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FIFA Final Halftime Show Debate

फीफा विश्व कप 2026 फाइनल का हाफटाइम शो बना बहस का मुद्दा, 27 मिनट के ब्रेक पर उठे सवाल

surbhi जुलाई 20, 2026 0
FIFA World Cup 2026 halftime show featuring BTS and global artists during the final, sparking debate over the extended break.
FIFA World Cup 2026 Final Halftime Show Debate

फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला सिर्फ मैदान पर हुए रोमांच के लिए ही नहीं, बल्कि अपने भव्य हाफटाइम शो को लेकर भी चर्चा में है। पहली बार विश्व कप फाइनल के दौरान आधिकारिक हाफटाइम एंटरटेनमेंट शो आयोजित किया गया, जिसमें दुनिया के कई मशहूर कलाकारों ने प्रस्तुति दी। हालांकि शानदार प्रदर्शन के बावजूद 27 मिनट से अधिक लंबे हाफटाइम ब्रेक ने फुटबॉल जगत में नई बहस छेड़ दी है।

पूर्व खिलाड़ियों और प्रशंसकों का एक वर्ग इसे फुटबॉल की परंपरा के खिलाफ मान रहा है, जबकि कई लोग इसे खेल और मनोरंजन के आधुनिक मेल के रूप में देख रहे हैं।

BTS की वापसी ने लूटी महफिल

हाफटाइम शो का सबसे बड़ा आकर्षण दक्षिण कोरिया के लोकप्रिय के-पॉप ग्रुप BTS की वापसी रही। सैन्य सेवा पूरी करने के बाद समूह पहली बार किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक साथ नजर आया।

सातों सदस्यों ने अपने लोकप्रिय गीत 'Dynamite' पर ऊर्जा से भरपूर प्रस्तुति दी। वर्ल्ड कप थीम वाली लाल पोशाकों में सजे कलाकारों ने स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों और दुनियाभर के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

कई अंतरराष्ट्रीय सितारों ने बढ़ाई शो की चमक

हाफटाइम शो में मैडोना, जस्टिन बीबर, शकीरा, बर्ना बॉय समेत कई वैश्विक कलाकारों ने भी प्रस्तुति दी।

फाइनल मुकाबले की शुरुआत अमेरिकी गायिका जेनिफर हडसन द्वारा राष्ट्रगान प्रस्तुत करने से हुई। इसके बाद हॉलीवुड अभिनेता टॉम क्रूज ने दर्शकों को संबोधित करते हुए फुटबॉल को दुनिया को जोड़ने वाला खेल बताया।

इटली की मशहूर गायिका लौरा पॉसिनी ने भी इस आयोजन को अपने करियर के सबसे यादगार अनुभवों में से एक बताया। उन्होंने रॉबी विलियम्स के साथ मंच साझा करने को बेहद खास पल बताया।

27 मिनट का ब्रेक बना विवाद की वजह

जहां हाफटाइम शो की भव्यता की सराहना हुई, वहीं इसका लंबा समय विवाद का कारण बन गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, फाइनल मैच के दौरान हाफटाइम ब्रेक 27 मिनट 22 सेकंड तक चला, जबकि इंटरनेशनल फुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड (IFAB) के नियमों के अनुसार सामान्य तौर पर हाफटाइम इंटरवल 15 मिनट का होता है।

लंबे ब्रेक को लेकर कई फुटबॉल विशेषज्ञों ने सवाल उठाए कि इससे खिलाड़ियों की लय और मैच की गति प्रभावित हो सकती है।

वेन रूनी ने जताई नाराजगी

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान वेन रूनी ने हाफटाइम शो के प्रारूप पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि भले ही उन्हें प्रस्तुति देने वाले कई कलाकार पसंद हैं, लेकिन विश्व कप फाइनल का मुख्य आकर्षण फुटबॉल होना चाहिए।

रूनी की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कुछ प्रशंसकों का मानना है कि विश्व कप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में खेल को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जबकि अन्य लोगों ने इस तरह के शो को वैश्विक दर्शकों को जोड़ने और आयोजन को अधिक आकर्षक बनाने वाला कदम बताया।

खेल और मनोरंजन के बीच संतुलन पर चर्चा

फीफा विश्व कप 2026 का यह हाफटाइम शो खेल आयोजनों में मनोरंजन की बढ़ती भूमिका का संकेत माना जा रहा है। हालांकि, लंबे इंटरवल को लेकर उठे सवाल यह भी दिखाते हैं कि भविष्य में फीफा को दर्शकों के मनोरंजन और खेल की मूल भावना के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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चाइना ओपन 2026 बैडमिंटन टूर्नामेंट आज से शुरू, भारतीय शटलरों के प्रदर्शन पर रहेंगी निगाहें

चांगझोउ (चीन), एजेंसियां। प्रतिष्ठित चाइना ओपन सुपर 1000 बैडमिंटन टूर्नामेंट 2026 का आगाज़ आज से चीन के चांगझोउ में हो रहा है। दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों की मौजूदगी वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय शटलर भी दमदार चुनौती पेश करेंगे। पहले दिन क्वालिफिकेशन और शुरुआती दौर के मुकाबले खेले जाएंगे, जिन पर भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की खास नजर रहेगी।   भारतीय खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद   भारतीय दल में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कई युवा शटलर भी शामिल हैं। हाल के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में बेहतर प्रदर्शन के बाद भारतीय खिलाड़ियों से इस बार भी गहरे दौर तक पहुंचने की उम्मीद की जा रही है।   दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी होंगे आमने-सामने   सुपर 1000 श्रेणी के इस टूर्नामेंट में चीन, जापान, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, डेनमार्क और मलेशिया सहित कई देशों के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। विश्व रैंकिंग के लिहाज से यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों के लिए बेहद अहम माना जाता है।   ओलंपिक क्वालीफिकेशन की तैयारी का अहम मंच   विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रतियोगिता आगामी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों और ओलंपिक क्वालीफिकेशन की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को विश्व रैंकिंग में महत्वपूर्ण अंक हासिल होंगे।   भारतीय बैडमिंटन पर रहेंगी सबकी निगाहें   भारतीय बैडमिंटन संघ और खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि भारतीय शटलर इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेंगे। शुरुआती दौर के मुकाबलों के नतीजों पर पूरे टूर्नामेंट की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

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लंदन, एजेंसियां। भारत के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने अपने अंतरराष्ट्रीय संन्यास को लेकर चल रही अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में शानदार 138 रन की पारी खेलने के बाद रोहित ने स्पष्ट कहा कि उनका पूरा ध्यान भारत का प्रतिनिधित्व करने और टीम की सफलता में योगदान देने पर है।   "मेरा काम देश के लिए खेलना है"   मैच के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से बातचीत में रोहित शर्मा ने कहा कि उनका काम बल्लेबाजी करना और देश के लिए खेलना है। उन्होंने कहा कि बाहरी चर्चाओं से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और उनका फोकस केवल मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करने पर है।   लॉर्ड्स में खेली यादगार पारी   रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक वनडे में 110 गेंदों पर 138 रन की शानदार पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का एक यादगार शतक रहा और लंबे समय बाद उन्होंने तीन अंकों का आंकड़ा छुआ। हालांकि उनकी शानदार पारी के बावजूद भारत मैच और सीरीज जीतने से चूक गया।   अटकलों पर लगाया विराम   पिछले कुछ दिनों से ऐसी चर्चाएं चल रही थीं कि लॉर्ड्स वनडे रोहित शर्मा का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला हो सकता है। लेकिन उनके बयान के बाद इन अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। कप्तान शुभमन गिल ने भी कहा कि रोहित ने टीम को संन्यास के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।   आलोचनाओं पर भी दिया जवाब   रोहित शर्मा ने कहा कि क्रिकेट करियर की शुरुआत से ही उनके बारे में चर्चाएं और आलोचनाएं होती रही हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "अगर कोई शोर नहीं होगा, तो मजा भी नहीं आएगा।" उन्होंने दोहराया कि उनका लक्ष्य केवल भारतीय टीम की सफलता में योगदान देना है।

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Deepshikha जुलाई 14, 2026 0

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