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तमिलनाडु में सियासी हलचल: राज्यपाल से मिले विजय, सरकार बनाने का दावा

Anjali Kumari मई 6, 2026 0
Tamil Nadu politics
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चेन्नई, एजेंसियां। तमिलनाडु की राजनीति में चुनाव परिणामों के बाद तेजी से घटनाक्रम बदल रहा है। Vijay, जो Tamilaga Vettri Kazhagam (टीवीके) के प्रमुख हैं, बुधवार को राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे। इस मुलाकात को राज्य में नई सरकार के गठन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

 

सूत्रों के अनुसार


सूत्रों के अनुसार, विजय राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करने वाले हैं। हालिया चुनावों में उनकी पार्टी ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया है, जिसके बाद वे राजनीतिक समीकरणों के केंद्र में आ गए हैं। हालांकि, पूर्ण बहुमत की स्थिति स्पष्ट नहीं है, ऐसे में अन्य दलों के समर्थन की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

 

राजभवन में यह मुलाकात औपचारिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जहां राज्यपाल चुनाव परिणामों के आधार पर बहुमत वाले या संभावित गठबंधन के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं। विजय की इस पहल से संकेत मिल रहे हैं कि वे गठबंधन के जरिए सत्ता में आने की कोशिश कर रहे हैं।

 

राजनीतिक विश्लेषकों का क्या हैं  मानना


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु में इस बार का जनादेश काफी दिलचस्प रहा है और किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में जोड़-तोड़ की राजनीति देखने को मिल सकती है। ऐसे में विजय की भूमिका ‘किंगमेकर’ या संभावित मुख्यमंत्री के रूप में उभर सकती है।

 

अब सबकी नजर राज्यपाल के फैसले पर टिकी है। यदि विजय बहुमत का समर्थन पत्र पेश करने में सफल रहते हैं, तो उन्हें सरकार बनाने का न्योता मिल सकता है। आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति और भी दिलचस्प मोड़ ले सकती है।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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केरल का अगला मुख्यमंत्री कौन? सस्पेंस बरकरार!

तिरुवंतपुरम, एजेंसियां। केरला में कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाल ही में हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजर कांग्रेस हाईकमान पर टिकी है, जो जल्द ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तीन बड़े नेताओं के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं।   राहुल गांधी और खरगे करेंगे अंतिम फैसला केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष Sunny Joseph ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जल्द ही मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा करेंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व पहले ही तीनों प्रमुख दावेदारों से चर्चा कर चुका है और अब फैसला अंतिम चरण में पहुंच चुका है।   राज्य नेतृत्व को बयानबाजी से बचने की सलाह नई दिल्ली से लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में सनी जोसेफ ने कहा कि फिलहाल राज्य नेताओं के साथ किसी और दौर की चर्चा की जरूरत नहीं दिखती। उन्होंने यह भी साफ किया कि पार्टी नेतृत्व ने सभी नेताओं को सार्वजनिक बयानबाजी और किसी भी तरह के विवाद से बचने की सलाह दी है ताकि संगठन में एकजुटता बनी रहे।   UDF सहयोगियों से चर्चा पर भी सस्पेंस जब उनसे पूछा गया कि क्या यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के सहयोगी दलों से भी मुख्यमंत्री पद को लेकर बातचीत की जाएगी, तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान ही करेगा। इससे साफ है कि पार्टी इस मुद्दे पर पूरी तरह केंद्रीय नेतृत्व के नियंत्रण में आगे बढ़ रही है।   जल्द हो सकता है बड़े नाम का ऐलान राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस नेतृत्व जल्द ही ऐसा चेहरा सामने ला सकता है जो पार्टी को राज्य में मजबूत संदेश देने के साथ-साथ गठबंधन सहयोगियों को भी संतुलित रख सके। अब सबकी नजर राहुल गांधी और खरगे की अगली घोषणा पर टिकी हुई है।

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Today Horoscope: आज का राशिफल 11 मई 2026, सोमवार

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Important Event: 11 मई की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1745 - फोंटेनॉय की लड़ाई (दोरनिक): ऑस्ट्रियाई ने उत्तराधिकार के लिए युद्ध शुरू किया गया। 1749 - ब्रिटिश संसद ने समेकन अधिनियम स्वीकार किया, जिसने रॉयल नेवी को पुनर्गठित किया गया। 1751 - पेंसिल्वेनिया अस्पताल डॉ थॉमस बॉन्ड और बेंजामिन फ्रैंकलिन द्वारा स्थापित किया गया। 1752 - अमेरिका के फिलाडेल्फिया में पहली अग्नि बीमा पॉलिसी की शुरुआत हुई। 1772 - एम्स्टर्डम थिएटर आग से नष्ट हुआ, जिसमें 18 लोग मारे गए व अन्य कई लोग घायल हुए। 1784 – ब्रिटेन और मैसूर के शासक टीपू सुल्तान के बीच शांति संधि पर हस्ताक्षर। 1814 – प्लेटबर्ग की लड़ाई में अमेरिकन्स ने अंग्रेजों को हराया। 1833 – इंग्लैंड से क्यूबेक जा रहे जहाज लेडी-ऑफ-द-लेक के हिमखंड से टकराकर अटलांटिक सागर में डूबने से 215 लोगों की मौत हुई। 1857 – दिल्ली में सिपाही विद्रोह भड़का।  1871 - तिचबोर्ने मामले में पहला परीक्षण आम दलीलों का लंदन कोर्ट में शुरू हुआ। 1928 - अमेरिकी वाल्टर हेगेन ने इंग्लैंड में ओपन चैम्पियनशिप गोल्फ टूर्नामेंट जीता। 1940 - ग्रीबबेर्ग की लड़ाई केंद्रीय नीदरलैंड में शुरू हुई। 1949 - इजरायल संयुक्त राष्ट्र में अपने 59 वें सदस्य के रूप में शामिल हुआ। 1951 – राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद ने नवनिर्मित सोमनाथ मंदिर का उद्घाटन किया। 1955 – इजरायल ने गाजा पर हमला किया। 1956 – गोल्ड कोस्ट (वर्तमान में घाना देश) को 6 मार्च, 1957 को ब्रिटेन के शासन से मुक्त करने की घोषणा की गई। 1960 – पहली गर्भनिरोधक गोली बाजार में उपलब्ध कराई गई। 1965 – बंगलादेश में चक्रवाती तूफान से 17 हजार लोगों की मौत। 1985 – इंग्लैंड के ब्रैडफोर्ड सिटी फुटबाल मैदान में आग लगने से 40 की मौत हुई और 150 घायल हुए। 1988 – फ्रांस ने परमाणु परीक्षण किया। 1995 - संयुक्त राष्ट्र महासभा के कक्ष में 24 दिन तक चले सम्मेलन की समाप्ति पर परमाणु अप्रसार संधि को अनिश्चित काल के लिए स्थायी बना दिया गया। 1998: भारत ने राजस्थान के पोखरण में तीन परमाणु परीक्षण किये। 1998 – यूरोप की एकल मुद्रा यूरो का पहला सिक्का बना। 2000 – जनसंख्या घड़ी के मुताबिक भारत की जनसंख्या एक अरब पहुंची। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जन्मी 'आस्था' भारत का एक अरबवाँ बच्चा बना। 2001 - संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रक्षेपास्त्र रक्षा प्रणाली को भारत का समर्थन, अमेरिकी संसद ने संयुक्त राष्ट्र की देय राशि रोकी। 2002 - बांग्लादेश में नौका दुर्घटना में 378 लोग मरे। 2005 - बगलिहार परियोजना पर भारत-पाक मतभेदों को निपटाने हेतु विश्व बैंक ने तटस्थ विशेषज्ञ नियुक्त किया। 2007 - इस्रायल ने हमास से जुड़ी रिफ़ॉर्म एवं चेंज पार्टी को गैर-क़ानूनी घोषित किया। 2008 - दक्षिणी वजीरिस्तान में नाटो सेना ने हमला किया। 2008 - न्यूयार्क के कॉर्नेल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने विश्व का पहला जिनेटिकली माडिफ़ाइड मानव भ्रूण तैयार किया। 2010 - भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश एसएच कपाड़िया को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने 38वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। वे इस पद पर 29 सितंबर 2012 तक रहेंगे। 2010 - भारतीय सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक खंड़पीठ ने एक महत्त्वपूर्ण निर्णय में कहा कि पंचायत और स्थानीय चुनाव में राज्य सरकार को आरक्षण देने का अधिकार है।  2011 – भारत और पाकिस्तान ने लाहौर और अमृतसर के बीच बस सेवा शुरू करने के लिए सहमति बनी। 2013 – तुर्की के रेहानली क्षेत्र में दो कार बम धमाके में 43 लोगों की मौत।  2019 - ईरान से युद्ध जैसे हालात, अमेरिका ने तैनात किए युद्धपोत और पैट्रियट मिसाइल। 2020 - इंडोनेशिया के सोमलाकी से उत्तर-पश्चिम में 259 किलोमीटर दूर भूकंप के झटके (5.6) महसूस किय़े गये। 2021 - पश्चिम बंगाल में भारी बारिश व तूफान से जनजीवन अस्त व्यस्त हुआ तथा कई हादसों में आठ लोगों की मौत हुई। 2022 - भारत - उज्‍बेकिस्‍तान विदेश कार्यालयों के बीच विचार - विनिमय के 15 वें दौर का आयोजन नई दिल्‍ली में किया गया। 2022 - तूफान असानी संग सुनहरा रथ आया जो बंगाल की खाड़ी से बहकर आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचा और पुलिस ने कब्जे में लिया। 2023 - भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अमेरिका , कतर और मोनाको के राजदूतों से परिचय पत्र स्वीकार किए। 2023 - भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और आयुष मंत्रालय ने एकीकृत स्वास्थ्य अनुसंधान को बढ़ावा देने और सहयोग करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। 2023 - विश्व शांति और खुशी के लिए लेह में बौद्ध भिक्षुओं और ननों द्वारा वार्षिक पांच दिवसीय उत्सव "लद्दाख स्मोनलम चेनमो" शुरू हुआ। 2024 - दुर्लभ शक्तिशाली सौर तूफान पृथ्वी पर पहुंचा, जिससे अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन ने भू-चुंबकीय तूफान की चेतावनी जारी की। 2024 - झांसी-कानपुर हाईवे डीसीएम और कार की भीषण टक्कर से दूल्हे समेत चार जिंदा जले।   11 मई को जन्मे व्यक्ति   1903 - S.M. श्री नागेश भारतीय सेना के तृतीय थलसेनाध्यक्ष थे। 1904 - K.V.K. सुन्दरम् भारत के दूसरे मुख्य निर्वाचन आयुक्त थे। 1912 - सआदत हसन मंटो, कहानीकार और लेखक थे। मंटो फ़िल्म और रेडियो पटकथा लेखक और पत्रकार भी थे। 1918 - मृणालिनी साराभाई - भारत की प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना थीं। 1933 - सागर सरहदी भारतीय हिंदी सिनेमा के दिग्गज पटकथा लेखक थे। 1937 - डेविड एलन, क्रिकेटर , वेस्टइंडीज के विकेटकीपर थे। 1950 - सदाशिव दत्तराय अमरापुरकर - एक भारतीय अभिनेता थे। 1957 - शक्ति सिन्हा - भूतपूर्व भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के निजी सचिव थे।   11 मई को हुए निधन   1848 - टॉम क्रिब, अंग्रेज बेअर नक्कल बॉक्सर का 66 वर्ष की आयु में निधन हुआ। 1924 -  मोसेस वॉकर, अमेरिकी बेसबॉल कैचर का 66 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 1937 - अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी एलेन हेन्सेल का 67 वर्ष की आयु में निधन। 1955 - गिल्बर्ट जेसोप, अंग्रेजी क्रिकेट बल्लेबाज का 80 वर्ष की आयु में निधन। 1986 - शुरुआती अफ्रीकी अमेरिकी एनएफएल स्टार और कोच फ्रिट्ज़ पोलार्ड का 92 साल की उम्र में निधन 1996 - ब्राजील के फुटबॉलर एडेमिर डी मेनेजेस का 73 वर्ष की आयु में निधन। 2002 - आबिदा सुल्तान, भोपाल सियासत की राजकुमारी एवं भारत की पहली महिला पायलट। 2019 - इंडियन टुबैको कंपनी लिमिटेड (आईटीसी) के पूर्व एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ वाईसी देवेश्वर का 72 साल की उम्र में निधन। 2020 - नेशनल टेबल-टेनिस चैम्पियन मनमीत सिंह का निधन। 2020 - पूर्व लोकसभा सांसद और जनता दल (एस) के वरिष्ठ नेता राजा रंगप्पा नाइक का निधन । 2020 - प्रसिद्ध अमेरिकी कॉमेडियन जेरी स्टिलर का निधन। 2021 -  कलाथिलपरम्बिल रमन गौरी अम्मा -  केरल राज्य की पहली महिला मंत्री और पहली राजस्व मंत्री थीं  जिनका102 वर्ष की आयु में निधन हुआ। 2022 - फ़िलिस्तीनी - अमेरिकी पत्रकार शिरीन अबु अकलेह का निधन हुआ। 2022 - प्रख्यात संस्कृत और हिंदी विद्वान, पद्म श्री डॉ रमाकांत शुक्ल (82) का निधन हुआ। 2022 - कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम शर्मा (95) का निधन हुआ। 2023 - मंच, स्क्रीन और टेलीविजन के एक अमेरिकी अभिनेता बैरी फोस्टर न्यूमैन (92) का निधन हुआ। 2023 - जापानी बेसबॉल कोच फुतोशी नाकानिशी (90) का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी फिल्म निर्माता केनेथ एंजर (96) का निधन हुआ। 2024 - कनाडाई हॉकी खिलाड़ी रॉन एलिस (79) का निधन हुआ।   11 मई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   आद्य श्री शंकराचार्य कैलाशगमन। श्री नृसिंह जयन्ती (नृसिंहावतार , बैशाख शुक्ल चतुर्दशी अनुसार)। देवी छिन्नमस्ता जयन्ती (बैशाख शुक्ल चतुर्दशी)। गुरु श्री अमरदास जयन्ती (प्राचीनमतानुसार)। पंडित सुखराम शर्मा स्मृति दिवस। राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी दिवस (भारत)। विश्व मातृदिवस (माँ दिवस , Mother's day , मई का दूसरा रविवार)। कृपया ध्यान दें  यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इन्द्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

Anjali Kumari मई 11, 2026 0
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चंडीगढ़, एजेंसियां। पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। सुबह से ही चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित उनके आवास पर ईडी की टीम छापेमारी कर रही थी। बताया जा रहा है कि करीब 20 गाड़ियों में पहुंची टीम ने लंबे समय तक तलाशी अभियान चलाया। पिछले एक महीने में यह दूसरी बार है जब संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई हुई है। इससे पहले लुधियाना स्थित उनके आवास और अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की गई थी।   भगवंत मान ने बीजेपी पर साधा निशाना ईडी की कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि “पंजाब गुरुओं और भगत सिंह की धरती है, इसे कोई झुका नहीं सकता।” मान ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव के समय ईडी और अन्य एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए करती है।   अरविंद केजरीवाल का भी केंद्र पर हमला आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने भी ईडी की कार्रवाई को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाब को राजनीतिक रूप से दबाने की कोशिश कर रही है। केजरीवाल ने कहा कि भाजपा पहले भी पंजाब के किसानों और राज्य के अधिकारों के खिलाफ काम करती रही है और अब ईडी की रेड के जरिए दबाव बनाया जा रहा है।   पंजाब में लगातार बढ़ रही ED की सक्रियता हाल ही में मोहाली और चंडीगढ़ में भी ईडी ने कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इनमें कुछ कारोबारी और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम सामने आए थे। विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बता रहा है, जबकि आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रही है।   राजनीतिक माहौल हुआ गर्म संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राज्य की राजनीति और गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।

Anjali Kumari मई 9, 2026 0
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