राष्ट्रीय

Modi Tribute to Pahalgam Victims

पहलगाम हमले की बरसी पर पीएम मोदी का संकल्प: आतंक के आगे भारत नहीं झुकेगा

surbhi अप्रैल 22, 2026 0
PM Narendra Modi paying tribute to Pahalgam terror attack victims at memorial site
Modi Tribute Pahalgam Attack Anniversary

 

शहीदों को पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इस हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को देश कभी नहीं भूलेगा।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह हमला देश की आत्मा को झकझोर देने वाला था और पीड़ित परिवारों के साथ पूरा देश खड़ा है।

“भारत आतंक के सामने नहीं झुकेगा”

पीएम मोदी ने अपने संदेश में साफ कहा कि भारत किसी भी तरह के आतंक के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि आतंकियों की साजिशें कभी सफल नहीं होंगी और देश मजबूती से उनका मुकाबला करेगा।

उन्होंने यह भी दोहराया कि देश दुख की इस घड़ी में एकजुट है और पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है।

2025 में हुआ था भीषण हमला

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के Pahalgam में आतंकियों ने हमला कर 26 लोगों की हत्या कर दी थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक शामिल थे।

इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था और इसके बाद बड़े स्तर पर सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई की गई थी।

ऑपरेशन सिंदूर और महादेव से जवाब

हमले के बाद भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों के ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस दौरान कई आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया और बड़ी संख्या में आतंकियों को मार गिराया गया।

इसके बाद “ऑपरेशन महादेव” के तहत सुरक्षा बलों ने हमले में शामिल तीन आतंकियों को भी ढेर कर दिया।

सुरक्षा बढ़ी, स्मारक बना

हमले की बरसी को देखते हुए पहलगाम में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यहां अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं और निगरानी बढ़ा दी गई है।

हमले में मारे गए लोगों की याद में एक स्मारक भी बनाया गया है, जिसमें सभी 26 पीड़ितों के नाम दर्ज हैं। यह स्मारक लिद्दर नदी के किनारे बनाया गया है और लोगों के लिए श्रद्धांजलि का केंद्र बन गया है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

राष्ट्रीय

View more
एम्स में फैकल्टी और डॉक्टरों के खाली पदों को लेकर संसद में जानकारी
देश के कई AIIMS में फैकल्टी की भारी कमी, संसद में सरकार ने बताया- हजारों पद अब भी खाली

राज्यसभा में स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी जानकारी   नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार ने संसद में बताया है कि देश के विभिन्न AIIMS संस्थानों में फैकल्टी के हजारों पद अब भी रिक्त हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, कई नए और पुराने AIIMS में स्वीकृत पदों के मुकाबले बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति अभी तक नहीं हो सकी है। सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया लगातार जारी है और रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है।   नए AIIMS में ज्यादा रिक्तियां   संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, नए स्थापित AIIMS संस्थानों में फैकल्टी की कमी अधिक है। उदाहरण के तौर पर AIIMS मदुरै में करीब 74% फैकल्टी पद खाली हैं। वहीं कई अन्य संस्थानों में भी प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है।   सरकार ने भर्ती प्रक्रिया तेज करने का दिया भरोसा   स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए नियमित भर्ती अभियान चलाए जा रहे हैं। AIIMS में फैकल्टी और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किए जा रहे हैं और चयन प्रक्रिया को तेज किया गया है। सरकार का दावा है कि नए संस्थानों के विस्तार के साथ मानव संसाधन भी बढ़ाया जाएगा।   स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा असर   विशेषज्ञों का मानना है कि फैकल्टी की कमी का असर मेडिकल छात्रों की पढ़ाई, शोध कार्य और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। संसदीय समिति ने भी पहले डॉक्टरों पर बढ़ते कार्यभार और रिक्त पदों को जल्द भरने की जरूरत पर जोर दिया था।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 29, 2026 0
Air India Easy Connect

एयर इंडिया का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क मजबूत, अमृतसर से 27 विदेशी शहरों के लिए 'ईज़ी कनेक्ट' सेवा शुरू

Paytm Payments Bank

Paytm Payments Bank पर संकट! हाई कोर्ट ने बंद करने और परिसमापन का दिया आदेश

नाथू ला दर्रे से भारत और चीन के बीच सीमा व्यापार फिर शुरू

6 साल बाद नाथू ला दर्रे से फिर शुरू होगा भारत-चीन व्यापार, सीमावर्ती कारोबार को मिलेगी नई रफ्तार

Today Horoscope
Today Horoscope: आज का राशिफल  29 जुलाई 2026, बुधवार

मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ।लंबे समय से चली आ रही अपनी बीमारी का इलाज अपनी मुस्कान से करें, क्योंकि यह सभी परेशानियों की सबसे कारगर दवा है। आर्थिक तौर पर सुधार तय है। अनचाहे मेहमानों से शाम को आपका घर भरा रह सकता है। प्यार के नज़रिए से यह दिन बेहद ख़ास रहेगा। निर्णय लेते समय अपने अहम को बीच में न आने दें, अपने कनिष्ठ सहकर्मियों की बात पर ग़ौर फ़रमाएँ। इस राशि के लोगोंं को आज शराब सिगरेट से दूर रहने की जरुरत है क्योंकि इससे आपका कीमती समय बर्बाद हो सकता है। रिश्ते ऊपर स्वर्ग में बनते हैं और आपका जीवनसाथी आज यह साबित कर सकता है।   उपाय :- गेहूँ, बाजरा, गुड़ मिलाकर लाल गाय को खिलाने से पारिवारिक जीवन में ख़ुशियों की बौछार होगी।   वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।तनाव से बचने के लिए अपना क़ीमती वक़्त बच्चों के साथ गुज़ारें। आप बच्चों की उपचार करने की शक्ति महसूस करेंगे। वे आध्यात्मिक तौर पर धरती पर सबसे ज़्यादा ताक़तवर और भावनात्मक लोग हैं। उनके साथ आप ख़ुद को ऊर्जा से लबरेज़ पाएंगे। दीर्घावधि मुनाफ़े के नज़रिए से स्टॉक और म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करना फ़ायदेमंद रहेगा। जितना आपने सोचा था, आपका भाई उससे ज़्यादा मददगार साबित होगा। सावधान रहें, क्योंकि कोई आपकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर सकता है। आपका आत्मविश्वास आपकी पेशेवर ज़िंदगी में ख़ास असर छोड़ेगा। यह दूसरों को आपका नज़रिया समझाने और उनकी मदद हासिल करने में कारगर रहेगा। अपने काम से आराम लेकर आज आप कुछ समय अपने जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैं। जीवनसाथी द्वारा परिवार और मित्रों के बीच नकारात्मक तरीक़े से आपके वैवाहिक जीवन की निजी बातें उजागर हो सकती हैं।   उपाय :- पीला हलवा बनाकर गरीबों में बाँटने से प्रेम सम्बन्ध मजबूत रहेंगे।   मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।अगर आपकी योजना बाहर घूमने-फिरने की है तो आपका वक़्त हँसी-ख़ुशी और सुकून भरा रहेगा। लम्बे समय से अटके मुआवज़े और कर्ज़ आदि आख़िरकार आपको मिल जाएंगे। आपका ज्ञान और हास-परिहास आपके चारों ओर लोगों को प्रभावित करेगा। बीते दिनों की मीठी यादें आपको व्यस्त रखेंगी। आज कार्यालय में आपको कुछ अच्छा समाचार सुनने को मिल सकता है। इस राशि के लोग बड़े ही दिलचस्प होते हैं। ये कभी लोगों के बीच रहकर खुश रहते हैं तो कभी अकेले में हालांकि अकेले वक्त गुजारना इतना आसान नहीं है फिर भी आज दिन में कुछ समय आप अपने लिए जरुर निकाल पाएंगे। यह दिन आपके जीवन में वसंत-काल की तरह है - रोमानी व प्यार से भरा; जहाँ सिर्फ़ आप और आपका जीवनसाथी साथ हों।   उपाय :- कांसे की थाली का प्रयोग खाने के लिए करना प्रेम सम्बन्धों के लिए शुभ है।   कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।ख़ुशी से भरा अच्छा दिन है। अगर आपका धन से जुड़ा कोई मामला कोर्ट-कचहरी में अटका था तो आज उसमें आपको विजय मिल सकती है और आपको धन लाभ हो सकता है। मुमकिन है कि परिवार वाले आपकी उम्मीदों को पूरा न कर सकें। इस बात कि इच्छा न करें कि वे आपके मुताबिक़ काम करेंगे, बल्कि अपने काम करने का तरीक़ा बदलकर पहल करें। आपके प्रिय के कड़वे शब्दों के कारण आपका मूड ख़राब हो सकता है। आप दफ़्तर में माहौल में बेहतरी और कामकाज के स्तर में सुधार को महसूस कर सकते हैं। आज आप सब कामों को छोड़कर उन कामों को करना पसंद करेंगे जिन्हें आप बचपन के दिनों में करना पसंद करते थे। अपने जीवनसाथी की वजह से आपको मानसिक अशान्ति का सामना करना पड़ सकता है।   उपाय :- गाय को जौ खिलाने से पारिवारिक जीवन में खुशियाँ आएँगी।   सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।ख़ुद को सेहतमंद और दुरुस्त रखने के लिए वसायुक्त और तली-भुनी चीज़ों से दूर रहें। यदि आप किसी से उधार वापस मांग रहे थे और अब तक वो आपकी बात को टाल रहा था तो आज बिना बोले ही वो आपको पैसा लौटा सकता है। घरेलू ज़िन्दगी में कुछ तनाव का सामना करना पड़ सकता है। शाम ढलते-ढलते कोई आकस्मिक रुमानी झुकाव आपके दिलोदिमाग़ पर छा सकता है। दफ़्तर में आपके दुश्मन भी आज आपके दोस्त बन जाएंगे - आपके सिर्फ़ एक छोटे-से अच्छे काम की बदौलत। अपने जिगरी यारों के साथ आज आप खाली समय का आनंद लेने का विचार बना सकते हैं। यह दिन आपके सामान्य वैवाहिक जीवन से कुछ हटकर होने वाला है। आपको अपने जीवनसाथी की ओर से कुछ ख़ास देखने को मिल सकता है।   उपाय :- अच्छे स्वास्थ्य के लिए हरी ज्वार का दान करें या गाय को खिलाएं।   कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। रियल एस्टेट और वित्तीय लेन-देन के लिए अच्छा दिन है। एक मज़ेदार शाम के लिए दोस्त आपको अपने घर पर बुलाएंगे। आपको अपनी ओर से सबसे अच्छा बर्ताव करने की ज़रूरत है, क्योंकि आपके प्रिय का मूड बहुत अनिश्चित होगा। आज आराम के लिए बहुत कम समय है- क्योंकि पहले के टाले हुए काम आपको व्यस्त रखेंगे। आज आप कोई नई पुस्तक खरीदकर किसी कमरे में खुद को बंद करके पूरा दिन गुजार सकते हैं। जीवनसाथी के ख़राब व्यवहार का नकारात्मक असर आपके ऊपर पड़ सकता है।   उपाय :- अच्छे पारिवारिक जीवन के लिए किसी भी कुत्ते (अगर काले रंग का हो, तो विशेष शुभ है) को दूध पिलाएं।   तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।परिवार के इलाज से जुड़े ख़र्चों में इज़ाफ़े को नकारा नहीं जा सकता है। आज आपको अपनी संतान की वजह से आर्थिक लाभ होने की संभावना नजर आ रही है। इससे आपको काफी खुशी होगी। आपका ज्ञान और हास-परिहास आपके चारों ओर लोगों को प्रभावित करेगा। आपका प्रिय दिन भर आपको याद करने में समय बिताएगा। आज फ़ायदा हो सकता है, बशर्ते आप अपनी बात भली-भांति रखें और काम में लगन व उत्साह दिखाएँ। दिल के करीबी लोगों के साथ आपका वक्त बिताने का मन करेगा लेकिन आप ऐसा कर पाने में सक्षम नहीं हो पाएंगे। आपके और आपके जीवन साथी के बीच विश्वास की कमी रह सकती है। जिससे आज वैवाहिक जीवन में तनाव हो सकता है।   उपाय :- घर में लाल रंग के पर्दे और चादर का प्रयोग करें।   वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।सेहत से जुड़े कार्यक्रमों को फिर से शुरू करने के लिए अच्छा दिन है। आज आप आसानी से पैसे इकट्ठा कर सकते हैं- लोगों को दिए पुराने कर्ज़ वापिस मिल सकते हैं- या फिर किसी नयी परियोजना पर लगाने के लिए धन अर्जित कर सकते हैं। बच्चे आपको घरेलू काम-काज निबटाने में मदद करेंगे। थोड़े बहुत टकराव के बावजूद भी आज आपका प्रेम जीवन अच्छा रहेगा और आप अपने संगी को खुश रखने में कामयाब होंगे। यह करिअर के मोर्चे पर उन बदलावों को करने का सही वक़्त है, जिनके बारे में आप लम्बे समय से सोच रहे हैं। टीवी, मोबाईल का इस्तेमाल गलत नहीं है लेकिन आवश्यकता से अधिक इनका उपयोग आपके जरुरी समय को खराब कर सकता है। आज के दिन कुछ भी करने के लिए अपने साथी पर दबाव न डाले, अन्यथा आपके दिलों में दूरियां आ सकती हैं।   उपाय :- गर्लफ्रेंड/बॉयफ्रेंड से मिलने जाने से पहले घर से चीनी खाकर निकलना लव लाइफ के लिए लाभकारी है।   धनु राशि :  ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।शाम का वक़्त अपने जीवनसाथी के साथ किसी फ़िल्म, थिएटर या रेस्टोरेंट में बिताना आपको सुकून देगा और आपका मन तरोताज़ा रखेगा। आर्थिक तौर पर बेहतरी के चलते आपके लिए ज़रूरी चीज़ें ख़रीदना आसान होगा। आपकी भरपूर ऊर्जा और ज़बरदस्त उत्साह सकारात्मक परिणाम लाएंगे व घरेलू तनाव दूर करने में मददगार रहेंगे। अपने साथी को भावनात्मक तौर पर ब्लैकमेल करने से बचें। साझेदारी में किए गए काम आख़िरकार फ़ायदेमंद साबित होंगे, लेकिन आपको अपने भागीदारों से काफ़ी विरोध का सामना करना पड़ सकता है। वक्त सेे हर काम को पूरा करना ठीक होता है अगर आप ऐसा करते हैं तो आप अपने लिए भी वक्त निकाल पाते हैं। अगर आप हर काम को कल पर टालते हैं तो अपने लिए आप कभी समय नहीं निकाल पाएंगे। आपके जीवनसाथी की सुस्ती आपके कई कामों पर पानी फेर सकती है।   उपाय :- पार्टनर से प्रेम सम्बन्धों को अच्छा रखने के लिए गुरु अथवा पिता को गुलाबी रंग के वस्त्र भेंट में दें।   मकर राशि :  भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।आस-पास के लोगों का सहयोग आपको सुखद अनुभूति देगा। आपका धन कहां खर्च हो रहा है इसपर आपको नजर बनाए रखने की जरुरत है नहीं तो आने वाले समय में आपको परेशानी हो सकती है। विद्यालय का काम पूरा करने के लिए बच्चे आपसे मदद ले सकते हैं। उदास न हों, कभी-कभी विफल होना कोई ख़राब बात नहीं है। वह तो ज़िंदगी की ख़ूबसूरती है। अपने उद्देश्यों की ओर शान्ति से बढ़ते रहें और सफलता मिलने से पहले अपने पत्ते न खोलें। आप खुद को समय देना जानते हैं और आज तो आपको काफी खाली समय मिलने की संभावना है। खाली समय में आज आप कोई खेल-खेल सकते हैं या जिम जा सकते हैं। अगर आपके जीवनसाथी का मन खिन्न है और चाहते हैं की दिन अच्छा गुज़रे, तो चुप्पी साधे रहें।   उपाय :- किसी भी शनि मंदिर में तेल व प्रसाद चढ़ाने से लव लाइफ अच्छी रहेगी।   कुम्भ राशि :  गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।आँखों के मरीज़ प्रदूषित जगहों पर जाने से बचें, क्योंकि धूँआ आपकी आँखों को और नुक़सान पहुँचा सकता है। अगर मुमकिन हो तो सूरज की तेज़ रोशनी से भी बचे। आपके भाई-बहनों में से कोई आज आपसे पैसे उधार मांग सकता है, आप उनको पैसे उधार तो दे देंगे लेकिन इससे आपके आर्थिक हालात खराब हो सकते हैं। विद्यालय का काम पूरा करने के लिए बच्चे आपसे मदद ले सकते हैं। काम के दबाव के चलते मानसिक उथल-पुथल और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दिन के उत्तरार्ध में ज़्यादा तनाव न लें और आराम करें। आपका वर्चस्ववादी स्वभाव आलोचना की वजह बन सकता है। आप खुद को समय देना जानते हैं और आज तो आपको काफी खाली समय मिलने की संभावना है। खाली समय में आज आप कोई खेल-खेल सकते हैं या जिम जा सकते हैं। मुश्किल हालात से उबरने में आपके जीवनसाथी की तरफ़ से ज़्यादा सहयोग नहीं हासिल होगा।   उपाय :- गणेश जी को दूर्वा चढ़ाने से आर्थिक स्थिति अच्छी होगी।   मीन राशि:  दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल किसी मुश्किल में फँसे इंसान की मदद करने के लिए करें। याद रखें – यह शरीर तो एक-न-एक दिन मिट्टी में मिलने वाला है, अगर यह किसी के काम न आ सके तो इसका क्या फ़ायदा? दीर्घावधि निवेश से बचिए और अपने दोस्तों के साथ बाहर जाकर कुछ ख़ुशी के पल बिताएँ। विदेश में रह रहे किसी संबंधी से मिला उपहार आपको ख़ुशी दे सकता है। प्यार की ताक़त आपको प्यार करने की वजह देती है। मातहत और सहकर्मियों का रुख़ बहुत मददगार रहेगा। जिंदगी में चल रही आपाधापी के बीच आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा और और आप अपने पसंदीदा कामों को कर पाने में कामयाब हो पाएंगे। अगर आप कोशिश करें तो आप अपने जीवनसाथी के साथ अपने जीवन का सबसे अच्छा दिन आज गुज़ार सकते हैं।   उपाय :- 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 11 बार उच्चारण करें। कृपया ध्यान दें यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इंद्रधनुष  उत्तरदायी नहीं हैं।

anjali kumari जुलाई 29, 2026 0
Important Events

Important Events: 29 जुलाई की महत्त्वपूर्ण  घटनाएं

Vedic Almanac

Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 29 जुलाई 2026, बुधवार

Ayushmaan Sethi Google Trends में क्यों छाए? अर्चना पूरन सिंह के बेटे का वीडियो और फैमिली व्लॉग बना चर्चा का कारण  मुंबई, एजेंसियां। अभिनेता-निर्देशक परमीत सेठी और अभिनेत्री अर्चना पूरन सिंह के बेटे आयुष्मान सेठी (Ayushmaan Sethi) इन दिनों Google Tre

PM मोदी का वीडियो Meta ने गलती से हटाया, कुछ समय बाद किया बहाल; कंपनी ने मांगी माफी

दलबदल विरोधी कानून की प्रक्रिया और समयसीमा पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने दलबदल विरोधी कानून की प्रक्रिया पर उठाए सवाल, कहा- सांसदों के मामलों में फैसले की समयसीमा तय होना जरूरी

नई दिल्ली, एजेंसियां। सुप्रीम कोर्ट ने दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत सांसदों और विधायकों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने की जरूरत है, ताकि कानून का उद्देश्य पूरा हो सके।   दलबदल विरोधी कानून पर अदालत की टिप्पणी   सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि दलबदल विरोधी कानून का मकसद निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा बार-बार पार्टी बदलने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना और लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्थिरता बनाए रखना है। लेकिन अगर ऐसे मामलों में फैसला आने में बहुत अधिक समय लगता है तो कानून का प्रभाव कमजोर हो जाता है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि सांसदों और विधायकों की सदस्यता से जुड़े मामलों में जल्द फैसला होना जरूरी है।   स्पीकर की भूमिका पर भी चर्चा   दलबदल विरोधी कानून के तहत किसी सांसद या विधायक की सदस्यता रद्द करने का फैसला आमतौर पर लोकसभा अध्यक्ष या विधानसभा अध्यक्ष करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया की निष्पक्षता और समयसीमा को लेकर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि कई बार दलबदल से जुड़े मामले लंबे समय तक लंबित रहते हैं, जिससे राजनीतिक स्थिति में असमंजस बना रहता है।   क्या है दलबदल विरोधी कानून?   भारत में दलबदल विरोधी कानून वर्ष 1985 में 52वें संविधान संशोधन के जरिए लागू किया गया था। इसे संविधान की 10वीं अनुसूची में शामिल किया गया। इसका उद्देश्य निर्वाचित प्रतिनिधियों को पार्टी बदलकर सरकारों को अस्थिर करने से रोकना था। इस कानून के तहत यदि कोई सांसद या विधायक अपनी पार्टी की सदस्यता छोड़ देता है या पार्टी व्हिप के खिलाफ मतदान करता है, तो उसकी सदस्यता खत्म की जा सकती है।   राजनीतिक दलों के लिए भी महत्वपूर्ण मुद्दा   दलबदल विरोधी कानून लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहा है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कानून ने राजनीतिक स्थिरता बढ़ाई है, जबकि कुछ का कहना है कि इससे निर्वाचित प्रतिनिधियों की स्वतंत्र राय रखने की क्षमता प्रभावित होती है।   आगे क्या होगा?   सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद दलबदल मामलों की सुनवाई और निर्णय प्रक्रिया में सुधार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अदालत ने संकेत दिया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इस कानून के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तेजी जरूरी है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 28, 2026 0
Exam Reform Bill

लोकसभा में परीक्षा सुधार बिल पर चर्चा संभव, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त प्रावधानों की तैयारी

Rajasthan Sanitation Worker Recruitment 2026

राजस्थान सफाई कर्मचारी भर्ती 2026: 24,752 पदों पर बंपर वैकेंसी, युवाओं को सरकारी नौकरी का मौका

Goa Investment News

गोवा में ₹622 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मंजूर, करीब 3,180 नई नौकरियां बनने की उम्मीद

0 Comments

Top week

Prime Minister Narendra Modi announces fast-track courts and strict action against those involved in paper leak cases.
राष्ट्रीय

PM मोदी का बड़ा ऐलान: पेपर लीक के दोषियों पर सख्ती, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा

kalpana जुलाई 23, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?