फैशन और ब्यूटी

7 Statement Blouse Designs Changing Fashion Trends

Corset से Cut-Out तक, इन 7 स्टेटमेंट ब्लाउज डिजाइनों ने बदला इंडियन फैशन का अंदाज

surbhi जून 24, 2026 0
Trendy statement blouse designs featuring corset, cut-out and halter styles paired with elegant sarees.
7 Statement Blouse Designs Transforming Indian Fashion

नई दिल्ली: भारतीय पारंपरिक परिधानों में ब्लाउज को लंबे समय तक केवल एक सहायक परिधान माना जाता रहा। साड़ी के पल्लू या दुपट्टे के नीचे छिपा यह हिस्सा अक्सर पूरे लुक का केंद्र नहीं बन पाता था। लेकिन अब फैशन की दुनिया में स्टेटमेंट ब्लाउज का दौर है, जहां ब्लाउज केवल एक जरूरत नहीं बल्कि पूरे आउटफिट का सबसे आकर्षक हिस्सा बन चुका है।

कॉर्सेट, हाई कॉलर, कट-आउट, ज्वेलरी ब्लाउज और अनोखे नेकलाइन डिजाइनों ने पारंपरिक भारतीय पहनावे को नया और आधुनिक रूप दिया है। बॉलीवुड और देश की कई चर्चित हस्तियों ने अपने अनोखे ब्लाउज डिजाइनों से इस ट्रेंड को लोकप्रिय बनाया है।

1. राधिका अंबानी का मेटल कॉर्सेट ब्लाउज

राधिका अंबानी ने अपने वेडिंग रिसेप्शन में अनामिका खन्ना की गोल्डन साड़ी के साथ Dolce & Gabbana Alta Moda का मेटल कॉर्सेट पहना था। यह आर्मर-स्टाइल ब्लाउज पारंपरिक साड़ी के साथ आधुनिक फैशन का बेहतरीन उदाहरण बना।

2. ईशा अंबानी का जड़ाऊ ज्वेलरी ब्लाउज

ईशा अंबानी का Abu Jani Sandeep Khosla द्वारा डिजाइन किया गया ब्लाउज बेहद खास था। इसे जड़ाऊ ज्वेलरी से तैयार किया गया था, जिसमें उनके निजी कलेक्शन के पारंपरिक आभूषणों को नए डिजाइन के साथ शामिल किया गया।

3. अनन्या पांडे का Qipao-प्रेरित कॉलर ब्लाउज

Ekaya Banaras की पाउडर ब्लू साड़ी के साथ अनन्या पांडे ने एक अनोखा हाई-कॉलर ब्लाउज पहना, जो चीनी Qipao स्टाइल से प्रेरित था। इसमें पीक-ए-बू नेकलाइन और बो डिटेलिंग ने पूरे लुक को अलग पहचान दी।

4. जाह्नवी कपूर का रॉयल कट-आउट ब्लाउज

Marwar Couture की साड़ी के साथ जाह्नवी कपूर का ब्लैक वेलवेट ब्लाउज काफी चर्चा में रहा। इसमें Queen Anne नेकलाइन, हाई कॉलर और बैक कट-आउट डिजाइन ने इसे शाही और एलिगेंट लुक दिया। रंग-बिरंगे टैसल्स ने इसमें और आकर्षण जोड़ा।

5. कियारा आडवाणी का स्वीटहार्ट नेकलाइन ब्लाउज

House of Masaba की साड़ी के साथ कियारा आडवाणी ने गोल्ड एम्ब्रॉयडरी वाला स्पेगेटी स्ट्रैप ब्लाउज पहना। इसका स्वीटहार्ट नेकलाइन डिजाइन और शीयर पल्लू के जरिए दिखाई देने वाला पैटर्न पूरे लुक का मुख्य आकर्षण बना।

6. भूमि पेडनेकर का हैल्टर-नेक ग्लैमरस लुक

Shehla Chatoor के डिजाइन किए गए आउटफिट में भूमि पेडनेकर का हैल्टर-नेक ब्लाउज बेहद आकर्षक नजर आया। क्रिस्टल, स्टोन और बीडवर्क से सजे इस हाई-नेक और ओपन-बैक ब्लाउज ने उनके लुक को ग्लैमरस टच दिया।

7. खुशी कपूर का मल्टीकलर टैसल ब्लाउज

Nidhi Tambi Kejriwal की रेड साड़ी के साथ खुशी कपूर ने एक्वामरीन शेड का स्कूप नेक ब्लाउज पहना। ब्लाउज के पीछे और हेमलाइन पर लगे मल्टीकलर टैसल्स ने इसे बेहद ट्रेंडी और युवा अंदाज दिया।

क्यों बढ़ रहा है स्टेटमेंट ब्लाउज का ट्रेंड?

आज के समय में महिलाएं केवल भारी साड़ी या लहंगे पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं। एक यूनिक ब्लाउज पूरे लुक को नया आयाम दे सकता है। यही वजह है कि फैशन डिजाइनर अब पारंपरिक ब्लाउज में मॉडर्न सिल्हूट, कॉर्सेट, कॉलर और कट-आउट जैसे तत्व जोड़ रहे हैं।

अगर आप भी शादी, रिसेप्शन या फेस्टिव सीजन के लिए नया लुक तलाश रही हैं, तो ये स्टेटमेंट ब्लाउज डिजाइन्स आपके लिए शानदार प्रेरणा बन सकते हैं।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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सावन में फ्लोरल, अरेबिक और बेल मेहंदी डिजाइन
Sawan Mehndi: सावन में छाएगी बेल मेहंदी, फ्लोरल से अरेबिक तक ये डिजाइन हैं ट्रेंडिंग

सावन का महीना आते ही हरियाली, त्योहारों और पारंपरिक सजने-संवरने की रौनक बढ़ जाती है। हरियाली तीज, नाग पंचमी, रक्षाबंधन और सावन के सोमवार जैसे मौकों पर महिलाएं और युवतियां मेहंदी लगाना पसंद करती हैं। अगर आप भी इस सावन हाथों पर खूबसूरत लेकिन ज्यादा भारी मेहंदी नहीं लगाना चाहती हैं, तो बेल मेहंदी डिजाइन आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। बेल डिजाइन की खासियत यह है कि यह कम समय में तैयार हो जाती है और हाथों को आकर्षक व एलिगेंट लुक देती है। इसे पारंपरिक के साथ-साथ मॉडर्न अंदाज में भी बनाया जा सकता है। फ्लोरल बेल, अरेबिक बेल, फिंगर बेल और मंडला-बेल कॉम्बिनेशन इस समय पसंद किए जा रहे हैं।   फ्लोरल बेल डिजाइन है आसान और स्टाइलिश     फ्लोरल बेल डिजाइन में छोटे-छोटे फूल, पत्तियां और बेल की आकृतियां कलाई से उंगलियों तक बनाई जाती हैं। यह डिजाइन सिंपल होने के साथ काफी खूबसूरत दिखाई देती है। सूट, साड़ी और इंडो-वेस्टर्न आउटफिट के साथ यह डिजाइन खास तौर पर अच्छी लगती है।   यह डिजाइन कॉलेज जाने वाली युवतियों, ऑफिस वर्कर्स और सावन या तीज की पूजा के लिए मेहंदी लगाने वाली महिलाओं के लिए अच्छा विकल्प है।   मंडला और बेल का कॉम्बिनेशन देगा ट्रेडिशनल लुक     अगर आप पारंपरिक और मॉडर्न डिजाइन का कॉम्बिनेशन चाहती हैं, तो मंडला-बेल डिजाइन चुन सकती हैं। इसमें हथेली के बीच में गोल मंडला बनाया जाता है और उसके आसपास या उससे निकलती हुई बेल की डिजाइन तैयार की जाती है।   यह डिजाइन फोटो में काफी आकर्षक नजर आती है और ट्रेडिशनल कपड़ों के साथ खूबसूरत लुक देती है। इसे अलग-अलग उम्र की महिलाएं अपनी पसंद के अनुसार कस्टमाइज करा सकती हैं।   अरेबिक बेल डिजाइन भी है काफी पसंद     अरेबिक बेल मेहंदी उन लोगों के लिए अच्छी है, जो कम समय में स्टाइलिश डिजाइन चाहती हैं। इसमें मोटी आउटलाइन, बड़े फूल और पत्तियों के साथ खाली जगह का खूबसूरत इस्तेमाल किया जाता है।   इस डिजाइन की सबसे बड़ी खासियत है कि यह जल्दी तैयार हो जाती है और हाथों को ज्यादा भरा हुआ दिखाए बिना आकर्षक बनाती है। शुरुआती लोगों के लिए भी यह अपेक्षाकृत आसान डिजाइन मानी जाती है।   कम मेहंदी पसंद है तो चुनें फिंगर बेल डिजाइन     अगर आपको हथेली पर ज्यादा भरी हुई मेहंदी पसंद नहीं है, तो फिंगर बेल डिजाइन ट्राई कर सकती हैं। इसमें उंगलियों और हथेली के छोटे हिस्से पर बेल, फूल और पत्तियों की आकृतियां बनाई जाती हैं।   यह डिजाइन मॉडर्न और एलिगेंट लुक देती है और कॉलेज, ऑफिस या छोटे पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए भी अच्छी रहती है।   मेहंदी का रंग गहरा करने के लिए रखें इन बातों का ध्यान     मेहंदी की खूबसूरती सिर्फ डिजाइन से नहीं, बल्कि उसके रंग से भी बढ़ती है। गहरा रंग पाने के लिए मेहंदी को पूरी तरह सूखने तक पानी से बचाएं। सूखने के बाद नींबू-चीनी का मिश्रण हल्के हाथ से लगाया जा सकता है। मेहंदी को करीब 6 से 8 घंटे या रातभर लगा रहने देना भी मददगार हो सकता है।   मेहंदी हटाने के तुरंत बाद हाथों पर साबुन का इस्तेमाल करने से बचें। हालांकि, मेहंदी का रंग त्वचा, मेहंदी की गुणवत्ता और देखभाल के तरीके के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। इस सावन अगर आप सिंपल, खूबसूरत और ट्रेंडी मेहंदी डिजाइन चाहती हैं, तो बेल डिजाइन आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।

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2000 के दशक की कैप्री जींस फिर लौटी, 2026 में ऐसे करें स्टाइल; जानें 4 शानदार तरीके

फैशन की दुनिया में पुराने ट्रेंड का लौटना कोई नई बात नहीं है। 2026 में 2000 के दशक का लोकप्रिय फैशन एक बार फिर वापसी कर रहा है और इसी कड़ी में कैप्री जींस ने भी फैशन की दुनिया में अपनी जगह बना ली है। कभी ब्रिटनी स्पीयर्स, जेनिफर लोपेज और पेरिस हिल्टन जैसी मशहूर हस्तियों के पहनावे का हिस्सा रही कैप्री जींस अब नए और ज्यादा आकर्षक अंदाज में नजर आ रही है। इस बार कैप्री जींस को पुराने अंदाज में पहनने के बजाय ऊंची एड़ी वाली सैंडल, बैले जूते, स्लिंगबैक जूते और म्यूल सैंडल के साथ आधुनिक रूप दिया जा रहा है। सही जूते और ऊपरी पहनावे के साथ कैप्री जींस को रोजमर्रा से लेकर खास मौकों तक आसानी से पहना जा सकता है। 2026 में कैप्री जींस को कैसे पहनें? 1. फ्लेयर कट कैप्री जींस के साथ ऊंची एड़ी के जूते अगर आप कैप्री जींस को आकर्षक और सलीकेदार रूप देना चाहती हैं, तो फ्लेयर कट वाली कैप्री जींस के साथ नुकीले आकार के ऊंची एड़ी वाले जूते पहनें। इसके साथ सलीकेदार ब्लेजर और कमर पर बेल्ट पहनने से पूरा पहनावा ज्यादा आधुनिक और आकर्षक दिखाई देगा। यह पहनावा रात्रिभोज, पार्टी या किसी खास मुलाकात के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। 2. हल्के रंग की कैप्री जींस और बैले जूते कैप्री जींस को हर बार ऊंची एड़ी वाले जूतों के साथ पहनना जरूरी नहीं है। अगर आप आरामदायक लेकिन खूबसूरत पहनावा चाहती हैं, तो हल्के रंग की कैप्री जींस के साथ बैले जूते पहन सकती हैं। इसके साथ ढीली शर्ट या आरामदायक ऊपरी पहनावा अच्छा लगेगा। दोस्तों के साथ कॉफी, खरीदारी या परिवार के साथ बाहर जाने के लिए यह पहनावा बेहद सहज और आकर्षक लग सकता है। 3. कैप्री जींस के साथ दो रंगों वाले जूते क्लासिक स्लिंगबैक जूते कैप्री जींस को शानदार और सलीकेदार रूप देने में मदद कर सकते हैं। नीली डेनिम कैप्री जींस के साथ सफेद शर्ट और हल्के रंग का ढीला ब्लेजर पहनकर आकर्षक पहनावा तैयार किया जा सकता है। कम से कम आभूषण और हल्के मेकअप के साथ यह पहनावा और भी सुंदर दिखाई देगा। यह ऐसा रूप है जिसे अलग-अलग उम्र की महिलाएं अपनी पसंद के अनुसार अपना सकती हैं। 4. घिसे किनारे वाली कैप्री जींस और म्यूल सैंडल अगर आपको थोड़ा अलग और प्रयोगात्मक फैशन पसंद है, तो घिसे हुए किनारों वाली कैप्री जींस आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती है। इसे म्यूल सैंडल या अलग डिजाइन वाली ऊंची एड़ी की सैंडल के साथ पहना जा सकता है। इस पहनावे को ज्यादा सलीकेदार बनाने के लिए इसके साथ सुंदर ब्लेजर पहनें। चमकदार सजावट वाले जूते इस पुराने दौर से प्रेरित पहनावे को आधुनिक और आकर्षक रूप दे सकते हैं। कैप्री जींस की वापसी क्यों खास है? कैप्री जींस की वापसी यह दिखाती है कि 2000 के दशक का फैशन केवल पुरानी यादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे नए दौर के हिसाब से दोबारा तैयार किया जा रहा है। 2026 में कैप्री जींस को पुराने तरीके से दोहराने के बजाय इसे आधुनिक कट, आकर्षक जूतों और सादगी भरे पहनावे के साथ अपनाया जा रहा है। इस फैशन की सबसे बड़ी खासियत इसकी बहुमुखी प्रतिभा है। एक ही कैप्री जींस को अलग-अलग जूतों और ऊपरी पहनावे के साथ बिल्कुल अलग रूप दिया जा सकता है। अगर आपकी अलमारी में कैप्री जींस लंबे समय से रखी हुई है, तो उसे फिर से बाहर निकालने का समय आ गया है। सही जूते, ब्लेजर और शर्ट के साथ यह पुराना फैशन 2026 के सबसे आकर्षक पहनावों में शामिल हो सकता है।  

surbhi अगस्त 4, 2026 0
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नई दिल्ली: मानसून का मौसम जितना सुहावना होता है, बालों के लिए उतनी ही बड़ी चुनौती भी लेकर आता है। हवा में बढ़ी नमी (Humidity) की वजह से बालों की क्यूटिकल्स फूल जाती हैं, जिससे फ्रिज़, उलझन और फ्लाईअवे की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में रोज़ाना शैंपू करना भी सही विकल्प नहीं होता, क्योंकि इससे बालों की प्राकृतिक नमी खत्म हो सकती है। ऐसे समय में Leave-In Conditioner Mists एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। ये हल्के, पानी आधारित फॉर्मूले होते हैं जो बालों को हाइड्रेट रखते हैं, फ्रिज़ कम करते हैं, आसानी से सुलझाते हैं और कई मामलों में हीट प्रोटेक्शन भी देते हैं। यहां जानिए मानसून में बालों की देखभाल के लिए 11 बेहतरीन Leave-In Conditioner Mists के बारे में। 1. Davines Dede Hair Mist – ₹3,300 अगर आपके बाल पतले हैं और बारिश में जल्दी उलझ जाते हैं, तो यह मिस्ट अच्छा विकल्प हो सकता है। खासियतें: बालों को हाइड्रेट करता है। आसानी से डिटैंगल करता है। बिना भारी बनाए फ्रिज़ कम करता है। बालों को मुलायम और सिल्की बनाता है। 2. L'Occitane Intensive Repair Protective Mist – ₹2,500 यह मिस्ट बालों को गहराई से पोषण देने के साथ अतिरिक्त नमी बनाए रखने में मदद करता है। खासियतें: Arginine और Rice Peptides से भरपूर। बालों में बाउंस बनाए रखता है। Rosemary Essential Oil से ताजगीभरी खुशबू मिलती है। 3. Schwarzkopf Professional Fibre Clinix Hydrate Spray Conditioner – ₹2,300 सूखे और डैमेज बालों के लिए यह एक अच्छा विकल्प माना जाता है। खासियतें: Multi-Peptides बालों को मजबूत बनाते हैं। उलझे बालों को आसानी से सुलझाता है। नमी बनाए रखने में मदद करता है। 4. Aveda Nutriplenish Leave-In Conditioner – ₹3,800 यह मल्टी-टास्किंग लीव-इन कंडीशनर कई काम एक साथ करता है। खासियतें: फ्रिज़ कंट्रोल Heat Protection Detangling Mango Butter, Coconut Oil और Pomegranate Seed Oil से गहरा पोषण 5. Kérastase Gloss Absolu Anti-Frizz Glaze Milk – ₹3,200 अगर बारिश में आपका ब्लो-ड्राई जल्दी खराब हो जाता है, तो यह मिस्ट मददगार हो सकता है। खासियतें: Hyaluronic Acid से हाइड्रेशन Glycolic Acid से शाइन Wild Rose Oil से स्मूद फिनिश Heat Protection 6. L'Oréal Paris Glycolic Gloss Acidifier – ₹649 कम बजट में शानदार विकल्प। खासियतें: 6% Glycolic Acid Complex 24 घंटे तक फ्रिज़ कंट्रोल का दावा बालों में ग्लॉसी फिनिश Heat Protection 7. Fable & Mane Moisturizing Volume Spray – ₹2,550 पतले बालों में वॉल्यूम और नमी दोनों बनाए रखने के लिए उपयोगी। खासियतें: बालों को भारी नहीं बनाता। रूट्स में वॉल्यूम देता है। बालों को मुलायम और बाउंसी रखता है। 8. milk_shake No Frizz Allowed Anti-Humidity Spray – ₹2,100 यह मिस्ट खास तौर पर बारिश के मौसम में इस्तेमाल के लिए बनाया गया है। खासियतें: Humidity Shield बनाता है। Milk और Yoghurt Proteins से पोषण। लंबे समय तक फ्रिज़ कंट्रोल। 9. Redken One United – ₹2,000 अगर आप एक ही प्रोडक्ट में कई फायदे चाहते हैं, तो यह अच्छा विकल्प है। खासियतें: Hydration Detangling Heat Protection (230°C तक) Coconut Oil और Lactic Acid से बालों को पोषण 10. 3TENX Hydrify Gloss Mist – ₹1,800 कलर-ट्रीटेड बालों के लिए उपयुक्त। खासियतें: Raspberry Seed Oil Collagen Jojoba Oil बालों में ग्लास जैसी शाइन और फ्रिज़ कंट्रोल 11. Moroccanoil Treatment Mist – ₹1,620 घुंघराले और टेक्सचर्ड बालों वालों के लिए बेहतरीन विकल्प। खासियतें: Argan Oil से भरपूर। दूसरे दिन के कर्ल्स को भी रिफ्रेश करता है। बालों को मुलायम और शाइनी बनाता है। नमी में भी कर्ल्स को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। मानसून में Leave-In Conditioner Mist क्यों इस्तेमाल करें? फ्रिज़ और फ्लाईअवे कम करने में मदद करता है। बालों को हाइड्रेट रखता है। उलझे बाल आसानी से सुलझते हैं। स्टाइलिंग आसान होती है। कई प्रोडक्ट्स हीट प्रोटेक्शन भी देते हैं। रोज़ाना इस्तेमाल करने पर भी बाल भारी महसूस नहीं होते।

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