1451 – बहलोल खान लोदी ने दिल्ली पर कब्जा किया।
1770 – कैप्टन जेम्स कुक आस्ट्रेलिया पहुंचने वाले पहले पश्चिमी व्यक्ति बने।
1775 – अमेरिकी क्रांति का वास्तविक युद्ध हुआ।
1807 – मिस्र की सेना से भारी पराजय का सामना करने के पश्चात ब्रिटेन की अतिक्रमणकारी सेना इसकंदरिया बंदरगाह से पीछे हटने पर विवश हुई।
1852 – कैलिफोर्निया हिस्टोरिकल सोसायटी का गठन हुआ।
1910 – हैली पुच्छल तारा पहली बार खुली आंखों से देखा गया।
1919 – अमेरिका के लेस्ली इरविन ने पैराशूट से पहली छलांग लगाई।
1933 – अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने गोल्ड स्टैंटर्ड को छोड़ने की घोषणा की।
1936 – फिलिस्तीन में यहूदी विरोधी दंगे शुरू हुए।
1948 – च्यांग काई शेक चीन के राष्ट्रपति बने।
1950 – श्यामा प्रसाद मुखर्जी केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले पहले मंत्री बने।
1972 – बांग्लादेश राष्ट्रमंडल का सदस्य बना।
1975 – तत्कालीन सोवियत रूस की मदद से पहला भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट प्रक्षेपित किया गया।
1977 - सेटेलाइट कम्यूनिकेशन का प्रारम्भ।
1982 – नासा ने सैली राइड को पहली महिला अंतरिक्ष यात्री होने का नाम दिया।
1989 – अफ्रीकी देश सिएरा लियोन ने गणतंत्र की घोषणा की।
1993 – अमरीकी पुलिस एफबीआई द्वारा डेविडियन मत के अनुयाइयों के मुख्यालय पर किए गए आक्रमण में इस समुदाय के 80 लोग ज़िन्दा जल कर मर गये।
1999 - बी.बी.सी. द्वारा अंतर्राष्ट्रीय समाचार पत्रिका आरम्भ करने की योजना।
2001 - बी.एस.एफ़. ने मेघालय के गांव से बांग्लादेशी सेना को मार भगाया।
2003 - चीन की महिला भारोत्तोलक बांग मिंग च्यान ने विश्व रिकार्ड बनाया।
2005 - जर्मनी के कार्डिनल योसिफ़ रान्सिंगर रोमन कैथोलिक चर्च के नये पोप चुने गये।
2006 - प्रथम अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग को उनके द्वारा लाया गया चांद टुकड़ा भेंट किया गया।
2008 - उत्तर प्रदेश सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भूमि अधिग्रहण करने के लिए नई कमेटी बनाने की घोषणा की।
2008 - पाकिस्तान ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम 2000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाले प्रक्षेपास्त्र शहीन-2 का सफल परीक्षण किया।
2008 - फ़्रेंच गुयाना स्थित यूरोप के अंतरिक्ष केन्द्र कौरू से एरियन-5 रॉकेट से ब्राजील व वियतनाम के दो दूर संचार उपग्रह एक साथ प्रक्षेपित किये गए।
2010 - ग्लोबल वॉर्मिंग के सबूत मिलने के बाद नेपाल के पर्वतारोहियों की एक टीम एवरेस्ट के 8 हज़ार मीटर के ऊपर के डेथ ज़ोन की सफाई करेगी. इसी हफ़्ते शुरू होने वाले इस अभूतपूर्व सफाई अभियान में 20 नेपाली पर्वतारोही हिस्सा लेंगे. 'एक्ट्रीम एवरेस्ट एक्स्पेडिशन 2010' नामके इस अभियान की अगुवाई एवरेस्ट विशेषज्ञ नामग्याल शेरपा करेंगे।
2011 – क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ क्यूबा की केन्द्रीय समिति में 45 वर्षों तक बने रहने के बाद पद से इस्तीफा दिया।
2019 - माली के प्रधानमंत्री ने अशांत मोपती क्षेत्र में हिंसा के कारण भारी दबाव को देखते हुए इस्तीफा दिया।
2019 - जम्मू-कश्मीरः सेना की पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला, जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी ढेर।
2019 - अमेरिकी पत्रकार पर्ल की हत्या में शामिल दो पाकिस्तानी तालिबान आतंकी गिरफ्तार।
2020 - गोवा कोरोना मुक्त होने वाला देश का पहला राज्य बना।
2021 - भारत और जर्मनी ने ‘समुद्री पर्यावरण में प्रवेश कर रहे प्लास्टिक कचरे की समस्या का सामना कर रहे शहरों’ के बारे में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
2021 - अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा के परसेवेरेंस रोवर के साथ मंगल ग्रह पर पहुंचे इनजेन्यूटी हेलिकॉप्टर ने पहली बार उड़ान भरकर इतिहास रचा।
2022 - अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में दो भीषण बम धमाकों में कम से कम 25 स्कूली बच्चों के मारे जाने की खबर आयी।
2022 - राजस्थान में झुंझुनूं - उदयपुरवाटी मार्ग पर लीलों की ढाणी के निकट दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत हुई।
2022 - भारतीय वायु सेना ने पूर्वी समुद्र तट पर सुखोई लड़ाकू विमान से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
2023 - NFPA की ‘द स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन रिपोर्ट, 2023’ की जारी रिपोर्ट के अनुसार 142.86 करोड़ की संख्या के साथ भारत दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बना।
2023 - भारत की अध्यक्षता में जी20 की 100वीं कृषि प्रमुख वैज्ञानिक (मैक्स) की बैठक का वाराणसी में समापन हुआ।
2023 - भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत स्वास्थ्य कार्यसमूह की दूसरी बैठक गोवा में सम्पन्न हुई।
2023 - इस्पात और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ने मुंबई में 'इंडिया स्टील 2023' का उद्घाटन किया।
2024 - ओडिशा की महानदी में 50 लोगों को लेकर जा रही नाव पलटने से 7 लोगों की मौत व कई लापता हुए।
1707 – फ़्रांस के लेखक जॉर्ज लुई बोफेन का जन्म हुआ।
1864 - महात्मा हंसराज - पंजाब के प्रसिद्ध आर्य समाजी नेता, समाज सुधारक और शिक्षाविद।
1945 - सुरेखा सीकरी हिन्दी फ़िल्मों की एक अभिनेत्री थीं।
1950 - एच. एस. ब्रह्मा - भारत के भूतपूर्व 19वें मुख्य चुनाव आयुक्त हैं।
1956 - मुकेश ऋषि हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता ।
1968 - अरशद वारसी - हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता हैं।
1977 - अंजू बॉबी जॉर्ज, भारत की प्रसिद्ध एथलेटिक्स खिलाड़ी हैं।
1728 - कीरत सिंह जू देव, घोषचन्द्र वंशीय नरेश थे।
1882 - चार्ल्स डार्विन - महान् प्रकृतिवादी वैज्ञानिक थे।
1895 – फ़्रांस के प्रसिद्ध रसायन शास्त्री लुई पास्चर (70) का देहांत हुआ।
1910 - अनंत लक्ष्मण कन्हेरे - देश की आज़ादी के लिए शहीद होने वाले युवा क्रांतिकारियों में से एक।
1933 - सैयद हसन इमाम - भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के पूर्व अध्यक्ष।
1943 - सी. विजय राघवा चारियर - प्रसिद्ध राष्ट्रीय नेता थे।
1955 – प्रसिद्ध चिकित्सक और संरक्षणवादी जिम कार्बेट का निधन हुआ।
1970 – ऊर्दू के प्रतिष्ठित साहित्यकार सय्यद इम्तेयाज़ अली ताज का निधन हुआ।
2007 - द विजार्ड आफ़ आईडी सीरीज के कार्टूनिस्ट ब्रैंड पार्कर का निधन।
2014 - बशीर अहमद - लॉलीवुड में बांग्लादेशी पार्श्व गायक थे।
2021 - मराठी फिल्म निर्माता और राइटर सुमित्रा भावे (78) का लंबी बीमारियों के कारण पुणे में निधन हुआ।
2021 - अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति वाल्टर मोंडले (93) का निधन हुआ।
2022 - ऑस्ट्रेलियाई फील्ड हॉकी कप्तान सैंड्रा पिसानी (63) का कैंसर से निधन हुआ।
2022 - पूर्व विश्व डार्ट्स चैंपियनशिप के फाइनलिस्ट माइक ग्रेगरी (65) का निधन हुआ।
2023 - अमेरिकी पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी डेविड विलकॉक्स (80) का निधन हुआ।
ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ।
मुनि श्री पुष्पदंत सागर जी समाधि (जैन , वैशाख कृष्ण षष्ठी)।
ईस्टर सैटरडे (क्रिश्चियन)।
अमर शहीद श्री अनन्त लक्ष्मण कन्हेरे शहीदी दिवस।
भारत द्वारा उपग्रह क्षेत्र में प्रवेश दिवस (1975)।
विश्व लीवर / यकृत दिवस।
BICYCLE DAY.
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
कोचिंग से लौटे चचेरे भाइयों ने देखा मंजर Patna के गांधी मैदान थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है। JEE परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र सौरभ कुमार ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मंगलवार रात करीब 8:30 बजे यह घटना सामने आई, जब उसके साथ रह रहे दो चचेरे भाई कोचिंग से लौटे। दरवाजा नहीं खुलने पर उन्होंने अंदर झांककर देखा, जहां सौरभ फंदे से लटका हुआ मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। कमरे से मिला सुसाइड नोट पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। जांच के दौरान कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के अनुसार, नोट में छात्र ने लिखा कि वह पढ़ाई के दबाव में था और लगातार मेहनत के बावजूद उसे अच्छे परिणाम नहीं मिल रहे थे। इसी कारण उसने यह कदम उठाया। नोट में उसने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी मौत के लिए कोई अन्य व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है। गया का रहने वाला था छात्र सौरभ कुमार गया जिले के आमस क्षेत्र का निवासी था और पटना में रहकर JEE परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वह अपने दो चचेरे भाइयों–मुकेश कुमार और अक्षय कुमार–के साथ किराए के कमरे में रह रहा था। बताया जा रहा है कि तीनों अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। पुलिस जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और परिवार को सूचना दे दी गई है। आगे की कार्रवाई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार की शिकायत के आधार पर की जाएगी। बढ़ता दबाव बना चिंता का विषय यह घटना एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में परिवार और संस्थानों को बच्चों की मानसिक स्थिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
होमस्टे में घटी गंभीर वारदात कर्नाटक के कोडागु जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक अमेरिकी महिला पर्यटक के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया। पुलिस के मुताबिक, यह घटना एक होमस्टे में हुई, जहां महिला ठहरी हुई थी। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी होमस्टे का एक कर्मचारी और मालिक शामिल हैं। तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी कर्मचारी ने महिला के कमरे में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी मिलने के बावजूद होमस्टे मालिक ने पीड़िता की मदद नहीं की। इसके बजाय, उस पर आरोप है कि उसने महिला को करीब तीन दिनों तक कमरे में बंद रखा, उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे धमकाया ताकि वह शिकायत दर्ज न करा सके। मैसूर पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत घटना लगभग एक सप्ताह पहले की बताई जा रही है। किसी तरह वहां से निकलने के बाद पीड़िता मैसूर पहुंची, जहां उसने अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी। अमेरिकी दूतावास से सूचना मिलने के बाद कर्नाटक पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में कोडागु के पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की है कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें 3 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
चुनाव से पहले सख्ती बढ़ी Election Commission of India ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि मशीन के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परफ्यूम, इंक और गोंद को माना जाएगा छेड़छाड़ चुनाव आयोग के अनुसार, यदि EVM पर इत्र, स्याही, गोंद या किसी भी प्रकार का केमिकल लगाया जाता है, तो इसे सीधा छेड़छाड़ की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उम्मीदवार बटन साफ और स्पष्ट रखना जरूरी आयोग ने सभी पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि EVM के सभी उम्मीदवार बटन स्पष्ट रूप से दिखाई दें। किसी भी बटन को टेप, गोंद या अन्य सामग्री से ढकना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अलावा, मतों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए भी मशीन के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ को गंभीर अपराध माना जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर तुरंत सूचना देना अनिवार्य निर्देशों के अनुसार, अगर किसी बूथ पर EVM में कोई भी असामान्यता या छेड़छाड़ नजर आती है, तो पीठासीन अधिकारी तुरंत सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को इसकी जानकारी देंगे। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि EVM के साथ किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप एक चुनावी अपराध है। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ पुनर्मतदान (री-पोल) का आदेश भी दिया जा सकता है। 23 अप्रैल को मतदान, पहले ही जारी हुई चेतावनी गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होना है। मतदान से ठीक पहले आयोग ने यह निर्देश जारी कर सभी अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है। खासतौर पर पश्चिम बंगाल में सभी पोलिंग बूथों के प्रीसाइडिंग अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे EVM पर उम्मीदवारों के बटन पूरी तरह साफ और बिना किसी रुकावट के दिखाई देने की पुष्टि करें।