मुंबई: हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय पार्श्व गायिकाओं में से एक Alka Yagnik को हाल ही में देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया गया। यह पल उनके लिए और उनके प्रशंसकों के लिए गर्व का अवसर था, लेकिन समारोह के दौरान उनकी सेहत को लेकर सामने आई तस्वीरों ने फैंस की चिंता भी बढ़ा दी।
राष्ट्रपति Droupadi Murmu द्वारा आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में जब अलका याग्निक सम्मान लेने पहुंचीं, तो उन्हें सहारे के साथ मंच तक जाते देखा गया। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भावुक पोस्ट साझा की, जिसने संगीत प्रेमियों और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को भावुक कर दिया।
अलका याग्निक ने अपने पोस्ट में बताया कि वह पिछले दो वर्षों से एक दुर्लभ श्रवण समस्या 'सेंसोरीन्यूरल हियरिंग लॉस' (Sensorineural Hearing Loss) से जूझ रही हैं। इस स्वास्थ्य समस्या के कारण वह लंबे समय से सार्वजनिक कार्यक्रमों, मीडिया और लाइमलाइट से दूर थीं।
उन्होंने बताया कि इस कठिन दौर में प्रशंसकों का प्यार, दुआएं और समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना रहा।
अपने पोस्ट में अलका ने कहा कि पद्म भूषण सम्मान प्राप्त करना उनके लिए बेहद विनम्र और भावुक करने वाला अनुभव रहा। उन्होंने इस सम्मान को केवल अपनी उपलब्धि नहीं बल्कि उन करोड़ों श्रोताओं का सम्मान बताया जिन्होंने उनकी आवाज़ और गीतों को पीढ़ियों तक प्यार दिया।
अलका ने लिखा कि यह सम्मान उनके नाम जरूर है, लेकिन इसकी असली भागीदारी उन लोगों की भी है जिन्होंने उनके संगीत को अपने जीवन का हिस्सा बनाया।
अलका याग्निक की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए मशहूर गायक Shaan ने एक भावुक संदेश साझा किया, जिसने फैंस का दिल जीत लिया।
शान ने लिखा,
"अलका जी, आप हमारा गर्व और हमारी खुशी हैं। आपके प्रशंसकों को इससे ज्यादा खुशी किसी और बात से नहीं होगी कि आप पूरी तरह स्वस्थ होकर लौटें और एक बार फिर अपनी आवाज़ से हम सभी को मंत्रमुग्ध करें।"
शान का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रशंसक भी अलका के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
अलका याग्निक के लिए संगीत और फिल्म जगत के कई बड़े कलाकारों ने शुभकामनाएं भेजीं।
Kumar Sanu ने लिखा कि अलका इस सम्मान की पूरी तरह हकदार हैं और ईश्वर उन्हें स्वस्थ रखे।
वहीं Ila Arun ने उन पर गर्व जताया, जबकि Akriti Kakar ने उन्हें संगीत जगत की 'क्वीन' बताते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
इसके अलावा Bhumi Pednekar, Veer Pahariya और Aditi Singh Sharma सहित कई सितारों ने भी उनके लिए प्यार और समर्थन व्यक्त किया।
अलका याग्निक ने अपने संदेश में यह भी कहा कि वह अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन में लौटने की कोशिश कर रही हैं। उनके मुताबिक, पद्म भूषण सम्मान ग्रहण करने के लिए समारोह में उपस्थित होना उनके लिए सिर्फ एक उपलब्धि नहीं बल्कि उम्मीद, साहस और दृढ़ता का प्रतीक था।
उन्होंने कहा कि यह पल उन्हें याद दिलाता है कि प्रेम, विश्वास और सकारात्मक सोच से किसी भी कठिन परिस्थिति का सामना किया जा सकता है।
90 के दशक से लेकर आज तक अलका याग्निक की आवाज़ भारतीय संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह रखती है। उन्होंने हिंदी सिनेमा को अनगिनत सुपरहिट गीत दिए हैं और कई पीढ़ियों की पसंदीदा गायिका बनी हुई हैं।
उनकी सेहत को लेकर सामने आई जानकारी ने फैंस को चिंतित जरूर किया है, लेकिन जिस तरह से उन्होंने हिम्मत और सकारात्मकता के साथ अपनी वापसी का संकेत दिया है, उससे उनके प्रशंसकों में नई उम्मीद जगी है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
पटना, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। बैठक में बिहार में फिल्म निर्माण, शूटिंग के लिए राज्य की लोकेशन और फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद सुनील शेट्टी ने बताया कि वह अक्टूबर से बिहार में अपनी अगली फिल्म की शूटिंग शुरू करेंगे। अक्टूबर से शुरू होगी फिल्म की शूटिंग सुनील शेट्टी के मुताबिक उनकी फिल्म की शूटिंग बिहार में अक्टूबर से शुरू होने की योजना है। शूटिंग करीब 50 से 60 दिनों तक चल सकती है। फिल्म की शूटिंग के लिए बिहार के अलग-अलग हिस्सों में लोकेशन तलाशने और स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। अभिनेता ने बिहार में फिल्म निर्माण को लेकर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि राज्य में फिल्मों की शूटिंग के लिए काफी संभावनाएं हैं। बिहार में ही फिल्म निर्माण पर जोर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के दौरान सिर्फ शूटिंग ही नहीं, बल्कि बिहार में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने को लेकर भी बातचीत हुई। सुनील शेट्टी ने कहा कि वह बिहार में फिल्म बनाएंगे और राज्य की प्रतिभाओं तथा स्थानीय संसाधनों को भी अवसर देने की दिशा में काम किया जा सकता है। इससे बिहार में फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिलने और स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों तथा अन्य फिल्मकर्मियों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। बिहार की फिल्म नीति पर भी हुई चर्चा मुलाकात में बिहार में फिल्म शूटिंग के लिए उपलब्ध सुविधाओं और राज्य सरकार की फिल्म नीति से जुड़े विषयों पर भी बातचीत हुई। सरकार चाहती है कि बिहार की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक लोकेशन को फिल्मों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाया जाए। सुनील शेट्टी की प्रस्तावित शूटिंग को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बिहार के दर्शकों को लेकर क्या बोले सुनील शेट्टी सुनील शेट्टी ने बिहार के दर्शकों को लेकर भी सकारात्मक बात कही। उनका कहना है कि बिहार में फिल्मों के लिए दर्शकों की मजबूत रुचि है और यहां फिल्म निर्माण का बेहतर माहौल तैयार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अभिनेता के बिहार में फिल्म शूट करने के ऐलान से राज्य में फिल्म उद्योग को लेकर नई उम्मीद जगी है। अब अक्टूबर में प्रस्तावित शूटिंग और फिल्म के प्रोजेक्ट से जुड़ी अन्य जानकारी का इंतजार है।
मुंबई, एजेंसियां। अभिनेत्री दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘Raaka’ को लेकर चर्चा में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दीपिका आठ महीने की गर्भावस्था के बावजूद फिल्म की शूटिंग जारी रखे हुए हैं। वह अभिनेता अल्लू अर्जुन के साथ इस बड़े प्रोजेक्ट के अपने बचे हुए हिस्से की शूटिंग पूरी करने में जुटी हैं। फिल्म की टीम उनकी शूटिंग जल्द पूरी करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि उनकी डिलीवरी सितंबर में होने की उम्मीद है। देर रात तक शूटिंग कर रही हैं दीपिका रिपोर्ट के अनुसार दीपिका फिल्म की शूटिंग को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही हैं। उनके बचे हुए दृश्यों को प्राथमिकता के आधार पर शूट किया जा रहा है, ताकि उनके मातृत्व अवकाश पर जाने से पहले उनका हिस्सा पूरा हो सके। फिल्म की टीम भी दीपिका की स्थिति को ध्यान में रखते हुए शूटिंग शेड्यूल तैयार कर रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अभिनेत्री ने फिल्म के महत्वपूर्ण हिस्सों को पूरा करने के लिए अपनी व्यावसायिक प्रतिबद्धता जारी रखी है। अल्लू अर्जुन के साथ पहली बड़ी फिल्म ‘Raaka’ में दीपिका पादुकोण के साथ अल्लू अर्जुन मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म को बड़े पैमाने पर बनाया जा रहा है और इसमें विज्ञान-कथा तथा फैंटेसी के तत्व देखने को मिलेंगे। दीपिका के इस प्रोजेक्ट को लेकर पहले से ही दर्शकों में उत्सुकता है। अल्लू अर्जुन के साथ उनकी जोड़ी भी फिल्म के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। सितंबर में डिलीवरी की उम्मीद रिपोर्टों के मुताबिक दीपिका की डिलीवरी सितंबर 2026 में होने की उम्मीद है। ऐसे में फिल्म की टीम उनके शूटिंग शेड्यूल को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश कर रही है। दीपिका और रणवीर सिंह ने अप्रैल 2026 में अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की घोषणा की थी। अब अभिनेत्री के फिल्म की शूटिंग जारी रखने की खबर सामने आने के बाद उनके काम के प्रति समर्पण की चर्चा हो रही है। ‘Raaka’ के बाद ‘King’ पर भी नजर दीपिका पादुकोण के पास ‘Raaka’ के अलावा शाहरुख खान के साथ ‘King’ भी प्रमुख आगामी फिल्मों में शामिल है। वहीं अभिनेत्री के करियर को लेकर आगे की योजनाओं पर भी दर्शकों की नजर बनी हुई है। फिलहाल ‘Raaka’ की शूटिंग पूरी करना उनकी प्राथमिकता है और टीम डिलीवरी से पहले उनके हिस्से का काम पूरा करने में जुटी है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड की धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित अब क्विज शो की दुनिया में नई भूमिका निभाने जा रही हैं। अभिनेत्री को सोनी मराठी के लोकप्रिय क्विज शो ‘Kon Honaar Crorepati’ के नए सीजन की मेजबानी के लिए चुना गया है। यह शो हिंदी के लोकप्रिय ‘कौन बनेगा करोड़पति’ का मराठी संस्करण है। माधुरी के इस शो से जुड़ने के साथ ही वह करीब 24 साल बाद बतौर टीवी होस्ट वापसी करती नजर आएंगी। पहली बार मराठी KBC की होस्ट बनेंगी माधुरी माधुरी दीक्षित लंबे समय से हिंदी मनोरंजन जगत का बड़ा नाम रही हैं और टेलीविजन पर भी वह जज के रूप में नजर आती रही हैं। हालांकि, क्विज शो की मेजबानी उनके लिए एक अलग भूमिका होगी। ‘Kon Honaar Crorepati’ के नए सीजन में माधुरी प्रतियोगियों से सवाल-जवाब करती और उनके साथ बातचीत करती दिखाई देंगी। शो का प्रसारण सोनी मराठी और सोनी लिव पर होने की जानकारी सामने आई है। 24 साल बाद होस्ट के रूप में वापसी माधुरी ने इससे पहले 2002 में ‘Kahin Na Kahin Koi Hai’ नाम के टीवी शो की मेजबानी की थी। इसके बाद उन्होंने कई रियलिटी शो में जज की भूमिका निभाई, लेकिन अब वह लंबे अंतराल के बाद दोबारा बतौर होस्ट दर्शकों के सामने आएंगी। इस वापसी को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि माधुरी की पहचान सिर्फ अभिनेत्री के तौर पर नहीं, बल्कि टेलीविजन पर एक लोकप्रिय चेहरा के रूप में भी रही है। सचिन खेडेकर के बाद नई होस्ट ‘Kon Honaar Crorepati’ के पिछले संस्करणों में अभिनेता सचिन खेडेकर शो की मेजबानी कर चुके हैं। अब माधुरी दीक्षित के जुड़ने से कार्यक्रम के प्रस्तुतीकरण में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। माधुरी की लोकप्रियता और उनके लंबे फिल्मी करियर को देखते हुए निर्माताओं को उम्मीद है कि उनकी मौजूदगी से मराठी क्विज शो को दर्शकों का नया वर्ग भी मिलेगा। बॉलीवुड से टीवी क्विज शो तक नया सफर माधुरी दीक्षित ने अपने करियर में फिल्मों के अलावा डांस और रियलिटी टेलीविजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब ‘Kon Honaar Crorepati’ की मेजबानी उनके करियर में एक और नया अध्याय जोड़ने वाली है। सोनी की नई टेलीविजन लाइन-अप में माधुरी के शो को प्रमुख प्रोजेक्ट के तौर पर पेश किया जा रहा है। ऐसे में अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि माधुरी अपने खास अंदाज में क्विज शो की मेजबानी कैसे करती हैं और प्रतियोगियों के साथ उनकी केमिस्ट्री कैसी रहती है।