मेष राशि : चू, चे, चो, ल, ली, लू, ले, लो,अ।आपके हँसी-मज़ाक़ का लहज़ा किसी दूसरे को आपकी तरह इस क्षमता को विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकता है। आपसे उसे यह सबक़ मिलेगा कि ज़िंदगी की ख़ुशी बाहरी चीज़ों में नहीं, बल्कि ख़ुद के ही भीतर है। वैसे तो अपना पैसा दूसरे को देना किसी को पसंद नहीं आता लेकिन आज आप किसी जरुरतमंद को पैसा देकर सुकून का अनुभव करेंगे। बढ़िया दिन है जब आप सबके ध्यान को अपनी तरफ़ खींचेंगे- आपके सामने चुनने के लिए कई चीज़ें होंगी और आपके सामने समस्या यह होगी कि किसे पहले चुना जाए। कुछ लोगों के लिए नया रोमांस ताज़गी लाएगा और आपको ख़ुशमिज़ाज रखेगा। आपके बॉस किसी भी बहाने में दिलचस्पी नहीं ज़ाहिर करेंगे- इसलिए निगाहों में बने रहने के लिए अपना काम अच्छी तरह से करें। आज अपने प्रेमी के साथ वक्त बिता पाएंगे और उनके सामने अपने जज्बातों को रख पाएंगे। वैवाहिक जीवन को अधिक सुखमय बनाने के आपके प्रयास उम्मीद से ज़्यादा रंग लाएंगे।
उपाय :- नेत्रहीन, कोढ़ी, अपंग को एक से अधिक रंग का कपड़ा दान करने से नौकरी व बिज़नेस में फायदा मिलेगा।
वृषभ राशि : इ, उ, ए, ओ, ब, बी ,बू, बे ,बो।सेहत बढ़िया रहेगी। अपने अतिरिक्त धन को सुरक्षित जगह पर रखिए, जो आने वाले वक़्त में आप फिर पा सकें। अपने बर्ताव में उदार बनें और परिवार के साथ प्यार भरे लम्हे गुज़ारें। आप और आपका महबूब आज प्यार के समुन्दर में गोते लगाएंगे और प्यार की मदहोशी को महसूस करेंगे। जो नए संपर्क आप आज बनाएंगे, वे आपके करिअर को एक नयी तेज़ी देंगे। अपनी ख़ासियत और भविष्य की योजनाओं पर फिर से सोचने का समय। आज चाहे दुनिया इधर-की-उधर ही क्यों न हो जाए, आप अपने जीवनसाथी की बाहों से दूर नहीं हो सकेंगे।
उपाय :- आर्थिक उन्नति के लिए घर में केले का पेड़ लगाकर उसकी सेवा करना अच्छा रहेगा।
मिथुन राशि : का,की , कु, घ, ङ ,छ, के, को, ह।अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें, जो आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक है। मस्तिष्क जीवन का द्वार है, क्योंकि अच्छा-बुरा सब-कुछ इसी के माध्यम से आता है। यही ज़िंदगी की समस्याएँ दूर करने में सहायक सिद्ध होता है और सही सोच से इंसान को आलोकित करता है। अपने जीवनसाथी केे साथ धन से जुड़े किसी मामले को लेकर आज आपका झगड़ा हो सकता है। हालांकि अपने शांत स्वभाव से आप सबकुछ ठीक कर देंगे। आपको परिवार के सदस्यों के साथ थोड़ी दिक़्क़त होगी, लेकिन इस वजह से अपनी मानसिक शान्ति भंग न होने दें। मुहब्बत की टीस आज रात आपको सोने नहीं देगी। मशहूर लोगों से मेलजोल आपको नई योजनाएँ और आइडिया सुझाएगा। हितकारी ग्रह कई ऐसे कारण पैदा करेंगे, जिनकी वजह से आज आप ख़ुशी महसूस करेंगे। आपका जीवनसाथी आपकी ज़रूरतों को अनदेखा कर सकता है, जिसके चलते आप चिड़चिड़े हो सकते हैं।
उपाय :- अपने वजन के बराबर जौ तोलकर किसी गौ-आश्रम में देने से पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा।
कर्क राशि : ही, हू, हे, हो, डा, डी ,डू, डे,डो।ख़याली पुलाव पकाने में वक़्त ज़ाया न करें। सार्थक कामों में लगाने के लिए अपनी ऊर्जा बचाकर रखें। बिना किसी की सलाह लिये बिना आज आपको पैसा कहीं भी इनवेस्ट नहीं करना चाहिए। आपको परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ बिताने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। याद रखिए कि आँखें कभी झूठ नहीं बोलतीं। आज आपके प्रिय की आँखें आपको वाक़ई कुछ ख़ास बताएंगी। आज आपका मन ऑफिस के काम में नहीं लगेगा। आज आपके मन में कोई दुविधा होगी जो आपको एकाग्र नहीं होने देगी। आपके हँसने-हँसाने का अन्दाज़ आपकी सबसे बड़ी पूंजी साबित होगा। विवादों की एक लम्बी कड़ी आपके रिश्तों को कमजोर कर सकती है अत: इसे हल्के में लेना ठीक नहीं होगा।
उपाय :- नौकरी व बिज़नेस में सफलता हेतु इस मंत्र अर्धकायं महावीर्यं चन्द्रादित्यविमर्दनम्। सिहिंकागर्भसम्भूतम तं राहुं प्रणमाम्यहम।। का जाप रात को 11 बार करें।
सिंह राशि : मा, मी, मू, में, म़ो, ट, टी, टू, टे।आज आप खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं, जो आपको तन्दुरुस्त बनाए रखेगा। बीते दिनों में जितना धन आपने आज को बेहतर बनाने के लिए इनवेस्ट किया था उसका फायदा आज आपको फायदा मिल सकता है। आप दोस्तों के साथ बेहतरीन वक़्त बिताएंगे, लेकिन गाड़ी चलाते वक़्त ज़्यादा सावधानी बरतें। किसी से आँखें चार होनी की काफ़ी संभावना है। काम की अधिकता के बावजूद भी आज कार्यक्षेत्र में आपमें ऊर्जा देखी जा सकती है। आज आप दिये गये काम को तय वक्त से पहले ही पूरा कर सकते हैं। वक्त की नाजाकत को समझते हुए आज आप सब लोगों से दूरी बनाकर एकांत में वक्त बिताना पसंद करेंगे। ऐसा करना आपके लिए हितकर भी होगा। जीवनसाथी से आपको अपने दिल की सारी बातें करने का भरपूर समय मिलेगा।
उपाय :- परिवार में किसी का भी जन्मदिन हो तो उस दिन ग़रीबों में सफेद वस्तुएँ बांटने पर घर में सुख-शांति बनी रहेगी।
कन्या राशि : टो,पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, प़ो।आपके पास अपनी सेहत और रूप-रंग को सुधारने के लिए पर्याप्त समय होगा। अगर आप लोन लेने वाले थे और काफी दिनों से इस काम में लगे थे तो आज के दिन आपको लोन मिल सकता है। अपने स्वभाव को अस्थिर न होने दें- ख़ासतौर पर अपनी पत्नी/पति के साथ- नहीं तो यह घर की शांति पर असर डाल सकता है। रोमांस आपके दिल-दिमाग़ पर छाया रहेगा, क्योंकि आज आपकी मुलाक़ात अपने प्रिय से होगी। जो लोग विदेश व्यापार से जुड़े हैं उन्हें आज मनमाफिक फल मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके साथ ही नौकरी पेशा से जुड़े इस राशि के जातक आज अपनी प्रतिभा का पूर्ण इस्तेमाल कार्यक्षेत्र में कर सकते हैं। वक्त के साथ चलना आपके लिए अच्छा है लेकिन साथ ही आपको यह समझना भी जरुरी है कि जब कभी आपके पास खाली समय हो अपने करीबियों के साथ वक्त बिताएं। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ कुछ बेहतरीन पल गुज़ार सकेंगे।
उपाय :- भाइयों को समय-समय पर लाल कपड़े गिफ्ट में दें, इससे पारिवारिक जीवन अच्छा चलेगा।
तुला राशि : रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते।खाने-पीने की ऐसी चीज़ों से बचने की कोशिश करें, जिनमें कॉलेस्ट्रॉल की ज़्यादा मात्रा है। आर्थिक रुप से आज आप काफी मजबूत नजर आएंगे, ग्रह नक्षत्रों की चाल से आज आपके लिए धन कमाने के कई मौके बनेंगे. ऐसे मुद्दों पर बात करने से बचें, जिनको लेकर प्रियजनों से वाद-विवाद होने की संभावना है। कोई पौधा लगाएँ। काम को मनोरंजन के साथ न मिलाएँ। टैक्स और बीमे से जुड़े विषयों पर ग़ौर करने की ज़रूरत है। जीवनसाथी का आत्मकेन्द्रित व्यवहार आपको नागवार गुज़रेगा।
उपाय :- लव लाइफ को बेहतर बनाने के लिए चलते पानी में तांबे का सिक्का बहाए।
वृश्चिक राशि : तो,न, नी, नू, ने, नो, या, यी , यु।आज आप ऊर्जा से लबरेज़ होंगे- आप जो भी करेंगे उसे आप उससे आधे वक़्त में ही कर देंगे, जितना वक़्त आप अक्सर लेते हैं। अगर आप लोन लेने वाले थे और काफी दिनों से इस काम में लगे थे तो आज के दिन आपको लोन मिल सकता है। परिवार के सदस्यों का आपके जीवन में विशेष महत्व होगा। आपको अपनी ओर से सबसे अच्छा बर्ताव करने की ज़रूरत है, क्योंकि आपके प्रिय का मूड बहुत अनिश्चित होगा। नए विचार फ़ायदेमंद साबित होंगे। यात्रा करना फ़ायदेमंद लेकिन महंगा साबित होगा। अपने जीवनसाथी के किसी छोटी बात को लेकर बोेले गए झूठ से आप आहत महसूस कर सकते हैं।
उपाय :- कोढ़ियों को कुछ आर्थिक मदद करने या भोजन देने से लव लाइफ बढ़िया रहेगी।
धनु राशि : ये,यो, भा, भी,, भू, ध,फ, ढ़, भे।आज के दिन आराम करना ज़रूरी साबित होगा, क्योंकि आप हाल के दिनों में भारी मानसिक दबाव से गुज़रे हैं। नयी गतिविधियाँ और मनोरंजन आपके लिए विश्राम करने में सहायक सिद्ध होंगे। जिन लोगों ने किसी से उधार लिया है उन्हें आज किसी भी हालत में उधार चुकाना पड़ सकता है जिससे आर्थिक स्थिति थोड़ी कमजोर हो जाएगी। जब निवेश करने का सवाल आपके सामने हो, तो स्वतन्त्र बनें और अपने फ़ैसले ख़ुद लें। विवादित मुद्दों को उठाने से बचें, अगर आप आज ‘डेट’ पर जा रहे हैं तो। कार्यक्षेत्र की बात करें तो आपकी टीम का सबसे ज़्यादा खीझने वाला व्यक्ति काफ़ी समझदारी की बातें करता नज़र आ सकता है। आज जीवन के कई अहम मुद्दों पर आप घरवालों के साथ बैठकर बात कर सकते हैं। आपकी बातें घरवालों को परेशान कर सकती हैं लेकिन इन बातों का हल अवश्य निकलेगा। संभव है कि शुरुआत में जीवनसाथी की ओर से आपको कम ध्यान मिले; लेकिन दिन के अन्त तक आपको महसूस होगा कि वह आपके लिए ही कुछ-कुछ करने में व्यस्त था।
उपाय :- काले-सफेद कुत्ते को दूध-रोटी खिलाने से प्रेम सम्बन्ध बेहतर होंगे।
मकर राशि : भो,ज, जी,जू,जे जो, खी,खू, खे, खो, गा, गी।पीने की आदत को अलविदा कहने के लिए बहुत ही अच्छा दिन है। आपको समझना चाहिए कि शराब सेहत की सबसे बड़ी दुश्मन है और यह आपकी क्षमताओं पर भी कुठाराघात करती है। निवेश करना कई बार आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है आज आपको यह बात समझ में आ सकती है क्योंकि किसी पुराने निवेश से आज आपको मुनाफा हो सकता है। परिवार के सदस्य कई चीज़ों की मांग कर सकते हैं। प्रेम का आह्लाद महसूस करने के लिए आप किसी नए व्यक्ति से मिल सकते हैं। अपने काम और प्राथमिकताओं पर ध्यान एकाग्र करें। आपका व्यक्तित्व ऐसा है कि ज्यादा लोगों से मिलकर आप परेशान हो जाते हैं और फिर अपने लिए वक्त निकालने की कोशिश करने लग जाते हैं। इस लिहाज से आज का दिन आपके लिए बहुत उम्दा रहने वाला है। आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा। अपने साथी पर किया गया संदेह एक बड़ी लड़ाई का रूप ले सकता है।
उपाय :- चाँदी के टुकड़े पर शुक्र का यंत्र खुदवाकर पूजा करने से पारिवारिक जीवन खुशहाल बना रहेगा।
कुम्भ राशि : गू, गे, गो, सा, सि, सू, से, सो, द।आज आपकी सेहत पूरी तरह अच्छी रहेगी। आपकी मनोकामनाएं दुआओं के ज़रिए पूरी होंगी और सौभाग्य आपकी तरफ़ आएगा- और साथ ही पिछले दिन की मेहनत भी रंग लाएगी। अपने जीवनसाथी का बोझ दूर करने के लिए घरेलू कामकाज में हाथ बटाएँ। इससे आपको साथ में काम करने का आनंद मिलेगा और जुड़ाव महसूस होगा। यात्रा के चलते रुमानी संबंध को बढ़ावा मिलेगा। पैसे बनाने के उन नए विचारों का उपयोग करें, जो आज आपके ज़ेहन में आएँ। जीवनसंगी के साथ वक्त बिताने के लिए आज आप ऑफिस से जल्दी निकल सकते हैं लेकिन रास्ते में अत्यधिक जाम की वजह से आप ऐसा करने में समर्थ नहीं हो पाएंगे। आपको महसूस होगा कि आपका जीवनसाथी इससे बेहतर पहले कभी नहीं हुआ।
उपाय :- पीले चावल बनाकर गरीबों में बांटने से आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
मीन राशि: दी, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची।बाहर घूमना-फिरना, पार्टी और मौज-मस्ती आपको अच्छे मूड में रखेंगे। ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करने और चालाकी-भरी आर्थिक योजनाओं से बचें। कोई चिट्ठी या ई-मेल पूरे परिवार के लिए अच्छी ख़बर लाएगी। आज अपने ख़ूबसूरत कामों को दिखाने के लिए आपका प्रेम पूरी तरह खिलेगा। अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल पेशेवर मामलों को सहजता से सुलझाने में करें। आपका चुम्बकीय और ज़िन्दादिल व्यक्तित्व आपको सबके आकर्षण का केन्द्र बना देगा। यह दिन शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक रहेगा।
उपाय :- नशेबाजी से दूर रहें, आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी।
कृपया ध्यान दें
यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इंद्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होने वाला है और अब उसके अंतिम चार दिनों में लंबित महत्वपूर्ण विधेयकों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक यानी एफसीआरए विधेयक और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनाने की कोशिशें तेज होती दिखाई दे रही हैं। इसी क्रम में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाली हैं। उनके साथ पार्टी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भी रहेगा। बैठक को महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ संसद में लंबित महत्वपूर्ण विधेयकों के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है। एफसीआरए विधेयक पर एनसीपी (एसपी) का स्पष्ट विरोध सुप्रिया सुले ने प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन विधेयक के मौजूदा स्वरूप पर अपनी पार्टी की आपत्ति स्पष्ट कर दी है। उनका कहना है कि एनसीपी (एसपी) इस विधेयक का वर्तमान रूप में समर्थन नहीं करती। पार्टी की मांग है कि विधेयक को या तो वापस लिया जाए या फिर इसे संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजकर विस्तृत जांच और चर्चा कराई जाए। इस रुख से संकेत मिलता है कि सरकार को विधेयक को लेकर विपक्षी दलों के बीच सहमति बनाने के लिए राजनीतिक स्तर पर बातचीत करनी पड़ सकती है। परिसीमन विधेयक पर सुले ने साधी सावधानी परिसीमन से जुड़े प्रस्तावित संविधान संशोधन को लेकर सुप्रिया सुले ने फिलहाल कोई अंतिम रुख जाहिर नहीं किया है। उनका कहना है कि संबंधित विधेयक अभी सामने नहीं आया है और इसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। महिला आरक्षण से जुड़े परिसीमन प्रस्ताव को राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। सुले ने संकेत दिया है कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने से पहले वह इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों से बातचीत करेंगी। इस प्रस्ताव को संसद में पारित कराने के लिए सरकार को व्यापक राजनीतिक समर्थन की आवश्यकता होगी, क्योंकि संविधान संशोधन के लिए विशेष बहुमत की जरूरत पड़ती है। सरकार के लिए डीएमके और एनसीपी (एसपी) क्यों अहम? संसद के मौजूदा सत्र के अंतिम सप्ताह में एफसीआरए संशोधन विधेयक को सोमवार के लोकसभा एजेंडे में शामिल नहीं किया गया है। इससे राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हुई है कि सरकार फिलहाल इस मुद्दे पर व्यापक सहमति बनाने की कोशिश कर सकती है। डीएमके और एनसीपी (एसपी) जैसी पार्टियां एफसीआरए विधेयक के मौजूदा प्रावधानों पर सवाल उठा रही हैं। वहीं, परिसीमन जैसे संवैधानिक मुद्दे पर सरकार को अधिक व्यापक समर्थन की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे में दोनों दलों के साथ संवाद को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक पर नजर सोमवार को लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक भी होने वाली है। इसी बैठक में आने वाले दिनों के विधायी एजेंडे और विभिन्न विधेयकों पर चर्चा के लिए समय तय किया जाता है। अगर सरकार एफसीआरए विधेयक को मौजूदा मानसून सत्र में पारित कराने के लिए आगे बढ़ती है, तो उसके लिए चर्चा और मतदान का समय निर्धारित करना जरूरी होगा। फिलहाल सोमवार के लोकसभा एजेंडे में चार विधेयकों का उल्लेख है, लेकिन एफसीआरए संशोधन विधेयक इसमें शामिल नहीं है। इस वजह से यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में सरकार इस विधेयक को सदन में लाती है या नहीं। एफसीआरए विधेयक को लेकर विपक्ष की आपत्ति क्या है? एफसीआरए यानी विदेशी अंशदान विनियमन कानून का उद्देश्य भारत में विदेशों से मिलने वाले धन और चंदे को नियंत्रित करना तथा उसके इस्तेमाल में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। मौजूदा कानून के तहत विदेशी अंशदान प्राप्त करने वाले संगठनों के लिए पंजीकरण और नियामकीय प्रावधान लागू होते हैं। प्रस्तावित संशोधनों में एफसीआरए पंजीकरण समाप्त होने या संस्था द्वारा पंजीकरण वापस करने की स्थिति में विदेशी अंशदान और उससे जुड़े मामलों के प्रबंधन के लिए एक विशेष व्यवस्था का प्रस्ताव है। विपक्ष को आशंका है कि नए प्रावधानों से गैर सरकारी संगठनों और सामुदायिक संगठनों की कार्यप्रणाली पर अतिरिक्त नियंत्रण बढ़ सकता है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी विधेयक को लेकर आपत्ति जताई है। विपक्ष की ओर से यह आरोप लगाया गया है कि प्रस्तावित बदलावों का असर कुछ सामाजिक और धार्मिक संगठनों पर पड़ सकता है। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों और आशंकाओं पर सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा। चार दिन में तय होगी विधेयक की दिशा संसद का मानसून सत्र अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में एफसीआरए विधेयक को लेकर सरकार की रणनीति और विपक्षी दलों के रुख पर लगातार नजर रहेगी। सुप्रिया सुले की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रस्तावित मुलाकात को इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले चार दिनों में बातचीत, बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के फैसले और सदन के एजेंडे से स्पष्ट होगा कि एफसीआरए विधेयक पर सरकार आगे बढ़ती है या इसे आगे की चर्चा के लिए टाल दिया जाता है। साथ ही परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों पर राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनाने की कोशिशें भी संसद के अंतिम दिनों की बड़ी राजनीतिक गतिविधियों में शामिल रहेंगी।
गाजियाबाद, एजेंसियां। सावन के दूसरे सोमवार और 11 अगस्त को महाशिवरात्रि के मद्देनजर कांवड़ियों की संख्या बढ़ने से गाजियाबाद और दिल्ली-NCR की प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हो गया है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सोमवार सुबह वाहनों की रफ्तार थम गई। गाजियाबाद से नोएडा जाने वाले मार्ग पर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें देखने को मिलीं। कांवड़ियों की वापसी से थमा एक्सप्रेसवे का ट्रैफिक कंधों पर गंगाजल लेकर बड़ी संख्या में कांवड़िए अपने-अपने गंतव्य और शिवालयों की ओर लौट रहे हैं। कांवड़ियों की आवाजाही बढ़ने के साथ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की एक लेन में यातायात काफी धीमा हो गया। कई स्थानों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जीटी रोड और मेरठ रोड पर भी जाम गाजियाबाद में डाक कांवड़ियों की बढ़ती संख्या के कारण जीटी रोड पर अप्सरा बॉर्डर से मोहन नगर और मेरठ तिराहे तक यातायात प्रभावित रहा। मेरठ रोड पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। जाम के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है। कांवड़ मार्गों पर लगाए गए सेवा शिविर कांवड़ियों की सुविधा के लिए यात्रा मार्गों पर जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में शिवभक्तों के लिए भोजन, पानी, शरबत और विश्राम की व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और स्थानीय लोग कांवड़ियों की सेवा में जुटे हैं। डाक कांवड़िए तेजी से बढ़ रहे आगे हाईवे पर डाक कांवड़िए तेजी से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि सामान्य कांवड़ लेकर चल रहे शिवभक्त भजन-कीर्तन करते हुए यात्रा पूरी कर रहे हैं। महाशिवरात्रि पर शिवालयों में गंगाजल चढ़ाए जाने से पहले कांवड़ियों की आवाजाही और बढ़ने की संभावना है।
612 ईसापूर्व – असीरियाई सम्राज्य के राजा शिनशारिसकुन की हत्या हुई, निनेवह नगर का पतन हुआ। 1500 – पुर्तगाली समुद्र जहाज के कैप्टन डियागो डियाज मैडागास्कर को देखने वाले पहले यूरोपीय बने। 1511 – पुर्तगाजी सैनिकों ने मलेशियाई राज्य मलक्का के एक हिस्से पर कब्जा किया। 1664 – ओटोमन सम्राज्य और आॅस्ट्रिया ने शांति के लिए वसवार की संधि पर हस्ताक्षर किए। 1675 – इंग्लैड के राजा चार्ल्स ने ग्रीनविच वेघशाला की आधारशिला रखी। 1678 – हालैंड और फ्रांस के बीच निजम्गेन शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। 1741 - कोलहेल की लड़ाई: त्रावणकोर के राजा ने डच ईस्ट इंडिया कंपनी के नौसैनिक अभियान को हराया। 1755 - अकादमी का निष्कासन फंड़ी अभियान की खाड़ी के साथ शुरू किया गया। 1759 – कर्लोस तृतीय स्पेन का सम्राट बना। 1776 – अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा करने वाले दस्तावेज की प्रति औपचारिक रूप से लंदन पहुंचे। 1787 – तुर्की ने रूस के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। 1793 – पेरिस में लूव्र संग्रहालय का उद्घाटन हुआ। 200 साल पुराने पश्चिमी कला इतिहास इस संग्रहालय में दर्ज है और इनमें से एक है मोनालीसा। 1808 - कार्ल वॉन डोबेलेन के अंतर्गत सैनिकों ने काहोजोकी में एक रूसी हमले को हराया। 1809 – इक्वाडोर ने स्पेन से स्वतंत्रता हासिल की। 1821 – मिसौरी अमेरिका का 24वां राज्य बना। 1822 – सीरिया में विनाशकारी भूकंप से 20,000 लोगों की मौत हुई। 1826 - पहली काउस्ज़ रेगुटा यूनाइटेड किंगडम में आइल ऑफ विट पर आयोजित की गयी। 1829 - फिनसेराहॉर्न की पहली चढ़ाई की गयी, बर्नानी आल्प्स की सर्वोच्च शिखर है। 1831 – कैरेबियाई द्वीप समूह बारबाडोस में चक्रवाती तूफान से डेढ़ हजार लोगों की मौत हुई। 1846 – अमेरिकी कांग्रेस ने स्मिथसोनिया इंस्टीट्यूट स्थापित करने के विधेयक को मंजूरी दी। 1877 - बिग होल नदी: कर्नल जॉन गिबोन नेज-पेर्स ने इंडियनों की हत्या करवाई। 1920 - प्रथम विश्व युद्ध में पराजित होने के बाद उसमानी शासन ने सीवरेस समझौते पर हस्ताक्षर किये। 1926 – इटली और स्पेन के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। 1939 - डिर्क जन डे गेयर नीदरलैंड के प्रधान मंत्री बने। 1945 - द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की पराजय के बाद कोरिया का उत्तरी भाग रुस की लाल सेना के अधिकार में चला गया और कुछ दिनों बाद कोरिया का दक्षिणी भाग अमरीका के अधिकार में चला गया। 1962 – बच्चों के चहेता स्पाइडरमैन कॉमिक बुक अमेजिंग फैंटेसी में नजर आया था। 1966 – अमरीका के अंतरिक्ष अधिकारियों ने केप केनेडी से अंतरिक्ष में रॉकेट उतारने की लिए उपयुक्त स्थान का चित्र लेने हेतु पहला अंतरिक्ष यान भेजा। जो 29 अक्तूबर को चंद्रमा पर दुर्घटनाग्रस्त होकर तबाह हो गया। 1979 – उपग्रह एसएलवी-3 का प्रक्षेपण किया गया। 1990 – पंद्रह महीने की यात्रा के बाद मगैलन अंतरिक्ष यान शुक्र पर पहुंचा था। शुक्र पर उतरने से पहले कुछ देर तक के लिए उसका संपर्क कैलिफ़ोर्निया स्थित संचालन केंद्र से टूट गया था। 1999 - चेचेन्या में इस्लामिक भूरा ने दागिस्तान को स्वतंत्र घोषित किया। 2000 - श्रीलंका में सिरीमावो भंडारनायके का प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा, आर. विक्रमानयके श्रीलंका के नये प्रधानमंत्री नियुक्त, जिनेवा में आत्मनिर्णय के अधिकार पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन। 2001 - अमेरिकी प्रक्षेपास्त्र प्रणाली को रूस का सशर्त समर्थन। 2003 – यूरी मालेनचेंको पहले ऐसे व्यक्ति बने जिन्होंने अंतरिक्ष में शादी रचाई थी। 2003 – इंग्लैंड में अब तक का सबसे अधिक तापमान 38.5 डिग्री सेलसियस रिकॉर्ड किया गया। 2004 - संयुक्त राष्ट्र और सूडान के बीच दारफुर कार्ययोजना पर हस्ताक्षर। 2006 - तमिल विद्रोहियों पर फ़ौजी कार्रवाई में श्रीलंका में 50 नागरिक मारे गये। 2008 - अमरनाथ ज़मीन सुलझाने के लिए सर्वदलीय प्रतिनीधिमण्डल की बैठक में उच्च न्यायालय के वर्ष 2005 के आदेश को लागू करने पर सहमति बनी। 2008 - चेन्नई के एक लैब में एंटी एड्स बैक्सीन का सफल परीक्षण किया गया। 2019 - रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह ने एकल पुरुष सरकारी कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) के लाभों में विस्तार और रक्षा बलों की महिला अधिकारियों के मामले में सीसीएल प्रावधानों में कुछ और छूट देने को स्वीकृति दी । 2019 - उत्तर प्रदेश के "वृक्षारोपण महाकुंभ" अभियान ने 22 करोड़ से अधिक पौधे लगाने के बाद विश्व रिकॉर्ड बनाया। 2020 - इंडोनेशिया के माउंट सिनाबुंग ज्वालामुखी में पुनः विस्फोट हुआ। 2020 - भारतीय रेलवे का स्वच्छता सप्ताह ( 10 से 15 अगस्त 2020 के बीच ) प्रारम्भ हुआ। 2021 - लोकसभा ने 127 वें संविधान संशोधन विधेयक को दो-तिहाई बहुमत से पारित किया। 2022 - एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 8वीं बार CM के रूप में शपथ ली। तेजस्वी बने डिप्टी सीएम। 2022 - इसरो (ISRO) ने श्रीहरिकोटा से क्रू एस्केप सिस्टम (CES) के लो एल्टीट्यूड एस्केप मोटर का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। 2022 - प्रधानमंत्री ने पानीपत में 2जी इथेनॉल संयंत्र राष्ट्र को समर्पित किया। 2023 - PM मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करने पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी लोकसभा से सस्पेंड हुए। 2023 - लोकसभा में विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव गिरा। 2023 - ऋषिकेश - हल्द्वानी में 31 सेंटीमीटर बारिश ने ली 9 लोगों की जान, 200 को रेस्क्यू किया गया। 2024 - जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में 2 जवान शहीद हुए। 10 अगस्त को जन्मे व्यक्ति 1860 - विष्णुनारायण भातखंडे - 'हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत' के विद्वान। 1894 - वी. वी. गिरि भारत के चौथे राष्ट्रपति। 1916 - प्रेम अदीब - भारतीय सिनेमा के अभिनेता थे। 1931 - किरीट जोशी एक भारतीय दार्शनिक थे व श्री अरबिंदो और मीरा अल्फसा के शिष्य। 1938 - फतेह सिंह राठौर एक भारतीय बाघ संरक्षणवादी थे। 1963 – चंबल के बीहड़ो से सियासी गलियारों तक पहूंचने वाली फूलन देवी। 1975 - हेमन्त सोरेन भारतीय राज्य झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके । 1986 - सौरव घोषाल - भारत के सुपरस्टार कहलाते (अर्जुन अवॉर्डी) हैं। 10 अगस्त को हुए निधन 1977 - श्यामलाल गुप्त पार्षद', झण्डा गीत के रचयिता , भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक सेनानी, पत्रकार, समाजसेवी एवं अध्यापक थे। । 1980 - सरस्वती देवी - भारत की पहली महिला संगीतकार थीं। 1986 - अरुण कुमार श्रीधर वैद्य - भारतीय सेना के 13वें थल सेनाध्यक्ष थे। 1995 -हरिशंकर परसाई, प्रसिद्ध लेखक और व्यंग्यकार । 1999 - पद्म भूषण आचार्य बलदेव उपाध्याय, भारतीय संस्कृत विद्वान। 2015 - सुनील दास भारतीय अभिव्यंजनावादी चित्रकार थे। 2018 - अनंत बजाज एक भारतीय बिजनेस मैग्नेट और बजाज इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक थे। 2019 - प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी दयानिधि नायक का निधन हो गया। 2021 - ‘सुडोकू के गॉडफादर’ के रूप में प्रसिद्ध जापान के ‘माकी काजी’ का 69 वर्ष की आयु में निधन हुआ। 2021 - बालाजी ताम्बे - भारत के प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य तथा आध्यात्मिक गुरु थे। 2022 - अमेरिकी सेलिस्ट अब्दुल वाडुड (75) का निधन हुआ। 2022 - पुर्तगाली फुटबॉल खिलाड़ी फर्नांडो चलाना (63) का निधन हुआ। 2024 - भारत के पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह (93) का निधन हुआ। 2024 - रूसी एथलीट गैलिना ज़ायबिना (93) का निधन हुआ। 10 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव मेला श्री गोगा जी मेड़ी प्रारम्भ। श्री वी. वी. गिरि जयन्ती। श्री हेमन्त सोरेन जन्म दिवस। डेंगू निरोधक (रोकथाम) दिवस। विश्व जैविक ईंधन दिवस। विश्व सिंह / शेर दिवस (World Lion Day)। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।