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Important Events: 31 जुलाई की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

anjali kumari जुलाई 31, 2026 0
Important Events
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1376 – ब्रिटिश संसद ने राजा के खर्चों की निगरानी का प्रस्ताव रखा।
1498 – क्रिस्टोफर कोलंबस अपनी तीसरी यात्रा के दौरान त्रिनिदाद द्वीप पर पहुंचे।
1611 – कैथोलिक यूनिवर्सिटी पोंटीफिकेल एंड रॉयल यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई।
1658 - मुगल सम्राट औरंगजेब ने स्वयं को मंगोल का राजा घोषित किया।
1788 – मैरीलैंड अमेरिकी संविधान की पुष्टि करने वाला सातवां राज्य बना।
1848 – फ्रांस ने अपने उपनिवेशों से आखिरी गुलामों को भी मुक्त किया।
1855 – अमेरिका के पहले पशु चिकित्सा कॉलेज की स्थापना बोस्टन में की गई।
1861 – असम के चेरापूंजी में 9,300 मिलीलीटर बारिश हुई, जो एक विश्व रिकॉर्ड बन गया।
1865 - ऑस्ट्रेलिया में दक्षिण पूर्व क्लीव्सलैंड ग्रैडचेस्टर शहर में विश्व की पहली छोटी रेल लाइन शुरू।
1910 – इंग्लैंड के क्लाउड ग्राहमे व्हाइट ने पहली बार विमान को रात में उड़ाया।
1913 – बुल्गारिया ने दूसरे बाल्कन युद्ध के युद्धविराम करने की घोषणा पर हस्ताक्षर किया।
1924 - मद्रास प्रेसीडेंसी क्लब ने रेडियो प्रसारण संचालित करने का बीड़ा उठाया।
1932 – तानाशाह शासक एडॉल्फ हिटलर की राष्ट्रवादी सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी (नाजी) ने विधायी चुनावों में अपनी ताकत दोगुनी कर और कुल 37.3 प्रतिशत वोट प्राप्त की।
1933 - राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम छोड़ा।
1935 – मॉस्को के भूमिगत मेट्रो लाइन को लोगों के लिए खोला गया।
1937 – एनिमेटड कार्टून इलेक्ट्रिक साइन बोर्ड न्यूयॉर्क में लगाया गया।
1948 - भारत में कलकत्ता में पहली राज्य परिवहन सेवा की स्थापना।
1950 – भारत और नेपाल ने शांति और मित्रता संधि पर हस्ताक्षर किए।
1971 – अपोलो-15 अंतरिक्ष यात्रियों ने इलेक्ट्रिक का साढ़े 6 घंटे की यात्रा की।
1982 – यूगोस्लाविया ने कीमतों पर छह महीने के लिए रोक लगा दी।
1991 – अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश और सोवियत राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव ने सामरिक शस्त्र कटौती संधि पर हस्ताक्षर किये।
1992 – सितार वादक पंडित रविशंकर मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित हुए।
1998 - सार्क का दसवां शिखर सम्मेलन श्रीलंका की राजधानी कोलम्बो में सम्पन्न।
2000 – लोकसभा ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण विधेयक पास किया।
2003 - इस्रायल और फ़िलिस्तीन के सुरक्षा मंत्रियों की बैठक येरूशलम में समाप्त।
2004 - आर्थिक सहयोग मंच बिम्सटेक का नाम बदलकर 'बंगतक्षेस' किया गया।
2005 - उज़बेकिस्तान ने अमेरिका को अपने सैनिक अड्डे हटा लेने का आदेश दिया।
2006 - श्रीलंका में युद्ध विराम समझौता समाप्त, एलटीटीई के साथ संघर्ष में 50 लोग मारे गये।
2006 – फिदेल कास्त्रो ने अपने भाई को सत्ता सौंपी। 
2007 - भारतीय मूल के अमेरिकी डॉक्टर सुधीर पारिख को पाल हैरिस अवार्ड प्रदान किया गया।
2008 - थाइलैंड की एक अदालत ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री थॉक्सिन शिनावात्रा की पत्नी को कर चोरी के मामले में दोषी पाये जाने पर तीन वर्ष की सज़ा सुनाई।
2010 – बाढ़ से पाकिस्तान में 900 लोगों की मौत हुई।
2012- प्रो. अशोक सेन को पहले यूरी मिलनर फंडामेंटल फिजिक्स प्राइज़ (मौलिक भौतिकी पुरस्कार) के नौ विजेताओं में से एक विजेता घोषित किया गया।
2012 – अमेरिकी तैराक माइकल फेल्प्स ने लंदन ओलंपिक में 6 मेडल जीते। इससे वह सबसे ज्यादा कुल 22 ओलंपिक मेडल जीतने वाले खिलाड़ी बन गए।
2014 – विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पश्चिम अफ्रीका में इबोला से 57 से अधिक लोगों की मौत हुई।
2019 - अंतरिक्ष यात्रियों की अंतर्राष्ट्रीय फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. जितेन्द्र सिंह से मुलाकात की।
2019 - नेपाल में अमेरिकी दूतावास ने काठमांडू में एक दक्षिण एशिया एयर क्वालिटी टेक कैंप का आयोजन किया।
2019 - राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्रिपल तलाक बिल पर हस्ताक्षर किये।
2019 - नासा के TESS मिशन ने TOI 270 नामक ग्रहीय तंत्र की खोज की।
2020 - नेपाली विदेश मंत्री ने कहा कि भारत, नेपाल और यूनाइटेड किंगडम के बीच वर्ष 1947 का समझौता जो गोरखा सैनिकों की सैन्य सेवा से संबंधित है, ‘निरर्थक’ हो गया।
2020 - आंध्रप्रदेश की तीन राजधानियों से संबंधित योजना को राज्य के राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने मंज़ूरी दे दी।
2021 - लेफ्टिनेंट जनरल के रवि प्रसाद, पीवीएसएम , वीएसएम सेना में सेवा के 29 साल पूरे करने के बाद सेवानिवृत्त हुए व वाइस एडमिरल जी अशोक कुमार 39 वर्ष की शानदार सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए।
2022 -  वेटलिफ्टिंग में जेरेमी लालरिनुंगा ने 67 किग्रा भारवर्ग में (स्वर्ण पदक जीतकर) इतिहास रचा।
2022 - केंद्र सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी संजय अरोड़ा को दिल्ली पुलिस का नया आयुक्त नियुक्त किया।
2022 - मुंबई में चाबहार दिवस सम्‍मेलन शुरू हुआ , ईरान, कजाखिस्‍तान, किरगिज्‍स्‍तान , ताजिकिस्‍तान , तुर्कमेनिस्‍तान , उज्बेकिस्‍तान और अफगानिस्‍तान बैठक में शामिल हुए।
2023 - हरियाणा के मेवात में शोभायात्रा के दौरान बवाल , धारा 144 लागू , दो की मौत , 15 पुलिसकर्मी घायल , स्कूल-इंटरनेट बंद बंद किए।
2023 - भारतीय नौसेना प्रमुख का ओमान दौरा (31 जुलाई - 02 अगस्त 2023) शुरू हुआ।
2023 - संसद ने सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) विधेयक, 2023 पारित किया।
2023 - फीनिक्स, एरिजोना शहर में 108°F (42.2°C) के उच्च तापमान ने 110°F या उससे अधिक तापमान के लगातार 31 दिनों के गर्मी रिकॉर्ड को तोड़ा।
2023 - अफ्रीका में पहले अंग्रेजी दास किले का स्थान मिला - फोर्ट कोरमंटाइन, 1631 में निर्मित, फोर्ट एम्स्टर्डम, घाना में।
2023 - भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत थिंक-20 शिखर सम्मेलन मैसूर में शुरू हुआ।
2024 - उत्तराखंड में दो जगह बादल फटा, टिहरी में दो लोगों की मौत हुई व केदारनाथ में 150 से 200 यात्री फंसे।
2024 - महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने  राजस्थान के 45वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली।
2025 - नई दिल्ली के प्रगति मैदान में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ड्रोन प्रदर्शनी का आयोजन शुरू हुआ।
2025 - 17 साल बाद आए फैसले से मालेगांव ब्लास्ट मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर निर्दोष व सभी 7 आरोपी बरी हुए।

 

31 जुलाई को जन्मे व्यक्ति

 

1880 – महान साहित्यकार, लेखक, संपादक और पत्रकार मुंशी प्रेमचंद का जन्म उत्तर प्रदेश में वराणसी के निकट लम्ही गांव में हुआ।
1902 - के. शंकर पिल्लई - जिन्हें शंकर के नाम से जाता है, प्रसिद्ध भारतीय कार्टूनिस्ट थे।
1907 - दामोदर धर्मानंद कोसांबी - भारत के प्रसिद्ध विद्वान, भाषा-वैज्ञानिक और गणितज्ञ।
1916 - मोहन लाल सुखाड़िया - प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ तथा राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री।
1941 - अमरसिंह चौधरी गुजरात के भूतपूर्व आठवें मुख्यमंत्री।
1947- मुमताज़- प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेत्री। 
1998 - श्रीजा अकुला एक भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी।

 

31 जुलाई को हुए निधन

 

1865  - जगन्नाथ शंकरशेठ मुरकुटे (नाना शंकरशेठ , मुंबई के आद्य शिल्पकार) भारत के एक परोपकारी व शिक्षाविद थे।
1912 - ह्यूम, ए. ओ. - एक अवकाश प्राप्त अंग्रेज़ अधिकारी थे।
1940 – ब्रिटिश सरकार ने उग्र क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी व समाज सुधारक ऊधम सिंह को लंदन में फांसी दी।
1941 - आशुतोष दास - स्वतंत्रता सेनानी व समाज सेवक।
1968 - श्रीपाद दामोदर सातवलेकर - 20वीं शताब्दी के भारतीय सांस्कृतिक उन्नयन में विशेष योगदान देने वाले विद्वान।
1980 – पद्मश्री पुरस्कार से अलंकृत प्रसिद्ध पार्श्व गायक मुहम्मद रफी का निधन हुआ।
2019 - प्रख्यात अर्थशास्त्री और आरबीआइ के पूर्व डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण का निधन।
2020 - सा. कंदासामी तमिल भाषा के विख्यात साहित्यकार।
2020 - आर. डी. प्रधान - पूर्व केंद्रीय गृह सचिव थे।
2021 - मान कौर - भारतीय ट्रैक-एंड-फील्ड एथलीट थीं।
2021 - जम्मू-कश्मीर के पुलवामा की मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद का आतंकवादी और पाकिस्तान के पंजाब प्रांती अबू सैफुल्ला उर्फ 'लंबू' की मौत हुई।
2022 - मशहूर बास्केटबॉल खिलाड़ी बिल रसेल (88) का निधन हुआ।
2022 - तानाशाही को उखाड़ फेंकने वाले फिलीपीन के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल रामोस (94) का COVID -19 से निधन हुआ।
2022 - प्रसिद्ध बंगाली गायिका निर्मला मिश्रा (81) का हार्टअटैक से निधन हुआ।
2022 - अल कायदा सरगना अयमान अल जवाहिरी ड्रोन हमले में मारा गया।
2023 - अमेरिकी अभिनेता एंगस क्लाउड (25) का निधन हुआ।
2023 - इथियोपियाई आनुवंशिकीविद् और कृषिविज्ञानी मेलाकु वोरेडे (87) का निधन हुआ।
2024 - हमास के राजनीतिक नेता इस्माइल हनीयेह की उनके निजी अंगरक्षक के साथ ईरानी राजधानी तेहरान में एक इज़राइली हमले में हत्या की।
2024 -भारत के दिग्गज बल्लेबाज अंशुमान गायकवाड़ (71) का कैंसर से निधन हुआ।

 

31 जुलाई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

 

भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी गर्भकल्याणक (जैन , श्रावण कृष्ण द्वितीया)।
अमर शहीद श्री उधमसिंह शहीदी दिवस।
श्री अमरसिंह चौधरी जयन्ती।
महान साहित्यकार श्री मुन्शी प्रेमचंद जयन्ती।
पार्श्व गायक श्री मुहम्मद रफी स्मृति दिवस।
विश्व रेंजर दिवस (World Ranger Day)।

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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चावल के निर्यात दाम 10 महीने के उच्च स्तर पर, वैश्विक मांग बढ़ने से भारतीय निर्यातकों को फायदा
चावल के निर्यात दाम 10 महीने के उच्च स्तर पर, वैश्विक मांग बढ़ने से भारतीय निर्यातकों को फायदा

एशियाई बाजार में मजबूत मांग और सीमित आपूर्ति से बढ़े दाम, भारतीय निर्यातकों को मिल रहे बेहतर ऑर्डर   नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय चावल के निर्यात दाम करीब 10 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गए हैं। एशियाई देशों से बढ़ती मांग, कुछ प्रमुख उत्पादक देशों में सीमित आपूर्ति और मौसम संबंधी चिंताओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में चावल की कीमतों में तेजी आई है। इसका फायदा भारत के चावल निर्यातकों को मिल रहा है और नए निर्यात ऑर्डर बढ़ने लगे हैं।   एल नीनो और मौसम ने बढ़ाई चिंता   विशेषज्ञों का कहना है कि संभावित एल नीनो (El Niño) के प्रभाव से एशिया के कई चावल उत्पादक देशों में उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। यदि मौसम प्रतिकूल रहा तो वैश्विक चावल की आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे कीमतों में और तेजी आ सकती है।   भारतीय निर्यातकों को मिल रहा फायदा   भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में मजबूती आने से भारतीय निर्यातकों को बेहतर सौदे मिल रहे हैं। हालांकि घरेलू स्तर पर पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और महंगाई पर नजर रखने के लिए सरकार निर्यात की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है।   वैश्विक खाद्य बाजार पर असर   विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक मांग इसी तरह बनी रही और उत्पादन प्रभावित हुआ तो आने वाले महीनों में चावल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर उन देशों पर अधिक पड़ेगा जो अपनी खाद्य जरूरतों के लिए आयातित चावल पर निर्भर हैं।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 31, 2026 0
Bhiwandi Building Collapse

भिवंडी में चार मंजिला इमारत का हिस्सा ढहा, 4 की मौत; मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका

Today Horoscope

Today Horoscope: आज का राशिफल 31 जुलाई 2026, शुक्रवार

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Important Events: 31 जुलाई की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

Vedic Almanac
Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 31 जुलाई 2026, शुक्रवार

दिनांक - 31 जुलाई 2026 दिन - शुक्रवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - श्रावण पक्ष - कृष्ण तिथि - द्वितीया रात्रि 10:31 तक तत्पश्चात तृतीया नक्षत्र - धनिष्ठा शाम 07:26 तक तत्पश्चात शतभिषा योग - सौभाग्य रात्रि 11:54 तक तत्पश्चात शोभन राहुकाल - सुबह 11:07 से दोपहर 12:45 तक सूर्योदय - 05:23 सूर्यास्त -  06:16 दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे व्रत पर्व विवरण- जया पार्वती व्रत जागरण (गुजरात अनुसार),पंचक (आरंभ : सुबह 06:36 )  विशेष- द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

anjali kumari जुलाई 31, 2026 0
Supreme Court Judgement

कोयला घोटाला मामलों में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, हाई कोर्ट की सुनवाई व्यवस्था में किया बदलाव

Bhopal Farmer's Protest

भोपाल में किसानों का आंदोलन खत्म, सरकार के आश्वासन के बाद वापस लौटे किसान

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राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला, अयोध्या में बनेगा भव्य टेंपल म्यूजियम; अक्टूबर से शुरू होगा काम

Supreme Court
EWS कोटे पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, ₹8 लाख सालाना आय सीमा को बताया पहली नजर में उचित

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) आरक्षण मामले में कोर्ट ने कहा- मानदंड की समीक्षा संभव, अंतिम फैसला बाद में   नई दिल्ली, एजेंसियां। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने ₹8 लाख सालाना पारिवारिक आय सीमा को पहली नजर में उचित बताया है। यह टिप्पणी 10% EWS आरक्षण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की गई। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह अभी अंतिम फैसला नहीं है और मामले की विस्तृत सुनवाई आगे जारी रहेगी।   EWS आरक्षण के लिए आय सीमा पर उठे सवाल   सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं की ओर से EWS कोटे के लिए तय आय सीमा और इसके आधार को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि आर्थिक स्थिति तय करने के मानदंडों की समीक्षा जरूरी है, जबकि सरकार का पक्ष है कि यह सीमा जरूरतमंद आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तय की गई है।   2019 में लागू हुआ था 10% EWS आरक्षण   केंद्र सरकार ने 103वें संविधान संशोधन (2019) के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण का प्रावधान किया था। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2022 में बहुमत के फैसले से इस संशोधन की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा था।   अंतिम फैसला आना बाकी   सुप्रीम कोर्ट की ताजा टिप्पणी केवल प्रारंभिक राय है। अदालत आगे यह तय करेगी कि EWS आरक्षण के लिए तय आय सीमा और अन्य मानदंड संविधान के अनुरूप हैं या नहीं। इस मामले के फैसले का असर भविष्य में EWS आरक्षण की पात्रता तय करने की प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

abhishek singh जुलाई 30, 2026 0
कोयला घोटाला मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से राहत और कानूनी कार्यवाही बंद

कोयला घोटाला केस में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, अदालत ने बंद की कार्यवाही

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kalpana जुलाई 30, 2026 0

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