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D4vd Case Takes Shocking New Turn

अमेरिका में बड़ा सनसनीखेज मामला: मर्डर के आरोपी सिंगर D4vd के iCloud से मिला चाइल्ड पोर्न, अदालत में खुलासा

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
Singer D4vd appears in court as shocking iCloud evidence emerges in murder investigation
D4vd Murder Case iCloud Evidence

14 साल की लड़की की हत्या केस में नए गंभीर आरोप

अमेरिका में इंडी पॉप सिंगर D4vd (असली नाम डेविड बर्क) से जुड़े हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में नया मोड़ सामने आया है। कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने दावा किया है कि आरोपी के iCloud अकाउंट और फोन से बड़ी मात्रा में चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) मिला है।

21 वर्षीय सिंगर पर 14 साल की लड़की सेलिस्टे रिवास हर्नांडेज़ की हत्या का आरोप है, जिनके शरीर के टुकड़े सितंबर 2025 में उनकी टेस्ला कार से बरामद हुए थे।

अदालत में खुलासा: iCloud में 8 टेराबाइट डेटा

लॉस एंजिल्स कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजकों ने बताया कि आरोपी के डिजिटल डिवाइसेज़ से “अत्यंत विशाल मात्रा” में डेटा मिला है।

  • iCloud अकाउंट में लगभग 8 टेराबाइट डेटा पाया गया
  • अभी तक केवल 1 टेराबाइट डेटा की जांच पूरी हुई है
  • बाकी डेटा में क्या है, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है

अधिकारियों के अनुसार, डेटा की मात्रा इतनी अधिक है कि जांच में काफी समय लग रहा है।

संवेदनशील डिजिटल सबूत, सुरक्षित सिस्टम पर जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि सभी डिजिटल फाइलें सीधे वकीलों को नहीं दी जा सकतीं।

इसके बजाय, बचाव पक्ष के वकीलों को विशेष सुरक्षित सिस्टम के जरिए न्यायिक सुविधा केंद्र में जाकर सबूत देखने की अनुमति दी जा रही है।

इसके अलावा वायरटैप रिकॉर्डिंग और ग्रैंड जूरी गवाही जैसे अन्य डिजिटल सबूत भी अभी सील (sealed) हैं और जल्द खुल सकते हैं।

हत्या का आरोप और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के खुलासे

प्रोसीक्यूटर्स के अनुसार, पीड़िता सेलिस्टे हर्नांडेज़ की मौत कई गंभीर चोटों के कारण हुई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि:

  • शरीर पर तेज धार वाले हथियार से कई वार किए गए
  • छाती, पेट और लिवर को गंभीर नुकसान हुआ
  • शरीर के अंगों को क्षत-विक्षत किया गया
  • सटीक मृत्यु समय अभी तक स्पष्ट नहीं है

कैसे सामने आया मामला?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता का शव सितंबर 2025 में एक टेस्ला कार से बरामद हुआ था, जो आरोपी सिंगर के नाम पर रजिस्टर्ड थी। यह कार कई हफ्तों से एक इलाके में खड़ी थी।

स्थानीय लोगों को बदबू आने पर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद जांच में यह भयावह मामला सामने आया।

रिश्ते और अपहरण की जांच भी जारी

जांच एजेंसियों ने यह भी दावा किया है कि आरोपी और पीड़िता के बीच कथित तौर पर संबंध थे। हालांकि यह पहलू अभी अदालत में जांच के अधीन है।

पीड़िता पहले अप्रैल 2024 से लापता थी, और उसके लापता होने से लेकर घटनास्थल तक पहुंचने की पूरी कड़ी अभी स्पष्ट नहीं है।

आरोपी ने आरोपों से किया इनकार

डेविड बर्क ने कोर्ट में खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने हत्या, यौन अपराध और शव को क्षत-विक्षत करने जैसे सभी आरोपों से इनकार किया है।

डिजिटल सबूतों से गहराता केस

यह मामला अब केवल हत्या तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि भारी मात्रा में डिजिटल सबूतों और गंभीर आपराधिक आरोपों की वजह से और जटिल होता जा रहा है। जांच एजेंसियां अब iCloud डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के आधार पर केस को आगे बढ़ा रही हैं।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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'भारत ने अपने पूर्व शासक ब्रिटेन को भी पीछे छोड़ दिया', सिंगापुर के पूर्व राजनयिक किशोर महबूबानी ने की भारतीय अर्थव्यवस्था की तारीफ

सिंगापुर के पूर्व वरिष्ठ राजनयिक और भू-राजनीतिक विशेषज्ञ Kishore Mahbubani ने भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत की अर्थव्यवस्था ब्रिटेन से बड़ी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद भारत ने उल्लेखनीय विकास किया है और आने वाले दशकों में उसकी अर्थव्यवस्था और तेज़ी से बढ़ेगी। भारत की विकास यात्रा को बताया 'असली कमाल' एक कार्यक्रम के दौरान किशोर महबूबानी ने कहा कि दुनिया का ध्यान अक्सर चीन की आर्थिक सफलता पर केंद्रित रहता है, जबकि भारत की विकास गाथा भी उतनी ही प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि लगभग 100 साल पहले भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था, लेकिन आज वही भारत आर्थिक आकार के मामले में ब्रिटेन से आगे निकल चुका है। 2050 तक ब्रिटेन से चार गुना बड़ी हो सकती है भारतीय अर्थव्यवस्था महबूबानी ने दावा किया कि मौजूदा रुझान जारी रहे तो वर्ष 2050 तक भारत की अर्थव्यवस्था ब्रिटेन की तुलना में लगभग चार गुना बड़ी हो सकती है। उनके अनुसार यह बदलाव भारत की आर्थिक क्षमता और दीर्घकालिक विकास का संकेत है। 'भारत और चीन का दबदबा कोई नई बात नहीं' उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 2,000 वर्षों में से करीब 1,800 वर्षों तक भारत और चीन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहे हैं। इसलिए दोनों देशों का दोबारा वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभरना कोई असामान्य घटना नहीं है। भारत ने बदली वैश्विक धारणा महबूबानी ने कहा कि लंबे समय तक दुनिया भारत को गरीबी के नजरिए से देखती रही, लेकिन अब यह धारणा तेजी से बदल रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था भारत से लगभग साढ़े तीन गुना बड़ी थी, जबकि आज भारत उसे पीछे छोड़ चुका है। भारत-चीन को लेकर बढ़ रही वैश्विक चर्चा हाल के वर्षों में भारत और चीन की बढ़ती आर्थिक और रणनीतिक ताकत को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हुई है। इसी संदर्भ में महबूबानी ने कहा कि एशियाई देशों का उभार वैश्विक आर्थिक संतुलन में ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है।  

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Iran US Conflict: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) से जुड़े केंद्रों पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ली है। ईरानी सरकारी मीडिया का कहना है कि यह कार्रवाई हालिया अमेरिकी सैन्य अभियानों के जवाब में की गई। जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमला ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और CENTCOM से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, हमले से हुए नुकसान और हताहतों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि अधिकांश मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया। ट्रंप का कड़ा संदेश हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका इस कार्रवाई का करारा जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने अधिकांश मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया और जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रहे तो अमेरिका बड़े सैन्य अभियान से पीछे नहीं हटेगा। IRGC का दावा- जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी IRGC ने अपने बयान में कहा कि जब तक अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और धमकियां बंद नहीं करता, तब तक उसका प्रतिरोध जारी रहेगा। ईरान ने अमेरिका पर क्षेत्र में अवैध हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपने हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए हर हमले का जवाब देगा। इराक में अमेरिका-सऊदी की संयुक्त कार्रवाई इस बीच अमेरिकी CENTCOM ने जानकारी दी कि अमेरिका और सऊदी अरब की वायुसेनाओं ने इराक में ईरान समर्थित ठिकानों पर संयुक्त सटीक हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन ठिकानों का इस्तेमाल हथियारों के भंडारण और ड्रोन हमलों की तैयारी के लिए किया जा रहा था। अमेरिका का दावा है कि पिछले 72 घंटों में उसके सैन्य ठिकानों और सहयोगी देशों के प्रतिष्ठानों पर 30 से अधिक ड्रोन हमले किए गए, जिन्हें सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया। मध्य पूर्व में बढ़ा युद्ध का खतरा लगातार मिसाइल हमलों, जवाबी हवाई अभियानों और दोनों पक्षों की आक्रामक चेतावनियों के बाद पूरे मध्य पूर्व में बड़े सैन्य संघर्ष की आशंका और गहरा गई है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान समर्थित समूहों की ओर से हमले जारी रहे तो और अधिक कठोर सैन्य कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ईरान ने भी अपने रुख में किसी नरमी के संकेत नहीं दिए हैं। ऐसे में क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास नहीं हुए तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है।  

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ब्रिटेन में भीषण गर्मी और पानी की कमी के बाद सूखाग्रस्त इलाका
ब्रिटेन में गहराया सूखे का संकट, आधे इंग्लैंड में आधिकारिक तौर पर सूखा घोषित

रिकॉर्ड कम बारिश और भीषण गर्मी से जल संकट गहराया   लंदन, एजेंसियां। ब्रिटेन में सूखे का संकट लगातार गहराता जा रहा है। सरकार की पर्यावरण एजेंसी ने आधे इंग्लैंड को आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त (Drought) घोषित कर दिया है। लगातार रिकॉर्ड कम बारिश और कई दौर की भीषण गर्मी के कारण नदियों, जलाशयों और भूजल स्तर में तेज गिरावट दर्ज की गई है।   लाखों लोगों पर जल संकट का असर   सूखे की स्थिति के चलते इंग्लैंड के कई हिस्सों में पाइप से पानी के उपयोग (Hosepipe Ban) पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। इससे लाखों लोगों को पानी के इस्तेमाल में कटौती करनी पड़ रही है। सरकार ने नागरिकों से पानी की बचत करने और अनावश्यक उपयोग से बचने की अपील की है।   खेती और पर्यावरण पर बढ़ा खतरा   सूखे का असर कृषि, पशुपालन और वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। कई नदियों का जलस्तर सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है, जबकि फसलों और वन क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो खाद्य उत्पादन और पर्यावरणीय संतुलन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।   सरकार ने जल संरक्षण पर दिया जोर   ब्रिटिश सरकार और पर्यावरण एजेंसी ने जल संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक जल अवसंरचना, नए जलाशयों के निर्माण और जल रिसाव कम करने की योजनाओं पर काम तेज करने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण भविष्य में ऐसी चरम मौसम घटनाएं और अधिक देखने को मिल सकती हैं।  

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