612 ईसापूर्व – असीरियाई सम्राज्य के राजा शिनशारिसकुन की हत्या हुई, निनेवह नगर का पतन हुआ।
1500 – पुर्तगाली समुद्र जहाज के कैप्टन डियागो डियाज मैडागास्कर को देखने वाले पहले यूरोपीय बने।
1511 – पुर्तगाजी सैनिकों ने मलेशियाई राज्य मलक्का के एक हिस्से पर कब्जा किया।
1664 – ओटोमन सम्राज्य और आॅस्ट्रिया ने शांति के लिए वसवार की संधि पर हस्ताक्षर किए।
1675 – इंग्लैड के राजा चार्ल्स ने ग्रीनविच वेघशाला की आधारशिला रखी।
1678 – हालैंड और फ्रांस के बीच निजम्गेन शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
1741 - कोलहेल की लड़ाई: त्रावणकोर के राजा ने डच ईस्ट इंडिया कंपनी के नौसैनिक अभियान को हराया।
1755 - अकादमी का निष्कासन फंड़ी अभियान की खाड़ी के साथ शुरू किया गया।
1759 – कर्लोस तृतीय स्पेन का सम्राट बना।
1776 – अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा करने वाले दस्तावेज की प्रति औपचारिक रूप से लंदन पहुंचे।
1787 – तुर्की ने रूस के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
1793 – पेरिस में लूव्र संग्रहालय का उद्घाटन हुआ। 200 साल पुराने पश्चिमी कला इतिहास इस संग्रहालय में दर्ज है और इनमें से एक है मोनालीसा।
1808 - कार्ल वॉन डोबेलेन के अंतर्गत सैनिकों ने काहोजोकी में एक रूसी हमले को हराया।
1809 – इक्वाडोर ने स्पेन से स्वतंत्रता हासिल की।
1821 – मिसौरी अमेरिका का 24वां राज्य बना।
1822 – सीरिया में विनाशकारी भूकंप से 20,000 लोगों की मौत हुई।
1826 - पहली काउस्ज़ रेगुटा यूनाइटेड किंगडम में आइल ऑफ विट पर आयोजित की गयी।
1829 - फिनसेराहॉर्न की पहली चढ़ाई की गयी, बर्नानी आल्प्स की सर्वोच्च शिखर है।
1831 – कैरेबियाई द्वीप समूह बारबाडोस में चक्रवाती तूफान से डेढ़ हजार लोगों की मौत हुई।
1846 – अमेरिकी कांग्रेस ने स्मिथसोनिया इंस्टीट्यूट स्थापित करने के विधेयक को मंजूरी दी।
1877 - बिग होल नदी: कर्नल जॉन गिबोन नेज-पेर्स ने इंडियनों की हत्या करवाई।
1920 - प्रथम विश्व युद्ध में पराजित होने के बाद उसमानी शासन ने सीवरेस समझौते पर हस्ताक्षर किये।
1926 – इटली और स्पेन के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
1939 - डिर्क जन डे गेयर नीदरलैंड के प्रधान मंत्री बने।
1945 - द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की पराजय के बाद कोरिया का उत्तरी भाग रुस की लाल सेना के अधिकार में चला गया और कुछ दिनों बाद कोरिया का दक्षिणी भाग अमरीका के अधिकार में चला गया।
1962 – बच्चों के चहेता स्पाइडरमैन कॉमिक बुक अमेजिंग फैंटेसी में नजर आया था।
1966 – अमरीका के अंतरिक्ष अधिकारियों ने केप केनेडी से अंतरिक्ष में रॉकेट उतारने की लिए उपयुक्त स्थान का चित्र लेने हेतु पहला अंतरिक्ष यान भेजा। जो 29 अक्तूबर को चंद्रमा पर दुर्घटनाग्रस्त होकर तबाह हो गया।
1979 – उपग्रह एसएलवी-3 का प्रक्षेपण किया गया।
1990 – पंद्रह महीने की यात्रा के बाद मगैलन अंतरिक्ष यान शुक्र पर पहुंचा था। शुक्र पर उतरने से पहले कुछ देर तक के लिए उसका संपर्क कैलिफ़ोर्निया स्थित संचालन केंद्र से टूट गया था।
1999 - चेचेन्या में इस्लामिक भूरा ने दागिस्तान को स्वतंत्र घोषित किया।
2000 - श्रीलंका में सिरीमावो भंडारनायके का प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा, आर. विक्रमानयके श्रीलंका के नये प्रधानमंत्री नियुक्त, जिनेवा में आत्मनिर्णय के अधिकार पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन।
2001 - अमेरिकी प्रक्षेपास्त्र प्रणाली को रूस का सशर्त समर्थन।
2003 – यूरी मालेनचेंको पहले ऐसे व्यक्ति बने जिन्होंने अंतरिक्ष में शादी रचाई थी।
2003 – इंग्लैंड में अब तक का सबसे अधिक तापमान 38.5 डिग्री सेलसियस रिकॉर्ड किया गया।
2004 - संयुक्त राष्ट्र और सूडान के बीच दारफुर कार्ययोजना पर हस्ताक्षर।
2006 - तमिल विद्रोहियों पर फ़ौजी कार्रवाई में श्रीलंका में 50 नागरिक मारे गये।
2008 - अमरनाथ ज़मीन सुलझाने के लिए सर्वदलीय प्रतिनीधिमण्डल की बैठक में उच्च न्यायालय के वर्ष 2005 के आदेश को लागू करने पर सहमति बनी।
2008 - चेन्नई के एक लैब में एंटी एड्स बैक्सीन का सफल परीक्षण किया गया।
2019 - रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह ने एकल पुरुष सरकारी कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) के लाभों में विस्तार और रक्षा बलों की महिला अधिकारियों के मामले में सीसीएल प्रावधानों में कुछ और छूट देने को स्वीकृति दी ।
2019 - उत्तर प्रदेश के "वृक्षारोपण महाकुंभ" अभियान ने 22 करोड़ से अधिक पौधे लगाने के बाद विश्व रिकॉर्ड बनाया।
2020 - इंडोनेशिया के माउंट सिनाबुंग ज्वालामुखी में पुनः विस्फोट हुआ।
2020 - भारतीय रेलवे का स्वच्छता सप्ताह ( 10 से 15 अगस्त 2020 के बीच ) प्रारम्भ हुआ।
2021 - लोकसभा ने 127 वें संविधान संशोधन विधेयक को दो-तिहाई बहुमत से पारित किया।
2022 - एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 8वीं बार CM के रूप में शपथ ली। तेजस्वी बने डिप्टी सीएम।
2022 - इसरो (ISRO) ने श्रीहरिकोटा से क्रू एस्केप सिस्टम (CES) के लो एल्टीट्यूड एस्केप मोटर का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।
2022 - प्रधानमंत्री ने पानीपत में 2जी इथेनॉल संयंत्र राष्ट्र को समर्पित किया।
2023 - PM मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करने पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी लोकसभा से सस्पेंड हुए।
2023 - लोकसभा में विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव गिरा।
2023 - ऋषिकेश - हल्द्वानी में 31 सेंटीमीटर बारिश ने ली 9 लोगों की जान, 200 को रेस्क्यू किया गया।
2024 - जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में 2 जवान शहीद हुए।
1860 - विष्णुनारायण भातखंडे - 'हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत' के विद्वान।
1894 - वी. वी. गिरि भारत के चौथे राष्ट्रपति।
1916 - प्रेम अदीब - भारतीय सिनेमा के अभिनेता थे।
1931 - किरीट जोशी एक भारतीय दार्शनिक थे व श्री अरबिंदो और मीरा अल्फसा के शिष्य।
1938 - फतेह सिंह राठौर एक भारतीय बाघ संरक्षणवादी थे।
1963 – चंबल के बीहड़ो से सियासी गलियारों तक पहूंचने वाली फूलन देवी।
1975 - हेमन्त सोरेन भारतीय राज्य झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके ।
1986 - सौरव घोषाल - भारत के सुपरस्टार कहलाते (अर्जुन अवॉर्डी) हैं।
1977 - श्यामलाल गुप्त पार्षद', झण्डा गीत के रचयिता , भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक सेनानी, पत्रकार, समाजसेवी एवं अध्यापक थे। ।
1980 - सरस्वती देवी - भारत की पहली महिला संगीतकार थीं।
1986 - अरुण कुमार श्रीधर वैद्य - भारतीय सेना के 13वें थल सेनाध्यक्ष थे।
1995 -हरिशंकर परसाई, प्रसिद्ध लेखक और व्यंग्यकार ।
1999 - पद्म भूषण आचार्य बलदेव उपाध्याय, भारतीय संस्कृत विद्वान।
2015 - सुनील दास भारतीय अभिव्यंजनावादी चित्रकार थे।
2018 - अनंत बजाज एक भारतीय बिजनेस मैग्नेट और बजाज इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक थे।
2019 - प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी दयानिधि नायक का निधन हो गया।
2021 - ‘सुडोकू के गॉडफादर’ के रूप में प्रसिद्ध जापान के ‘माकी काजी’ का 69 वर्ष की आयु में निधन हुआ।
2021 - बालाजी ताम्बे - भारत के प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य तथा आध्यात्मिक गुरु थे।
2022 - अमेरिकी सेलिस्ट अब्दुल वाडुड (75) का निधन हुआ।
2022 - पुर्तगाली फुटबॉल खिलाड़ी फर्नांडो चलाना (63) का निधन हुआ।
2024 - भारत के पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह (93) का निधन हुआ।
2024 - रूसी एथलीट गैलिना ज़ायबिना (93) का निधन हुआ।
मेला श्री गोगा जी मेड़ी प्रारम्भ।
श्री वी. वी. गिरि जयन्ती।
श्री हेमन्त सोरेन जन्म दिवस।
डेंगू निरोधक (रोकथाम) दिवस।
विश्व जैविक ईंधन दिवस।
विश्व सिंह / शेर दिवस (World Lion Day)।
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। संसद के मानसून सत्र में गतिरोध सोमवार को भी जारी रहने के आसार हैं। सत्र के अब केवल चार कार्य दिवस बाकी हैं, लेकिन महिला आरक्षण, परिसीमन और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) से जुड़े प्रस्तावित विधेयकों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बन पाई है। सरकार विपक्षी दलों से बातचीत कर गतिरोध दूर करने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस और उसके कई सहयोगी दल FCRA संशोधन विधेयक का विरोध करने के संकेत दे चुके हैं। लोकसभा में इन विधेयकों पर होगी चर्चा सोमवार को लोकसभा में ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल, 2026 और माइंस एंड मिनरल्स अमेंडमेंट बिल, 2026 पर चर्चा और इन्हें पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। इसके अलावा केरल (नाम परिवर्तन) बिल, 2026 और नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (संशोधन) बिल, 2026 पर भी चर्चा प्रस्तावित है। वहीं, राज्यसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पर विचार और पारित करने के लिए चर्चा होगी। महिला आरक्षण और परिसीमन पर सियासी खींचतान सरकार की ओर से विपक्षी दलों से संपर्क किए जाने के बाद कुछ दलों ने महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों पर नरमी के संकेत दिए हैं। हालांकि, कांग्रेस और उसके कई सहयोगी दल इन विधेयकों को लेकर अभी भी सहमत नहीं हैं। कांग्रेस ने प्रस्तावित विधेयकों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। FCRA बिल पर विपक्ष का विरोध कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार FCRA संशोधन विधेयक संसद में पेश करती है तो कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसका जोरदार विरोध करेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि प्रस्तावित कानून अल्पसंख्यकों और गैर-सरकारी संगठनों को निशाना बना सकता है। पार्टी ने इसे जनविरोधी और असंवैधानिक बताते हुए विरोध की बात कही है। जयराम रमेश ने सरकार को चेताया कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 2023 के शीतकालीन सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान बड़ी संख्या में विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने के बाद कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए थे। उन्होंने कहा कि इतिहास को दोहराया नहीं जाना चाहिए और सांसदों को निलंबित कर विधेयक पारित नहीं किए जाने चाहिए। अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने FCRA के मुद्दे पर सरकार से पूछा कि भारत का कितना पैसा विदेश जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को विदेशी फंड पर पाबंदियों के साथ देश से बाहर जाने वाले भारतीय धन के मुद्दे पर भी जवाब देना चाहिए। आज भी हंगामे की संभावना संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की समयसीमा बेहद कम बची है। ऐसे में सरकार के सामने विपक्ष को साथ लाने और लंबित विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की चुनौती है। दूसरी ओर, विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। इससे संसद के दोनों सदनों में आज भी हंगामा होने के आसार बने हुए हैं।
जम्मू, एजेंसियां। जम्मू-कश्मीर के जम्मू शहर में रविवार रात बड़ा सड़क हादसा हो गया। शकुंतला फ्लाईओवर पर छात्रों को ले जा रही एक मेटाडोर (मिनीबस) अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 29 छात्र घायल हुए हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तिरंगा रैली से लौटते समय हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, छात्र तिरंगा रैली में शामिल होने के बाद बाग-ए-बाहु से मुबारक मंडी लौट रहे थे। इसी दौरान शकुंतला फ्लाईओवर पर मिनीबस हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तत्काल जम्मू के GMC अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। 29 मरीज अस्पताल में भर्ती GMC जम्मू के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. वीरेंद्र त्रिसाल के अनुसार, हादसे में कुल 29 छात्र घायल हुए हैं। ज्यादातर छात्रों की स्थिति खतरे से बाहर है, हालांकि कुछ छात्रों को फ्रैक्चर हुआ है। अस्पताल की ओर से जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, 3 मरीजों की हालत क्रिटिकल, जबकि 26 मरीजों की स्थिति स्थिर बताई गई है। गंभीर रूप से घायल तीन छात्राओं में: सुहानी देवी (21) — भवाल, जम्मू आरती देवी (20) — मजालता, उधमपुर सीमा देवी (27) — अथोली, किश्तवाड़ शामिल हैं। सीएम उमर अब्दुल्ला ने जताया दुख हादसे की जानकारी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को भी मिली। उन्होंने दुर्घटना पर चिंता और दुख जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। फिलहाल अस्पताल में सभी घायलों का इलाज जारी है और गंभीर मरीजों की स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
मुंबई, एजेंसियां। महाराष्ट्र के लोगों को महंगाई का एक और झटका लगने वाला है। राज्य में गाय और भैंस के दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें 11 अगस्त 2026 से लागू होंगी। दूध उत्पादकों और प्रोसेसर्स से जुड़े संगठनों ने रविवार को इसकी घोषणा की। 11 अगस्त से लागू होंगे नए दाम महाराष्ट्र में दूध की कीमतों में यह बढ़ोतरी गाय और भैंस दोनों के दूध पर लागू होगी। यानी उपभोक्ताओं को 11 अगस्त से प्रत्येक लीटर दूध के लिए मौजूदा कीमत की तुलना में ₹2 अधिक चुकाने होंगे। यह फैसला राज्यभर में दूध उत्पादकों और प्रोसेसिंग से जुड़े कारोबारियों द्वारा दरों में संशोधन के बाद सामने आया है। दूध उत्पादकों और प्रोसेसर का फैसला दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का निर्णय Milk Producers and Processors Welfare Association की ओर से घोषित किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, महाराष्ट्र में दूध के खरीद और बिक्री मूल्य में बदलाव के बाद उपभोक्ताओं पर भी इसका असर पड़ेगा। इससे रोजाना दूध खरीदने वाले परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा खर्च यदि कोई परिवार रोजाना 2 लीटर दूध खरीदता है, तो ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद उसका खर्च करीब ₹4 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹120 होगा। हालांकि, अलग-अलग ब्रांड, डेयरी और दूध के प्रकार के अनुसार अंतिम खुदरा कीमत अलग हो सकती है। पहले भी बढ़ चुके हैं दूध के दाम महाराष्ट्र में 2026 के दौरान दूध की कीमतों में इससे पहले भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऐसे में नई ₹2 प्रति लीटर की वृद्धि से दूध और उससे बने उत्पादों की लागत पर भी असर पड़ने की संभावना है।