बिहार

Sugar Prices Rise to ₹70/kg in Bihar

त्योहारों से पहले चीनी ने बढ़ाई मिठास की कीमत, 70 रुपये किलो तक पहुंचा भाव; बिगड़ने लगा घर का बजट

surbhi अगस्त 21, 2026 0
Sugar prices rise to ₹70 per kg in Bihar ahead of festive season, increasing household expenses
Bihar Sugar Price Rise

त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बिहार के चेनारी बाजार में चीनी का खुदरा भाव 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है, जबकि थोक बाजार में इसकी कीमत करीब 65 रुपये किलो बताई जा रही है। त्योहारों के दौरान मिठाई और घर के पकवानों में चीनी की खपत बढ़ने से इसका असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ने की आशंका है।

थोक में 65, खुदरा बाजार में 70 रुपये किलो

स्थानीय कारोबारियों के मुताबिक चीनी के दाम में लगातार तेजी देखी जा रही है। फिलहाल थोक बाजार में करीब 65 रुपये और खुदरा बाजार में 70 रुपये प्रति किलो तक भाव पहुंच गया है।

कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, कीमतों में आगे कितना बदलाव होगा, यह बाजार की मांग और आपूर्ति पर निर्भर करेगा।

त्योहारों में बढ़ जाती है चीनी की मांग

रक्षाबंधन और कृष्ण जन्माष्टमी जैसे त्योहारों के दौरान घरों में मिठाई, खीर, हलवा और दूसरे पकवान बनाने की परंपरा है। इस वजह से इस समय चीनी की मांग सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है।

ऐसे में कीमतों में मौजूदा तेजी का असर त्योहारों की खरीदारी पर पड़ सकता है। खासकर उन परिवारों के लिए परेशानी बढ़ सकती है, जो घर पर बड़ी मात्रा में मिठाई और पकवान तैयार करते हैं।

पहले से महंगी रसोई, अब चीनी का भी झटका

स्थानीय गृहणियों का कहना है कि खाद्य तेल, दाल, सब्जियों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें पहले से ही घरेलू बजट पर दबाव डाल रही हैं। अब चीनी के दाम बढ़ने से त्योहारों की तैयारी का खर्च और बढ़ सकता है।

खुशबू सिंह, रूपा कुमारी और प्रिया कुमारी ने जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

मिठाई और पकवानों पर बढ़ेगा खर्च

कंचन देवी ने कहा कि त्योहारों पर बच्चों और परिवार के लिए मिठाई व पारंपरिक पकवान तैयार किए जाते हैं। ऐसे में चीनी के दाम बढ़ने का सीधा असर रसोई के खर्च पर पड़ेगा।

उन्होंने बाजार में खाद्य वस्तुओं की कीमतों की नियमित निगरानी करने और अनावश्यक मूल्य वृद्धि पर रोक लगाने की मांग की।

कांग्रेस नेता ने सरकार पर साधा निशाना

चीनी की बढ़ती कीमत को लेकर कांग्रेस नेता मंगल राम ने भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जरूरी सामान की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

उन्होंने दावा किया कि चीनी के भाव में करीब 20 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है और सरकार को महंगाई पर नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।

त्योहारी मौसम में चीनी की बढ़ती कीमत फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में बाजार भाव में क्या बदलाव होता है, इस पर लोगों और कारोबारियों दोनों की नजर रहेगी।




 

News 7

बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलेगी JEE-NEET की तैयारी, सरकार ने तैयार किया नया ब्लूप्रिंट

बिहार सरकार सरकारी स्कूलों के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी छात्रों को JEE और NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक संसाधन, मार्गदर्शन और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

मॉडल स्कूलों में JEE-NEET की मुफ्त तैयारी

सरकार की योजना के तहत मॉडल स्कूलों में JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन छात्रों को मिल सकता है, जो प्रतिभावान हैं, लेकिन आर्थिक कारणों से महंगी निजी कोचिंग नहीं कर पाते।

सरकार चाहती है कि सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए जरूरी माहौल और संसाधन मिलें।

सिर्फ पढ़ाई नहीं, सही मार्गदर्शन भी मिलेगा

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और बेहतर अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की योजना है।

इससे छात्रों को JEE और NEET जैसी परीक्षाओं के पैटर्न को समझने, नियमित अभ्यास करने और अपनी तैयारी का स्तर जांचने में मदद मिल सकती है।

24x7 डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म होगा मजबूत

सरकार डिजिटल शिक्षा को भी इस योजना का अहम हिस्सा बनाने जा रही है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के 24x7 इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया है।

इस प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों को स्टडी मटेरियल, विषय विशेषज्ञों की मदद और आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराने की योजना है। इसका फायदा खासकर ग्रामीण इलाकों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को मिल सकता है।

महंगी कोचिंग पर निर्भरता कम करने की कोशिश

JEE और NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ी संख्या में छात्र निजी कोचिंग संस्थानों का सहारा लेते हैं। इसकी फीस कई परिवारों के लिए बड़ा आर्थिक बोझ बन जाती है।

सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के छात्रों को स्कूल स्तर पर ही बेहतर तैयारी का विकल्प देना है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है।

लक्ष्य सिर्फ बोर्ड परीक्षा तक सीमित नहीं

सरकार की योजना का फोकस केवल बोर्ड परीक्षा के परिणाम बेहतर करने तक सीमित नहीं है। कोशिश है कि सरकारी स्कूलों के छात्रों को आगे की पढ़ाई और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जाए।

अगर मॉडल स्कूलों में मुफ्त कोचिंग, डिजिटल लर्निंग और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो बिहार के सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के नए रास्ते खुल सकते हैं।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

बिहार

View more
Hajipur Contractor Murder
हाजीपुर ठेकेदार हत्याकांड का खुलासा: 5 लाख में दी गई थी सुपारी, मुजफ्फरपुर में बनी थी साजिश

हाजीपुर। हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी खुर्द में ठेकेदार रामनरेश राय हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश मुजफ्फरपुर में रची गई थी और वारदात के लिए पांच लाख रुपये में सुपारी तय हुई थी। मामले में पुलिस ने पटना के दानापुर से दो आरोपियों रमेश कुमार और आदित्य प्रकाश को गिरफ्तार किया है।   मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई थी हत्या   रामनरेश राय 13 अगस्त की सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। कुमाही पोखर के पास दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल रामनरेश राय की मौत हो गयी थी। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गयी थी।   पांच लाख में तय हुई थी हत्या की सुपारी   पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार रमेश कुमार ने पूछताछ में बताया कि मुजफ्फरपुर के कुख्यात अपराधी छोटू राणा के साथ रामनरेश की हत्या के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इसमें एक लाख रुपये एडवांस दिए जाने की बात भी सामने आयी है। पुलिस अब इस साजिश से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।   दो बाइक पर पहुंचे थे शूटर   जांच में पुलिस को पता चला कि वारदात के दौरान दो मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस के अनुसार, आदित्य प्रकाश अपाचे और रमेश कुमार स्प्लेंडर बाइक चला रहा था। दोनों की भूमिका अन्य शूटरों को घटनास्थल तक पहुंचाने की बतायी गयी है।   पानी में छिपा दी थी बाइक   पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्प्लेंडर बाइक को घटना के दो दिन बाद सदर थाना क्षेत्र के चंद्रालय मठ के पास नदी के पानी से बरामद किया था। पुलिस के मुताबिक, बाइक को साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से पानी में डुबोकर रखा गया था।   SIT ने तकनीकी जांच से आरोपियों को पकड़ा   हत्याकांड की जांच के लिए सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में SIT गठित की गयी थी। टीम ने तकनीकी जांच और मानवीय सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद 19 अगस्त को दानापुर थाना क्षेत्र से दोनों को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया।   अन्य आरोपियों की तलाश जारी   पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस को साजिश से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। एसपी शुभांक मिश्रा ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस हत्या के पीछे की पूरी साजिश और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

anjali kumari अगस्त 21, 2026 0
New Amrit Bharat Express connecting Bhagalpur and Ahmedabad to begin regular weekly service from August 26

भागलपुर-अहमदाबाद के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस, 26 अगस्त से शुरू होगी सेवा; जानें पूरा रूट और टाइमिंग

Tejashwi Yadav meets family of Roshan Yadav after his death in Madhubani jail, demands impartial investigation

मधुबनी जेल में रोशन यादव की मौत पर गरमाई सियासत, तेजस्वी ने परिजनों से की मुलाकात; कार्रवाई की मांग

Bihar tightens noise pollution rules with restrictions on DJs, loudspeakers and pressure horns after 9:55 pm

बिहार में DJ और प्रेशर हॉर्न पर सख्ती, रात 9:55 के बाद बजाया तो होगी कार्रवाई

EOU raids BBOSE Deputy Director Ajay Kumar Singh’s properties over alleged disproportionate assets worth ₹3.43 crore
BBOSE डिप्टी डायरेक्टर के ठिकानों पर EOU की रेड, 3.43 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति का आरोप; जमीन से नोएडा फ्लैट तक खुलासा

पटना: बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (BBOSE) में तैनात शिक्षा विभाग के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के कई ठिकानों पर छापेमारी की। पटना, बेगूसराय और मीठापुर स्थित कार्यालय में हुई कार्रवाई के दौरान नकदी, गहने, बैंक खातों, जमीन और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी के अनुसार, अजय कुमार सिंह के पास उनकी ज्ञात आय के मुकाबले करीब 3.43 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति होने का आरोप है। EOU अब बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रही है। पिता के नाम 11 जमीन के दस्तावेज मिले EOU की टीम ने बेगूसराय के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के परोरा गांव स्थित अजय कुमार सिंह के पैतृक ठिकाने पर भी तलाशी ली। यहां से करीब 15.50 लाख रुपये नकद और लगभग 9.50 लाख रुपये के गहने मिलने की बात कही गई है। जांच के दौरान उनके पिता के नाम पर 11 भूखंडों के डीड भी मिले। इसके अलावा बैंक पासबुक, आभूषणों की खरीद से जुड़ी रसीदें और कई अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पैतृक परिसर से दो जेसीबी, दो ट्रैक्टर, एक बोलेरो और एक डीजी सेट मिलने की भी जानकारी सामने आई है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों और वाहनों की खरीद में इस्तेमाल रकम का स्रोत क्या था। पटना के मकान से भी लाखों की नकदी और जेवर पटना के खाजपुरा स्थित चंद्रतारा भवन में हुई तलाशी के दौरान भी EOU को बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण मिलने की बात सामने आई है। यहां से करीब 10.38 लाख रुपये नकद और लगभग 42 लाख रुपये मूल्य के जेवर बरामद होने की जानकारी है। जांच टीम को आठ बैंक खातों में करीब 18.50 लाख रुपये जमा होने का भी पता चला है। इसके साथ ही LIC और अन्य कंपनियों की पांच पॉलिसियों से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक, खाजपुरा में अजय कुमार सिंह का तीन मंजिला मकान है। अब इस मकान के निर्माण में खर्च हुई रकम और उसके स्रोत की भी जांच की जा रही है। नोएडा में 1442 वर्गफीट का फ्लैट भी जांच के घेरे में EOU की कार्रवाई के दौरान नोएडा की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक, नोएडा के सेक्टर-142 में 1442 वर्गफीट का एक फ्लैट अजय कुमार सिंह के नाम से बुक है। बताया गया है कि इस फ्लैट के लिए अब तक करीब 60 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। एजेंसी अब यह जांच कर रही है कि इस संपत्ति की खरीद के लिए रकम कहां से जुटाई गई। आय से करीब 90 फीसदी अधिक संपत्ति का आरोप अजय कुमार सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। EOU की प्रारंभिक जांच में उनकी ज्ञात आय की तुलना में करीब 90 प्रतिशत अधिक संपत्ति, यानी लगभग 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये की Disproportionate Assets होने की आशंका जताई गई है। इसी आधार पर मामला दर्ज करने के बाद जांच एजेंसी ने अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। बरामद दस्तावेजों की जांच के बाद संपत्ति का कुल मूल्य और बढ़ने की संभावना भी देखी जा रही है। पुराने विवादों की भी होगी पड़ताल अजय कुमार सिंह वर्ष 2005 में बिहार शिक्षा सेवा के तहत अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी के पद पर नियुक्त हुए थे। इससे पहले मुजफ्फरपुर में जिला शिक्षा पदाधिकारी के तौर पर उनकी तैनाती के दौरान भी खरीदारी से जुड़े मामलों में उन पर अनियमितता के आरोप लगे थे। सरकारी स्कूलों के लिए बेंच-डेस्क और सबमर्सिबल पंप की खरीद में कथित गड़बड़ी को लेकर जांच कमेटी भी गठित की गई थी। आरोपों में कुछ प्रधानाध्यापकों के फर्जी हस्ताक्षर के जरिए बिल भुगतान कराने की बात भी सामने आई थी। अब नई छापेमारी में मिले जमीन के कागजात, बैंक रिकॉर्ड, नकदी, आभूषण और दूसरी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। EOU की जांच पूरी होने के बाद संपत्ति और निवेश से जुड़े और भी खुलासे सामने आ सकते हैं।  

surbhi अगस्त 21, 2026 0
Bihar Student Credit Card loan limit reduced from ₹4 lakh to ₹2 lakh for higher education students

Bihar Student Credit Card: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में बड़ा बदलाव, अब 4 नहीं 2 लाख तक मिलेगा लोन; जानिए छात्रों पर क्या होगा असर

PM Awas Yojana beneficiaries receive new house keys as Bihar targets 11.18 lakh rural homes

PM Awas Yojana: अब बाइक और जमीन होने पर भी मिलेगा पक्का घर, बदले नियम; बिहार में 11.18 लाख नए मकानों का लक्ष्य

Patna Municipal Corporation rules for running shops, clinics and offices from residential properties under Master Plan 2031

पटना में घर से दुकान, क्लीनिक या ऑफिस चलाना पड़ सकता है भारी, नगर निगम के नोटिस से पहले जान लें ये नियम

Students and PhD scholars march in Patna protesting TRE-4 recruitment rules and university appointment policies
TRE-4 के खिलाफ 22 अगस्त को राजभवन मार्च, PhD स्कॉलर्स और छात्रों ने तेज किया आंदोलन

बिहार में शिक्षक भर्ती और उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों, रिसर्च स्कॉलर्स और गेस्ट फैकल्टी का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। TRE-4 की दो-स्तरीय परीक्षा का विरोध, असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती नियमों में बदलाव और लंबे समय से खाली पदों को भरने की मांग को लेकर 22 अगस्त को राजभवन मार्च निकाला जाएगा। 22 अगस्त को पटना में निकलेगा मार्च प्रदर्शनकारियों के अनुसार, 22 अगस्त को पटना के आर-ब्लॉक स्थित वीर कुंवर सिंह पार्क से मार्च शुरू होगा। इसके बाद प्रदर्शनकारी लोक भवन की ओर बढ़ेंगे। बिहार के अलग-अलग विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से रिसर्च स्कॉलर्स, छात्र और गेस्ट टीचर इसमें शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। ऑल Ph.D. होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन के संयोजक कुमुद पटेल ने कहा कि मार्च शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाएगा। संगठन का उद्देश्य सरकार के सामने भर्ती और उच्च शिक्षा से जुड़ी मांगों को मजबूती से रखना है। TRE-4 की दो-स्तरीय परीक्षा का विरोध आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग TRE-4 की दो-स्तरीय परीक्षा व्यवस्था को वापस लेना है। प्रदर्शनकारी शिक्षक भर्ती परीक्षा को सिंगल-लेवल कराने की मांग कर रहे हैं। बताया गया है कि TRE-4 के तहत 32,388 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए 1 सितंबर से आवेदन प्रक्रिया प्रस्तावित है। ऐसे में परीक्षा की प्रक्रिया को लेकर छात्रों का विरोध लगातार बढ़ रहा है। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में नियम बदलने की मांग PhD स्कॉलर्स और रिसर्चर्स ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी कई मांगें रखी हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि भर्ती में UGC Regulation 2018 के Table-3A को लागू किया जाए। उनका कहना है कि उम्मीदवारों का मूल्यांकन उनकी शैक्षणिक और पेशेवर उपलब्धियों के आधार पर 100 अंकों के पैमाने पर होना चाहिए। उनका विरोध केवल लिखित परीक्षा या स्क्रीनिंग के आधार पर चयन प्रक्रिया को लेकर भी है। आयु सीमा 43 से बढ़ाकर 55 साल करने की मांग रिसर्च स्कॉलर्स असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की अधिकतम आयु सीमा में भी बदलाव चाहते हैं। उनकी मांग है कि वर्तमान 43 वर्ष की सीमा को बढ़ाकर 55 वर्ष किया जाए। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति नियमित और स्थायी आधार पर करने की मांग उठाई गई है। बिहार डोमिसाइल और गेस्ट फैकल्टी का मुद्दा आंदोलनकारियों की मांगों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में बिहार के लिए डोमिसाइल नीति लागू करना भी शामिल है। इसके अलावा विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता में हस्तक्षेप रोकने की मांग की गई है। लंबे समय से काम कर रहे गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियमित नियुक्ति होने तक 65 वर्ष की उम्र तक सेवा का अवसर देने की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है। खाली पदों को भरने की मांग भी तेज आंदोलन अब केवल TRE-4 तक सीमित नहीं रह गया है। विभिन्न विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की मांग भी जोर पकड़ रही है। पटना के गर्दनीबाग में छात्र संगठनों का प्रदर्शन जारी है। यहां लाइब्रेरियन के रिक्त पदों पर जल्द भर्ती शुरू करने के साथ-साथ स्कूलों और कॉलेजों में संगीत शिक्षकों के खाली पद भरने की मांग भी उठ रही है। तेजस्वी यादव भी कर चुके हैं समर्थन TRE-4 को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव भी छात्रों के धरनास्थल पर पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने राजभवन मार्च किया और TRE-4 को सिंगल-लेवल परीक्षा के रूप में कराने की मांग का समर्थन किया। अब 22 अगस्त के प्रस्तावित मार्च पर सभी की नजर है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होने तक आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।  

surbhi अगस्त 21, 2026 0
Bihar government plans free JEE and NEET preparation with digital learning support for government school students

बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलेगी JEE-NEET की तैयारी, सरकार ने तैयार किया नया ब्लूप्रिंट

Sugar prices rise to ₹70 per kg in Bihar ahead of festive season, increasing household expenses

त्योहारों से पहले चीनी ने बढ़ाई मिठास की कीमत, 70 रुपये किलो तक पहुंचा भाव; बिगड़ने लगा घर का बजट

Bihar changes bagasse power rules, allowing small sugar mills to generate electricity from sugarcane waste

बिहार की चीनी मिलों को बड़ी राहत, गन्ने की खोई से बिजली बनाने के नियम बदले; छोटे प्लांटों को भी मौका

0 Comments

Top week

Lakhisarai Ashok Dham temple where seven women died after an electric shock during Sawan prayers
बिहार

लखीसराय के अशोक धाम में करंट का कहर, 7 महिलाओं की मौत; कई श्रद्धालु घायल, चार मृतकों की पहचान

surbhi अगस्त 17, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?