1181 – केस्सिओपिया में सुपरनोवा देखा गया। 1265 – एवेशम की लड़ाई में ब्रिटेन के प्रिंस एडवर्ड ने साइमन डी मोंटफोर्ट को हराया। 1636 – जोहान मॉरिशस डच ब्राजील के गवर्नर बनाये गये। 1666 – नीदरलैंड और इंग्लैंड के बीच समुद्री लड़ाई हुई। 1730 - पर्शिया का क्राउन प्रिंस फ्रेडरिक इंग्लैंड से बल- बल बचा। 1753 - जॉर्ज वॉशिंगटन ने एक मास्टर मेसन बनाया। 1791 – सिस्टोवा समझौते के बाद ऑटोमन और हब्सबर्ग के बीच युद्ध की समाप्ति हुई। 1796 - फ्रेंच क्रांतिकारी युद्ध - लोनाना की लड़ाई: नेपोलियन के तहत इटली की फ्रांसीसी सेना एक ऑस्ट्रियाई ब्रिगेड को कुचल दिया। 1862 - अमेरिकी सरकार ने अपना पहला आय कर एकत्र करने का आदेश दिया। 1870 – ब्रिटिश रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना हुई। 1886 – कोलंबिया ने संविधान अंगीकार किया। 1914 – प्रथम विश्वयुद्ध में जर्मनी ने बेल्जियम और ब्रिटेन ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। 1914 - इंग्लैंड द्वारा जर्मनी के विरुद्ध युद्ध की घोषणा। 1915 – प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जर्मन सेना ने वारसॉ पर क़ब्ज़ा कर लिया। 1930 – यूरोपीय देश बेल्जियम में बाल मजदूर कानून बनाया गया। 1935 – भारत शासन अधिनियम 1935 को महारानी की स्वीकृति मिली। 1947 – जापान में सुप्रीमकोर्ट की स्थापना की गई। 1954 – पाकिस्तानी सरकार ने हफीज़ जालंधरी द्वारा लिखे गए गीत ‘पाक सरज़मीन’ को राष्ट्रगान के रूप में अपनाने पर सहमति दी। 1956 – भारत का पहला परमाणु अनुसंधान रिएक्टर 'अप्सरा' में शुरू हुआ। 1964 – दक्षिणी चीन में टोनकन खाड़ी में अमरीका और वियतनाम की युद्ध के दौरान अमरीका को पराजय हुई। अमरीका ने इसी बहाने उत्तरी वियतनाम के साथ युद्ध आरंभ कर दिया। 1967 – विश्व के सबसे लम्बे नागार्जुन सागर बांध का निर्माण हुआ। 1983 - थॉमस संकर अपर वोल्टा के राष्ट्रपति बने। 1997 – मोहम्मद ख़ातेमी ईरान के राष्ट्रपति बने। 1999 - चीन ने अमेरिकी सेना के विमानों की नियमित उड़ानों को हांगकांग में उतरने की अनुमति देने से इंकार किया। 2001 - रूस व उत्तरी कोरिया में सामरिक समझौता। 2004 - 'नासा' ने एल्टिक्स सुपर कम्प्यूटर केसी को *_कल्पना चावला_* नाम दिया। 2007 - मंगल ग्रह की खोज के लिए फ़ीनिक्स मार्स लैंडर नामक एक अमेरिकी अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण किया गया। 2008 - सरकार ने भारतीय जहाजरानी निगम (एससीआई) को नवरत्न का दर्जा प्रदान किया। 2014 - हमास और इसराइल के लिए 72 घंटों के लिये युद्धविराम पर सहमत किया। 2019 - भारत ने ओडिशा में चांदीपुर स्थित परीक्षण रेंज से ऑल-वेदर और ऑल-टेरेन क्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल (क्यूआरएसएम) का सफल परीक्षण किया। 2019 - फ्रांस के फ्रैंकी जपाटा ने उड़ने वाले एक होवरबोर्ड की मदद से फ्रांस और ब्रिटेन के बीच इंग्लिश चैनल को पार किया। 2020 - बेरूत. लेबनान की राजधानी बेरूत में आज शाम हुए भीषण बम धमाकों में मृतकों की संख्या 100 तक पहुंची और लगभग 4,000 लोग घायल हुए । 2020 - केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से असम के लिए 24 घंटे समर्पित चैनल दूरदर्शन असम का शुभारंभ किया। 2021 - भारत ने लद्दाख में दुनिया की सबसे ऊंची (19,300 फुट की ऊंचाई) सड़क बनाई , बोलीविया का रिकॉर्ड तोड़ा। 2021 - भारतीय नौसेना की डिजाइन टीम द्वारा डिज़ाइन किया गया और @cslcochinद्वारा निर्मित स्वदेशी विमान वाहक 'विक्रांत' ने अपनी पहली समुद्री यात्रा की। 2022 - मालदीव के राष्ट्रपति की भारत की आधिकारिक यात्रा सम्पन्न हुई। 2022 - दक्षिण कोरिया ने चंद्रमा के लिए अपना पहला अंतरिक्ष यान लॉन्च किया। 2022 - स्वदेश में निर्मित लेजर-गाइडेड टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल - ATGM का महाराष्ट्र में सफलतापूर्वक परीक्षण किया। 2022 - चीन ने ताइवान को घेरने के लिए अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया , बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और लड़ाकू जेट और युद्धपोत तैनात किए। 2022 - संयुक्त राज्य अमेरिका ने मंकीपाक्स को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया। 2023 - लोकसभा ने अंतर-सेवा संगठन (कमांड, नियंत्रण और अनुशासन) विधेयक - 2023 पारित कर दिया। 2023 - केदारनाथ के गौरीकुंड में तेज बारिश में दो ढाबे और एक खोखा बह जाने से 19 लोगों में तीन के शव बरामद जबकि 16 अन्य लापता हुए। 2023 - जम्मू कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों से मुठभेड़ में 3 जवान शहीद हुए। 2023 - कोयला मंत्रालय ने कोयला ब्लॉक नीलामी का 7वां चरण सफलतापूर्वक पूरा किया। 2023 - टाइफून खानुन के कारण चीनी शहर शीआन में भूस्खलन से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। 2024 - पेरिस ओलंपिक में तैराक बॉबी फिन्के द्वारा पुरुषों की 1,500 मीटर फ्रीस्टाइल में 14:30.67 का समय निर्धारित करने और रेगन स्मिथ, लिली किंग, ग्रेटच की 4 x 100 मीटर मेडले रिले टीम के साथ दोहरे अमेरिकी विश्व रिकॉर्ड बने। 2024 - भारतीय हॉकी टीम सेमीफाइनल में पहुंची, ब्रिटेन को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराया। 2024 - MP में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान ढही दीवार से नौ बच्चों की दर्दनाक मौत हुई। 2024 - बिहार के हाजीपुर में DJ हाई टेंशन तार की चपेट आने से 8 कांवड़ियों की मौत हुई व कई झुलसे। 2025 - फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनांड आर. मार्कोस जूनियर नई दिल्ली पहुंचे। 2025 - भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए ओवल क्रिकेट टेस्ट मैच में भारत ने इंग्लैंड को 6 रन से रोमांचक शिकस्त दी। 4 अगस्त को जन्मे व्यक्ति 1522 ई.- राणा उदयसिंह, मेवाड़ के शासक और महाराणा प्रताप के पिता। 1664 – संगीतज्ञ लुईस लुली का पेरिस में जन्म हुआ। 1730 ई. - सदाशिवराव भाऊ, भारतीय इतिहास में प्रसिद्ध एक मराठा वीर थे। 1792 – ब्रिटेन के प्रख्यात कवि परसी बीश शेली (Percy Bysshe Shelley) का जन्म हुआ। 1805 – आयरलैंड के गणितज्ञ विलियम रोवन हैमिल्टन। 1845 - फ़िरोजशाह मेहता - भारतीय राजनेता तथा बंबई नगरपालिका के संविधान (चार्टर) के निर्माता। 1875 – बच्चों के लिए खूबसूरत कहानियां लिखने वाले हैन्स क्रिश्चियन एंडरसन। 1906 - डॉ॰ यशवंत सिंह परमार भारत के राजनेता एवं स्वतंत्रता-संग्राम सेनानी थे। 1924 - इन्दु प्रकाश पाण्डेय, साहित्यकार । 1929 – अभिनेता, गायक, निर्देशक किशोर कुमार का जन्म मध्यप्रदेश के खंडवा शहर में एक बंगाली परिवार (गांगुली) में हुआ। 1931 - नरेन तमहाने,पूर्व भारतीय क्रिकेटर । 1944 - दिलीप प्रभावालकर एक भारतीय अभिनेता, निर्देशक, नाटककार और लेखक। 1950 - नटेसन कृष्णासामी रंगासामी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्यमंत्री बने। 1961- बराक ओबामा- अमेरिका के प्रथम अश्वेत एवं 44वें राष्ट्रपति रहे हैं। 1967 - अरबाज़ ख़ान - हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता। 1971 - महेंद्र भट्ट उत्तराखंड विधान सभा के पूर्व सदस्य। 2002 - अनुष्का सेन एक भारतीय बाल कलाकार है। 4 अगस्त को हुए निधन 1937 - काशी प्रसाद जायसवाल - भारत के प्रसिद्ध इतिहासकार एवं पुरातत्त्व के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वान। 1981 - परशुराम मिश्रा एक भारतीय वनस्पतिशास्त्री, शिक्षाविद और संबलपुर विश्वविद्यालय के पहले कुलपति थे। 2006 - नंदिनी सत्पथी - उड़ीसा की महिला मुख्यमंत्री तथा लेखिका। 2019 - अनंत सीतलवाड़ एक क्रिकेट कमेंटेटर का निधन मुंबई में हुआ। 2020 - इब्राहिम अल्काज़ी - भारतीय रंगमंच के प्रसिद्ध निदेशक और नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा के पूर्व निदेशक थे। 2021 - पद्मा सचदेव एक भारतीय कवयित्री और उपन्यासकार थीं। 2022 - पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बॉक्सिंग विश्व चैंपियन जॉनी फेमचॉन (77) का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी विधिवेत्ता चार्ल्स ओग्लेट्री (70) का निधन हुआ। 2023 - ब्रिटिश कीबोर्डवादक, पियानोवादक और गायक जॉन "द बैप्टिस्ट" गोस्लिंग (75) का निधन हुआ। 2023 - न्यूज़ीलैंडर रग्बी यूनियन प्लेयर (81) का निधन हुआ। 2024 - इंग्लैंड के क्रिकेट बल्लेबाज ग्राहम थोर्प (55) की आत्महत्या से मृत्यु हुई। 2024 - चीनी-अमेरिकी भौतिक विज्ञानी त्सुंग-दाओ ली (97) का निधन हुआ। 2025 - झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन (81) का निधन हुआ। 4 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव मेला श्री नुणाई (जौनसार बावर, उ. खण्ड)। चेहल्लुम (मुस्लिम)। श्री रामजीबाबा पुण्यतिथि-मोर्शी (अमरावती)। श्री राणा उदयसिंह जयन्ती। महान गायक श्री किशोर कुमार जयन्ती। श्री नटेसन कृष्णासामी रंगासामी जन्म दिवस। श्रीमती नंदिनी सत्पथी स्मृति दिवस। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।