राष्ट्रीय

Bengal Unveils Major Transport Expansion Plans

बंगाल में परिवहन क्रांति का ऐलान: कोलकाता से यूरोप की सीधी उड़ानें, कल्याणी में एयरपोर्ट और दुर्गापुर-सिलीगुड़ी में मेट्रो

kalpana जुलाई 22, 2026 0
West Bengal announces direct Europe flights, new airport and metro expansion projects
West Bengal Transport Boost with Europe Flights, Airport and Metro Projects

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के परिवहन और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए कई बड़ी योजनाओं का ऐलान किया है। उन्होंने कोलकाता से यूरोप और लंदन के लिए सीधी उड़ानें बहाल करने, कल्याणी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने, दुर्गापुर और सिलीगुड़ी में मेट्रो परियोजनाएं शुरू करने तथा कोलकाता में वाटर मेट्रो सेवा लाने की घोषणा की।

मुख्य बातें

  • कोलकाता से यूरोप और लंदन के लिए सीधी उड़ानें फिर शुरू करने की तैयारी।
  • कल्याणी में नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की योजना।
  • जोका से दमदम एयरपोर्ट तक मेट्रो विस्तार में तेजी।
  • दुर्गापुर-आसनसोल और सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी के बीच मेट्रो परियोजना का प्रस्ताव।
  • कोलकाता में वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की सैद्धांतिक मंजूरी।
  • परिवहन निगमों के डिपो में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन और बड़ी संख्या में ई-बस व सीएनजी बसें शामिल करने की योजना।
  • मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बेहतर परिवहन व्यवस्था से निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

क्या बोले मुख्यमंत्री?

50 नई एसी बसों को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से पश्चिम बंगाल के परिवहन ढांचे को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान कोलकाता का यूरोपीय देशों से सीधा हवाई संपर्क खत्म हो गया था, जिसे अब दोबारा बहाल किया जाएगा।

मेट्रो और एयरपोर्ट पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि जोका से दमदम एयरपोर्ट तक मेट्रो विस्तार का लंबित मुद्दा उनकी सरकार ने तेजी से सुलझाया है। साथ ही, कल्याणी में नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया जा रहा है।

ई-बस और वाटर मेट्रो

राज्य सरकार ने परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए ई-बसों और सीएनजी बसों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके अलावा, कोलकाता में वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने का भी फैसला लिया गया है।

रोजगार और निवेश पर जोर

मुख्यमंत्री का कहना है कि आधुनिक परिवहन नेटवर्क से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, निवेश आकर्षित होगा और राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि परिवहन विभाग राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

kalpana

राष्ट्रीय

View more
Volkswagen India
JSW Group से भारत कारोबार में हिस्सेदारी बिक्री को लेकर वोक्सवैगन की बातचीत अंतिम चरण में

नई दिल्ली, एजेंसियां। जर्मनी की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी वोक्सवैगन एजी (Volkswagen AG) भारत में अपने कारोबार को लेकर बड़ा रणनीतिक कदम उठाने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी JSW Group के साथ अपनी भारतीय इकाई में हिस्सेदारी बेचने को लेकर अंतिम चरण की बातचीत कर रही है। यदि यह सौदा पूरा होता है, तो भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में यह हाल के वर्षों के सबसे बड़े निवेश सौदों में से एक हो सकता है।   भारत में कारोबार मजबूत करने पर फोकस   रिपोर्ट के मुताबिक, इस संभावित साझेदारी का उद्देश्य वोक्सवैगन के भारतीय कारोबार का विस्तार करना और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) समेत नए सेगमेंट में निवेश को गति देना है। JSW Group पहले से ही ऑटो और ईवी सेक्टर में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है, ऐसे में दोनों कंपनियों की साझेदारी भारतीय बाजार में नई संभावनाएं खोल सकती है।   दोनों कंपनियों ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की   हालांकि, अब तक वोक्सवैगन और JSW Group की ओर से इस संभावित सौदे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, बातचीत अंतिम चरण में है और दोनों पक्ष सौदे की शर्तों पर चर्चा कर रहे हैं। समझौता होने के बाद ही हिस्सेदारी और निवेश से जुड़े अंतिम विवरण सार्वजनिक किए जाएंगे।   ऑटो सेक्टर की नजर इस सौदे पर   विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफल होता है, तो भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है। साथ ही वोक्सवैगन को स्थानीय उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई तकनीकों में निवेश करने और इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। निवेशकों और उद्योग जगत की नजर फिलहाल इस संभावित डील की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है।

anjali kumari जुलाई 22, 2026 0
PoK Elections

नवाज शरीफ ने PoK का प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जताई, चुनावी रैली में दिया बड़ा बयान

Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi and Akhilesh Yadav during the protest near the Prime Minister's residence in New Delhi

PM आवास के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका और अखिलेश हिरासत में; जानिए पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन

Arvind Kejriwal addressing students during the NEET protest at Jantar Mantar in New Delhi

'मोदी जी के अपने बच्चे नहीं, इसलिए छात्रों का दर्द नहीं समझते'— केजरीवाल का PM पर हमला, बोले- डटे रहो, तानाशाह को झुकना पड़ेगा

Rahul Gandhi and Union Minister Jitendra Singh clash over NEET protest and Parliament debate
NEET आंदोलन पर सियासी घमासान: जितेंद्र सिंह का राहुल गांधी पर वादाखिलाफी का आरोप, कांग्रेस बोली- सरकार लोकतंत्र कुचल रही

NEET पेपर लीक और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया है। कांग्रेस के प्रदर्शन और प्रधानमंत्री आवास के पास धरने के बाद केंद्र सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर वादा तोड़ने का आरोप लगाया, वहीं कांग्रेस ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने और संसद में चर्चा से बचने का आरोप लगाया है। जितेंद्र सिंह ने क्या कहा? केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ धरने पर बैठे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने बातचीत के लिए उन्हें और गृह सचिव गोविंद मोहन को भेजा था। जितेंद्र सिंह के मुताबिक, सरकार ने राहुल गांधी से अनुरोध किया कि निर्धारित स्थान के अलावा कहीं और धरना देने से आम लोगों को परेशानी हो रही है। सरकार का दावा- चर्चा की मांग मान ली थी केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी ने पहले शर्त रखी थी कि यदि सरकार NEET पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने के लिए तैयार हो जाए, तो वह धरना समाप्त कर देंगे। सरकार का दावा है कि इस मांग को तत्काल स्वीकार कर लिया गया और संसद में चर्चा के लिए सहमति भी दे दी गई। 'फिर बदल दी मांग' जितेंद्र सिंह का आरोप है कि सरकार की सहमति मिलने के बाद राहुल गांधी ने अपनी मांग बदल दी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की नई शर्त जोड़ दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने राहुल गांधी को याद दिलाया कि पहले केवल चर्चा की मांग की गई थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी मांग बदल दी। मंत्री ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया। राहुल गांधी का पलटवार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर की गई कार्रवाई हर भारतीय परिवार पर हमला है। राहुल गांधी ने लोगों से कांग्रेस के आंदोलन का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों को न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। कांग्रेस का आरोप कांग्रेस का कहना है कि सरकार संसद में NEET पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे पर चर्चा से बच रही है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, पिछले कई सप्ताह से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और संसद में चर्चा की मांग की जा रही थी, लेकिन जब सदन में बहस का मौका नहीं मिला तो विपक्ष को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। संसद से सड़क तक पहुंचा विवाद NEET पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा अब संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है। सरकार और विपक्ष दोनों एक-दूसरे पर लोकतांत्रिक मूल्यों के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना रह सकता है।  

kalpana जुलाई 22, 2026 0
Sonam Wangchuk being shifted from Safdarjung Hospital to Medanta Hospital after Delhi High Court order

हाई कोर्ट के आदेश के बाद मेदांता अस्पताल शिफ्ट हुए सोनम वांगचुक, अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में होगा इलाज

Mamata Banerjee addressing Shahid Diwas rally while Congress and CPI(M) respond to her INDIA alliance appeal

ममता बनर्जी ने INDIA गठबंधन से मांगा साथ, कांग्रेस और माकपा ने याद दिलाया पुराना राजनीतिक इतिहास

West Bengal announces direct Europe flights, new airport and metro expansion projects

बंगाल में परिवहन क्रांति का ऐलान: कोलकाता से यूरोप की सीधी उड़ानें, कल्याणी में एयरपोर्ट और दुर्गापुर-सिलीगुड़ी में मेट्रो

US-Iran Tensions
अमेरिका ने ईरान पर लगातार 11वीं रात किए हवाई हमले, CENTCOM ने कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का किया दावा

वॉशिंगटन/तेहरान, एजेंसियां। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि उसने लगातार 11वीं रात ईरान से जुड़े कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन अभियानों का उद्देश्य क्षेत्र में अमेरिकी बलों और सहयोगी देशों पर बढ़ते खतरों को रोकना है।    CENTCOM ने जारी किया आधिकारिक बयान   CENTCOM ने कहा कि हालिया कार्रवाई में रणनीतिक सैन्य ठिकानों और हथियार भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना का दावा है कि अभियान पूर्व निर्धारित सैन्य लक्ष्यों तक सीमित था और इसका मकसद क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है।    ईरान ने दी जवाबी चेतावनी   ईरान ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। तेहरान ने कहा कि यदि सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो उसका जवाब भी उसी स्तर पर दिया जाएगा। ईरानी अधिकारियों ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पर भी सवाल उठाए हैं।    मध्य पूर्व में बढ़ी चिंता   लगातार सैन्य कार्रवाई के कारण पूरे मध्य पूर्व में तनाव का माहौल बना हुआ है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आशंका है कि संघर्ष और बढ़ने पर इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है।    संयुक्त राष्ट्र की नजर स्थिति पर   संयुक्त राष्ट्र और कई प्रमुख देशों ने दोनों पक्षों से तत्काल तनाव कम करने की अपील की है। कूटनीतिक प्रयासों के जरिए हालात सामान्य करने की कोशिशें जारी हैं, जबकि क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

anjali kumari जुलाई 22, 2026 0
Flood-hit villages in Assam as heavy rainfall inundates several districts

असम में बाढ़ का कहर: 24 घंटे में 21 की मौत, 16 जिलों के 5.64 लाख लोग प्रभावित, कई गांव जलमग्न

Congress MPs wearing black clothes protest during Parliament Monsoon Session over NEET issue

संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा दिन: कांग्रेस सांसद काले कपड़ों में पहुंचे, NEET मुद्दे पर फिर हंगामे के आसार

Delhi Police personnel deployed during CJP Parliament march protest in New Delhi

दिल्ली प्रोटेस्ट पर पुलिस सख्त: 48 घंटे में 10 FIR दर्ज, RAF जवान पर हमले का भी मामला

0 Comments

Top week

CBI investigation into the NEET-UG paper leak case involving a doctor from Latur
राष्ट्रीय

NEET-UG पेपर लीक मामला: CBI का बड़ा दावा, लातूर के डॉक्टर ने 5 लाख लेकर परीक्षा से पहले दिखाया केमिस्ट्री का पेपर

kalpana जुलाई 17, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?