फैशन और ब्यूटी

Independence Day 2026: 15 अगस्त पर ट्राई करें तिरंगा से प्रेरित 5 स्टाइलिश नेल आर्ट डिज़ाइन

anjali kumari अगस्त 7, 2026 0
Independence Day 2026
Independence Day 2026

नई दिल्ली, एजेंसियां। स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के रंगों को अपने लुक में शामिल करने के लिए तिरंगा-प्रेरित नेल आर्ट इन दिनों ट्रेंड में है। केसरिया, सफेद और हरे रंग के संयोजन से तैयार ये डिज़ाइन न केवल आकर्षक दिखते हैं, बल्कि देशप्रेम का संदेश भी देते हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई नेल आर्ट डिज़ाइन घर पर भी आसानी से बनाए जा सकते हैं।

 

क्लासिक तिरंगा नेल आर्ट सबसे लोकप्रिय

 

सबसे आसान और पसंदीदा डिज़ाइन क्लासिक तिरंगा नेल आर्ट है। इसमें नाखूनों पर केसरिया, सफेद और हरे रंग की स्ट्राइप्स बनाई जाती हैं। बीच वाले नाखून पर छोटे ब्रश या नेल स्टिकर की मदद से अशोक चक्र का डिज़ाइन बनाकर इसे और आकर्षक बनाया जा सकता है।

 

ओम्ब्रे नेल आर्ट देगा ट्रेंडी लुक

 

मॉडर्न स्टाइल पसंद करने वालों के लिए ओम्ब्रे तिरंगा नेल आर्ट बेहतरीन विकल्प है। इसमें स्पंज की मदद से तीनों रंगों को ग्रेडिएंट इफेक्ट के साथ ब्लेंड किया जाता है। ग्लॉसी टॉप कोट लगाने से इसका फिनिश और भी शानदार दिखता है।

 

मिनिमलिस्ट डिज़ाइन ऑफिस और कॉलेज के लिए परफेक्ट

 

सिंपल लुक पसंद करने वाली महिलाओं के लिए न्यूड या ट्रांसपेरेंट बेस पर छोटा तिरंगा, अशोक चक्र या केसरिया-हरा स्ट्राइप बनाकर एलिगेंट नेल आर्ट तैयार किया जा सकता है। यह डिज़ाइन ऑफिस, कॉलेज और औपचारिक कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त है।

 

ग्लिटर और स्टोन से दें फेस्टिव टच

 

यदि आप किसी पार्टी या विशेष समारोह में जा रही हैं, तो केसरिया और हरे ग्लिटर के साथ सफेद या सिल्वर बेस का इस्तेमाल कर सकती हैं। छोटे स्टोन या मेटैलिक स्टिकर जोड़कर नेल आर्ट को और आकर्षक बनाया जा सकता है।

 

जियोमेट्रिक और एब्स्ट्रैक्ट डिज़ाइन भी हैं ट्रेंड में

 

तिरंगे के रंगों से प्रेरित तिरछी लाइनें, वेव पैटर्न, डॉट्स और एब्स्ट्रैक्ट डिज़ाइन भी इस बार काफी पसंद किए जा रहे हैं। यह स्टाइल पारंपरिक और मॉडर्न लुक का बेहतरीन मिश्रण माना जाता है।

 

नेल आर्ट को लंबे समय तक टिकाने के टिप्स


नेल आर्ट से पहले नाखूनों को अच्छी तरह साफ कर बेस कोट लगाएं।
डिज़ाइन पूरा होने के बाद टॉप कोट का इस्तेमाल करें, ताकि चमक और टिकाऊपन बना रहे।
पानी और डिटर्जेंट के अधिक संपर्क से बचने के लिए घरेलू काम करते समय ग्लव्स पहनें।
अच्छी गुणवत्ता वाले नेल पॉलिश और नेल आर्ट टूल्स का उपयोग करें।

नोट: तिरंगे के रंगों से प्रेरित डिज़ाइन बनाना उचित है, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज का ऐसा स्वरूप न बनाएं जिसका बाद में अनादर हो।

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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नई दिल्ली, एजेंसियां। बॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित फैशन ट्रेंड्स हमेशा लोगों की पसंद का हिस्सा रहे हैं। इन दिनों येलो और ब्लैक आउटफिट कॉम्बिनेशन कपल्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। डेट नाइट, प्री-वेडिंग शूट, पार्टी और खास मौकों पर कई कपल इस रंग संयोजन को अपनाकर अपने स्टाइल और केमिस्ट्री को खास अंदाज में पेश कर रहे हैं।   रोमांस का नया फैशन ट्रेंड बना येलो-ब्लैक कॉम्बिनेशन   फिल्मों में हीरो-हीरोइन के पीले और काले रंग के आउटफिट्स ने इस ट्रेंड को नई पहचान दी है। अब यह कॉम्बिनेशन सिर्फ बड़े पर्दे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं की वार्डरोब का भी हिस्सा बन चुका है। फैशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह रंगों का मेल आकर्षण और एलिगेंस का संतुलित संयोजन पेश करता है।   क्या दर्शाते हैं ये दोनों रंग?   विशेषज्ञों के अनुसार, पीला रंग खुशी, ऊर्जा, उत्साह और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। वहीं काला रंग आत्मविश्वास, सादगी, परिपक्वता और स्टाइल को दर्शाता है। जब कपल्स इन दोनों रंगों को एक साथ पहनते हैं तो उनका लुक अधिक आकर्षक और संतुलित नजर आता है।   फैशन से बढ़कर बन रहा है एक्सप्रेशन   फैशन विशेषज्ञों का मानना है कि येलो-ब्लैक ट्रेंड केवल कपड़ों का मेल नहीं, बल्कि एक स्टाइल स्टेटमेंट है। यह कपल्स के बीच तालमेल, आत्मविश्वास और रोमांटिक बॉन्डिंग को भी दर्शाता है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर भी इस कलर कॉम्बिनेशन की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।   हर खास मौके के लिए बन रहा पसंदीदा विकल्प   डेट, कैजुअल आउटिंग, फेस्टिव सेलिब्रेशन, प्री-वेडिंग शूट और पार्टी जैसे अवसरों पर येलो और ब्लैक कॉम्बिनेशन तेजी से पसंद किया जा रहा है। स्टाइलिस्ट्स का कहना है कि सही एक्सेसरीज और फुटवियर के साथ यह रंग संयोजन किसी भी लुक को आकर्षक और ट्रेंडी बना सकता है।

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करिश्मा कपूर का गुलाबी रेशमी कुर्ता बना फैशन गोल्स, रंग-बिरंगे रेशमी धागों और जरी के काम ने बढ़ाई खूबसूरती

करिश्मा कपूर एक बार फिर अपने खूबसूरत पारंपरिक परिधान से फैशन प्रेमियों का ध्यान खींच रही हैं। हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अभिनेत्री ने हैदराबाद की डिजाइनर मृणालिनी राव का बेहद खूबसूरत हल्के गुलाबी रंग का कुर्ता सेट पहना। इस परिधान में पारंपरिक भारतीय कारीगरी और आधुनिक खूबसूरती का शानदार मेल देखने को मिला। करिश्मा का यह अंदाज उन महिलाओं के लिए खास प्रेरणा है, जो पारंपरिक कपड़ों में सादगी, शालीनता और आकर्षण का संतुलन पसंद करती हैं। रंग-बिरंगे रेशमी धागों और जरी के काम ने बनाया खास करिश्मा कपूर का ढीले आकार वाला कलिदार रेशमी कुर्ता पूरे पहनावे का सबसे खास हिस्सा रहा। कुर्ते पर फूलों और बेल-बूटों की आकृतियों को रंग-बिरंगे रेशमी धागों और बारीक जरी के काम से सजाया गया था। कढ़ाई में गुलाबी, फिरोजी, लाल, बैंगनी और नारंगी जैसे खूबसूरत रंगों का इस्तेमाल किया गया, जिसने हल्के गुलाबी रंग के कपड़े को शानदार निखार दिया। कुर्ते के साथ हल्के गुलाबी रंग की रेशमी पैंट पहनी गई थी। इसके घेर पर ज्यामितीय फूलों की छोटी-छोटी आकृतियां बनाई गई थीं, जो पूरे पहनावे में पारंपरिक आकर्षण जोड़ रही थीं। फूलों वाली चुनरी ने पूरा किया पहनावा करिश्मा ने इस कढ़ाईदार रेशमी कुर्ता सेट के साथ हल्के गुलाबी रंग की पारदर्शी रेशमी चुनरी पहनी। इस चुनरी पर फूलों की छोटी आकृतियां, खूबसूरत कटवर्क किनारा और हाथ से बनाए गए लटकन लगे थे। हल्के रंग और बारीक कढ़ाई का यह मेल शादी और त्योहारों के मौसम के लिए बेहतरीन फैशन प्रेरणा बन सकता है। गहनों और जूतियों ने बढ़ाया पारंपरिक आकर्षण फैशन शैलीकार ईशा अमीन ने करिश्मा के पहनावे के साथ आकर्षक गहनों का चुनाव किया। उन्होंने मोतियों से सजे झूमर जैसे लंबे कानों के गहने और हीरों से जड़ी चूड़ियां पहनीं। पैरों में नई दिल्ली के जूता ब्रांड हाउस ऑफ वियन की पारंपरिक जूतियां पहनी गईं, जिन्होंने पूरे पहनावे को खूबसूरत पारंपरिक अंदाज दिया। हल्के मेकअप ने बढ़ाई खूबसूरती करिश्मा के सौंदर्य रूप को भी उनके कपड़ों के रंगों के साथ खूबसूरती से मिलाया गया। मेकअप कलाकार दिव्या शेट्टी ने चेहरे पर चमकदार आधार, हल्की चमक वाली पलकों, स्पष्ट पलकों, गुलाबी गालों और चमकदार गुलाबी होंठों के साथ सादगी भरा आकर्षक रूप तैयार किया। गुलाबी हीरे वाली बिंदी ने उनके पारंपरिक रूप को बेहद खूबसूरत अंतिम स्पर्श दिया। बालों को स्टाइलिस्ट राधिका पटेल ने एक तरफ से मांग निकालकर हल्की, खुली और घुंघराली लटों में सजाया। इससे उनका पूरा रूप बेहद सहज और शालीन नजर आया। मृणालिनी राव की पहचान है पारंपरिक कारीगरी करिश्मा कपूर का यह पहनावा डिजाइनर मृणालिनी राव की खास शैली को भी दर्शाता है। वर्ष 2014 में शुरू हुआ हैदराबाद का यह ब्रांड जरी और गोटा जैसी पारंपरिक भारतीय कढ़ाई तकनीकों को बारीक सजावटी काम के साथ जोड़ने के लिए जाना जाता है। उनके परिधानों में रानी गुलाबी, बैंगनी, फिरोजी, लाल और सरसों पीले जैसे गहरे भारतीय रंगों का खूबसूरत इस्तेमाल देखने को मिलता है। मृणालिनी राव के डिजाइन इससे पहले रश्मिका मंदाना, माधुरी दीक्षित नेने, भूमि पेडनेकर, श्रीलीला और तारा सुतारिया जैसी कई अभिनेत्रियां भी पहन चुकी हैं। करिश्मा कपूर का पारंपरिक रूप क्यों है खास? करिश्मा कपूर का यह पहनावा बताता है कि पारंपरिक फैशन को खूबसूरत बनाने के लिए हमेशा बहुत भारी सजावट जरूरी नहीं होती। हल्का गुलाबी रंग, बारीक कढ़ाई, आकर्षक गहने और सादा लेकिन चमकदार मेकअप इस पूरे रूप को बेहद शालीन बनाते हैं। अगर आप शादी, त्योहार या किसी पारंपरिक समारोह के लिए खूबसूरत और सलीकेदार पहनावा तलाश रही हैं, तो करिश्मा कपूर का यह गुलाबी रेशमी कुर्ता सेट आपके लिए शानदार फैशन प्रेरणा हो सकता है।  

surbhi जुलाई 30, 2026 0
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