धर्म

यूनेस्को की दौड़ में पुरी रथ यात्रा

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची की दौड़ में, नामांकन प्रक्रिया तेज

ranjan kumar tiwari अगस्त 4, 2026 0
पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए यूनेस्को मान्यता की पहल
जगन्नाथ रथ यात्रा को यूनेस्को विरासत सूची में शामिल कराने की कोशिश

पुरी, एजेंसियां। ओडिशा की विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कराने की कोशिश तेज हो गई है। पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने रथ यात्रा के लिए यूनेस्को मान्यता की दिशा में नामांकन दस्तावेज जमा किए हैं। अब इस प्रक्रिया में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।

 

यूनेस्को मान्यता के लिए आगे बढ़ी प्रक्रिया

 

 

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन की ओर से रथ यात्रा को यूनेस्को की विरासत सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया पिछले कुछ वर्षों से आगे बढ़ाई जा रही है। वर्ष 2025 में नामांकन दस्तावेज जमा किए जाने की जानकारी सामने आई थी। रथ यात्रा को इससे पहले केंद्र संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संगीत नाटक अकादमी की राष्ट्रीय विरासत सूची में भी शामिल किया जा चुका है।

 

ओडिशा सरकार अब इस अभियान में केंद्र सरकार के हस्तक्षेप और सहयोग की मांग कर रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रथ यात्रा की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया जा सके।

 

करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी है रथ यात्रा

 

 

पुरी की रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक यात्रा से जुड़ा प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होने के लिए पुरी पहुंचते हैं। 2026 की रथ यात्रा के दौरान पुरी रेलवे स्टेशन ने करीब 13 लाख श्रद्धालुओं की आवाजाही संभाली।

 

यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सदियों पुरानी परंपराएं, अनुष्ठान, संगीत, शिल्प और सामुदायिक भागीदारी भी शामिल हैं। इसी सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

मान्यता मिलने से पर्यटन और विरासत संरक्षण को बढ़ावा

 

 

यूनेस्को की मान्यता मिलने से पुरी रथ यात्रा को वैश्विक सांस्कृतिक पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे ओडिशा में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रथ यात्रा से जुड़ी पारंपरिक कला, शिल्प और रीति-रिवाजों के संरक्षण को भी मजबूती मिल सकती है।

 

हालांकि, अभी रथ यात्रा को यूनेस्को की सूची में शामिल नहीं किया गया है। नामांकन और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय होगा। इसलिए फिलहाल इसे यूनेस्को मान्यता की दौड़ में शामिल सांस्कृतिक विरासत के रूप में देखा जा रहा है।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Ranjan Kumar Tiwari Ranjan123

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पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए यूनेस्को मान्यता की पहल
पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची की दौड़ में, नामांकन प्रक्रिया तेज

पुरी, एजेंसियां। ओडिशा की विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कराने की कोशिश तेज हो गई है। पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने रथ यात्रा के लिए यूनेस्को मान्यता की दिशा में नामांकन दस्तावेज जमा किए हैं। अब इस प्रक्रिया में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।   यूनेस्को मान्यता के लिए आगे बढ़ी प्रक्रिया     श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन की ओर से रथ यात्रा को यूनेस्को की विरासत सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया पिछले कुछ वर्षों से आगे बढ़ाई जा रही है। वर्ष 2025 में नामांकन दस्तावेज जमा किए जाने की जानकारी सामने आई थी। रथ यात्रा को इससे पहले केंद्र संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत संगीत नाटक अकादमी की राष्ट्रीय विरासत सूची में भी शामिल किया जा चुका है।   ओडिशा सरकार अब इस अभियान में केंद्र सरकार के हस्तक्षेप और सहयोग की मांग कर रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रथ यात्रा की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया जा सके।   करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी है रथ यात्रा     पुरी की रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक यात्रा से जुड़ा प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होने के लिए पुरी पहुंचते हैं। 2026 की रथ यात्रा के दौरान पुरी रेलवे स्टेशन ने करीब 13 लाख श्रद्धालुओं की आवाजाही संभाली।   यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सदियों पुरानी परंपराएं, अनुष्ठान, संगीत, शिल्प और सामुदायिक भागीदारी भी शामिल हैं। इसी सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।   मान्यता मिलने से पर्यटन और विरासत संरक्षण को बढ़ावा     यूनेस्को की मान्यता मिलने से पुरी रथ यात्रा को वैश्विक सांस्कृतिक पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे ओडिशा में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रथ यात्रा से जुड़ी पारंपरिक कला, शिल्प और रीति-रिवाजों के संरक्षण को भी मजबूती मिल सकती है।   हालांकि, अभी रथ यात्रा को यूनेस्को की सूची में शामिल नहीं किया गया है। नामांकन और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय होगा। इसलिए फिलहाल इसे यूनेस्को मान्यता की दौड़ में शामिल सांस्कृतिक विरासत के रूप में देखा जा रहा है।

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आज का अंक ज्योतिष 4 अगस्त 2026: मूलांक 4 और 9 वालों की मेहनत लाएगी रंग, जन्मतिथि से जानें आज का भविष्यफल

आज का अंक ज्योतिष, 4 अगस्त 2026: अंक ज्योतिष के अनुसार 4 अगस्त का दिन अनुशासन, योजना, धैर्य और जिम्मेदारी पर जोर देने वाला है। आज की ऊर्जा खासतौर पर उन लोगों के लिए सकारात्मक रह सकती है जो जल्दबाजी के बजाय व्यवस्थित तरीके से अपने काम पूरे करने पर भरोसा रखते हैं। मूलांक 4 के जातकों के लिए दिन मेहनत का परिणाम दिखाने वाला हो सकता है, जबकि मूलांक 9 वालों को धैर्य के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है। आज का दिन केवल तेजी से काम पूरा करने का नहीं, बल्कि सही दिशा और बेहतर योजना के साथ आगे बढ़ने का संकेत देता है। अधूरे कामों को निपटाने, पुरानी योजनाओं को व्यवस्थित करने और भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करने के लिहाज से दिन उपयोगी रह सकता है। रिश्तों में भी अपनी बात मनवाने के बजाय समझदारी और संतुलन बनाए रखना फायदेमंद रहेगा। मूलांक 1: पुराने काम पूरे करने पर दें ध्यान आज आपके लिए नए काम शुरू करने के बजाय पहले से अधूरे पड़े कार्यों को पूरा करना अधिक बेहतर रहेगा। कार्यक्षेत्र में एकाग्र होकर काम करने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। काम के दबाव के बीच आराम और शरीर का ध्यान रखना भी जरूरी होगा। रिश्तों में केवल अपनी बात पर अड़े रहने के बजाय थोड़ा समझौता करना आपके लिए बेहतर रहेगा। लकी नंबर: 1, 4 लकी रंग: गोल्ड, ग्रे क्या न करें: किसी काम को कठिन या उबाऊ समझकर उसे बीच में न छोड़ें। मूलांक 2: टीमवर्क से मिलेगा फायदा आज मिल-जुलकर काम करने से आपको लाभ मिल सकता है। किसी सहकर्मी या टीम के साथ मिलकर कागजी काम, योजना या किसी पुराने प्रोजेक्ट को व्यवस्थित करने में सफलता मिल सकती है। लगातार काम करने से मानसिक थकान हो सकती है, इसलिए बीच-बीच में आराम जरूर करें। रिश्तों में किसी पुरानी बात को लेकर परेशान होने के बजाय शांत बातचीत से समाधान खोजें। लकी नंबर: 2, 4 लकी रंग: व्हाइट, ग्रे क्या न करें: अपनी मेहनत का तुरंत परिणाम न मिलने पर निराश न हों। मूलांक 3: रुके प्रोजेक्ट को पूरा करने का समय आज आपकी रचनात्मकता को सही दिशा देने की जरूरत है। कोई रुका हुआ प्रोजेक्ट पूरा करने या बिखरे हुए विचारों को व्यवस्थित योजना में बदलने के लिए दिन अनुकूल रह सकता है। काम और आराम के बीच संतुलन बनाकर चलें। रिश्तों में केवल हंसी-मजाक तक सीमित रहने के बजाय किसी जरूरी मुद्दे पर खुलकर और ईमानदारी से बातचीत करें। लकी नंबर: 3, 4 लकी रंग: येलो, ग्रे क्या न करें: किसी काम में देरी होने पर अपना धैर्य न खोएं। मूलांक 4: मेहनत से मिल सकते हैं अच्छे परिणाम आज का दिन मूलांक 4 वालों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। योजना बनाने, काम को व्यवस्थित करने, अधूरे कार्य पूरे करने और भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने के लिए समय अच्छा है। आपकी मेहनत और अनुशासन का सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है। हालांकि लगातार काम करते रहने से शारीरिक थकान हो सकती है। इसलिए काम के बीच छोटे ब्रेक लेते रहें। परिवार और करीबी लोगों के लिए भी समय निकालें। लकी नंबर: 4, 8 लकी रंग: ग्रे, ब्लू क्या न करें: काम में इतना न डूबें कि आराम और अपनों के लिए समय ही न बचे। मूलांक 5: योजना बनाकर आगे बढ़ें आज का अनुशासन आपको शुरुआत में थोड़ा बंधा हुआ महसूस करा सकता है, लेकिन यही ऊर्जा आपके बिखरे हुए कामों को व्यवस्थित करने में मदद करेगी। जल्दबाजी के बजाय योजना बनाकर आगे बढ़ें। बड़े कामों को छोटे हिस्सों में बांटकर पूरा करने से तनाव कम रहेगा। रिश्तों में भरोसा और निरंतरता बनाए रखना जरूरी होगा। लकी नंबर: 5, 4 लकी रंग: हरा, ग्रे क्या न करें: जल्दी आगे बढ़ने की कोशिश में जरूरी बातों और काम की बारीकियों को नजरअंदाज न करें। मूलांक 6: दूसरों के साथ खुद के लिए भी समय निकालें आज परिवार और लंबे समय से जुड़ी जिम्मेदारियां आपके लिए प्राथमिकता बन सकती हैं। घर की व्यवस्था सुधारने और योजनाबद्ध तरीके से काम करने में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। हालांकि लगातार दूसरों की जिम्मेदारियां उठाने से मानसिक थकान हो सकती है। इसलिए अपने लिए भी कुछ समय निकालना जरूरी है। परिवार में किसी विवाद या समस्या को सुलझाते समय प्यार, धैर्य और अनुशासन का संतुलन बनाए रखें। लकी नंबर: 6, 4 लकी रंग: पिंक, ग्रे क्या न करें: सभी जिम्मेदारियां अकेले उठाकर खुद को पूरी तरह न थकाएं। मूलांक 7: तनाव और ज्यादा सोचने से बचें आज गहराई से सोचने, तकनीकी काम करने और शांत मन से अपनी योजनाओं पर आगे बढ़ने के लिए दिन उपयोगी हो सकता है। आपकी गंभीर सोच और आज की अनुशासित ऊर्जा का अच्छा तालमेल बन सकता है। हालांकि जरूरत से ज्यादा सोचने से मानसिक थकान हो सकती है। स्क्रीन से कुछ समय दूर रहना और खुद को आराम देना फायदेमंद रहेगा। रिश्तों में किसी गलतफहमी को दूर करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाएं। लकी नंबर: 7, 4 लकी रंग: इंडिगो, ग्रे क्या न करें: किसी गलतफहमी के कारण खुद में सिमटने के बजाय जरूरी बातचीत जरूर करें। मूलांक 8: अनुशासन और मेहनत से लाभ करियर और आर्थिक योजनाओं के लिए आज का दिन उपयोगी रह सकता है। आपकी मेहनत और अनुशासन बड़े पेशेवर या वित्तीय फैसलों में मदद कर सकते हैं। हालांकि लगातार बैठकों और काम के दबाव से मानसिक तनाव हो सकता है। बीच में थोड़ा टहलना या हल्की स्ट्रेचिंग करना बेहतर रहेगा। काम के साथ-साथ परिवार और करीबी लोगों की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। लकी नंबर: 8, 4 लकी रंग: नेवी ब्लू, ग्रे क्या न करें: काम की उपलब्धियों में इतना व्यस्त न हों कि रिश्तों और भावनाओं को नजरअंदाज कर दें। मूलांक 9: मेहनत और धैर्य से मिलेगा परिणाम मूलांक 9 वालों के लिए आज का दिन जोश को नियंत्रित रखते हुए अधूरे या अटके हुए काम पूरे करने का संकेत देता है। किसी भी मामले में जल्दबाजी करने के बजाय धैर्य और नियम के साथ आगे बढ़ना आपके लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा। काम की धीमी प्रगति आपको थोड़ी बेचैनी या झुंझलाहट दे सकती है, लेकिन इस स्थिति में धैर्य बनाए रखना जरूरी है। टहलना या शारीरिक गतिविधि मन को शांत करने में मदद कर सकती है। हर चीज को तुरंत ठीक करने की कोशिश या जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें। लकी नंबर: 9, 4 लकी रंग: लाल, ग्रे क्या न करें: हर समस्या का समाधान तुरंत निकालने की जिद न करें और जल्दबाजी से बचें। 4 अगस्त का संदेश 4 अगस्त का अंक ज्योतिष यही संकेत देता है कि आज सफलता की कुंजी अनुशासन, धैर्य, योजना और निरंतर मेहनत में छिपी है। खासकर मूलांक 4 और 9 वालों के लिए अपनी मेहनत को सही दिशा में लगाने का दिन है। हालांकि सभी मूलांक वालों को काम के साथ-साथ आराम, परिवार और रिश्तों के लिए भी संतुलित समय देना चाहिए।  

surbhi अगस्त 4, 2026 0
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Aaj Ka Ank Jyotish 3 August 2026: 3 अगस्त 2026 का दिन अंक ज्योतिष के लिहाज से बातचीत, मेलजोल, सहयोग और रिश्तों को मजबूत करने का संकेत दे रहा है। आज की ऊर्जा खास तौर पर यह संदेश देती है कि अपनी बात रखने के साथ-साथ दूसरों की बात सुनना भी उतना ही जरूरी है। धैर्य, समझदारी और सकारात्मक संवाद आज कई उलझनों को सुलझाने में मदद कर सकते हैं। मूलांक 3 की ऊर्जा आज विशेष रूप से प्रभावी मानी जा रही है। यही वजह है कि मूलांक 3 और 5 वालों के लिए दिन कई मामलों में अनुकूल रह सकता है। कामकाज से लेकर रिश्तों तक, बातचीत के जरिए नए अवसर और बेहतर तालमेल बनाने के संकेत हैं। हालांकि, जरूरत से ज्यादा बोलने, जल्दबाजी में वादे करने या हर बात को बहस में बदलने से बचना जरूरी होगा। आज का अंक ज्योतिष क्या कहता है? 3 अगस्त का दिन केवल तेजी से आगे बढ़ने के बजाय रिश्तों को समझने और सहेजने पर जोर देता है। आज लोगों की भावनाओं को समझकर उनके साथ कदम मिलाकर चलना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। कामकाज में टीमवर्क, संवाद और विचार साझा करना महत्वपूर्ण रहेगा। वहीं निजी रिश्तों में खुलकर बातचीत करने से पुरानी गलतफहमियां दूर हो सकती हैं। आज अपनी बात पर अड़े रहने के बजाय सामने वाले के दृष्टिकोण को समझने की कोशिश करना बेहतर रहेगा। मूलांक 1: टीम के साथ मिलकर काम करने का दिन मूलांक 1 वालों के लिए आज का दिन अपने विचार और योजनाएं सामने रखने के लिहाज से अच्छा रह सकता है। टीम को प्रेरित करने और नेतृत्व क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। हालांकि, लगातार बातचीत और सामाजिक गतिविधियों के कारण दिन के अंत तक थकान महसूस हो सकती है। इसलिए काम और आराम के बीच संतुलन बनाए रखें। बातचीत में केवल अपनी बात कहने के बजाय दूसरों को भी बोलने का पूरा अवसर दें। लकी नंबर: 1, 3 लकी रंग: गोल्ड, येलो आज क्या न करें: बातचीत में दूसरों की बात काटकर केवल अपनी बात पर जोर न दें। मूलांक 2: शांति के लिए कुछ समय निकालें मूलांक 2 वालों के लिए आज का दिन थोड़ा व्यस्त और सामाजिक हो सकता है। किसी साझेदारी या टीम से जुड़े मामले में अपने विचार सामने रखने के लिए समय अनुकूल रह सकता है। हालांकि, बहुत ज्यादा मेलजोल मानसिक थकान बढ़ा सकता है। इसलिए दिन में कुछ समय शांत वातावरण में बिताना आपके लिए बेहतर रहेगा। किसी रिश्ते में दूरी आई है तो सहज और सकारात्मक बातचीत उसे कम करने में मदद कर सकती है। लकी नंबर: 2, 3 लकी रंग: व्हाइट, येलो आज क्या न करें: केवल शांति बनाए रखने के लिए किसी जरूरी मुद्दे पर अपनी बात कहने से पीछे न हटें। मूलांक 3: विचारों को मिलेगी गति मूलांक 3 वालों के लिए आज का दिन खास माना जा सकता है। लेखन, शिक्षा, मीडिया, संचार और लोगों से बातचीत से जुड़े कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आपके विचारों को लोगों का समर्थन मिलने की संभावना है। पुराने रिश्तों में भी अपनापन और हल्की-फुल्की बातचीत नई गर्माहट ला सकती है। हालांकि, अत्यधिक सामाजिक और मानसिक गतिविधियों से थकान हो सकती है, इसलिए आराम को नजरअंदाज न करें। लकी नंबर: 3, 9 लकी रंग: येलो, ऑरेंज आज क्या न करें: उत्साह में इतना ज्यादा न बोलें कि सामने वाले की बात सुनना ही भूल जाएं। मूलांक 4: काम में नया तरीका अपनाएं मूलांक 4 वालों के लिए आज का दिन कुछ बदलाव लेकर आ सकता है। रोजमर्रा की तय दिनचर्या से बाहर निकलकर किसी काम में नया तरीका अपनाने से फायदा मिल सकता है। शुरुआत में बदलाव थोड़ा असहज लग सकता है, लेकिन इससे नए अवसर सामने आ सकते हैं। गंभीरता को थोड़ा कम करके हल्की-फुल्की बातचीत का आनंद लें और किसी अच्छे विचार को केवल इसलिए खारिज न करें क्योंकि वह आपकी मूल योजना का हिस्सा नहीं था। लकी नंबर: 4, 3 लकी रंग: ग्रे, येलो आज क्या न करें: अपनी योजना से अलग होने के कारण किसी उपयोगी विचार को तुरंत खारिज न करें। मूलांक 5: हंसमुख अंदाज से बनेंगे काम मूलांक 5 वालों के लिए 3 अगस्त का दिन अनुकूल रह सकता है। लोगों से जुड़ने, बिक्री, मीडिया और बातचीत से संबंधित कामों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। अचानक हुई कोई बातचीत भी नए रास्ते खोल सकती है। हालांकि, बहुत ज्यादा ऊर्जा और मेलजोल के कारण ध्यान भटकने की आशंका है। इसलिए जरूरी कामों को प्राथमिकता दें। खुलकर और सकारात्मक तरीके से बातचीत करना आपके पक्ष में रहेगा, लेकिन उत्साह में ऐसे वादे न करें जिन्हें बाद में पूरा करना मुश्किल हो। लकी नंबर: 5, 3 लकी रंग: हरा, येलो आज क्या न करें: जोश में आकर ऐसे वादे न करें जिन्हें आप निभा न सकें। मूलांक 6: खुद को ज्यादा न थकाएं मूलांक 6 वालों के लिए शिक्षा, आतिथ्य और अपनी भावनाओं को व्यक्त करने से जुड़े कामों में दिन अच्छा रह सकता है। अपने विचारों को खुलकर सामने रखने से सम्मान मिल सकता है। हालांकि, दूसरों की जरूरतों को पूरा करने में खुद को पूरी तरह नजरअंदाज न करें। लगातार दूसरों के लिए काम करने से मानसिक और शारीरिक थकान हो सकती है। किसी करीबी के साथ प्यार और सहजता से बातचीत रिश्ते को और मजबूत कर सकती है। लकी नंबर: 6, 3 लकी रंग: पिंक, येलो आज क्या न करें: दूसरों की मदद करते-करते अपनी जरूरतों और महत्व को नजरअंदाज न करें। मूलांक 7: खुद के लिए भी समय निकालें मूलांक 7 वालों को आज अपनी शांत दुनिया से बाहर निकलकर किसी भरोसेमंद व्यक्ति से विचार साझा करने का लाभ मिल सकता है। मन की बात खुलकर कहने से भावनात्मक हल्कापन महसूस हो सकता है। हालांकि, लगातार लोगों के बीच रहना आपको थका सकता है। इसलिए सामाजिक गतिविधियों के साथ कुछ समय अकेले बिताना भी जरूरी रहेगा। लकी नंबर: 7, 3 लकी रंग: इंडिगो, येलो आज क्या न करें: बातचीत सही दिशा में जाने के बावजूद पूरी तरह चुप न रहें। मूलांक 8: करीबियों के साथ अच्छा समय मूलांक 8 वालों के लिए आज अपनी बात समझाने और दूसरों के साथ बेहतर तालमेल बनाने का दिन है। आपकी गंभीरता और आज की सकारात्मक ऊर्जा का मेल काम में मजबूती ला सकता है। हालांकि, लगातार बैठकों और मुलाकातों से थकान हो सकती है। बीच-बीच में छोटे ब्रेक लें। परिवार और करीबी लोगों के साथ थोड़ा सहज और हंसमुख व्यवहार रिश्तों में गर्माहट ला सकता है। लकी नंबर: 8, 3 लकी रंग: नेवी ब्लू, येलो आज क्या न करें: हर बातचीत को जीतने या बहस में बदलने की कोशिश न करें। मूलांक 9: मन की बात साझा करना रहेगा फायदेमंद मूलांक 9 वालों के लिए आज अपने विचार और भावनाएं सही तरीके से व्यक्त करने का दिन हो सकता है। किसी जरूरी विषय पर साहस के साथ अपनी बात रखना सकारात्मक परिणाम दे सकता है। मन में चल रही भावनाओं को लिखना या किसी भरोसेमंद व्यक्ति के साथ साझा करना मानसिक रूप से राहत दे सकता है। दिल से और स्पष्ट बातचीत किसी खास रिश्ते को और गहरा करने में मदद कर सकती है। लकी नंबर: 9, 3 लकी रंग: उपलब्ध स्रोत में स्पष्ट नहीं आज क्या न करें: भावनाओं को मन में दबाकर रखने के बजाय सही व्यक्ति के सामने अपनी बात शांत तरीके से रखें। 3 अगस्त का अंक ज्योतिष: आज का खास संदेश आज की अंक ज्योतिषीय ऊर्जा का सबसे बड़ा संदेश है कि सिर्फ अपनी बात मनवाना ही सफलता नहीं है, बल्कि दूसरों को समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बातचीत में संयम, रिश्तों में नरमी और फैसलों में समझदारी आज आपके लिए बेहतर परिणाम ला सकती है। खास तौर पर मूलांक 3 और 5 वालों के लिए दिन बातचीत, संपर्क और नए अवसरों के लिहाज से अच्छा रह सकता है। वहीं बाकी मूलांकों के लिए भी आज का दिन अपने व्यवहार में संतुलन लाने और रिश्तों को मजबूत करने का संदेश दे रहा है।  

surbhi अगस्त 3, 2026 0
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