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SRH vs PBKS Big Clash

SRH vs PBKS: टॉप पोजिशन की जंग में भिड़ेंगी हैदराबाद और पंजाब, रोमांचक मुकाबले की पूरी कहानी

surbhi मई 6, 2026 0
SRH vs PBKS IPL match action at Hyderabad stadium with players battling for top position
SRH vs PBKS IPL 2026 Clash

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का 49वां मुकाबला क्रिकेट फैंस के लिए बेहद खास होने वाला है, जहां Sunrisers Hyderabad और Punjab Kings आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला हैदराबाद के Rajiv Gandhi International Cricket Stadium में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। दोनों टीमें इस सीजन शानदार फॉर्म में रही हैं, लेकिन अपने पिछले मैचों में हार झेलने के बाद अब वापसी के इरादे से मैदान में उतरेंगी।

पॉइंट्स टेबल में स्थिति

पंजाब किंग्स ने इस सीजन दमदार प्रदर्शन करते हुए 9 में से 6 मैच जीते हैं और फिलहाल अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर काबिज है। हालांकि टीम को अपने पिछले दो मुकाबलों में लगातार हार का सामना करना पड़ा है, जिससे उनकी लय थोड़ी प्रभावित हुई है।

वहीं सनराइजर्स हैदराबाद ने 10 मैचों में 6 जीत दर्ज कर तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाई है। टीम ने खराब शुरुआत के बाद लगातार पांच जीत हासिल कर शानदार वापसी की, लेकिन पिछले मैच में हार ने उनकी जीत की लय को तोड़ा है।

हेड टू हेड: किसका पलड़ा भारी?

दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए 25 मुकाबलों में हैदराबाद का दबदबा साफ नजर आता है।

  • हैदराबाद: 17 जीत
  • पंजाब: 8 जीत

हालांकि इस सीजन 11 अप्रैल को खेले गए मुकाबले में पंजाब किंग्स ने हैदराबाद को 6 विकेट से हराकर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल की थी।

पिच रिपोर्ट: बल्लेबाजों के लिए मददगार

राजीव गांधी स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है। यहां गेंद बल्ले पर आसानी से आती है, जिससे बड़े शॉट खेलना आसान हो जाता है।
हालांकि गेंदबाजों को भी कुछ मदद मिल सकती है, खासकर नई गेंद से। रात के मैच में ओस अहम भूमिका निभा सकती है, जिससे दूसरी पारी में बल्लेबाजी और आसान हो जाएगी।

मौसम का हाल

हैदराबाद में मैच के दौरान मौसम गर्म और उमस भरा रहेगा। तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
ओस का असर दूसरी पारी में देखने को मिल सकता है, लेकिन राहत की बात यह है कि बारिश की कोई संभावना नहीं है और मैच बिना रुकावट के पूरा होने की उम्मीद है।

दोनों टीमों की स्क्वाड

पंजाब किंग्स:
Shreyas Iyer (कप्तान), प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह, नेहल वढेरा, शशांक सिंह, Marcus Stoinis, अजमतुल्लाह उमरजई, विजयकुमार वैशाख, Arshdeep Singh, Yuzvendra Chahal, हरप्रीत बरार समेत अन्य खिलाड़ी।

सनराइजर्स हैदराबाद:
Pat Cummins (कप्तान), Travis Head, Ishan Kishan, Heinrich Klaasen, अभिषेक शर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, जयदेव उनादकट, Harshal Patel, लियाम लिविंगस्टोन समेत अन्य खिलाड़ी।

क्या रहेगा मुकाबले का एक्स-फैक्टर?

इस मुकाबले में टॉस बेहद अहम भूमिका निभा सकता है। ओस के चलते दूसरी पारी में बल्लेबाजी आसान हो जाती है, ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है।
इसके अलावा दोनों टीमों के टॉप ऑर्डर बल्लेबाज मैच का रुख तय कर सकते हैं।

क्या कहता है मुकाबला?

दोनों टीमें जीत की भूखी हैं और टॉप पोजिशन पर कब्जा जमाने के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में फैंस को एक हाई-स्कोरिंग और रोमांच से भरपूर मैच देखने को मिल सकता है।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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IPL- 2026: मुंबई आखिरी बॉल पर हार कर  प्लेऑफ रेस से बाहर, बेंगलुरु 2 विकेट से जीती

रायपुर, एजेंसियां। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में मुंबई इंडियंस पर 2 विकेट की रोमांचक जीत दर्ज की। टीम को आखिरी बॉल पर 2 रन चाहिए थे। स्ट्राइक पर रसिख सलाम थे और लग रहा था कि मैच टाई हो जाएगा। लेकिन, सलाम ने फुलर लेंथ बॉल पर सीधा शॉट खेला और दौड़कर 2 रन पूरे कर लिए। मैच का नतीजा थर्ड अंपायर के फैसले के बाद तय हुआ। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में मिली हार के बाद मुंबई प्लेऑफ से बाहर हो गई है। वह अगले 3 मैच जीतकर भी 12 अंक तक ही पहुंच सकेगी, जो प्लेऑफ के लिए काफी नहीं हैं। बेंगलुरु ने जीता टास बेंगलुरु ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। मुंबई ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 166 रन बनाए। 167 रन का टारगेट बेंगलुरु ने 20 ओवर में 8 विकेट पर हासिल किया।  क्रुणाल पंड्या के विकेट से फंसा मैच 18वें ओवर तक मैच बेंगलुरु के पाले में जाता दिख रहा था। क्रुणाल पंड्या फिफ्टी बनाकर खेल रहे थे और बेंगलुरु को 13 बॉल पर 18 रनों की जरूरत थी। यहां अल्लाह गजनफर ने अपने ओवर की आखिरी बॉल पर क्रुणाल पंड्या को तिलक वर्मा के हाथों कैच करा दिया। क्रुणाल ने 73 रन की पारी खेलकर पावरप्ले में 3 विकेट गंवाने वाली बेंगलुरु को इस स्थिति तक पहुंचाया था। पावरप्ले में विराट कोहली 0, पडिक्कल 12 और पाटीदार 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे। यहां से क्रुणाल पंड्या ने जैकब बेथेल के साथ 55 रन की साझेदारी की। तिलक की फिफ्टी, भुवनेश्वर को 4 विकेट मुंबई के लिए तिलक वर्मा ने अर्धशतक लगाया। उन्होंने 42 बॉल पर 57 रन की पारी खेली। उनके अलावा नमन धीर ने 47 रन बनाए। बेंगलुरु के लिए भुवनेश्वर कुमार ने 4 विकेट लिए।

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FC Bayern Munich को यूईएफए चैंपियंस लीग के बीच बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार खिलाड़ी Alphonso Davies हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण लंबे समय तक मैदान से दूर रहेंगे। क्लब ने शुक्रवार को आधिकारिक बयान जारी कर उनकी चोट की पुष्टि की। PSG के खिलाफ मैच में लगी चोट यह चोट Paris Saint-Germain F.C. के खिलाफ खेले गए यूईएफए चैंपियंस लीग सेमीफाइनल के दूसरे लेग के दौरान लगी। मुकाबला Allianz Arena में खेला गया था, जहां डेविस दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर उतरे थे। मैच के दौरान उन्हें बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट महसूस हुई, जिसके बाद मेडिकल जांच कराई गई। बायर्न ने बयान में क्या कहा? FC Bayern Munich ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मेडिकल यूनिट की जांच में पुष्टि हुई है कि Alphonso Davies के बाएं हैमस्ट्रिंग मसल में चोट है। इसी कारण वह कई हफ्तों तक टीम से बाहर रहेंगे। हालांकि क्लब ने उनकी वापसी की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है। कई अहम मुकाबलों से बाहर हो सकते हैं डेविस इस चोट के चलते डेविस अब बुंडेसलीगा के आगामी मुकाबलों में उपलब्ध नहीं रहेंगे। माना जा रहा है कि वह VfL Wolfsburg और 1. FC Köln के खिलाफ मैच मिस कर सकते हैं। इसके अलावा 23 मई को VfB Stuttgart के खिलाफ होने वाले डीएफबी फाइनल में भी उनका खेलना मुश्किल माना जा रहा है। बायर्न और कनाडा दोनों के लिए बढ़ी चिंता Alphonso Davies की चोट ने क्लब के साथ-साथ Canada men's national soccer team की चिंता भी बढ़ा दी है। डेविस अपनी रफ्तार, डिफेंस और अटैकिंग खेल के लिए जाने जाते हैं और टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी फिटनेस पर अब सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल क्लब की मेडिकल टीम उनकी रिकवरी पर लगातार नजर बनाए हुए है।  

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DC vs KKR: करो या मरो की जंग में भिड़ेंगी दिल्ली-कोलकाता, प्लेऑफ की उम्मीद बचाने की चुनौती

अरुण जेटली स्टेडियम में आज होगा हाईवोल्टेज मुकाबला Delhi Capitals और Kolkata Knight Riders के बीच आईपीएल 2026 का 51वां मुकाबला आज दिल्ली के Arun Jaitley Stadium में खेला जाएगा। दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि हार से प्लेऑफ की राह लगभग मुश्किल हो सकती है। दिल्ली और कोलकाता दोनों इस मुकाबले को जीतकर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेंगी। दिल्ली की शुरुआत अच्छी, फिर बिगड़ा खेल दिल्ली कैपिटल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की थी, लेकिन इसके बाद टीम की लय टूट गई। पिछले 8 मुकाबलों में दिल्ली सिर्फ 2 मैच जीत सकी है। टीम फिलहाल 10 मैचों में 4 जीत के साथ अंक तालिका में सातवें स्थान पर मौजूद है। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रदर्शन भी इस सीजन निराशाजनक रहा है। टीम ने अब तक 9 मैचों में केवल 3 जीत दर्ज की है और वह प्वाइंट्स टेबल में आठवें स्थान पर है। हेड टू हेड में किसका पलड़ा भारी? आईपीएल इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 35 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें कोलकाता ने 19 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि दिल्ली को 15 मुकाबलों में सफलता मिली है। एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकला था। ऐसे में आंकड़ों के लिहाज से कोलकाता का पलड़ा भारी नजर आता है, लेकिन घरेलू मैदान पर दिल्ली वापसी की कोशिश करेगी। कैसी रहेगी अरुण जेटली स्टेडियम की पिच? दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां हाई स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिलते हैं। हालांकि पिछले कुछ मैचों में गेंदबाजों को भी मदद मिली है, जिससे मुकाबला संतुलित रहने की उम्मीद है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 170 से ज्यादा रहा है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करने का फैसला ले सकती है। मौसम देगा साथ दिल्ली में मैच के दौरान मौसम साफ रहने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री रह सकता है। शाम 7:30 बजे शुरू होने वाले मैच में बारिश की कोई संभावना नहीं है। दिल्ली कैपिटल्स की संभावित टीम अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल, कुलदीप यादव, करुण नायर, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, टी नटराजन, मुकेश कुमार, पृथ्वी शॉ, मिचेल स्टार्क, अभिषेक पोरेल समेत कई स्टार खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स की संभावित टीम अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती, फिन एलन, राहुल त्रिपाठी, उमरान मलिक, मथीशा पथिराना और रचिन रवींद्र जैसे खिलाड़ी टीम में मौजूद हैं।  

surbhi मई 8, 2026 0
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