स्पोर्ट्स

Warne’s RR Deal Brings ₹450 Cr Windfall

शेन वॉर्न की दूरदर्शिता का कमाल: राजस्थान रॉयल्स की ऐतिहासिक डील से परिवार को मिलेंगे करीब 450 करोड़ रुपये

surbhi मार्च 25, 2026 0
Shane Warne with Rajasthan Royals team during IPL highlighting his legacy and historic franchise deal value
Shane Warne Rajasthan Royals Deal Legacy

क्रिकेट इतिहास के महानतम स्पिनरों में शुमार Shane Warne एक बार फिर सुर्खियों में हैं-इस बार अपनी गेंदबाजी नहीं, बल्कि अपनी असाधारण व्यावसायिक समझ के कारण। इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी Rajasthan Royals की हालिया बिक्री ने यह साबित कर दिया है कि वॉर्न मैदान के साथ-साथ रणनीतिक सोच में भी ‘धुरंधर’ थे।

15,000 करोड़ की डील और वॉर्न परिवार को बड़ा फायदा

राजस्थान रॉयल्स को हाल ही में करीब 1.63 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 15,000 करोड़ रुपये से अधिक) में एक अमेरिकी निवेशक समूह को बेच दिया गया। इस ऐतिहासिक डील के बाद शेन वॉर्न के परिवार को लगभग 450–460 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है।

यह लाभ किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि वॉर्न की वर्षों पहले की गई एक दूरदर्शी रणनीति का नतीजा है।

2008 में रखी थी अनोखी शर्त

जब 2008 में IPL के पहले सीजन से पहले वॉर्न ने राजस्थान रॉयल्स के साथ करार किया, तब उन्होंने अपने कॉन्ट्रैक्ट में एक विशेष शर्त शामिल करवाई थी। इस शर्त के तहत उन्हें हर सीजन खेलने के बदले फ्रेंचाइजी में 0.75% इक्विटी (मालिकाना हिस्सा) दिया जाना था।

वॉर्न ने टीम के लिए कुल चार सीजन खेले, जिससे उनका हिस्सा बढ़कर 3% हो गया। उस समय उनकी सैलरी करीब 9.35 करोड़ रुपये थी, लेकिन असली निवेश यह इक्विटी साबित हुई।

3% हिस्सेदारी बनी 450 करोड़ की संपत्ति

आज जब राजस्थान रॉयल्स की वैल्यू 15,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है, तो वॉर्न की 3% हिस्सेदारी की कीमत लगभग 450–460 करोड़ रुपये हो चुकी है।

यह रकम उनके परिवार को IPL 2026 सीजन के बाद मिलने की संभावना है, हालांकि इस डील को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India) की अंतिम मंजूरी मिलना अभी बाकी है।

सिर्फ खिलाड़ी नहीं, एक दूरदर्शी लीडर

शेन वॉर्न को 2008 में सिर्फ कप्तान ही नहीं, बल्कि टीम के क्रिकेट संचालन का पूरा नियंत्रण दिया गया था। उन्होंने अपनी कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स को पहले ही सीजन में चैंपियन बनाकर इतिहास रच दिया।

साल 2022 में उनके निधन के बावजूद, उनकी यह रणनीतिक सोच आज भी मिसाल बनी हुई है। यह कहानी दिखाती है कि वॉर्न सिर्फ क्रिकेट के जादूगर ही नहीं, बल्कि एक समझदार निवेशक और दूरदर्शी व्यक्तित्व भी थे।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

स्पोर्ट्स

View more
Ipl 2026
Ipl 2026: आज तय होगा क्वालीफायर-1 का गणित, SRH और RCB आमने-सामने

नई दिल्ली, एजेंसियां। IPL 2026 का 67वां मुकाबला आज Sunrisers Hyderabad और Royal Challengers Bengaluru के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला शाम 7:30 बजे Rajiv Gandhi International Cricket Stadium में होगा। दोनों टीमें प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं, लेकिन अब नजर टॉप-2 में जगह बनाकर क्वालीफायर-1 खेलने पर है।   क्यों अहम है टॉप-2 में रहना? IPL प्लेऑफ नियमों के अनुसार टॉप-2 टीमों को फाइनल में पहुंचने के दो मौके मिलते हैं। क्वालीफायर-1 जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचती है, जबकि हारने वाली टीम को क्वालीफायर-2 खेलने का मौका मिलता है। इसलिए आज का मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।   अंक तालिका का गणित फिलहाल RCB के 18 अंक और नेट रन रेट +1.065 है। Gujarat Titans के भी 18 अंक हैं, लेकिन उनका नेट रन रेट +0.695 है। वहीं SRH के 16 अंक और नेट रन रेट +0.350 है। अगर RCB आज जीत जाती है तो उसके 20 अंक हो जाएंगे और वह सीधे टॉप-2 में बनी रहेगी। ऐसे में गुजरात टाइटंस के साथ उसका क्वालीफायर-1 मुकाबला तय हो जाएगा।   SRH को चाहिए कितनी बड़ी जीत? अगर सनराइजर्स हैदराबाद मैच जीतती है तो तीनों टीमों के 18-18 अंक हो जाएंगे। तब फैसला नेट रन रेट से होगा। SRH का नेट रन रेट कम होने के कारण उसे बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। • 107-130 रन बनाने पर SRH को 84 रन से जीतना होगा  • 156-179 रन बनाने पर 86 रन से जीत जरूरी  • 180-204 रन बनाने पर 87 रन से जीतना होगा  • 205-228 रन के स्कोर पर 88 रन से जीत चाहिए  अगर SRH लक्ष्य का पीछा करती है तो उसे 100-162 रन का टारगेट 11.1 ओवर में हासिल करना होगा। इस मुकाबले का नतीजा तय करेगा कि क्वालीफायर-1 में कौन सी टीमें भिड़ेंगी।

Anjali Kumari मई 22, 2026 0
Sai Sudharsan and Kagiso Rabada lead IPL 2026 Orange and Purple Cap race after Gujarat Titans win

IPL 2026 Orange-Purple Cap Race: साई सुदर्शन फिर बने नंबर-1, रबाडा ने भुवनेश्वर की बराबरी की

Chennai Super Kings captain Ruturaj Gaikwad during IPL 2026 match after BCCI fined team for slow over rate.

IPL 2026: हार के बाद CSK पर टूटा BCCI का कहर, रुतुराज गायकवाड़ समेत पूरी टीम पर भारी जुर्माना

Young cricketer Vaibhav Suryavanshi batting during IPL 2026 as Dinesh Karthik advises against Sachin comparisons.

वैभव सूर्यवंशी की तुलना सचिन तेंदुलकर से न करें, दिनेश कार्तिक ने दी बड़ी सलाह

RCB and Sunrisers Hyderabad players prepare for crucial IPL 2026 clash at Rajiv Gandhi International Stadium
IPL 2026: टॉप स्पॉट पक्का करने उतरेगी RCB, सनराइजर्स के सामने क्वालीफायर-1 में पहुंचने की बड़ी चुनौती

Indian Premier League में शुक्रवार को एक हाई-वोल्टेज मुकाबला खेला जाएगा, जहां Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला हैदराबाद के Rajiv Gandhi International Cricket Stadium में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। यह मुकाबला सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्लेऑफ की तस्वीर भी तय कर सकता है। RCB जहां अंक तालिका में नंबर-1 स्थान पक्का करने उतरेगी, वहीं सनराइजर्स की नजर टॉप-2 में जगह बनाकर क्वालीफायर-1 खेलने पर होगी। RCB के पास टॉप पर बने रहने का मौका डिफेंडिंग चैंपियन Royal Challengers Bengaluru फिलहाल 18 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर बनी हुई है। टीम का रन रेट भी मजबूत है। अगर बेंगलुरु इस मुकाबले में जीत दर्ज कर लेती है, तो उसका पहला स्थान लगभग तय हो जाएगा। टॉप-2 में रहने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टीम को फाइनल में पहुंचने के लिए दो मौके मिलेंगे। यही वजह है कि RCB इस मैच को किसी भी कीमत पर जीतना चाहेगी। हैदराबाद के सामने मुश्किल चुनौती Sunrisers Hyderabad ने अब तक 13 मैचों में 16 अंक हासिल किए हैं और टीम फिलहाल तीसरे स्थान पर है। दूसरे नंबर पर मौजूद गुजरात टाइटंस के भी 16 अंक हैं, लेकिन बेहतर रन रेट के कारण गुजरात आगे है। ऐसे में हैदराबाद को सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी ताकि उसका नेट रन रेट बेहतर हो सके और टीम क्वालीफायर-1 में जगह बना सके। हेड टू हेड रिकॉर्ड आईपीएल इतिहास में दोनों टीमें अब तक 26 बार भिड़ चुकी हैं। सनराइजर्स हैदराबाद की जीत: 13 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत: 12 बेनतीजा मैच: 1 इस सीजन में दोनों टीमों की यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले 28 मार्च को खेले गए मुकाबले में RCB ने हैदराबाद को 6 विकेट से हराया था। पिच रिपोर्ट Rajiv Gandhi International Cricket Stadium की पिच बल्लेबाजों के लिए काफी मददगार मानी जाती है। यहां की सतह सपाट है और बाउंड्री छोटी होने के कारण बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं। हालांकि मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिन गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिलने लगती है, जिससे मिडिल ओवर्स में विकेट गिर सकते हैं। संभावित प्लेइंग 12 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु Rajat Patidar (कप्तान) Virat Kohli Devdutt Padikkal Venkatesh Iyer Tim David Jitesh Sharma Romario Shepherd Krunal Pandya Bhuvneshwar Kumar Rasikh Salam Josh Hazlewood Jacob Duffy सनराइजर्स हैदराबाद Pat Cummins (कप्तान) Abhishek Sharma Travis Head Ishan Kishan Heinrich Klaasen सलिल अरोड़ा आर स्मरण Nitish Kumar Reddy शिवांग कुमार ईशान मलिंगा साकिब हुसैन प्रफुल्ल हिंगे

surbhi मई 22, 2026 0
IPL- 2026

IPL- 2026: CSK की हार के बाद BCCI का बड़ा एक्शन, ऋतुराज समेत पूरी टीम पर जुर्माना

IPL 2026

IPL 2026-कोलकाता ने मुंबई को 4 विकेट से हराया  मनीष ने 45 रन बनाए, ग्रीन, कार्तिक और दुबे को 2-2 विकेट

FIFA World Cup

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में बन सकता है इतिहास, मेसी-रोनाल्डो समेत ये 3 खिलाड़ी खेलेंगे छठा विश्व कप

Phil Salt expected to rejoin Royal Challengers Bengaluru ahead of IPL playoffs after recovering from finger injury
आरसीबी के लिए खुशखबरी, फिल सॉल्ट की IPL में वापसी तय

Phil Salt जल्द ही आईपीएल में वापसी करने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक Royal Challengers Bengaluru के स्टार ओपनर इस हफ्ते के आखिर तक भारत लौट सकते हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि वह शुक्रवार को Sunrisers Hyderabad के खिलाफ मुकाबले में खेलेंगे या नहीं। उंगली की चोट के कारण थे बाहर फिल सॉल्ट 18 अप्रैल को Delhi Capitals के खिलाफ मैच के दौरान चोटिल हो गए थे। बाउंड्री बचाने की कोशिश में डाइव लगाते समय उनके बाएं हाथ की उंगली में चोट लगी थी। इसके बाद से वह लगातार टीम से बाहर चल रहे थे। चोट के बाद सॉल्ट इंग्लैंड लौट गए थे, जहां उन्होंने परिवार के साथ समय बिताते हुए रिकवरी पर ध्यान दिया। प्लेऑफ में पहुंच चुकी है RCB फिल सॉल्ट की गैरमौजूदगी के बावजूद आरसीबी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई कर लिया है। टीम के क्वालिफायर-1 में पहुंचने की संभावना भी काफी मजबूत मानी जा रही है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट प्लेऑफ से ठीक पहले कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगा। यही वजह है कि अगर सॉल्ट पूरी तरह फिट नहीं होते हैं तो उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ आराम दिया जा सकता है। जैकब बेथेल नहीं छोड़ पाए खास असर सॉल्ट की जगह इंग्लैंड के ही Jacob Bethell को मौका मिला था, लेकिन वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने पिछले सात मैचों में सिर्फ 96 रन बनाए और उनका सर्वोच्च स्कोर 27 रन रहा। अब उनकी जगह पर खतरा मंडराता दिख रहा है, खासकर तब जब Venkatesh Iyer ने पंजाब किंग्स के खिलाफ शानदार नाबाद 73 रन की पारी खेलकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। कप्तान रजत पाटीदार की भी वापसी संभव आरसीबी के कप्तान Rajat Patidar भी जल्द वापसी कर सकते हैं। पिछले मैच में Kartik Tyagi की तेज बाउंसर हेलमेट पर लगने के बाद वह धर्मशाला नहीं गए थे। स्टैंड-इन कप्तान Jitesh Sharma ने मैच के बाद बताया कि पाटीदार की हालत अब बेहतर है और वह शुक्रवार के मैच तक टीम से जुड़ सकते हैं। अगर फिल सॉल्ट और रजत पाटीदार दोनों वापसी करते हैं, तो प्लेऑफ से पहले आरसीबी के सामने प्लेइंग इलेवन को लेकर दिलचस्प चयन चुनौती खड़ी हो सकती है।  

surbhi मई 20, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi touches Sanjiv Goenka’s wife’s feet after explosive IPL innings for Rajasthan Royals

विस्फोटक पारी के बाद वैभव सूर्यवंशी ने जीता दिल, संजीव गोयनका की पत्नी के पैर छूकर लिया आशीर्वाद

Kolkata Knight Riders and Mumbai Indians players ahead of crucial IPL 2026 playoff clash at Eden Gardens

प्लेऑफ की उम्मीद बचाने उतरेगी केकेआर, आज मुंबई से करो या मरो की भिड़ंत

IPL 2026

IPL- राजस्थान ने लखनऊ को 7 विकेट से हराया, सूर्यवंशी ने 93 रन बनाए, जुरेल का अर्धशतक

0 Comments

Top week

Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
राष्ट्रीय

भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?