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Today Horoscope: आज का राशिफल 02 जुलाई 2026, बृहस्पतिवार

anjali kumari जुलाई 2, 2026 0
Today Horoscope
Today Horoscope

मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ।आज आपकी सेहत पूरी तरह अच्छी रहेगी। जेवर और एंटीक में निवेश फ़ायदेमंद रहेगा और समृद्धि लेकर आएगा। अपने जीवनसाथी का बोझ दूर करने के लिए घरेलू कामकाज में हाथ बटाएँ। इससे आपको साथ में काम करने का आनंद मिलेगा और जुड़ाव महसूस होगा। आपकी आकर्षक छवि मनचाहा परिणाम देगी। अहम लोगों से बातचीत करते वक़्त अपने आँख-कान खुले रखिए, हो सकता है आपके हाथ कोई क़ीमती बात या विचार लग जाए। तनाव से भरा दिन, जब नज़दीकी लोगों से कई मतभेद उभर सकते हैं। यह दिन आपके सामान्य वैवाहिक जीवन से कुछ हटकर होने वाला है। आपको अपने जीवनसाथी की ओर से कुछ ख़ास देखने को मिल सकता है।

 

उपाय :- मिटटी का खाली घड़ा ढक्कन सहित बहते जल में प्रवाहित करने से पारिवारिक जीवन की बाधाएं दूर होंगी।

 

वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।बच्चे आपके मुताबिक़ नहीं चलेंगे, जो आपके झुंझलाहट की वजह बन सकता है। आपको ख़ुद पर नियंत्रण रखना चाहिए, क्योंकि नाराज़गी सभी के लिए नुक़सानदेह है और यह सोचने-समझने की ताक़त को ख़त्म कर देती है। इससे सिर्फ़ मुश्किल बढ़ती है। आपके भाई-बहनों में से कोई आज आपसे पैसे उधार मांग सकता है, आप उनको पैसे उधार तो दे देंगे लेकिन इससे आपके आर्थिक हालात खराब हो सकते हैं। दिन के दूसरे हिस्से में कुछ दिलचस्प और रोमांचक काम करने के लिए बढ़िया वक़्त है। आज आपके दिल की धड़कनें अपने प्रिय के साथ ताल-से-ताल मिलाती मालूम होंगी। जी हाँ, यह प्यार का ही ख़ुमार है। अगर आप सीधा जवाब नहीं देंगे तो आपके सहयोगी आपसे नाराज़ हो सकते हैं। अगर आप जल्दबाज़ी में निष्कर्ष निकालेंगे और ग़ैर-ज़रूरी काम करेंगे, तो आज का दिन काफ़ी निराशाजनक हो सकता है। आज के दिन आपका वैवाहिक जीवन एक ख़ूबसूरत बदलाव से गुज़रेगा।

 

उपाय :- जलप्रधान वस्तुओं का सेवन करना हेल्थ के लिए अच्छा रहेगा।

 

मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।आप आज ऊर्जा से भरपूर होंगे और कुछ असाधारण करेंगे। अगर आप यात्रा पर जाने वाले हैं तो अपने कीमती सामान का ध्यान रखें उसके चोरी होने की संभावना है। खासकर अपने पर्स को आज बहुत संभालकर रखें। अपनी नई परियोजनाओं के लिए अपने माता-पिता को विश्वास में लेने का सही समय है। आपका प्रिय आज कुछ खीझा हुआ महसूस कर सकता है, जो आपके दिमाग़ पर दबाव और बढ़ा देगा। आप क़ामयाबी ज़रूर हासिल करेंगे – बस एक-एक करके महत्वपूर्ण क़दम उठाने की ज़रूरत है। खाली समय का पुरा आनंद उठाने के लिए आपको लोगों से दूर होकर अपने पसंदीदा काम करने चाहिए। ऐसा करके आपमें सकारात्मक बदलाव भी आएंगे। जीवनसाथी का बिगड़ता स्वास्थ्य आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

 

उपाय :- आटा, बूरा, घी मिलाकर सूखे नारियल के गोले में भरकर पीपल के नीचे रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

 

कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।मित्रों या परिवार के सदस्यों के साथ मौज-मस्ती भरी यात्रा आपको सुकून देगी। बैंक से जुड़े लेन-देन में काफ़ी सावधानी बरतने की ज़रूरत है। बच्चे ज़्यादा वक़्त साथ बिताने की मांग करेंगे- लेकिन उनका बर्ताव सहयोगी और समझदारी भरा होगा। अपने प्रिय को समझने की कोशिश करें, नहीं तो मुश्किल में फँस सकते हैं। हालाँकि वरिष्ठों से कुछ विरोध के स्वर सुनाई देंगे- लेकिन फिर भी आपको दिमाग़ ठण्डा रखने की ज़रूरत है। कार्यक्षेत्र के किसी काम में खराबी की वजह से आज आप परेशान रह सकते हैं और इस बारे में सोचकर अपना कीमती वक्त बर्बाद कर सकते हैं। आपको और आपके जीवनसाथी को कोई बहुत सुखद ख़बर सुनने को मिल सकती है।

 

उपाय :- सफेद गाय को सफेद मिष्ठान खिलाना नौकरी व बिज़नेस के लिए अच्छा रहेगा।

 

सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।आप अपने सकारात्मक रवैये और आत्मविश्वास की वजह से आस-पास के लोगों को प्रभावित करेंगे। आपने बीते समय में बहुत पैसा खर्च किया है जिसका खामियाजा आज आपको भुगतना पड़ सकता है। आज आपको पैसों की जरुरत होगी लेकिन वो आपको मिल नहीं पाएगा। अपने परिवार के साथ रुखा व्यवहार न करें। यह पारिवारिक शान्ति को भंग कर सकता है। थोड़े बहुत टकराव के बावजूद भी आज आपका प्रेम जीवन अच्छा रहेगा और आप अपने संगी को खुश रखने में कामयाब होंगे। अपने लक्ष्यों का पीछा करने के लिए उम्दा दिन है। अपनी शारीरिक-ऊर्जा का स्तर ऊँचा बनाए रखें, ताकि आप जी-तोड़ मेहनत कर जल्द-से-जल्द उन्हें हासिल कर सकें। इस मामले में आप अपने दोस्तों की मदद भी ले सकते हैं। इससे आपका उत्साह बढ़ेगा और उद्देश्य को पाने में सहायता मिलेगी। यात्रा और शिक्षा से जुड़े काम आपकी जागरुकता में वृद्धि करेंगे। आपका प्यार, आपका जीवनसाथी आपको कोई ख़ूबसूरत तोहफ़ा दे सकता है।

 

उपाय :- आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए घर में तिल के तेल का दीपक अवश्य जलाएं।

 

कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।अगर आपकी योजना बाहर घूमने-फिरने की है तो आपका वक़्त हँसी-ख़ुशी और सुकून भरा रहेगा। आज आप काफ़ी पैसे बना सकते हैं- लेकिन इसे अपने हाथों से फिसलने न दें। आप दोस्तों के साथ बेहतरीन वक़्त बिताएंगे, लेकिन गाड़ी चलाते वक़्त ज़्यादा सावधानी बरतें। किसी छोटी-मोटी बात को लेकर भी आपके प्रिय से आपकी नोंक-झोंक हो सकती है। अगर आप अपने दिमाग़ के दरवाज़े खुले रखें, तो कई उम्दा मौक़े आपको मिल सकते हैं। ज़रूरतमंदों की मदद करने की आपकी ख़ासियत आपको सम्मान दिलाएगी। जीवनसाथी के ख़राब स्वास्थ्य की वजह से आपका कामकाज प्रभावित हो सकता है।

 

उपाय :- किसी काले कुत्ते की देख-भाल करना प्रेम सम्बन्धों को अच्छा करने के लिए शुभ है।

 

तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।आज के दिन ऐसी चीज़ों पर काम करने की ज़रूरत है, जो आपकी सेहत में सुधार ला सकती हैं। आज आप अपना धन धार्मिक कार्यों में लगा सकते हैं जिससे आपको मानसिक शांति मिलने की पूरी संभावना है। आज आपको अपने होशियारी और प्रभाव का उपयोग संवेदनशील घरेलू मुद्दों को हल करने के लिए करना चाहिए। ख़ुशी के लिए नए संबंध की प्रतीक्षा करें। आने वाले समय में दफ़्तर में आपका आज का काम कई तरीक़े से असर दिखाएगा। आज अपनेे विवेक का इस्तेमाल करते हुए ही घर के लोगों से बातें करें अगर आप ऐसा नहीं करते तो बेवजह के झगड़ों की वजह से आपका समय खराब हो सकता है। आपका जीवनसाथी किसी फ़रिश्ते की तरह आपका बहुत ध्यान रखेगा।

 

उपाय :- चाँदी के आभूषणों का अधिक प्रयोग करने से पारिवारिक जीवन खुशहाल बना रहेगा।

 

वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।मानसिक शान्ति के लिए किसी दान-पुण्य के काम में सहभागिता करें। यदि शादीशुदा हैं तो आज अपने बच्चों का विशेष ख्याल रखें क्योंकि यदि आप ऐसा नहीं करते तो उनकी तबीयत बिगड़ सकती है और आपको उनके स्वास्थ्य पर काफी पैसा खर्च करना पड़ सकता है। आपकी दिलचस्प रचनात्मकता आज घर के वातावरण को सुखद बनाएगी। सिर्फ़ स्पष्ट समझ के माध्यम से आप अपनी पत्नी/पति को भावनात्मक सहारा दे सकते हैं। नई परियोजनाओं और कामों को अमली जामा पहनाने के लिए बेहतरीन दिन है। आज जीवनसाथी के साथ समय बिताने के लिए आपके पास पर्याप्त समय होगा। आपके प्रेम को देखकर आज आपका प्रेमी गदगद हो जाएगा। जीवन साथी के स्वास्थ्य को लेकर आप चिंतित रह सकते हैं।

 

उपाय :- आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए जलन, डाह और ईर्ष्या से बचें।

 

धनु राशि :  ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।अपने जीवनसाथी के मामले में ग़ैर-ज़रूरी टांग अड़ाने से बचें। अपने काम-से-काम रखना बेहतर रहेगा। कम-से-कम दख़ल दें, नहीं तो इससे निर्भरता बढ़ सकती है। धन से जुड़ा कोई मसला आज हल हो सकता है और आपको धन लाभ हो सकता है। परिवार में आप एक संधि कराने वाले दूत का दायित्व निभाएंगे। सबकी परेशानियों पर ग़ौर करें, जिससे समस्याओं पर समय रहते क़ाबू पाया जा सके। सैर-सपाटे पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है, जो आपकी ऊर्जा और उत्साह को तरोताज़ा कर देगा। कामकाज के सिलसिले में आपके ऊपर ज़िम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है। मुमकिन है कि आपके अतीत से जुड़ा कोई शख़्स आज आपसे संपर्क करेगा और इस दिन को यादगार बना देगा। अगर आप कोशिश करें तो आप अपने जीवनसाथी के साथ अपने जीवन का सबसे अच्छा दिन आज गुज़ार सकते हैं।

 

उपाय :- हरी मूंग का खाने में प्रयोग करने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

 

मकर राशि :  भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।मानसिक और नैतिक शिक्षा के साथ शारीरिक शिक्षा भी लें, केवल तभी सर्वांगीण विकास संभव है। याद रखें कि एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ दिमाग़ निवास करता है। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। अपनी बातों पर क़ाबू रखें, क्योंकि इसके चलते बड़े-बुज़ुर्ग आहत महसूस कर सकते हैं। बेकार की बातें करके समय बर्बाद करने से बेहतर है कि आप शांत रहें। याद रखें कि समझदार कामों के ज़रिए ही हम जीवन को अर्थ देते हैं। उन्हें महसूस करने दें कि आप उनका ख़याल रखते हैं। प्रेम भगवान की पूजा की ही तरह पवित्र है। यह आपको सच्चे अर्थों में धर्म व आध्यात्मिकता की ओर भी ले जा सकता है। अपने चारों ओर होने वाली गतिविधियों का ध्यान रखें, क्योंकि आपके काम का श्रेय कोई दूसरा ले सकता है। कोई आध्यात्मिक गुरू या बड़ा आपकी सहायता कर सकता है। आज आपको ऐसा अनुभव होगा कि आपके जीवनसाथी के द्वारा आपको नीचा दिखाया जा रहा है। जहां तक सम्भव हो इसे नजरअंदाज करें।

 

उपाय :- कौओं को रोटी डालने से नौकरी व बिज़नेस में उन्नति होगी।

 

कुम्भ राशि :  गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।आपका तनाव काफ़ी हद तक ख़त्म हो सकता है। लम्बे समय से अटके मुआवज़े और कर्ज़ आदि आख़िरकार आपको मिल जाएंगे। आपके परिवार वाले किसी छोटी-सी बात को लेकर राई का पहाड़ बना सकते हैं। आज प्यार की मदहोशी में हक़ीक़त और फ़साना मिलकर एक होते मालूम होंगे। इसे महसूस करें। लंबित परियोजनाएँ पूरी होने की दिशा में बढ़ेंगी। आपकी संप्रेषण अर्थात कम्यूनिकेशन की क्षमता प्रभावशाली साबित होगी। आपका अपने जीवनसाथी के साथ तनावपूर्ण संबंध रह सकता है। जहां तक सम्भव हो बात को बढ़ने न दें।

 

उपाय :- बेडरूम की दक्षिण दीवार पर ज़ीरो वाट का लाल बल्ब जलाएं, इससे पारिवारिक सुख बढ़ेगा।

 

मीन राशि:  दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।शारीरिक लाभ के लिए, विशेषकर मानसिक तौर पर मज़बूती हासिल करने के लिए ध्यान और योग का आश्रय लें। जो उधारी के लिए आपके पास आएँ, उन्हें नज़रअन्दाज़ करना ही बेहतर रहेगा। पारिवारिक सदस्य या जीवन-साथी तनाव की वजह बन सकते हैं। आज आपके और आपके प्यार के बीच कोई आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके सामने नई चुनौतियाँ आएंगी- ख़ास तौर पर अगर आप कूटनीतिक तरीक़े से चीज़ों को नहीं इस्तेमाल करेंगे तो। जब आपको लगता है कि आपके पास घर वालों या अपने दोस्तों के लिए टाइम नहीं है तो आपका मन खराब हो जाता है। आज भी आपकी मन स्थिति ऐसी ही रह सकती है। अपने जीवनसाथी के साथ प्यार-मुहब्बत के लिए काफ़ी वक़्त मिलेगा, लेकिन सेहत गड़बड़ हो सकती है।

 

उपाय :- चने की दाल गाय को खिलाने से आर्थिक स्थिति सुधरेगी।

 

कृपया ध्यान दें

यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इंद्रधनुष  उत्तरदायी नहीं हैं।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

राष्ट्रीय

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CosmoCube Space Mission
सूटकेस के आकार का CosmoCube बताएगा पहले तारे बनने से पहले ब्रह्मांड में क्या हुआ था

हैदराबाद, एजेंसियां। वैज्ञानिक ब्रह्मांड के शुरुआती दौर के रहस्यों को समझने के लिए एक अनोखे मिशन पर काम कर रहे हैं। CosmoCube नाम का सूटकेस के आकार का छोटा सैटेलाइट चांद की कक्षा में रहकर बेहद कमजोर रेडियो सिग्नल का अध्ययन करेगा। इन संकेतों के जरिए वैज्ञानिक बिग बैंग के बाद और पहले तारों के बनने से पहले के समय को समझने की कोशिश करेंगे।   चांद की रेडियो शील्ड का करेगा इस्तेमाल   CosmoCube की खासियत यह है कि यह चांद के उस हिस्से का इस्तेमाल प्राकृतिक ढाल के रूप में करेगा, जो पृथ्वी से दूर रहता है। चांद पृथ्वी से आने वाले रेडियो इंटरफेरेंस को रोकने में मदद करेगा, जिससे सैटेलाइट को ब्रह्मांड से आने वाले बेहद कमजोर संकेतों को पकड़ने का बेहतर मौका मिलेगा।   प्रस्तावित मिशन में सैटेलाइट चांद के चारों ओर करीब दो घंटे की कक्षा में घूमेगा। इसमें लगभग 40 मिनट चांद की दूसरी तरफ बिताकर रेडियो सिग्नल रिकॉर्ड करने की योजना है।   13.5 अरब साल पुराने संकेतों की तलाश   वैज्ञानिक जिस सिग्नल का अध्ययन करना चाहते हैं, वह शुरुआती ब्रह्मांड में मौजूद हाइड्रोजन से जुड़ा 21-सेंटीमीटर रेडियो सिग्नल है। यह संकेत ब्रह्मांड के उस दौर की जानकारी दे सकता है, जब पहले तारे और आकाशगंगाएं अस्तित्व में नहीं आई थीं।   बिग बैंग के बाद ब्रह्मांड में करीब 150 मिलियन वर्षों तक कॉस्मिक डार्क एज का दौर रहा। इसके बाद पहले तारों का निर्माण शुरू हुआ। इस संक्रमण को समझना खगोल विज्ञान की बड़ी चुनौतियों में से एक है।   धरती से सिग्नल पकड़ना क्यों मुश्किल?   पृथ्वी से इन बेहद कमजोर रेडियो संकेतों का अध्ययन करना आसान नहीं है। आयनोस्फीयर कम-फ्रीक्वेंसी वाली कुछ रेडियो तरंगों को प्रभावित करता है। इसके अलावा FM रेडियो, टेलीकम्युनिकेशन और सैटेलाइट से पैदा होने वाला रेडियो शोर भी कॉस्मिक सिग्नल को दबा सकता है।   इसी समस्या को देखते हुए वैज्ञानिक चांद के दूर वाले हिस्से को रेडियो-शांत क्षेत्र के तौर पर इस्तेमाल करना चाहते हैं।   डार्क मैटर के रहस्य भी खुल सकते हैं   CosmoCube से मिलने वाले आंकड़े सिर्फ पहले तारों की कहानी समझने में ही मदद नहीं कर सकते, बल्कि शुरुआती ब्रह्मांड में डार्क मैटर की भूमिका पर भी नई जानकारी मिल सकती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, डार्क मैटर के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव ने गैस और दूसरे पदार्थों को एक साथ खींचने में भूमिका निभाई होगी। इसी प्रक्रिया से आगे चलकर तारों और आकाशगंगाओं के निर्माण में मदद मिली।   छोटा सैटेलाइट, बड़ी चुनौती   आकार छोटा होने के बावजूद CosmoCube के लिए तकनीकी चुनौतियां काफी बड़ी हैं। सैटेलाइट को अपने ही सिस्टम और दूसरे अंतरिक्षीय स्रोतों से पैदा होने वाले शोर को कॉस्मिक सिग्नल से अलग करना होगा।   इसके लिए हल्के रेडियो एंटीना और एडवांस्ड डेटा प्रोसेसिंग तकनीक का इस्तेमाल प्रस्तावित है। वैज्ञानिक सैटेलाइट की स्थिति और आसपास के वातावरण की लगातार निगरानी भी करेंगे, ताकि इंस्ट्रूमेंट से पैदा होने वाले इंटरफेरेंस की पहचान की जा सके।   पांच साल में लॉन्च की तैयारी संभव   वैज्ञानिकों की टीम फिलहाल CosmoCube के मॉडल को विकसित और टेस्ट कर रही है। इसमें अंतरिक्ष में सैटेलाइट के थर्मल प्रदर्शन का परीक्षण भी शामिल है।   टीम के मुताबिक, पर्याप्त सहयोग और संसाधन मिलने पर मिशन को करीब पांच साल में लॉन्च के लिए तैयार किया जा सकता है। हालांकि, चांद के दूर वाले हिस्से में बढ़ते अंतरिक्ष अभियानों और भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण रेडियो-शांत वातावरण को बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती हो सकती है।   अगर CosmoCube सफल होता है, तो यह ब्रह्मांड के उस बेहद शुरुआती दौर को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकता है, जो अब तक वैज्ञानिकों के लिए काफी हद तक अनदेखा रहा है।

anjali kumari अगस्त 17, 2026 0
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Chamoli tunnel accident: दो श्रमिक अब भी लापता, आठ की मौत; मलबे और पानी के बीच रेस्क्यू अभियान जारी

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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से बंद सड़क और प्रभावित जनजीवन
हिमाचल में बारिश से हाहाकार: 110 सड़कें बंद, 91 ट्रांसफार्मर ठप; 217 पेयजल योजनाएं प्रभावित

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की लगातार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 17 अगस्त सुबह की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 110 सड़कें बंद, 91 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित और 217 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। सबसे ज्यादा असर मंडी और कुल्लू जिलों में देखने को मिला है।   मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें बंद     बारिश से मंडी जिले में 39 सड़कें बंद हैं, जबकि कुल्लू में 33 सड़कें प्रभावित हैं। चंबा में 12, शिमला में नौ, कांगड़ा में छह और सिरमौर में भी कई सड़कें बंद हैं। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है।     बिजली और पानी की व्यवस्था भी प्रभावित     बारिश के कारण प्रदेश में 91 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर ठप हैं। मंडी में 28, शिमला में 22 और सिरमौर में 41 ट्रांसफार्मर प्रभावित बताए गए हैं। इसके अलावा 217 पेयजल आपूर्ति योजनाओं पर भी बारिश का असर पड़ा है।     मानसून में 79 लोगों की मौत     16 अगस्त तक की संचयी रिपोर्ट के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्रदेश में 79 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं मानसून अवधि में सड़क हादसों में 108 लोगों की जान गई है। भूस्खलन, बाढ़, डूबने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं ने भी मुश्किलें बढ़ाई हैं।     973 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान     30 जून से 16 अगस्त तक हिमाचल में मानसून से करीब 973.16 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। इसमें सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सरकारी एवं निजी संपत्तियों को हुआ नुकसान शामिल है।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
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Shehzad Poonawalla announces resignation from BJP and national spokesperson post citing personal and financial reasons
शहजाद पूनावाला ने बीजेपी से दिया इस्तीफा, बोले- ‘पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, विचार और व्यक्ति नहीं’

नई दिल्ली: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा स्वीकार करने की अपील की है। पूनावाला के इस्तीफे के बाद बीजेपी की आंतरिक राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूनावाला के मुताबिक, उन्होंने इससे पहले 30 जुलाई 2026 को आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला देते हुए पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे की पेशकश की थी। उस समय पार्टी ने उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार नहीं किया था और उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा था। लंबी चर्चा के बाद लिया अंतिम फैसला अपने ताजा पत्र में शहजाद पूनावाला ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श और गंभीर मंथन के बाद उन्होंने अपने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं और जिन लोगों के बारे में उन्होंने पार्टी नेतृत्व को जानकारी दी थी, उसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने का अंतिम फैसला किया। इस तरह पूनावाला अब बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद के साथ-साथ सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से भी अलग होने की प्रक्रिया में हैं। पीएम मोदी समेत वरिष्ठ नेताओं का जताया आभार इस्तीफे के पत्र में पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महामंत्री बीएल संतोष के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के प्रति उनके मन में किसी तरह की नाराजगी या आहत भावना नहीं है। पिछले पांच वर्षों में पार्टी की ओर से मिले मंच और अवसरों के लिए उन्होंने नेतृत्व का धन्यवाद किया। निजी क्षेत्र में जाने की तैयारी पूनावाला ने अपने इस्तीफे की वजह मुख्य रूप से आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों को बताया है। उन्होंने कहा कि अब वह निजी क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीजेपी से संगठनात्मक रूप से अलग होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के दृष्टिकोण तथा कार्यों का समर्थन करते रहेंगे। ‘व्यवस्था छोड़ रहा हूं, विचार और व्यक्ति नहीं’ शहजाद पूनावाला के इस्तीफे की सबसे अहम बात उनका यह बयान रहा कि वह “पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहे हैं, लेकिन विचार और व्यक्ति नहीं।” इस बयान से साफ है कि पूनावाला ने संगठन से अलग होने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी की विचारधारा के प्रति अपना समर्थन बरकरार रखने की बात कही है। अब देखना होगा कि बीजेपी नेतृत्व उनके इस्तीफे को किस तरह स्वीकार करता है और आगे पार्टी में उनकी भूमिका क्या रहती है।  

surbhi अगस्त 17, 2026 0
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