 31, 2026 0
Farmers and pro-Kannada groups protest against releasing Cauvery water to Tamil Nadu in Karnataka

Karnataka Bandh Warning: कावेरी जल विवाद फिर गरमाया, तमिलनाडु को पानी छोड़ने के विरोध में बंद की चेतावनी

Shehzad Poonawalla after changes to his X profile sparks speculation over BJP resignation

शहजाद पूनावाला ने दिया बीजेपी से इस्तीफा? X प्रोफाइल में बदलाव के बाद अटकलें तेज, आधिकारिक पुष्टि नहीं

CJP founder Abhijeet Deepke reacts to Prime Minister Narendra Modi's exam reform video on social media

PM Modi के नए वीडियो पर CJP का तंज, अभिजीत दीपके बोले- 'देश के भविष्य से ज्यादा स्किन दिख रही ब्राइट'

0 Comments

Top week

Smoke rises after reported airstrikes in Iraq as regional tensions escalate in West Asia
दुनिया

US-Saudi Strike: इराक में अमेरिका-सऊदी की संयुक्त कार्रवाई, 4 IRGC जवानों की मौत का दावा; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

kalpana जुलाई 30, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?