Psoriasis के इलाज में इस्तेमाल होने वाली systemic therapies को लेकर लंबे समय से यह चिंता बनी हुई है कि क्या ये दवाएं मरीजों में गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ाती हैं। अब ब्रिटेन के बड़े रियल-वर्ल्ड डेटा रजिस्टर BADBIR पर आधारित एक नई स्टडी ने इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि ज्यादातर systemic treatments के बीच गंभीर संक्रमण के खतरे में बहुत बड़ा अंतर नहीं दिखा, हालांकि कुछ दवाओं के साथ संक्रमण का जोखिम थोड़ा अधिक पाया गया।
यह अध्ययन British Association of Dermatologists Biologic Interventions Register (BADBIR) के डेटा पर आधारित था। इसमें Psoriasis से पीड़ित 18,976 वयस्क मरीजों के 46,770 treatment episodes का विश्लेषण किया गया।
मरीजों को इलाज शुरू होने से लेकर दवा बंद होने, मृत्यु या अंतिम फॉलो-अप तक ट्रैक किया गया।
इस स्टडी में “serious infection” उन मामलों को माना गया, जिनमें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, IV एंटीमाइक्रोबियल थेरेपी की जरूरत पड़ी या संक्रमण के कारण मृत्यु हुई।
अध्ययन में शामिल मरीजों की औसत आयु 45.6 वर्ष थी और औसत BMI 31.6 kg/m² दर्ज किया गया।
पूरे अध्ययन के दौरान गंभीर संक्रमण की दर 27.67 घटनाएं प्रति 1,000 person-years रही।
हालांकि जिन मरीजों को पहले भी गंभीर संक्रमण हो चुका था, उनमें दोबारा संक्रमण का खतरा काफी ज्यादा पाया गया। इस समूह में संक्रमण की दर 78.70 प्रति 1,000 person-years रही।
शोधकर्ताओं ने पाया कि Apremilast और Secukinumab के साथ गंभीर संक्रमण का खतरा Adalimumab की तुलना में थोड़ा अधिक दिखाई दिया।
हालांकि sensitivity analyses में ये परिणाम पूरी तरह स्थिर नहीं रहे, इसलिए वैज्ञानिकों ने इन निष्कर्षों को सावधानी से देखने की सलाह दी है।
अध्ययन में recurrent event analysis भी किया गया, जिसमें एक ही मरीज में बार-बार होने वाले संक्रमणों को शामिल किया गया।
इस विश्लेषण में Risankizumab के साथ गंभीर संक्रमण का जोखिम कई अन्य therapies की तुलना में कम पाया गया।
विशेष रूप से इसकी तुलना Brodalumab, Etanercept और standard systemic therapies से की गई।
स्टडी के मुताबिक गंभीर संक्रमण से जुड़ी मौतें बहुत कम दर्ज की गईं। इसकी दर केवल 1.81 प्रति 1,000 person-years रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अध्ययन Psoriasis के इलाज में इस्तेमाल होने वाली systemic therapies की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण real-world evidence देता है।
रिपोर्ट बताती है कि ज्यादातर दवाओं के बीच संक्रमण जोखिम में कोई बड़ा अंतर नहीं है, लेकिन जिन मरीजों को पहले संक्रमण हो चुका हो या जिनकी immunity कमजोर हो, उनके लिए इलाज चुनते समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार हर मरीज की स्थिति अलग होती है, इसलिए treatment selection हमेशा individual risk profile को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
Numerology Prediction 24 June 2026: 24 जून का दिन परिवार, रिश्तों और भावनात्मक संतुलन के नाम रहने वाला है। अंक ज्योतिष के अनुसार आज का दिन हमें यह सिखाता है कि जीवन की असली खुशियां केवल उपलब्धियों में नहीं, बल्कि अपने प्रियजनों के साथ बिताए गए पलों और रिश्तों की मजबूती में छिपी होती हैं। आज का समय जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने, पुराने मतभेदों को खत्म करने और अपनों के साथ प्रेमपूर्ण संबंधों को मजबूत बनाने के लिए अनुकूल माना जा रहा है। आज का दिन यह संदेश देता है कि छोटी-छोटी खुशियों का आनंद लें, धैर्य बनाए रखें और अपने आसपास के लोगों को यह एहसास कराएं कि वे आपके लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। प्यार और सच्चाई से उठाया गया हर कदम आने वाले समय को बेहतर बनाने में मदद करेगा। मूलांक 1 : काम और परिवार के बीच संतुलन बनाएं आज टीमवर्क आपके लिए सफलता की कुंजी साबित हो सकता है। हर काम अकेले करने की कोशिश करने के बजाय दूसरों का सहयोग लें। कार्यक्षेत्र के साथ-साथ परिवार को भी समय दें। स्पष्ट बातचीत रिश्तों को मजबूत बनाएगी। लकी नंबर: 1, 6 लकी रंग: गोल्ड, क्रीम सुझाव: प्यार और जिम्मेदारी का संतुलन आपको और अधिक मजबूत बनाता है। मूलांक 2 : मधुर व्यवहार से बनेंगे बिगड़े काम आज आपकी विनम्रता और मधुर वाणी कई समस्याओं का समाधान कर सकती है। ऑफिस में सहयोगियों का साथ मिलेगा। मन अशांत हो तो कुछ समय शांति में बिताएं और अपने प्रियजनों से खुलकर बातचीत करें। लकी नंबर: 2, 6 लकी रंग: व्हाइट, सिल्वर सुझाव: सच्चाई और ईमानदारी मन को संतुष्टि देती है। मूलांक 3 : अधूरे कार्यों को पूरा करने पर दें ध्यान आज नए कार्य शुरू करने की बजाय पहले से लंबित कामों को पूरा करना आपके लिए अधिक लाभदायक रहेगा। अनुशासन और सकारात्मक सोच आपको सफलता दिलाएगी। परिवार के साथ बिताया गया समय खुशी देगा। लकी नंबर: 3, 6 लकी रंग: येलो, पीच सुझाव: खुशियां बांटने से और बढ़ती हैं। मूलांक 4 : योजना और अनुशासन से मिलेगा लाभ आज व्यवस्थित तरीके से काम करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। जल्दबाजी से बचें और स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। परिवार के प्रति अपने प्रेम और अपनापन को खुलकर व्यक्त करें। लकी नंबर: 4, 6 लकी रंग: ब्लू, ग्रे सुझाव: स्थिरता और प्रेम जीवन को सुंदर बनाते हैं। मूलांक 5 : धैर्य से बनेंगे सभी काम आज बदलाव की इच्छा प्रबल हो सकती है, लेकिन जल्दबाजी करने से बचना बेहतर रहेगा। मौजूदा अवसरों का बेहतर उपयोग करें। अपनी बात सोच-समझकर कहें और रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखें। लकी नंबर: 5, 4 लकी रंग: ग्रीन, व्हाइट सुझाव: स्वतंत्रता का आनंद जिम्मेदारी के साथ ही मिलता है। मूलांक 6 : घर में रहेगा प्रेम और खुशियों का माहौल आज का दिन आपके लिए विशेष रहने वाला है। दूसरों की मदद करने और उनका उत्साह बढ़ाने की आपकी आदत आपको सम्मान दिलाएगी। घर में प्रेम और सकारात्मकता का वातावरण रहेगा। लकी नंबर: 6, 24 लकी रंग: पिंक, रोज गोल्ड सुझाव: स्वयं से प्रेम करना अच्छे रिश्तों की शुरुआत है। मूलांक 7 : अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले अपने मन की बात जरूर सुनें। शांति और आत्मचिंतन आपको सही दिशा दिखाएंगे। परिवार के साथ खुलकर बातचीत करें। लकी नंबर: 7, 6 लकी रंग: पर्पल, सिल्वर सुझाव: आंतरिक शांति सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। मूलांक 8 : मेहनत का मिलेगा उचित परिणाम आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आपकी मेहनत रंग लाएगी। धैर्य और संयम बनाए रखें। परिवार को समय देना आपके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि साबित होगा। लकी नंबर: 8, 4 लकी रंग: नेवी ब्लू, ब्राउन सुझाव: अपनों की खुशी ही जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है। मूलांक 9 : रिश्तों को दें एक नया अवसर आज आपकी संवेदनशीलता और दूसरों को समझने की क्षमता लोगों के काम आएगी। पुराने मतभेदों को भूलकर रिश्तों को नया मौका दें। सकारात्मक सोच और प्रेम आपको मानसिक शांति प्रदान करेंगे। लकी नंबर: 9, 6 लकी रंग: रेड, मरून सुझाव: दया और प्रेम दोनों पक्षों के लिए लाभदायक होते हैं।
22 जून का दिन अनुशासन, सहयोग और मजबूत योजनाओं का है। जानिए जन्मतिथि के अनुसार मूलांक 1 से 9 तक का आज का भविष्यफल। आज का अंक ज्योतिष 22 जून 2026 22 जून 2026 का दिन अंक ज्योतिष के अनुसार बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज की मुख्य ऊर्जा अंक 4 से प्रभावित है, जो अनुशासन, संगठन, मेहनत और मजबूत नींव का प्रतीक है। वहीं दिन का कुल योग अंक 2 का प्रभाव लेकर आता है, जो सहयोग, भावनात्मक संतुलन और रिश्तों में सामंजस्य को बढ़ावा देता है। आज का संदेश साफ है कि स्थायी सफलता जल्दबाजी से नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास, सही योजना और धैर्य से प्राप्त होती है। अधूरे कार्यों को पूरा करने, भविष्य की रणनीति बनाने और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए यह दिन शुभ माना जा रहा है। मूलांक 1 आज लंबी अवधि के लक्ष्यों पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा। जल्दबाजी से बचें और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ें। परिवार में आपकी सलाह महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। लकी नंबर: 1, 4 लकी रंग: ब्लू, व्हाइट मूलांक 2 आज टीमवर्क और आपसी सहयोग आपको सफलता दिला सकता है। रिश्तों में पुरानी गलतफहमियां दूर करने का अच्छा अवसर है। लकी नंबर: 2, 4 लकी रंग: सिल्वर, व्हाइट मूलांक 3 रचनात्मक विचारों को अमल में लाने का समय है। अनुशासन और सही योजना आपकी प्रतिभा को नई पहचान दिला सकती है। लकी नंबर: 3, 4 लकी रंग: येलो, क्रीम मूलांक 4 आज आपकी मेहनत और समर्पण रंग लाएंगे। महत्वपूर्ण कार्यों में प्रगति के संकेत हैं। छोटी उपलब्धियों का भी आनंद लें। लकी नंबर: 4, 22 लकी रंग: ग्रे, डार्क ब्लू मूलांक 5 धैर्य बनाए रखना आपके लिए सबसे बड़ी ताकत साबित होगा। अधूरे कामों को पूरा करने पर ध्यान दें। लकी नंबर: 5, 4 लकी रंग: ग्रीन, व्हाइट मूलांक 6 सहयोग और सामूहिक प्रयासों से सफलता मिलेगी। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक संतोष मिलेगा। लकी नंबर: 6, 2 लकी रंग: पिंक, पीच मूलांक 7 आज अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें। महत्वपूर्ण फैसलों में जल्दबाजी न करें और शांति से सोच-विचार करें। लकी नंबर: 7, 2 लकी रंग: पर्पल, सिल्वर मूलांक 8 काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन आपका अनुशासन आपको सफलता दिलाएगा। आर्थिक मामलों में दूरदर्शिता लाभदायक रहेगी। लकी नंबर: 8, 4 लकी रंग: नेवी ब्लू, ब्लैक मूलांक 9 पुरानी बातों को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करने का समय है। अनुभव और समझदारी आपको आगे बढ़ने में मदद करेगी। लकी नंबर: 9, 2 लकी रंग: रेड, मरून
अंक ज्योतिष के अनुसार 19 जून 2026, शुक्रवार का दिन विशेष ऊर्जा लेकर आया है। आज की तारीख 19 का योग (1+9=10, 1+0=1) मूलांक 1 बनाता है, जिसके स्वामी सूर्य देव हैं। वहीं शुक्रवार का दिन शुक्र ग्रह को समर्पित माना जाता है। ऐसे में आज सूर्य और शुक्र दोनों का संयुक्त प्रभाव सभी मूलांक वालों के जीवन पर देखने को मिलेगा। अंक ज्योतिष के अनुसार आज का दिन नई शुरुआत, आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और मेहनत के जरिए सफलता की ओर बढ़ने का संदेश देता है। आइए जानते हैं 1 से 9 मूलांक वालों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन। मूलांक 1 (1, 10, 19, 28) : करियर में मिलेंगे नए अवसर आज आपके विचारों और कार्यशैली की सराहना होगी। नौकरी और करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। आत्मविश्वास के साथ फैसले लें और नई जिम्मेदारियों को स्वीकार करने के लिए तैयार रहें। लकी नंबर: 1, 8 लकी रंग: गोल्ड, ऑरेंज सुझाव: नम्रता और साहस का संतुलन बनाए रखें। मूलांक 2 (2, 11, 20, 29) : मेहनत का मिलेगा अच्छा परिणाम आज सहयोग और सामंजस्य से किए गए कार्यों में सफलता मिलेगी। पारिवारिक और व्यावसायिक रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। विवादों से दूरी बनाकर रखें। लकी नंबर: 2, 8 लकी रंग: व्हाइट, सिल्वर सुझाव: अपनी अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा करें। मूलांक 3 (3, 12, 21, 30) : नए प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए शुभ दिन रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। यदि आप किसी नए काम या प्रोजेक्ट की शुरुआत करना चाहते हैं तो आज का दिन अनुकूल माना जा रहा है। लकी नंबर: 3, 1 लकी रंग: येलो, पीच सुझाव: अनुशासन आपकी प्रतिभा को और निखारेगा। मूलांक 4 (4, 13, 22, 31) : परिवार और काम में बनाए रखें संतुलन आपकी मेहनत रंग लाएगी। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। लकी नंबर: 4, 8 लकी रंग: ग्रीन, ग्रे सुझाव: परिस्थितियों के अनुसार खुद को लचीला बनाएं। मूलांक 5 (5, 14, 23) : लक्ष्य हासिल करने के लिए करनी होगी मेहनत आज आपको नए अवसर मिल सकते हैं। नेटवर्किंग और नई चीजें सीखने से लाभ होगा। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। लकी नंबर: 5, 1 लकी रंग: स्काई ब्लू, व्हाइट सुझाव: जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ें। मूलांक 6 (6, 15, 24) : पहले अधूरे काम पूरे करें नए काम शुरू करने से पहले पुराने और अधूरे कार्यों को पूरा करने पर ध्यान दें। परिवार और रिश्तों में प्रेम और सामंजस्य बना रहेगा। लकी नंबर: 6, 8 लकी रंग: पिंक, क्रीम सुझाव: दूसरों का ख्याल रखने के साथ खुद का भी ध्यान रखें। मूलांक 7 (7, 16, 25) : तनाव और विवादों से दूर रहें आज आत्ममंथन और भविष्य की योजनाएं बनाने का दिन है। किसी भी प्रकार के विवाद में पड़ने से बचें और मानसिक शांति बनाए रखें। लकी नंबर: 7, 1 लकी रंग: पर्पल, सिल्वर सुझाव: शांति में ही सही निर्णय छिपा होता है। मूलांक 8 (8, 17, 26) : आर्थिक योजनाओं के लिए अच्छा समय निवेश और भविष्य की वित्तीय योजनाओं के लिए दिन अनुकूल है। परिवार के साथ समय बिताने से रिश्ते मजबूत होंगे। लकी नंबर: 8, 1 लकी रंग: नेवी ब्लू, मरून सुझाव: सफलता का आनंद अपनों के साथ साझा करें। मूलांक 9 (9, 18, 27) : धैर्य और संयम से बनेंगे काम आपका आत्मविश्वास और साहस दूसरों के लिए प्रेरणा बनेगा। गुस्से पर नियंत्रण रखें और रिश्तों में प्रेम और क्षमा का भाव बनाए रखें। लकी नंबर: 9, 1 लकी रंग: रेड, क्रिमसन सुझाव: साहस और दया दोनों को जीवन का हिस्सा बनाएं। डिस्क्लेमर: यह जानकारी अंक ज्योतिष और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है।